अमेरिका की सैन डिएगो मस्जिद में गोलीबारी, 5 की मौत:इनमें एक गार्ड और 2 संदिग्ध; धार्मिक नफरत से जुड़े हमले की आशंका

अमेरिका के सैन डिएगो स्थित मस्जिद में सोमवार को गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक सिक्योरिटी गार्ड और दो संदिग्ध शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध किशोर थे। एक की उम्र 17 साल और दूसरे की 19 साल थी। दोनों के शव मस्जिद के पास एक वाहन में मिले। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि उन्होंने खुद को गोली मारी। इस मामले की जांच हेट क्राइम के एंगल से की जा रही है। हालांकि, हमले के पीछे की वजह पर फिलहाल ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है। यह हमला इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो में हुआ। यह सैन डिएगो काउंटी की सबसे बड़ी मस्जिद है। परिसर में एक स्कूल भी है, जहां बच्चों को अरबी भाषा, इस्लामिक स्टडीज और कुरान की शिक्षा दी जाती है। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें… गैर-मुस्लिमों का दौरा चल रहा था मस्जिद के इमाम ताहा हस्साने ने बताया कि सोमवार को कुछ गैर-मुस्लिम लोग इस्लाम को समझने के लिए मस्जिद के दौरे पर आए थे। यह सेंटर अलग-अलग समुदायों के बीच संवाद और मेलजोल बढ़ाने के लिए काम करता है। उन्होंने बताया कि स्कूल के सभी शिक्षक और छात्र सुरक्षित हैं। फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन लोगों से मस्जिद से दूर रहने को कहा गया है। एहतियात के तौर पर सेंटर को पूरे दिन के लिए बंद कर दिया गया। मस्जिद की वेबसाइट के मुताबिक, यहां सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लिए धार्मिक गतिविधियां नहीं होतीं, बल्कि सामाजिक कामों में भी दूसरे समुदायों के साथ मिलकर काम किया जाता है। यहां रोज पांच वक्त की नमाज होती है। गवर्नर बोले- कैलिफोर्निया मुस्लिम समुदाय के साथ है कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने मुस्लिम समुदाय से कहा कि कैलिफोर्निया आपके साथ खड़ा है। जहां परिवार और बच्चे जुटते हैं, जहां लोग शांति से इबादत करते हैं, वहां ऐसा हमला बेहद भयावह है। कैलिफोर्निया में नफरत की कोई जगह नहीं है।” उन्होंने बताया कि कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल और गवर्नर ऑफिस ऑफ इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें मौके पर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रही हैं। अमेरिका में गोलीबारी की पिछली बड़ी घटनाएं… 19 अप्रैल 2026- अमेरिका के लुइसियाना राज्य के श्रेवेपोर्ट शहर में एक शख्स ने 8 बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी। इनमें से 7 उसके ही बच्चे थे। 16 फरवरी 2026- अमेरिका के रोड आइलैंड में दोपहर हाई स्कूल हॉकी मैच के दौरान गोलीबारी हो गई। पुलिस के मुताबिक इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें हमलावर भी शामिल है। तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। 8 जनवरी 2026- अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में इसी साल 8 जनवरी को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक एजेंट ने कार सवार महिला को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। महिला की पहचान रेनी गुड (37) के तौर पर हुईै। वह तीन बच्चों की मां थीं। 27 नवंबर 2025: अमेरिका में पिछले साल 27 नवंबर को व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स के 2 जवानों को गोली मार दी गई। इस मामले में एक अफगान शरणार्थी को हिरासत में लिया गया। FBI अधिकारियों के मुताबिक, हमले में शामिल संदिग्ध की पहचान 29 साल के रहमानुल्लाह लाकनवाल के तौर पर हुई है। अमेरिका में फल और सब्जी खरीदने जैसा है बंदूक खरीदना अमेरिका में गन कल्चर का इतिहास करीब 230 साल पुराना है। 1791 में संविधान के दूसरे संशोधन के तहत अमेरिका नागरिकों को हथियार रखने और खरीदने का अधिकार दिया गया। अमेरिका में इस कल्चर की शुरुआत तब हुई थी, जब वहां अंग्रेजों का शासन था। उस समय वहां स्थायी सिक्योरिटी फोर्स नहीं थी, इसीलिए लोगों को अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार रखने का अधिकार दिया गया, लेकिन अमेरिका का ये कानून आज भी जारी है।
भास्कर अपडेट्स:ऋषिकेश में उज्जैनी एक्सप्रेस के 3 कोच पटरी से उतरे; ट्रेन खाली थी, कोई हताहत नहीं

उत्तराखंड के ऋषिकेश में योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के पास सोमवार को उज्जैनी एक्सप्रेस के 3 कोच पटरी से उतर गए। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त ट्रेन खाली थी, इसलिए किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन स्टेशन से कुछ दूरी पर डिरेल हुई। घटना के बाद रेलवे और संबंधित टीमें मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आज की अन्य बड़ी खबरें… कश्मीर के बारामूला में गोदाम में आग लगी; फायर ब्रिगेड, पुलिस और सेना बुझाने में जुटे जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के कनली बाग इलाके में स्थित BK ट्रेडर्स के गोदाम में सोमवार रात को आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, पुलिस, सेना के जवान और स्थानीय युवक मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। फिलहाल आग लगने के कारण और नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। RG कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर ED केस चलाएगी, बंगाल सरकार ने अभियोजन की मंजूरी दी पश्चिम बंगाल सरकार ने RG कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अभियोजन की मंजूरी दे दी है। अब एजेंसी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा सकेगी। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 9 अगस्त 2024 को RG कर मेडिकल कॉलेज में हुई ट्रेनी डॉक्टर ‘अभया’ के रेप और हत्या मामले से जुड़े घटनाक्रम में कानूनी प्रक्रिया के तहत यह मंजूरी दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने लंबे समय तक इस मामले की जांच को जबरन और अनैतिक तरीके से रोके रखा। सुवेंदु ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। देश के 18 शहरों में वॉटर मेट्रो चलाने की तैयारी, यूपी के 3 शहर शामिल केंद्र सरकार शहरी यातायात के लिए वॉटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए राष्ट्रीय जल मेट्रो नीति 2026 का मसौदा तैयार किया गया है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि देश के 18 शहरों में यह सेवा शुरू करने की योजना है। पहले चरण में उत्तर प्रदेश के वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज के अलावा पटना, श्रीनगर और गुवाहाटी को शामिल किया गया है। दूसरे चरण में असम के तेजपुर और डिब्रूगढ़ को रखा गया है। यह सेवा कोच्चि वॉटर मेट्रो की तर्ज पर चलेगी। नीति के मसौदे के मुताबिक, वॉटर मेट्रो को उन शहरों में प्राथमिकता दी जाएगी, जहां 10 लाख से ज्यादा आबादी हो और बारहमासी जलमार्ग उपलब्ध हों। इसका मकसद सड़क यातायात का दबाव कम करना और शहरी परिवहन के लिए नया विकल्प देना है।
भास्कर अपडेट्स:कश्मीर के बारामूला में गोदाम में आग लगी; फायर ब्रिगेड, पुलिस और सेना बुझाने में जुटे

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के कनली बाग इलाके में स्थित BK ट्रेडर्स के गोदाम में सोमवार रात को आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, पुलिस, सेना के जवान और स्थानीय युवक मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। फिलहाल आग लगने के कारण और नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
श्रीकृष्ण को प्रिय इस पेड़ के फूल और फल हैं बड़े काम के, पेट से गले तक कई समस्याओं में देता है राहत

Last Updated:May 18, 2026, 23:40 IST कदम वृक्ष को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय वृक्ष माना जाता है, जो अपनी सुंदरता, सुगंधित फूलों और आध्यात्मिक महत्व के लिए विशेष पहचान रखता है. यह पेड़ न केवल प्रकृति की शोभा बढ़ाता है, बल्कि इसके कई हिस्से सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी माने जाते हैं. ख़बरें फटाफट प्रकृति में कई ऐसे पेड़-पौधे मौजूद हैं, जिन्हें सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. ऐसा ही एक पेड़ है कदम, जिसे भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय वृक्ष माना जाता है. पुराने समय से ही इस पेड़ का जिक्र धार्मिक कथाओं, लोकगीतों और आयुर्वेद में मिलता रहा है. कदम का पेड़ अपनी खूबसूरत बनावट, घने पत्तों और गोल पीले फूलों की वजह से आसानी से पहचाना जाता है. इसके फूलों की हल्की मीठी खुशबू आसपास के माहौल को भी सुगंधित बना देती है. यही वजह है कि इसे सुंदरता और प्राकृतिक शांति का प्रतीक भी माना जाता है. कदम का वृक्ष सिर्फ देखने में आकर्षक नहीं होता, बल्कि इसके कई हिस्से सेहत के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं. इसके फूल, फल, पत्तियां और छाल अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल की जाती हैं. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग इसके फूलों और फलों से पारंपरिक व्यंजन और चटनी बनाते हैं. इसका स्वाद हल्का अलग जरूर होता है, लेकिन इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई फायदे पहुंचा सकते हैं. माना जाता है कि कदम में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार जानें फायदे आयुर्वेद में कदम का उपयोग कई घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है. इसके फूलों का काढ़ा गले की खराश और खांसी में राहत देने वाला माना जाता है. वहीं इसकी छाल का इस्तेमाल मसूड़ों की समस्या और मुंह की बदबू कम करने के लिए भी किया जाता है. कई लोग इसकी छाल को पानी में उबालकर उससे कुल्ला करते हैं. माना जाता है कि इससे मुंह साफ रहता है और मसूड़ों को आराम मिल सकता है. इसके अलावा कदम के कुछ गुण पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में भी मददगार माने जाते हैं. अपच, पेट भारी लगना और दस्त जैसी समस्याओं में भी इसका पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता रहा है. प्राकृतिक ठंडक देने वाला भी माना जाता हैकदम का पेड़ मानसिक शांति और प्राकृतिक ठंडक देने वाला भी माना जाता है. इसकी घनी छांव गर्मियों में राहत देती है और गांवों में लोग अक्सर इसके नीचे बैठकर समय बिताना पसंद करते हैं. यही कारण है कि इसे सिर्फ औषधीय नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण पेड़ माना जाता है. इसकी खुशबूदार फूलों की वजह से आसपास का वातावरण भी काफी ताजा महसूस होता है. बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी लोगों को स्थानीय पेड़ों के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए कदम वृक्ष के गुणों की जानकारी साझा की है. विभाग के अनुसार, यह पेड़ सौंदर्य, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक महत्व का अनोखा संगम माना जाता है. आज के समय में जब लोग फिर से प्राकृतिक चीजों और आयुर्वेद की तरफ लौट रहे हैं, तब कदम जैसे पारंपरिक पेड़ों की अहमियत और भी बढ़ जाती है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
रसोई में रखे ये 5 मसाले मिनटों में दिलाएंगे पेट में जलन, एसिडिटी से छुटकारा, जानें सेवन का तरीका

Last Updated:May 18, 2026, 23:39 IST कई बार उल्टा-सीधा, अधिक तेल और मसालेदार चीजें खाने से काफी लोगों को पेट, सीने में जलन, अपच, गैस आदि की समस्याएं हो जाती हैं. ये बहुत ही अनकंफर्टेबल महसूस कराते हैं. ऐसे में समझ नहीं आता एसिडिटी, अपच, पेट में जलन से तुरंत छुटकारा कैसे पाएं. विशेषज्ञों के अनुसार, जब पेट का एसिड भोजन नली की ओर वापस आने लगता है, तो उसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है. इससे सीने और पेट में जलन महसूस हो सकती है. आप घर में ही मौजूद इन 5 हर्ब्स और मसालों का सेवन करें, देखें आपको कैसे आराम मिलता है. पेट में जलन और एसिडिटी दूर करने वाले मसाले. आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. अनियमित खानपान, देर रात तक जागना और लंबे समय तक बैठे रहकर काम करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन गई है. इसके कारण एसिडिटी, पेट में जलन, गैस, अपच और खट्टी डकार जैसी दिक्कतें आम हो चुकी हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, जब पेट का एसिड भोजन नली की ओर वापस आने लगता है, तो उसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है. इससे सीने और पेट में जलन महसूस हो सकती है. राहत की बात यह है कि भारतीय रसोई में मौजूद कुछ मसाले पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. सौंफ दिला सकती है पाचन में आराम सौंफ को पाचन के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. इसमें एनेथोल नामक प्राकृतिक तत्व पाया जाता है, जो पेट की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है. यह गैस और पेट फूलने की समस्या को कम करने में सहायक माना जाता है. भोजन के बाद सौंफ चबाने या सौंफ का पानी पीने से पेट हल्का महसूस हो सकता है और जलन में राहत मिल सकती है. जीरा पाचन प्रक्रिया को बनाता है बेहतर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा जीरा लंबे समय से आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसमें मौजूद क्यूमिनाल्डिहाइड पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है. सही पाचन होने पर पेट पर दबाव कम पड़ता है और एसिडिटी की समस्या घट सकती है. जीरा पानी गैस और भारीपन से राहत पाने का लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. अदरक कम कर सकता है एसिडिटी की परेशानी अदरक में जिंजरोल और शोआगोल जैसे तत्व पाए जाते हैं, जिनमें सूजन कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं. यह पेट को जल्दी खाली करने में मदद करता है, जिससे खाना लंबे समय तक पेट में नहीं ठहरता. धीमा पाचन अक्सर एसिडिटी और जलन का कारण बनता है. हल्के गर्म पानी, हर्बल चाय या खाने में सीमित मात्रा में अदरक शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. इलायची से मिल सकता है पेट को सुकून आयुर्वेद में इलायची को पाचन के लिए उपयोगी माना गया है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व पेट की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. खाने के बाद इलायची चबाने से पाचन बेहतर हो सकता है और मुंह की बदबू से भी राहत मिलती है. चाय या दूध में इलायची मिलाकर सेवन करने से स्वाद के साथ पेट को भी आराम मिल सकता है. तुलसी के पत्ते भी हैं फायदेमंद तुलसी को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है. इसमें यूजेनॉल जैसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो पेट को शांत रखने और सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं. नियमित रूप से तुलसी के पत्तों का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी:ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे

भारतीय कारोबारी गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला सुलझा लिया है। इसके लिए कंपनी अमेरिकी ट्रेजरी को सेटलमेंट राशि के रूप में 275 मिलियन डॉलर (करीब 2,300 करोड़ रुपए) का भुगतान करेगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सोमवार को इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की। यह मामला ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के 32 संभावित नागरिक दायित्व उल्लंघनों से जुड़ा हुआ है। ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने एक बयान में बताया कि दोनों पक्षों के बीच इस बड़ी राशि के भुगतान को लेकर सहमति बन गई है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने इस साल फरवरी में ही साफ कर दिया था कि वह अमेरिकी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। दुबई के सप्लायर से खरीदा था ओमान-इराक के नाम पर ईरानी गैस OFAC के मुताबिक, पूरा मामला नवंबर 2023 से जून 2025 के बीच लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात से जुड़ा हुआ है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने दुबई के एक ट्रेडर से LPG की खेप खरीदी थी। उस सप्लायर ने दावा किया था कि यह गैस ओमान और इराक से आ रही है। हालांकि, जांच में सामने आया कि यह एलपीजी वास्तव में ईरान से मंगवाई गई थी। ईरान के ऊर्जा व्यापार को सीमित करने वाले अमेरिकी नियमों (ITSR) के तहत इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। मुंद्रा पोर्ट पर आई थी खेप, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि अडाणी एंटरप्राइजेज ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के जरिए भारत में इस एलपीजी का आयात किया था। इसके भुगतान के लिए अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के जरिए डॉलर में 32 ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 192 मिलियन डॉलर थी। OFAC ने कहा कि कंपनी को ऐसे कई संकेत मिले थे (रेड फ्लैग्स) जिनसे उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए था कि यह एलपीजी ईरान से ही आ रही है। कंपनी ने खुद से इन संभावित उल्लंघनों की जानकारी नहीं दी थी, इसलिए उन्हें इस गंभीर मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी गई। इस वजह से कंपनी पर शुरुआती सिविल पेनल्टी 384.2 मिलियन डॉलर की बन रही थी, लेकिन आपसी बातचीत और सहयोग के बाद फाइनल सेटलमेंट 275 मिलियन डॉलर पर तय हुआ। अडाणी के अन्य अमेरिकी मामलों में भी राहत के संकेत यह सेटलमेंट ऐसे समय में आया है जब गौतम अडाणी को अमेरिका में चल रहे कुछ अन्य कानूनी मामलों में भी बड़ी राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। पिछले सप्ताह के कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की कथित योजना से जुड़े एक सिविल मुकदमे को अलग से सेटल कर लिया है, हालांकि इसे अभी कोर्ट की मंजूरी मिलना बाकी है। इसके साथ ही, दो सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) अडाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक फ्रॉड के आरोपों को हटाने के बेहद करीब है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब गौतम अडाणी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है। इसके अलावा कुछ ही दिन पहले अडाणी की एक अन्य कंपनी ने बिना दोष स्वीकार किए भ्रष्टाचार से जुड़े एक सिविल कोर्ट मामले को सुलझाने के लिए 18 मिलियन डॉलर के भुगतान पर सहमति जताई थी।
अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी:ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे

भारतीय कारोबारी गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला सुलझा लिया है। इसके लिए कंपनी अमेरिकी ट्रेजरी को सेटलमेंट राशि के रूप में 275 मिलियन डॉलर (करीब 2,300 करोड़ रुपए) का भुगतान करेगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सोमवार को इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की। यह मामला ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के 32 संभावित नागरिक दायित्व उल्लंघनों से जुड़ा हुआ है। ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने एक बयान में बताया कि दोनों पक्षों के बीच इस बड़ी राशि के भुगतान को लेकर सहमति बन गई है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने इस साल फरवरी में ही साफ कर दिया था कि वह अमेरिकी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। दुबई के सप्लायर से खरीदा था ओमान-इराक के नाम पर ईरानी गैस OFAC के मुताबिक, पूरा मामला नवंबर 2023 से जून 2025 के बीच लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात से जुड़ा हुआ है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने दुबई के एक ट्रेडर से LPG की खेप खरीदी थी। उस सप्लायर ने दावा किया था कि यह गैस ओमान और इराक से आ रही है। हालांकि, जांच में सामने आया कि यह एलपीजी वास्तव में ईरान से मंगवाई गई थी। ईरान के ऊर्जा व्यापार को सीमित करने वाले अमेरिकी नियमों (ITSR) के तहत इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। मुंद्रा पोर्ट पर आई थी खेप, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि अडाणी एंटरप्राइजेज ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के जरिए भारत में इस एलपीजी का आयात किया था। इसके भुगतान के लिए अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के जरिए डॉलर में 32 ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 192 मिलियन डॉलर थी। OFAC ने कहा कि कंपनी को ऐसे कई संकेत मिले थे (रेड फ्लैग्स) जिनसे उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए था कि यह एलपीजी ईरान से ही आ रही है। कंपनी ने खुद से इन संभावित उल्लंघनों की जानकारी नहीं दी थी, इसलिए उन्हें इस गंभीर मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी गई। इस वजह से कंपनी पर शुरुआती सिविल पेनल्टी 384.2 मिलियन डॉलर की बन रही थी, लेकिन आपसी बातचीत और सहयोग के बाद फाइनल सेटलमेंट 275 मिलियन डॉलर पर तय हुआ। अडाणी के अन्य अमेरिकी मामलों में भी राहत के संकेत यह सेटलमेंट ऐसे समय में आया है जब गौतम अडाणी को अमेरिका में चल रहे कुछ अन्य कानूनी मामलों में भी बड़ी राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। पिछले सप्ताह के कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की कथित योजना से जुड़े एक सिविल मुकदमे को अलग से सेटल कर लिया है, हालांकि इसे अभी कोर्ट की मंजूरी मिलना बाकी है। इसके साथ ही, दो सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) अडाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक फ्रॉड के आरोपों को हटाने के बेहद करीब है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब गौतम अडाणी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है। इसके अलावा कुछ ही दिन पहले अडाणी की एक अन्य कंपनी ने बिना दोष स्वीकार किए भ्रष्टाचार से जुड़े एक सिविल कोर्ट मामले को सुलझाने के लिए 18 मिलियन डॉलर के भुगतान पर सहमति जताई थी।
फ्रिज कूलिंग फिक्सर: फ्रिज में पानी नहीं हो रहा ठंडा और बर्फ भी नहीं जम रही? बिना पैसे खर्च किए अपनाएं ये 5 आसान टिप्स

18 मई 2026 को 22:11 IST पर अद्यतन किया गया फ्रिज कूलिंग फिक्सर: गर्मी का मौसम आता है ही फ्रिज की कूलिंग कम होने की समस्या कई घरों में देखने को मिलती है। फ़्रिज़वे तो रहता है लेकिन पानी ठीक से ठंडा नहीं होता और बर्फ भी सही तरीके से जमती नहीं। ऐसे में लोग इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक को बुला लेते हैं, जबकि कई बार छोटे-छोटे बच्चों की वजह से ही ये परेशानी होती है। कुछ आसान घरेलू टिप्स जिन्हें अपनाकर बिना एक भी रुपये खर्च किए फ़्रिज़ की कूलिंग को बेहतर बनाया जा सकता है। अनुसरण करना : फ़्रिज़ के पीछे लगे कॉइल्स-ग्रिल्स पर कूड़ा जमने से गर्म हवा नहीं निकले। चुनौती पर दबाव बढ़ता जा रहा है, ठंडक कम होती जा रही है। सबसे पहले फ़र्ज़ी का उल्लेख – फ़ायरफ़ायर की मदद से पीछे की ओर ग्रिल साफ़ करें। छवि: एआई फ़्रिज़ को दीवार से बिल्कुल सटाकर रख दें, जिससे हवा पास न हो, मसाले और मशीन जल्दी गर्म होने लगती है। बेहतर कूलिंग के लिए फ़ेरी और दीवार के बीच कम से कम 5 से 6 इंच की दूरी अवश्य रखें। छवि: एआई गर्मी में फ़्रैंचाइज़ी कोचिंग से अंदर की हवा बाहर निकल जाती है। बाद में फ़िरोज़ कोफ़िल्म कूल होने में ज़्यादातर मेहनती कलाकारी की गई। इसलिए ज़रूरत होने पर ही फ़्राइज़ का दरवाजा खुला और ज्यादातर उसे देर तक खुला नहीं रखा। छवि: एआई फ़र्ज़ी में ज़्यादातर सामान भर दिया जाए तो अंदर हवा से सही जगह पर नहीं घूमें। भाग अधिकतर ठंडे और कुछ भाग कम ठंडे रह जाते हैं। सामान के बीच थोड़ी सी जगह जरूर छोड़ें और गर्म खाना सीधे फ्रिज में रखने की सलाह दें। छवि: एआई समर में भी फ़िरोज़ का फ़्लोरिंग सही तरीके से सेट नहीं किया जाता है जिससे कूलिंग धीमी जैसी लगती है। सही टेंपरेचर सेट करने से बेहतर तरीक़ों से काम होता है और खाने का सामान लंबे समय तक ताज़ा रहता है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 18 मई 2026 22:11 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)फ्रिज कूलिंग टिप्स(टी)रेफ्रिजरेटर कूलिंग प्रॉब्लम(टी)ग्रीष्मकालीन घरेलू हैक्स(टी)रेफ्रिजरेटर रखरखाव(टी)फ्रिज कूलिंग फिक्स(टी)घरेलू उपकरण टिप्स(टी)रसोई हैक्स(टी)रेफ्रिजरेटर तापमान सेटिंग(टी)फ्रिज सफाई टिप्स(टी)ग्रीष्मकालीन देखभाल युक्तियाँ
स्किन फास्टिंग: बिना सरकारी प्रोडक्ट्स के नेचुरल ग्लो, गर्मियों में तेजी से ट्रेंड कर रही है स्किन फास्टिंग

18 मई 2026 को 21:05 IST पर अद्यतन किया गया स्किन फास्टिंग: बिना सरकारी प्रोडक्ट्स के ही गर्मियों में स्किन पे सेकीन चमकती है। इस सीजन में बहुत तेजी से ट्रेंड हो रहा है ये स्किन फास्टिंग का तरीका। (टैग्सटूट्रांसलेट)स्किन फास्टिंग(टी)ग्रीष्मकालीन स्किनकेयर(टी)प्राकृतिक चमक टिप्स(टी)स्किनकेयर रूटीन(टी)न्यूनतम स्किनकेयर(टी)स्किन बैरियर रिपेयर(टी)स्वस्थ त्वचा टिप्स(टी)सौंदर्य रुझान 2026(टी)प्राकृतिक रूप से चमकती त्वचा(टी)चेहरे की देखभाल के टिप्स
ईपीएस ने ‘पीठ में छुरा घोंपने वाले’ विजय पर ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ का आरोप लगाया, एआईएडीएमके-डीएमके गठबंधन की रिपोर्टों को खारिज किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:18 मई, 2026, 20:40 IST पलानीस्वामी ने कहा कि फर्जी खबरें प्रसारित की गईं जिसमें आरोप लगाया गया कि अन्नाद्रमुक द्रमुक के समर्थन से सरकार बनाने की योजना पर काम कर रही है। एक विद्रोही खेमे के टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार से हाथ मिलाने के बाद एआईएडीएमके सुप्रीमो एडप्पादी के पलानीस्वामी को बड़ा झटका लगा। (पीटीआई/फ़ाइल) अन्नाद्रमुक के संकटग्रस्त प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने सोमवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर विधायकों को “खरीद-फरोख्त” करके लुभाने का आरोप लगाया और सरकार बनाने के लिए द्रमुक के साथ उनकी पार्टी के गठबंधन की अफवाहों को खारिज कर दिया। उनकी टिप्पणी एसपी वेलुमणि और सी वे षणमुगम के नेतृत्व वाले एक विद्रोही अन्नाद्रमुक गुट द्वारा ईपीएस पर कट्टर प्रतिद्वंद्वी द्रमुक के साथ सरकार बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाने के बाद विजय को बाहरी समर्थन देने के बाद आई है। हालांकि, पलानीस्वामी ने एक बयान में कहा कि फर्जी खबरें प्रसारित की गईं जिसमें आरोप लगाया गया कि एआईएडीएमके डीएमके के समर्थन से सरकार बनाने की योजना पर काम कर रही है, उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना 1972 में डीएमके के विरोध के सिद्धांत पर की गई थी। ईपीएस ने ‘बैकस्टैबर’ विजय की आलोचना की अन्नाद्रमुक सुप्रीमो ने विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) पर “खरीद-फरोख्त” और मंत्री पद की पेशकश के जरिए अन्नाद्रमुक पदाधिकारियों को लुभाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जो पार्टी शुद्ध ताकत होने का दावा करती है, वह द्रमुक सहयोगियों के चरणों में गिर गई है। उसी पार्टी ने विधायकों की खरीद-फरोख्त कर अन्नाद्रमुक की पीठ में छुरा घोंपा है।” पलानीस्वामी ने आगे कहा कि टीवीके थोड़े समय के लिए ही टिकेगी और उन्हें विश्वास है कि तमिलनाडु में जल्द ही एआईएडीएमके की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा, ”एमजीआर और जयललिता के दिनों से, हमने विश्वासघात करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है और अगर वे पश्चाताप करते हैं तो उन्हें वापस ले लेते हैं।” इस बीच, बागी एआईएडीएमके नेता सी वे शनमुगम ने ईपीएस पर चुनाव से पहले टीवीके के साथ गठबंधन करने के लिए वरिष्ठ नेताओं की बार-बार सलाह को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उनकी टिप्पणी पलानीस्वामी द्वारा 13 मई को विधानसभा विश्वास प्रस्ताव के दौरान नेतृत्व की अवहेलना करने के लिए विधायक एसपी वेलुमणि और सी विजयभास्कर सहित कई बागी नेताओं को पार्टी पदों से निष्कासित करने के बाद आई है। अन्नाद्रमुक ने यह भी कहा कि उन्होंने उन 25 विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए आवेदन किया है जिन्होंने पार्टी के व्हिप की अवज्ञा की और टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने के लिए मतदान किया, जो ईपीएस नेतृत्व के तहत पार्टी में सबसे गंभीर संकट को दर्शाता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ईपीएस ने ‘पीठ में छुरा घोंपने वाले’ विजय पर ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ का आरोप लगाया, एआईएडीएमके-डीएमके गठबंधन की रिपोर्टों को खारिज किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु की राजनीति(टी)तमिलनाडु सरकार(टी)ईपीएस विजय(टी)ईपीएस बनाम विजय(टी)एआईएडीएमके-डीएमके गठबंधन(टी)एआईएडीएमके बागी विधायक(टी)विजय सरकार






