Monday, 05 Oct 2026 | 08:37 AM

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जावेद जाफरी की पत्नी से ₹16 करोड़ की ठगी:केस में BMC अधिकारी सस्पेंड, क्राइम ब्रांच जांच में जुटी

जावेद जाफरी की पत्नी से 16 करोड़ की ठगी:केस में BMC अधिकारी सस्पेंड, क्राइम ब्रांच जांच में जुटी

बॉलीवुड अभिनेता जावेद जाफरी के परिवार से जुड़ा वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उनकी पत्नी हबीबा जाफरी ने आरोप लगाया है कि उनसे करीब 16.24 करोड़ रुपए की ठगी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। वहीं, केस में नाम सामने आने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के एक अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हबीबा जाफरी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्हें रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स और निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपए निवेश करने के लिए राजी किया गया। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि निवेश की रकम पर आकर्षक रिटर्न मिलेगा और प्रोजेक्ट्स से बड़ा आर्थिक फायदा होगा। हालांकि बाद में न वादा किया गया रिटर्न मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। शिकायत दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियों ने मामले की पड़ताल शुरू की। शुरुआती जांच में कुछ तथ्य सामने आए, जिसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित ठगी का नेटवर्क क्या था, इसमें कितने लोग शामिल थे और निवेशकों से जुटाई गई रकम कहां गई। इस मामले में BMC के अधिकारी महेश पाटिल का नाम भी सामने आया है। आरोपों और जांच को देखते हुए BMC प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी। यदि किसी स्तर पर अनियमितता साबित होती है तो आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस कथित घोटाले में अन्य निवेशक प्रभावित हुए हैं। यदि ऐसा पाया जाता है तो मामले का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल इस विवाद के बीच जावेद जाफरी की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार अभिनेता अपने पेशेवर कामकाज में व्यस्त हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें करोड़ों रुपए की कथित ठगी, एक सरकारी अधिकारी की भूमिका और मनोरंजन जगत से जुड़े परिवार का नाम शामिल है। अब सबकी नजर क्राइम ब्रांच की जांच पर है, जिससे साफ हो सकेगा कि कथित निवेश योजना के पीछे कौन लोग थे और 16.24 करोड़ रुपए की रकम का क्या हुआ।

मूंग दाल उत्तपम रेसिपी: मिनटों में तैयार होगा टेस्टी मूंग दाल उत्तपम, स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहेगी; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

मूंग दाल उत्तपम बनाने की सामग्री के लिए:1 कप ढीली मूंग दाल, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 1 प्याज, 1 टमाटर, 1 मीठा काली मिर्च, 2-3 बड़ा हरा धनिया, स्वादानुसार नमक, 1/2 छोटा मसाला जीरा, थोड़ा सा तेल छवि: सोशल मीडिया बनाने की विधि: सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह से धोकर 3-4 घंटे के लिए पानी में डूबा लें। इसके बाद पानी की दाल को हरी मिर्च और अदरक के साथ पीस लें। जरूरत है तो छोटी सी पानी दाल की। छवि: सोशल मीडिया पीसी हुई दाल को एक बड़े बाउल में उतारा। इसमें नमक और जीरा डेमोक्रेट अच्छी तरह मिला लें। बैटर न सबसे ज्यादा पतला हो और न ही सबसे ज्यादा पतला हो। छवि: एआई अब कटे हुए प्याज, टमाटर, साबुत मिर्च और हरा धनिया बैटर में अच्छी तरह से मिक्स कर लें। एक नॉन-स्टिक तवा गर्म करें और उस पर प्रभाव वाले तेल का उत्पादन करें। अब बैटर को तवे पर मानक गोल आकार में फैलाया गया। छवि: एआई नामांकित पर दोनों तरफ से सोनार और कुरकुरा होने तक सेंक लें। गरमा-गरम मूंग दाल उत्तपम को नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी या हरी चटनी के साथ बनाएं। बच्चों और बड़ों दोनों के लिए व्यवसाय विकल्प है। छवि: एआई प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह शरीर को ऊर्जा देता है। वजन कम करने वालों के लिए अच्छा नाश्ता है। पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। लंबे समय तक पेट भरना, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। छवि: एआई दिन की शुरुआत स्वादिष्ट और स्वादिष्ट तरीकों से करना चाहते हैं, तो मूंग दाल उत्तपम जरूर बनाएं। यह कम समय में तैयार होने वाला ऐसा नाश्ता है जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संतुलन बनाए रखता है। छवि: सोशल मीडिया

बीवाईडी के ‘सब कुछ खुद बनाओ’ मॉडल की अग्निपरीक्षा:टेस्ला को पछाड़ने वाली बीवाईडी का मुनाफा 4 साल में पहली बार गिरा

बीवाईडी के ‘सब कुछ खुद बनाओ’ मॉडल की अग्निपरीक्षा:टेस्ला को पछाड़ने वाली बीवाईडी का मुनाफा 4 साल में पहली बार गिरा

चीन के शेनझेन में ईवी दिग्गज बीवाईडी का हेडक्वार्टर है। यहां आने वाले मेहमानों को एक प्रदर्शन देखने को मिलता था। एक ड्रिल से साधारण ईवी को छेदा जाता था, जो तुरंत आग पकड़ लेती। फिर बीवाईडी की ब्लेड बैटरी पर इसे दोहराया जाता, लेकिन वह सुरक्षित रहती। इसी बैटरी के दम पर बीवाईडी ईवी शिखर पर पहुंची। लेकिन अब चार साल में पहली बार कंपनी का मुनाफा गिरा। लगातार आठ महीने साल दर साल बिक्री में गिरावट आई और 2026 की शुरुआत में प्रतिद्वंद्वी गिली ने तीन साल से ज्यादा समय बाद बीवाईडी को चीन के शीर्ष ईवी कंपनी के पद से हटा दिया, हालांकि बाद में बीवाईडी ने यह तमगा फिर छीन लिया। बीवाईडी के फाउंडर वांग चुआनफू ने एक ऐसी रणनीति अपनाई जो उन्हें बाकियों से अलग करती थी- लीथियम प्रोसेसिंग प्लांट से लेकर एआई मॉडल तक हर चीज खुद बनाओ। इस रणनीति ने लागत को नियंत्रण करने में मदद की। सीगल जैसे मॉडल महज 10,000 डॉलर (करीब 9.5 लाख रुपए) में उतारे। नए मॉडल तेजी से बाजार में आते हैं। पिछले एक दशक में राजस्व दस गुना बढ़कर 116 अरब डॉलर (करीब 11.6 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंच गया। 2025 में बीवाईडी ने इलोन मस्क की टेस्ला से ज्यादा कारें बेचीं। चुआनफू की संपत्ति 2 लाख करोड़ रुपए है। पर चीन का ऑटो उद्योग तेजी से बदल रहा है। युवा खरीदार कार लेते सबसे पहले डैशबोर्ड पर लगे बड़े आधुनिक एंटरटेनमेंट पैनल देखते हैं। शियाओपेंग मोटर्स और ली ऑटो जैसी कंपनियां इंटरनेट उद्योग से आए उद्यमियों द्वारा बनाई गई हैं। फॉक्सवैगन ने शियाओपेंग मोटर्स से सिस्टम नॉलेज खरीदी। हुआवे की एक डिवीजन पांच अलग-अलग कार कंपनियों को सॉफ्टवेयर और एंटरटेनमेंट सिस्टम बेच रही है। इसने जेएसी जैसी सरकारी कंपनी को 1 लाख डॉलर से ज्यादा कीमत का लग्जरी ईवी ब्रांड ‘मेक्स्ट्रो’ लॉन्च करने में मदद की। गिली ने एआई स्टार्टअप स्टेपफन के साथ ऑटोनॉमस ड्राइविंग और आईफ्लाईटेक के साथ वॉयस रिकग्निशन के लिए करार किया। विशेषज्ञों के मुताबिक बीवाईडी का बैटरी नवाचार शानदार है। 10 मिनट की फास्ट चार्जिंग और -30 डिग्री सेल्सियस पर प्रदर्शन शानदार हैं। पर जब पूरा उद्योग सॉफ्टवेयर, एआई और एंटरटेनमेंट की तरफ मुड़ रहा हो, तो सिर्फ बैटरी के दम पर आगे बने रहना मुश्किल होता जा रहा है। सवाल यह है क्या ‘सब कुछ खुद बनाओ’ वाली सोच इस युग में भी काम आएगी? बीवाई ने रणनीति बदली गिरती बिक्री के बीच बीवाईडी ने जल्दबाजी में ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक पूरी तरह तैयार होने से पहले ही कई सस्ते मॉडलों में उतार दी। कई हादसे हुए। हुआवे के वरिष्ठ अधिकारी यू चेंगडोंग ने कहा, जो काफी अच्छा और सुरक्षित इंटेलिजेंट ड्राइविंग है, वो दो बिल्कुल अलग स्तर हैं। इस दबाव में वांग चुआनफू ने कहा- बीवाईडी पहली कंपनी होगी जो ऑटोनॉमस ड्राइविंग हादसों से होने वाले नुकसान की भरपाई करेगी। हेडक्वार्टर में अब एक नया प्रदर्शन होता है, ड्राइवर हाथ हटाकर बैठता है और कार खुद पार्किंग में अपनी जगह तय करती है।

ऋषिकेश में स्कूटी पर घूमती नजर आईं रवीना टंडन:परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में हुईं शामिल, स्वामी चिदानंद सरस्वती का लिया आशीर्वाद

ऋषिकेश में स्कूटी पर घूमती नजर आईं रवीना टंडन:परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में हुईं शामिल, स्वामी चिदानंद सरस्वती का लिया आशीर्वाद

बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ऋषिकेश के जानकी सेतु पर स्कूटी पर घूमती नजर आईं। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान रवीना टंडन परमार्थ निकेतन पहुंची थीं। स्कूटी पर जानकी पुल पार करती नजर आईं रवीना रवीना टंडन साड़ी पहने और मुंह पर पीला गमछा ओढ़े स्कूटी पर जानकी पुल पार करती नजर आईं। इस दौरान वह ‘हर हर गंगे’ के जयकारे भी लगा रही थीं। उन्हें देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी सादगी की सराहना की। सैकड़ों लोग उन्हें देखने के लिए जमा हो गए और रवीना ने कई प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी ली। गंगा आरती में हुईं शामिल रवीना टंडन ने परमार्थ निकेतन में कथा सुनी, गंगा आरती में हिस्सा लिया और गौ पूजन भी किया। इन दो दिनों में रवीना पूरी तरह भक्ति में लीन दिखीं। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती का आशीर्वाद भी लिया। प्रवास के बाद लौंटी मुंबई अपने प्रवास के बाद रवीना मुंबई लौट गई हैं। रवीना अक्सर परमार्थ निकेतन आती रहती हैं और उनका मानना है कि सभी को जीवन में एक बार ऋषिकेश का दौरा करना चाहिए।

बिग टीएमसी स्प्लिट ब्रूइंग? सुखेंदु शेखर रॉय, 5 अन्य सांसदों ने दिल्ली में भाजपा नेता भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की | भारत समाचार

Indian captain Harmanpreet Kaur. (Picture Credit: PTI)

आखरी अपडेट:08 जून, 2026, 14:18 IST पार्टी से इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद पूर्व टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय पांच टीएमसी सांसदों के साथ बीजेपी नेता भूपेन्द्र यादव के आवास पहुंचे। ममता को ताजा झटका: भाजपा नेताओं से मुलाकात करने वाले सांसदों में सुखेंदु, प्रसून बनर्जी तृणमूल कांग्रेस का संसदीय संकट तेजी से गहराता नजर आ रहा है. पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद पूर्व टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय पांच टीएमसी सांसदों के साथ बीजेपी नेता भूपेन्द्र यादव के आवास पहुंचे. बैठक में पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे. सूत्रों ने कहा कि बागी टीएमसी सांसद फिलहाल यादव से बातचीत कर रहे हैं। बैठक में भाग लेने वालों में टीएमसी के लोकसभा सांसद प्रसून बनर्जी भी शामिल हैं, जो पार्टी के संसदीय रैंकों में संभावित बड़े विभाजन का संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इंडिया ब्लॉक बैठक के लिए राष्ट्रीय राजधानी में हैं। उपस्थित लोगों में बर्धमान पूर्व सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा सांसद प्रसून बनर्जी, कूच बिहार सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया, बांकुरा सांसद अरूप चक्रवर्ती, झारग्राम सांसद कालीपद सोरेन और बोलपुर सांसद असित मल शामिल थे। एक सूत्र ने यह भी दावा किया कि मथुरापुर के सांसद बापी हलदर ने बैठक में भाग लिया। सुखेंदु रे के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए, बागी टीएमसी विधायक और विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “यह सिर्फ सुखेंदु के बारे में नहीं है। मैंने सुखेंदु से बात नहीं की है। लेकिन मैंने टीवी पर सुखेंदु के बयान देखे और सुने हैं। उन्होंने जो कहा है, उसमें से ज्यादातर से मैं सहमत हूं। और सुखेंदु संसद के उच्च सदन के कामकाज के बारे में बिल्कुल सही हैं। संसद प्रश्नोत्तरी का स्थान नहीं है…” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया बिग टीएमसी स्प्लिट ब्रूइंग? सुखेंदु शेखर रॉय, 5 अन्य सांसदों ने दिल्ली में भाजपा नेता भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)टीएमसी संकट(टी)ममता बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)टीएमसी संसदीय संकट(टी)सुखेंदु शेखर रॉय(टी)टीएमसी सांसदों की बैठक(टी)बीजेपी नेता भूपेन्द्र यादव(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)सुवेंदु अधिकारी

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

टोटो, दुनिया की सबसे छोटी जनजाति है। पश्चिम बंगाल के टोटोपारा गांव में इस जनजाति के आखिरी बचे 1700 लोग रहते हैं। गांव अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा था, इकलौते स्कूल में एक अतिरिक्त कमरे की जरूरत थी। खानपान को बचाने के लिए महिलाएं कैफे खोलना चाहती थीं। टोटोपारा से 2500 किलोमीटर दूर बेंगलुरु की क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के छात्रों का 14 सदस्यीय दल बीते साल इस गांव की विजिट पर आया। अपने 10 दिन के टूर में छात्रों ने महिलाओं के साथ मिलकर कैफे का प्राइसिंग मॉडल-मेन्यू बनाया। छात्रों की इस यात्रा से गांव को 6 लाख रु. की कमाई हुई। इससे स्कूल का कमरा तैयार हो गया, कैफे भी खुल गया। ‘लोकल नैरेटिव्स’ ने गांवों में पर्यटन को मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लर्निंग से जोड़ दिया। जापान-ऑस्ट्रेलिया के 10 संस्थान जुड़े ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू कासल, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी और जापान में टोक्यो व नागोया के 8 स्कूलों के बच्चे इसे सीखने के लिए भारत आ रहे हैं। भारत के 50 गांव मेजबानी के लिए तैयार वैष्णवी बताती हैं, लोकल नैरेटिव्स की शुरुआत 2021 में हुई। कम्युनिटी आधारित पर्यटन का उद्देश्य लोकल की तरह गांव में रहकर जनजीवन समझना-सीखना है। इसमें 50 गांवों को मेजबानी के लिए तैयार किया है। इससे गांवों को भी फायदा हो रहा है। उत्तराखंड के सुनकिया में छात्रों की यात्रा के बाद वहां देश की पहली कम्युनिटी टूरिज्म प्लेबुक तैयार हुई। इससे पर्यटन में मदद मिल रही है। एक अन्य यात्रा में गोवा के असनोरा में बुनकर महिलाओं को खरीदारों से जोड़ा, इससे उनकी कमाई बढ़ी। वैष्णवी सोमानी फाउंडर- लोकल नैरेटिव्स IIM बेंगलुरु ने इसे क्रेडिट प्रोग्राम के रूप में अप्रूव किया वैष्णवी कहती हैं, हमने पर्यटन को लर्निंग से जोड़ा। इसके लिए 5 दिन का करिकुलम बनाया। इसमें लोकल नैरेटिव्स को-फैकल्टी था। IIM बेंगलुरु ने इस कोर्स को अप्रूव किया। यानी गांवों में सामाजिक उद्यमिता सीखने के बाद छात्रों को 3 क्रेडिट मतलब मार्क्स भी मिल रहे हैं। – जैसा रोमेश साहू को बताया

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

10 राज्यों के 50 गांवों में पर्यटन के साथ लर्निंग:विदेशी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बने भारतीय गांव, स्थानीय उत्पाद बिकने से सुधरी अर्थव्यवस्था

टोटो, दुनिया की सबसे छोटी जनजाति है। पश्चिम बंगाल के टोटोपारा गांव में इस जनजाति के आखिरी बचे 1700 लोग रहते हैं। गांव अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा था, इकलौते स्कूल में एक अतिरिक्त कमरे की जरूरत थी। खानपान को बचाने के लिए महिलाएं कैफे खोलना चाहती थीं। टोटोपारा से 2500 किलोमीटर दूर बेंगलुरु की क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के छात्रों का 14 सदस्यीय दल बीते साल इस गांव की विजिट पर आया। अपने 10 दिन के टूर में छात्रों ने महिलाओं के साथ मिलकर कैफे का प्राइसिंग मॉडल-मेन्यू बनाया। छात्रों की इस यात्रा से गांव को 6 लाख रु. की कमाई हुई। इससे स्कूल का कमरा तैयार हो गया, कैफे भी खुल गया। ‘लोकल नैरेटिव्स’ ने गांवों में पर्यटन को मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लर्निंग से जोड़ दिया। जापान-ऑस्ट्रेलिया के 10 संस्थान जुड़े ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू कासल, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी और जापान में टोक्यो व नागोया के 8 स्कूलों के बच्चे इसे सीखने के लिए भारत आ रहे हैं। भारत के 50 गांव मेजबानी के लिए तैयार वैष्णवी बताती हैं, लोकल नैरेटिव्स की शुरुआत 2021 में हुई। कम्युनिटी आधारित पर्यटन का उद्देश्य लोकल की तरह गांव में रहकर जनजीवन समझना-सीखना है। इसमें 50 गांवों को मेजबानी के लिए तैयार किया है। इससे गांवों को भी फायदा हो रहा है। उत्तराखंड के सुनकिया में छात्रों की यात्रा के बाद वहां देश की पहली कम्युनिटी टूरिज्म प्लेबुक तैयार हुई। इससे पर्यटन में मदद मिल रही है। एक अन्य यात्रा में गोवा के असनोरा में बुनकर महिलाओं को खरीदारों से जोड़ा, इससे उनकी कमाई बढ़ी। वैष्णवी सोमानी फाउंडर- लोकल नैरेटिव्स IIM बेंगलुरु ने इसे क्रेडिट प्रोग्राम के रूप में अप्रूव किया वैष्णवी कहती हैं, हमने पर्यटन को लर्निंग से जोड़ा। इसके लिए 5 दिन का करिकुलम बनाया। इसमें लोकल नैरेटिव्स को-फैकल्टी था। IIM बेंगलुरु ने इस कोर्स को अप्रूव किया। यानी गांवों में सामाजिक उद्यमिता सीखने के बाद छात्रों को 3 क्रेडिट मतलब मार्क्स भी मिल रहे हैं। – जैसा रोमेश साहू को बताया

करिश्मा कपूर ने बताई वेब सीरीज 'ब्राउन' की चुनौतियां:कॉप रीटा की भूमिका मेरे करियर में सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली रही

करिश्मा कपूर ने बताई वेब सीरीज 'ब्राउन' की चुनौतियां:कॉप रीटा की भूमिका मेरे करियर में सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली रही

करिश्मा कपूर अब ओटीटी पर अपने नए अवतार में नजर आ रही हैं। जी-5 की वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में उन्होंने अपने किरदार, कोलकाता में मुश्किलों से भरी शूटिंग आदि पर खुलकर बात की… इस प्रोजेक्ट का हिस्सा कैसे बनीं? शुरुआत में मैंने इस प्रोजेक्ट के लिए साफ मना कर दिया था। कहानी और किरदार पसंद आए थे लेकिन 50-60 दिन कोलकाता में शूटिंग करने को लेकर मैं सहज नहीं थी। उस दौरान जी स्टूडियोज की टीम बार-बार मुझसे मिलती रही। मैं महबूब स्टूडियो में शूट कर रही थी, तब भी वे पहुंचे। आखिरकार मैंने 20 मिनट निकालकर निर्देशक अभिनय देव और टीम से बात की। रीटा ब्राउन के किरदार के बारे में सुनते ही मेरा नजरिया बदल गया और मैंने तुरंत हां कह दिया। रीटा ब्राउन जैसा किरदार निभाने के लिए कैसी तैयारी करनी पड़ी? रीटा मुझसे बिल्कुल अलग है। वह अल्कोहलिक है, चेन स्मोकर है और दवाइयों पर निर्भर रहती है। हमारा मकसद एक ऐसी महिला को दिखाना था जो अंदर से पूरी तरह टूट चुकी है। हमने मेकअप तक का इस्तेमाल नहीं किया। लगातार सिगरेट पीने की वजह से उसके होंठ तक खराब दिखाए गए हैं। यह मेरे करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली भूमिका रही। यह वर्दीधारी रोल बाकी पुलिस किरदारों से कितना अलग है? यह कोई टिपिकल फिट और एक्शन से भरपूर पुलिस अधिकारी नहीं है। शुरुआत में रीटा इतनी अनफिट है कि ठीक से दौड़ भी नहीं पाती। हमने दिखाया है कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से कितनी टूटी हुई है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है और मर्डर मिस्ट्री खुलती है, उसका व्यक्तित्व भी बदलता है। उसका खुद को फिर से संभालना और मजबूत बनना ही इस कहानी की आत्मा है। कोलकाता में शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? सच कहूं तो हम कोलकाता की सर्दियां, क्रिसमस का माहौल और शहर की खूबसूरती को कैमरे में कैद करना चाहते थे लेकिन कोविड की वजह से पूरा शेड्यूल बदल गया और जब हम वहां पहुंचे, तब भीषण गर्मी पड़ रही थी। तापमान 48 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच था। उस मौसम में रियल लोकेशंस पर शूटिंग करना आसान नहीं था। हमें लंबे-लंबे चेज सीक्वेंस, इन्वेस्टिगेशन वाले सीन और घंटों बाहर रहकर शूट करना पड़ता था। क्या यह कोलकाता को करीब से देखने का आपका पहला अनुभव था? मैं पहले भी कई बार इवेंट्स और प्रमोशन के लिए कोलकाता गई हूं, लेकिन इस प्रोजेक्ट के दौरान जिस तरह हमने शहर को जिया और अलग-अलग लोकेशंस पर शूट किया, वह अनुभव बिल्कुल नया और यादगार था। आपकी प्राथमिकताएं आज के दौर में कितनी बदली हैं? मुझे लगता है कि समय के साथ हर कलाकार की सोच और उसकी प्राथमिकताएं भी बदलती हैं। 90 के दशक में हमारा सिनेमा अलग था, वहां स्टारडम, गाने, बड़े सेट और कमर्शियल अपील का अपना महत्व था। मैंने उस दौर को भी पूरी तरह जिया और दर्शकों से बहुत प्यार पाया लेकिन आज का समय कंटेंट और किरदारों का है, जहां कलाकारों को खुद को नए तरीके से एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। आज मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे ऐसे रोल मिल रहे हैं।

चांदी ₹15,748 गिरकर ₹2.41 लाख किलो पर आई:8 दिन में ₹22 हजार की गिरावट; सोना आज ₹3470 टूटा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.51 लाख

चांदी ₹15,748 गिरकर ₹2.41 लाख किलो पर आई:ऑलटाइम हाई से ₹1.45 लाख गिर चुकी, सोना आज ₹3,470 टूटा; 10 ग्राम की कीमत ₹1.51 लाख

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से आज यानी 8 जून को सोने-चांदी के दाम में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 3,470 रुपए गिरकर 1.51 लाख रुपए हो गया है। वहीं 1 किलो चांदी की कीमत 15,748 रुपए कम होकर 2.41 लाख रुपए पर आ गई है। 31 मई को चांदी की कीमत 2,63,350 रुपए थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते लोग मार्केट से पैसा निकालकर अपने पास कैश रख रहे हैं। ऑलटाइम हाई से 1.45 लाख रुपए गिरी चांदी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 25 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 130 दिन में चांदी 1.45 लाख रुपए सस्ती हो गई है। सोना 130 दिन में ₹25 हजार और चांदी ₹1.45 लाख सस्ती सोर्स: IBJA गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:

5 स्टार इलेक्ट्रोनिकी डेकोरेटरी में सीलिंग फैन क्यों नहीं होते? जानिए इसके पीछे का मॉडल वाला सच

5 स्टार इलेक्ट्रोनिकी डेकोरेटरी में सीलिंग फैन क्यों नहीं होते? जानिए इसके पीछे का मॉडल वाला सच

जब भी हम किसी 5-स्टार या विला होटल में स्टेस्ट का प्लान बनाते हैं, तो वहां मिलने वाली प्रॉपर्टी और शाही किराए का एक अलग ही मजा होता है। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि तीसरी मंज़िल और पैलेस में एयर कंसीलर तो होता है, लेकिन छत पर पंखा वास्तव में नहीं होता है? इसके पीछे की वजह क्या है? क्या यह सिर्फ कमरे को एक ‘आधुनिक लुक’ देने के लिए दिया गया है, या इसके पीछे कुछ अत्यधिक व्यावहारिक और सुरक्षा संबंधी कारण हैं? आइए जानते हैं। एयर कंडीशनिंग सिस्टम और सेंट्रल कूलिंग सर्बिया में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है। यह सिस्टम पूरे कमरे के तापमान को एक समान और नियंत्रित करता है। जब कमरे से पहले ही पूरी तरह से वायु कंडीशन होता है, तो कोरिया की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाती है। पार्टियों को आराम देने के लिए यह सिस्टम अधिक प्रभावशाली और सशक्त होता है। विज़न का ‘लग्जरी’ डिज़ाइन होटल के दस्तावेज़ को एक विशेष सौंदर्य के साथ डिज़ाइन किया गया है। एक शानदार जूमर या फ़ॉल्स सीलिंग के साथ फ़ेला रूम का लुक कहीं न कहीं ‘डाउन’ करता है। होटल युनिवर्सिटी देना रूम को एक प्रीमियम और शानदार लुक देना चाहते हैं, जिसमें पंखा फिट नहीं है। सफाई करने में परेशानी वफ़ा की सफाई करना एक बड़ी चुनौती है। यदि छत पर पंजाब लगे हों, तो उन पर जमीं कूड़े को नियमित रूप से साफ करना है। हर चेक-आउट के बाद माउंटेन को चमकाना होटल स्टाफ के लिए काफी समय लेने वाला काम है। साथ ही, धूल उड़ने से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है, जिससे बचाव के लिए धूल को पूरी तरह से दूर किया जा सकता है। बिना यूरोप की बनी रहेगी शांति होटल अपने सामान को ‘शांति’ और ‘सुखद नींद’ का वादा करते हैं। कई बार यूक्रेन रिवाइवल लाइट आवाज आती है। जो एक सार्वभौम एबाइनेंट बुरा हो सकता है। वहीं, आधुनिक एसी सिस्टम बहुत ही शांत तरीके से काम करते हैं, जिससे कमरा बिल्कुल शांत बना रहता है। सुरक्षा और दुर्घटना का डर समुद्री तट पर रहने का समय या उनका पुराना हो जाने पर खतरा रहता है। इसके अलावा, दुर्भाग्यवश, आत्महत्या जैसे गलत उदाहरणों का उपयोग कई बार किया जा सकता है। अफ़गानिस्तान की क़ीमती मूर्तियाँ एक बड़े होटल में सैकड़ों कमरे हैं। प्लांटा, फिर उनकी वायरिंग करना और लगातार मेंटेनेंस का खर्च उठाना एक बड़ी लागत है। हालाँकि यह मुख्य कारण नहीं है, लेकिन किसी की जगह बेहतर एयर कंडीशनिंग में निवेश करने के लिए और अधिक कमाल होता है। ये भी पढ़ें – निर्जला एकादशी 2026 तिथि: 24 या 25 जून कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व