Tuesday, 06 Oct 2026 | 11:42 PM

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जैकलीन ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट पहुंचीं:खुद को बेकसूर बताया; सुकेश के ठगी के पैसों से महंगे गिफ्ट लेने के आरोप

जैकलीन ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट पहुंचीं:खुद को बेकसूर बताया; सुकेश के ठगी के पैसों से महंगे गिफ्ट लेने के आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुईं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया और उन्हें खारिज कर दिया। कोर्ट की कार्यवाही खत्म होते ही जैकलीन सीधे परिसर से बाहर निकलकर रवाना हो गईं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर के साथ जैकलीन की भूमिका और पैसों के लेन-देन की जांच कर रहा है। कोर्ट में आरोपों को किया खारिज जैकलीन फर्नांडिस बुधवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट पहुंची थीं। कोर्ट में उनके खिलाफ तय किए जा रहे आरोपों को लेकर बहस हुई। जैकलीन ने जज के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन पर लगाए गए मनी लॉन्ड्रिंग के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने किसी भी तरह के गलत लेन-देन में शामिल होने से साफ इनकार किया है। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते हुए जैकलीन के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जहां वे मीडिया से बिना बात किए अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गईं। क्या है 200 करोड़ का यह मामला यह पूरा मामला हाई-प्रोफाइल ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। सुकेश पर आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल के अंदर से ही फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की थी। जांच एजेंसी ED का दावा है कि सुकेश ने इसी वसूली की रकम का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस और उनके परिवार पर खर्च किया था। सुकेश ने जैकलीन को लुभाने के लिए करोड़ों रुपए के गिफ्ट दिए थे। ED की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी हैं जैकलीन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच के बाद दाखिल की गई अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था। ED का कहना है कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक बैकग्राउंड और जबरन वसूली के पैसों के बारे में पहले से जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने उससे महंगे तोहफे लेना जारी रखा। इन गिफ्ट्स में लग्जरी गाड़ियां, महंगे ब्रांडेड बैग, कपड़े, ज्वेलरी और कई कीमती पेट्स (पालतू जानवर) शामिल थे। लीगल टीम की दलील- जैकलीन खुद पीड़ित हैं दूसरी तरफ, जैकलीन फर्नांडिस की लीगल टीम लगातार कोर्ट में यह दलील दे रही है कि एक्ट्रेस इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि जैकलीन खुद सुकेश चंद्रशेखर की साजिश का शिकार हुई हैं और उन्होंने सुकेश को एक बिजनेसमैन समझकर उससे दोस्ती की थी। जांच के दौरान सुकेश और जैकलीन की कई निजी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। फिलहाल इस मामले में कोर्ट यह तय कर रहा है कि आरोपों के आधार पर केस को आगे कैसे बढ़ाया जाए।

डिस्काउंट की बारिश; मंदी से लड़ रहे फैशन ब्रांड्स:बिक्री 30% घटी तो जुलाई की सेल जून में, फैशन प्रोडक्ट्स पर 40% तक छूट

डिस्काउंट की बारिश; मंदी से लड़ रहे फैशन ब्रांड्स:बिक्री 30% घटी तो जुलाई की सेल जून में, फैशन प्रोडक्ट्स पर 40% तक छूट

फैशन रिटेलर्स ने इस साल बिक्री बढ़ाने के लिए समय से पहले ही बड़े डिस्काउंट का सहारा लेना शुरू कर दिया है। कई कंपनियों और रिटेलर्स ने मिड-सीजन सेल लॉन्च कर दी है। आम तौर पर ऐसी सेल जुलाई में शुरू होती है। बढ़ती महंगाई, वैश्विक अनिश्चितताओं और ग्राहकों की सतर्क खरीदारी के बीच स्टॉक खाली करना और कमजोर मांग से निपटना इस रणनीति का लक्ष्य है। इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, बीते दो महीनों में फैशन सेक्टर की बिक्री करीब 30% कम हो गई है। पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, एलपीजी और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च के चलते ज्यादातर उपभोक्ता कपड़े और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स पर खर्च घटाने लगे हैं। यह घरेलू बजट संतुलित रखने के प्रयास का हिस्सा है। इसे देखते हुए बिक्री बढ़ाने के लिए आधा दर्जन ब्रांड्स और मिंत्रा, नायका फैशन, फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर 40% तक छूट दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रिटेलर्स अब पारंपरिक ‘एंड-ऑफ-सीजन सेल’ का इंतजार करने के बजाय बीच सीजन में ही इन्वेंट्री निकालने की रणनीति अपना रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि उपभोक्ता अब खर्च करने से पहले कीमत और वैल्यू को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। चुनौती – गैर-जरूरी खर्च में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे आम भारतीय – पिछले 2 महीनों में फैशन प्रोडक्ट्स की बिक्री करीब 30% घटी – भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू खर्च बढ़ने से लोग चिंतित – बिजनेस के मामले में स्प्रिंग-समर सीजन खासा कमजोर रहा – कंज्यूमर बड़े गैर-जरूरी खर्च में अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे 30% पर आ गई इस साल मार्च में गैर-जरूरी चीजें खरीदने की इच्छा, पहले ये 70% से ऊपर थी। रणनीति – ग्राहक स्टोर तक आएं, ऐसी कोशिश ब्लैंकेट मार्कडाउन नहीं- सिर्फ चुनिंदा स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स पर डिस्काउंट दे रहीं कंपनियां। बंडलिंग ऑफ- 1+1, 1+2 जैसे ऑफर्स की मदद से एक खरीदारी पर ज्यादा प्रोडक्ट बेचने की चल रही कोशिश। इसमें एक प्रोडक्ट की खरीदारी पर एक या दो प्रोक्ट्स फ्री देने की पेशकश की जाती है। फुटफॉल बढ़ाना- आकर्षक ऑफर के जरिए ग्राहकों को स्टोर तक लाकर त्योहारी सीजन से पहले इन्वेंटरी खाली करना। मार्जिन सुरक्षा- दाम में गहरी छूट की जगह टारगेटेड डिस्काउंट, ताकि मार्जिन बना रहे। ग्रोथ: चार साल में 52% बढ़ा भारतीय फैशन/अपैरल बाजार, 2025 में मार्केट साइज 11 लाख करोड़ पार वर्ष – मार्केट साइज विश्लेषण 2021 – 7.5 कोविड बाद रिकवरी; बिक्री 45% बढ़ी 2022 – 8.5 फिजिकल स्टोर खुले; 15-20% ग्रोथ 2023 – 9.5 बिक्री अनुमान के अनुरूप 2024 – 10 बिक्री अनुमान से ज्यादा 2025 – 11.4 14 फीसदी की तेज ग्रोथ (नोट: आंकड़े लाख करोड़ रुपए में, स्रोत: स्टैटिस्टा, वजीर एडवाइजर्स) ‘एंड-ऑफ-सीजन सेल’ भी जल्द शुरू होने के आसार पहले: जुलाई में शुरू होती थी और 15 अगस्त तक चलती थी अब: जून के शुरुआती हफ्ते में शुरू हो गई, ताकि बिक्री बढ़े कलेक्शन: अगस्त की जगह मिड-जुलाई से ही आने लगेगा कंज्यूमर मूड: डेलॉय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च के दौरान भारत में बड़ी और गैर-जरूरी शॉपिंग की इच्छा घटकर 65% पर आ आई, जो पहले 70% थी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारतीय उपभोक्ता कैलिब्रेटेड कंजम्पशन के दौर में हैं। यानी ये आकांक्षा और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में हैं।’

टीएमसी में विद्रोही: तृणमूल दो हिस्सों में बंट गई – जावेद खान, शिउली साहा और पूरी बागी विधायक सूची | कोलकाता-समाचार समाचार

TMC’s Rebel MLA Ritabrata Banerjee reachec assembly claiming that he has support of 59 MLAs. (Source: X/PTI)

आखरी अपडेट:03 जून, 2026, 12:31 IST चुनाव नतीजों के बमुश्किल एक महीने बाद, लगभग 60 टीएमसी विधायकों – जिनमें पूर्व ममता वफादार भी शामिल हैं – ने विपक्ष के नेता के रूप में रीताब्रत बनर्जी की मांग की है। एक समय ममता बनर्जी के वफादार रहे विधायकों ने आज सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ 60 हस्ताक्षरों के साथ विधानसभा की ओर मार्च किया। चुनाव परिणाम घोषित होने के बमुश्किल एक महीने बाद ही तृणमूल कांग्रेस में तीव्र और खुले तौर पर टूट हो गई है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक विद्रोही गुट बुधवार को लगभग 60 विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचा, जिससे एक नाटकीय घटनाक्रम सामने आया जिसने सत्तारूढ़ दल के भीतर गहरी दरार को उजागर कर दिया है। विद्रोही समूह स्पीकर को पत्र लिखकर मांग करेगा कि उलुबेरिया पुरबा के विधायक रीताब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दी जाए। एंटली के संदीपन साहा को विपक्ष के उपनेता के रूप में प्रस्तावित किया गया है, जबकि रघुनाथगंज विधायक अखुरज्जमां का नाम मुख्य सचेतक के रूप में आगे बढ़ाया गया है। विद्रोही क्या मांग रहे हैं? इस कदम से पहले असंतुष्ट दो दिनों से कोलकाता में डेरा डाले हुए थे। मंगलवार शाम को एमएलए हॉस्टल में बागी विधायकों की एक बैठक हुई, जिसमें बनर्जी और साहा ने भाग लिया, जिससे आज विधानसभा में पेश होने से पहले समूह की स्थिति पक्की हो गई। पूर्व मंत्री और सुजापुर विधायक सबीना यास्मीन ने स्पष्ट कहा: “हम विपक्ष के नेता के रूप में रीतब्रत बनर्जी का नाम प्रस्तावित करेंगे।” विद्रोह के पीछे कौन है? जो चीज़ विद्रोह को महत्वपूर्ण बनाती है वह है इसकी व्यापकता। यह सिर्फ असंतुष्ट दिग्गजों का जमावड़ा नहीं है – विद्रोही खेमे का समर्थन करने वालों में कई पहली बार विधायक बने हैं जिन्होंने कुछ हफ्ते पहले ही अपनी सीटें जीती हैं। मुर्शिदाबाद जिले के बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक-समुदाय के विधायकों ने भी समूह के समर्थन में अपना समर्थन दिया है। कुछ प्रमुख नामों में शामिल हैं: • पूर्व मंत्री जावेद खान (कस्बा) – एक समय ममता बनर्जी के करीबी माने जाते थे • पूर्व मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा (बोलपुर) – एक और पूर्व ममता वफादार • बीरभूम के ताकतवर काजल शेख • पूर्व मंत्री शिउली साहा (केशपुर) • संदीपन साहा (अंततः), विपक्ष के प्रस्तावित उपनेता • ऋतब्रत बनर्जी (उलुबेरिया पुरबा), विद्रोही चेहरा क्या खुलेआम सामने आए सभी विधायक बागी हैं? काफी नहीं। बुधवार, 3 जून को विधानसभा में आए कुछ विधायकों ने खुलकर बगावत का ऐलान करना बंद कर दिया. कुछ लोगों का कहना था कि ममता बनर्जी उनकी नेता बनी रहेंगी; अन्य लोगों ने विधानसभा में आने का कारण व्यक्तिगत कार्य बताया। कौन से विधायक हैं बागी खेमे में? न्यूज़18 के रिपोर्टर द्वारा ग्राउंड पर निम्नलिखित नामों की पुष्टि की गई. अन्य स्रोतों द्वारा भी अतिरिक्त नाम बताए गए हैं: News18 द्वारा पुष्टि: • बरनाली धारा — कुलपी • सुभाशीष धारा – महेशतला (दक्षिण 24 परगना) • नियामत शेख – हरिहरपारा (मुर्शिदाबाद) • मोहम्मद नूर आलम- समसेरगंज • समीर जाना–पाथरप्रतिमा • तापस मैती – डोमजूर • नीलिमा मिश्रा – बसंती • अरूप रॉय – हावड़ा मध्य • सबीना यास्मीन – सुजापुर • अखुरज्जमां–रघुनाथगंज • उषारानी मंडल – मिनाखान • गुलशन मलिक – पांचला • पिया पाल – सांकराइल • जावेद खान–कस्बा • संदीपन साहा – अंत में • ऋतब्रत बनर्जी – उलुबेरिया पुरबा • प्रसून बनर्जी–चंचल • चंद्रनाथ सिन्हा – बोलपुर • रथिन घोष – मध्यमग्राम • शिउली साहा – केशपुर इसके अतिरिक्त News18 बांग्ला द्वारा रिपोर्ट किया गया: • काजल शेख – बीरभूम • समीर पांजा – उदयनारायणपुर (हावड़ा) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में न्यूज़ डेस्क न्यूज़ डेस्क उत्साही संपादकों और लेखकों की एक टीम है जो भारत और विदेशों में होने वाली सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं का विवरण और विश्लेषण करती है। लाइव अपडेट से लेकर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से लेकर गहन व्याख्याताओं तक…और पढ़ें समाचार शहर कोलकाता-समाचार टीएमसी में विद्रोही: तृणमूल दो हिस्सों में बंट गई – जावेद खान, शिउली साहा और पूरी बागी विधायक सूची अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तृणमूल कांग्रेस(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)रिताब्रता बनर्जी(टी)कोलकाता समाचार(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा

भारतीय सामानों पर 12.5% तक एक्सट्रा टैरिफ लग सकता है:अमेरिका ने 54 देशों पर जबरन मजदूरी का आरोप लगाया; दिल्ली में ट्रेड डील पर बातचीत

भारतीय सामानों पर 12.5% तक एक्सट्रा टैरिफ लग सकता है:अमेरिका ने 54 देशों पर जबरन मजदूरी का आरोप लगाया; दिल्ली में ट्रेड डील पर बातचीत

अमेरिका ने भारत समेत दुनिया की 54 अर्थव्यवस्थाओं को ऐसी लिस्ट में रखा है, जो जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को रोकने में नाकाम रही हैं। इस आधार पर अमेरिका ने अतिरिक्त कस्टम ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव रखा है। पूरी खबर को समझने के लिए पढ़ें यह QA रिपोर्ट… सवाल 1: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की रिपोर्ट में भारत को लेकर क्या कहा गया है? जवाब: USTR ने ‘सेक्शन 301’ के तहत की गई जांच के नतीजे जारी किए हैं। इसमें भारत समेत दुनिया की 54 अर्थव्यवस्थाओं के नाम है। अमेरिका का आरोप है कि इन देशों में फोर्स्ड लेबर की व्यवस्था को रोकने के लिए पर्याप्त और प्रभावी कानूनी उपाय मौजूद नहीं हैं। सवाल 2: अमेरिका ने इन देशों के सामान पर कितना एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है? जवाब: USTR ने अपनी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित देशों से आने वाले सामानों पर 10% से लेकर 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। सवाल 3: इस पूरे मामले पर अमेरिकी प्रशासन का क्या स्टैंड है और उन्होंने क्या बयान दिया है? जवाब: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जेमिसन ग्रीर ने कहा, “हमारे सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी साझेदारों के जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर रोक न लगाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इसकी वजह से ऐसी स्थिति बनती है जहां अमेरिकी वर्कफोर्स को वैश्विक स्तर पर एक असमान मैदान में प्रतिस्पर्धा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह इस जांच के निष्कर्षों के आधार पर जवाबी व्यापारिक कार्रवाई आगे बढ़ाएगा। सवाल 4: यह ‘सेक्शन 301’ क्या है, जिसके तहत अमेरिका यह कार्रवाई कर रहा है? जवाब: सेक्शन 301 अमेरिका के ‘ट्रेड एक्ट ऑफ 1974’ का एक विशेष प्रावधान है। यह कानून USTR को विदेशी सरकारों की उन व्यापारिक नीतियों, तौर-तरीकों या कदमों की जांच करने का अधिकार देता है जो अमेरिकी व्यापारिक हितों के लिए अनुचित, भेदभावपूर्ण या उन पर बोझ डालने वाली हों। अगर जांच में कोई देश दोषी पाया जाता है, तो अमेरिकी प्रशासन को उस देश के खिलाफ ज्यादा टैरिफ लगाने, कोटा तय करने या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगाने का कानूनी अधिकार मिल जाता है। सवाल 5: भारत के अलावा इस लिस्ट में और कौन-कौन से प्रमुख देश शामिल हैं? जवाब: USTR ने कुल 54 देशों को इस मुख्य लिस्ट में शामिल किया है। इनमें भारत के अलावा चीन, ब्राजील, यूनाइटेड किंगडम (UK), जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा छह अन्य अर्थव्यवस्थाओं- कनाडा, यूरोपीय संघ (EU), मैक्सिको, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और इक्वाडोर को भी कानून को सही ढंग से लागू न करने की श्रेणी में रखा गया है। सवाल 6: इस घोषणा का समय भारत के लिए क्यों संवेदनशील है? जवाब: यह टाइमिंग इसलिए बेहद संवेदनशील है क्योंकि अमेरिकी व्यापार अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस समय नई दिल्ली में है। मंगलवार से दोनों देशों के बीच तीन दिवसीय दौर की बातचीत शुरू हुई है। दोनों पक्ष पिछले 15 महीनों से एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक के ठीक बीच में अमेरिकी एजेंसी का भारत के खिलाफ ऐसी रिपोर्ट जारी करने से बातचीत की टेबल पर दबाव बढ़ सकता है। सवाल 7: द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का क्या कहना है? जवाब: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा था कि 99% चीजें फाइनल हो चुकी हैं। अब केवल छोटे मुद्दों, कॉमा और फुल स्टॉप पर चर्चा हो रही है। अमेरिका में हाल ही में हुए कानूनी बदलावों को इस समझौते में कैसे शामिल करना है, इसी को फाइनल किया जा रहा है। गोयल को उम्मीद है कि जल्द ही पहले ट्रांच पर साइन हो जाएंगे। सवाल 8: क्या भारत अमेरिका के साथ इस डील को तुरंत फाइनल कर पाएगा या कोई अड़चन है? जवाब: 99% बातचीत पूरी होने के बावजूद डील के तुरंत फाइनल होने की उम्मीद कम है। इसका कारण यह है कि ट्रंप प्रशासन के लगाए गए अस्थाई 10% टैक्स की अवधि अगले महीने खत्म हो रही है। जब तक वाशिंगटन अपने टैरिफ ढांचे को लेकर पूरी स्पष्टता नहीं देता, तब तक डील पर अंतिम मुहर लगना मुश्किल है। भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके एक्सपोर्टर्स को प्रतिद्वंद्वी देशों के मुकाबले अमेरिकी मार्केट में प्रतिस्पर्धी स्थिति मिलती रहे। सवाल 9: अमेरिका की तरफ से भारत पर ‘जबरन श्रम’ के अलावा क्या कोई और भी जांच चल रही है? जवाब: हां, भारत इस समय अमेरिका की दो अलग-अलग ‘सेक्शन 301’ जांच का सामना कर रहा है। पहली जांच जबरन श्रम को रोकने के उपायों को लेकर है। वहीं दूसरी जांच सोलर मॉड्यूल्स, प्रोसेस्ड फूड, स्टील और एल्युमिनियम जैसे सेक्टर्स में कथित ‘स्ट्रक्चरल ओवरकैपेसिटी’ (जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता) को लेकर है। इस जांच में भारत के साथ दुनिया के 14 अन्य देश भी शामिल हैं। सवाल 10: इस स्थिति का भारतीय एक्सपोर्टर्स पर क्या असर पड़ सकता है? जवाब: अगर अमेरिका अतिरिक्त 10% से 12.5% की ड्यूटी लागू कर देता है, तो भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे जिससे हमारे एक्सपोर्ट को नुकसान हो सकता है। हालांकि, USTR ने टेक्सटाइल और अपैरल के लिए एक अलग मैकेनिज्म का सुझाव दिया है। इसके तहत चुनिंदा देशों से एक निश्चित मात्रा में कपड़ों के इंपोर्ट को कम ‘सेक्शन 301’ टैरिफ रेट पर अनुमति दी जा सकती है। भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए यह एक मामूली राहत की बात हो सकती है।

‘असली तृणमूल’ बनाम ममता? 59 टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर के साथ रीताब्रत बनर्जी ने बंगाल विधानसभा में प्रवेश किया | भारत समाचार

DKS was elected as leader of the Congress Legislature Party in Karnataka on May 30. (Image: News18)

आखरी अपडेट:03 जून, 2026, 11:05 IST पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता पद में बदलाव की मांग के लिए निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रत बनर्जी ने 50 से अधिक हस्ताक्षर हासिल किए हैं। निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रत ने 59 विधायकों के समर्थन का दावा किया। फ़ाइल चित्र/एक्स पश्चिम बंगाल में निष्कासित टीएमसी विधायक रीताब्रत के 59 विधायकों के समर्थन का दावा करने के बाद विधानसभा में प्रवेश करने के बाद एक बड़ा राजनीतिक मंथन चल रहा है। News18 के सूत्रों ने कहा कि उन्होंने विपक्ष के नेता पद में बदलाव की मांग के लिए 50 से अधिक हस्ताक्षर हासिल कर लिए हैं, जिससे राज्य के विपक्षी रैंकों के भीतर एक नए सत्ता संघर्ष के लिए मंच तैयार हो गया है। (लेख अपडेट किया जाएगा) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शुद्धान्त पात्र आठ साल के अनुभव के साथ एक अनुभवी पत्रकार, शुद्धंता पात्रा, सीएनएन न्यूज़ 18 में वरिष्ठ उप-संपादक के रूप में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीति, व्यावसायिक समाचारों में विशेषज्ञता के साथ, उन्होंने प्रभावित किया है…और पढ़ें जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘असली तृणमूल’ बनाम ममता? 59 टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षर के साथ रीताब्रत बनर्जी ने बंगाल विधानसभा में प्रवेश किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी(टी)असली टीएमसी(टी)रीताब्रता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल राजनीतिक संकट(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)टीएमसी विधायक निष्कासित(टी)रीताब्रता का समर्थन(टी)विपक्ष के नेता परिवर्तन(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)बंगाल

सेंसेक्स 700 अंक गिरकर 73,900 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 200 अंक नीचे 23,300 पर आया; आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

सेंसेक्स 700 अंक गिरकर 73,900 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 200 अंक नीचे 23,300 पर आया; आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

आज यानी बुधवार, 3 जून को सेंसेक्स 700 अंक (0.96%) की गिरावट के साथ 73,900 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 200 अंकों (0.80%) की गिरावट है, ये 23,300 पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही विदेशी निवेशकों ने कल 8 हजार करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार 383 अंक चढ़कर बंद हुआ था

सेंसेक्स 900 अंक गिरकर 73,700 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 250 अंक नीचे 23,250 पर आया; आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

सेंसेक्स 900 अंक गिरकर 73,700 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 250 अंक नीचे 23,250 पर आया; आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

आज यानी बुधवार, 3 जून को सेंसेक्स 900 अंक (1.20%) की गिरावट के साथ 73,900 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 250 अंकों (1%) की गिरावट है, ये 23,250 पर आ गया है। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही विदेशी निवेशकों ने कल 8 हजार करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार 383 अंक चढ़कर बंद हुआ था

RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:ब्याज दर में कटौती की उम्मीद नहीं, अभी रेपो रेट 5.25% पर

RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:ब्याज दर में कटौती की उम्मीद नहीं, अभी रेपो रेट 5.25% पर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग आज यानी 3 जून से शुरू हो रही है। यह मीटिंग 5 जून तक चलेगी और इसी दिन इसमें लिए गए सभी फैसलों का ऐलान किया जाएगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस मीटिंग में ब्याज दरों में कटौती की कम ही उम्मीद है। इससे पहले अप्रैल में हुई मीटिंग में भी रेपो रेट में कटौती नहीं की गई थी। 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है। हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। बीते दिनों रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठकों का शेड्यूल जारी किया था। इस वित्तीय वर्ष में कुल 6 बैठकें होनी हैं, ये इस वित्त वर्ष की दूसरी मीटिंग है। पहली बैठक अप्रैल में हुई थी।

RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:ब्याज दर में कटौती की उम्मीद नहीं, अभी रेपो रेट 5.25% पर

RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:ब्याज दर में कटौती की उम्मीद नहीं, अभी रेपो रेट 5.25% पर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग आज यानी 3 जून से शुरू हो रही है। यह मीटिंग 5 जून तक चलेगी और इसी दिन इसमें लिए गए सभी फैसलों का ऐलान किया जाएगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस मीटिंग में ब्याज दरों में कटौती की कम ही उम्मीद है। इससे पहले अप्रैल में हुई मीटिंग में भी रेपो रेट में कटौती नहीं की गई थी। 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है। हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। बीते दिनों रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठकों का शेड्यूल जारी किया था। इस वित्तीय वर्ष में कुल 6 बैठकें होनी हैं, ये इस वित्त वर्ष की दूसरी मीटिंग है। पहली बैठक अप्रैल में हुई थी।

ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे वनडे में पाकिस्तान को हराया:नाथन एलिस ने चटकाए 4 विकेट; शादाब खान की 71 रन की पारी बेकार

ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे वनडे में पाकिस्तान को हराया:नाथन एलिस ने चटकाए 4 विकेट; शादाब खान की 71 रन की पारी बेकार

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को 41 रन से हराया। इसके साथ ही सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। नाथन एलिस ने 33 रन देकर 4 विकेट लिए। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवरों में 231 रन बनाए थे। जवाब में पाकिस्तान की टीम 44 ओवरों में 190 रन पर सिमट गई। शादाब खान ने 104 गेंदों में 71 रन बनाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। जोश इंग्लिस और कैमरन ग्रीन की फिफ्टी 51 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद जोश इंग्लिस (51 रन) और कैमरन ग्रीन (50 रन) ने संभलकर बल्लेबाजी की। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी की। इसके बाद मैट रेनशॉ ने 43 और ओलिवर पीक ने 32 गेंदों में 31 रन बनाकर टीम को 231 रन तक पहुंचाया। विकेटकीपर गाजी गोरी को 7 ओवर के लिए ड्रेसिंग रूम जाना पड़ा लाहौर की भीषण गर्मी का असर खिलाड़ियों पर दिखा। विकेटकीपर गाजी गोरी गर्मी और उमस के कारण 7 ओवर के लिए मैदान से बाहर चले गए। उनकी जगह रोहेल नजीर ने विकेटकीपिंग की। लौटने के बाद भी गोरी संघर्ष करते दिखे और कई गेंदें बाई के रूप में बाउंड्री पार गईं। 58 रन पर गिर गए थे पाकिस्तान के 5 विकेट 232 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही। नाथन एलिस और मैट कुहनेमैन ने पहले दो ओवरों में दोनों ओपनर्स को आउट किया। ऑस्ट्रेलिया ने 12 ओवर के अंदर 58 रन पर पाकिस्तान के 5 विकेट गिरा दिए थे। बाबर आजम और माज सदाकत फ्लॉप रहे। शादाब खान और अराफात मिन्हास के बीच 59 रन की साझेदारी एक समय पाकिस्तान की हार तय लग रही थी, लेकिन शादाब खान और अराफात मिन्हास ने छठे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। पैर में जकड़न के बावजूद शादाब क्रीज पर डटे रहे। हारिस रऊफ के साथ 21 रन की साझेदारी में सभी रन शादाब ने बनाए। हालांकि, दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे। नाथन एलिस ने रऊफ को बोल्ड कर पाकिस्तान की आखिरी उम्मीद खत्म कर दी। शादाब खान 71 रन बनाकर तनवीर संघा की गेंद पर स्टंप आउट हुए। अब 5 जून को लाहौर में खेला जाएगा सीरीज का फाइनल मैच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच पाकिस्तान ने जीता था, जबकि दूसरा मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीता। सीरीज 1-1 से बराबर है। अब तीसरा और निर्णायक मुकाबला शुक्रवार, 5 जून को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा।