बिहार कैबिनेट विस्तार: नीतीश कुमार के बेटे, 30 अन्य के आज सरकार में शामिल होने की संभावना, पीएम मोदी भी होंगे शामिल | भारत समाचार

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 10:35 IST विस्तारित मंत्रिमंडल में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के भी मंत्रिमंडल में शामिल होने की उम्मीद है. बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार गुरुवार को अपने पहले कैबिनेट विस्तार के लिए तैयार है, जिसमें 31 सदस्यों के मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा प्रमुख नितिन नबीन और अन्य लोग इस मेगा कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह मंत्रिमंडल विस्तार महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के दिग्गज नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के भी बिहार सरकार में शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश किया और बिहार विधानसभा से अपने पिता के इस्तीफे के बाद जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गए। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि निशांत को सरकार में देखना जेडीयू नेताओं और कार्यकर्ताओं की इच्छा थी, लेकिन उन्होंने पार्टी कार्यकर्ता के रूप में अपनी प्रेरणा अर्जित करने की इच्छा रखते हुए शुरू में किसी भी पद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन नेताओं को कैबिनेट में शामिल किए जाने की उम्मीद है, उन्हें पहले ही फोन किया जा चुका है। बीजेपी और जेडीयू दोनों ने बुधवार को पटना में बैठकों के बाद अपने-अपने मंत्रियों का कोटा फाइनल कर लिया. विस्तारित मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। किन-किन लोगों के शपथ लेने की उम्मीद है? बीजेपी से- राम कृपाल यादव केदार गुप्ता नीतीश मिश्रा मिथलेश तिवारी रमा निषाद विजय कुमार सिन्हा दिलीप जयसवाल प्रमोद चंद्रवंशी लखविंदर पासवान संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शलेन्द्र नंदकिशोर राम रामचन्द्र प्रसाद अरुण प्रसाद जदयू से- निशांत कुमार श्रवण कुमार मदन सहनी लेसी सिंह श्वेता गुप्ता भगवान सिंह कुशवाह दामोदर रावत बुलो मंडल सुनील कुमार शीला मंडल रत्नेश सदा जामा खान अशोक चौधरी एलजेपी से- संजय पासवान संजय सिंह HAM से आरएलएम से – समारोह में कौन शामिल होगा? कैबिनेट विस्तार गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के अलावा अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में होने वाला है. शाह बुधवार शाम को पटना पहुंचे और हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। शाह ने बाद में भाजपा और एनडीए नेताओं के साथ बैठक के लिए एक होटल जाने से पहले राजबंसी नगर में पंचरूपी हनुमान मंदिर का दौरा किया। गुरुवार के समारोह के लिए शहर पहुंचने वाले अन्य लोगों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी शामिल हैं, जो संयोग से, पिछले साल दिसंबर में पार्टी के शीर्ष पद पर नियुक्त होने तक राज्य कैबिनेट में मंत्री थे। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और राजनाथ सिंह, दोनों पूर्व भाजपा अध्यक्ष, पार्टी शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जैसे गठबंधन सहयोगियों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया बिहार कैबिनेट विस्तार: नीतीश कुमार के बेटे, 30 अन्य के आज सरकार में शामिल होने की संभावना, पीएम मोदी भी होंगे शामिल अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बिहार कैबिनेट विस्तार(टी)सम्राट चौधरी सरकार(टी)बिहार के मंत्रियों की सूची(टी)निशांत कुमार जेडीयू(टी)नीतीश कुमार पुत्र राजनीति(टी)बीजेपी जेडीयू गठबंधन बिहार(टी)चिराग पासवान एलजेपी(टी)गांधी मैदान पटना कार्यक्रम
मोहाली में IT कारोबारी पर ED की रेड:9वीं मंजिल से कैश भरे बैग फेंके, एक को ड्राइवर उठाकर भाग गया, दूसरा जब्त

मोहाली के खरड़ में वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में आज इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की टीम ने आईटी सेक्टर में काम करने वाले एक व्यक्ति के घर पर दबिश दी। टीम को आता देख किसी ने रिहायशी टावर की नौवीं मंजिल से कैश से भरे बैग नीचे फेंक दिए। इनमें से एक बैग नीचे गिरते ही फट गया और उससे नोट निकलकर बाहर फैल गए। हालांकि, दूसरा बैग ठीक रहा, जिसे वहां पहले से गाड़ी के साथ खड़ा एक व्यक्ति मौका देखकर बैग को उठाकर भाग गया। टीम ने उसका पीछा किया, लेकिन उसे पकड़ नहीं पाई। दूसरा बैग टीम ने जब्त कर लिया, जिसमें लगभग 21 लाख रुपये कैश मिला। टीम को बैग से 500-500 के नोटों की गड्डियां मिली हैं। फ्लैट में मौजूद व्यक्ति ने इन्हें लाल रंग के बैग में भरा और उस बैग को सफेद रंग के एक बैग में भरा और नीचे फेंका। इसके बाद भी बैग नीचे गिरते ही फट गया और नोटों की गडि्डयां जमीन पर बिखर गईं। मामले की जांच चल रही है। अभी तक अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। जिस टावर पर रेड चल रही है। वहां अब पुलिस ने लोगों की एंट्री रोक दी है। केंद्रीय एजेंसी के जवान मौके पर तैनात हैं। सीढ़ियों से लेकर टॉप तक फोर्स तैनात की गई है। कार लेकर भागा ड्राइवर पता चला है कि ED के पहुंचने की जानकारी कारोबारी को पहले से ही हो गई थी। इसलिए, उसने नौवीं मंजिल स्थित फ्लैट से कथित तौर पर नोटों से भरे बैग नीचे फेंके थे। नीचे पहले से ही उसका ड्राइवर खड़ा था जो तुरंत एक सफेद रंग की कार में सवार होकर एक बैग उठा ले गया। हालांकि, मौके पर मौजूद टीम ने उसका पीछा किया, फिर भी वह हाथ नहीं आया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस इस घटना को देखकर सोसाइटी में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही खरड़ के DSP ईशांत सिंगला के निर्देश पर स्थानीय पुलिस को मौके पर भेजा गया। खरड़ सिटी थाने के SHO अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। टावर में रहने वाला 4 महीने पहले आया प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह कार्रवाई सोसाइटी के फ्लैट नंबर 906 में रेड हुई है। यहां रहने वाले व्यक्ति की पहचान नितिन कुमार गोहिल के रूप में हुई है, जो IT सेक्टर में कार्यरत बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, नितिन कुमार गोहिल के कुछ राजनीतिक संपर्क होने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोसाइटी के लोगों ने बताया कि नितिन कुमार करीब 4 महीने पहले ही यहां रहने आया था। इसलिए, लोगों को भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। रोजाना कूरियर आते थे सोसाइटी के लोगों के अनुसार, नितिन कुमार के फ्लैट पर रोजाना बड़ी संख्या में कूरियर आते थे, जिन्हें अधिकतर उसका ड्राइवर ही रिसीव करता था। जांच एजेंसियों ने बरामद कैश से भरे बैग को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल, उसके फ्लैट में रेड जारी है। मोहाली-चंडीगढ़ में 12 स्थानों पर रेड चल रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED ने सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में मोहाली और चंडीगढ़ में 12 जगहों पर दबिश दी है। ABS टाउनशिप, ऑल्टस बिल्डर्स और धीर कंस्ट्रक्शन्स समेत बिल्डर्स पर जनता को धोखा देने और GMADA से मिले CLU लाइसेंस का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। नितिन गोहिल पर भी कथित राजनीतिक लिंक और फाइनेंशियल गड़बड़ियों के लिए जांच चल रही है। रेड के वीडियो देखने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुमायूँ कबीर इलाके में कलकत्ता के खिलाफ हिंसा हुई, बोले-सोसायटी के घरों में हुई बस्तियाँ

आम जनता पार्टी के अध्यक्ष हुमायूँ कबीर ने बुधवार (6 मई, 2026) को पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा पर रोक लगाने की मांग करते हुए कोलकाता उच्च न्यायालय का रुख अपनाया। ह्यूमनयू कबीर ने आरोप लगाया कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद मुर्शिदाबाद जिले में बड़े पैमाने पर राजनीतिक रूप से प्रेरित और सुनियोजित हिंसा हुई है। उन्होंने अदालत में फाइल फाइल में कहा कि उनकी पार्टियों के घरों में दुकानें बंद कर दी गईं और उनकी दुकानें तोड़ दी गईं। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन के खिलाफ़ विवादित कार्रवाई की मांग की है। आम जनता पार्टी के नेताओं की याचिका में अदालत से साक्षियों की जांच सुनिश्चित करने, पार्टी की ओर से सुरक्षा और क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई है। हुमायूँ कबीर के वकील ने बताया कि पहले चरण के चुनाव (23 अप्रैल) में कबीर पर भी असामाजिक तत्वों ने हमला किया था और उनकी कार में दुश्मनों की हत्या कर दी गई थी। साथ ही उनकी पार्टी की कार्यप्रणाली पर भी आपत्ति जताई गई, लेकिन पुलिस ने इन मामलों में कोई शिकायत दर्ज नहीं की। यह भी पढ़ें:- ‘बरखास्त करो, नहीं दी मिसालें’, जिद पर अदिं नमी नए कयासों से बोलीं- कपड़े पहने काले कपड़े उन्होंने कहा कि परमाणु विफलता के कारण उन्होंने शांतिपूर्ण शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाने की मांग की है और कर्मचारियों की जांच की पेशकश की है। बता दें कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किये गये थे. इस चुनाव में मुर्शिदाबाद जिले के दो हिस्सों में हुमायूँ कबीर को जीत हासिल हुई। यह भी पढ़ें:- विक्ट्री के पास 112 विधायकों का समर्थन, गवर्नर बोले- 118 के आंकड़े इस चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल की और कांग्रेस का 15 साल का शासन खत्म हो गया। कुल 207 प्रोटोटाइप बीजेपी को मिलीं, जबकि 80वें वर्जिन कांग्रेस को आउट किया गया। इसी बीच, परिणाम घोषित के बाद दक्षिण 24 परगना सहित राज्य के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। कैथोलिक कांग्रेस पर लगे हमले और पार्टी में आस्था के आरोप हैं। पुलिस ने कहा है कि ऐसे इलाके में लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाल हिंसा(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)हुमायूं कबीर
वर्ल्ड अपडेट्स:बंगाल चुनाव में जीत पर नॉर्वे के पूर्व मंत्री बोले- क्या शानदार बदला लिया है, PM मोदी की तारीफ की

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद नॉर्वे के पूर्व मंत्री और राजनयिक एरिक सोल्हेम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि क्या शानदार बदला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सोलहेम ने 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि तब पश्चिमी मीडिया ने BJP के बहुमत से नीचे रहने को मोदी युग के अंत की शुरुआत बताया था। लेकिन उसके बाद पार्टी ने ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, असम और अब पश्चिम बंगाल में जीत दर्ज की, क्या शानदार बदला है। उन्होंने ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे 10 करोड़ की आबादी वाले राज्य में 90% से ज्यादा वोटिंग होना बताता है कि भारत में लोकतंत्र कितना मजबूत है। यूरोप और अमेरिका के कई चुनावों में इतनी भागीदारी देखने को नहीं मिलती। भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए मिसाल है और पश्चिमी देशों को इसे समझने की जरूरत है। तमिलनाडु चुनाव पर भी सोलहेम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK के प्रदर्शन को राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव बताया।
वर्ल्ड अपडेट्स:बंगाल चुनाव में जीत पर नॉर्वे के पूर्व मंत्री बोले- क्या शानदार बदला लिया है, PM मोदी की तारीफ की

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद नॉर्वे के पूर्व मंत्री और राजनयिक एरिक सोल्हेम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि क्या शानदार बदला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सोलहेम ने 2024 लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि तब पश्चिमी मीडिया ने BJP के बहुमत से नीचे रहने को मोदी युग के अंत की शुरुआत बताया था। लेकिन उसके बाद पार्टी ने ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, असम और अब पश्चिम बंगाल में जीत दर्ज की, क्या शानदार बदला है। उन्होंने ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल जैसे 10 करोड़ की आबादी वाले राज्य में 90% से ज्यादा वोटिंग होना बताता है कि भारत में लोकतंत्र कितना मजबूत है। यूरोप और अमेरिका के कई चुनावों में इतनी भागीदारी देखने को नहीं मिलती। भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए मिसाल है और पश्चिमी देशों को इसे समझने की जरूरत है। तमिलनाडु चुनाव पर भी सोलहेम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK के प्रदर्शन को राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव बताया।
पहली बार भारत आएगी जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम:अक्टूबर में 3 वनडे और 3 टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी; यह पहली बाइलेटरल सीरीज

भारतीय महिला क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे के बीच अक्टूबर में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहली बार जिम्बाब्वे की महिला टीम भारत दौरे पर आएगी। दोनों देशों के बीच अब तक कोई बाइलेटरल इंटरनेशनल सीरीज नहीं हुई है। इतिहास में पहली बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमें क्रिकेट इतिहास में पहली बार भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें किसी इंटरनेशनल फिक्स्चर में आमने-सामने होंगी। अब तक दोनों टीमों के मुकाबले केवल ICC टूर्नामेंट्स या क्वालीफायर्स तक सीमित थे। बाइलेटरल सीरीज के रूप में यह नई शुरुआत होगी। BCCI और जिम्बाब्वे क्रिकेट ने इस सीरीज के जरिए महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से शेड्यूल के मुताबिक दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से हो सकती है, जिसके बाद वनडे सीरीज खेली जाएगी। इंडिया विमेंस टीम के लिए यह सीरीज बेंच स्ट्रेंथ आजमाने और युवा खिलाड़ियों को मौका देने का अच्छा मौका होगी। भारत ने भी अब तक जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया रिकॉर्ड्स के अनुसार, इंडिया विमेंस टीम ने भी अब तक बाइलेटरल सीरीज के लिए जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया है। पुरुष क्रिकेट में दोनों देशों के बीच नियमित मैच होते हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में यह पहली बाइलेटरल सीरीज होगी। जिम्बाब्वे विमेंस टीम के लिए भारत में खेलना बड़ा अनुभव होगा। टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के लिए अहम अक्टूबर में होने वाली यह सीरीज इंडिया विमेंस टीम के लिए अहम मानी जा रही है। आने वाले ICC टूर्नामेंट्स को देखते हुए BCCI ज्यादा बाइलेटरल सीरीज आयोजित कर रहा है। 2027 में श्रीलंका में वुमेन टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी होनी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज भारतीय खिलाड़ियों को लय बनाए रखने और रैंकिंग सुधारने का मौका देगी। मैच के वेन्यू और तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है।
पहली बार भारत आएगी जिम्बाब्वे महिला क्रिकेट टीम:अक्टूबर में 3 वनडे और 3 टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी; यह पहली बाइलेटरल सीरीज

भारतीय महिला क्रिकेट टीम और जिम्बाब्वे के बीच अक्टूबर में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहली बार जिम्बाब्वे की महिला टीम भारत दौरे पर आएगी। दोनों देशों के बीच अब तक कोई बाइलेटरल इंटरनेशनल सीरीज नहीं हुई है। इतिहास में पहली बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमें क्रिकेट इतिहास में पहली बार भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें किसी इंटरनेशनल फिक्स्चर में आमने-सामने होंगी। अब तक दोनों टीमों के मुकाबले केवल ICC टूर्नामेंट्स या क्वालीफायर्स तक सीमित थे। बाइलेटरल सीरीज के रूप में यह नई शुरुआत होगी। BCCI और जिम्बाब्वे क्रिकेट ने इस सीरीज के जरिए महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से शेड्यूल के मुताबिक दौरे की शुरुआत टी-20 सीरीज से हो सकती है, जिसके बाद वनडे सीरीज खेली जाएगी। इंडिया विमेंस टीम के लिए यह सीरीज बेंच स्ट्रेंथ आजमाने और युवा खिलाड़ियों को मौका देने का अच्छा मौका होगी। भारत ने भी अब तक जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया रिकॉर्ड्स के अनुसार, इंडिया विमेंस टीम ने भी अब तक बाइलेटरल सीरीज के लिए जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया है। पुरुष क्रिकेट में दोनों देशों के बीच नियमित मैच होते हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में यह पहली बाइलेटरल सीरीज होगी। जिम्बाब्वे विमेंस टीम के लिए भारत में खेलना बड़ा अनुभव होगा। टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के लिए अहम अक्टूबर में होने वाली यह सीरीज इंडिया विमेंस टीम के लिए अहम मानी जा रही है। आने वाले ICC टूर्नामेंट्स को देखते हुए BCCI ज्यादा बाइलेटरल सीरीज आयोजित कर रहा है। 2027 में श्रीलंका में वुमेन टी-20 चैंपियंस ट्रॉफी होनी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज भारतीय खिलाड़ियों को लय बनाए रखने और रैंकिंग सुधारने का मौका देगी। मैच के वेन्यू और तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है।
अमेरिका-ईरान जंग 24 घंटे में खत्म हो सकती है:ट्रम्प बोले- तेहरान परमाणु हथियार नहीं रखने को तैयार, ईरान ने कहा- अभी फैसला नहीं हुआ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि वे अमेरिका के साथ जंग रोकने और परमाणु प्रोग्राम से जुड़े समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत विफल होती है तो बमबारी फिर शुरू की जा सकती है। इससे पहले बुधवार को अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान 48 घंटे के भीतर सीजफायर को लेकर सहमति दे सकता है। हालांकि ईरान ने इसे लेकर कोई साफ जवाब नहीं दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि समझौते के करीब होने की खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया बताया। उन्होंने कहा कि हमने प्रस्ताव पर जवाब नहीं दिया है, हालांकि पाकिस्तान के जरिए बातचीत जारी है। ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी प्रस्ताव में कुछ ऐसी शर्तें हैं जो स्वीकार नहीं की जा सकतीं, लेकिन यह साफ नहीं किया गया कि वे कौन सी शर्तें हैं। ईरानी संसद की विदेश मामलों की समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजई ने इसे ‘अमेरिका की विशलिस्ट’ बताया है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… अमेरिका-ईरान समझौता आगे बढ़ा: रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला समझौता (MOU) तैयार है। हालांकि अभी यह फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत पहले से ज्यादा आगे बढ़ चुकी है। अमेरिका ने UNSC में प्रस्ताव पेश किया: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल कराने के लिए UNSC में नया प्रस्ताव पेश किया है। दूसरी तरफ ईरान ने सदस्य देशों से इस प्रस्ताव को खारिज करने की अपील की। चीन-ईरान के बीच बैठक: चीन और ईरान के बीच बीजिंग में हाई-लेवल बैठक हुई। चीन ने युद्ध तुरंत रोकने की बात कही और ईरान को समर्थन का भरोसा दिया। वहीं ईरान चाहता है कि ट्रम्प की चीन यात्रा के दौरान बीजिंग अमेरिका के दबाव में कोई ऐसा फैसला न ले जिससे तेहरान को नुकसान हो। ट्रम्प बोले- स्थिति कंट्रोल में है: ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की नौसेना, वायुसेना, मिसाइल सिस्टम और रडार नेटवर्क को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थिति हमारे कंट्रोल में है और अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका पहले से बड़े हमले करेगा। होर्मुज में फ्रांसीसी जहाज पर हमला: फ्रांस की शिपिंग कंपनी CMA CGM ने बताया कि उसके एक कार्गो जहाज पर मिसाइल या ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें कुछ क्रू मेंबर घायल हो गए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पंजाब में चुनाव से पहले धमाकों का ट्रेंड पुराना:2 बार के चुनावों में ब्लास्ट हुआ तो सरकार बदल गई; क्या AAP को भी नुकसान होगा

ये BJP का स्टाइल है। चुनाव वाले स्टेट में ब्लास्ट और दंगे करा दो। BJP की पंजाब इलेक्शन की तैयारी है। BJP पंजाबियों को डराकर वोट लेना चाहती है पंजाब में मंगलवार रात जालंधर BSF हेडक्वार्टर और अमृतसर आर्मी कैंप के बाहर 3 घंटे में 2 ब्लास्ट के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चला रहे CM भगवंत मान ने यह बयान दिया। इससे BJP पंजाब से लेकर दिल्ली तक एग्रेसिव मोड में आ गई। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने तो यहां तक चैलेंज कर दिया कि अगर ब्लास्ट BJP ने कराए तो मुझ पर FIR कर दो। AAP छोड़कर BJP जॉइन करने वाले पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने कहा- पंजाब के DGP कह रहे कि ब्लास्ट में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का हाथ हो सकता है तो CM भगवंत मान को PAK को क्लीन चिट देने की इतनी जल्दी क्यों है। ISI की गोद में बैठने क्यों जा रहे हैं। इन्हें लॉ एंड ऑर्डर पर ध्यान देना चाहिए। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। चुनाव से पहले ब्लास्ट होने का यह ट्रेंड नया नहीं है। 2017 और 2022 में भी चुनाव से पहले ब्लास्ट हुए। दोनों बार पंजाब की सरकार बदल गई। तब भी कमजोर लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सरकार के खिलाफ नैरेटिव बिल्ड कर सत्ता विरोधी लहर तैयार करने में ब्लास्ट अहम साबित हुए। पंजाब में चुनाव से पहले कब-कब ब्लास्ट हुए, किस पार्टी की सरकार बदली और किसे फायदा हुआ, ब्लास्ट से मौजूदा सरकार को क्या नुकसान, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले जानिए, पिछले 2 विधानसभा चुनाव में ब्लास्ट के बाद कैसे बदली सरकारें 2017: वोटिंग 4 दिन पहले धमाका, अकाली दल 10 साल बाद सत्ता से बाहर पंजाब में 2007 से लेकर 2017 तक अकाली दल+भाजपा गठबंधन की सरकार रही। 4 फरवरी को पंजाब में वोटिंग होनी थी। इसके ठीक 4 दिन पहले 31 जनवरी को बठिंडा के मौड़ मंडी कस्बे में कार में ब्लास्ट हो गया। जहां ब्लास्ट हुआ, वहां अकाली+भाजपा गठबंधन की रैली थी। इस ब्लास्ट में 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हुई। ब्लास्ट से पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। कांग्रेस ने एग्रेसिव ढंग से मामला उठाया। इसका लाभ कांग्रेस को मिला और वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुआई में 117 में से 77 सीटें जीतकर सत्ता में आ गई। अकाली दल को सिर्फ 15 सीटें मिलीं और वह विपक्षी दल के लायक भी नहीं रहा। तब 20 सीटें जीतकर AAP प्रमुख विपक्षी दल बना। हालांकि उस वक्त अकाली दल के खिलाफ श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी और उससे जुड़े गोलीकांड से भी माहौल बना हुआ था। 2022: चुनाव आचार संहिता से 16 दिन पहले ब्लास्ट, AAP सत्ता में आई साल 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले फिर ब्लास्ट हुआ। तब आचार संहिता लगने ही वाली थी कि 23 दिसंबर 2021 को लुधियाना कोर्ट कॉम्लैक्स में IED ब्लास्ट हो गया। इसके 16 दिन बाद 8 जनवरी 2022 को चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। मगर, उससे पहले ही तत्कालीन कांग्रेस सरकार के CM चरणजीत चन्नी लॉ एंड ऑर्डर को लेकर घिर गई। ये मुद्दा पंजाब से निकलकर नेशनल लेवल तक पहुंच गया। चन्नी को CM बने महज 3 महीने ही हुए थे तो उनके पास इसे काउंटर करने के लिए पर्याप्त मौका नहीं था। ऐसे में जब 20 फरवरी को वोटिंग हुई तो पंजाबियों ने पंजाब की पारंपरिक पार्टियों अकाली दल के बाद कांग्रेस से भी भरोसा खो दिया। 10 मार्च 2022 को जब काउंटिंग हुई तो आम आदमी पार्टी (AAP) ने लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल करते हुए 117 में से 92 सीटें जीत लीं। कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी। हालांकि तब पंजाब में बदलाव और अकाली-कांग्रेस छोड़ दूसरी पार्टी को एक मौका देने का भी माहौल बना था। जो बंपर जीत की बड़ी वजह बना। इस बार चुनाव से पहले 5 महीने में 5 ब्लास्ट, सत्ता में AAP पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। इसके लिए चुनाव आचार संहिता इसी साल के अंत या फिर 2027 के शुरूआती महीनों में लग सकता है क्योंकि इस सरकार का कार्यकाल मार्च 2027 में खत्म होना है। इससे पहले ही 5 महीने में 5 ब्लास्ट हो चुके हैं। पहले चंडीगढ़ में पंजाब BJP के हेडक्वार्टर में ब्लास्ट हुआ। फिर अमृतसर के भिंडी सैदां, उसके बाद राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट हुआ। उसके बाद मंगलवार रात पहले जालंधर में BJP हेडक्वार्टर और फिर अमृतसर में आर्मी कैंप के पास ब्लास्ट हुए। DGP गौरव यादव ने इनके IED ब्लास्ट का शक जताया। ब्लास्ट होते ही विरोधी दलों BJP, कांग्रेस और अकाली दल ने खराब लॉ एंड ऑर्डर पर ही सवाल उठाए। चुनाव से पहले धमाकों के इलेक्शन पर 3 बड़े इंपैक्ट धमाकों का नैरेटिव कैसे तोड़ेगी AAP पिछले चुनावों से समझ आता है कि चुनाव से पहले धमाके मौजूदा सरकार की कुर्सी के लिए खतरा हैं। यही बैचेनी CM भगवंत मान के बयानों से भी नजर आती है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रो. केके रत्तू मानते हैं कि विरोधी दल AAP सरकार चुनाव से पहले माइनिंग से कमाई, ड्रग्स जैसे कई मुद्दों पर घेर रहे हैं। ऐसे में सीधे लॉ एंड ऑर्डर को लेकर चिंता हुई तो वोटरों के AAP से छिटकने का खतरा बढ़ेगा। खासकर, शहरी एरिया में, जहां लोग अपने कारोबार पर निर्भर हैं। AAP इस नैरेटिव को तोड़ने के लिए मुफ्त बिजली, अच्छी शिक्षा, 10 लाख तक कैशलेस इलाज, नहरी पानी, टोल बंद करने और महिलाओं को 1 हजार रुपए महीना जैसे फायदे गिनाएगी। हालांकि अगर वोटर के मन में लॉ एंड ऑर्डर का डर बैठ गया तो फिर ये सारे फायदे पीछे छूट जाएंगे। यही वजह है कि CM ने इसे बहुत एग्रेसिव ढंग से काउंटर करने की कोशिश की है।
भारत- पहली बार 50 हजार जवानों की अलग ड्रोन फोर्स:BSF और ITBP में भी बनेंगी, किसी भी सैन्य हमले में सबसे पहले यही प्रहार करेंगी

ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन व पश्चिम एशिया) से सबक लेते हुए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान ने एक ‘ड्रोन फोर्स’ बनाने का निर्णय लिया है। यह फोर्स किसी भी सैन्य कार्रवाई में ‘फर्स्ट रेस्पोंडर’ (पहली जवाबी कार्रवाई) के तौर पर तैनात की जाएगी। इसे डेटा और कॉग्निटिव वारफेयर फोर्स का तकनीकी समर्थन होगा। इंटीग्रेटेड रक्षा मुख्यालय के अनुसार इस फोर्स के लिए अभी 50 हजार सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अगले 3 साल में 15 नए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाए जाएंगे। यहां सिम्युलेटर और वर्चुअल रियलिटी के जरिए रीयल-टाइम बैटल ट्रेनिंग दी जाएगी। भविष्य में बीएसएफ और आईटीबीपी जैसे सुरक्षा बलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यह फोर्स इंटेलिजेंस, सर्विलांस और सटीक प्रहार की दोहरी भूमिका निभाएगी। इस तंत्र को वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड और सेना के ‘आकाशतीर’ सिस्टम का कवच मिलेगा। डिफेंस ईकोसिस्टम भी नया, तीनों सेनाएं एक ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत ने खुद को रक्षा उत्पादन में काफी मजबूत किया है। यह 1.54 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। तीनों सेनाओं की थिएटर कमान बन रही है। दुश्मन के सस्ते ड्रोन्स से निपटने के लिए अब किफायती ‘सॉफ्ट किल’ (जैमिंग/स्पूफिंग) और ‘हार्ड किल’ (लेजर-आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि ड्रोन फोर्स का विचार पिछले साल तब आया, जब पाकिस्तान ने 1,000 ड्रोन्स से हमला किया। उसका मकसद हमारे एयर डिफेंस गैप्स को समझना और महंगे मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सस्ते ड्रोन्स के जरिए आर्थिक नुकसान पहुंचाना था। हर फौजी के पास होगा अपना ड्रोन सेना की योजना इस ड्रोन फोर्स के हर जवान को ड्रोन चलाने की बेसिक ट्रेनिंग देने की है। लक्ष्य यह है कि युद्ध के मैदान में हर फौजी के पास अपना ड्रोन हो। इसके अलावा, सेना की प्रत्येक कोर में 8,000 ड्रोन्स शामिल करने की योजना है, जिससे एक लाख ड्रोन्स की विशाल शक्ति तैयार होगी। हमारे हथियार:- इस साल 120 डिफेंस स्टार्टअप खुले 20 नई कंपनियां सिर्फ ड्रोन, एआई, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में एक्टिव हैं। इनकी मदद 16 हजार एमएसएमई कर रहे हैं। 7.85 लाख करोड़ के रक्षा बजट का 75% हिस्सा भारत में ही खर्च हो रहा। जबकि इस एक साल में भारत का कुल रक्षा आयात 11 से 15% घटा है। हमारा कौशल:- ड्रोन के ‘दिल-दिमाग’ भी यहीं बन रहे, मिसाइल का दिल यानी सीकर्स (अहम सेंसर) और दिमाग यानी इंजन। इन्हें भारतीय कंपनियां पीटीसी इंडस्ट्रीज, डेटा पैटर्न्स और सोलर इंडस्ट्रीज बना रहे हैं। पहले ये हिस्से रूस से मिलते थे। 2015 में ब्रह्मोस मिसाइल के 15% पुर्जे स्वदेशी थे, आज 72% हैं। मिसाइलों का मेंटेनेंस भारत में ही होगा इधर यूरोपीय रक्षा दिग्गज कंपनी एमबीडीए के साथ भारतीय वायुसेना का एक अहम समझौता हुआ है। समझौते के तहत राफेल लड़ाकू विमान में लगने वाली मीका एयर टू एयर मिसाइलों का रखरखाव अब भारत में ही वायुसेना करेगी। इसके लिए देश में इनके ‘मेंटेनेंस, रिपेयर, मिड लाइफ ओवरहॉल’ की सुविधा तैयार की जाएगी। यह कदम भारत द्वारा प्रस्तावित 114 अतिरिक्त मल्टीरोल लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण से ठीक पहले उठाया गया है। बता दें कि यह 60-80 किमी रेंज की छोटी से मध्यम दूरी वाली मिसाइल है। इसे राफेल विमानों में बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (दृश्य सीमा से परे) और क्लोज-कॉम्बैट (नजदीकी डॉगफाइट) दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे ड्रोन जो जाम नहीं होंगे और बिना जीपीएस चलेंगे एयर कमोडोर गौरव एम त्रिपाठी (रिटायर्ड) के मुताबिक भविष्य के ऑपरेशन मल्टी-डोमेन होंगे। ‘अंतरिक्ष से समुद्र’ तक। इसमें कम्युनिकेशन ‘चेन’ नहीं, बल्कि एक साथ चलने वाला ‘वेब’ होगा। त्रिपाठी ने बताया कि इसके अलावा, अगली बार हमारा सामना ‘हार्डन्ड’ ड्रोन से हो सकता है, जिन्हें जाम करना मुश्किल होगा, जिनमें बेहतर नेविगेशन, जीपीएस के बिना काम करने की क्षमता, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल होमिंग और झुंड में हमला करने की ताकत होगी। इसके लिए हमें एंटी-ड्रोन क्षमता का दायरा सभी अहम ठिकानों तक बढ़ाना होगा। कम्युनिकेशन सिस्टम को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, साइबर वॉरफेयर के खिलाफ मजबूत बनाना होगा। ………….. यह खबर भी पढ़ें… भारत रूस से 5 S-400 सुदर्शन डिफेंस सिस्टम खरीदेगा: पाकिस्तान-चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा; वायुसेना ने इसे ऑपरेशन सिंदूर में गेम चेंजर बताया था भारत रूस से 5 नए S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की तैयारी में है। रक्षा मंत्रालय जल्द ही वायुसेना के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाएगा। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के आधार पर सोमवार को बताया कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम के प्रदर्शन के बाद और खरीदने का निर्णय लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…







