टीएमसी विद्रोहियों का नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय, ममता के नेतृत्व को चुनौती |राजनीति
बंगाल में एक नाटकीय राजनीतिक उथल-पुथल सामने आई है, जब काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में विद्रोही तृणमूल कांग्रेस के सांसद, ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती देते हुए, नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर रहे हैं। यह रणनीतिक कदम पार्टी की पहचान, कानूनी मान्यता, संसदीय ताकत, टीएमसी प्रतीक और ममता के नेतृत्व वाले खेमे के भविष्य पर बड़े सवाल उठाता है। जैसे-जैसे विद्रोही गुट एनसीपीआई के साथ एक नया रास्ता बना रहा है, लड़ाई आंतरिक विद्रोह से एक बड़ी कानूनी और संस्थागत लड़ाई में बदल रही है कि कौन वैधता का दावा कर सकता है। यह घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में एक बड़ी वृद्धि का संकेत देता है और आगे की जटिल कानूनी लड़ाई के लिए मंच तैयार करता है। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_the-right-stand News18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 21:03 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)अभिषेक बनर्जी(टी)दलबदल विरोधी कानून(टी)बंगाल राजनीति(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत(टी)भारतीय राजनीति(टी)काकोली दस्तीदार(टी)काकोलिकुश दस्तीदार(टी)ममता बनर्जी(टी)नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया(टी)एनसीपीआई(टी)न्यूज18(टी)संसदीय ताकत(टी)पार्टी मान्यता(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)वास्तविक टीएमसी(टी)बागी एमपीएस(टी)बागी टीएमसी एमपीएस(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी पहचान की लड़ाई(टी)टीएमसी कानूनी उथल-पुथल(टी)टीएमसी एनसीपीआई विलय(टी)टीएमसी विद्रोही(टी)टीएमसी प्रतीक(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति
US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले
अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी।
US-ईरान समझौते से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी:क्रूड ऑयल 4.8% गिरकर $83 पर आया; अमेरिकी AI-एयरलाइंस कंपनियों के शेयर 7.8% तक उछले
अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और होर्मुज रूट को दोबारा खोलने के लिए एक समझौता हो गया है। इस खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी जा रही है और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते से लंबे समय से चल रहा तनाव खत्म होगा, जिसने पूरी दुनिया में महंगाई को काफी बढ़ा दिया था। 83.18 डॉलर पर आया ब्रेंट क्रूड, तेल कंपनियों को राहत समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। यह कीमत मार्च की शुरुआत के स्तर के बराबर है। हालांकि यह तीन महीने पहले युद्ध शुरू होने से पहले की 70 डॉलर की कीमत से अधिक है। हालांकि कुछ हफ्ते पहले के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी कम है। तेल सस्ता होने से उन परिवारों और बिजनेस को बड़ी राहत मिलेगी, जो ईंधन, भोजन और फर्टिलाइजर के लिए महंगी कीमतें चुका रहे थे। स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत, 60 दिन चलेगी बात ईरान ने इस समझौते की पुष्टि की है, लेकिन यह भी कहा है कि जब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इसे लागू नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान के मुताबिक, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस लंबी अवधि के कारण समझौते में कुछ रुकावटें आने की आशंका भी बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज रूट खुल भी जाता है, तो भी एनर्जी इंडस्ट्री को पूरी रफ्तार में लौटने में महीनों का समय लगेगा। वॉल स्ट्रीट पर अमेरिकी बाजार उछले, डाउ जोंस 638 अंक चढ़ा ग्लोबल मार्केट में इस राहत का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखा। सोमवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा। इसके साथ ही SP 500 इंडेक्स 1.5% और नैस्डैक कंपोजिट 2.3% ऊपर चढ़ गया। फ्यूल खर्च वाली कंपनियों को फायदा, एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़े ईंधन की कीमतों में गिरावट की खबर से उन कंपनियों के शेयरों में तुरंत उछाल आया जिनका फ्यूल बिल बहुत ज्यादा होता है। यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 5.2% ऊपर चढ़ गए, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस में 7% की तेजी आई। इसके अलावा क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए। एआई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी, माइक्रोन 7.8% उछला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त लिफ्ट देखने को मिली है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, क्योंकि बाजार में यह चिंता थी कि एआई क्रेज के कारण ये बहुत तेजी से ऊपर चले गए हैं। सोमवार को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 7.8% और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) के शेयर 7% चढ़ गए। वॉल स्ट्रीट की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने SP 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इलॉन मस्क की स्पेसएक्स की वैल्यू $2.1 ट्रिलियन पार इलॉन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स अपने लिस्टिंग के दूसरे दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है। स्पेसएक्स के पास एआई कंपनी xAI का भी मालिकाना हक है। इस सफल शुरुआत से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच एआई को लेकर अभी भी भारी डिमांड है। बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है, जो एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड वैल्यू से भी ज्यादा है। बॉन्ड यील्ड में गिरावट, ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम कम हुआ कच्चे तेल की कीमतें घटने से बॉन्ड मार्केट को भी राहत मिली है। निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई कम होने से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम होगा। इस वजह से 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड शुक्रवार देर शाम के 4.48% से घटकर 4.45% पर आ गई है। पिछले हफ्ते यूरोप के केंद्रीय बैंक ने महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई थीं, जिससे शेयर और क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेशों पर दबाव बढ़ा था। फेडरल रिजर्व की मीटिंग पर नजर, ट्रम्प कर रहे दरें घटाने की मांग अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते अपनी ब्याज दरों पर फैसला सुनाने वाला है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में यह फेड की पहली बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने केविन वॉर्श को इस पद के लिए नॉमिनेट किया था और ट्रम्प लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन को देखते हुए ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है, लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। बुधवार को दो दिवसीय मीटिंग खत्म होने के बाद फेड ब्याज दरों को स्थिर रखने का एलान कर सकता है। भारतीय शेयर बाजार भी तेजी के साथ बंद हुआ ईरान-अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों से भारतीय शेयर बाजार में भी सोमवार को तेजी रही। सेंसेक्स 736 अंक की तेजी के साथ 76,264 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 231 अंक की तेजी रही, ये 23,853 के स्तर पर बंद हुआ। आज एशियाई बाजारों में भी तेजी रही क्या होता है बॉन्ड यील्ड? यह निवेशकों को सरकारी बॉन्ड या सिक्योरिटीज पर मिलने वाला रिटर्न (ब्याज) होता है। जब बाजार में अनिश्चितता या महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ जाती है। तेल की कीमतें गिरने से जब महंगाई का खतरा टलता है, तो बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, जिसे शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा: मई में 9.68% पहुंची; फ्यूल महंगा हुआ, अनाज और तेल की कीमतें भी बढ़ीं मई में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 9.68% पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26% पर थी।
ग्लोबल पेटेंट रैंकिंग में टॉप-20 में पहुंची जियो:ऐसा करने वाली अकेली भारतीय टेक कंपनी बनी; 320 पायदान की छलांग लगाई
जियो प्लेटफॉर्म्स ने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन की पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी रैंकिंग में टॉप-20 में जगह बनाई है। कंपनी 2025 की सूची में 320 पायदान चढ़कर 20वें स्थान पर पहुंची है। जियो ग्लोबल टॉप-20 में जगह बनाने वाली अकेली भारतीय टेक इनोवेटर बन गई है। हुआवे, सैमसंग और एपल जैसी कंपनियों के ग्रुप में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेक्नोलॉजी यूनिट है। इस नई रैंकिंग के बाद कंपनी अब हुआवे, सैमसंग, क्वालकॉम, एलजी, पैनासोनिक, नोकिया, गूगल, एपल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों के ग्रुप में शामिल हो गई है। नेक्स्ट जनरेशन डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है पेटेंट फाइलिंग जियो की पेटेंट फाइलिंग नेक्स्ट जनरेशन डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है। इनमें मुख्य रूप से ये क्षेत्र शामिल हैं: इसके अलावा कंपनी सैटेलाइट कम्युनिकेशन और एजेंटिक AI की अगली दिशा ‘जियो ब्रेन’ जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है। आकाश अंबानी बोले- ये कई सालों की मेहनत का नतीजा इस उपलब्धि पर जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा, “WIPO PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्लोबल टॉप-20 में आना हमारी डीप-टेक कंपनी बनने की दिशा में कई साल की मेहनत को दिखाता है। यह जियो में कई उन्नत तकनीकों पर हो रहे शानदार इनोवेशन का सबूत है, जो आने वाले सालों में और बढ़ेगा।” प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को समर्पित की उपलब्धि आकाश अंबानी ने आगे कहा कि वे इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को समर्पित करते हैं। उनके अनुसार यह विजन भारत को दुनिया के लिए तकनीक का निर्माता, मालिक और निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि जियो भारत को ग्लोबल डीप-टेक पावरहाउस बनने की यात्रा में योगदान देकर गर्व महसूस करता है। 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने 6,817 पेटेंट फाइल किए 31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें 2,393 पेटेंट भारत में और 4,424 पेटेंट विदेशी बाजारों में फाइल किए गए हैं। कंपनी के 1,009 पेटेंट अब तक वैश्विक स्तर पर मंजूर हो चुके हैं। इनमें 538 भारत में और 471 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिले हैं। जियो ने कहा है कि उसका इनोवेशन उन तकनीकों और प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिन्हें कंपनी ने बड़े पैमाने पर विकसित और कॉमर्शियलाइज किया है। कंपनी 5G/6G रेडियो, 5G/6G कोर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और एजेंटिक-AI की अगली दिशा- जियोब्रेन जैसी उभरती तकनीकों पर भी काम कर रही है। उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े बदलाव का संकेत जियो की यह उपलब्धि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। यह बदलाव केवल बड़े पैमाने पर तकनीक इस्तेमाल करने से आगे बढ़कर भारत में मूल तकनीक तैयार करने और उसे दुनिया तक ले जाने की दिशा में है।
टीएमसी की पहचान की लड़ाई छिड़ गई है क्योंकि विद्रोही गुट का नई पार्टी में विलय हो गया है और वास्तविक टीएमसी स्थिति का दावा किया गया है
तृणमूल कांग्रेस की पहचान को लेकर कानूनी लड़ाई छिड़ गई है क्योंकि विद्रोही गुट एक छोटी पार्टी में विलय कर रहा है और असली टीएमसी होने का दावा कर रहा है। यह घटनाक्रम विलय की वैधता, पार्टी के नाम, प्रतीक और फंड के भविष्य और क्या विद्रोही गुट मूल पार्टी की पहचान पर दावा कर सकता है, इस पर बड़े सवाल उठ रहे हैं। उम्मीद है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला खेमा दावों को चुनौती देगा, जिससे एक जटिल राजनीतिक और कानूनी टकराव पैदा होगा। यह विवाद अब आंतरिक विद्रोह से आगे बढ़ रहा है और संस्थागत क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है, जिसमें चुनाव आयोग, संसद और अदालतें संभावित रूप से मान्यता की लड़ाई में प्रमुख क्षेत्र बन रहे हैं। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_plain-speakNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 19:06 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल पॉलिटिक्स(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)चुनाव आयोग(टी)भारतीय राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)न्यूज18(टी)पार्टी फंड(टी)पार्टी का नाम विवाद(टी)पार्टी मान्यता(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजनीतिक प्रतीक विवाद(टी)असली टीएमसी(टी)विद्रोही गुट का विलय(टी)छोटी पार्टी विलय(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी फंड्स(टी)टीएमसी पहचान की लड़ाई(टी)टीएमसी कानूनी लड़ाई(टी)टीएमसी विलय(टी)टीएमसी पार्टी चिन्ह(टी)टीएमसी विद्रोही गुट(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)टीएमसी विभाजन(टी)टीएमसी प्रतीक(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति
आरएसएस के कार्यक्रम में तीन कुलपतियों के शामिल होने से केरल में राजनीतिक तूफान, मुख्यमंत्री ने की निंदा | #साफ बात
केरल में तीन कुलपतियों के आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसकी मुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं ने तीखी आलोचना की है। यह विवाद शैक्षणिक तटस्थता, संस्थागत स्वतंत्रता और विश्वविद्यालय स्थानों में राजनीतिक या वैचारिक संगठनों की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। यह बहस सांप्रदायिक समूहों के साथ कांग्रेस पार्टी के पिछले गठबंधनों पर भी सवाल उठा रही है, जिससे केरल के राजनीतिक टकराव में एक और परत जुड़ रही है। जैसे-जैसे विवाद गहराता जा रहा है, ध्यान इस बात पर बना हुआ है कि क्या विश्वविद्यालय के नेताओं को वैचारिक कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए और अकादमिक जुड़ाव और राजनीतिक संबद्धता के बीच कहां रेखा खींची जानी चाहिए। n18oc_plain-speak n18oc_ Indian18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 19:04 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)शैक्षणिक स्वतंत्रता(टी)शैक्षणिक तटस्थता(टी)ब्रेकिंग न्यूज भारत(टी)कैंपस राजनीति(टी)मुख्यमंत्री आलोचना(टी)कांग्रेस(टी)कांग्रेस गठबंधन(टी)भारतीय राजनीति(टी)संस्थागत स्वतंत्रता(टी)केरल(टी)केरल सीएम(टी)केरल की राजनीति(टी)केरल के कुलपति(टी)न्यूज18(टी)विपक्षी नेता केरल(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)राजनीतिक तूफान केरल(टी)आरएसएस कार्यक्रम(टी)आरएसएस पंक्ति केरल(टी)सांप्रदायिक समूह(टी)तीन कुलपति(टी)विश्वविद्यालय तटस्थता(टी)विश्वविद्यालय की राजनीति(टी)कुलपति आरएसएस कार्यक्रम में भाग लेते हैं(टी)कुलपति
बचपन के किस्से सुनाते हुए इमोशनल हुए महेश भट्ट:बीमार मां के बालों में सजाए थे जुगनू; बोले- जिंदगी भविष्य में नहीं इसी पल में है
सीनियर फिल्ममेकर और लेखक महेश भट्ट ने मुंबई में आयोजित कार्यक्रम ‘इन सर्च ऑफ ट्रुथ’ में जीवन के कई अनछुए पहलुओं पर बात की। वर्सोवा के आरडीएक्स स्टूडियो में स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर सुहृता दास के साथ हुए इस संवाद में उन्होंने अपने बचपन, करियर के संघर्षों और रिश्तों पर खुलकर चर्चा की। महेश भट्ट ने कहा कि लोग अक्सर अपनी जिंदगी को भविष्य के लिए टालते रहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जीवन इसी पल और इसी सांस में है। इस कार्यक्रम में फिल्म निर्माण के अलावा मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों के पालन-पोषण पर भी विचार साझा किए गए। राज खोसला से मिली थी शून्य से शुरुआत की सीख भट्ट ने अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए डायरेक्टर राज खोसला की एक बात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज खोसला ने उनसे कहा था, “शून्य से शुरुआत करना एक बेहतरीन आंकड़ा है।” महेश भट्ट के मुताबिक, शून्य से शुरुआत करने में डरने की कोई बात नहीं है, बल्कि इस पर गर्व होना चाहिए क्योंकि हर बड़ी यात्रा की शुरुआत यहीं से होती है। उन्होंने बताया कि महज चार साल की उम्र में वे पहली बार सिनेमा की तरफ आकर्षित हुए थे और तभी से उनके भीतर कहानियां कहने की इच्छा जागी थी। बीमार मां के बालों में सजाए थे जुगनू बातचीत के दौरान महेश भट्ट अपनी मां को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने बचपन का एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक बार उनकी मां काफी बीमार थीं। उन्हें हंसाने के लिए उन्होंने मां के बालों में जुगनू सजा दिए थे। उन्होंने कहा कि कला और बेहतरीन कहानियां अक्सर जीवन के ऐसे ही साधारण और मानवीय पलों से निकलती हैं। भट्ट ने माना कि उनकी ज्यादातर क्रिएटिविटी और फिल्में उनके निजी संघर्षों, असफलताओं और टूटे हुए दिल के अनुभवों का ही नतीजा हैं। पहले अलग दिखना चाहता था, अब लोगों से जुड़ना चाहता हूं अपने बचपन के विद्रोही स्वभाव पर बात करते हुए महेश भट्ट ने कहा कि एक समय था जब वे हमेशा भीड़ से अलग दिखना चाहते थे। लेकिन उम्र और अनुभव के साथ उन्हें समझ आया कि इंसान का असली विकास दूसरों से अलग होने में नहीं, बल्कि लोगों के साथ जुड़ने और जीवन को साझा करने में है। सफलता को लेकर उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि अगली कामयाबी हमें खुशी देगी, लेकिन संतुष्टि इसी वर्तमान समय में जीने से मिलती है। बच्चों के पालन-पोषण और युवाओं को दी सलाह कार्यक्रम के आखिरी हिस्से में एक सवाल-जवाब का सेशन रखा गया। इसमें आए छात्रों, थिएटर आर्टिस्ट्स और राइटर्स ने महेश भट्ट से कई सवाल पूछे। पेरेंटिंग पर जवाब देते हुए भट्ट ने कहा कि बच्चे माता-पिता के उपदेशों से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार को देखकर सीखते हैं। इसलिए माता-पिता को बच्चों को सिर्फ निर्देश देने के बजाय उनकी बात को ध्यान से सुनना चाहिए। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि असफलता से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सबसे बड़ी सीख अक्सर हार से ही मिलती है।
एनसीईआरटी कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में मोहनजो-दारो में बदले गए “डांसिंग गर्ल” चित्रण पर विवाद छिड़ गया | न्यूज18
एनसीईआरटी की कक्षा 9 की नई कला पाठ्यपुस्तक में प्रतिष्ठित मोहनजो-दारो की “डांसिंग गर्ल” को उसके ऊपरी शरीर को ढंके हुए चित्रित करने के बाद बहस छिड़ गई है, जो दशकों से पाठ्यपुस्तकों में दिखाई देने वाले मूल प्रतिनिधित्व से अलग है। यह परिवर्तन ऐतिहासिक सटीकता, कलात्मक प्रतिनिधित्व, सांस्कृतिक व्याख्या और पाठ्यपुस्तक संशोधनों पर सवाल उठा रहा है। सिंधु घाटी सभ्यता की 4,500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति “डांसिंग गर्ल” को लंबे समय से प्राचीन दक्षिण एशिया की सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोजों में से एक माना जाता है। विवाद अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि क्या परिवर्तित चित्रण एक डिजाइन विकल्प, सांस्कृतिक पुनर्व्याख्या या ऐतिहासिक रूप से प्रलेखित छवि से एक अनावश्यक विचलन है। -newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 17:01 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)4500 साल पुरानी मूर्तिकला(टी)बदला हुआ चित्रण(टी)प्राचीन दक्षिण एशिया(टी)पुरातात्विक खोज(टी)कलात्मक प्रतिनिधित्व(टी)कक्षा 9 कला पाठ्यपुस्तक(टी)सांस्कृतिक व्याख्या(टी)नृत्य करती हुई लड़की(टी)नृत्य करती हुई लड़की का चित्रण(टी)शिक्षा समाचार भारत(टी)हड़प्पा सभ्यता(टी)ऐतिहासिक सटीकता(टी)इतिहास पाठ्यपुस्तक बहस(टी)भारत का इतिहास(टी)सिंधु घाटी सभ्यता(टी)मोहनजो-दारो(टी)एनसीईआरटी(टी)एनसीईआरटी कक्षा 9 पाठ्यपुस्तक(टी)एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक विवाद(टी)स्कूल पाठ्यपुस्तक(टी)पाठ्यपुस्तक पंक्ति(टी)ऊपरी शरीर ढका हुआ
अरबाज खान की कार में जबरन घुसा शख्स:सुरक्षाकर्मियों ने खींचकर बाहर निकाला और पीटा; असहज नजर आए एक्टर
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के भाई और फिल्ममेकर अरबाज खान की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान एक शख्स जबरन अरबाज खान की खड़ी कार के अंदर घुसकर बैठ गया। इसके बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उस शख्स को गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और उस शख्स के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई और सुरक्षाकर्मियों ने उसकी पिटाई भी कर दी। इस दौरान अरबाज भी वहां असहज दिखाई दिए। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। दरवाजा खोलकर अंदर बैठ गया था युवक सोशल मीडिया पर सामने ये वीडियो के मुताबिक, यह घटना कोलकाता की है जहां अरबाज खान किसी इवेंट के सिलसिले में पहुंचे थे। जब अरबाज की लग्जरी कार बाहर खड़ी थी, तभी भीड़ में से एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर कार के पास पहुंच गया। उसने अचानक कार का दरवाजा खोला और जबरन अंदर बैठ गया। युवक की इस हरकत से वहां अफरा-तफरी मच गई और आस-पास मौजूद लोग चिल्लाने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने युवक को कार से खींचा, जमकर हुई बहस युवक को कार के अंदर बैठता देख अरबाज खान के निजी सुरक्षाकर्मी और वहां तैनात बाउंसर्स तुरंत एक्शन में आ गए। उन्होंने तुरंत कार का गेट खोला और युवक को पकड़कर बाहर खींच लिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि काले रंग के कपड़ों में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने युवक को पकड़कर कार से दूर किया। इस दौरान वहां मौजूद भीड़ में से कुछ लोग ‘इसको मारो’ चिल्लाते हुए भी सुनाई दे रहे हैं। भीड़ को हटाने के लिए बाउंसर्स ने की धक्का-मुक्की घटना के समय कार के आस-पास भारी भीड़ जमा थी, जो अपने मोबाइल से वीडियो बना रही थी। सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को बिगड़ता देख युवक को पकड़कर एक तरफ कर दिया और भीड़ को पीछे धकेलना शुरू किया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सुरक्षाकर्मी बेहद गुस्से में थे और उन्होंने युवक को पकड़कर भीड़ से दूर ले जाकर उसकी पिटाई भी की। इसके बाद अरबाज खान की गाड़ी को वहां से सुरक्षित रवाना किया गया। 2023 में हुई अरबाज खान की दूसरी शादी वर्कफ्रंट और पर्सनल लाइफ की बात करें तो अरबाज खान पिछले कुछ समय से अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहे हैं। उन्होंने दिसंबर 2023 में मेकअप आर्टिस्ट शूरा खान से दूसरी शादी की थी। इस निकाह में उनका पूरा परिवार और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। अरबाज खान अक्सर शूरा खान के साथ अलग-अलग इवेंट्स और एयरपोर्ट पर स्पॉट किए जाते हैं। बता दें की अरबाज और उनकी पहली पत्नी मलाइका अरोरा का 2017 में तलाक हो गया था। ये खबर भी पढ़ें ‘कुमकुम भाग्य’ एक्ट्रेस संचिता उगले ने सुसाइड किया:साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाई, पंखे से लटकी मिली बॉडी; मौत से कुछ घंटे पहले रील पोस्ट की टीवी एक्ट्रेस संचिता उगले ने सोमवार को सुसाइड कर लिया। वे 22 साल की थीं। पुलिस ने बताया कि एक्ट्रेस का शव घर में सीलिंग फैन से लटका मिला। उन्होंने साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाई। पूरी खबर पढ़ें…
टीएमसी के बागी सांसद पार्टी की पहचान और प्रतीक पर कानूनी लड़ाई शुरू करने के लिए तैयार, एनसीपीआई में विलय की संभावना | न्यूज18

सूत्रों का कहना है कि बागी टीएमसी सांसद तृणमूल कांग्रेस की पहचान और प्रतीक पर कानूनी लड़ाई शुरू करने के लिए तैयार हैं, जबकि विद्रोही गुट और एनसीपीआई के बीच विलय आज होने की संभावना है। यह कदम टीएमसी संकट में एक बड़ी वृद्धि का संकेत देता है, जिससे लड़ाई आंतरिक विद्रोह से पार्टी के नाम, प्रतीक और संसदीय मान्यता पर कानूनी और संस्थागत दावों पर केंद्रित हो गई है। उम्मीद है कि विद्रोही गुट दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत अपनी ताकत पर बहस करेगा, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला खेमा इस कदम को चुनौती दे सकता है। घटनाक्रम से महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं: टीएमसी की पहचान को कौन नियंत्रित करता है? क्या विद्रोही गुट चुनाव चिन्ह पर दावा कर सकता है? क्या एनसीपीआई विलय कानूनी जांच से गुजरेगा? और संसद और चुनाव आयोग कैसे प्रतिक्रिया देंगे? -newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 16:22 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)दलबदल विरोधी कानून(टी)बंगाल राजनीति(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)चुनाव आयोग(टी)भारतीय राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)एनसीपीआई(टी)एनसीपीआई विलय(टी)न्यूज18(टी)संसद मान्यता(टी)पार्टी प्रतीक विवाद(टी)राजनीतिक समाचार भारत(टी)विद्रोही टीएमसी एमपीएस(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी पहचान(टी)टीएमसी कानूनी लड़ाई(टी)टीएमसी एमपीएस(टी)टीएमसी एनसीपीआई विलय(टी)टीएमसी पार्टी चिन्ह(टी)टीएमसी विद्रोही गुट(टी)टीएमसी विद्रोही एमपीएस(टी)टीएमसी विद्रोह(टी)टीएमसी विभाजन(टी)टीएमसी प्रतीक(टी)टीएमसी प्रतीक लड़ाई(टी)तृणमूल कांग्रेस





