Tuesday, 22 Sep 2026 | 07:05 AM

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AI से 80s के दौर में पहुंचे सेलेब्स:सिद्धार्थ-कियारा का दिखा रेट्रो अंदाज, परिणीति, रवि किशन और अमीषा पटेल ने भी तस्वीरें शेयर कीं

AI से 80s के दौर में पहुंचे सेलेब्स:सिद्धार्थ-कियारा का दिखा रेट्रो अंदाज, परिणीति, रवि किशन और अमीषा पटेल ने भी तस्वीरें शेयर कीं

सोशल मीडिया पर 80s का रेट्रो ट्रेंड वायरल हो रहा है। इसमें लोग AI की मदद से अपनी तस्वीरों को 80s के अंदाज में बदलकर शेयर कर रहे हैं। कियारा आडवाणी, सिद्धार्थ मल्होत्रा, श्रुति हासन समेत कई सेलेब्स भी इस ट्रेंड का हिस्सा बने हैं। कियारा आडवाणी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पति सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ AI से बनाई तस्वीर शेयर की। इसमें दोनों रेट्रो अवतार में नजर आए। सिद्धार्थ ने डबल-डेनिम लुक के साथ डार्क एविएटर सनग्लासेस पहने। वहीं कियारा ने 80s के रंगीन फैशन को अपनाया। वह पिंक आउटफिट में नजर आईं, जिसमें पफ स्लीव्स थीं। उन्होंने बड़े हूप ईयररिंग्स और चूड़ियां पहनीं। कियारा ने पोस्ट में सिद्धार्थ की अपकमिंग फिल्म ‘द व्वान’ के रोमांटिक ट्रैक ‘समझो ना’ को भी एड किया। परिणीति और राघव भी ट्रेंड में शामिल हुए परिणीति चोपड़ा ने पति राघव चड्ढा के साथ विंटेज स्टाइल की कई तस्वीरें शेयर कीं। इनमें एक तस्वीर में दोनों कॉटन कैंडी का आनंद लेते नजर आए। अमीषा पटेल भी रेट्रो लुक में नजर आईं। उन्होंने वन-शोल्डर टॉप और डेनिम शॉर्ट्स के साथ नियोन पिंक आउटफिट पहना। उन्होंने लेग वॉर्मर्स और व्हाइट-पिंक स्नीकर्स पहने और एक बड़े बूमबॉक्स पर बैठी नजर आईं। एक्टर रवि किशन ने भी इस वायरल AI ट्रेंड में हिस्सा लिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर 80s के अंदाज में अपनी AI-जेनरेटेड तस्वीर शेयर की। तस्वीर में उनका लुक 1980s के बॉलीवुड हीरो जैसा नजर आया। दूसरी ओर, श्रुति हासन 80s से कुछ दशक पीछे 1960s के लुक में नजर आईं। तस्वीर में वह प्रिंटेड टॉप, मैचिंग हेडस्कार्फ और ब्लू जींस पहने दिखीं। आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा कश्यप ने भी सोशल मीडिया पर अपने रेट्रो अंदाज की तस्वीर शेयर की। रणबीर कपूर की बहन और एक्ट्रेस रिद्धिमा कपूर साहनी भी 80s के AI ट्रेंड में शामिल हो गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें उनका लुक 1980 के दशक के अंदाज में नजर आया। रिद्धिमा ने तस्वीर के साथ लिखा, “जब 80s ने बुलाया, तो मैंने इसी अंदाज में जवाब दिया।” रिद्धिमा ने इसी साल कॉमेडी फिल्म ‘दादी की शादी’ से एक्टिंग की शुरुआत की है। फिल्म में उनकी मां नीतू कपूर और कपिल शर्मा भी नजर आए थे। वहीं, डेजी शाह ने भी इस ट्रेंड में हिस्सा लिया। AI से बनाई तस्वीरों में वह 80s की हीरोइन जैसी नजर आईं। उनका हेयरस्टाइल और पूरा लुक पुराने दौर की याद दिलाता है। एक्टर अभय वर्मा ने भी 1980 के दशक वाला अंदाज अपनाया। उन्होंने लंबे घुंघराले बालों और डेनिम आउटफिट में तस्वीरें शेयर कीं। अभय जल्द ही शाहरुख खान के साथ ‘किंग’ में नजर आएंगे। ऐसे बना सकते हैं 80s जैसा AI फोटो 80s इंस्पायर्ड AI फोटो बनाने के लिए यूजर्स किसी AI इमेज जनरेशन टूल, जैसे ChatGPT, में अपनी साफ तस्वीर अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद व्यक्ति के चेहरे की पहचान बरकरार रखते हुए उसे 80s के माहौल में दिखाने का प्रॉम्प्ट दिया जा सकता है। फोटो को रेट्रो लुक देने के लिए वॉल्यूमिनस हेयरस्टाइल, रंगीन कपड़े, डेनिम जैकेट, स्टेटमेंट एक्सेसरीज, विंटेज इंटीरियर, बॉलीवुड इंस्पायर्ड बैकग्राउंड, वार्म लाइटिंग, फीके रंग और फिल्म-ग्रेन इफेक्ट जैसी डिटेल्स जोड़ी जा सकती हैं। यूजर्स हेयरस्टाइल, आउटफिट या बैकग्राउंड में बदलाव करके तस्वीर को अपनी पसंद के मुताबिक भी तैयार कर सकते हैं। भारत में वायरल हुए कुछ प्रमुख सोशल मीडिया ट्रेंड जनवरी 2026 में सोशल मीडिया पर 10 साल पुरानी फोटोज शेयर करने का ट्रेंड आया था, जिसमें लोग अपनी 2016 की तस्वीरें दिखाने में लगे हुए थे। जिसमें आलिया भट्ट, करीना कपूर खान, सोनम कपूर जैसी कई सेलेब्स ने 2016 की अपनी तस्वीरें शेयर की थीं। मार्च 2025 में घिबली लुक का ट्रेंड भी सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुआ। यह AI फोटो ट्रेंड था। इसमें लोग AI टूल्स की मदद से अपनी सामान्य तस्वीरों को स्टूडियो गिबली की एनिमेशन शैली में बदलते थे। तस्वीरें ऐसी दिखती थीं, जैसे वे किसी खूबसूरत एनिमेशन फिल्म का हिस्सा हों। इस ट्रेंड में लोगों ने अपनी, परिवार और दोस्तों की तस्वीरें गिबली अंदाज में बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। इस ट्रेंड में अमिताभ बच्चन, परिणीति चोपड़ा और अर्जुन कपूर शामिल हुए थे। 10 इयर्स चैलेंज सोशल मीडिया के सबसे चर्चित फोटो ट्रेंड्स में से एक रहा। जनवरी 2019 में इसमें लोग अपनी 10 साल पुरानी और मौजूदा तस्वीर को एक साथ शेयर करते थे। दोनों तस्वीरों को देखकर पता चलता था कि इतने सालों में उनका लुक कितना बदल गया। कई लोगों ने अपने पुराने और नए लुक का अंतर दिखाते हुए तस्वीरें पोस्ट कीं।

AI से 80s के दौर में पहुंचे सेलेब्स:सिद्धार्थ-कियारा का दिखा रेट्रो अंदाज, परिणीति, रवि किशन और अमीषा पटेल ने भी तस्वीरें शेयर कीं

AI से 80s के दौर में पहुंचे सेलेब्स:सिद्धार्थ-कियारा का दिखा रेट्रो अंदाज, परिणीति, रवि किशन और अमीषा पटेल ने भी तस्वीरें शेयर कीं

सोशल मीडिया पर 80s का रेट्रो ट्रेंड वायरल हो रहा है। इसमें लोग AI की मदद से अपनी तस्वीरों को 80s के अंदाज में बदलकर शेयर कर रहे हैं। कियारा आडवाणी, सिद्धार्थ मल्होत्रा, श्रुति हासन समेत कई सेलेब्स भी इस ट्रेंड का हिस्सा बने हैं। कियारा आडवाणी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पति सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ AI से बनाई तस्वीर शेयर की। इसमें दोनों रेट्रो अवतार में नजर आए। सिद्धार्थ ने डबल-डेनिम लुक के साथ डार्क एविएटर सनग्लासेस पहने। वहीं कियारा ने 80s के रंगीन फैशन को अपनाया। वह पिंक आउटफिट में नजर आईं, जिसमें पफ स्लीव्स थीं। उन्होंने बड़े हूप ईयररिंग्स और चूड़ियां पहनीं। कियारा ने पोस्ट में सिद्धार्थ की अपकमिंग फिल्म ‘द व्वान’ के रोमांटिक ट्रैक ‘समझो ना’ को भी एड किया। परिणीति और राघव भी ट्रेंड में शामिल हुए परिणीति चोपड़ा ने पति राघव चड्ढा के साथ विंटेज स्टाइल की कई तस्वीरें शेयर कीं। अमीषा पटेल भी रेट्रो लुक में नजर आईं। उन्होंने वन-शोल्डर टॉप और डेनिम शॉर्ट्स के साथ नियोन पिंक आउटफिट पहना। उन्होंने लेग वॉर्मर्स और व्हाइट-पिंक स्नीकर्स पहने और एक बड़े बूमबॉक्स पर बैठी नजर आईं। एक्टर रवि किशन ने भी इस वायरल AI ट्रेंड में हिस्सा लिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर 80s के अंदाज में अपनी AI-जेनरेटेड तस्वीर शेयर की। तस्वीर में उनका लुक 1980s के बॉलीवुड हीरो जैसा नजर आया। दूसरी ओर, श्रुति हासन 80s से कुछ दशक पीछे 1960s के लुक में नजर आईं। तस्वीर में वह प्रिंटेड टॉप, मैचिंग हेडस्कार्फ और ब्लू जींस पहने दिखीं। आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा कश्यप ने भी सोशल मीडिया पर अपने रेट्रो अंदाज की तस्वीर शेयर की। रणबीर कपूर की बहन और एक्ट्रेस रिद्धिमा कपूर साहनी भी 80s के AI ट्रेंड में शामिल हो गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें उनका लुक 1980 के दशक के अंदाज में नजर आया। रिद्धिमा ने तस्वीर के साथ लिखा, “जब 80s ने बुलाया, तो मैंने इसी अंदाज में जवाब दिया।” रिद्धिमा ने इसी साल कॉमेडी फिल्म ‘दादी की शादी’ से एक्टिंग की शुरुआत की है। फिल्म में उनकी मां नीतू कपूर और कपिल शर्मा भी नजर आए थे। वहीं, डेजी शाह ने भी इस ट्रेंड में हिस्सा लिया। AI से बनाई तस्वीरों में वह 80s की हीरोइन जैसी नजर आईं। उनका हेयरस्टाइल और पूरा लुक पुराने दौर की याद दिलाता है। एक्टर अभय वर्मा ने भी 1980 के दशक वाला अंदाज अपनाया। उन्होंने लंबे घुंघराले बालों और डेनिम आउटफिट में तस्वीरें शेयर कीं। अभय जल्द ही शाहरुख खान के साथ ‘किंग’ में नजर आएंगे। ऐसे बना सकते हैं 80s जैसा AI फोटो 80s इंस्पायर्ड AI फोटो बनाने के लिए यूजर्स किसी AI इमेज जनरेशन टूल, जैसे ChatGPT, में अपनी साफ तस्वीर अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद व्यक्ति के चेहरे की पहचान बरकरार रखते हुए उसे 80s के माहौल में दिखाने का प्रॉम्प्ट दिया जा सकता है। फोटो को रेट्रो लुक देने के लिए वॉल्यूमिनस हेयरस्टाइल, रंगीन कपड़े, डेनिम जैकेट, स्टेटमेंट एक्सेसरीज, विंटेज इंटीरियर, बॉलीवुड इंस्पायर्ड बैकग्राउंड, वार्म लाइटिंग, फीके रंग और फिल्म-ग्रेन इफेक्ट जैसी डिटेल्स जोड़ी जा सकती हैं। यूजर्स हेयरस्टाइल, आउटफिट या बैकग्राउंड में बदलाव करके तस्वीर को अपनी पसंद के मुताबिक भी तैयार कर सकते हैं। भारत में वायरल हुए कुछ प्रमुख सोशल मीडिया ट्रेंड जनवरी 2026 में सोशल मीडिया पर 10 साल पुरानी फोटोज शेयर करने का ट्रेंड आया था, जिसमें लोग अपनी 2016 की तस्वीरें दिखाने में लगे हुए थे। जिसमें आलिया भट्ट, करीना कपूर खान, सोनम कपूर जैसी कई सेलेब्स ने 2016 की अपनी तस्वीरें शेयर की थीं। मार्च 2025 में घिबली लुक का ट्रेंड भी सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुआ। यह AI फोटो ट्रेंड था। इसमें लोग AI टूल्स की मदद से अपनी सामान्य तस्वीरों को स्टूडियो गिबली की एनिमेशन शैली में बदलते थे। तस्वीरें ऐसी दिखती थीं, जैसे वे किसी खूबसूरत एनिमेशन फिल्म का हिस्सा हों। इस ट्रेंड में लोगों ने अपनी, परिवार और दोस्तों की तस्वीरें गिबली अंदाज में बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। इस ट्रेंड में अमिताभ बच्चन, परिणीति चोपड़ा और अर्जुन कपूर शामिल हुए थे। 10 इयर्स चैलेंज सोशल मीडिया के सबसे चर्चित फोटो ट्रेंड्स में से एक रहा। जनवरी 2019 में इसमें लोग अपनी 10 साल पुरानी और मौजूदा तस्वीर को एक साथ शेयर करते थे। दोनों तस्वीरों को देखकर पता चलता था कि इतने सालों में उनका लुक कितना बदल गया। कई लोगों ने अपने पुराने और नए लुक का अंतर दिखाते हुए तस्वीरें पोस्ट कीं।

नॉर्वे PM बोले-जेलेंस्की का विमान ड्रोन हमले से बाल-बाल बचा:मोल्दोवा से उड़ान भरते वक्त घटना; अंतिम संस्कार में शामिल होने ओस्लो जा रहे थे

नॉर्वे PM बोले-जेलेंस्की का विमान ड्रोन हमले से बाल-बाल बचा:मोल्दोवा से उड़ान भरते वक्त घटना; अंतिम संस्कार में शामिल होने ओस्लो जा रहे थे

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का विमान मंगलवार को मोल्दोवा से उड़ान भरते समय ड्रोन की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने बुधवार को सरकारी प्रसारक NRK से यह दावा किया। स्टोरे ने कहा कि विमान उड़ान भरने ही वाला था, तभी वह लगभग ड्रोन की चपेट में आ गया। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि जानकारी का स्रोत क्या था या ड्रोन विमान के कितने करीब आया। जेलेंस्की नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल होने ओस्लो जा रहे थे। मोल्दोवा सरकार के मुताबिक, मंगलवार को ड्रोन अलर्ट के चलते देश का एयरस्पेस बंद कर दिया गया था, जिससे उनके विमान की उड़ान में देरी हुई। बाद में मोल्दोवा की जमीन पर एक रूसी ड्रोन के गिरने की पुष्टि के बाद विमान को उड़ान की मंजूरी दी गई। यूक्रेन सरकार ने अभी तक ड्रोन के विमान के करीब आने की घटना की पुष्टि नहीं की है। खबर अपडेट हो रही है…

नॉर्वे PM बोले-जेलेंस्की का विमान ड्रोन हमले से बाल-बाल बचा:मोल्दोवा से उड़ान भरते वक्त घटना; अंतिम संस्कार में शामिल होने ओस्लो जा रहे थे

नॉर्वे PM बोले-जेलेंस्की का विमान ड्रोन हमले से बाल-बाल बचा:मोल्दोवा से उड़ान भरते वक्त घटना; अंतिम संस्कार में शामिल होने ओस्लो जा रहे थे

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का विमान मंगलवार को मोल्दोवा से उड़ान भरते समय ड्रोन हमले की चपेट में आने से बच गया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने बुधवार को सरकारी टीवी से बातचीत में यह दावा किया। स्टोरे के मुताबिक, जेलेंस्की का विमान मोल्दोवा से उड़ान भरने ही वाला था, तभी ड्रोन उसके करीब आ गया। हालांकि, उन्होंने ड्रोन की दूरी और जानकारी के स्रोत का खुलासा नहीं किया। जेलेंस्की नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल होने ओस्लो जा रहे थे। ड्रोन गिरने के बाद जेलेंस्की के विमान ने भरी उड़ान जेलेंस्की का विमान चिशिनाउ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा था। ड्रोन अलर्ट के बाद मोल्दोवा ने एयरस्पेस बंद कर दिया, जिससे विमान की उड़ान में देरी हुई। बाद में अधिकारियों ने रूसी ड्रोन के मोल्दोवा में गिरने की पुष्टि की, जिसके बाद विमान को उड़ान भरने की मंजूरी दी गई। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन एयरपोर्ट से करीब 160 किमी दूर गिरकर फट गया। खबर अपडेट हो रही है…

भारत ने नेपाल के लिए 8वीं राहत खेप भेजी:35 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंची; बाढ़ में अब तक 1367 शव बरामद

भारत ने नेपाल के लिए 8वीं राहत खेप भेजी:35 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंची; बाढ़ में अब तक 1367 शव बरामद

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत ने 35 टन राहत और बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत अब तक 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका है। खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। भारत ने राहत अभियान 26 अगस्त को शुरू किया था। नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 1367 शव बरामद हुए हैं। 102 शवों की पहचान हो चुकी है। पहचान के लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं और भारत समेत कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं। नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

बांग्लादेश सेना का चीनी टैंक फायरिंग अभ्यास में फटा:2 सैनिकों की मौत, एक अधिकारी गंभीर; हादसे की वजह अभी साफ नहीं

बांग्लादेश सेना का चीनी टैंक फायरिंग अभ्यास में फटा:2 सैनिकों की मौत, एक अधिकारी गंभीर; हादसे की वजह अभी साफ नहीं

बांग्लादेश के चटगांव में बुधवार को सेना के फायरिंग अभ्यास के दौरान चीन में बना टाइप 59 टैंक फट गया। हादसे में टैंक के अंदर मौजूद दो सैनिकों की मौत हो गई। एक सैन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टोरेट (ISPR) के मुताबिक, सैनिक टैंक से फायरिंग कर रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। घायल अधिकारी को बेहतर इलाज के लिए ढाका के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) ले जाया जा रहा है। हादसे की वजह अभी तक साफ नहीं है। हादसे के दौरान की तस्वीरें… खबर लगातार अपडेट हो रही है…

लखनऊ के प्रणव को 83 लाख वजीफा, लंदन में पढ़ेंगे:AI और तकनीक नीति में हासिल करेंगे विशेषज्ञता, UCL में लेंगे परास्नातक की डिग्री

लखनऊ के प्रणव को 83 लाख वजीफा, लंदन में पढ़ेंगे:AI और तकनीक नीति में हासिल करेंगे विशेषज्ञता, UCL में लेंगे परास्नातक की डिग्री

लखनऊ के प्रणव भास्कर तिवारी का करीब 83 लाख रुपए की चेवनिंग-भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति के लिए चयन हुआ है। इस छात्रवृत्ति से वे लंदन की यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में विकास, तकनीक और नवाचार नीति में लोक प्रशासन की परास्नातक पढ़ाई करेंगे। प्रणव ने अपने करियर की शुरुआत कानून के क्षेत्र से की थी। अब वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और तकनीक नीति के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं। ला मार्टिनियर में पहली बार नहीं मिला था प्रवेश प्रणव की सफलता के पीछे उनकी मां गीता तिवारी और पिता ओम प्रकाश भास्कर का बड़ा योगदान है। बचपन में ला मार्टिनियर, लखनऊ में प्रवेश नहीं मिलने के बाद उनकी मां ने करीब छह महीने तक कोशिश जारी रखी। पिता ने भी सीमित आर्थिक संसाधनों और औसत अंकों को कभी बच्चों के भविष्य की सीमा नहीं बनने दिया। परिवार में शिक्षा को लेकर इसी सोच ने प्रणव और उनके भाइयों को आगे बढ़ने का हौसला दिया। प्रणव कहते हैं, मां ने मुझे अटल रहना सिखाया और पिता ने यह भरोसा दिया कि परिस्थितियां या अंक आपका भविष्य तय नहीं करते। अपने माता-पिता के अथक प्रयासों का पूर्णविराम हूं मैं, मेरा हाथ पर हाथ रखकर बैठना शोभा नहीं देता। वकालत से शुरू किया सफर प्रणव पहली पीढ़ी के वकील हैं। कानून की पढ़ाई और वकालत के बाद उन्होंने तकनीक नीति की ओर रुख किया। अमेजन वेब सर्विसेज के साथ काम करते हुए उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल नीति और उभरती तकनीकों से जुड़े विषयों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिला। अब यूसीएल में पढ़ाई के दौरान वे तकनीक, नवाचार और सार्वजनिक नीति के बीच संबंधों को और गहराई से समझेंगे। लंदन की पढ़ाई का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में बदलाव लाना प्रणव इस छात्रवृत्ति को सिर्फ विदेश में पढ़ाई का अवसर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश से मिले अवसरों को वैश्विक अनुभव से जोड़ने का माध्यम मानते हैं। उनका लक्ष्य पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटकर उत्तर प्रदेश के तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े तंत्र को मजबूत करने में योगदान देना है। वे कहते हैं, लंदन जाना उपलब्धि हो सकती है, लेकिन असली सफलता तब होगी जब वहां की सीख वापस उत्तर प्रदेश और भारत के काम आए।

अमेरिकी अरबपतियों में 100 साल पुराने पेड़ लगवाने का क्रेज:बड़े पेड़ बने नया स्टेटस सिंबल, नर्सरी में ग्राहकों के लिए हेलीपैड तक

अमेरिकी अरबपतियों में 100 साल पुराने पेड़ लगवाने का क्रेज:बड़े पेड़ बने नया स्टेटस सिंबल, नर्सरी में ग्राहकों के लिए हेलीपैड तक

अमेरिका में अरबपतियों के बीच अब 100 साल पुराने और पूरी तरह विकसित पेड़ लगवाने का क्रेज बढ़ रहा है। महंगी घड़ियां, प्राइवेट जेट और सुपरकार के बाद बड़े पेड़ नया स्टेटस सिंबल बन रहे हैं। अमीर लोग अपने घर और जमीन को तुरंत भव्य दिखाने के लिए ओक, पाम और बरगद जैसे बड़े पेड़ों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं। कैलिफोर्निया की नापा वैली में हाल ही में 50 फीट ऊंचे और करीब 100 टन वजनी 100 साल पुराने ओक के पेड़ को क्रेन और हाइड्रोलिक मशीनों से जमीन से निकाला गया। इसकी जड़ों को सुरक्षित रखने के लिए खास इंतजाम किए गए और फिर इसे ट्रकों से दूसरी जगह ले जाया गया। बरगद के 2 पेड़ों के लिए 4.5 करोड़ रुपए पाम बीच में एक अरबपति ने अपने लॉन के लिए बरगद के दो पेड़ 4.5 करोड़ रुपए में खरीदे। वहीं, एक अफ्रीकी इमली का पेड़ भी करीब 4.5 करोड़ रुपए में बिका। अमीर लोग पौधों के बड़ा होने का सालों इंतजार नहीं करना चाहते। इसलिए वे पहले से बड़े पेड़ खरीदकर अपनी संपत्ति को तुरंत भव्य और पुराना लुक दे रहे हैं। पेड़ों को लेकर पड़ोसियों में भी होड़ यह क्रेज अब सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है। रोड आइलैंड में ओरेकल के लैरी एलिसन और ब्लैकस्टोन के स्टीफन श्वार्जमैन की संपत्तियों के बीच लैंडस्केपिंग को लेकर होड़ की चर्चा है। श्वार्जमैन ने अपनी हवेली को पड़ोसियों की नजरों से छिपाने के लिए चारों ओर 18 फीट ऊंचे 100 से ज्यादा सजावटी पेड़ लगवाए। इन पर 9 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए। पेड़ पहुंचाने के लिए हाईवे बंद कराने पड़ते हैं 50 फीट तक ऊंचे और 100 टन वजनी पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान नहीं है। कई बार इन्हें ले जाने के लिए हाईवे बंद कराने और बिजली के तार हटाने पड़ते हैं। बड़े पेड़ों की बढ़ती मांग से इस कारोबार को भी बढ़ावा मिला है। कुछ नर्सरी मालिक तो अरबपति ग्राहकों के लिए हेलीपैड तक बनवा रहे हैं, ताकि वे हेलिकॉप्टर से आकर अपनी पसंद के पेड़ चुन सकें।

अमेरिकी अरबपतियों में 100 साल पुराने पेड़ लगवाने का क्रेज:बड़े पेड़ बने नया स्टेटस सिंबल, नर्सरी में ग्राहकों के लिए हेलीपैड तक

अमेरिकी अरबपतियों में 100 साल पुराने पेड़ लगवाने का क्रेज:बड़े पेड़ बने नया स्टेटस सिंबल, नर्सरी में ग्राहकों के लिए हेलीपैड तक

अमेरिका में अरबपतियों के बीच अब 100 साल पुराने और पूरी तरह विकसित पेड़ लगवाने का क्रेज बढ़ रहा है। महंगी घड़ियां, प्राइवेट जेट और सुपरकार के बाद बड़े पेड़ नया स्टेटस सिंबल बन रहे हैं। अमीर लोग अपने घर और जमीन को तुरंत भव्य दिखाने के लिए ओक, पाम और बरगद जैसे बड़े पेड़ों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं। कैलिफोर्निया की नापा वैली में हाल ही में 50 फीट ऊंचे और करीब 100 टन वजनी 100 साल पुराने ओक के पेड़ को क्रेन और हाइड्रोलिक मशीनों से जमीन से निकाला गया। इसकी जड़ों को सुरक्षित रखने के लिए खास इंतजाम किए गए और फिर इसे ट्रकों से दूसरी जगह ले जाया गया। बरगद के 2 पेड़ों के लिए 4.5 करोड़ रुपए पाम बीच में एक अरबपति ने अपने लॉन के लिए बरगद के दो पेड़ 4.5 करोड़ रुपए में खरीदे। वहीं, एक अफ्रीकी इमली का पेड़ भी करीब 4.5 करोड़ रुपए में बिका। अमीर लोग पौधों के बड़ा होने का सालों इंतजार नहीं करना चाहते। इसलिए वे पहले से बड़े पेड़ खरीदकर अपनी संपत्ति को तुरंत भव्य और पुराना लुक दे रहे हैं। पेड़ों को लेकर पड़ोसियों में भी होड़ यह क्रेज अब सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है। रोड आइलैंड में ओरेकल के लैरी एलिसन और ब्लैकस्टोन के स्टीफन श्वार्जमैन की संपत्तियों के बीच लैंडस्केपिंग को लेकर होड़ की चर्चा है। श्वार्जमैन ने अपनी हवेली को पड़ोसियों की नजरों से छिपाने के लिए चारों ओर 18 फीट ऊंचे 100 से ज्यादा सजावटी पेड़ लगवाए। इन पर 9 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए। पेड़ पहुंचाने के लिए हाईवे बंद कराने पड़ते हैं 50 फीट तक ऊंचे और 100 टन वजनी पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान नहीं है। कई बार इन्हें ले जाने के लिए हाईवे बंद कराने और बिजली के तार हटाने पड़ते हैं। बड़े पेड़ों की बढ़ती मांग से इस कारोबार को भी बढ़ावा मिला है। कुछ नर्सरी मालिक तो अरबपति ग्राहकों के लिए हेलीपैड तक बनवा रहे हैं, ताकि वे हेलिकॉप्टर से आकर अपनी पसंद के पेड़ चुन सकें। —————————— ये खबर भी पढ़ें… ओपनएआई का 100 साल पुरानी गणित पहेली सुलझाने का दावा:दुनिया के 7 सबसे मुश्किल सवालों में से 1 हल किया; 88 घंटे में जवाब ढूंढा ओपनएआई ने दावा किया है कि उसकी नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने गणित की दुनिया की सबसे मुश्किल समस्याओं में से एक नेवियर–स्टोक्स प्रॉब्लम को हल कर लिया है। इसे सुलझाने में सिर्फ 88 घंटे लगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अमेरिका में EB-5 वीजा आवेदन में भारतीय सबसे आगे:12 हजार से ज्यादा लोगों ने अप्लाई किया, चीन को पीछे छोड़ा

अमेरिका में EB-5 वीजा आवेदन में भारतीय सबसे आगे:12 हजार से ज्यादा लोगों ने अप्लाई किया, चीन को पीछे छोड़ा

अमेरिका के इमिग्रेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। EB-5 वीजा के लिए आवेदन करने वालों में भारतीय चीन से आगे निकल गए हैं। पिछले तीन साल में 12,900 भारतीयों ने EB-5 के लिए आवेदन किया, जबकि चीन से 9,875 आवेदन आए। EB-5 अमेरिका का इन्वेस्टमेंट-बेस्ड इमिग्रेशन प्रोग्राम है। इसके तहत अमेरिका में निवेश करने वाले विदेशी नागरिकों को स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता मिलता है। इसके लिए करीब 7.5 करोड़ रुपए का निवेश करना होता है। ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता है EB-5 EB-5 वीजा अमेरिका में निवेश करने पर ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता खोलता है। H-1B वीजा को लेकर सख्ती बढ़ने के बीच कुछ भारतीयों की दिलचस्पी EB-5 में बढ़ी है। हालांकि, EB-5 मिलने से सीधे अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलती। पहले ग्रीन कार्ड के लिए पात्रता हासिल करनी होती है। अमेरिका में रहने के लिए आवेदक को EB-5 के सभी नियम और इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होती है। प्रोफेसर-स्कॉलर का EB-1 कोटा समय से पहले खत्म अमेरिका में EB-1 वीजा का कोटा इस साल तय समय से पहले ही पूरा हो गया। इस कैटेगरी में हर साल करीब 7 हजार वीजा उपलब्ध होते हैं। इस बार यह कोटा 1 सितंबर को ही खत्म हो गया, जबकि इसकी आखिरी तारीख 30 सितंबर थी। EB-1 में प्रोफेसर, वैज्ञानिक और रिसर्च स्कॉलर जैसे लोग आवेदन कर सकते हैं। ट्रम्प गोल्ड कार्ड के लिए 165 आवेदन, 1 को ही जारी ट्रम्प ने 2025 में गोल्ड कार्ड स्कीम लेकर आए थे। इसे उन्होंने EB-5 के विकल्प के तौर पर पेश किया था। इसका मकसद अमीर विदेशी नागरिकों को निवेश के बदले अमेरिका में स्थायी निवास का रास्ता देना था। गोल्ड कार्ड को अब तक ज्यादा सफलता नहीं मिली है। अप्रैल 2026 में वित्त मंत्री लटनिक ने बताया था कि गोल्ड कार्ड में 338 लोगों ने रुचि दिखाई, 165 ने आवेदन फीस भरी और सिर्फ एक व्यक्ति को गोल्ड कार्ड मिला। यही वजह है कि EB-5 में भारतीयों की दिलचस्पी बढ़ी है। ट्रम्प गोल्ड कार्ड के लिए अमेरिका में लगभग साढ़े 9 करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होती है। ट्रम्प के गोल्ड कार्ड को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी कानूनी मान्यता पर है। ट्रम्प ने इसे राष्ट्रपति के तौर पर मिली शक्ति का इस्तेमाल करके शुरू किया है। ऐसे में डर है कि जब ट्रम्प सत्ता से बाहर हो जाएंगे तो नए राष्ट्रपति इस गोल्ड कार्ड को खत्म कर सकते हैं। ———————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका- 10 लाख भारतवंशी वोटरों के नाम कटने का खतरा: ट्रम्प ने SIR जैसी वोटर लिस्ट जांच शुरू की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की तर्ज पर वोटर लिस्ट की जांच शुरू कर दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…