भारत- पहली बार 50 हजार जवानों की अलग ड्रोन फोर्स:BSF और ITBP में भी बनेंगी, किसी भी सैन्य हमले में सबसे पहले यही प्रहार करेंगी

ऑपरेशन सिंदूर और वैश्विक युद्धों (रूस-यूक्रेन व पश्चिम एशिया) से सबक लेते हुए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान ने एक ‘ड्रोन फोर्स’ बनाने का निर्णय लिया है। यह फोर्स किसी भी सैन्य कार्रवाई में ‘फर्स्ट रेस्पोंडर’ (पहली जवाबी कार्रवाई) के तौर पर तैनात की जाएगी। इसे डेटा और कॉग्निटिव वारफेयर फोर्स का तकनीकी समर्थन होगा। इंटीग्रेटेड रक्षा मुख्यालय के अनुसार इस फोर्स के लिए अभी 50 हजार सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अगले 3 साल में 15 नए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाए जाएंगे। यहां सिम्युलेटर और वर्चुअल रियलिटी के जरिए रीयल-टाइम बैटल ट्रेनिंग दी जाएगी। भविष्य में बीएसएफ और आईटीबीपी जैसे सुरक्षा बलों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यह फोर्स इंटेलिजेंस, सर्विलांस और सटीक प्रहार की दोहरी भूमिका निभाएगी। इस तंत्र को वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड और सेना के ‘आकाशतीर’ सिस्टम का कवच मिलेगा। डिफेंस ईकोसिस्टम भी नया, तीनों सेनाएं एक ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत ने खुद को रक्षा उत्पादन में काफी मजबूत किया है। यह 1.54 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। तीनों सेनाओं की थिएटर कमान बन रही है। दुश्मन के सस्ते ड्रोन्स से निपटने के लिए अब किफायती ‘सॉफ्ट किल’ (जैमिंग/स्पूफिंग) और ‘हार्ड किल’ (लेजर-आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि ड्रोन फोर्स का विचार पिछले साल तब आया, जब पाकिस्तान ने 1,000 ड्रोन्स से हमला किया। उसका मकसद हमारे एयर डिफेंस गैप्स को समझना और महंगे मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सस्ते ड्रोन्स के जरिए आर्थिक नुकसान पहुंचाना था। हर फौजी के पास होगा अपना ड्रोन सेना की योजना इस ड्रोन फोर्स के हर जवान को ड्रोन चलाने की बेसिक ट्रेनिंग देने की है। लक्ष्य यह है कि युद्ध के मैदान में हर फौजी के पास अपना ड्रोन हो। इसके अलावा, सेना की प्रत्येक कोर में 8,000 ड्रोन्स शामिल करने की योजना है, जिससे एक लाख ड्रोन्स की विशाल शक्ति तैयार होगी। हमारे हथियार:- इस साल 120 डिफेंस स्टार्टअप खुले 20 नई कंपनियां सिर्फ ड्रोन, एआई, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में एक्टिव हैं। इनकी मदद 16 हजार एमएसएमई कर रहे हैं। 7.85 लाख करोड़ के रक्षा बजट का 75% हिस्सा भारत में ही खर्च हो रहा। जबकि इस एक साल में भारत का कुल रक्षा आयात 11 से 15% घटा है। हमारा कौशल:- ड्रोन के ‘दिल-दिमाग’ भी यहीं बन रहे, मिसाइल का दिल यानी सीकर्स (अहम सेंसर) और दिमाग यानी इंजन। इन्हें भारतीय कंपनियां पीटीसी इंडस्ट्रीज, डेटा पैटर्न्स और सोलर इंडस्ट्रीज बना रहे हैं। पहले ये हिस्से रूस से मिलते थे। 2015 में ब्रह्मोस मिसाइल के 15% पुर्जे स्वदेशी थे, आज 72% हैं। मिसाइलों का मेंटेनेंस भारत में ही होगा इधर यूरोपीय रक्षा दिग्गज कंपनी एमबीडीए के साथ भारतीय वायुसेना का एक अहम समझौता हुआ है। समझौते के तहत राफेल लड़ाकू विमान में लगने वाली मीका एयर टू एयर मिसाइलों का रखरखाव अब भारत में ही वायुसेना करेगी। इसके लिए देश में इनके ‘मेंटेनेंस, रिपेयर, मिड लाइफ ओवरहॉल’ की सुविधा तैयार की जाएगी। यह कदम भारत द्वारा प्रस्तावित 114 अतिरिक्त मल्टीरोल लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण से ठीक पहले उठाया गया है। बता दें कि यह 60-80 किमी रेंज की छोटी से मध्यम दूरी वाली मिसाइल है। इसे राफेल विमानों में बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (दृश्य सीमा से परे) और क्लोज-कॉम्बैट (नजदीकी डॉगफाइट) दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे ड्रोन जो जाम नहीं होंगे और बिना जीपीएस चलेंगे एयर कमोडोर गौरव एम त्रिपाठी (रिटायर्ड) के मुताबिक भविष्य के ऑपरेशन मल्टी-डोमेन होंगे। ‘अंतरिक्ष से समुद्र’ तक। इसमें कम्युनिकेशन ‘चेन’ नहीं, बल्कि एक साथ चलने वाला ‘वेब’ होगा। त्रिपाठी ने बताया कि इसके अलावा, अगली बार हमारा सामना ‘हार्डन्ड’ ड्रोन से हो सकता है, जिन्हें जाम करना मुश्किल होगा, जिनमें बेहतर नेविगेशन, जीपीएस के बिना काम करने की क्षमता, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल होमिंग और झुंड में हमला करने की ताकत होगी। इसके लिए हमें एंटी-ड्रोन क्षमता का दायरा सभी अहम ठिकानों तक बढ़ाना होगा। कम्युनिकेशन सिस्टम को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, साइबर वॉरफेयर के खिलाफ मजबूत बनाना होगा। ………….. यह खबर भी पढ़ें… भारत रूस से 5 S-400 सुदर्शन डिफेंस सिस्टम खरीदेगा: पाकिस्तान-चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा; वायुसेना ने इसे ऑपरेशन सिंदूर में गेम चेंजर बताया था भारत रूस से 5 नए S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की तैयारी में है। रक्षा मंत्रालय जल्द ही वायुसेना के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाएगा। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के आधार पर सोमवार को बताया कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम के प्रदर्शन के बाद और खरीदने का निर्णय लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
IPL में आज लखनऊ Vs बेंगलुरु:पिछले मैच में 155 पर सिमट गई थी बेंगलुरु; हार का सिलसिला तोड़ने की उतरेगी LSG

IPL में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर मौजूद RCB को पिछले मैच में गुजरात टाइटंस से 4 विकेट से हार मिली थी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यह मैच जीतकर प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। वहीं, लगातार 6 हार के बाद पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच चुकी लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मुकाबला साख बचाने जैसा होगा। इकाना में बेंगलुरु को नहीं हरा सकी है लखनऊ अभी तक दोनों टीमों के बीच IPL में 7 मुकाबले हुए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5 मैच जीते हैं। इस सीजन में दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला है। बेंगलुरु में खेले गए पहले मैच में RCB ने लखनऊ को 5 विकेट से हराया था। पिछले सीजन में दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे बेंगलुरु ने जीता था। दोनों टीमें इकाना में दो बार भिड़ीं है और दोनों बार बेंगलुरु जीती है। दूसरे नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, लेकिन 4 टीमें बराबरी पर RCB 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। हालांकि, तीन अन्य टीमों के भी 12-12 अंक हैं। गुजरात टाइटंस से मिली हार के बाद बेंगलुरु का नेट रन रेट प्रभावित हुआ है, जिसे टीम सुधारना चाहेगी। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए टूर्नामेंट लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन ऋषभपंत की कप्तानी वाली टीम बेंगलुरु का खेल बिगाड़ सकती है। लखनऊ सुपर जायंट्स की मुश्किल, न कप्तान चल रहे हैं न विदेशी सितारे लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। मिचेल मार्श, एडन मार्करम और निकोलस पूरन लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कप्तान ऋषभपंत की फॉर्म पर भी सवाल हैं। बैटिंग ऑर्डर में लगातार बदलाव की रणनीति टीम पर भारी पड़ी है। अब उनका सामना भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाजों से होगा, जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को 75 रन पर समेट दिया था। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए गेंदबाजी में प्रिंस यादव (13 विकेट) और मोहसिन खान (10 विकेट) ही सफल रहे हैं। मोहम्मद शमी की खराब फॉर्म और डेथ ओवर्स में रन रोकने में नाकामी टीम की सबसे बड़ी कमजोरी रही है। विराट कोहली फॉर्म में, लेकिन फिल सॉल्ट की चोट ने बढ़ाई चिंता RCB की बल्लेबाजी इस सीजन में आक्रामक रही है। विराट कोहली 379 रन के साथ टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। पिछले मैच में टीम की बल्लेबाजी बिखर गई थी। स्कोर 79/2 से 96/6 हो गया और पूरी टीम 155 रन पर सिमट गई। टीम के लिए ओपनर फिल सॉल्ट की उंगली की चोट बड़ा झटका है। उनकी गैरमौजूदगी में जैकब बेथेल पर विराट कोहली के साथ तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। कप्तान रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल से भी मध्यक्रम में बड़े स्कोर की उम्मीद है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास अनुभवी तेज गेंदबाजी आक्रमण है। भुवनेश्वर कुमार नई गेंद से विकेट निकाल रहे हैं, जबकि जोश हेजलवुड का सटीक स्पेल बल्लेबाजों को बांधे रखता है। स्पिन में क्रुणाल पंड्या 9 विकेट लेकर प्रभावशाली रहे हैं। इकाना में अब तक 26 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां अब तक कुल 26 IPL मैच खेले गए। 10 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। एक मैच बेनतीजा भी रहा। जबकि एक मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ है। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। वहीं, सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। लखनऊ में बारिश की 25% आशंका लखनऊ में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की 25% संभावना है। अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-XI रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, जैकब बेथेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड। लखनऊ सुपर जाइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, एडन मार्करम, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, प्रिंस यादव, आवेश खान, शाहबाज अहमद, अब्दुल समद।
IPL में आज लखनऊ Vs बेंगलुरु:पिछले मैच में 155 पर सिमट गई थी बेंगलुरु; हार का सिलसिला तोड़ने की उतरेगी LSG

IPL में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा। मैच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर मौजूद RCB को पिछले मैच में गुजरात टाइटंस से 4 विकेट से हार मिली थी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यह मैच जीतकर प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। वहीं, लगातार 6 हार के बाद पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच चुकी लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह मुकाबला साख बचाने जैसा होगा। इकाना में बेंगलुरु को नहीं हरा सकी है लखनऊ अभी तक दोनों टीमों के बीच IPL में 7 मुकाबले हुए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5 मैच जीते हैं। इस सीजन में दोनों के बीच यह दूसरा मुकाबला है। बेंगलुरु में खेले गए पहले मैच में RCB ने लखनऊ को 5 विकेट से हराया था। पिछले सीजन में दोनों के बीच एक मैच हुआ था, जिसे बेंगलुरु ने जीता था। दोनों टीमें इकाना में दो बार भिड़ीं है और दोनों बार बेंगलुरु जीती है। दूसरे नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, लेकिन 4 टीमें बराबरी पर RCB 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। हालांकि, तीन अन्य टीमों के भी 12-12 अंक हैं। गुजरात टाइटंस से मिली हार के बाद बेंगलुरु का नेट रन रेट प्रभावित हुआ है, जिसे टीम सुधारना चाहेगी। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए टूर्नामेंट लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन ऋषभपंत की कप्तानी वाली टीम बेंगलुरु का खेल बिगाड़ सकती है। लखनऊ सुपर जायंट्स की मुश्किल, न कप्तान चल रहे हैं न विदेशी सितारे लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह सीजन निराशाजनक रहा है। मिचेल मार्श, एडन मार्करम और निकोलस पूरन लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कप्तान ऋषभपंत की फॉर्म पर भी सवाल हैं। बैटिंग ऑर्डर में लगातार बदलाव की रणनीति टीम पर भारी पड़ी है। अब उनका सामना भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाजों से होगा, जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को 75 रन पर समेट दिया था। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए गेंदबाजी में प्रिंस यादव (13 विकेट) और मोहसिन खान (10 विकेट) ही सफल रहे हैं। मोहम्मद शमी की खराब फॉर्म और डेथ ओवर्स में रन रोकने में नाकामी टीम की सबसे बड़ी कमजोरी रही है। विराट कोहली फॉर्म में, लेकिन फिल सॉल्ट की चोट ने बढ़ाई चिंता RCB की बल्लेबाजी इस सीजन में आक्रामक रही है। विराट कोहली 379 रन के साथ टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। पिछले मैच में टीम की बल्लेबाजी बिखर गई थी। स्कोर 79/2 से 96/6 हो गया और पूरी टीम 155 रन पर सिमट गई। टीम के लिए ओपनर फिल सॉल्ट की उंगली की चोट बड़ा झटका है। उनकी गैरमौजूदगी में जैकब बेथेल पर विराट कोहली के साथ तेज शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। कप्तान रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल से भी मध्यक्रम में बड़े स्कोर की उम्मीद है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास अनुभवी तेज गेंदबाजी आक्रमण है। भुवनेश्वर कुमार नई गेंद से विकेट निकाल रहे हैं, जबकि जोश हेजलवुड का सटीक स्पेल बल्लेबाजों को बांधे रखता है। स्पिन में क्रुणाल पंड्या 9 विकेट लेकर प्रभावशाली रहे हैं। इकाना में अब तक 26 मैच खेले गए लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। यहां अब तक कुल 26 IPL मैच खेले गए। 10 मैच में पहले बैटिंग और 14 में चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। एक मैच बेनतीजा भी रहा। जबकि एक मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ है। यहां IPL का सबसे बड़ा स्कोर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के नाम है, जिन्होंने 2024 में लखनऊ के खिलाफ 235/6 रन बनाए थे। वहीं, सबसे छोटा स्कोर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के नाम दर्ज है, जब वे 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ महज 108 रन पर सिमट गए थे। लखनऊ में बारिश की 25% आशंका लखनऊ में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की 25% संभावना है। अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 27 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-XI रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, जैकब बेथेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड। लखनऊ सुपर जाइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, एडन मार्करम, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, मोहसिन खान, प्रिंस यादव, आवेश खान, शाहबाज अहमद, अब्दुल समद।
गर्मी में इम्यूनिटी बूस्ट करने के 5 सरल उपाय, बीमारियों से होगा बचाव

Last Updated:May 07, 2026, 00:00 IST Summer Health Tips: गर्मी के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए इम्यूनिटी को बूस्ट रखना बहुत जरूरी है. यदि आपकी इम्यूनिटी कमजोर है तो आप बार-बार बीमार हो सकते हैं. ऐसे में बचाव के लिए यहां बताए गए ये 5 उपायों को करें. ख़बरें फटाफट बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे समय में शरीर की इम्यूनिटी यानी रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत रखना बहुत जरूरी हो जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ आसान आदतों को अपनाकर इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकता है और बीमार पड़ने का खतरा कम किया जा सकता है. Ayush Department Chhattisgarh के अनुसार, मजबूत इम्यून सिस्टम शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखता है. विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की दिनचर्या को सही करना ज्यादा फायदेमंद होता है. हालांकि, अगर किसी को कोई पुरानी बीमारी है, तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. पूरी और अच्छी नींद लेंइम्यूनिटी को मजबूत रखने के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेना जरूरी है. नींद के दौरान शरीर खुद की मरम्मत करता है और इम्यून सिस्टम सक्रिय होता है. अगर नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो सकती है. संतुलित आहार लें और चीनी कम करेंस्वस्थ खानपान इम्यून सिस्टम की नींव है. अपने भोजन में फल, सब्जियां, दालें, अनाज, नट्स और दही शामिल करें। ये सभी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. वहीं, ज्यादा चीनी और जंक फूड से दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि ये इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं. नियमित व्यायाम करेंहर दिन 30 से 45 मिनट तक हल्का व्यायाम, योग, वॉक या एक्सरसाइज करने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में सूजन कम होती है. तनाव को कम करेंज्यादा तनाव लेने से इम्यून सिस्टम पर नकारात्मक असर पड़ता है. इसलिए ध्यान, प्राणायाम, संगीत सुनना या अपनी पसंद की गतिविधियों में समय बिताना फायदेमंद होता है. अच्छा मानसिक स्वास्थ्य शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. शरीर को हाइड्रेटेड रखेंपर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है. दिनभर में सही मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ या हर्बल टी लेने से शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और कोशिकाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
दांत दर्द हो या मसूड़ों में सूजन…गोरसपान का पत्ता चुटकियों में दिलाएगा राहत, जानिए ट्रिक

Last Updated:May 06, 2026, 22:11 IST Health Tips : गोरसपान उत्तराखंड के पहाड़ों में मिलने वाला औषधीय पौधा है, जिसे लोग दांत दर्द में राहत के लिए इस्तेमाल करते हैं. इसके पत्तों में एंटीसेप्टिक और दर्द कम करने वाले गुण होते हैं. लोकल 18 से औषधीय पौधों के जानकार पिथौरागढ़ के राम सिंह बताते हैं कि दर्द होने पर इसके पत्ते चबाने या रस लगाने से आराम मिलता है. यह सूजन और बैक्टीरिया को भी कम करता है. यह आमतौर पर घरों के आसपास, खेतों की मेड़ों या जंगल के किनारों पर उग जाता है. पहाड़ों में रहने वाले लोग इसे पहचानते भी हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इसका इस्तेमाल भी कर लेते हैं. राम सिंह बताते हैं कि गोरसपान एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है, फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. हमेशा ताजे और साफ पत्तों का ही इस्तेमाल करें, अगर दर्द बहुत ज्यादा हो या कई दिनों तक बना रहे, तो डॉक्टर से जरूर दिखाएं. इसे सिर्फ प्राथमिक राहत के लिए इस्तेमाल करें, पूरी तरह इलाज के लिए नहीं. राम सिंह बताते हैं कि कई बार दांत दर्द के साथ मसूड़ों में सूजन भी हो जाती है. गोरसपान इस स्थिति में भी काफी मददगार साबित होता है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करते हैं और मसूड़ों को आराम देते हैं. यह इंफेक्शन को फैलने से रोकता है, जिससे दर्द जल्दी कंट्रोल में आ जाता है. गोरसपान पहाड़ी इलाकों में आसानी से मिलने वाला एक पारंपरिक औषधीय पौधा है. यह आमतौर पर घरों के आसपास, खेतों की मेड़ों या जंगल के किनारों पर उग जाता है. पहाड़ों में रहने वाले लोग इसे पहचानते भी हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इसका इस्तेमाल भी कर लेते हैं. इसे उगाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती, यह प्राकृतिक रूप से ही उग आता है. इसलिए इसे हर घर का “घरेलू डॉक्टर” भी कहा जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google पहाड़ों में पहले के समय में अस्पताल या दवाइयां आसानी से उपलब्ध नहीं होती थीं. ऐसे में लोग अपने आसपास मिलने वाले पौधों पर ही निर्भर रहते थे. गोरसपान भी उन्हीं में से एक है. दांत दर्द, मुंह की सूजन या हल्की चोट, इन सब में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. यह पौधा सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि पहाड़ी संस्कृति और परंपरा का भी हिस्सा है. गोरसपान का उपयोग कोई नया ट्रेंड नहीं है. यह सालों से पहाड़ी लोगों के जीवन का हिस्सा रहा है. दादी-नानी के समय से लोग इसे इस्तेमाल करते आए हैं और अपने अनुभव के आधार पर इसे अगली पीढ़ी को सिखाते रहे हैं. यह ज्ञान किताबों से नहीं, बल्कि अनुभव से आया है, इसलिए लोग इस पर भरोसा भी करते हैं. दांत का दर्द अचानक शुरू हो जाता है और कई बार बहुत तेज होता है. ऐसे समय में गोरसपान के पत्ते तुरंत राहत देने में मदद करते हैं. इसके अंदर ऐसे प्राकृतिक गुण होते हैं जो दर्द को धीरे-धीरे कम करते हैं. जब इसे चबाया जाता है या इसका रस लगाया जाता है, तो यह दर्द वाली जगह पर असर करता है और नसों को थोड़ा शांत करता है. गोरसपान के पत्तों में एंटीसेप्टिक, एंटी-बैक्टीरियल और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं. इसका मतलब यह है कि यह मुंह के अंदर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है. यह सूजन को कम करता है और संक्रमण को बढ़ने से रोकता है. यही कारण है कि यह सिर्फ दर्द दबाने का काम नहीं करता, बल्कि उसकी जड़ पर भी असर डालता है. गोरसपान का उपयोग करना बहुत आसान है. सबसे पहले इसके ताजे और साफ पत्ते तोड़ लें, उन्हें अच्छे से धो लें ताकि कोई गंदगी न रहे. अब इन पत्तों को हल्का-हल्का चबाएं और रस को दांत के दर्द वाली जगह पर रहने दें, अगर चबाना मुश्किल लगे, तो पत्तों को कूटकर उसका रस निकाल लें और सीधे दर्द वाली जगह पर लगा लें. कुछ ही समय में आपको राहत महसूस होने लगेगी. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पापड़ की सब्जी रेसिपी: 20 मिनट में बनेगी पापड़ से बनी मारवाड़ी सब्जी, गर्मी के लिए है परफेक्ट रेसिपी; स्वाद में भी सबसे अच्छा है

सामग्री: 5 पापड़, 1 कप दही, 1-2 हरी मिर्च, 1/2 छोटा हल्दी पाउडर, 1/4 छोटा हल्दी पाउडर, 1/2 छोटा लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा धनिया पाउडर, चुटकी भर हींग, नमक, 1-2 छोटा मसाला तेल, हरा धनिया छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले पापड़ों को प्रभाव सा भुन लें। फिर उदाहरण छोटे-छोटे जन्मस्थान में टूटना लें। एक बाउल में दही लें और इसमें छोटे पानी के स्टैच्यू महान से फेंट लें, ताकि गाठें न रहें। छवि: फ्रीपिक एक कढ़ाही में तेल गर्म करें। इसमें जीरा डालें, जब जीरा चटकने लगे तो हींग और हरी मिर्च डाल दें। अब हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर प्लास्टर सा भून लें। ध्यान रखें कि मूल जलें नहीं। छवि: एआई अब फेंटा हुआ दही और लगातार प्लास्टिक में रहना इसलिए दही फोटे नहीं। जब ग्रेवी रोली गाढ़ी हो जाए, तब इसमें पापड़ केटुकड़े डाल दें और 2-3 मिनट तक का समय लें। गैस बंद करके ऊपर से हरा धनिया डालें। छवि: एआई गरमा-गरम पापड़ की सब्जी को आप रोटी, पराठा या स्वादिष्ट चावल के साथ बना सकते हैं. यह सब्जी गर्मियों में शानदार और स्वादिष्ट लगती है। छवि: एआई दही को फेटना जरूरी है, नहीं तो सब्जी फेटना संभव है। आप चाहें तो इसमें थोड़ी कसूरी मेथी भी डाल सकते हैं, इससे स्वाद और बढ़ जाएगा। पापड़ के बाद बहुत देर से न चरित्र, वर्ण वह बहुत नग्न हो जायेंगे। छवि: फ्रीपिक कम समय और कम सामग्री में बनने वाली यह मारवारी पापड़ की सब्जी का स्वाद और सादगी का बेहतरीन मेल है। जब घर में सब्जी न हो या कुछ अलग खाने का मन हो तो इसे जरूर खरीदें। छवि: फ्रीपिक
बंगाल में पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना: पीएम मोदी, शाह | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 21:55 IST हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को व्यापक रूप से सबसे आगे देखा जा रहा है। इस समारोह में कई केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। (पीटीआई फाइल फोटो) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नौ मई को मध्य कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले पश्चिम बंगाल में पार्टी की पहली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले शीर्ष भाजपा नेताओं में शामिल होने की संभावना है। इस घटना को एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में देखा जा रहा है, जो भारतीय जनता पार्टी के उस राज्य में सत्ता में आने का प्रतीक है जहां उसे मजबूत पैर जमाने के लिए लंबे समय से संघर्ष करना पड़ा था। इस समारोह में कई केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को व्यापक रूप से सबसे आगे देखा जा रहा है। विचाराधीन अन्य नामों में राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता शामिल हैं। कार्यक्रम की घोषणा करते हुए, भट्टाचार्य ने कहा कि नई सरकार 9 मई को सुबह 10 बजे शपथ लेगी। उन्होंने कहा, “नई भाजपा सरकार 9 मई को सुबह 10 बजे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ लेगी।” गौरतलब है कि शपथ ग्रहण समारोह बंगाली कैलेंडर के अनुसार बैसाख के 25वें दिन आयोजित किया जाएगा – जिसे राज्य भर में रवीन्द्र जयंती, रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती के रूप में मनाया जाता है – जो इस कार्यक्रम को एक गहरा सांस्कृतिक प्रतीक प्रदान करता है। अभियान के दौरान, शाह ने बार-बार कहा था कि मुख्यमंत्री राज्य में जन्मे और शिक्षित “मिट्टी के बेटे” होंगे, टीएमसी के निरंतर हमले को कुंद करने के प्रयास में कि भाजपा बंगाल की सामाजिक और बौद्धिक परंपराओं के लिए एक “बाहरी” राजनीतिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि तारीख और संदेश का चयन राज्य की सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपराओं से जुड़ने की व्यापक रणनीति को दर्शाता है। इस बीच, भबनीपुर और नंदीग्राम दोनों से जीतने वाले अधिकारी ने कहा कि वह पार्टी के निर्देश के अनुसार एक सीट खाली कर देंगे। उन्होंने भाजपा के भविष्य पर भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी राज्य में दीर्घकालिक शासन सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा, “मैं 10 दिनों के भीतर एक सीट खाली कर दूंगा। पार्टी तय करेगी कि मैं किसे बरकरार रखूंगा। मैं भवानीपुर और नंदीग्राम के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं भूलूंगा।” (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया बंगाल के पहले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना: पीएम मोदी और शाह अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी पश्चिम बंगाल सरकार का शपथ ग्रहण(टी)नरेंद्र मोदी का शपथ ग्रहण(टी)अमित शाह कोलकाता दौरा(टी)ब्रिगेड परेड ग्राउंड कार्यक्रम(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सरकार(टी)सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री(टी)रवींद्र जयंती प्रतीकवाद(टी)बंगाल में बीजेपी का उदय
गर्मी में ये 5 गलतियां कर रही हैं आपकी सेहत खराब, आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानें कैसे रहें फिट और एनर्जेटिक?

X गर्मी में ये 5 गलतियां कर रही हैं आपकी सेहत खराब, आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानें Summer Health Tips: बढ़ते तापमान के साथ शरीर में थकान, डिहाइड्रेशन और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं आम होने लगती हैं, जिनसे बचने के लिए आयुर्वेद की सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम है. आयुष विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार के अनुसार, ग्रीष्म ऋतु में सूरज की तपिश शरीर से नमी और ताकत सोख लेती है, जिससे पित्त और वात दोष बढ़ जाते हैं. इस मौसम में खुद को फिट रखने के लिए केवल पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, छाछ और बेल के शरबत जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों को तरजीह देनी चाहिए, जबकि बर्फ और बहुत ठंडे पेय से परहेज करना चाहिए क्योंकि ये पाचन बिगाड़ सकते हैं. आहार में लौकी, खीरा और तरबूज जैसी ठंडी तासीर वाली सब्जियां शामिल करें और मसालेदार व तले-भुने भोजन से दूरी बनाएं. दोपहर की तेज धूप से बचने के अलावा, हल्के सूती कपड़े पहनना, पर्याप्त नींद लेना और मानसिक शांति के लिए योग व प्राणायाम करना भी उतना ही जरूरी है. आयुर्वेद के अनुसार इस ऋतु में बहुत भारी व्यायाम के बजाय हल्की एक्सरसाइज ही शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
‘गुंडा वाहिनी’: बीजेपी का दावा है कि टीएमसी कैडर बंगाल में अव्यवस्था पैदा करने के लिए उसके कार्यकर्ताओं का रूप धारण कर रहे हैं भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 20:56 IST पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित किए गए। इसके बाद राज्य में हिंसक झड़पों की खबरें और दृश्य सामने आए फ़ाइल छवि क्रेडिट: एएनआई पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की रिपोर्टों के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को एक बयान जारी किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता “लोगों को गुमराह करने” और “अव्यवस्था पैदा करने” के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं का रूप धारण कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित किए गए। इसके बाद राज्य में हिंसक झड़पों की खबरें और दृश्य सामने आए। मंगलवार को, टीएमसी ने आरोप लगाया कि “बीजेपी कैडरों ने बीरभूम के नानूर में उसके एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी”। समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार से भीड़ द्वारा कोलकाता के टॉलीगंज, कसबा और बरुईपुर, कमरहाटी, बारानगर, हावड़ा और बहरामपुर जैसे कई क्षेत्रों में टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई। बयान में कहा गया है, “यह हमारे संज्ञान में आया है कि तृणमूल के तथाकथित ‘गुंडा-वाहिनी’ के तत्व लोगों को गुमराह करने और अव्यवस्था पैदा करने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं का रूप धारण करने का प्रयास कर रहे हैं।” भाजपा ने सख्त कानूनी परिणामों की चेतावनी दी “अगर कोई भी व्यक्ति का रूप धारण करते हुए, डराता हुआ या कानून को अपने हाथ में लेता हुआ पाया गया।” “यह स्पष्ट रूप से कहा जाना चाहिए: भाजपा इस तरह के धोखे को बर्दाश्त नहीं करेगी। जो कोई भी प्रतिरूपण, धमकी, या कानून को अपने हाथ में लेने में लिप्त पाया जाएगा, उसे सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। इन आपराधिक तत्वों के खिलाफ कानून की पूरी ताकत लगाई जाएगी”, यह कहा। भाजपा ने कानून और व्यवस्था बहाल करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, इस बात पर प्रकाश डाला कि “बंगाल के लोगों ने परिवर्तन के लिए एक निर्णायक जनादेश दिया है”। बयान में कहा गया, “बंगाल के लोगों ने बदलाव के लिए निर्णायक जनादेश दिया है। वह युग खत्म हो गया है जब अपराध और शासन साथ-साथ चलते थे। आने वाली सरकार कानून का शासन बहाल करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और बिना किसी डर या पक्षपात के हर नागरिक की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।” भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत हासिल की और टीएमसी 80 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘गुंडा वाहिनी’: बीजेपी का दावा है कि टीएमसी कैडर बंगाल में अव्यवस्था पैदा करने के लिए उसके कार्यकर्ताओं का रूप धारण कर रहे हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा(टी)टीएमसी पर बीजेपी का बयान(टी)टीएमसी कार्यकर्ता बीजेपी की नकल कर रहे हैं(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम(टी)पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत(टी)बंगाल में कानून व्यवस्था(टी)बंगाल में राजनीतिक हिंसा(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी झड़पें
चुनाव में हार से लेकर जांच की गर्मी तक: बंगाल में उथल-पुथल के बाद टीएमसी को ईडी, सीबीआई का सामना करने की उम्मीद | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 19:57 IST प्रवर्तन निदेशालय के पास टीएमसी सदस्यों और वफादारों के खिलाफ कई मामले लंबित हैं, जिनमें अब तेजी आ सकती है पश्चिम बंगाल में अब तक केंद्रीय एजेंसियों द्वारा सामना की गई सीमाओं में से एक राज्य पुलिस से सहयोग की कमी थी। (फ़ाइल तस्वीर/पीटीआई) अपने कैडर के खिलाफ हिंसा, पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़, शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा वापस ले ली गई – पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की बयार पहले से ही तृणमूल कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रही है। लेकिन जहां तक भ्रष्टाचार विरोधी जांच का सवाल है, ये बड़ी चुनौतियों का अग्रदूत हो सकता है जो पार्टी और उसके नेतृत्व का इंतजार कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय के पास टीएमसी सदस्यों और वफादारों के खिलाफ कई मामले लंबित हैं, जिनमें अब तेजी आ सकती है। इस सूची में सबसे ऊपर कथित कोयला घोटाला है, जहां अभिषेक बनर्जी जांच के घेरे में हैं। हाल ही में, ईडी ने मामले के संबंध में कंसल्टेंसी फर्म I-PAC पर छापा मारने के बाद अपनी कोयला घोटाले की जांच फिर से शुरू की। मामला ईडी को कोयला घोटाले में 1300 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का शक है. दो विदेशी बैंक खाते – एक बैंकॉक में और दूसरा लंदन में – पिछले पांच वर्षों से जांच के दायरे में हैं। ये खाते कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी के हैं। जून 2022 में, सीबीआई और ईडी दोनों ने कोयला घोटाले के बारे में रुजिरा से व्यापक पूछताछ की। उसी वर्ष, अभिषेक बनर्जी भी कोयला घोटाले में सवालों का जवाब देने के लिए ईडी के सामने पेश हुए। एजेंसियों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में आसनसोल के पास कुनुस्तोरिया और काजोरा इलाकों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स की लीजहोल्ड खदानों में अवैध खनन के बाद कोयले की चोरी की गई थी। ईडी, 2026 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जांच पर फिर से विचार कर रहा है, आसनसोल से बैंकॉक और लंदन तक कथित लॉन्ड्रिंग पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकता है। बनर्जी परिवार के लिए, तथाकथित कैश-फॉर-जॉब घोटाले और स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में नए सबूतों की तलाश में ईडी और अधिक परेशानी का कारण बन सकता है। अक्टूबर 2023 में, रुजिरा बनर्जी से ईडी ने कैश-फॉर-जॉब घोटाले में व्यापक पूछताछ की थी। पूरी संभावना है कि एजेंसी अभिषेक और रुजिरा बनर्जी को पूछताछ के लिए फिर से बुलाएगी। जांच के दायरे में पूर्व वफादार एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, राज्यसभा सांसद और पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा और तत्कालीन डीसीपी प्रियब्रत रॉय को भी जल्द ही ईडी का सामना करना पड़ सकता है। ईडी के समन का जवाब नहीं देने पर कोलकाता के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन भी ED की जांच के दायरे में हैं। एजेंसी ने उन्हें पहले तलब किया था और उनका मानना है कि जांच के तहत कुछ टीएमसी पदाधिकारियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने के लिए उनसे पूछताछ करना महत्वपूर्ण है। ईडी ने 8 जनवरी को जैन पर छापा मारा था, जिससे ममता बनर्जी के साथ टकराव हुआ था, जो कथित तौर पर परिसर से फाइलें और डिजिटल डिवाइस ले गईं थीं। अन्य टीएमसी नेताओं को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है पार्थ चटर्जी: पूर्व शिक्षा मंत्री कथित स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले में लगातार जांच के दायरे में हैं। कथित तौर पर नए सबूत सामने आने के बाद पिछले महीने ईडी ने उन पर फिर से छापा मारा था। एजेंसी उन पर 21 करोड़ रुपये की नकदी और आभूषणों के असली स्रोत का खुलासा करने के लिए दबाव बनाए रखने की संभावना है जो कथित तौर पर उनके सहयोगी के परिसर से बरामद किए गए थे। ईडी का मानना है कि ये घोटाले की कमाई थी। सुजीत बोस, रथिन घोष, देबाशीष कुमार: ममता सरकार के पूर्व मंत्री बोस और घोष को अदालत ने नगर पालिका भर्ती घोटाले में ईडी जांच में शामिल होने के लिए कहा है। निवर्तमान सरकार में अग्निशमन और आपातकालीन विभाग के मंत्री बोस अपने गढ़ बिधाननगर में हार गए। पूर्व खाद्य मंत्री घोष मध्यमग्राम में हार से बच गये। राशबिहारी में स्वपन दासगुप्ता से हारने वाले देबाशीष कुमार से ईडी ने चुनाव से ठीक पहले जमीन हड़पने के मामले में पूछताछ की थी। एजेंसी द्वारा उन्हें दोबारा तलब किये जाने की संभावना है. विधेय अपराध पश्चिम बंगाल में अब तक केंद्रीय एजेंसियों द्वारा सामना की गई सीमाओं में से एक राज्य पुलिस से सहयोग की कमी थी। अधिकारादेश के अभाव में सीबीआई केवल अदालत द्वारा आदेशित जांच ही कर सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि ईडी के पास पीएमएलए की एक प्रमुख आवश्यकता का उल्लंघन करने के लिए भरोसा करने लायक कोई अपराध नहीं था। अब केंद्रीय एजेंसियों का मानना है कि जहां राज्य सरकार के लिए सीबीआई का अधिकार बहाल हो जाएगा, वहीं ईडी के लिए भी अब यह आसान हो जाएगा। एक सूत्र ने कहा, “एजेंसी को उम्मीद है कि स्थानीय थाना स्तर पर मामले दर्ज करने का विरोध अब कम हो जाएगा, जिससे ईडी के लिए अनुमानित अपराध के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू करना आसान हो जाएगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया चुनाव में हार से लेकर जांच की गर्मी तक: बंगाल में उथल-पुथल के बाद टीएमसी को ईडी, सीबीआई का सामना करने की उम्मीद अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)ईडी(टी)बंगाल(टी)विजिल लेंस(टी)सीबीआई(टी)भ्रष्टाचार(टी)विधानसभा चुनाव(टी)अभिषेक बनर्जी







