Friday, 02 Oct 2026 | 04:03 PM

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अनिल कपूर बोले- इनकी डिग्री का क्या आचार डालूं:नए रियलिटी शो के प्रोमो में कहा- यहां रट्टू तोतों की नहीं चलेगी

अनिल कपूर बोले- इनकी डिग्री का क्या आचार डालूं:नए रियलिटी शो के प्रोमो में कहा- यहां रट्टू तोतों की नहीं चलेगी

अनिल कपूर ने ‘बिग बॉस OTT 3’ होस्ट करने के बाद अब एक नए रियलिटी शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ का ऐलान किया है। मेकर्स ने हाल ही में इसका प्रोमो जारी किया है, जिसमें अनिल कपूर अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। प्रोमो में अनिल कपूर एक मीटिंग से बाहर निकलते हैं और टाई ढीली करते हुए कहते हैं, “किसी भी मीटिंग से निकलो तो दिमाग का शॉट हो जाता है। कोई हार्वर्ड से, कोई हावड़ा से है। इनकी डिग्री का क्या आचार डालूं? सिंपल सा सवाल पूछो तो रट्टू तोते की तरह किताब में घुस जाते हैं।” इसके बाद अनिल कपूर एक व्यक्ति को उनका वीडियो रिकॉर्ड करते हुए देखते हैं और उस पर नाराज होते हैं। फिर वह कहते हैं कि ऐसा शो बनाया जाएगा जहां सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि दिमाग चलेगा और कोई भी योग्य व्यक्ति भारत के टॉप 1% में शामिल हो सकता है। कहां देखा जा सकेगा शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ का प्रीमियर स्टार प्लस और जियो हॉटस्टार पर किया जाएगा। हालांकि, शो की रिलीज डेट का अभी ऐलान नहीं किया गया है। प्रोमो के लास्ट में अनिल कपूर अपने गाने ‘माई नेम इज लखन’ पर डांस करते नजर आते हैं। इस दौरान एक व्यक्ति उनसे कहता है, “सर, आधार कार्ड में तो अनिल कपूर नाम है।” इस पर अनिल कपूर जवाब देते हैं, “ज्यादा फ्री मत बन, कल मुझसे मिल।” अनिल कपूर फिल्म ‘अल्फा’ में नजर आएंगे वर्कफ्रंट की बात करें तो अनिल कपूर जल्द YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म ‘अल्फा’ में एक अहम भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। यह फिल्म 3 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं, एक्टर फिल्म शाहरुख खान की ‘किंग’ में भी दिखाई देंगे। वहीं, अनिल कपूर आखिरी बार फिल्म ‘सूबेदार’ में पूर्व सैनिक अर्जुन मौर्य के रोल में नजर आए थे। फिल्म 5 मार्च को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है। शाहरुख खान ने फिल्म ‘सूबेदार’ की तारीफ करते हुए उन्होंने अनिल कपूर के अभिनय को शानदार बताया था। एक्टर ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था, “सूबेदार पूरी तरह से एंजॉय की। पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है कि वे हर रोल में अपना पूरा दम लगा देते हैं। उनका शांत लेकिन प्रभावी अभिनय प्रेरणादायक है और एक्शन भी बहुत शानदार है। आदित्य रावल, सौरभ शुक्ला, मोना सिंह, फैजल मलिक, राधिका मदान, हर किरदार को अलग-अलग स्टाइल में बनाया गया है और आप सभी ने शानदार काम किया है। सुरेश त्रिवेणी और पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई और ढेर सारा प्यार।”

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹14326 कम होकर ₹2.43 लाख किलो हुई, सोना ₹6438 सस्ता हुआ

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹14326 कम होकर ₹2.43 लाख किलो हुई, सोना ₹6438 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 6,438 रुपए गिरकर 1.48 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 6 जून को 1.54 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.57 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 14,326 रुपए कम हुई। ऑल टाइम हाई से ₹28 हजार गिरा सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 28 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 135 दिन में चांदी 1.43 लाख रुपए सस्ती हो गई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹14326 कम होकर ₹2.43 लाख किलो हुई, सोना ₹6438 सस्ता हुआ

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹14326 कम होकर ₹2.43 लाख किलो हुई, सोना ₹6438 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 6,438 रुपए गिरकर 1.48 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 6 जून को 1.54 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.57 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.43 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 14,326 रुपए कम हुई। ऑल टाइम हाई से ₹28 हजार गिरा सोना इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 28 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 135 दिन में चांदी 1.43 लाख रुपए सस्ती हो गई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं।

PoK में अब तक 46 प्रदर्शनकारियों की मौत:1100 गिरफ्तार; शरणार्थी सीटें खत्म करने के लिए आंदोलन, पाकिस्तानी सेना का विरोध

PoK में अब तक 46 प्रदर्शनकारियों की मौत:1100 गिरफ्तार; शरणार्थी सीटें खत्म करने के लिए आंदोलन, पाकिस्तानी सेना का विरोध

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में बीते 4 दिनों से चल रहे आंदोलन में अब तक 46 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, चार दिनों में 1100 से ज्यादा लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है। दरअसल, PoK में विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। इस वजह से मुजफ्फराबाद, मीरपुर में बाजार, स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद हैं। नेटबंदी भी जारी है। इससे घाटी बाहरी दुनिया से कटी हुई है। कई नेताओं पर राजद्रोह का केस दर्ज इससे प्रदर्शनकारियों का जोश कम नहीं हुआ है। इसके उलट उनमें नाराजगी और बढ़ गई है। JAAC के सदस्य धरने की तैयारी तेज कर रहे हैं। पाक आर्मी-सरकार ने पूंछ, मीरपुर व मुजफ्फराबाद में अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनाती के आदेश दिए हैं। इनमें रेंजर्स व फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी के जवान शामिल हैं। वहीं, प्रशासन ने जेएएसी नेताओं शौकत नवाज मीर, ख्वाजा मेहरान व अन्य पर राजद्रोह केस दर्ज किए हैं। सरकार अर्धसैनिक बलों का खौफ दिखा आंदोलन कुचलने की कोशिश कर रही है। सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। नेटबंदी में स्टारलिंक से लाइव आने का शक रावलाकोट में JAAC नेता उमर नजीर कश्मीरी ने सरकार-आर्मी के खिलाफ भाषण दिया। वे सप्ताहांत से छिपे हुए थे। उन्होंने घाटी से सुरक्षाबल हटाने की मांग की। वहीं, PoK में नेटबंदी के बावजूद भाषण लाइव हुआ। लाइव टेलीकास्ट के लिए स्टारलिंक इस्तेमाल का शक है। दवा-राशन की किल्लत, लंदन-न्ययॅार्क में विरोध PoK में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दवाओं और खाद्य सामग्री तक की किल्लत हो रही है। बाजार बंद होने से जनजीवन ठप है। PoK संकट पर लंदन और न्यूयॉर्क तक में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध दर्ज हुआ। भारत में भी पाक विरोधी गुस्सा सड़कों पर दिखा PoK में हुए कत्लेआम के खिलाफ भारत के कश्मीर में पाक विरोधी गुस्सा सड़कों पर दिखा। शुक्रवार को श्रीनगर समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। लाल चौक पर पाकिस्तान मुर्दाबाद, खूनखराबा बंद करो और निर्दोषों की हत्या बंद करो जैसे नारे लगे। मानवाधिकार कार्यकर्ता जावेद बेग ने आरोप लगाया कि PoK को मुसलमानों का कत्लगाह बना दिया गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि PoK में दमन हो रहा है और कई लोग मारे गए हैं। फारूक ने यूएन मानवाधिकार समिति से जांच की मांग की। उन्होंने कहा, यूएन, फैक्ट फाइंडिंग मिशन भेजे। श्रीनगर के सोनवार इलाके में यूएन ऑफिस के बाहर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने PoK में हुई मौतों की स्वतंत्र जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र को ज्ञापन सौंपा। PoK में 27 जुलाई को चुनाव होंगे गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं। ————————— प्रदर्शन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें PoK में हिंसा, 30 की मौत, 200 से ज्यादा घायल:विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढ़ें

PoK में अब तक 46 प्रदर्शनकारियों की मौत:1100 गिरफ्तार; शरणार्थी सीटें खत्म करने के लिए आंदोलन, पाकिस्तानी सेना का विरोध

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में बीते 4 दिनों से चल रहे आंदोलन में अब तक 46 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, चार दिनों में 1100 से ज्यादा लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है। दरअसल, PoK में विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। इस वजह से मुजफ्फराबाद, मीरपुर में बाजार, स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद हैं। नेटबंदी भी जारी है। इससे घाटी बाहरी दुनिया से कटी हुई है। कई नेताओं पर राजद्रोह का केस दर्ज इससे प्रदर्शनकारियों का जोश कम नहीं हुआ है। उनमें नाराजगी और बढ़ गई है। JAAC के सदस्य धरने की तैयारी तेज कर रहे हैं। पाकिस्तानी आर्मी और सरकार ने पुंछ, मीरपुर और मुजफ्फराबाद में अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनाती के आदेश दिए हैं। इनमें रेंजर्स और फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी के जवान शामिल हैं। प्रशासन ने प्रदर्शन समर्थक जेएएसी नेताओं शौकत नवाज मीर, ख्वाजा मेहरान और अन्य पर राजद्रोह के केस दर्ज किए हैं। सरकार अर्धसैनिक बलों का खौफ दिखाकर आंदोलन कुचलने की कोशिश कर रही है। सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इलाके में नेटबंदी, स्टारलिंक से लाइव का शक रावलकोट में JAAC नेता उमर नजीर कश्मीरी ने सरकार और आर्मी के खिलाफ भाषण दिया। वे पिछले हफ्ते से छिपे हुए थे। उन्होंने घाटी से सुरक्षाबल हटाने की मांग की। वहीं, PoK में नेटबंदी के बावजूद भाषण लाइव हुआ। लाइव टेलीकास्ट के लिए स्टारलिंक इस्तेमाल का शक है। दवा-राशन की किल्लत, लंदन-न्यूयॉर्क में विरोध PoK में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दवाओं और खाद्य सामग्री तक की किल्लत हो रही है। बाजार बंद होने से जनजीवन ठप है। PoK संकट पर लंदन और न्यूयॉर्क तक में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध दर्ज हुआ। भारत में भी पाकिस्तान विरोधी गुस्सा सड़कों पर दिखा PoK में हुए कत्लेआम के खिलाफ भारत के कश्मीर में पाकिस्तान विरोधी गुस्सा सड़कों पर दिखा। शुक्रवार को श्रीनगर समेत कई जगहों पर पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए। लाल चौक पर पाकिस्तान मुर्दाबाद, खूनखराबा बंद करो और निर्दोषों की हत्या बंद करो जैसे नारे लगे। मानवाधिकार कार्यकर्ता जावेद बेग ने आरोप लगाया कि PoK को मुसलमानों का कत्लगाह बना दिया गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि PoK में दमन हो रहा है और कई लोग मारे गए हैं। फारूक ने यूएन मानवाधिकार समिति से जांच की मांग की। उन्होंने कहा, यूएन, फैक्ट फाइंडिंग मिशन भेजे। श्रीनगर के सोनवार इलाके में यूएन ऑफिस के बाहर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने PoK में हुई मौतों की स्वतंत्र जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र को ज्ञापन सौंपा। PoK में 27 जुलाई को चुनाव होंगे गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं। ————————— प्रदर्शन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… PoK में हिंसा, 30 की मौत, 200 से ज्यादा घायल: विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। पूरी खबर पढ़ें

2 तेज गेंदबाजों ने छोड़ा राजस्थान का साथ:अब हरियाणा और गुजरात से खेलेंगे; IPL में 154Km/ घंटे की रफ्तार से कर चुके बॉलिंग

2 तेज गेंदबाजों ने छोड़ा राजस्थान का साथ:अब हरियाणा और गुजरात से खेलेंगे; IPL में 154Km/ घंटे की रफ्तार से कर चुके बॉलिंग

राजस्थान के 2 तेज गेंदबाज अशोक शर्मा और गणेश सुथार अब राजस्थान की ओर से क्रिकेट नहीं खेलेंगे। दोनों खिलाड़ियों ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) ले ली है। अशोक शर्मा गुजरात और गणेश सुथार हरियाणा की टीम से अपना क्रिकेट करियर आगे बढ़ाएंगे। दोनों खिलाड़ियों का जाना राजस्थान क्रिकेट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में दोनों गेंदबाजों ने घरेलू क्रिकेट में अपनी तेज गेंदबाजी से अलग पहचान बनाई थी। खासकर अशोक शर्मा ने पिछले सीजन में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं (सिलेक्टरों) और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा था, जबकि गणेश सुथार भी लगातार अपनी रफ्तार और प्रतिभा के दम पर चर्चा में रहे हैं। अशोक शर्मा आईपीएल (IPL) में गुजरात टाइटंस की ओर से खेल चुके हैं। इस सीजन में उन्होंने 154 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की थी। खिलाड़ियों को नहीं रोकेंगे आरसीए एडहॉक कमेटी के सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने दोनों खिलाड़ियों के राजस्थान छोड़ने की पुष्टि की। उन्होंने कहा- अशोक शर्मा और गणेश सुथार आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसमें राजस्थान क्रिकेट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आईपीएल तक का सफर हो या राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना, दोनों खिलाड़ियों ने राजस्थान में रहकर ही अपनी प्रतिभा को निखारा है। अगर उन्हें लगता है कि किसी दूसरे राज्य में उनके लिए बेहतर अवसर मौजूद हैं, तो हम उनके निर्णय का सम्मान करते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। सिंघवी ने स्पष्ट किया कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन किसी भी खिलाड़ी के करियर की राह में बाधा नहीं बनना चाहती। सिर्फ अशोक और गणेश ही नहीं, बल्कि राजस्थान से खेलने वाले किसी भी खिलाड़ी को अगर कहीं बेहतर मौका मिलता है और उसे लगता है कि वहां वह अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है, तो हम उसे रोकने के पक्ष में नहीं हैं। खिलाड़ियों से की गई थी बातचीत अरिष्ट सिंघवी ने बताया- एडहॉक कमेटी के संयोजक और सभी सदस्यों ने दोनों खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की थी। इस दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि कहीं राजस्थान क्रिकेट व्यवस्था से उन्हें कोई शिकायत तो नहीं है, लेकिन उन्होंने राजस्थान क्रिकेट को लेकर किसी तरह की नाराजगी या शिकायत नहीं जताई। उनका मानना था कि दूसरे राज्यों में उन्हें अपने करियर के लिए अधिक अवसर मिल सकते हैं। इसी वजह से उन्होंने यह फैसला लिया है। सिंघवी ने कहा कि एक तेज गेंदबाज का करियर काफी चुनौतीपूर्ण होता है। मुझे लगता है कि किसी भी फास्ट बॉलर का पीक टाइम चार से पांच साल का होता है। ऐसे में अगर खिलाड़ी को अपने भविष्य के लिए बेहतर विकल्प दिखाई देते हैं, तो वह अपने करियर को ध्यान में रखते हुए फैसला लेता है। हम उनके इस निर्णय का समर्थन करते हैं। राजस्थान टीम पर नहीं पड़ेगा ज्यादा असर आरसीए एडहॉक कमेटी के सदस्य सुशील जैन ने कहा- अशोक शर्मा और गणेश सुथार दोनों प्रतिभाशाली गेंदबाज हैं, लेकिन उनके जाने से राजस्थान क्रिकेट की ताकत कम नहीं होगी। दोनों अच्छे तेज गेंदबाज हैं, लेकिन राजस्थान के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारे पास अनिकेत चौधरी और आकाश सिंह जैसे अनुभवी गेंदबाज हैं, जो किसी भी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। जैन ने कहा कि इस बदलाव का एक सकारात्मक पक्ष भी है कि इससे नए खिलाड़ियों के लिए मौके पैदा होंगे। चेतन शर्मा, दीपेंद्र और कई अन्य युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट खेल चुके हैं। उनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा मौका होगा। राजस्थान की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत है और टीम भविष्य में भी प्रतिस्पर्धी बनी रहेगी। गुजरात में ज्यादा अवसर दिखे तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने कहा- राजस्थान क्रिकेट से उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी, लेकिन करियर को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने गुजरात का रुख करने का निर्णय लिया। मैं राजस्थान में पूरी तरह संतुष्ट था और यहां मुझे किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी। मुझे लगा कि गुजरात में मेरे लिए अधिक अवसर मौजूद हैं। इसी वजह से मैंने वहां से खेलने का फैसला किया है। पिछले साल भी गुजरात मैनेजमेंट ने मुझसे बात की थी, लेकिन तब मैं फैसला नहीं कर पाया। इस बार गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अनिल पटेल से बातचीत हुई। मुझे लगा कि वहां मेरे लिए ज्यादा मौके हैं, इसलिए मैंने यह कदम उठाया। हरियाणा से नई शुरुआत करेंगे तेज गेंदबाज गणेश सुथार ने भी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से एनओसी लेने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा- अब अपने क्रिकेट करियर की आगे की ग्रोथ और नए अवसरों के लिए मैं हरियाणा की ओर से खेलूंगा। आईपीएल और सीएसके कैंप से बनाई पहचान अशोक शर्मा और गणेश सुथार दोनों राजस्थान क्रिकेट के उभरते हुए तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। अशोक शर्मा ने पिछले घरेलू सत्र में अपनी गेंदबाजी से शानदार प्रदर्शन किया था। उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर उन्हें आईपीएल में गुजरात फ्रेंचाइजी ने मौका दिया था। गणेश सुथार को भी बड़ी पहचान तब मिली जब वह चेन्नई सुपर किंग्स के नेट गेंदबाज बने। सीएसके के कैंप में उनकी गेंदबाजी से कई सीनियर खिलाड़ी प्रभावित हुए थे। इसके बाद से उन्हें भविष्य के प्रतिभाशाली तेज गेंदबाजों में गिना जाने लगा। राजस्थान क्रिकेट के लिए नई चुनौती अशोक शर्मा और गणेश सुथार का दूसरे राज्यों की ओर रुख करना राजस्थान क्रिकेट के लिए एक बड़ा बदलाव है। हालांकि आरसीए का मानना है कि राज्य में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और नए खिलाड़ी इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी पहचान बनाएंगे। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि गुजरात और हरियाणा की नई टीमों में ये दोनों तेज गेंदबाज किस तरह का प्रदर्शन करते हैं और अपने करियर को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। वहीं राजस्थान क्रिकेट भी नए चेहरों के साथ अपनी तेज गेंदबाजी को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है।

टीएमसी संकट लाइव अपडेट: बागी सांसद स्पीकर ओम बिरला से मिलेंगे, ‘असली टीएमसी’ के रूप में मान्यता की मांग करेंगे

टीएमसी संकट लाइव अपडेट: बागी सांसद स्पीकर ओम बिरला से मिलेंगे, 'असली टीएमसी' के रूप में मान्यता की मांग करेंगे

टीएमसी राज्यसभा सांसद संकट लाइव अपडेट: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी संकट के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी रविवार को दिल्ली में असंतुष्ट टीएमसी सांसदों से मुलाकात करेंगे। बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करने वाले हैं। बसुनिया ने कहा कि लगभग 20 असंतुष्ट सांसद “असली टीएमसी” के रूप में मान्यता मांगेंगे। इस गुट का नेतृत्व काकोली घोष दस्तीदार कर रहे हैं और यह तृणमूल कांग्रेस के भीतर विद्रोह के केंद्र के रूप में उभरा है। संकट पार्टी रैंकों में फैला हुआ है: तृणमूल कांग्रेस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है, अब सांसदों, विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच असंतोष दिखाई देने लगा है। ताजा मुद्दा तब आया जब अनुभवी नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की आलोचना की। उन्होंने उन पर अहंकार का आरोप लगाया और कहा कि वह अब कानूनी मामलों में उनका प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे। कल्याण बनर्जी ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को उनके और उनके भतीजे के बीच चयन करने की चुनौती भी दी, जिससे संकेत मिलता है कि पार्टी में उनका भविष्य उनके फैसले पर निर्भर हो सकता है। संसदीय स्तर पर, काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि लगभग 20 सांसद असंतुष्ट खेमे का समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि समूह भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का समर्थन करने को इच्छुक होगा। सांसदों के इस्तीफे: इस्तीफों की एक श्रृंखला से भी पार्टी को झटका लगा है। वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रे के पहले इस्तीफे के बाद राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने संसद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। कई सांसद असंतुष्ट खेमे में शामिल हो गए हैं, जिनमें यूसुफ पठान, अबू ताहेर खान, पार्थ भौमिक, काकोली घोष दस्तीदार, बापी हलदर, सायोनी घोष, रचना बनर्जी, असित मल, के रहमान, शर्मिला सरकार, मिताली बाग, शत्रुघ्न सिन्हा, कालीपद सोरेन, जून मालिया, माला रॉय, देव अधिकारी, शताब्दी रॉय, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया और अरूप चक्रवर्ती शामिल हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी संकट लाइव(टी)टीएमसी समाचार(टी)टीएमसी और कांग्रेस(टी)टीएमसी का कांग्रेस में विलय(टी)टीएमसी नवीनतम समाचार(टी)टीएमसी समाचार आज(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी राज्य सभा एमपी(टी)टीएमसी कांग्रेस(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)टीएमसी संकट लाइव(टी)ममता बनर्जी(टी)सोनिया गांधी(टी)राहुल गांधी(टी)तृणमूल कांग्रेस विलय(टी)टीएमसी-कांग्रेस गठबंधन वार्ता(टी)बंगाल राजनीति नवीनतम समाचार(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)बीजेपी(टी)सायोनी घोष(टी)रीताब्रतो चटर्जी टीएमसी विद्रोह(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)टीएमसी इस्तीफे(टी)राहुल गांधी अभिषेक बनर्जी बैठक(टी)भारत ब्लॉक रणनीति(टी)ममता बनर्जी सोनिया गांधी बैठक(टी)बागी टीएमसी विधायक(टी)सुखेंदु शेखर रे का इस्तीफा(टी)सुष्मिता देव का इस्तीफा(टी)टीएमसी पार्षदों का इस्तीफा(टी)पश्चिम बंगाल कांग्रेस(टी)ऋतब्रत बनर्जी गुट(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)भाजपा(टी)दिलीप घोष(टी)काकोली(टी)ममता बनर्जी(टी)राहुल गांधी(टी)ऋतब्रतो चटर्जी(टी)सायोनी घोष(टी)सोनिया गांधी(टी)सुष्मिता देव(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)टीएमसी संकट लाइव(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)टीएमसी संकट(टी)टीएमसी संकट लाइव(टी)टीएमसी संकट समाचार

हरियाणा CM सैनी कंगना रनोट संग देखेंगे मूवी:एक दिन पहले दिल्ली में मुलाकात पर बना प्लान; BBV के स्पेशल शो में पहुंचेंगे

हरियाणा CM सैनी कंगना रनोट संग देखेंगे मूवी:एक दिन पहले दिल्ली में मुलाकात पर बना प्लान; BBV के स्पेशल शो में पहुंचेंगे

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार शाम अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट के साथ उनकी नई फिल्म भारत भाग्य विधाता (BBV) का विशेष प्रदर्शन देखेंगे। मुख्यमंत्री और कंगना चंडीगढ़ में आयोजित शाम के शो में एक साथ मौजूद रहेंगे। बता दें कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री सैनी और कंगना की दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच फिल्म और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार, उसी मुलाकात के दौरान फिल्म के विशेष प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा हुई थी। फिल्म में कंगना का लीड रोल फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में कंगना रनोट मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। फिल्म देशभक्ति, नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर आधारित बताई जा रही है। रिलीज के बाद फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है। मुख्यमंत्री सैनी का यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में हरियाणा सरकार राज्य में फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री का किसी फिल्म के विशेष प्रदर्शन में शामिल होना सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के नजरिए से भी देखा जा रहा है। इसलिए हो रही चर्चा राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कंगना रनोट न केवल फिल्म जगत की चर्चित हस्ती हैं, बल्कि सांसद होने के कारण उनकी राजनीतिक पहचान भी मजबूत हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री और कंगना का एक साथ फिल्म देखना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को दिल्ली दौरे पर थे। इस दौरान उनकी कंगना रनोट से मुलाकात हुई। दोनों की तस्वीरें और मुलाकात की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। अब अगले ही दिन चंडीगढ़ में फिल्म के विशेष शो में दोनों की मौजूदगी इस चर्चा को और बढ़ा रही है।

हरियाणा CM सैनी कंगना रनोट संग देखेंगे मूवी:एक दिन पहले दिल्ली में मुलाकात पर बना प्लान; BBV के स्पेशल शो में पहुंचेंगे

हरियाणा CM सैनी कंगना रनोट संग देखेंगे मूवी:एक दिन पहले दिल्ली में मुलाकात पर बना प्लान; BBV के स्पेशल शो में पहुंचेंगे

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार शाम अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट के साथ उनकी नई फिल्म भारत भाग्य विधाता (BBV) का विशेष प्रदर्शन देखेंगे। मुख्यमंत्री और कंगना चंडीगढ़ में आयोजित शाम के शो में एक साथ मौजूद रहेंगे। बता दें कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री सैनी और कंगना की दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच फिल्म और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार, उसी मुलाकात के दौरान फिल्म के विशेष प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा हुई थी। फिल्म में कंगना का लीड रोल फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में कंगना रनोट मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। फिल्म देशभक्ति, नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर आधारित बताई जा रही है। रिलीज के बाद फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है। मुख्यमंत्री सैनी का यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में हरियाणा सरकार राज्य में फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री का किसी फिल्म के विशेष प्रदर्शन में शामिल होना सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के नजरिए से भी देखा जा रहा है। इसलिए हो रही चर्चा राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कंगना रनोट न केवल फिल्म जगत की चर्चित हस्ती हैं, बल्कि सांसद होने के कारण उनकी राजनीतिक पहचान भी मजबूत हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री और कंगना का एक साथ फिल्म देखना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को दिल्ली दौरे पर थे। इस दौरान उनकी कंगना रनोट से मुलाकात हुई। दोनों की तस्वीरें और मुलाकात की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। अब अगले ही दिन चंडीगढ़ में फिल्म के विशेष शो में दोनों की मौजूदगी इस चर्चा को और बढ़ा रही है।

वाराणसी में जसपाल राणा का अंतिम संस्कार आज:चार्टर्ड प्लेन से पहुंच रही पार्थिव देह; खुद चुना था मणिकर्णिका घाट

वाराणसी में जसपाल राणा का अंतिम संस्कार आज:चार्टर्ड प्लेन से पहुंच रही पार्थिव देह; खुद चुना था मणिकर्णिका घाट

उत्तराखंड में जन्मे दिग्गज शूटर, पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्डी जसपाल राणा (49) का अंतिम संस्कार आज वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। आज दोपहर उनका पार्थिव शरीर देहरादून के जोलीग्रांट एयरपोर्ट से चार्टर्ड प्लेन के जरिए वाराणसी के लिए रवाना हो गया। सूत्रों के अनुसार खेल और राजनीति जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। वाराणसी पहुंचने के बाद मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किए जाने की तैयारी है। पार्थिव शरीर के साथ राणा के पिता नारायण सिंह राणा, पत्नी आरुषि, बेटा युवराज, बेटी देवांशी, बहन सुषमा और छोटा भाई सुभाष राणा भी वाराणसी के लिए रवाना हुए हैं। शुक्रवार रात उनके पैतृक गांव में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कई राष्ट्रीय खिलाड़ी, राजनीतिक हस्तियां और बड़ी संख्या में शुभचिंतक उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। 11 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे राणा जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। वह पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के अनुसार जर्मनी से भारत लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से खेल जगत, राजनीतिक गलियारों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। टिहरी के रहने वाले, फिर वाराणसी में क्यों होगा अंतिम संस्कार जसपाल राणा का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी जिले से जुड़ा है, लेकिन उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया जा रहा है। इसके पीछे उनकी अपनी अंतिम इच्छा बताई जा रही है। राणा के चाचा राजेंद्र राणा के अनुसार, जसपाल राणा ने कई बार परिवार के सामने इच्छा जताई थी कि उनका अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर किया जाए। इसी वजह से परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए वाराणसी में अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया। मणिकर्णिका घाट को हिंदू धर्म में मोक्ष प्राप्ति से जुड़ा सबसे पवित्र श्मशान घाटों में माना जाता है। गुरु को अंतिम विदाई देते वक्त रो पड़ीं मनु भाकर ओलिंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर बीते कल ही अपने कोच जसपाल राणा को अंतिम विदाई देने शुक्रवार शाम देहरादून पहुंच गईं थी। कोच के पार्थिव शरीर को देख वह खुद को रोक नहीं पाईं और जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा से लिपटकर रो पड़ीं। मनु भाकर के करियर में जसपाल राणा की भूमिका बेहद अहम रही है। जूनियर स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में उन्होंने मनु को लगातार मार्गदर्शन दिया। पेरिस ओलिंपिक में मनु के दो पदकों के पीछे भी जसपाल राणा के प्रशिक्षण और अनुभव को बड़ी वजह माना जाता है। 600 से ज्यादा मेडल, 2006 एशियाड में रचा इतिहास जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके नाम 600 से अधिक पदक दर्ज हैं। 1994 में मिलान में हुई जूनियर वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उसी साल हिरोशिमा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 2006 दोहा एशियन गेम्स उनके करियर का स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। वहां उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 590 अंक का वर्ल्ड-इक्वलिंग स्कोर बनाया और तीन गोल्ड तथा एक सिल्वर मेडल जीता। राहुल गांधी से शूटिंग रेंज में शुरू हुई दोस्ती जसपाल राणा का रिश्ता सिर्फ खेल जगत तक सीमित नहीं था। उनकी राहुल गांधी के साथ साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ ही व्यक्तिगत रिश्ते थे। कुछ परिवारिक सूत्रों की मानें तो राणा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पहली मुलाकात भी शूटिंग रेंज में हुई थी। निशानेबाजी के साझा शौक ने दोनों को करीब लाया और बाद में राजनीति में आने के बाद भी यह रिश्ता बना रहा। 2012 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद जसपाल राणा पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय दिखे। राहुल गांधी के साथ उनकी कई मुलाकातें और सार्वजनिक कार्यक्रम चर्चा में रहे। उनके निधन पर राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त करते हुए भारतीय शूटिंग में उनके योगदान को याद किया। बीजेपी से कांग्रेस तक, पिता अलग दल में रहे खेल के बाद जसपाल राणा राजनीति में भी सक्रिय हुए। 2009 में वे बीजेपी के टिकट पर टिहरी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे, हालांकि जीत नहीं सके। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। उस समय उनके पिता नारायण सिंह राणा बीजेपी में सक्रिय थे, जबकि जसपाल कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे थे। पिता-पुत्र की अलग-अलग राजनीतिक राह उस दौर में उत्तराखंड की चर्चित राजनीतिक कहानियों में शामिल रही। राजनाथ सिंह परिवार से भी जुड़ा था रिश्ता जसपाल राणा की बहन सुषमा सिंह की शादी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और नोएडा विधायक पंकज सिंह से हुई है। इस रिश्ते के चलते उनका परिवार देश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों से भी जुड़ा रहा। खेल, राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहने वाले जसपाल राणा अपने पीछे ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसमें मेडल, रिकॉर्ड, शिष्य और प्रेरणा की लंबी श्रृंखला शामिल है। ———————— ये खबर पढ़ें… उत्तराखंड के शूटर जसपाल राणा को अंतिम विदाई:कोच के पार्थिव शरीर को देख रो पड़ीं मनु भाकर, कल वाराणसी में होगा अंतिम संस्कार उत्तराखंड के दिग्गज शूटर और पद्मश्री सम्मानित जसपाल राणा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 49 वर्षीय राणा पिछले 11 दिनों से दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती थे। जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। शुक्रवार शाम उनका पार्थिव शरीर देहरादून के पोंदा स्थित मझोन गांव में उनके आवास पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी हुई है। (पढ़ें पूरी खबर)