फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन:राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले

दिग्गज तमिल डायरेक्टर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में बुधवार को चेन्नई में निधन हो गया। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, उनके निधन का कारण उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं थीं। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2004 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। 40 से ज्यादा फिल्में निर्देशित कीं भारतीराजा ने 1977 में फिल्म ’16 वयाथिनिले’ से डायरेक्टर के तौर पर शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने चार दशक से अधिक लंबे करियर में 40 से ज्यादा फिल्मों का डायरेक्शन किया। तमिल सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘इयक्कुनर इमयम’ की उपाधि भी मिली। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘किझाके पोगुम रेल’, ‘सिगप्पु रोजक्कल’, ‘अलैगल ओइवथिल्लई’, ‘काधल ओवियम’ और ‘मुधल मरियाथाई’ शामिल हैं। भारतीराजा ने अपने करियर में ‘सोलवा सावन’ (1979), ‘रेड रोज’ (1980) और ‘सवेरे वाली गाड़ी’ (1986) जैसी कुछ हिंदी (बॉलीवुड) फिल्में भी डायरेक्ट की हैं। बता दें कि फिल्म ‘रेड रोज’ में राजेश खन्ना और पूनम ढिल्लों ने मुख्य किरदार निभाए थे। डायरेक्टर के तौर पर उनकी आखिरी रिलीज फिल्म ‘मींडम ओरु मारियाथाई’ थी, जो साल 2020 में रिलीज हुई थी। भारतीराजा ने कई फिल्मों में एक्टिंग भी की थी डायरेक्शन के अलावा भारतीराजा ने एक्टिंग भी की थी। वह फिल्म ‘थुडारुम’ में नजर आए थे। उनकी अनरिलीज फिल्म ‘पुलवर’ एक एक्टर के रूप में उनकी आखिरी फिल्म होगी। उन्होंने अपने एक्टिंग करियर में ‘आयुध एझुथु’, ‘पांडियनाडु’, ‘ईस्वरन’, ‘थिरुचित्रम्बलम’ और ‘महाराजा’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीराजा का निधन तमिल सिनेमा के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित डायरेक्टर्स में से एक बताया। खुशबू ने कहा कि भारतीराजा की फिल्में फिल्म प्रोडक्शन की एक पाठशाला की तरह हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी। उन्होंने एक निजी याद शेयर करते हुए बताया कि डायरेक्टर अक्सर उनके साथ एक फिल्म बनाने की बात करते थे, जो अब अधूरी रह गई। यह खबर भी पढ़ें… मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था; तमिल-ओडिया समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मलयालम एक्टर सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरलम) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन:राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले

दिग्गज तमिल डायरेक्टर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में बुधवार को चेन्नई में निधन हो गया। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, उनके निधन का कारण उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं थीं। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2004 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। 40 से ज्यादा फिल्में निर्देशित कीं भारतीराजा ने 1977 में फिल्म ’16 वयाथिनिले’ से डायरेक्टर के तौर पर शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने चार दशक से अधिक लंबे करियर में 40 से ज्यादा फिल्मों का डायरेक्शन किया। तमिल सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘इयक्कुनर इमयम’ की उपाधि भी मिली। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘किझाके पोगुम रेल’, ‘सिगप्पु रोजक्कल’, ‘अलैगल ओइवथिल्लई’, ‘काधल ओवियम’ और ‘मुधल मरियाथाई’ शामिल हैं। भारतीराजा ने अपने करियर में ‘सोलवा सावन’ (1979), ‘रेड रोज’ (1980) और ‘सवेरे वाली गाड़ी’ (1986) जैसी कुछ हिंदी (बॉलीवुड) फिल्में भी डायरेक्ट की हैं। बता दें कि फिल्म ‘रेड रोज’ में राजेश खन्ना और पूनम ढिल्लों ने मुख्य किरदार निभाए थे। डायरेक्टर के तौर पर उनकी आखिरी रिलीज फिल्म ‘मींडम ओरु मारियाथाई’ थी, जो साल 2020 में रिलीज हुई थी। भारतीराजा ने कई फिल्मों में एक्टिंग भी की थी डायरेक्शन के अलावा भारतीराजा ने एक्टिंग भी की थी। वह फिल्म ‘थुडारुम’ में नजर आए थे। उनकी अनरिलीज फिल्म ‘पुलवर’ एक एक्टर के रूप में उनकी आखिरी फिल्म होगी। उन्होंने अपने एक्टिंग करियर में ‘आयुध एझुथु’, ‘पांडियनाडु’, ‘ईस्वरन’, ‘थिरुचित्रम्बलम’ और ‘महाराजा’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीराजा का निधन तमिल सिनेमा के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित डायरेक्टर्स में से एक बताया। खुशबू ने कहा कि भारतीराजा की फिल्में फिल्म प्रोडक्शन की एक पाठशाला की तरह हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी। उन्होंने एक निजी याद शेयर करते हुए बताया कि डायरेक्टर अक्सर उनके साथ एक फिल्म बनाने की बात करते थे, जो अब अधूरी रह गई। यह खबर भी पढ़ें… मलयालम एक्टर सलीम कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन:राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था; तमिल-ओडिया समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मलयालम एक्टर सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरलम) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
स्पोर्ट्स अपडेट:टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स की 4 साल बाद जीत के साथ कोर्ट पर वापसी: क्वींस क्लब डबल्स के पहले राउंड में जीती

दुनिया की महानतम टेनिस खिलाड़ियों में शामिल सेरेना विलियम्स ने करीब 4 साल के लंबे ब्रेक के बाद प्रोफेशनल टेनिस कोर्ट पर वापसी की है। 44 साल की अमेरिकी स्टार ने लंदन में खेले जा रहे क्वींस क्लब ग्रासकोर्ट डब्ल्यूटीए (WTA) टूर्नामेंट के महिला डबल्स मुकाबले में जीत के साथ अपने सफर की शुरुआत की। इस टूर्नामेंट के लिए सेरेना विलियम्स को वाइल्डकार्ड एंट्री मिली है। उन्होंने कनाडा की 18 साल की उभरती हुई खिलाड़ी विक्टोरिया म्बोको के साथ जोड़ी बनाई है। मंगलवार को खेले गए मुकाबले में इस जोड़ी ने अपनी विपक्षी और टूर्नामेंट की तीसरी वरियता प्राप्त टीम को सीधे सेटों में हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
स्पोर्ट्स अपडेट:टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स की 4 साल बाद जीत के साथ कोर्ट पर वापसी: क्वींस क्लब डबल्स के पहले राउंड में जीती

दुनिया की महानतम टेनिस खिलाड़ियों में शामिल सेरेना विलियम्स ने करीब 4 साल के लंबे ब्रेक के बाद प्रोफेशनल टेनिस कोर्ट पर वापसी की है। 44 साल की अमेरिकी स्टार ने लंदन में खेले जा रहे क्वींस क्लब ग्रासकोर्ट डब्ल्यूटीए (WTA) टूर्नामेंट के महिला डबल्स मुकाबले में जीत के साथ अपने सफर की शुरुआत की। इस टूर्नामेंट के लिए सेरेना विलियम्स को वाइल्डकार्ड एंट्री मिली है। उन्होंने कनाडा की 18 साल की उभरती हुई खिलाड़ी विक्टोरिया म्बोको के साथ जोड़ी बनाई है। मंगलवार को खेले गए मुकाबले में इस जोड़ी ने अपनी विपक्षी और टूर्नामेंट की तीसरी वरियता प्राप्त टीम को सीधे सेटों में हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने मारपीट के बाद ससुराल छोड़ा:कोर्ट ने पति वीर साहू के मिलने पर रोक लगाई; 2020 में लव मैरिज की थी

हरियाणवी डांसर और सिंगर सपना चौधरी की निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है। सपना ने अपने पति वीर साहू के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराते हुए दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट में याचिका दाखिल की है। मंगलवार को कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई में सपना को अंतरिम राहत देते हुए वीर साहू को अगली सुनवाई तक उनके संपर्क में आने, घर या कार्यस्थल पर जाने और किसी भी तरह से परेशान करने से रोक दिया है। सपना की ओर से कोर्ट में वीडियो, ऑडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी पेश किए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी। विवाद के बाद सपना ससुराल छोड़ चुकी हैं। फिलहाल वह दिल्ली के नजफगढ़ स्थित अपने मायके में रह रही हैं। अब जानिए सपना-वीर विवाद की पूरी कहानी सपना ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया विवाद तब सार्वजनिक हुआ, जब सपना चौधरी ने दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि वैवाहिक जीवन के दौरान उनके साथ कई बार मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। सपना का कहना है कि हालात इतने बिगड़ गए थे कि उन्हें अपना ससुराल छोड़ना पड़ा। फिल्म ‘मोमाकू’ के प्रीमियर से पहले बढ़ी चिंता सपना की ओर से एडवोकेट प्रीति सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि उनकी फिल्म ‘मोमाकू’ जल्द रिलीज होने वाली है और उसका प्रीमियर भी होने वाला है। ऐसे में सपना को सुरक्षा की जरूरत है। वीर साहू किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या फिल्म के प्रीमियर में पहुंचकर हंगामा कर सकते हैं। इससे सपना की सुरक्षा और उनके काम पर असर पड़ सकता है। मजिस्ट्रेट ने संपर्क न करने के आदेश दिए न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिंह ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक वीर साहू किसी भी माध्यम से सपना चौधरी से संपर्क नहीं करेंगे। उन्हें सपना के घर, कार्यस्थल या उनके आसपास जाने से भी रोका गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिवादी किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या उत्पीड़न नहीं करेंगे। कोर्ट ने संबंधित प्रोटेक्शन ऑफिसर और स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) को आदेश दिया है कि वे अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। अब सपना चौधरी के बारे में जानिए… देसी क्वीन के नाम से मशहूर सपना चौधरी हरियाणा की मशहूर डांसर, सिंगर, अभिनेत्री और मॉडल हैं, जिन्हें “देसी क्वीन” के नाम से जाना जाता है। उनका जन्म 25 सितंबर 1990 को दिल्ली में हुआ था। पिता के निधन के बाद उन्होंने कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली और 12 साल की उम्र से स्टेज परफॉर्मेंस शुरू कर दी। 20 से ज्यादा गानों में आवाज दे चुकीं रागनी कार्यक्रमों और हरियाणवी स्टेज शो के जरिए उन्होंने पहचान बनाई और धीरे-धीरे हरियाणा, राजस्थान, पंजाब तथा यूपी में लोकप्रिय हो गईं। कई हिट गानों पर डांस करने के साथ उन्होंने 20 से अधिक गानों को अपनी आवाज भी दी। 2020 में वीर साहू से शादी की थी 2017 में बिग बॉस-11 में हिस्सा लेने के बाद उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली। 2018 में फिल्म ‘वीरे की वेडिंग’ के गाने ‘हट जा ताऊ’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया और कई फिल्मों में अभिनय भी किया। सपना ने जनवरी 2020 में हिसार में मदनहेड़ी गांव के रहने वाले हरियाणवी सिंगर और अभिनेता वीर साहू से लव मैरिज की थी। दंपती के दो बेटे हैं।
वर्ल्ड अपडेट्स:कनाडा में फर्जी लाइसेंस पर 17 साल तक प्लेन उड़ाता रहा पायलट; हजारों यात्रियों की जान खतरे में डालने का आरोप

कनाडा की एयरलाइन एयर कनाडा के पूर्व पायलट ज्योफ्री वॉल पर फर्जी लाइसेंस के सहारे 17 साल तक कमर्शियल फ्लाइट उड़ाने का आरोप लगा है। डिप्टी चीफ निक मिलिनोविच ने कहा कि आरोपी ने हजारों यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाला। पुलिस के मुताबिक वॉल पर 5 हजार डॉलर से ज्यादा की धोखाधड़ी, पब्लिक मिसचीफ, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने और नकली प्रमाण चिह्न रखने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। 59 वर्षीय वॉल को 1 जून को गिरफ्तार किया गया। ट्रांसपोर्ट कनाडा की जांच में दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद यह मामला सामने आया। आरोप है कि वॉल ने 1998 में एविएशन करियर शुरू किया था और 2009 में फर्जी क्रेडेंशियल के आधार पर पायलट-इन-कमांड यानी कप्तान का पद हासिल कर लिया। इसके बाद वह वर्षों तक हजारों यात्रियों को लेकर उड़ान भरता रहा। मामला तब खुला, जब पिछले साल पियर्सन एयरपोर्ट पर ट्रांसपोर्ट कनाडा की नियमित ऑपरेशनल जांच के दौरान उसके दस्तावेजों में कमियां मिलीं। इसके बाद ‘प्रोजेक्ट इकारस’ नाम से विस्तृत जांच शुरू की गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए और इतने लंबे समय तक सिस्टम की नजरों से कैसे बचा रहा।
वर्ल्ड अपडेट्स:कनाडा में फर्जी लाइसेंस पर 17 साल तक प्लेन उड़ाता रहा पायलट; हजारों यात्रियों की जान खतरे में डालने का आरोप

कनाडा की एयरलाइन एयर कनाडा के पूर्व पायलट ज्योफ्री वॉल पर फर्जी लाइसेंस के सहारे 17 साल तक कमर्शियल फ्लाइट उड़ाने का आरोप लगा है। डिप्टी चीफ निक मिलिनोविच ने कहा कि आरोपी ने हजारों यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाला। पुलिस के मुताबिक वॉल पर 5 हजार डॉलर से ज्यादा की धोखाधड़ी, पब्लिक मिसचीफ, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने और नकली प्रमाण चिह्न रखने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। 59 वर्षीय वॉल को 1 जून को गिरफ्तार किया गया। ट्रांसपोर्ट कनाडा की जांच में दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद यह मामला सामने आया। आरोप है कि वॉल ने 1998 में एविएशन करियर शुरू किया था और 2009 में फर्जी क्रेडेंशियल के आधार पर पायलट-इन-कमांड यानी कप्तान का पद हासिल कर लिया। इसके बाद वह वर्षों तक हजारों यात्रियों को लेकर उड़ान भरता रहा। मामला तब खुला, जब पिछले साल पियर्सन एयरपोर्ट पर ट्रांसपोर्ट कनाडा की नियमित ऑपरेशनल जांच के दौरान उसके दस्तावेजों में कमियां मिलीं। इसके बाद ‘प्रोजेक्ट इकारस’ नाम से विस्तृत जांच शुरू की गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए और इतने लंबे समय तक सिस्टम की नजरों से कैसे बचा रहा। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की; 11 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत, 14 महिलाएं घायल पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार देर रात अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में एयर स्ट्राइक की। तालिबान सरकार के मुताबिक हमलों में 11 बच्चों समेत 13 नागरिकों की मौत हुई, जबकि 14 महिलाएं घायल हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन करते हुए रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। हमले पूरी तरह नागरिक क्षेत्रों पर किए गए। मुजाहिद ने बताया कि मृतकों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। उन्होंने हमले के बाद की तस्वीरें भी जारी कीं। तालिबान सरकार के अनुसार पिछले एक साल में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। मार्च में काबुल स्थित एक पुनर्वास केंद्र पर हुए हमले में 269 लोगों की मौत का दावा किया गया था। इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि तालिबान सरकार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठनों को समर्थन देती है। हालांकि तालिबान इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
दावा-इंग्लैंड के कप्तान स्टोक्स संन्यास ले सकते हैं:लॉर्ड्स टेस्ट की जीत के बाद नाइटक्लब विवाद में नाम आया; दूसरे टेस्ट से बाहर

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (रिटायरमेंट) का ऐलान भी कर सकते हैं। ब्रिटिश मीडिया आउटलेट टॉकस्पोर्ट की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। यह डेवलपमेंट लॉर्ड्स टेस्ट में न्यूजीलैंड पर इंग्लैंड की 115 रनों की जीत के तुरंत बाद सोमवार तड़के हुए एक नाइटक्लब विवाद के बाद सामने आया है। इस विवाद में कप्तान बेन स्टोक्स के साथ टीम के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन भी शामिल थे। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने टीम प्रोटोकॉल तोड़ने के आरोप में दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। बोर्ड की कार्रवाई का इंतजार नहीं करेंगे स्टोक्स, खुद ले सकते हैं फैसला क्रिकेट वेबसाइट ‘द क्रिकेटर’ के सीनियर कॉरेस्पोंडेंट जॉर्ज डोबेल ने टॉकस्पोर्ट से बातचीत में बताया कि स्टोक्स अनुशासन समिति के फैसले का इंतजार करने के बजाय खुद ही पीछे हटने का मन बना रहे हैं। डोबेल ने कहा, ‘मुझे जो भी जानकारियां मिल रही हैं, उससे डर है कि स्टोक्स ECB की कार्रवाई से पहले ही खुद कदम उठाएंगे। बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मैं सुन रहा हूं कि वे कप्तानी से इस्तीफा दे सकते हैं और संभवतः क्रिकेट से संन्यास भी ले सकते हैं।’ न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर रहेंगे दोनों खिलाड़ी विवाद के बाद ECB ने एक बयान जारी कर कहा,’बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन सोमवार तड़के एक नाइटक्लब में मौजूद थे, जहां यह घटना हुई। हम मामले से जुड़ी और जानकारी जुटा रहे हैं। दूसरे टेस्ट के लिए टीम का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।’ 17 जून से द ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम की घोषणा में देरी हो रही है। बोर्ड फिलहाल बेन स्टोक्स के फैसले का इंतजार कर रहा है। हालांकि, यह साफ हो चुका है कि स्टोक्स और एटकिंसन दोनों ही न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज के बचे हुए मैचों का हिस्सा नहीं होंगे। लॉर्ड्स टेस्ट की जीत के कुछ ही घंटों बाद हुआ विवाद यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि रविवार को ही इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को पहले टेस्ट में 115 रनों से हराया था। मैच के आखिरी दिन गस एटकिंसन ने 30 रन देकर 5 विकेट झटके थे और जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी, वहीं स्टोक्स को भी एक विकेट मिला था। इस शानदार जीत का जश्न मनाने के लिए ही खिलाड़ी रात में बाहर गए थे, जहां रग्बी क्लब के खिलाड़ियों के साथ उनकी बहस हो गई। ‘मिडनाइट कर्फ्यू’ के नियमों का उल्लंघन भारी पड़ा इंग्लैंड के खिलाड़ियों का मैदान से बाहर का व्यवहार पिछले कुछ समय से ECB के लिए सिरदर्द बना हुआ है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज दौरे के दौरान भी खिलाड़ियों के देर रात तक पार्टी करने और शराब से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों पर भारी आलोचना हुई थी। इसके बाद ECB ने टीम के लिए ‘मिडनाइट कर्फ्यू’ (आधी रात के बाद बाहर न रहने का नियम) दोबारा लागू किया था। स्टोक्स और एटकिंसन की ओर से इस कड़े प्रोटोकॉल को तोड़ना बोर्ड को नागवार गुजरा है।
दावा-इंग्लैंड के कप्तान स्टोक्स संन्यास ले सकते हैं:लॉर्ड्स टेस्ट की जीत के बाद नाइटक्लब विवाद में नाम आया; दूसरे टेस्ट से बाहर

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (रिटायरमेंट) का ऐलान भी कर सकते हैं। ब्रिटिश मीडिया आउटलेट टॉकस्पोर्ट की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। यह डेवलपमेंट लॉर्ड्स टेस्ट में न्यूजीलैंड पर इंग्लैंड की 115 रनों की जीत के तुरंत बाद सोमवार तड़के हुए एक नाइटक्लब विवाद के बाद सामने आया है। इस विवाद में कप्तान बेन स्टोक्स के साथ टीम के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन भी शामिल थे। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने टीम प्रोटोकॉल तोड़ने के आरोप में दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। बोर्ड की कार्रवाई का इंतजार नहीं करेंगे स्टोक्स, खुद ले सकते हैं फैसला क्रिकेट वेबसाइट ‘द क्रिकेटर’ के सीनियर कॉरेस्पोंडेंट जॉर्ज डोबेल ने टॉकस्पोर्ट से बातचीत में बताया कि स्टोक्स अनुशासन समिति के फैसले का इंतजार करने के बजाय खुद ही पीछे हटने का मन बना रहे हैं। डोबेल ने कहा, ‘मुझे जो भी जानकारियां मिल रही हैं, उससे डर है कि स्टोक्स ECB की कार्रवाई से पहले ही खुद कदम उठाएंगे। बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मैं सुन रहा हूं कि वे कप्तानी से इस्तीफा दे सकते हैं और संभवतः क्रिकेट से संन्यास भी ले सकते हैं।’ न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर रहेंगे दोनों खिलाड़ी विवाद के बाद ECB ने एक बयान जारी कर कहा,’बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन सोमवार तड़के एक नाइटक्लब में मौजूद थे, जहां यह घटना हुई। हम मामले से जुड़ी और जानकारी जुटा रहे हैं। दूसरे टेस्ट के लिए टीम का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।’ 17 जून से द ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम की घोषणा में देरी हो रही है। बोर्ड फिलहाल बेन स्टोक्स के फैसले का इंतजार कर रहा है। हालांकि, यह साफ हो चुका है कि स्टोक्स और एटकिंसन दोनों ही न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज के बचे हुए मैचों का हिस्सा नहीं होंगे। लॉर्ड्स टेस्ट की जीत के कुछ ही घंटों बाद हुआ विवाद यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि रविवार को ही इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को पहले टेस्ट में 115 रनों से हराया था। मैच के आखिरी दिन गस एटकिंसन ने 30 रन देकर 5 विकेट झटके थे और जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी, वहीं स्टोक्स को भी एक विकेट मिला था। इस शानदार जीत का जश्न मनाने के लिए ही खिलाड़ी रात में बाहर गए थे, जहां रग्बी क्लब के खिलाड़ियों के साथ उनकी बहस हो गई। ‘मिडनाइट कर्फ्यू’ के नियमों का उल्लंघन भारी पड़ा इंग्लैंड के खिलाड़ियों का मैदान से बाहर का व्यवहार पिछले कुछ समय से ECB के लिए सिरदर्द बना हुआ है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज दौरे के दौरान भी खिलाड़ियों के देर रात तक पार्टी करने और शराब से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों पर भारी आलोचना हुई थी। इसके बाद ECB ने टीम के लिए ‘मिडनाइट कर्फ्यू’ (आधी रात के बाद बाहर न रहने का नियम) दोबारा लागू किया था। स्टोक्स और एटकिंसन की ओर से इस कड़े प्रोटोकॉल को तोड़ना बोर्ड को नागवार गुजरा है।
पहले वनडे में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 86 रन हराया:21 साल बाद कंगारू टीम पर मिली दूसरी जीत; नालेद राणा ने झटके 4 विकेट

बांग्लादेश ने मीरपुर में खेले गए पहले वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया को डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत 86 रन से हरा दिया। बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे इतिहास में यह केवल दूसरी जीत है। इससे पहले साल 2005 में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को पहली बार किसी वनडे मैच में मात दी थी। इस मुकाबले में करीब चार साल बाद वनडे क्रिकेट में वापसी कर रहे मोसाद्देक हुसैन ने पहले बल्लेबाजी में नाबाद 86 रनों की पारी खेली और बाद में गेंदबाजी में भी 2 विकेट चटकाए। वहीं, नावेद राणा ने 4 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया की टीम पिछले हफ्ते पाकिस्तान से वनडे सीरीज 2-1 से हारने के बाद यहां पहुंची है, जहां उसे पहले ही मैच में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। खराब रोशनी और बारिश के कारण रुका मैच टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट पर 284 रन बनाए थे। जवाब में 285 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 42.2 ओवरों में 9 विकेट खोकर केवल 191 रन ही बना सकी थी कि तभी मैदान पर तेज बिजली कड़कने और बारिश के कारण खेल को रोकना पड़ा। खेल दोबारा शुरू न होने की स्थिति में डकवर्थ-लुईस नियम के तहत बांग्लादेश को 86 रनों से विजेता घोषित कर दिया गया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कैमरून ग्रीन 52 रन बनाकर नाबाद रहे। मोसाद्देक हुसैन की शानदार वापसी, शांतो और तंजीद के भी अर्धशतक चार साल बाद टीम में लौटे मोसाद्देक हुसैन बांग्लादेश की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने महज 70 गेंदों में 7 चौकों और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 86 रन कूट डाले। हालांकि, इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई फील्डर्स ने उन्हें तीन जीवनदान भी दिए। कूपर कॉनोली, ओलिवर पीक और एडम जम्पा ने उनके कैच छोड़े, जिसका मोसाद्देक ने पूरा फायदा उठाया। उनके अलावा कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 67 और ओपनर तंजीद हसन ने 54 रनों की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से नाथन एलिस सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 38 रन देकर 3 विकेट लिए। खिलाड़ियों की कसी फील्डिंग ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पारी की पहली ही गेंद पर ओपनर मैथ्यू शॉट को तस्कीन अहमद ने बोल्ड कर दिया। खराब फॉर्म से जूझ रहे मार्नस लाबुशेन भी सिर्फ 1 रन बनाकर मुस्तफिजुर रहमान का शिकार बने। पाकिस्तान के खिलाफ पिछली सीरीज में 0, 5 और 19 रन बनाने वाले लाबुशेन का फ्लॉप शो यहां भी जारी रहा। मिडिल ऑर्डर में कूपर कॉनोली (35) ने कप्तान जोश इंग्लिस (19) और एलेक्स कैरी (47) के साथ छोटी साझेदारियां कर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे टीम को संकट से नहीं निकाल सके। नाहिद राणा की 140 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी बांग्लादेश के युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने अपनी रफ्तार से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। लगातार 140 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड से गेंदबाजी करते हुए राणा ने 41 रन देकर 4 विकेट चटकाए। उन्होंने अपने दूसरे स्पेल में घातक गेंदबाजी करते हुए तीन ओवरों में तीन विकेट निकालकर ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी। मोसाद्देक हुसैन ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और अपने 10 ओवर के कोटे में सिर्फ 37 रन देकर 2 जरूरी विकेट निकाले। 15 साल बाद दोनों देशों के बीच बाइलेटरल सीरीज ऑस्ट्रेलिया की टीम पूरे 15 साल बाद बांग्लादेश के दौरे पर कोई बाइलेटरल वनडे सीरीज खेल रही है। सीरीज का पहला मैच जीतकर बांग्लादेश ने 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज के बाकी बचे दोनों मैच भी मीरपुर के इसी मैदान पर गुरुवार और रविवार को खेले जाएंगे।







