Friday, 02 Oct 2026 | 09:31 AM

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अमेरिका में मिलने वाले प्रति घंटा वेतन में गिरावट जारी:मध्यम वर्ग की आय धीमी गति से बढ़ रही, एआई से भी बढ़ी समस्या

अमेरिका में मिलने वाले प्रति घंटा वेतन में गिरावट जारी:मध्यम वर्ग की आय धीमी गति से बढ़ रही, एआई से भी बढ़ी समस्या

अमेरिकी अर्थव्यवस्था इस समय एक विरोधाभास से गुजर रही है, जहां एक ओर अरबपतियों की संपत्ति नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है, वहीं आम वर्कर्स बढ़ती महंगाई और भविष्य की अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। पिछले सप्ताह इसकी झलक दो घटनाओं में दिखाई दी। बुधवार को लेबर ब्यूरो ने बताया कि ऊर्जा कीमतों(बिजली, पेट्रोल, गैस, डीजल) में बढ़ोतरी ने औसत अमेरिकी कर्मचारी की पिछले डेढ़ साल की वास्तविक वेतन वृद्धि लगभग खत्म कर दी। वहीं शुक्रवार को स्पेसएक्स के आईपीओ के बाद इलॉन मस्क दुनिया के पहले खरबपति बन गए। अर्थशास्त्रियों गैब्रियल जकमैन और इमैनुएलसाएज के अनुसार, 19वीं सदी के उत्तरार्ध के तथाकथित “गिल्डेड एज’ में सबसे अमीर अमेरिकियों की संपत्ति देश के वार्षिक आर्थिक उत्पादन के लगभग 3% के बराबर थी। आज अमेरिका के शीर्ष 0.00001% यानी लगभग 20 लोगों की संपत्ति राष्ट्रीय उत्पादन (अमेरिकी कंपनियों द्वारा अमेरिका और अन्य देशों में सालाना किया जाने वाला उत्पादन ) के 12% तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी इतिहास में शीर्ष स्तर पर संपत्ति का इतना बड़ा केंद्रीकरण पहले कभी नहीं देखा गया। हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर स्टीफेनी स्टेंटचेवा केअनुसार, शेयर बाजार में लगातार उछाल ने लोगों में यह भावना पैदा की है कि आर्थिक व्यवस्था कुछ चुनिंदा लोगों के लिए अधिक काम कर रही है। हालांकि आधे से अधिक अमेरिकी परिवार प्रत्यक्ष रूप से या रिटायरमेंट फंड के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश रखते हैं और उन्हें भी लाभ मिला है, लेकिन फेडरल रिजर्व के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दशक में मध्यम वर्ग की संपत्ति अमीरों की तुलना में कहीं धीमी गति से बढ़ी है। ईरान से जुड़े तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण मई में अमेरिका की मुद्रास्फीति तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। महंगाई को समायोजित करने के बाद प्रति घंटे मिलने वाला वास्तविक वेतन लगातार तीन महीनों से घट रहा है। नतीजतन, ट्रम्प के मौजूदा कार्यकाल के शुरुआती दौर में हुई वेतनवृद्धि का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है। अमेरिकी परिवार पहले ही कोविड-19 महामारी,चार दशक की सबसे ऊंची महंगाई, ऊंची ब्याज दरों, टैरिफ और मंदी की आशंकाओं का सामना कर चुके हैं। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) एक नई चिंता बनकर उभरा है। कई तकनीकी कंपनियों के प्रमुख चेतावनी दे चुके हैं कि एआई आने वाले वर्षों में अनेक श्रेणियों की नौकरियों को प्रभावित कर सकता है। कोलंबिया बिजनेस स्कूल के अर्थशास्त्री ग्लेन हबार्ड का कहना है कि जब तकनीकी कंपनियां स्वयं यह संदेश देती हैं कि उनकी तकनीक लोगों की नौकरियां खत्म कर सकती है, तो उसके खिलाफ प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। इसी वजह से अमेरिका में आर्थिक असमानता, सुपररिच वर्ग के बढ़ते प्रभाव और आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर बहस पहले से अधिक तेज हो गई है। महंगाई बढ़ने के साथ कमाई घटी – अमेरिका में महामारी के बाद महंगाई चार दशक में सबसे अधिक हो गई । – राष्ट्रीय आय में वर्कर्स के हिस्से में लगातार गिरावट। – अमीरों की तुलना में मध्यमवर्ग की संपत्ति में बढ़ोतरी की गति धीमी। – लंबे समय तक महंगाई रहने से कंज्यूमर खर्च से बचते हैं। – प्रति घंटा वेतनों में तीन माह से गिरावट जारी। एआई कंपनियों के कई बड़े आईपीओ आएंगे टेक कंपनियों को अभी हाल में शेयर मार्केट की तेजी से फायदा हुआ है। स्पेसएक्स के बाद एआई कंपनियों के बड़े-बड़े आईपीओ की श्रृंखला आ सकती है। महंगाई और आय में गिरावट की चिंता के बीच एआई में उछाल से लोगों का अमीरों की संपत्ति में बढ़ोतरी से असहज होना असामान्य नहीं है। कम आय वालों को करना पड़ रहा संघर्ष अर्थशास्त्रियों के अनुसार महंगाई के दौर से कंज्यूमर का आर्थिक व्यवहार लंबे समय तक प्रभावित रहता है। यह उनके बजट पर बोझ के साथ अनुचित भी है, क्योंकि अमीर लोग तो महंगाई का सामना अपेक्षाकृत आसानी से कर लेते हैं जबकि कम आय वाले परिवारों को संघर्ष करना पड़ता है। कई अमेरिकी राज्यों में डेटा सेंटरों का विरोध सर्वेक्षणों के अनुसार कई वर्कर्स करिअर पर एआई टेक्नोलॉजी के पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंतित हैं। अमेरिका के कई राज्यों में वोटर अपने इलाके में डेटा सेंटरों के निर्माण पर विरोध जता चुके हैं। वे अपने बिजली के बिल, पानी सप्लाई और हवा की क्वालिटी पर इसके असर की बात कह रहे हैं।

ब्रेकिंग न्यूज़ |नागपुर में धर्मांतरण विवाद छिड़ा, वीएचपी ने मामलों में बढ़ोतरी पर जताई चिंता | न्यूज18

ब्रेकिंग न्यूज़ |नागपुर में धर्मांतरण विवाद छिड़ा, वीएचपी ने मामलों में बढ़ोतरी पर जताई चिंता | न्यूज18

नागपुर में एक परेशान करने वाले मामले से उस समय आक्रोश फैल गया जब एक 24 वर्षीय महिला, जो कथित तौर पर एक रक्षा कर्मी की पत्नी है, ने आरोप लगाया कि उसके पेय में नशीला पदार्थ मिला कर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। कथित तौर पर यह घटना वीडियो में कैद हो गई, जिससे दो गिरफ्तारियां हुईं, जबकि पुलिस इस मामले से कथित तौर पर जुड़े एक मौलाना की तलाश जारी रखे हुए है। विहिप ने धर्मांतरण से संबंधित मामलों में बढ़ोतरी पर चिंता जताई है और ऐसे अपराधों की कथित प्रवृत्ति की निंदा की है। यह मामला महिलाओं की सुरक्षा, कथित जबरदस्ती, आपराधिक जवाबदेही और संभावित धर्मांतरण लिंक की जांच पर गंभीर सवाल उठाता है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 16:47 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)कथित जबरदस्ती(टी)कथित धर्म परिवर्तन का मामला(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)रूपांतरण मामला नागपुर(टी)रूपांतरण के मामले(टी)अपराध समाचार भारत(टी)आपराधिक जांच(टी)रक्षा कर्मी पत्नी(टी)पेय में नशीला पदार्थ(टी)भारत समाचार(टी)ताजा समाचार(टी)महाराष्ट्र समाचार(टी)मौलाना मैनहंट(टी)मौलाना वांटेड(टी)नागपुर हमला मामला(टी)नागपुर मामला(टी)नागपुर पुलिस(टी)नागपुर शॉकर(टी)न्यूज18(टी)धार्मिक रूपांतरण विवाद(टी)यौन उत्पीड़न मामला(टी)दो गिरफ्तार(टी)वीएचपी(टी)विश्व हिंदू परिषद(टी)महिला सुरक्षा

बेसन गट्टे की सब्जी रेसिपी: घर में ऐसे बनाएं राजस्थानी बेसन के गट्टे की सब्जी, चखते ही नॉन वेज भी भूल जाएंगे; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

गट्टे बनाने की सामग्री: 2 कप बेसन, 1/2 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर, 2 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर, 2 बड़ा चम्मच तेल, स्वादानुसार नमक, आवश्यकतानुसार पानी छवि: फ्रीपिक ग्रेवी के लिए: 1 कप दही, 1 प्याज, 1 टमाटर, 1 अदरक-लहसुन पेस्ट, 1/2 अदरक लहसुन पेस्ट, 1/2 हल्दी पाउडर, 1 धनिया पाउडर, 1/2 काली मिर्च पाउडर, 1/2 अदरक लहसुन पेस्ट, 2 बड़ा मसाला तेल, नमक छवि: सोशल मीडिया गट्टे बनाने की विधि: बेसन लें में सबसे पहले एक बड़ा पोज़िशन। इसमें लाल मिर्च, हल्दी, अजवायन, नमक, दही और तेल संरचना अच्छी तरह मिला लें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद स्टेक की लॉन्ग-लेम्बी रोल और एक पैन में पानी की मात्रा 8-10 मिनट तक स्ट्रेंथ बनी। जब ये पकें तो बाहर स्वादिष्ट ठंडा करें और छोटे-छोटे खाने में काट लें। आपके गट्टे तैयार हैं। छवि: एआई ग्रेवी बनाने की विधि: एक कड़ाही में तेल गर्म करें और इसमें जीरा डाल दें। इसके बाद मोनोलैम्बस सोनालैन्ड्रा तक होना है। अब अदरक-लहसुन पेस्ट और कुछ सेकंड तक के स्मारक। छवि: फ्रीपिक टमाटर, हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर मसाले को अच्छी तरह भून लें। अब फेंटा हुआ दही और दही फेंटा, इसलिए रखें दही फेटे नहीं। छवि: फ्रीपिक जब मसाला तेल निकलने लगे, तब इसमें थोड़ा सा पानी डाला गया और मसाले निकले। अब तैयार गट्टों को ग्रेवी में 5-7 मिनट तक का समय। अंतिम में गरम मसाला और हरा धनिया स्टॉबिलिटी गैस बंद कर दें। छवि: एआई गरमा-गरम राजस्थानी बेसन के गट्टे की सब्जी को रोटी, बाजरे की रोटी, पराठे या जीरा चावल के साथ बनायें। इसकी फैक्ट्री और मलाईदार स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बहुत पसंद आएगा। छवि: एआई गट्टों का आटा अधिक प्राकृतिक नहीं रहता, अल्टरनेट समय वे टूट सकते हैं। दही को पहले अच्छी तरह से फेंट लें, इससे ग्रेवी लॉजिस्टिक्स मिलेगा। अगर आपने अभी तक बेसन के गट्टे की सब्जी नहीं बनाई है तो इसे जरूर बनाएं। छवि: एआई

एक हफ्ते में टूट सकती है शिवसेना यूबीटी, 14-16 विधायक बदल सकते हैं पाला: सूत्र | न्यूज18

एक हफ्ते में टूट सकती है शिवसेना यूबीटी, 14-16 विधायक बदल सकते हैं पाला: सूत्र | न्यूज18

सूत्रों का कहना है कि शिवसेना यूबीटी एक सप्ताह के भीतर विभाजित हो सकती है, जिसमें 14 से 16 विधायक संभावित रूप से पाला बदल सकते हैं। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र के राजनीतिक मंथन में एक नया मोड़ जोड़ता है, जो ऑपरेशन टाइगर के बारे में अटकलों और उद्धव ठाकरे के खेमे से संभावित आंदोलन के बीच आ रहा है। यदि बदलाव होता है, तो यह यूबीटी गुट की विधायी ताकत को काफी हद तक कमजोर कर सकता है और राज्य की राजनीति में प्रतिद्वंद्वी खेमे के दावे को मजबूत कर सकता है। अब फोकस उद्धव ठाकरे के अगले कदम, एकनाथ शिंदे की चुप्पी और क्या चर्चा की जा रही संख्या पर महाराष्ट्र में एक बड़े पुनर्गठन को गति मिल सकती है, पर केंद्रित है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 16:24 IST

शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर चुप रहने पर शिवसेना यूबीटी ने एमपी में दलबदल की चर्चा को खारिज किया | न्यूज18

शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' पर चुप रहने पर शिवसेना यूबीटी ने एमपी में दलबदल की चर्चा को खारिज किया | न्यूज18

महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” के बारे में अटकलों के जोर पकड़ने के बीच, शिवसेना यूबीटी ने एमपी के संभावित दल-बदल की चर्चा को खारिज कर दिया है। एकनाथ शिंदे ने कथित ऑपरेशन पर चुप्पी बनाए रखी है, जबकि रिपोर्टों से पता चलता है कि राजनीतिक लड़ाई संख्या के आसपास केंद्रित हो सकती है – शिंदे ने कथित तौर पर 6 सांसदों का लक्ष्य रखा है और उद्धव ठाकरे 9 सांसदों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन लड़ाई अंकगणित से परे मायने रखती है। यह विवाद शिवसेना की संसदीय ताकत, पार्टी पर उद्धव ठाकरे की पकड़, शिंदे की विस्तार रणनीति, गठबंधन की गणना और महाराष्ट्र में राजनीतिक वैधता की बड़ी लड़ाई पर बड़े सवाल उठाता है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 16:17 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)एकनाथ शिंदे(टी)इंडिया ब्लॉक(टी)भारतीय राजनीति(टी)ताजा राजनीतिक समाचार(टी)महाराष्ट्र समाचार(टी)महाराष्ट्र राजनीति(टी)एमपी दलबदल(टी)एनडीए(टी)न्यूज18(टी)ऑपरेशन टाइगर(टी)राजनीतिक दलबदल(टी)शिवसेना विभाजन(टी)शिंदे का लक्ष्य 6 एमपीएस(टी)शिंदे गुट(टी)शिंदे ऑपरेशन टाइगर(टी)शिवसेना(टी)शिवसेना एमपी दलबदल(टी)शिवसेना विभाजन(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)यूबीटी(टी)यूबीटी एमपीएस(टी)उद्धव गुट(टी)उद्धव ने 9 सांसद बचाये(टी)उद्धव ठाकरे

पिता बोले- संचिता उगले को किया जा रहा था टॉर्चर:पैसे और अन्य मांगों को लेकर बनाया जा रहा था दबाव, डिप्रेशन में थीं एक्ट्रेस

पिता बोले- संचिता उगले को किया जा रहा था टॉर्चर:पैसे और अन्य मांगों को लेकर बनाया जा रहा था दबाव, डिप्रेशन में थीं एक्ट्रेस

टीवी एक्ट्रेस संचिता उगले की मौत के बाद उनके पिता मच्छिंद्र उगले ने कहा कि उनकी बेटी को टॉर्चर किया जा रहा था। साथ ही, बेटी को याद करते हुए पिता मीडिया के सामने इमोशनल भी हो गए। NDTV के साथ बातचीत में मच्छिंद्र उगले ने कहा, “वह अक्सर परेशान रहती थी। उसने कभी हमें इसकी वजह नहीं बताई। बस इतना पता था कि वह अंदर ही अंदर परेशान रहती थी। कई बार वह बिल्कुल ठीक और खुश नजर आती थी, लेकिन अचानक डिप्रेशन में चली जाती थी।” उन्होंने आगे कहा, “ये बात हमारे ध्यान में आई थी और इसी के लिए हम उसके साथ रोज आना-जाना करते थे। बस उतना ही वक्त, समझो कि आधा घंटा हम उसके साथ नहीं थे, वो हमारी गलती समझो, लेकिन वो इतने डिप्रेशन में चली गई, ये हमें मालूम नहीं था कि वो ऐसा कदम उठा लेगी।” पिता ने कहा- संचिता का टॉर्चर किया जा रहा था संचिता के पिता ने यह भी दावा किया, “बातचीत की थी, पर उसे टॉर्चर किया जा रहा था। उसे कोई न कोई पैसे लेकर या किसी न किसी बात को लेकर मांग करके, उसे टॉर्चर और हैमरिंग कर ही रहा था। किसी न किसी मामले में ये हो ही रहा था। मतलब, वो बात अब मेरे सामने साफ होगी ही, पर निश्चित रूप से ऐसा हो रहा था।” संचिता के पिता ने आगे कहा, “प्रशासन से मांग बस एक ही है कि मेरी बेटी के साथ जो भी गलत हुआ है, उसे न्याय मिलना चाहिए। मेरी… मेरी बेटी क्या, भारत की सभी बेटियां… आखिर वो मेरी ही बेटी है। मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए, भारत की सभी बेटियों को… सिर्फ मेरी एक बेटी को ही नहीं, बल्कि भारत की सभी बेटियों को न्याय मिलना चाहिए।” संचिता उगले ने किया सुसाइड टीवी सीरियल कुमकुम भाग्य से मशहूर हुईं एक्ट्रेस संचिता उगले ने रविवार रात को सुसाइड कर लिया। वे 22 साल की थीं। पुलिस ने बताया कि एक्ट्रेस का शव घर में सीलिंग फैन से लटका मिला। उन्होंने साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाई। मुंबई पुलिस मीडिया को बताया, ‘हमारी टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। घटना के समय वे घर में अकेली थीं। उनके पिता ने बेटी की मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया।’ संचिता अपने माता-पिता के साथ महाराष्ट्र के पालघर में रहती थीं। रविवार शाम करीब 5:30 बजे उनकी बहन अंजली घर से बाहर गई थी। इसी दौरान संचिता ने अपने बेडरूम के सीलिंग फैन से साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। परिवार संचिता को महानगरपालिका के तुलिंज अस्पताल लेकर गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे टीवी सीरियल ‘कुमकुम भाग्य’ के अलावा ‘वागले की दुनिया’ में भी नजर आई थीं। कई टीवी शोज और फिल्मों का हिस्सा रहीं संचिता उगले ने कई टीवी शो और फिल्मों में काम किया। वे लोकप्रिय टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’, ‘वागले की दुनिया’ जैसे कई शो का हिस्सा रह चुकी थीं। आखिरी बार वे दंगल टीवी चैनल के शो ‘साजन घर में’ नजर आई थीं। वे पॉपुलर शो ‘दिलवाली दूल्हा ले जाएगी’ में सौरभ बेदी के साथ लीड रोल में नजर आ चुकी हैं। संचिता ने फिल्म ‘छावा’ में भी काम किया था। इसमें वे ताराबाई के किरदार में नजर आई थीं। फिल्म मुख्य भूमिकाओं में विक्की कौशल और अक्षय खन्ना नजर आए थे। इसके अलावा संचिता ने मनोज बाजपेई के साथ ‘साइलेंस 2: द नाइट आउल बार शूटआउट’ में भी काम किया था। यह खबर भी पढ़ें… हेलिकॉप्टर क्रैश में सिंगर ओलिवर ट्री की मौत:ब्राजील में दो हेलिकॉप्टर टकराए, यूट्यूबर गैस्पी की भी जान गई सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई। वह 32 साल के थे। इस हादसे में कुल छह लोगों की जान चली गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दुबई में प्रॉपर्टी पर 15% तक डिस्काउंट, भुना रहे रईस:टैक्स-फ्री माहौल, इन्वेस्टर-गोल्डन वीसा; 100% विदेशी मालिकाना हक बड़े आकर्षण

दुबई में प्रॉपर्टी पर 15% तक डिस्काउंट, भुना रहे रईस:टैक्स-फ्री माहौल, इन्वेस्टर-गोल्डन वीसा; 100% विदेशी मालिकाना हक बड़े आकर्षण

पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच दुबई का रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी मार्केट दिलचस्प तस्वीर पेश कर रहा है। वहां के आम निवेशकों ने इस बाजार में जो जगह खाली की है, उसे भरने के लिए एशिया और यूरोप के रईस (जैसे प्रवासी भारतीय या एनआरआई) आगे आ रहे हैं। वजह साफ है, चुनिंदा प्रॉपर्टी पर 12-15% छूट मिल रही है। साथ ही बाजार में ऐसी डील्स मिल रही हैं, जो एक साल पहले संभव नहीं थी। निसस फाइनेंस के सीएमडी अमित गोयनका के मुताबिक, फौरन डील चाहने वाले विक्रेताओं की वजह से बाजार में नए विकल्प खुले हैं। एनारॉक चैनल पार्टनर्स के सीईओ आयुष पुरी का कहना है कि सामान्य निवेशकों की तादाद जरूर घटी है, लेकिन बड़े खिलाड़ी तैयार और अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स दोनों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। तनाव के चरम पर दुबई का डीएफएम रियल एस्टेट इंडेक्स सिर्फ पांच दिन में 20% टूट गया था, लेकिन लंबी अवधि के निवेशक इसे संकट नहीं, एंट्री पॉइंट मान रहे हैं। दुबई की असली ताकत उसकी नीतिगत बनावट में है। टैक्स-फ्री माहौल, इन्वेस्टर वीसा, गोल्डन वीसा और 100% विदेशी मालिकाना हक- ये चार खूबियां इसे वैश्विक निवेशकों के लिए स्थायी आकर्षण बनाए रखते हैं। नाइट फ्रैंक इंडिया के सीनियर ईडी गुलाम जिया के मुताबिक, वैश्विक निवेशक मौजूदा प्राइस करेक्शन को एंट्री का मौका मान रहे हैं। खासतौर पर भारतीय एनआरआई के लिए दुबई का टैक्स-फ्री ढांचा और 5-9% नेट रेंटल इनकम बड़ा आकर्षण है। कीमतों की बात करें तो इस साल मार्च में ‘वैल्यूस्ट्रैट होम प्राइस इंडेक्स’ 5.9% टूटा, जो 2020 के बाद पहली मासिक गिरावट है। इसके बावजूद कीमतें 1,980 दिरहम यानी करीब 51,300 रुपए प्रति वर्ग फुट के स्तर पर हैं, जो 12 महीनों में 4.59% बढ़ा है। एटमॉस्फियर लिविंग के एमडी संदीप आहूजा का कहना है कि दुबई का न्यूट्रल हब होना लंबी अवधि के नजरिए से निवेश की दिलचस्पी बनाए रखता है और खरीदार अभी मोलभाव की स्थिति में हैं। आयुष पुरी इसे बाजार का क्रैश नहीं, बल्कि कीमतों का एडजस्टमेंट मानते हैं। गुलाम जिया का अनुमान है कि सेंटिमेंट सुधरते ही बाजार तेजी से स्थिर हो जाएगा। जनवरी-मार्च में ₹4.6 लाख करोड़ के घर बिके दुबई में 2026 की पहली तिमाही में 47,996 डील्स के जरिए 176.7 अरब दिरहम यानी करीब 4.6 लाख करोड़ रुपए के मकानों की बिक्री हो गई। यह सालाना आधार पर वैल्यू में 23.4% और वॉल्यूम (संख्या) में 5.5% की बढ़त है। अमित गोयनका के मुताबिक, संकटग्रस्त विक्रेताओं की वजह से फिलहाल बाजार में एंट्री के ऐसे विकल्प खुले हैं, जो एक साल पहले उपलब्ध नहीं थे।

शिवसेना यूबीटी में एक और विभाजन के आसार? 14-16 विधायक, 6 सांसद अगले हफ्ते छोड़ सकते हैं उद्धव कैंप | भारत समाचार

Starting from 2026, CBSE has introduced a two-exam system for Class 10 students.(Representative/File Photo)

आखरी अपडेट:16 जून, 2026, 12:20 IST शिवसेना यूबीटी को एक और विभाजन का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि 14-16 विधायक और छह सांसद अगले सप्ताह में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को छोड़ सकते हैं, यह कदम 2022 के विद्रोह के बाद एक बड़ा झटका होगा। शिव सेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे. शिवसेना (यूबीटी) एक और बड़े विभाजन की ओर बढ़ सकती है, सूत्रों से संकेत मिलता है कि 14-16 विधायक और छह सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित अलगाव अगले छह से सात दिनों के भीतर आकार लेने की उम्मीद है। यदि यह अमल में आता है, तो यह 2022 के विद्रोह के बाद उद्धव ठाकरे के लिए एक और महत्वपूर्ण झटका होगा जिसने महाराष्ट्र की राजनीति को नया रूप दिया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें न्यूज़ इंडिया शिवसेना यूबीटी में एक और विभाजन के आसार? 14-16 विधायक, 6 सांसद अगले हफ्ते छोड़ सकते हैं उद्धव कैंप अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शिवसेना विभाजित(टी)उद्धव ठाकरे(टी)महाराष्ट्र की राजनीति(टी)शिवसेना यूबीटी(टी)पार्टी विद्रोह(टी)विधायक और सांसद(टी)राजनीतिक संकट(टी)अलग हुआ गुट

पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग में ऑस्ट्रेलियाई बच्ची की मौत:घूमने आए परिवार से लुटेरों ने गहने लूटे; पुलिस ने डकैत समझकर गोली चलाई

पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग में ऑस्ट्रेलियाई बच्ची की मौत:घूमने आए परिवार से लुटेरों ने गहने लूटे; पुलिस ने डकैत समझकर गोली चलाई

पाकिस्तान में 9 साल की ऑस्ट्रेलियाई बच्ची हानिया अहमद की पुलिस की गोलीबारी में मौत हो गई। हानिया अपने परिवार के साथ पाकिस्तान घूमने आई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर के केवडेल इलाके का यह परिवार पंजाब के चकवाल शहर में अपने रिश्तेदारों से मिलने आया था। बुधवार रात वे किराये की कार से सफर कर रहे थे, तभी कुछ बदमाशों ने उनके गहने लूट लिए। बताया गया है कि मोटरसाइकिल पर सवार दो लुटेरे वारदात के बाद भाग रहे थे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी की नजर उन पर पड़ गई। लुटेरे मौके से फरार हो गए और परिवार की किराये की कार भी वहां से आगे बढ़ गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने गलती से परिवार की कार को लुटेरों की गाड़ी समझ लिया और उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से 9 साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसके पिता और बड़े भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। बच्ची की मां सुरक्षित है। पुलिस बोली- लुटेरों ने पहले गोली चलाई, पिता ने नकारा पंजाब पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध लुटेरों ने एक पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। हालांकि हानिया के पिता ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि पुलिस ने ही सबसे पहले गोली चलाई थी। इस घटना पर बयान देते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि सबसे पहले परिवार और फिर बाकी लोगों को भी सच्चाई पता चल सके। ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि वह मृत बच्ची के परिवार और घायल ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को हर संभव कांसुलर सहायता उपलब्ध करा रहा है। मंत्रालय ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की। रिपोर्ट के मुताबिक, यह परिवार हाल ही में मक्का की धार्मिक यात्रा (हज/उमरा) पूरी करके पाकिस्तान पहुंचा था। पंजाब पुलिस ने अधिकारी को निलंबित किया पुलिस ने गोली चलाने वाले अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। घटना की जांच के लिए एक संयुक्त जांच टीम (जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम) भी बनाई गई है। पुलिस का कहना है कि लूटपाट में शामिल दो संदिग्ध लोगों को बाद में एक अलग मुठभेड़ में मार गिराया गया। इस घटना के बाद पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों में लोगों में नाराजगी है। परिवार ऑस्ट्रेलिया में रहता था। पाकिस्तान के सीनियर पुलिस अधिकारियों ने इसे गलत पहचान की वजह से हुई एक दुखद घटना बताया है और कहा है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के जरिए परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। इस मामले ने पाकिस्तान में पुलिस के कामकाज पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बल प्रयोग और आम लोगों की मौत होने पर जवाबदेही तय करने के तरीकों पर चर्चा तेज हो गई है। मानवाधिकार संगठनों ने लंबे समय से पुलिस फायरिंग, हिरासत में दुर्व्यवहार और कथित फर्जी मुठभेड़ों को लेकर चिंता जताई है। वहीं अधिकारी भी मानते रहे हैं कि पुलिस की ट्रेनिंग और लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए सुधारों की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह पीड़ित परिवार की हर संभव मदद कर रहा है। मंत्रालय ने बताया कि वह मृत ऑस्ट्रेलियाई बच्ची के परिवार और इस घटना में घायल हुए दो ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को काउंसुलर सहायता उपलब्ध करा रहा है।

पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग में ऑस्ट्रेलियाई बच्ची की मौत:घूमने आए परिवार से लुटेरों ने गहने लूटे; पुलिस ने डकैत समझकर गोली चलाई

पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग में ऑस्ट्रेलियाई बच्ची की मौत:घूमने आए परिवार से लुटेरों ने गहने लूटे; पुलिस ने डकैत समझकर गोली चलाई

पाकिस्तान में 9 साल की ऑस्ट्रेलियाई बच्ची हानिया अहमद की पुलिस की गोलीबारी में मौत हो गई। हानिया अपने परिवार के साथ पाकिस्तान घूमने आई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर के केवडेल इलाके का यह परिवार पंजाब के चकवाल शहर में अपने रिश्तेदारों से मिलने आया था। बुधवार रात वे किराये की कार से सफर कर रहे थे, तभी कुछ बदमाशों ने उनके गहने लूट लिए। बताया गया है कि मोटरसाइकिल पर सवार दो लुटेरे वारदात के बाद भाग रहे थे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी की नजर उन पर पड़ गई। लुटेरे मौके से फरार हो गए और परिवार की किराये की कार भी वहां से आगे बढ़ गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने गलती से परिवार की कार को लुटेरों की गाड़ी समझ लिया और उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से 9 साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसके पिता और बड़े भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। बच्ची की मां सुरक्षित है। पुलिस बोली- लुटेरों ने पहले गोली चलाई, पिता ने नकारा पंजाब पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध लुटेरों ने एक पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। हालांकि हानिया के पिता ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि पुलिस ने ही सबसे पहले गोली चलाई थी। इस घटना पर बयान देते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि सबसे पहले परिवार और फिर बाकी लोगों को भी सच्चाई पता चल सके। ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि वह मृत बच्ची के परिवार और घायल ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को हर संभव कांसुलर सहायता उपलब्ध करा रहा है। मंत्रालय ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की। रिपोर्ट के मुताबिक, यह परिवार हाल ही में मक्का की धार्मिक यात्रा (हज/उमरा) पूरी करके पाकिस्तान पहुंचा था। पंजाब पुलिस ने अधिकारी को निलंबित किया पुलिस ने गोली चलाने वाले अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। घटना की जांच के लिए एक संयुक्त जांच टीम (जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम) भी बनाई गई है। पुलिस का कहना है कि लूटपाट में शामिल दो संदिग्ध लोगों को बाद में एक अलग मुठभेड़ में मार गिराया गया। इस घटना के बाद पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों में लोगों में नाराजगी है। परिवार ऑस्ट्रेलिया में रहता था। पाकिस्तान के सीनियर पुलिस अधिकारियों ने इसे गलत पहचान की वजह से हुई एक दुखद घटना बताया है और कहा है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के जरिए परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। इस मामले ने पाकिस्तान में पुलिस के कामकाज पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बल प्रयोग और आम लोगों की मौत होने पर जवाबदेही तय करने के तरीकों पर चर्चा तेज हो गई है। मानवाधिकार संगठनों ने लंबे समय से पुलिस फायरिंग, हिरासत में दुर्व्यवहार और कथित फर्जी मुठभेड़ों को लेकर चिंता जताई है। वहीं अधिकारी भी मानते रहे हैं कि पुलिस की ट्रेनिंग और लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए सुधारों की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह पीड़ित परिवार की हर संभव मदद कर रहा है। मंत्रालय ने बताया कि वह मृत ऑस्ट्रेलियाई बच्ची के परिवार और इस घटना में घायल हुए दो ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को काउंसुलर सहायता उपलब्ध करा रहा है। ———————– ये खबर भी पढ़ें PoK में अब तक 46 प्रदर्शनकारियों की मौत:1100 गिरफ्तार; शरणार्थी सीटें खत्म करने के लिए आंदोलन, पाकिस्तानी सेना का विरोध पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में बीते 4 दिनों से चल रहे आंदोलन में अब तक 46 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, चार दिनों में 1100 से ज्यादा लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है। पूरी खबर पढ़ें