अजय स्टारर ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट फिर बदली:तय समय से एक हफ्ते पहले हंसाएगी फिल्म; 10 जुलाई को सिनेमाघरों में हो सकती है रिलीज

कॉमेडी फ्रेंचाइज ‘धमाल’ की चौथी फिल्म ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट में बदलाव किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार…‘फिल्म पहले 17 जुलाई को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसे एक सप्ताह पहले 10 जुलाई को सिनेमाघरों में लाने की तैयारी है। हालांकि, मेकर्स की ओर से अभी घोषणा नहीं की गई है।’ रिपोर्ट के मुताबिक ‘अल्फा’ की रिलीज 10 जुलाई के बजाय 3 जुलाई किए जाने की चर्चा के बाद 10 जुलाई की तारीख खाली हो गई। इसी को देखते हुए ‘धमाल 4’ के मेकर्स ने अपनी फिल्म को उस स्लॉट में रिलीज करने का फैसला लिया है।’ फिल्म का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है। इसमें फ्रेंचाइज के पुराने कलाकार अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, संजय मिश्रा और जावेद जाफरी एक बार फिर नजर आएंगे। इनके अलावा ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, अंजलि आनंद, उपेंद्र लिमये, विजय पाटकर और रवि किशन भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। ‘ धमाल’ सीरीज की शुरुआत धमाल से हुई थी, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था। इसके बाद डबल धमाल और टोटल धमाल भी बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं। खास तौर पर ‘टोटल धमाल’ ने 154 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया था। फिल्म का निर्माण टी-सीरीज, देवगन फिल्म्स, मारुति इंटरनेशनल और पैनोरमा स्टूडियोज के बैनर तले किया गया है। फ्रेंचाइज की लोकप्रियता को देखते हुए ‘धमाल 4’ से भी काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।
संतोष मिश्रा उर्फ जमील खान से खास बातचीत:‘गुल्लक’ की सफलता का राज है इसकी सच्चाई; पांचवें सीजन में दर्शकों का प्यार देख बढ़ाए एपिसोड

जमील खान इन दिनों ‘गुल्लक 5’ को लेकर चर्चा में हैं। वे इस सीरीज में एक बार फिर संतोष मिश्रा के किरदार में नजर आ रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने ‘गुल्लक’ और अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर कई बातें साझा कीं। ‘गुल्लक 5’ आ गया है, इस उपलब्धि को किस तरह से देखते हैं? यह ओटीटी का पहला शो है, जिसका पांचवां सीजन आ रहा है। ऊपरवाले की कृपा है। ऊपरवाले से यही दुआ करूंगा कि पांचवां क्या, यह सीजन-दर-सीजन आता रहे और दर्शकों का मनोरंजन करता रहे। इसे लेकर हम लोग बहुत ज्यादा एक्साइटेड हैं। आशा है कि इस बार भी उतना ही प्यार मिले। जितना पहले सफल रहा है, उससे भी ज्यादा सफल शो साबित हो। ‘गुल्लक’ की जिस वजह से पहचान बनी है, वे सारी चीजें इसमें भी हैं। 2019 से अब तक ‘गुल्लक’ के लय को कैसे पकड़कर रखते आए हैं? देखिए, हम प्रोफेशनल एक्टर हैं। यह कोई मुश्किल काम नहीं है। बाकी जब सीजन शुरू होने वाला होता है, तब स्क्रिप्ट हमारे पास आ जाती है। हम सब मिल-जुलकर वर्कशाप और रीडिंग करते हैं, जिसके अंतर्गत वह सुर बिठाने की कोशिश करते हैं। फ्लोर पर जाने से पहले वह सुर बिठा ही लेते हैं। आपके अनुसार किसी शो को सफल बनाने का मूलमंत्र क्या होता है? मुझे लगता है कि अपने काम को लेकर एक सच्चाई होनी चाहिए। इसके साथ यह जज्बा भी होना चाहिए कि हमारे पास जो चीज है, वह किसी और के पास नहीं है। हमने जो बनाया है, उसे हमें बरकरार रखना है। बहुत बार ऐसा होता है कि पैसों या कोताही के चक्कर में चीजें डगमगा जाती हैं। मेरे खयाल में चाहे हम एक्टर्स हों, टीवीएफ हो या सोनी लिव, अगर हम तीनों अलग-अलग गुट पकड़ लें, तब भी तीनों के अंदर वह जज्बा है कि नहीं भई, इसको डगमगाने नहीं देंगे। हम उतने ही पैशन, लगन और डेडिकेशन के साथ काम करते हैं। हम इसे किसी भी कीमत पर बिखरने नहीं देंगे। हम तीनों इसमें पूरी मेहनत झोंक देते हैं और कहीं से कोई कमी नहीं छोड़ते। कभी-कभी हमारे फैसले, हमारी पसंद-नापसंद या चीजों को देखने-समझने का हमारा नजरिया गलत भी हो सकता है। हमें लगता है कि यह किस्सा, यह संवाद या यह चीज कमाल की है, लेकिन हो सकता है कि वह दर्शकों को उतनी पसंद न आए। पांचवें सीजन में सात एपिसोड आने की वजह क्या रही? सात एपिसोड आने की वजह इसकी लोकप्रियता है। हालांकि मुझसे पूछा जाए, तब पांच एपिसोड भी काफी रहते हैं। इससे लोगों में उत्सुकता बनी रहती है। उस अहसास के साथ ऑडियंस को छोड़ना ज्यादा अच्छा लगता है। हालांकि सात एपिसोड भी बहुत ज्यादा नहीं हैं। सीजन-5 है, इसलिए क्रिएटर्स को लगता होगा कि इतने सालों से दर्शक ज्यादा एपिसोड की मांग कर रहे हैं, तो उन्हें थोड़ा और दिया जाए। मुझे लगता है कि लोगों की इतनी मोहब्बत है कि वे सात नहीं, दस एपिसोड भी मांग सकते हैं। शो की सफलता पेशेवर जिंदगी में किस तरह का बदलाव लाई? जाहिर है कि सफलता बहुत मीठी होती है और जिंदगी में अच्छे बदलाव लाती है। मेरे लिए इस शो की सबसे बड़ी नियामत यह है कि ऑडियंस से खूब मोहब्बत मिलती है। मुझे आज तक पब्लिक का इतना प्रेम कभी नहीं मिला। हां, मैंने जो काम किया है, उससे शौहरत मिली है।
हैरी ब्रूक दुनिया के नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने:ICC रैंकिंग में जो रूट को पीछे छोड़ा; शुभमन गिल आठवें नंबर पर पहुंचे

इंग्लैंड के उप-कप्तान हैरी ब्रूक दूसरी बार ICC पुरुष टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं। बुधवार को जारी ताजा ICC रैंकिंग में उन्होंने जो रूट को पीछे छोड़ा। ट्रेविस हेड दूसरे और जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में शतक जड़ने का फायदा मिला है। वह 10वें से 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ब्रूक ने लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक जड़ा था न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए WTC के कम स्कोर वाले पहले मुकाबले में ब्रूक ने पहली पारी में अर्धशतक जड़ा था। इंग्लैंड ने यह मैच 115 रनों से जीता। इस प्रदर्शन का फायदा ब्रूक को रैंकिंग में मिला। दिसंबर 2024 में भी हैरी ब्रूक पहली बार नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने थे, जिसे उन्होंने अब दोबारा हासिल कर लिया है। ट्रेविस हेड दूसरे स्थान पर पहुंचे लॉर्ड्स टेस्ट में जो रूट का बल्ला शांत रहा था। वे दोनों पारियों में 1 और 8 रन ही बना सके। इस प्रदर्शन के चलते रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड अब दुनिया के दूसरे नंबर के टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। भारतीय स्टार शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा ताजा रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों को भी फायदा हुआ है। अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जड़ने वाले शुभमन गिल दो पायदान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के बेन डकेट तीन स्थान के सुधार के साथ 15वें नंबर पर आ गए हैं। जेमी स्मिथ 5 पायदान चढ़कर 23वें और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स 15 स्थान चढ़कर 40वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में गस एटकिंसन की टॉप-10 में एंट्री लॉर्ड्स टेस्ट की आखिरी पारी में 30 रन देकर 5 विकेट लेने वाले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को फायदा हुआ है। वे टेस्ट रैंकिंग में 7 पायदान ऊपर चढ़कर 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वे ऑलराउंडर्स की लिस्ट में भी दो स्थान के सुधार के साथ छठे नंबर पर आ गए हैं। लंबे ब्रेक के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे काइल जैमीसन 22वें और ओली रॉबिन्सन 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि नाथन स्मिथ 16 पायदान चढ़कर 43वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे रैंकिंग: पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर पहुंचे ICC की ताजा वनडे (ODI) रैंकिंग में भी बड़े बदलाव हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद ने 6 विकेट चटकाए, जिससे वे वनडे गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। शाहीन शाह अफरीदी भी 7 विकेट लेने के बाद चार पायदान चढ़कर 9वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस 13 स्थान के सुधार के साथ 31वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मीरपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के नाहिद राणा 23 पायदान चढ़कर 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे बल्लेबाजों में श्रीलंका के कुसल मेंडिस 12वें, जनिथ लियानगे 22वें और बांग्लादेश के तंजीद हसन 33वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर:फिटनेस टेस्ट के दौरान चोट लगी; एक दिन पहले फिट घोषित किया गया था ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में मंगलवार को फिटनेस टेस्ट पास करने के कुछ ही घंटों बाद हार्दिक को जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव (हैमस्ट्रिंग) आ गया। सीरीज 13 जून से शुरू हो रही है। पूरी खबर
इंग्लैंड के ब्रूक नंबर-1 टेस्ट बैटर:जो रूट को पीछे छोड़ा, गिल आठवें नंबर पर पहुंचे; बॉलर्स में बुमराह टॉप पर

इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ICC टेस्ट बैटर रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने करियर में दूसरी बार यह पोजिशन हासिल की है। बुधवार को जारी रैंकिंग में उन्होंने इंग्लैंड के ही जो रूट को पीछे छोड़ा। ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड दूसरे और जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा हुआ है। वे 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट में 126 रन की पारी खेली थी। ब्रूक को अर्धशतक का फायदा मिला न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट में ब्रूक ने अर्धशतक जड़ा था। इंग्लैंड ने यह मैच 115 रनों से जीता। इस प्रदर्शन का फायदा ब्रूक को रैंकिंग में मिला। दिसंबर 2024 में भी हैरी ब्रूक पहली बार नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने थे। ट्रेविस हेड दूसरे स्थान पर पहुंचे लॉर्ड्स टेस्ट में जो रूट का बल्ला शांत रहा था। वे दोनों पारियों में 1 और 8 रन ही बना सके। इस प्रदर्शन के चलते रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ट्रेविस हेड अब दुनिया के दूसरे नंबर के टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। भारतीय स्टार शुभमन गिल को दो स्थान का फायदा ताजा रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों को भी फायदा हुआ है। अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जड़ने वाले शुभमन गिल दो पायदान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के बेन डकेट तीन स्थान के सुधार के साथ 15वें नंबर पर आ गए हैं। जेमी स्मिथ 5 पायदान चढ़कर 23वें और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स 15 स्थान चढ़कर 40वें नंबर पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में गस एटकिंसन की टॉप-10 में एंट्री लॉर्ड्स टेस्ट की आखिरी पारी में 30 रन देकर 5 विकेट लेने वाले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन को फायदा हुआ है। वे टेस्ट रैंकिंग में 7 पायदान ऊपर चढ़कर 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वे ऑलराउंडर्स की लिस्ट में भी दो स्थान के सुधार के साथ छठे नंबर पर आ गए हैं। लंबे ब्रेक के बाद टेस्ट क्रिकेट में लौटे काइल जैमीसन 22वें और ओली रॉबिन्सन 23वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि नाथन स्मिथ 16 पायदान चढ़कर 43वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे रैंकिंग: पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर पहुंचे ICC की ताजा वनडे (ODI) रैंकिंग में भी बड़े बदलाव हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद ने 6 विकेट चटकाए, जिससे वे वनडे गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। शाहीन शाह अफरीदी भी 7 विकेट लेने के बाद चार पायदान चढ़कर 9वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस 13 स्थान के सुधार के साथ 31वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मीरपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले बांग्लादेश के नाहिद राणा 23 पायदान चढ़कर 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वनडे बल्लेबाजों में श्रीलंका के कुसल मेंडिस 12वें, जनिथ लियानगे 22वें और बांग्लादेश के तंजीद हसन 33वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर:फिटनेस टेस्ट के दौरान चोट लगी; एक दिन पहले फिट घोषित किया गया था ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में मंगलवार को फिटनेस टेस्ट पास करने के कुछ ही घंटों बाद हार्दिक को जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव (हैमस्ट्रिंग) आ गया। सीरीज 13 जून से शुरू हो रही है। पूरी खबर
मटर पनीर कोफ्ता रेसिपी: रेस्तरां स्टाइल में अब घर पर पक्के स्टीम्ड मटर-पनीर कोफ्ता, फटाफट नोट कर लें रेसिपी

10 जून 2026 को 14:17 IST पर अद्यतन किया गया मटर पनीर कोफ्ता रेसिपी: मटर पनीर कोफ्ता रेसिपी: मटके में मिलने वाली हरी मटर से सभी प्रकार के व्यंजन लोगों को बहुत पसंद आते हैं। यीक्स से एक खास डिश है मटर चीज़ का स्टीम्ड कोफ्ता। जो सिर्फ रेस्तरां तक सीमित नहीं रह रहा बल्कि घर की रसोई में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है। यह व्यंजन स्वाद और पोषण दोनों सबसे अच्छे माने जाते हैं। इसके साथ ही हर थाली को रॉयल बना दिया जाता है। नोट कर लें ये खास रेसिपी। अनुसरण करना : हरी मटर और पनीर से बनी हुई कोफ्ते बनाने के लिए हरी मटर और पनीर से बनी हुई कोफ्ते को तैयार किया जाता है. इसके स्वाद में भी बहुत लाजवाब आता है। छवि: फ्रीपिक कोफ्तों को स्वादिष्ट बनाने के लिए उनके बीच में पनीर का छोटा टुकड़ा डाला जाता है जिससे हर बेबी का स्वाद अलग हो जाता है। इन कोफ्तों को तलने की जगह स्टीम किया जाता है जिससे ये कपड़े और सामान बनते हैं। छवि: फ्रीपिक इस डिश की ग्रेवी इसका और खास नाम है। प्याज, लहसुन, टमाटर और काजू से बनी यह ग्रेवी स्वाद और कॉपर से भरपूर होती है। इसमें पार्टिकल लाल मिर्च पेस्ट का रंग अच्छा दिखाई देता है। छवि: फ्रीपिक इसे इस्तेमाल करने से ज्यादा तीखापन नहीं होता। कसूरी मेथी- गरम मसाला का तड़का इसे रेस्तरां में जैसा स्वाद दिया जाता है। जब स्टीम किए हुए कोफ्ते इस क्रीमी ग्रेवी में डाले जाते हैं तो उनका स्वाद और बढ़ जाता है। छवि: फ्रीपिक कोफ्तों के अंदर तक पहुंच जाती है, हर निवाला स्वादिष्ट लगता है। यह डिश चावल और रोटी दोनों ही बेहतरीन लगती है। मटर पनीर कोफ्ता सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि सेहत के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है। छवि: फ्रीपिक मटर में प्रोटीन-प्रोटीन होता है। पनीर में प्रोटीन और प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। यह डिश बच्चों से लेकर युवाओं तक सभी के लिए नामांकित है और क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति का अच्छा स्रोत है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 10 जून 2026 14:17 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)मटर पनीर कोफ्ता(टी)विंटर रेसिपी(टी)स्टीम्ड कोफ्ता करी(टी)स्वस्थ भारतीय भोजन(टी)पनीर रेसिपी(टी)हरी मटर रेसिपी(टी)शाकाहारी करी(टी)घर का बना कोफ्ता(टी)क्रीमी ग्रेवी रेसिपी(टी)भारतीय शीतकालीन व्यंजन
‘दो नावों में नहीं रहना चाहती’: टीएमसी राज्यसभा सांसद का पद छोड़ने के बाद सुष्मिता देव की पहली प्रतिक्रिया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 13:09 IST सुष्मिता देव दोपहर 1 बजे उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगी और उच्च सदन से अपना इस्तीफा सौंपेंगी। सुष्मिता देव ने दिल्ली में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की। तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी से इस्तीफा देने और राज्यसभा सांसद के रूप में पद छोड़ने के बाद बुधवार को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनका फैसला लंबी राजनीतिक यात्रा और व्यक्तिगत प्रतिबिंब का परिणाम था। यहां लाइव अपडेट्स फॉलो करें अपने इस्तीफे के बाद बोलते हुए, देव ने कहा कि उनके फैसले के पीछे कई कारण थे, लेकिन सुझाव दिया कि राजनीति में हर चीज को सार्वजनिक रूप से समझाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “जिस चीज ने मुझे इस फैसले के लिए प्रेरित किया, वह एक बहुत लंबी कहानी है और राजनीति में, मुझे नहीं लगता कि हर चीज का खुलासा करने की जरूरत है। हालांकि, मुझे लगता है कि मैं दो नावों में नहीं रहना चाहती।” “ममता पर कोई टिप्पणी नहीं” देव ने अपने इस्तीफे के बाद खुद को राजनीतिक रूप से स्वतंत्र बताया। उन्होंने कहा, “आज, मैं एक स्वतंत्र महिला हूं। मैं हिमंत दा (असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा) को लंबे समय से जानती हूं; मैंने उनसे शिष्टाचार मुलाकात की।” उनकी टिप्पणी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात के तुरंत बाद आई, जिससे भाजपा में शामिल होने की उनकी भविष्य की राजनीतिक योजनाओं के बारे में अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, देव ने तत्काल अगले कदम का कोई संकेत नहीं दिया और इस बात पर जोर दिया कि वह तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे घटनाक्रम में शामिल नहीं थीं। उन्होंने कहा, “मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि कौन क्या कर रहा है; साथ ही, मैं सीधे तौर पर बंगाल की राजनीति में शामिल नहीं हूं, क्योंकि मैं असम से हूं। मैं ममता बनर्जी के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करूंगी।” अगला कदम उठाने से पहले समय चाहता है कोई भी नया राजनीतिक निर्णय लेने से पहले समय मांगते हुए, देव ने कहा कि वह एक संक्षिप्त ब्रेक लेना चाहती हैं और अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहती हैं। देव ने कहा, “मैंने अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से इस्तीफा दिया है। हमारे देश में हर किसी को विचार बदलने का अधिकार है। मैं अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।” उन्होंने कहा, “मुझे सोचने के लिए कुछ समय चाहिए। असम मेरा राज्य है और मुझे कुछ सोचने की जरूरत है।” एक हफ्ते में इस्तीफा देने वाले दूसरे सांसद यह इस्तीफा तृणमूल कांग्रेस के लिए एक और झटका है, जो हाल के दिनों में आंतरिक अशांति का सामना कर रही है। सुखेंदु शेखर रे के बाद देव एक हफ्ते के भीतर पार्टी से इस्तीफा देने वाले दूसरे सांसद बने। वह बुधवार दोपहर 1 बजे उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगी और उच्च सदन से अपना इस्तीफा सौंपेंगी। असंतुष्ट नेताओं के दावों के बाद पार्टी के भीतर बढ़ती अनिश्चितता के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है कि कई तृणमूल सांसद खुद को संगठन से दूर कर रहे हैं। देव के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, वरिष्ठ टीएमसी नेता सौगत रॉय ने सीएनएन को बताया कि उनका जाना पार्टी के लिए एक “झटका” था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘दो नावों में नहीं रहना चाहती’: टीएमसी राज्यसभा सांसद का पद छोड़ने के बाद सुष्मिता देव की पहली प्रतिक्रिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) सुष्मिता देव का इस्तीफा(टी) सुष्मिता देव(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)टीएमसी सांसद का इस्तीफा(टी)राज्यसभा का इस्तीफा(टी)असम की राजनीति(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)सुखेंदु शेखर रे(टी)ममता बनर्जी
12 जून से इंग्लैंड में महिला टी20 वर्ल्ड कप:पहली बार मैदान में होंगी 5 गेमचेंजर खिलाड़ी; 12 टीमों में से मिलेगी भविष्य की सुपरस्टार

महिला टी20 वर्ल्ड कप हमेशा से उन खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा मंच रहा है, जो अपनी प्रतिभा को साबित करना चाहती हैं। कई दिग्गज क्रिकेटरों ने अपने करियर की पहचान इसी टूर्नामेंट से बनाई थी। 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू हो रहे वर्ल्ड कप में भी कुछ नए नाम सुर्खियां बटोरने के लिए तैयार हैं। पहली बार 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे नए खिलाड़ियों को अपनी छाप छोड़ने का बड़ा मौका मिलेगा। इनमें पांच खिलाड़ी ऐसी हैं, जो पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेलेंगी और अपनी टीमों की उम्मीदों का केंद्र होंगी। क्रांति गौड़ – भारत की तेज गेंदबाज ने बनाई पहचान 23 वर्षीय क्रांति गौड़ करीब एक साल पहले तक भारतीय क्रिकेट में एक उभरती हुई प्रतिभा थीं, लेकिन अब वे टीम की अहम तेज गेंदबाजों में गिनी जाती हैं। पिछले 12 महीनों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेजी से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने 29 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 35 विकेट झटके हैं। भारत को अगर वर्ल्ड कप में अच्छी शुरुआत चाहिए तो क्रांति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। यह उनका पहला टी20 वर्ल्ड कप है, लेकिन उनसे उम्मीदें किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं हैं। इसी वोंग – ओवर में 8 रन से कम देती है ये पेसर इंग्लैंड की तेज गेंदबाज 24 साल की वोंग लंबे समय से क्रिकेट विशेषज्ञों की नजर में रही हैं। 2023 में वह टीम के साथ रिजर्व खिलाड़ी के रूप में गईं। अब पूरी तरह फिट होकर लौटने वाली वोंग के पास घरेलू परिस्थितियों में खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर है। कायला रेनेके – अफ्रीका अंडर-19 की कप्तान रहीं द. अफ्रीका की 21 वर्षीय कायला रेनेके को भविष्य माना जा रहा है। पूर्व अंडर-19 कप्तान रेनेके ऑफ स्पिनर होने के साथ-साथ निचले क्रम में तेज रन बनाने की क्षमता भी रखती हैं। जॉर्जिया वोल – हीली का विकल्प, 156 का स्ट्रा. रेट 22 वर्षीय युवा बल्लेबाज ने 12 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 156.43 के स्ट्राइक रेट और 39 के शानदार औसत से 474 रन बनाए हैं। एलिसा हीली के संन्यास के बाद जो जगह बनी है, उसे भरने की जिम्मेदारी वोल पर आ सकती है। वर्ल्ड कप जैसा बड़ा मंच उनके लिए खुद को स्थापित करने का अवसर होगा। स्टेरे कालिस- द हंड्रेड का अनुभव आएगा काम नीदरलैंड्स पहली बार महिला टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहा है और टीम की सबसे बड़ी उम्मीद स्टेरे कालिस होंगी। 26 साल की उम्र में उनके पास 64 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है, जिसमें 1949 रन बनाए हैं।
12 जून से इंग्लैंड में महिला टी20 वर्ल्ड कप:पहली बार मैदान में होंगी 5 गेमचेंजर खिलाड़ी; 12 टीमों में से मिलेगी भविष्य की सुपरस्टार

महिला टी20 वर्ल्ड कप हमेशा से उन खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा मंच रहा है, जो अपनी प्रतिभा को साबित करना चाहती हैं। कई दिग्गज क्रिकेटरों ने अपने करियर की पहचान इसी टूर्नामेंट से बनाई थी। 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू हो रहे वर्ल्ड कप में भी कुछ नए नाम सुर्खियां बटोरने के लिए तैयार हैं। पहली बार 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे नए खिलाड़ियों को अपनी छाप छोड़ने का बड़ा मौका मिलेगा। इनमें पांच खिलाड़ी ऐसी हैं, जो पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेलेंगी और अपनी टीमों की उम्मीदों का केंद्र होंगी। क्रांति गौड़ – भारत की तेज गेंदबाज ने बनाई पहचान 23 वर्षीय क्रांति गौड़ करीब एक साल पहले तक भारतीय क्रिकेट में एक उभरती हुई प्रतिभा थीं, लेकिन अब वे टीम की अहम तेज गेंदबाजों में गिनी जाती हैं। पिछले 12 महीनों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेजी से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने 29 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 35 विकेट झटके हैं। भारत को अगर वर्ल्ड कप में अच्छी शुरुआत चाहिए तो क्रांति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। यह उनका पहला टी20 वर्ल्ड कप है, लेकिन उनसे उम्मीदें किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं हैं। इसी वोंग – ओवर में 8 रन से कम देती है ये पेसर इंग्लैंड की तेज गेंदबाज 24 साल की वोंग लंबे समय से क्रिकेट विशेषज्ञों की नजर में रही हैं। 2023 में वह टीम के साथ रिजर्व खिलाड़ी के रूप में गईं। अब पूरी तरह फिट होकर लौटने वाली वोंग के पास घरेलू परिस्थितियों में खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर है। कायला रेनेके – अफ्रीका अंडर-19 की कप्तान रहीं द. अफ्रीका की 21 वर्षीय कायला रेनेके को भविष्य माना जा रहा है। पूर्व अंडर-19 कप्तान रेनेके ऑफ स्पिनर होने के साथ-साथ निचले क्रम में तेज रन बनाने की क्षमता भी रखती हैं। जॉर्जिया वोल – हीली का विकल्प, 156 का स्ट्रा. रेट 22 वर्षीय युवा बल्लेबाज ने 12 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 156.43 के स्ट्राइक रेट और 39 के शानदार औसत से 474 रन बनाए हैं। एलिसा हीली के संन्यास के बाद जो जगह बनी है, उसे भरने की जिम्मेदारी वोल पर आ सकती है। वर्ल्ड कप जैसा बड़ा मंच उनके लिए खुद को स्थापित करने का अवसर होगा। स्टेरे कालिस- द हंड्रेड का अनुभव आएगा काम नीदरलैंड्स पहली बार महिला टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहा है और टीम की सबसे बड़ी उम्मीद स्टेरे कालिस होंगी। 26 साल की उम्र में उनके पास 64 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है, जिसमें 1949 रन बनाए हैं।
टीएमसी को एक और झटका: सुष्मिता देव ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दिया, बीजेपी में शामिल होने की संभावना | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 11:49 IST सुष्मिता देव ने राज्यसभा सांसद का पद छोड़ने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की और उनके भाजपा उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा में लौटने की उम्मीद है। सुष्मिता देव के राज्यसभा छोड़ने से गहराया टीएमसी संकट राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव के पार्टी छोड़ने और उच्च सदन से इस्तीफा देने के बाद बुधवार को तृणमूल कांग्रेस को एक और राजनीतिक झटका लगा। सुखेंदु शेखर रे के बाद एक हफ्ते में इस्तीफा देने वाली वह दूसरी सांसद हैं. देव आज दोपहर 1 बजे उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगी और अपना इस्तीफा सौंपेंगी। सीएनएन से बात करते हुए सौगत रॉय ने कहा कि सुष्मिता देव का इस्तीफा पार्टी के लिए “झटका” है। सूत्रों ने कहा कि सुष्मिता देव भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं और उनके भाजपा उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा में लौटने की उम्मीद है। कथित तौर पर अपने कदम को अंतिम रूप देने के बाद उन्होंने असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, देव ने पद छोड़ने से पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया है और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से माफी मांगी है। सूत्रों ने आगे संकेत दिया कि देव को लगा कि अब उनके लिए तृणमूल कांग्रेस या कांग्रेस के माध्यम से असम की राजनीति को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। अब यह तय हो गया है कि वह बीजेपी में शामिल होने के बाद दोबारा राज्यसभा में जाएंगी। पार्टी के भीतर बढ़ती अशांति और तृणमूल सांसदों के एक बड़े समूह द्वारा कथित तौर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने के कुछ दिनों बाद उनका इस्तीफा हुआ है। बागी गुट ने 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया है नवीनतम घटनाक्रम बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के दावों के बाद आया है, जिन्होंने सोमवार को कहा था कि पार्टी के लगभग 20 सांसदों ने एनडीए के साथ जुड़ने की मांग की थी। दस्तीदार के अनुसार, इस कदम के संबंध में एक पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपा गया था। दस्तीदार अलग हुए गुट का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्हें इसका मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है। वरिष्ठ सांसद शताब्दी रॉय को असंतुष्ट समूह का उप नेता नामित किया गया है। विद्रोही खेमे के दावों ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर संकट के पैमाने के बारे में अटकलें तेज कर दी हैं। दिल्ली में अशांति राजनीतिक अनिश्चितता नई दिल्ली के घटनाक्रम में भी परिलक्षित हुई है। जारी उथल-पुथल के बीच, तृणमूल कांग्रेस सांसद पार्थ भौमिक मंगलवार को औपचारिक रूप से उस सरकारी बंगले से बाहर चले गए जो राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के परिचालन आधार के रूप में कार्य कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, भौमिक ने खुद आवास से हटाने का अनुरोध किया था। इस कदम से पार्टी के भीतर संगठनात्मक व्यवधान बढ़ने के संकेत मिले हैं क्योंकि नेतृत्व और बागी सांसदों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। टीएमसी नेतृत्व का पलटवार इस बगावत पर तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले असंतुष्ट समूह के आचरण की आलोचना की। बनर्जी ने कहा कि जो नेता पार्टी से नाखुश हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से संगठन का विरोध करते हुए पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कोई नेता अब तृणमूल कांग्रेस के साथ जुड़े रहना नहीं चाहता है या पार्टी के साथ उसके गंभीर मतभेद हैं, तो कार्रवाई का नैतिक तरीका पद छोड़ना होगा। यह टिप्पणी विद्रोही खेमे के इस दावे के एक दिन बाद आई है कि पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से कम से कम 20 ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। सुष्मिता देव के इस्तीफे के साथ, तृणमूल कांग्रेस के भीतर संकट और गहरा हो गया है, जिससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के सामने चुनौतियां बढ़ गई हैं क्योंकि इसके संसदीय रैंकों के भीतर से असंतोष उभर रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया टीएमसी को एक और झटका: सुष्मिता देव ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दिया, बीजेपी में शामिल होने की संभावना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) सुष्मिता देव(टी) सुष्मिता देव ने टीएमसी छोड़ी(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)सुष्मिता देव का इस्तीफा(टी)टीएमसी के बागी सांसद(टी)काकोली घोष दस्तीदार(टी)ममता बनर्जी पार्टी(टी)एनडीए को टीएमसी सांसदों का समर्थन(टी)राज्यसभा का इस्तीफा(टी)तृणमूल का आंतरिक असंतोष
मीनाक्षी नटराजन विवाद: कैसे एक अस्वीकृत नामांकन मध्य प्रदेश में भाजपा को राज्यसभा की सभी 3 सीटें दिला सकता है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 जून, 2026, 11:20 IST पूर्व कांग्रेस महासचिव और मंदसौर से पूर्व लोकसभा सांसद नटराजन को व्यापक रूप से राहुल गांधी के भरोसेमंद संगठनात्मक नेताओं में से एक माना जाता है। भाजपा उम्मीदवार माया नारोलिया और उनके चुनाव एजेंट की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर संदीप यादव ने मीनाक्षी नटराजन (तस्वीर में) का नामांकन खारिज कर दिया। मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक झटका देने का आरोप लगाया है, जिससे उस मुकाबले में नाटकीय रूप से अंकगणित बदल गया, जिस पर कड़ी नजर रहने की उम्मीद थी। नटराजन की उम्मीदवारी रद्द होने के साथ, भाजपा अब राज्य से सभी तीन राज्यसभा सीटें निर्विरोध जीतने की ओर अग्रसर है, जिससे कांग्रेस को झटका लगेगा और दोनों दलों के बीच एक नया राजनीतिक टकराव शुरू हो जाएगा। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों खारिज किया गया? बीजेपी उम्मीदवार माया नारोलिया और उनके चुनाव एजेंट की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर संदीप यादव ने नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया. आदेश के अनुसार, नटराजन कथित तौर पर अपने नामांकन पत्र के साथ हलफनामे में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का विवरण देने में विफल रहीं। चुनाव अधिकारियों ने माना कि यह चूक नामांकन आवश्यकताओं का उल्लंघन है और उनकी उम्मीदवारी अमान्य हो गई। भाजपा ने तर्क दिया कि उम्मीदवारों को कानूनी रूप से सभी लंबित आपराधिक कार्यवाही का पूरा विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक है और कोई भी छिपाव, चाहे वह जानबूझकर या अनजाने में हो, चुनावी प्रक्रिया से अयोग्यता को आकर्षित करता है। हालाँकि, कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले को “मनमाना” और “राजनीति से प्रेरित” बताते हुए खारिज कर दिया है। विवाद के केंद्र में कौन से मामले हैं? यह विवाद राजनीतिक विरोध और प्रदर्शनों से जुड़े आपराधिक मामलों के आसपास घूमता है जिसमें कथित तौर पर नटराजन का नाम लिया गया था। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि चुनाव अधिकारियों द्वारा उद्धृत मामले छोटे, आंदोलन की राजनीति से उत्पन्न राजनीतिक रूप से प्रेरित मामले हैं और जानकारी को दबाने का कोई इरादा नहीं था। पार्टी ने सवाल किया है कि नटराजन एक लंबे समय से कार्यरत सार्वजनिक व्यक्ति हैं, जिनका कानूनी रिकॉर्ड सर्वविदित है, इसके बावजूद जांच के बाद ही ऐसी आपत्तियां क्यों उठाई गईं। यह कांग्रेस के लिए झटका क्यों है? अस्वीकृति महत्वपूर्ण है क्योंकि नटराजन सिर्फ एक अन्य कांग्रेस उम्मीदवार नहीं थे। पूर्व कांग्रेस महासचिव और मंदसौर से पूर्व लोकसभा सांसद नटराजन को व्यापक रूप से राहुल गांधी के भरोसेमंद संगठनात्मक नेताओं में से एक माना जाता है। उन्होंने पार्टी के आंतरिक पुनर्गठन प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और कांग्रेस नेतृत्व के संगठन को मजबूत करने के प्रयास के तहत उन्हें फिर से प्रमुखता में लाया गया। राजनीतिक पर्यवेक्षक उनके नामांकन को एक संकेत के रूप में देखते हैं कि कांग्रेस नेतृत्व संसद में एक वफादार संगठनात्मक हाथ चाहता था। इसलिए उनकी अयोग्यता का प्रभाव एक राज्यसभा सीट से परे है। नटराजन कैसे बने कांग्रेस उम्मीदवार? नटराजन के नामांकन से ही पार्टी के भीतर विवाद खड़ा हो गया था। मध्य प्रदेश के कई कांग्रेस विधायकों ने कथित तौर पर उन्हें राज्य से मैदान में उतारने के फैसले पर सवाल उठाया और तर्क दिया कि स्थानीय नेताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। ऐसा कहा जाता है कि कुछ विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को अपना असंतोष व्यक्त किया है और दावा किया है कि तत्काल राज्य विधायी पारिस्थितिकी तंत्र के बाहर से एक उम्मीदवार को ऊपर से थोपा गया है। इस प्रकरण ने नामांकन की लड़ाई शुरू होने से पहले ही राज्य इकाई के भीतर बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया। राज्यसभा चुनाव के लिए इसका क्या मतलब है? तत्काल लाभार्थी भाजपा है। मध्य प्रदेश की मौजूदा विधानसभा संख्या पहले से ही सत्तारूढ़ दल के पक्ष में है। हालाँकि, कांग्रेस को नटराजन की उम्मीदवारी के माध्यम से एक प्रतीकात्मक चुनौती मिलने की उम्मीद थी। उनका नामांकन खारिज होने और दौड़ में कोई वैकल्पिक उम्मीदवार नहीं होने के कारण, भाजपा अब राज्य से सभी तीन उपलब्ध राज्यसभा सीटें सुरक्षित करने की स्थिति में है। यह घटनाक्रम प्रभावी रूप से एक राजनीतिक मुकाबले को सत्तारूढ़ दल की सीधी जीत में बदल देता है। कांग्रेस ने लगाया राजनीतिक निशाना बनाने का आरोप कांग्रेस ने भाजपा पर विपक्षी उम्मीदवारों को खत्म करने के लिए प्रक्रियात्मक आपत्तियों को हथियार बनाने का आरोप लगाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने तर्क दिया है कि जांच प्रक्रिया चुनिंदा तरीके से लागू की जा रही है और उन्होंने फैसले की समीक्षा की मांग की है। पार्टी चुनाव कानून के तहत उपलब्ध कानूनी और प्रक्रियात्मक विकल्प भी तलाश रही है। जिस तरह से कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है, उनका मानना है कि कोई भी उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं उतर सकता। देश के किसी भी कोने से कोई शिकायत कर दे और नाम शामिल हो जाए, बस उसी आधार पर नामांकन रद्द किया जा सकता है। अब तक की चोरी हुई थी, लेकिन… pic.twitter.com/7YCfgs4GIO– डॉ. उदित राज (@Dr_Uditraj) 10 जून, 2026 कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अस्वीकृति को बेहद परेशान करने वाला बताया और उस गति पर सवाल उठाया जिस गति से कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ आपत्तियों पर विचार किया गया। इस बीच, भाजपा इस बात पर जोर देती है कि मामला पूरी तरह से कानूनी और प्रक्रियात्मक है और उसने कांग्रेस पर एक सीधे अनुपालन मुद्दे का राजनीतिकरण करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। सिर्फ एक राज्यसभा सीट के बारे में नहीं यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस प्रमुख चुनावी लड़ाइयों से पहले अपने संगठनात्मक ढांचे को फिर से बनाने की कोशिश कर रही है। नटराजन की राहुल गांधी से निकटता, उनकी उम्मीदवारी पर आंतरिक नाराजगी और अंततः उनके नामांकन की अस्वीकृति ने मिलकर पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से हानिकारक प्रकरण तैयार किया है। भाजपा के लिए, यह घटनाक्रम मध्य प्रदेश में उसके प्रभुत्व को मजबूत करता है, एक ऐसा राज्य जहां उसने हाल के वर्षों में मजबूत चुनावी बढ़त बनाए रखी है। कांग्रेस के लिए, यह प्रकरण उम्मीदवार चयन, आंतरिक एकता, और क्या प्रक्रियात्मक चूक, या राजनीतिक लक्ष्यीकरण के बारे में







