सूत्रों का कहना है कि बागी टीएमसी सांसद तृणमूल कांग्रेस की पहचान और प्रतीक पर कानूनी लड़ाई शुरू करने के लिए तैयार हैं, जबकि विद्रोही गुट और एनसीपीआई के बीच विलय आज होने की संभावना है। यह कदम टीएमसी संकट में एक बड़ी वृद्धि का संकेत देता है, जिससे लड़ाई आंतरिक विद्रोह से पार्टी के नाम, प्रतीक और संसदीय मान्यता पर कानूनी और संस्थागत दावों पर केंद्रित हो गई है। उम्मीद है कि विद्रोही गुट दल-बदल विरोधी प्रावधानों के तहत अपनी ताकत पर बहस करेगा, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला खेमा इस कदम को चुनौती दे सकता है। घटनाक्रम से महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं: टीएमसी की पहचान को कौन नियंत्रित करता है? क्या विद्रोही गुट चुनाव चिन्ह पर दावा कर सकता है? क्या एनसीपीआई विलय कानूनी जांच से गुजरेगा? और संसद और चुनाव आयोग कैसे प्रतिक्रिया देंगे? -newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube
आखरी अपडेट: 15 जून, 2026, 16:22 IST
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