Wednesday, 03 Jun 2026 | 11:44 AM

Trending :

EXCLUSIVE

RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:ब्याज दर में कटौती की उम्मीद नहीं, अभी रेपो रेट 5.25% पर

RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:ब्याज दर में कटौती की उम्मीद नहीं, अभी रेपो रेट 5.25% पर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग आज यानी 3 जून से शुरू हो रही है। यह मीटिंग 5 जून तक चलेगी और इसी दिन इसमें लिए गए सभी फैसलों का ऐलान किया जाएगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस मीटिंग में ब्याज दरों में कटौती की कम ही उम्मीद है। इससे पहले अप्रैल में हुई मीटिंग में भी रेपो रेट में कटौती नहीं की गई थी। 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है। हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। बीते दिनों रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठकों का शेड्यूल जारी किया था। इस वित्तीय वर्ष में कुल 6 बैठकें होनी हैं, ये इस वित्त वर्ष की दूसरी मीटिंग है। पहली बैठक अप्रैल में हुई थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बालाघाट में शराब खरीददारों को आबकारी पुलिस दे रही सुरक्षा:दुकान के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन जारी, हटाने की मांग पर अड़ी

April 24, 2026/
11:54 am

बालाघाट के बुढ़ी इलाके में करीब 50 साल पुरानी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का विरोध...

AP SSC Results 2026 LIVE: Manabadi Class 10 Date & Time to be announced soon.

April 24, 2026/
11:59 am

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 11:59 IST गृह मंत्री हमेशा बारीकियों पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन मतदान...

महिला बोली- मैं जिंदा हूं कागज में मार दिया:योजनाओं का नहीं मिल पा रहा लाभ; सरपंच के बेटे और सचिव पर आरोप

April 25, 2026/
10:11 pm

छतरपुर जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां जीवित लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया...

arw img

April 26, 2026/
6:09 pm

X Health Tips : जानिए एलोवेरा का घातकपन, पीते ही होने लगेगी ऐंठन-उल्टी   ऋषिकेश. आयुर्वेद में एलोवेरा को अमृत...

राजनीति

RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:ब्याज दर में कटौती की उम्मीद नहीं, अभी रेपो रेट 5.25% पर

RBI मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग आज से:ब्याज दर में कटौती की उम्मीद नहीं, अभी रेपो रेट 5.25% पर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग आज यानी 3 जून से शुरू हो रही है। यह मीटिंग 5 जून तक चलेगी और इसी दिन इसमें लिए गए सभी फैसलों का ऐलान किया जाएगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस मीटिंग में ब्याज दरों में कटौती की कम ही उम्मीद है। इससे पहले अप्रैल में हुई मीटिंग में भी रेपो रेट में कटौती नहीं की गई थी। 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है। हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। बीते दिनों रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठकों का शेड्यूल जारी किया था। इस वित्तीय वर्ष में कुल 6 बैठकें होनी हैं, ये इस वित्त वर्ष की दूसरी मीटिंग है। पहली बैठक अप्रैल में हुई थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.