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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया। इस OFS के लिए सरकार ने फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया है, जो बैंक के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹33.94 से 8.5% से ज्यादा के डिस्काउंट पर है। इस फैसले के बाद आज यानी शुक्रवार 22 मई को बाजार में सेंट्रल बैंक के शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट है। ये 32 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक महीने में ये 13% से ज्यादा टूटा है। नॉन-रिटेल और रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग दिन खुलेगा OFS डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, यह OFS नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 22 मई 2026 को खुलेगा। वहीं, रिटेल निवेशक और बैंक के कर्मचारी इस इश्यू के लिए 25 मई 2026 को अपनी बोली लगा सकेंगे। दोनों ही दिन ट्रेडिंग के दौरान सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बोली लगाई जा सकती है। सरकार के पास सेंट्रल बैंक की 89.27% हिस्सेदारी वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 89.27% है। सरकार की यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार की विनिवेश और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन की रणनीति का हिस्सा है। ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार, नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए शेयरों में से कम से कम 25% हिस्सा म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों को अलॉट किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि उनकी बोलियां फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर की कीमत पर मिलें। नॉन-रिटेल निवेशक अपने अलॉट न हुए बिड्स को अगले दिन (T+1 day) के लिए भी कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए 10% कोटा रिजर्व इस ऑफर फॉर सेल में से कम से कम 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। रिटेल निवेशक इस मैकेनिज्म के तहत कट-ऑफ प्राइस पर भी बोली लगाने के पात्र होंगे। इसके अलावा, बैंक के पात्र कर्मचारियों के लिए 75,00,000 शेयर अलग से तय किए गए हैं। पात्र कर्मचारी ₹5 लाख तक के मूल्य के शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके साथ ही वे तय नियमों और सीमाओं के तहत रिटेल कैटेगरी में भी अलग से बोली लगा सकते हैं। कर्मचारियों की पात्रता का फैसला बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों के साथ शेयर किए गए पैन कार्ड डिटेल्स के आधार पर होगा। सामान्य मार्केट सेगमेंट में चलती रहेगी ट्रेडिंग सरकार ने साफ किया है कि इस हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया के दौरान भी बैंक के शेयर सामान्य मार्केट सेगमेंट की तरह ही शेयर बाजार में ट्रेड करते रहेंगे। हालांकि, पर्याप्त मांग न होने या बाजार से जुड़े अन्य कारणों जैसी कुछ विशेष परिस्थितियों में इस ऑफर को वापस या कैंसिल भी किया जा सकता है। इस पूरे ट्रांजैक्शन के लिए सेलर (सरकार) के ब्रोकर के रूप में गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया गया है. यह पूरा OFS सेबी (SEBI) के नियमों और स्टॉक एक्सचेंज के गाइडलाइंस के तहत आयोजित किया जा रहा है। क्या होता है ऑफर फॉर सेल (OFS) और ग्रीन शू ऑप्शन? जब किसी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर्स या सरकार बाजार के जरिए सीधे निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं तो उसे OFS कहते हैं। वहीं ग्रीन शू ऑप्शन एक ऐसा ऑप्शन है, जिसके तहत अगर बाजार में मांग ज्यादा हो, तो प्रमोटर तय हिस्सेदारी से ज्यादा शेयर (इस मामले में अतिरिक्त 4%) बेचने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। ये खबर भी पढ़ें… SBI-बैंक कल से 6-दिन बंद, आज निपटा लें जरूरी काम: 23 से 28 मई तक नहीं होगा कामकाज; वजह- वीकेंड, हड़ताल और बकरीद की छुट्‌टी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के ग्राहकों को ब्रांच से जुड़े अपने सभी जरूरी काम आज (22 मई, शुक्रवार) ही निपटा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि 23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की ब्रांच लगातार 6 दिनों तक बंद रह सकती हैं। इसकी मुख्य वजह वीकेंड, कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिन की हड़ताल और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बकरीद (ईद-उल-अजहा) के लिए घोषित दो दिन की छुट्टियां हैं। पूरी खबर पढ़ें…

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार:ऑफर फॉर सेल के जरिए ₹2,455 करोड़ जुटाएगी; फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया

भारत सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इस OFS के लिए सरकार ने फ्लोर प्राइस ₹31 प्रति शेयर तय किया है, जो बैंक के गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹33.94 से 8.5% से ज्यादा के डिस्काउंट पर है। इस फैसले के बाद आज यानी शुक्रवार 22 मई को बाजार में सेंट्रल बैंक के शेयर में 5% से ज्यादा की गिरावट है। ये 32 रुपए के करीब ट्रेड कर रहा है। एक महीने में ये 13% से ज्यादा टूटा है। नॉन-रिटेल और रिटेल निवेशकों के लिए अलग-अलग दिन खुलेगा OFS डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, यह OFS नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 22 मई 2026 को खुलेगा। वहीं, रिटेल निवेशक और बैंक के कर्मचारी इस इश्यू के लिए 25 मई 2026 को अपनी बोली लगा सकेंगे। दोनों ही दिन ट्रेडिंग के दौरान सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक बोली लगाई जा सकती है। सरकार के पास सेंट्रल बैंक की 89.27% हिस्सेदारी वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 89.27% है। सरकार की यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार की विनिवेश और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन की रणनीति का हिस्सा है। ऑफर डॉक्यूमेंट के अनुसार, नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए शेयरों में से कम से कम 25% हिस्सा म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों को अलॉट किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि उनकी बोलियां फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर की कीमत पर मिलें। नॉन-रिटेल निवेशक अपने अलॉट न हुए बिड्स को अगले दिन (T+1 day) के लिए भी कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए 10% कोटा रिजर्व इस ऑफर फॉर सेल में से कम से कम 10% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखे गए हैं। रिटेल निवेशक इस मैकेनिज्म के तहत कट-ऑफ प्राइस पर भी बोली लगाने के पात्र होंगे। इसके अलावा, बैंक के पात्र कर्मचारियों के लिए 75,00,000 शेयर अलग से तय किए गए हैं। पात्र कर्मचारी ₹5 लाख तक के मूल्य के शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके साथ ही वे तय नियमों और सीमाओं के तहत रिटेल कैटेगरी में भी अलग से बोली लगा सकते हैं। कर्मचारियों की पात्रता का फैसला बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों के साथ शेयर किए गए पैन कार्ड डिटेल्स के आधार पर होगा। सामान्य मार्केट सेगमेंट में चलती रहेगी ट्रेडिंग सरकार ने साफ किया है कि इस हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया के दौरान भी बैंक के शेयर सामान्य मार्केट सेगमेंट की तरह ही शेयर बाजार में ट्रेड करते रहेंगे। हालांकि, पर्याप्त मांग न होने या बाजार से जुड़े अन्य कारणों जैसी कुछ विशेष परिस्थितियों में इस ऑफर को वापस या कैंसिल भी किया जा सकता है। इस पूरे ट्रांजैक्शन के लिए सेलर (सरकार) के ब्रोकर के रूप में गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया गया है. यह पूरा OFS सेबी (SEBI) के नियमों और स्टॉक एक्सचेंज के गाइडलाइंस के तहत आयोजित किया जा रहा है। क्या होता है ऑफर फॉर सेल (OFS) और ग्रीन शू ऑप्शन? जब किसी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर्स या सरकार बाजार के जरिए सीधे निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं तो उसे OFS कहते हैं। वहीं ग्रीन शू ऑप्शन एक ऐसा ऑप्शन है, जिसके तहत अगर बाजार में मांग ज्यादा हो, तो प्रमोटर तय हिस्सेदारी से ज्यादा शेयर (इस मामले में अतिरिक्त 4%) बेचने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। ये खबर भी पढ़ें… SBI-बैंक कल से 6-दिन बंद, आज निपटा लें जरूरी काम: 23 से 28 मई तक नहीं होगा कामकाज; वजह- वीकेंड, हड़ताल और बकरीद की छुट्‌टी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के ग्राहकों को ब्रांच से जुड़े अपने सभी जरूरी काम आज (22 मई, शुक्रवार) ही निपटा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि 23 मई से 28 मई 2026 के बीच SBI की ब्रांच लगातार 6 दिनों तक बंद रह सकती हैं। इसकी मुख्य वजह वीकेंड, कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिन की हड़ताल और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बकरीद (ईद-उल-अजहा) के लिए घोषित दो दिन की छुट्टियां हैं। पूरी खबर पढ़ें…

रेसलर विनेश फोगाट मामले में हाईकोर्ट से WFI को फटकार:कहा- मशहूर खिलाड़ियों को छूट मिलती रही है, विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों?

रेसलर विनेश फोगाट मामले में हाईकोर्ट से WFI को फटकार:कहा- मशहूर खिलाड़ियों को छूट मिलती रही है, विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों?

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि मशहूर खिलाड़ियों को पहले ऐसी छूट दी जाती रही है, फिर अब विनेश के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि विनेश फोगाट का आकलन करने के लिए एक एक्सपर्ट पैनल बनाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही विनेश को आगामी एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए। भारत में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी भी खेल संघ को “बदले की भावना” से काम नहीं करना चाहिए। सरकार की ओर से बताया गया कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों को पात्रता नियमों में छूट दी जा सकती है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र से कहा कि विशेषज्ञों की टीम बनाकर विनेश की स्थिति का मूल्यांकन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वह ट्रायल में हिस्सा ले सकें। मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तय की गई है। यहां पढ़िए विनेश के वकील ने क्या दीं दलीलें…. दिल्ली हाईकोर्ट हरियाणा की रेसलर विधायक विनेश फोगाट की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 18 मई को सिंगल बैंच के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें डब्ल्यूएफआई द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद इस वर्ष के एशियाई खेलों के लिए 30-31 मई को होने वाले सिलेक्शन टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी के मुद्दे पर उन्हें तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया गया था। विनेश फोगाट के सीनियर वकील ने पीठ से उन्हें टूर्नामेंट में भाग लेने का अवसर देने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि 9 मई को, गोंडा में एक घरेलू कार्यक्रम में उनकी भागीदारी से एक दिन पहले, उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस दर्शाता है कि कोई उन्हें पद से हटाने के लिए बेबुनियाद कोशिश कर रहा है। हाईकोर्ट ने विनेश को कारण बताओ नोटिस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए दावा किया कि पेरिस ओलंपिक में फोगाट की अयोग्यता राष्ट्रीय शर्म थी और सवाल उठाया कि यह क्यों नहीं माना जाना चाहिए कि डब्ल्यूएफआई ने उसके लिए चयन मानदंड बदल दिए थे। विनेश के वकील ने ये उठाए सवाल 3 पॉइंट्स में जानिए विवाद क्या… कुश्ती महासंघ ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देकर लगाया था बैन डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कुश्ती महासंघ ने लिखा था कि विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। विनेश ने पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण पर फिर आरोप लगाए थे इसके बाद विनेश फोगाट ने 3 मई को WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए थे। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके विनेश ने कहा था- यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है। मेरा उसके घर (गोंडा) में जाकर कॉम्पिटीशन लड़ना मुश्किल होगा। मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा। कहा था- मैं और मेरी टीम कॉम्पिटीशन लड़ेगी, अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था। विनेश हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक हैं। बृजभूषण भाजपा के पूर्व सांसद हैं। वर्तमान में उनका एक बेटा यूपी से सांसद और एक विधायक है। विनेश ने वीडियो जारी ये बातें कहीं थीं… पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी ताजा विवाद के बाद विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था- आप सब को नमस्कार। जैसा कि सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेसलिंग की तैयारियां कर रही हूं। बड़ी ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेसलिंग मैट पर जाऊं। देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और तिरंगे का मान बनाए रखूं। एक महीने पहले कॉम्पिटीशन अनाउंस हुआ विनेश ने आगे कहा कि मैं आप सबके साथ वीडियो के माध्यम से कुछ बातें साझा करना चाहती हूं। आज से करीब एक महीने पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक कॉम्पिटीशन का अनाउंसमेंट किया गया। यह टूर्नामेंट जहां पर ऑर्गनाइज करवाया जा रहा है, वो यूपी का गोंडा जिला है। जहां बृजभूषण का घर है। वहां उसका प्राइवेट कॉलेज है। वहां पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बड़ी नामुमकिन और बहुत इम्पॉसिबल चीज है। सरकार ने सब बृजभूषण के सहारे छोड़ा विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से चेक किया जाएगा, उनकी मेहनत का असल रिजल्ट मैट पर निकलकर आएगा, ऐसा मुझे नहीं लगता। केस कोर्ट में पेंडिंग

गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव, दिनभर रहेंगे कूल-कूल

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X गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव   महुआ की राब: महुआ से बनने वाली कई चीज है, जिससे कई पोषक तत्वों से भरपूर चीजें बनाई जाती है. इन्हीं में से एक राब. जी हां महुआ की राब, जो ताकत का खजाना, पोषण का केंद्र और औषधीय गुणों से भरपूर है. बालाघाट में महुआ के फूलों से तैयार की जाती है. महुए की राब एक पारंपरिक पेय पदार्थ है, जो महुआ के ताजे फूल या सूखे फूलों के रस को निकालकर पकाया जाता है. इससे शरीर को ऊर्जा के साथ ठंडक भी मिलती है. वहीं, स्वाद काफी अच्छा होता है. बुजुर्ग बताते है कि इसमें प्राकृतिक मिठास होती है. ऐसे में इसका सेवन आज की पीढ़ी को भी करना चाहिए. महुए की राब में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें प्राकृतिक शर्करा, विटामिन और औषधीय तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को ताजगी और स्फूर्ति देती है. यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है. ग्रामीण अंचलों में गर्मी और थकान से बचने के लिए पिया जाता है. ग्रामीणों का यह भी मानना है कि ग्रामीण अंचलों में प्रसव के बाद मां को शक्ति देने के लिए हर दिन एक चम्मच पिलाया जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच बेहद अहम मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH की नजरें पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह पक्का करने पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैचों में 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। हैदराबाद को टॉप-2 में पहुंचने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना होगा। पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो रहे ईशान पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने CSK के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी पारी में 7 चौके, 3 छक्के शामिल थे। ईशान ने मुकेश चौधरी के चौथे ओवर में तीन चौके जड़े थे। ईशान किशन ने इस सीजन में अपना 5वां अर्धशतक पूरा किया। इस जीत के बाद ईशान का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने स्टैंड्स की तरफ देखकर उंगलियों से सीटी बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से CSK फैन्स को घर जाने का संकेत दिया। मैच के बाद भावुक दिखे ईशान किशन ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का भी अवॉर्ड मिला। मैच विनिंग पारी खेलने के बाद ईशान भावुक दिखे। उन्होंने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज मेरा मोटिवेशन मेरा भाई था। उसने हाल ही में अपनी बहन को खो दिया है। परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था। वो आज पहली बार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने आया था। मैं बस उनके लिए मैच खत्म करना चाहता था। मुझे खुशी है कि वह इस पारी को देखने के लिए यहां थे और मैं यह मैच खत्म कर पाया। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।

आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच बेहद अहम मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH की नजरें पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह पक्का करने पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैचों में 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। हैदराबाद को टॉप-2 में पहुंचने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना होगा। पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो रहे ईशान पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने CSK के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी पारी में 7 चौके, 3 छक्के शामिल थे। ईशान ने मुकेश चौधरी के चौथे ओवर में तीन चौके जड़े थे। ईशान किशन ने इस सीजन में अपना 5वां अर्धशतक पूरा किया। इस जीत के बाद ईशान का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने स्टैंड्स की तरफ देखकर उंगलियों से सीटी बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से CSK फैन्स को घर जाने का संकेत दिया। मैच के बाद भावुक दिखे ईशान किशन ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का भी अवॉर्ड मिला। मैच विनिंग पारी खेलने के बाद ईशान भावुक दिखे। उन्होंने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज मेरा मोटिवेशन मेरा भाई था। उसने हाल ही में अपनी बहन को खो दिया है। परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था। वो आज पहली बार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने आया था। मैं बस उनके लिए मैच खत्म करना चाहता था। मुझे खुशी है कि वह इस पारी को देखने के लिए यहां थे और मैं यह मैच खत्म कर पाया। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।

अमेरिकी विश्वविद्यालय मानक कड़े करेगा, 3 साल बाद समीक्षा:हार्वर्ड में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड; तर्क- सब टॉपर तो असाधारण प्रतिभा पहचानना मुश्किल

अमेरिकी विश्वविद्यालय मानक कड़े करेगा, 3 साल बाद समीक्षा:हार्वर्ड में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड; तर्क- सब टॉपर तो असाधारण प्रतिभा पहचानना मुश्किल

हर माता-पिता और छात्र का सपना होता है- परीक्षा में अच्छे अंक। लेकिन, दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने एक ऐतिहासिक फैसले में अंडरग्रेजुएट कोर्सों में ‘ए’ ग्रेड सीमित कर दिए हैं। 2027 से किसी भी क्लास में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड मिलेगा। इसके पक्ष में 458 फैकल्टी मेंबर्स ने वोट दिया, जबकि 201 विरोध में थे। तर्क है कि ग्रेड इन्फ्लेशन के कारण अंक असली क्षमता की पहचान का भरोसेमंद पैमाना नहीं रहे। सबका ‘ए’ ग्रेड होगा तो असाधारण प्रतिभा कैसे पहचानेंगे? दरअसल, हार्वर्ड में 2005 में करीब 24% छात्र ग्रेड ‘ए’ कैटेगरी में थे। 2025 में ये आंकड़ा 60% से ऊपर चला गया। पिछले अकादमिक सत्र में उच्चतम जीपीए पुरस्कार के लिए 55 छात्र बराबरी पर थे। यानी इतने ‘टॉपर’ थे कि ‘असली टॉपर’ की पहचान मुश्किल हो गई। येल में ‘ए’ और ‘ए माइनस’ ग्रेड 80% तक पहुंच गए। ब्राउन यूनिवर्सिटी में दो तिहाई छात्र ‘ए’ ग्रेड में थे। यानी ‘असाधारण’ धीरे-धीरे सामान्य होता गया। पिछले दो दशकों में विश्वविद्यालयों पर दबाव बढ़ा है कि छात्र खुश रहें, ताकि कोर्स इवैल्यूएशन अच्छे आएं और संस्थान प्रतियोगिता में न पिछड़े। ऐसे में, ग्रेडिंग लगातार नरम होती गई। हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक स्टीवन पिंकर कहते हैं कि ग्रेड इन्फ्लेशन ने विश्वविद्यालयों को मजाक बना दिया। प्रोफेसर दबाव में थे कि मानक ढीले नहीं रखे तो छात्र उनके कोर्सों से दूर हो जाएंगे। वहीं, हार्वर्ड के अर्थशास्त्री जेसन फर्मन और डेविड लैब्सन कहते हैं, ‘ज्यादातर शिक्षक सख्त ग्रेडिंग चाहते थे, पर अकेले ऐसा करने से डरते थे। छात्रों के खराब फीडबैक, कम नामांकन से उनके कॅरिअर पर असर पड़ सकता था। इसलिए पूरी फैकल्टी ने नियम बनाया।’ उनके मुताबिक, आसान ‘ए’ ग्रेड्स सीखने की प्रेरणा घटाते हैं। जब अंक तालिका छात्रों की मेधावी क्षमता में फर्क बताना बंद कर दे तो नियोक्ता रसूख और इंटर्नशिप जैसे कारकों पर ध्यान देते हैं। इससे मेरिट के बजाय विशेषाधिकार को लाभ मिलता है। एआई से औसत काम भी ‘परफेक्ट’ लग सकता है। शिक्षकों का तर्क है कि अगर विश्वविद्यालय असली प्रवीणता, मौलिकता और विश्लेषणात्मक सोच की पहचान नहीं कर पाएगा तो उसकी डिग्री पर भरोसा कमजोर होगा। दिलचस्प ये है कि प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी ने 2000 के दशक में ऐसी ही पॉलिसी लागू की थी, लेकिन छात्रों और फैकल्टी के दबाव में 2014 में हटानी पड़ी थी। हार्वर्ड में भी छात्र इस फैसले से खुश नहीं हैं। एक सर्वे में 94% छात्रों ने विरोध जताया। छात्रों की दलील है कि सीमित ‘ए’ ग्रेड्स प्रतिस्पर्धा को जहरीला बना देंगे। कम ग्रेड के जोखिम के बीच छात्र कठिन विषय लेने से बचेंगे। हार्वर्ड तीन साल बाद इस नीति की समीक्षा करेगा। ग्रेड इन्फ्लेशन, नौकरी में मार्कशीट को तवज्जो नहीं जॉब मार्केट में ग्रेड इन्फ्लेशन का असर दिख रहा है। प्लॉस वन के अध्ययन के मुताबिक ऊंचे ग्रेड से जीपीए की ‘सिग्नलिंग वैल्यू’ कमजोर हो रही है। नियोक्ता समझ नहीं पाते कि छात्र ने वाकई महारत हासिल की है या आसान ग्रेडिंग का लाभ मिला है। कंपनियां मार्कशीट से आगे स्किल देख रही हैं। एनएसीई के सर्वे के मुताबिक, 90% नियोक्ता समस्या समाधान की योग्यता और 80% टीमवर्क के प्रमाण चाहते हैं।

अमेरिकी विश्वविद्यालय मानक कड़े करेगा, 3 साल बाद समीक्षा:हार्वर्ड में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड; तर्क- सब टॉपर तो असाधारण प्रतिभा पहचानना मुश्किल

अमेरिकी विश्वविद्यालय मानक कड़े करेगा, 3 साल बाद समीक्षा:हार्वर्ड में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड; तर्क- सब टॉपर तो असाधारण प्रतिभा पहचानना मुश्किल

हर माता-पिता और छात्र का सपना होता है- परीक्षा में अच्छे अंक। लेकिन, दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने एक ऐतिहासिक फैसले में अंडरग्रेजुएट कोर्सों में ‘ए’ ग्रेड सीमित कर दिए हैं। 2027 से किसी भी क्लास में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड मिलेगा। इसके पक्ष में 458 फैकल्टी मेंबर्स ने वोट दिया, जबकि 201 विरोध में थे। तर्क है कि ग्रेड इन्फ्लेशन के कारण अंक असली क्षमता की पहचान का भरोसेमंद पैमाना नहीं रहे। सबका ‘ए’ ग्रेड होगा तो असाधारण प्रतिभा कैसे पहचानेंगे? दरअसल, हार्वर्ड में 2005 में करीब 24% छात्र ग्रेड ‘ए’ कैटेगरी में थे। 2025 में ये आंकड़ा 60% से ऊपर चला गया। पिछले अकादमिक सत्र में उच्चतम जीपीए पुरस्कार के लिए 55 छात्र बराबरी पर थे। यानी इतने ‘टॉपर’ थे कि ‘असली टॉपर’ की पहचान मुश्किल हो गई। येल में ‘ए’ और ‘ए माइनस’ ग्रेड 80% तक पहुंच गए। ब्राउन यूनिवर्सिटी में दो तिहाई छात्र ‘ए’ ग्रेड में थे। यानी ‘असाधारण’ धीरे-धीरे सामान्य होता गया। पिछले दो दशकों में विश्वविद्यालयों पर दबाव बढ़ा है कि छात्र खुश रहें, ताकि कोर्स इवैल्यूएशन अच्छे आएं और संस्थान प्रतियोगिता में न पिछड़े। ऐसे में, ग्रेडिंग लगातार नरम होती गई। हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक स्टीवन पिंकर कहते हैं कि ग्रेड इन्फ्लेशन ने विश्वविद्यालयों को मजाक बना दिया। प्रोफेसर दबाव में थे कि मानक ढीले नहीं रखे तो छात्र उनके कोर्सों से दूर हो जाएंगे। वहीं, हार्वर्ड के अर्थशास्त्री जेसन फर्मन और डेविड लैब्सन कहते हैं, ‘ज्यादातर शिक्षक सख्त ग्रेडिंग चाहते थे, पर अकेले ऐसा करने से डरते थे। छात्रों के खराब फीडबैक, कम नामांकन से उनके कॅरिअर पर असर पड़ सकता था। इसलिए पूरी फैकल्टी ने नियम बनाया।’ उनके मुताबिक, आसान ‘ए’ ग्रेड्स सीखने की प्रेरणा घटाते हैं। जब अंक तालिका छात्रों की मेधावी क्षमता में फर्क बताना बंद कर दे तो नियोक्ता रसूख और इंटर्नशिप जैसे कारकों पर ध्यान देते हैं। इससे मेरिट के बजाय विशेषाधिकार को लाभ मिलता है। एआई से औसत काम भी ‘परफेक्ट’ लग सकता है। शिक्षकों का तर्क है कि अगर विश्वविद्यालय असली प्रवीणता, मौलिकता और विश्लेषणात्मक सोच की पहचान नहीं कर पाएगा तो उसकी डिग्री पर भरोसा कमजोर होगा। दिलचस्प ये है कि प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी ने 2000 के दशक में ऐसी ही पॉलिसी लागू की थी, लेकिन छात्रों और फैकल्टी के दबाव में 2014 में हटानी पड़ी थी। हार्वर्ड में भी छात्र इस फैसले से खुश नहीं हैं। एक सर्वे में 94% छात्रों ने विरोध जताया। छात्रों की दलील है कि सीमित ‘ए’ ग्रेड्स प्रतिस्पर्धा को जहरीला बना देंगे। कम ग्रेड के जोखिम के बीच छात्र कठिन विषय लेने से बचेंगे। हार्वर्ड तीन साल बाद इस नीति की समीक्षा करेगा। ग्रेड इन्फ्लेशन, नौकरी में मार्कशीट को तवज्जो नहीं जॉब मार्केट में ग्रेड इन्फ्लेशन का असर दिख रहा है। प्लॉस वन के अध्ययन के मुताबिक ऊंचे ग्रेड से जीपीए की ‘सिग्नलिंग वैल्यू’ कमजोर हो रही है। नियोक्ता समझ नहीं पाते कि छात्र ने वाकई महारत हासिल की है या आसान ग्रेडिंग का लाभ मिला है। कंपनियां मार्कशीट से आगे स्किल देख रही हैं। एनएसीई के सर्वे के मुताबिक, 90% नियोक्ता समस्या समाधान की योग्यता और 80% टीमवर्क के प्रमाण चाहते हैं।

नारियल में पानी कम है या ज़्यादा? बिना काटे एक मिनट में ऐसे पहचाने; बस नोट कर लें ये 6 आसान ट्रिक्स

मीठे और पानी वाले नारियल की पहचान करें

22 मई 2026 को 11:21 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों के मौसम में सेहत और ताजगी के लिए नारियल का पानी सबसे अच्छा विकल्प है। लेकिन अक्सर लोग असमंजस में रहते हैं कि किस तट में पानी ज्यादा होगा। इस लेख में बिना केट मीठा और भरपूर पानी वाला क्रिस्टोफर पैट्रिक की 6 आसान ट्रिक्स बताई गई हैं। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : नारियल सहयोग समय उसे अपने कान के पास पसंद और अच्छी तरह हिलाएं। अगर नारियल से ‘छप-छप’ की तेज आवाज आती है तो इसमें आधा खाली है। विशालकाय पानी वाले नारियल से बहुत कम या बिल्कुल आवाज नहीं आती है। छवि: फ्रीपिक कई बार बड़े दिखने वाले नारियल के अंदर से पतले होते हैं। इसलिए हमेशा आकार पर जाने के बजाय दो समान आकार के नारियल हाथों में चित्र। जो मोटे तौर पर बड़े पैमाने पर भारी लगता है, उसे ही चुनें। छवि: फ्रीपिक यदि आप हरा नारियल खरीद रहे हैं, तो ध्यान दें कि उसका रंग कैसा होना चाहिए या चमकीला हरा होना चाहिए। अगर कोको पर बहुत ज्यादा पीले या भूरे रंग के धब्बे दिख रहे हैं, तो समझ लें कि उसने कितना भुगतान किया है। छवि: फ्रीपिक जो कोल्‍ड पूरी तरह से गोल होते हैं, उनमें पानी के सामान मलाई बनने की संभावना अधिक होती है। हमेशा के लिए भरपूर पानी के लिए लंबे समय तक या सीमित पानी का चुनाव करें। छवि: फ्रीपिक अगर आप पूजा या मंदिर वाले नारियल ले रहे हैं और उसमें पानी भी शामिल है, तो उसके ऊपर की तीन ‘आंखों’ को जरूर देखें। अगर ये आकृतियाँ आकर्षक और आकर्षक हैं, तो नारियल अंदर से अच्छा है। छवि: फ्रीपिक नारियल हरे को नीचे की तरफ से निकोलस से छोटा पेट देखें। यदि वह बहुत अधिक स्पाइनल या दबा हुआ महसूस करता है, तो इसका मतलब है कि मैनचेस्टर यूनाइटेड ने भुगतान किया है और उसका पानी सुख रहा है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 22 मई 2026 11:21 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)नारियल पानी खरीदने का सही तरीका टिप्स(टी)सबसे अच्छा नारियल पानी खरीदने के विक्रेता रहस्य(टी)बिना खोले नारियल पानी कैसे चेक करें(टी)नारियल पानी कैसे लें(टी)ज्यादा पानी कैसे नारियल में होता है(टी)पानी वाला सही नारियल पानी कैसे चुनें

आतंकी हमजा बुरहान की हत्या का आरोपी हथियार सहित गिरफ्तार:2 संदिग्ध फरार; हमजा आज इस्लामाबाद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा

आतंकी हमजा बुरहान की हत्या का आरोपी हथियार सहित गिरफ्तार:2 संदिग्ध फरार; हमजा आज इस्लामाबाद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा

पुलवामा हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की हत्या के मामले में मुजफ्फराबाद के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) ने अब्दुल्ला कमाल नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। अब्दुल्ला कमाल पाकिस्तान के वाह कैंट का रहने वाला है। CTD ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से हथियार भी बरामद किया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या में इसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक घटना के दौरान मौजूद दो अन्य संदिग्ध मौके से भाग निकले। सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं। मामले में आरोपी अब्दुल्ला कमाल की एक्सक्लूसिव फोटो भी सामने आई है। हमजा बुरहान 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शामिल था। 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे। हमजा बुरहान को आज इस्लामाबाद के बर्मा टाउन स्थित फातिमा स्कूल में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। जनाजे की नमाज भारतीय समयानुसार सुबह 11:30 बजे होगी। सिर में तीन गोलियां लगने से हमजा की मौत न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक हमजा पर गुरुवार को मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने कई गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन उसके सिर में लगीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था। वह पहले आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा था और बाद में अल बराक के लिए काम करने लगा। वह मुजफ्फराबाद के चीला बांदी इलाके में भारी सुरक्षा के बीच रह रहा था। उसके पास कमांडो सुरक्षा, बुलेटप्रूफ गाड़ी और एस्कॉर्ट वाहन भी थे। भारत ने 2022 में उसे UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी माना जाता था। उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी करीबी संबंध थे। भारत से पाकिस्तान गया, फिर आतंकी संगठन से जुड़ा हमजा सरकार के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता था और फंडिंग भी करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा। पुलवामा अटैक में 40 CRPF जवान शहीद हुए थे 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमला हुआ था। श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर लेथपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने विस्फोटकों से भरी SUV बसों से टकरा दी थी। धमाका इतना जबरदस्त था कि दो बसों के परखच्चे उड़ गए और 40 जवान शहीद हो गए। जांच में सामने आया कि हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को कई इंटेलिजेंस इनपुट मिले थे, लेकिन आतंकी साजिश को रोका नहीं जा सका। बाद में NIA ने अपनी चार्जशीट में जैश-ए-मोहम्मद और उसके सरगना मसूद अजहर को हमले का मास्टरमाइंड बताया था। इसके अलावा हमजा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के काकापोरा इलाके में 18 नवंबर 2020 को हुए आतंकी हमले में भी शामिल था। तब आतंकियों ने बंकर पर ग्रेनेड हमला किया था। हालांकि ग्रेनेड अपने निशाने से चूककर सड़क पर फट गया, जिससे 12 नागरिक घायल हो गए। बुरहान वानी का करीबी था हमजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था। बुरहान मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर मारा गया। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी था। बुरहान वानी 8 जुलाई 2016 को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद कश्मीर में लंबे समय तक हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए थे। बुरहान वानी की मौत के बाद जाकिर मूसा हिजबुल का कमांडर बना था। वह 23 मई 2019 को पुलवामा जिले के त्राल इलाके में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में मारा गया था। 4 महीने में पाकिस्तान के 4 बड़े आतंकियों की मौत पाकिस्तान में पिछले 4 महीने में 4 बड़े आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। इनके पीछे अज्ञात हमलावर का हाथ बताया जा रहा है, हालांकि इनकी पुष्टि नहीं हो पाई है। 1. लश्कर आतंकी- मोहम्मद कासिम गुज्जर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी मोहम्मद कासिम गुज्जर की फरवरी 2026 में पाकिस्तान के पेशावर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अज्ञात बंदूकधारियों ने उस पर हमला किया था। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई। कासिम गुज्जर उर्फ सलमान/सुलेमान को भारत सरकार ने 2024 में UAPA के तहत घोषित आतंकवादी घोषित किया था। भारतीय एजेंसियों के अनुसार, वह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था और जम्मू-कश्मीर में नए आतंकी मॉड्यूल तैयार करने का काम कर रहा था। उस पर आतंकियों को हथियार और फंडिंग पहुंचाने, सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भर्ती करने और कई आतंकी हमलों में भूमिका निभाने के आरोप थे। 2. जैश-ए-मोहम्मद कमांडर- सलमान अजहर अप्रैल 2026 में पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के सीनियर कमांडर सलमान अजहर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, वो एक ‘हिट-एंड-रन’ जैसी घटना का शिकार हुआ। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स इसे टारगेट किलिंग बताया गया था। इसकी भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई। सलमान अजहर को जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का करीबी सहयोगी माना जाता था। जैश-ए-मोहम्मद वही आतंकी संगठन है जिसे भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं। सलमान अजहर संगठन के ऑपरेशनल नेटवर्क और भर्ती अभियान से जुड़ा हुआ था। बहावलपुर को लंबे समय से जैश का प्रमुख ठिकाना माना जाता रहा है। 3. लश्कर कमांडर- शेख यूसुफ अफरीदी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की अप्रैल 2026 को अज्ञात