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बिहार के जंगलों में मिलता है ये सूपरफूड फल, त्वचा-बालों के लिए है रामबाण, सिर्फ 2 माह ही है मिलता

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Last Updated:May 06, 2026, 10:55 IST Badahar Khane Ke Fayde: बिहार के वनों में पाया जाने वाला बड़हर (बरहर) प्रकृति का एक बहुउपयोगी और पोषण से भरपूर फल है. यह विटामिन A, विटामिन C और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है. इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है, त्वचा स्वस्थ और चमकदार रहती है तथा बाल मजबूत बनते हैं. इसके औषधीय गुण इम्यूनिटी बढ़ाने, सूजन कम करने और शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होते हैं. इसके अलावा बड़हर का उपयोग सब्जी, अचार, चटनी और सूखे फल के रूप में भी किया जाता है. इस मौसमी फल को अपने आहार में शामिल करके आप प्राकृतिक तरीके से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं. बड़हर एक अत्यंत पौष्टिक वन्य फल है, जो विटामिन A, C और फाइबर से भरपूर होता है. इसका सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज दूर करता है और आंतों को स्वस्थ रखता है. यह त्वचा को निखारने, मुंहासों से राहत देने और बालों को मजबूत बनाने में सहायक है. एंटीऑक्सीडेंट गुण इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और संक्रमण से बचाव करते हैं. इसके अलावा बड़हर सूजन कम करने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी उपयोगी है. गर्मियों में इसका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. ( एआई फोटो ) बिहार का प्रसिद्ध जंगली फल बड़हर मुख्य रूप से गर्मियों के मौसम में उपलब्ध होता है. यह आमतौर पर मार्च से जून तक मिलता है. सबसे अच्छा समय अप्रैल से मई का महीना है, जब फल पूरी तरह पक जाता है और स्वाद में मीठा-खट्टा होता है. यह फल गर्मी में शरीर को ठंडक प्रदान करता है और पोषण से भरपूर होता है. जून के बाद इसकी उपलब्धता कम हो जाती है. इसलिए स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए इसे पके हुए रूप में मई-जून में ही खाएं. ( एआई फोटो ) बिहार में बड़हर मुख्य रूप से जंगलों और ग्रामीण इलाकों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. यह विशेषकर पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, रोहतास, गया, नवादा, जमुई और सीतामढ़ी के जंगलों में बहुतायत में मिलता है. यह फल मार्च से जून तक उपलब्ध रहता है. सबसे अच्छा समय मई-जून का है. वहीं, गर्मी और लू के मौसम में बड़हर खाना बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह शरीर को ठंडक देता है, प्यास बुझाता है, पाचन सुधारता है और गर्मी से होने वाली थकान व कमजोरी को दूर करता है. ( एआई फोटो ) Add News18 as Preferred Source on Google बता दें कि बड़हर खाने से त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है. इसमें विटामिन A, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो मुंहासे, दाग-धब्बे कम करने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करते हैं. जहां नियमित सेवन से त्वचा स्वस्थ, नरम और जवां दिखती है. वहीं, बिहार के स्थानीय बाजारों में बड़हर की कीमत मौसम के अनुसार बदलती रहती है. पके बड़हर की कीमत आमतौर पर ₹40 से ₹80 प्रति किलो तक रहती है. इसके अलावा अच्छी क्वालिटी और कम उपलब्धता के समय यह ₹100 प्रति किलो तक भी पहुंच जाता है. ( एआई फोटो ) वैसे तो बड़हर बिहार का प्रसिद्ध जंगली फल है, जो गर्मियों में जंगलों और ग्रामीण इलाकों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, लेकिन पके बड़हर को लोग बड़े चाव से खाते हैं. इसका मीठा-खट्टा स्वाद गर्मी में विशेष रूप से पसंद किया जाता है. बिहार की महिलाएं बड़हर का स्वादिष्ट अचार भी बनाती हैं, जो साल भर खाया जा सकता है. वहीं, पौष्टिकता से भरपूर यह फल न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. ( एआई फोटो ) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

तमिलनाडु में एआईएडीएमके के होगे दो टुकड़े, विजय ने दागे डंक! 30 टुकड़े टूटेंगे?

तमिलनाडु में एआईएडीएमके के होगे दो टुकड़े, विजय ने दागे डंक! 30 टुकड़े टूटेंगे?

तमिल की राजनीति में इस बार बड़ा रिवर्सफेयर देखने को मिला है। विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने विक्ट्री की पार्टी टीवीके 108 गेट अचीव कर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। टीवीके को समर्थन देने के लिए राजनीतिक दल विशेष गुणा-गणित सेट करने में टिके हैं। इसी क्रम में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कशगम’ (एआईएडीएमके) में बगावत के सुर दिख रहे हैं। टीवी के सपोर्ट को लेकर पार्टी दो आकर्षक नजर आ रही है। एआईएडीएमके की आज (6 मई) को होने वाली विधायक दल की बैठक भी बताई गई है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के 47 विधायक में से ज्यादातर टीवीके को समर्थन देने की मांग कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता अप्पादी को चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने जल्द ही निर्णय नहीं लिया तो 30 से अधिक विधायक पार्टी विजय को समर्थन दे देंगे। इस बगावत के नेतृत्व वाले सीवी षणमुगम कर रहे हैं, ऐसी खबर मिल रही है कि कुछ देर में उनके घर पर एआईए पत्रकार के विधायक पहुंच सकते हैं। बिश्नामे की बैठक टी.एल.आई एआईएके पत्रिका के नवनिर्वाचित बैच की रविवार (6 मई) को चेन्नई में बैठक हुई थी, लेकिन ऐन पत्रिका पर यह बात कही गई। पार्टी का एक बड़ा विजय की पार्टी टीवीके कम से कम एक साल के लिए खुलकर समर्थन के पक्ष में है। यह स्थिति इसलिए अहम है क्योंकि टीवीके राज्य क्षेत्र में सबसे बड़ी पार्टी उभरकर सामने आ रही है, लेकिन वह बहुमत के आंकड़ों से पीछे है। टीवीके के लिए 234 क्वार्टर वाली विधानसभा में 118 दरवाजे जरूरी हैं, जबकि टीवीके के लिए 108 दरवाजे जरूरी हैं। टीवीके ने अकेले चुनावी लड़ाई लड़ी थी, इसलिए अब टीचर्स और एआईए मैगजीन्स के दोनों खेमों की डॉक्यूमेंट्री से बातचीत तेजी से हुई है। समर्थकों के अनुसार, शिक्षकों के गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस, जिसने पांच-पांचवीं साझेदारी की है, विजय को समर्थन देने के लिए अधिक से अधिक वोट मांगे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की जीत पर उन्हें फोन कर बधाई देने के साथ ही सहयोग के संकेत भी दिए जा रहे हैं। तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026: ‘हम पर भरोसा कम…’, टीवीके की ऐतिहासिक जीत पर इमोशनल हुई जीत, ये क्या बोल गए?” href=’https://www.abplive.com/news/india/tamil-nadu-election-result-2026-vijay-emotional-message-more-mocked-us-than-supported-us-tvk-won-108-seats-3125740′ target=”_self”>तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026: ‘हम पर भरोसा कम…’, टीवीके की ऐतिहासिक जीत पर इमोशनल हुई जीत, ये क्या बोल गए? एआईएके अलायंस के सहयोगी ने चार चर्चों की घोषणा की है, वह भी तैयारी के लिए समर्थन दे रहे हैं। जल्द ही राष्ट्रपति अंबुमणि रामदास और उनकी विजय यात्रा पर भी चर्चा हो रही है. विजय पहले ही गठबंधन सरकार के लिए अपनी सहमति जता चुके हैं, जिससे छोटे आश्रमों को आश्रम में जगह-जगह मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। यदि एआईएडीएमके बाहर से समर्थित है, तो विजय आसानी से बहुमत हासिल कर सकती है और सरकार पर मजबूत पकड़ कायम रख सकती है। तमिलनाडु में राहुल गांधी की ‘हाथ’ विजय के साथ, कांग्रेस पार्टी TVK का समर्थन” href=’https://www.abplive.com/news/india/tamil-nadu-election-result-2026-congress-supports-vijay-party-tvk-for-formation-of-government-3125734′ target=”_self”>तमिलनाडु में राहुल गांधी की ‘हाथ’ विजय के साथ, कांग्रेस पार्टी TVK का समर्थन

अन्नाद्रमुक में दरार? विजय का समर्थन करने वाले दो-तिहाई से अधिक विधायकों ने सीवी षणमुगम के चेन्नई कार्यालय में मुलाकात की | राजनीति समाचार

Tamil Nadu Government Formation: TVK’s Vijay likely to take oath as Tamil Nadu’s chief minister on May 7.

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 10:15 IST करीब 35 विधायक चेन्नई में एआईएडीएमके नेता के दफ्तर पहुंचे. एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी और टीवीके प्रमुख विजय (पीटीआई फाइल फोटो) अन्नाद्रमुक के दो-तिहाई से अधिक विधायक थलापति विजय को समर्थन देने के लिए चेन्नई में राज्यसभा नेता सीवी शनमुगम के कार्यालय में एकत्र हुए, जो पार्टी में दरार का संकेत है। करीब 35 विधायक चेन्नई में एआईएडीएमके नेता के दफ्तर पहुंचे. षणमुगम ने तमिलनाडु चुनाव में मैलम सीट से जीत हासिल की है. कथित तौर पर, इन विधायकों ने एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी से टीवीके के साथ गठबंधन के बारे में सोचने का अनुरोध किया है, जो बहुमत के निशान से 10 सीटों से कम है। यह भी पढ़ें | विजय के पास बहुमत से 10 विधायक कम, कांग्रेस के पास सिर्फ 5: टीवीके कैसे बनाएगी सरकार? तमिलनाडु में एक नाटकीय राजनीतिक बदलाव देखा गया क्योंकि द्रविड़ राजनीति में निहित दोनों पार्टियों में से कोई भी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर नहीं सकी। टीवीके ने अपने पहले चुनाव में 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें हासिल कीं, एआईएडीएमके को 47 सीटें मिलीं। टीवीके, जिसे पहले से ही पांच कांग्रेस विधायकों का समर्थन प्राप्त था, अब अधिक संख्या हासिल करने के लिए सीपीआई और कुछ अन्य दलों तक पहुंच गया है। इससे पहले, एआईएडीएमके नेता के पांडियाराजन ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार को “अस्थायी झटका” करार दिया था, यह घोषणा करते हुए कि उनकी पार्टी के पास महत्वपूर्ण वापसी करने के लिए आवश्यक लचीलापन है। अन्नाद्रमुक नेता ने जोर देकर कहा कि मतदाताओं ने “द्रविड़ मॉडल” को खारिज नहीं किया है, क्योंकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक के पास सामूहिक रूप से राज्य में 120 से अधिक सीटें हैं। हालांकि, पंडियाराजन ने कहा कि डीएमके के खिलाफ स्पष्ट सत्ता विरोधी लहर का फायदा टीवीके को मिला है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार राजनीति अन्नाद्रमुक में दरार? विजय का समर्थन करने वाले दो-तिहाई से अधिक विधायकों ने सीवी षणमुगम के चेन्नई कार्यालय में मुलाकात की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

कम उम्र में हो गया है हाई कोलेस्ट्रॉल, तो यहां जानिए एक्सपर्ट के आसान उपाय और डाइट टिप्स

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलते खानपान का लोगों की सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है. पहले जहां हाई कोलेस्ट्रॉल को उम्रदराज लोगों की समस्या माना जाता था, वहीं अब यह कम उम्र के युवाओं में भी तेजी से देखने को मिल रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते खानपान और जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो यह समस्या आगे चलकर दिल की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है. क्यों बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना केवल फैट के सेवन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि हम किस प्रकार का फैट खा रहे हैं. सभी फैट हानिकारक नहीं होते. कुछ हेल्दी फैट्स शरीर के लिए जरूरी होते हैं, जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं. इसलिए डाइट में एवोकाडो, अखरोट, बादाम और ऑलिव ऑयल से बनी हल्की सब्जियों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. हर एक घंटे के बाद कम से कम 5 मिनट तक टहलना जरूरी इस विषय पर लोकल 18 की टीम ने अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मीनाक्षी शर्मा से बातचीत की. उन्होंने बताया कि आजकल लोगों की जीवनशैली काफी बदल गई है और अधिकांश लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं. ऐसे में हर एक घंटे के बाद कम से कम 5 मिनट तक टहलना जरूरी है, ताकि शरीर सक्रिय और स्वस्थ बना रहे. कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या खाएं-पीएं उन्होंने सलाह दी कि खानपान से रिफाइंड ऑयल को हटाकर सरसों का तेल, नारियल तेल और देसी गाय का घी इस्तेमाल करना बेहतर होता है. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए रात में अलसी का पाउडर लेना फायदेमंद है. साथ ही, लहसुन की 3-4 कलियां रात में पानी में भिगोकर सुबह सेवन करने से भी लाभ मिलता है. डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि जिन लोगों को गैस की समस्या रहती है, वे लहसुन का सेवन भोजन के बाद कर सकते हैं. इसके अलावा मेथी दाना और दालचीनी का उपयोग भी आयुर्वेद में लाभकारी माना गया है. अर्जुन की छाल का काढ़ा भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मदद करता है. उन्होंने एक घरेलू उपाय भी बताया कि एक कप दूध में एक कप पानी और 3-4 लहसुन की कलियां डालकर अच्छी तरह उबालें. जब पानी पूरी तरह सूख जाए, तो इस दूध का सेवन करने से भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है. इसके अलावा भोजन में चुकंदर का सलाद शामिल करना भी फायदेमंद है. डिनर को लेकर विशेष सावधानी बरतें डिनर को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि रात का भोजन सीधे पाचन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है. इसलिए रात का खाना हल्का, संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए. फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं. ओट्स, दलिया, पालक, लौकी और तोरई जैसी हरी सब्जियों को डिनर में शामिल करना लाभकारी होता है. इसके साथ ही खीरा, टमाटर और गाजर जैसे सलाद पाचन को बेहतर बनाते हैं. प्रोटीन भी संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए रात के समय हल्का लेकिन प्रोटीन युक्त भोजन लेना चाहिए. मूंग दाल, मसूर दाल, ग्रिल्ड पनीर, टोफू, उबले चने और स्प्राउट्स जैसे विकल्प डिनर के लिए उपयुक्त माने जाते हैं. कोलेस्ट्रॉल में क्या न खाएं वहीं, तला-भुना खाना, फास्ट फूड, अधिक नमक और चीनी का सेवन कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ा सकता है. रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड से भी दूरी बनाना जरूरी है. विशेषज्ञों का कहना है कि रात के भोजन में जितना संभव हो, सादा और घर का बना खाना ही लेना चाहिए, ताकि दिल की सेहत बनी रहे.

बंगाल में अशांति के बाद तनाव, कोलकाता के बाद अब संदेशखाली में पुलिस-केंद्रीय बल पर बमबारी

बंगाल में अशांति के बाद तनाव, कोलकाता के बाद अब संदेशखाली में पुलिस-केंद्रीय बल पर बमबारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद काफी रंगीन हो गए। कई स्थानों से हिंसा, शत्रु और शत्रुओं की खबरें सामने आ रही हैं। मंगलवार (5 मई) को संदेशखाली के बामनघेरी क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। गुंडों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर पुलिस पर फायरिंग की। राइफल में तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं. सरबेरिया-गरती ग्राम पंचायत के बामनघेरी क्षेत्र (वार्ड संख्या 14) में राजनीतिक तनाव भड़काने वाला संदेश उठा। मंगलवार देर रात जब केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ पुलिस के एक इलाके में तोड़फोड़ की गई, इसी दौरान उपद्रवियों ने कथित तौर पर गोलीबारी की सूचना दी। इलाक़े में तालिबान की घटना के बाद तनाव का माहौल है। क्षेत्र में कई हिंसा की घटनाएँ सामने आईं इससे पहले मंगलवार को कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में बीजेपी के एक कार्यकर्ता की पीट-पीटकर की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि इस घटना में रेस्तरां का हाथ है. इस हत्या के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फूट पड़ा। हमले में कहा गया कि पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया। न्यूटाउन ही नहीं, राज्य के कई और एशिया से भी हिंसा की खबरें आती हैं। हावड़ा के जगतवर्षपुर में रेस्तरां के जंगल में आग लग गई, जबकि कोलकाता के हॉग मार्केट इलाके में भी भीषण तबाही मच गई। वहीं, जलपाईगुड़ी, दक्षिण 24 परगना और आसनसोल जैसे तेलंगाना में भी आश्रम और भाजपा समर्थकों के बीच आवेश और उग्र घटनाएं सामने आई हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम: बंगाल में सरकार की शपथ कब लेंगे? बीजेपी नेताओं ने बताई तारीख, मोदी ने रखी मुहर” href=’https://www.abplive.com/news/india/west-bengal-election-result-2026-bjp-President-samik-bhattcharya-statement-on-victory-specially-thanked-diaspore-for-win-information-on-swearing-in-ceremony-3125399′ target=”_self”>पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम: बंगाल में सरकार की शपथ कब लेंगे? बीजेपी नेताओं ने बताई तारीख, मोदी ने रखी मुहर हिंसा की घटनाओं को लेकर EC सख्त हिंसा की घटनाओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जो भी लोग हिंसा फैलाने या हिंसा करने में शामिल हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। सीईसी ने राज्य के बड़े अधिकारियों जैसे मुख्य सचिव, कुणाल, कोलकाता पुलिस आयुक्त और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख ठिकानों (डीजी) को रहने की आवश्यकता बताई है। साथ ही सभी वास्तुशिल्पियों, एसपी और पुलिस अधिकारियों को भी छात्रावास में रहने का आदेश दिया गया है। चुनाव आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि चुनाव के बाद किसी भी तरह की हिंसा पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जाएगा। हिंसा भड़काने और दुश्मनी करने वाले तुरंत गिरफ्तार होंगे। बंगाल में नई सरकार बनने की हलचल तेज, EC ने भेजा नोटिस, 8 मई को होगी बीजेपी विधायकों की बैठक” href=’https://www.abplive.com/elections/west-bengal-assembly-election-ec-notification-for-government-formation-bjp-mla-meeting-on-may-8-when-will-swearing-in-ceremony-3125789′ target=”_self”>बंगाल में नई सरकार बनने की हलचल तेज, EC ने भेजा नोटिस, 8 मई को होगी बीजेपी विधायकों की बैठक

खाना बनाने से दिमाग होता है तेज? नहीं होती भूलने की बीमारी; हफ्ते में एक दिन भी किया तो मिलता है फायदा

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Cooking for brain health : अक्सर हम खाना बनाने को एक थकान भरा काम या रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारी मानते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किचन में बिताया गया आपका थोड़ा सा समय आपकी मानसिक सेहत और याददाश्त के लिए किसी दवा से कम नहीं है? हाल ही में आई एक नई रिसर्च ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कुकिंग न केवल आपके पेट को तृप्त करती है, बल्कि यह आपके दिमाग को भी ‘शार्प’ बनाती है. हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, खाना पकाने की प्रक्रिया एक “कॉग्निटिव एक्सरसाइज” (Cognitive Exercise) की तरह काम करती है. रिसर्च में यह पाया गया कि जो लोग हफ्ते में कम से कम एक दिन भी मन लगाकर खाना बनाते हैं, उनमें भूलने की बीमारी (Dementia) और अल्जाइमर का खतरा उन लोगों की तुलना में काफी कम होता है जो बिल्कुल कुकिंग नहीं करते. जापान के वैज्ञानिकों के अनुसार, किचन में बिताया गया समय आपको भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया (Dementia) से बचा सकता है. 6 साल लंबी स्टडी में हुआ बड़ा खुलासाटोक्यो इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (Tokyo Institute of Science) के रिसर्चर्स ने 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लगभग 11 हजार लोगों की लाइफस्टाइल पर 6 साल तक बारीकी से नजर रखी. बीएमजे जर्नल ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ में पब्लिश इस रिपोर्ट के नतीजे चौंकाने वाले रहे. अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से अपने लिए खाना बनाते हैं, उनमें डिमेंशिया होने का खतरा उन लोगों की तुलना में काफी कम होता है जो कुकिंग नहीं करते. यह रिसर्च साबित करती है कि खाना बनाना केवल एक काम नहीं, बल्कि एक जटिल मानसिक प्रक्रिया है. वैज्ञानिकों के अनुसार, हफ्ते में महज एक बार खुद के लिए खाना बनाना भी आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘सुरक्षा कवच’ की तरह काम कर सकता है. कुकिंग से कैसे तेज होता है दिमाग?मल्टीटास्किंग और प्लानिंग: जब आप कोई डिश तैयार करते हैं, तो आप एक साथ कई काम कर रहे होते हैं सब्जी काटना, मसालों का अंदाज़ा लगाना और आंच पर नज़र रखना. यह आपके ब्रेन की प्लानिंग और एग्जीक्यूशन पावर को बढ़ाता है. इंद्रियों का मेल (Sensory Engagement): मसालों की महक, तड़के की आवाज़ और सब्जी का रंग ये सभी हमारी पांचों इंद्रियों को उत्तेजित करते हैं, जिससे न्यूरॉन्स सक्रिय रहते हैं. फोकस और एकाग्रता: रेसिपी को स्टेप-बाय-स्टेप फॉलो करने के लिए गहरी एकाग्रता की आवश्यकता होती है, जो मेडिटेशन (ध्यान) के समान लाभ देती है. हफ्ते में एक दिन भी है काफीअगर आप बहुत व्यस्त रहते हैं और रोज़ खाना नहीं बना सकते, तो रिसर्च आपके लिए एक अच्छी खबर लेकर आई है. शोधकर्ताओं का कहना है कि हफ्ते में सिर्फ एक दिन भी अगर आप अपनी पसंद की कोई डिश पूरे होश और खुशी के साथ बनाते हैं, तो इसके फायदे आपको मानसिक रूप से सक्रिय रखने के लिए पर्याप्त हैं. यह प्रक्रिया तनाव (Stress) को कम करती है और ‘डोपामाइन’ जैसे हैप्पी हार्मोन्स को रिलीज़ करती है. भूलने की बीमारी से बचावबढ़ती उम्र के साथ याददाश्त का कम होना एक आम समस्या है. लेकिन कुकिंग करते समय जब हम नई रेसिपी याद रखते हैं या सामग्री का सही अनुपात तय करते हैं, तो हमारे दिमाग के ‘हिप्पोकैम्पस’ (याददाश्त के लिए जिम्मेदार हिस्सा) की कसरत होती है. इससे ब्रेन सेल्स के बीच कनेक्शन मज़बूत होता है और लंबे समय में भूलने की बीमारी का खतरा टल जाता है. अगली बार जब आप किचन में जाएं, तो उसे बोझ न समझें. उसे एक ‘मेंटल जिम’ (Mental Gym) की तरह देखें जहाँ आप अपनी याददाश्त और रचनात्मकता को निखार रहे हैं. तो इंतज़ार किस बात का? इस वीकेंड अपनी पसंदीदा रेसिपी निकालें और अपने दिमाग को एक नई धार दें! (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

फ्रिज में रख रहे हैं दूध, सब्जी, फल और खाना तो जान लें ये जरूरी नियम, वरना सेहत को हो सकता है बड़ा नुकसान

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फरीदाबाद: गर्मियों का मौसम आते ही घरों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला उपकरण फ्रिज बन जाता है. लोग मानते हैं कि खाने-पीने की हर चीज फ्रिज में रखने से सुरक्षित रहती है और जल्दी खराब नहीं होती. दूध, सब्जी या कटे हुए फल सब कुछ फ्रिज में रखना आम आदत बन चुकी है. लेकिन क्या हर चीज को फ्रिज में रखना सही है, या गलत तरीके से स्टोरेज हमारी सेहत पर भारी पड़ सकता है? Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट डॉ. रितिका शर्मा बताती हैं कि फ्रिज में रखने से कोई चीज जहर नहीं बनती, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब हम स्टोरेज सही तरीके से नहीं करते. चाहे फ्रिज हो या बाहर, अगर तापमान और स्टोरेज का ध्यान न रखा जाए तो खाने में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ने लगते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. गर्म खाना सीधे फ्रिज में न रखें डॉ. रितिका के अनुसार, कई लोग गर्म-गर्म खाना सीधे फ्रिज में रख देते हैं, जो बिल्कुल गलत है. इससे खाने का स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो जाते हैं. उदाहरण के तौर पर, अगर आपने दूध उबालकर लंबे समय तक बाहर रखा और फिर फ्रिज में रख दिया, तो उसमें पहले ही बैक्टीरिया विकसित हो चुके होते हैं. यदि फ्रिज का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से अधिक है, तो बैक्टीरिया और तेजी से बढ़ते हैं, जिससे दूध जल्दी खराब हो जाता है. कटे हुए फलों को लेकर भी सावधानी जरूरी कटे हुए फलों को लेकर भी लोग अक्सर गलती करते हैं. फ्रिज में रखने के बाद फल ऑक्सीडाइज होने लगते हैं, जिससे उन पर काली परत दिखाई देने लगती है. इसके अलावा, फल सूखने लगते हैं और उनका स्वाद भी बदल जाता है. अगर इन्हें एयरटाइट कंटेनर में रखा जाए, तो वे एक दिन तक ठीक रह सकते हैं, लेकिन खुले में रखने पर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाते हैं. बची हुई सब्जियों को सही तरीके से रखें गर्मियों में बची हुई सब्जियों को बाहर रखना मुश्किल होता है, इसलिए लोग उन्हें फ्रिज में रख देते हैं, जो सही है—लेकिन सही तरीके से. डॉ. रितिका बताती हैं कि कभी भी गर्म सब्जी सीधे फ्रिज में नहीं रखनी चाहिए. पहले उसे थोड़ा ठंडा होने दें. अगर गर्म ही रख देंगे, तो उसमें मौजूद तेल जमकर क्रिस्टल जैसा बन सकता है, जिससे खाने की गुणवत्ता प्रभावित होती है. क्या हैं सही टिप्स डॉ. रितिका के अनुसार, फ्रिज आपका खाना सुरक्षित रख सकता है, लेकिन तभी जब आप उसका सही उपयोग करें. हमेशा तापमान सही रखें, गर्म चीजों को सीधे फ्रिज में न रखें और खाने को ढककर या एयरटाइट कंटेनर में ही स्टोर करें. तभी आपकी सेहत सुरक्षित रह सकती है.

बंगाल में नई सरकार बनने की हलचल तेज, EC ने भेजा नोटिस, 8 मई को होगी बीजेपी विधायकों की बैठक

बंगाल में नई सरकार बनने की हलचल तेज, EC ने भेजा नोटिस, 8 मई को होगी बीजेपी विधायकों की बैठक

4 मई को नतीजे आने के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीतिक तस्वीर साफ हो गई है। 207 वियोज्य डेमोक्रेट्स ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जहां करीब 100 वें दशक से सत्यनिष्ठा कैथोलिक चर्च में 80 वें डेमोक्रेट्स ने बहुमत हासिल किया है। चुनाव के नतीजे आने के बाद नई विधानसभा के गठन की स्थिति स्पष्ट हो गई है। चुनाव आयोग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. गवर्नर के पास अधिसूचना भेज दी गई है, इसके साथ ही नई सरकार बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। 8 मई को बीजेपी के सहयोगी दल की बैठक हो सकती है. इसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री और बंगाल के पर्यवेक्षक बने अमित शाह कोलकाता जा सकते हैं। 7 मई को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग की ये अधिसूचना पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज्य में हाल ही में हुई विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप और अपना पद छोड़ने से इनकार करने के बीच में आ गई है। कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद के लिए गवर्नर पद की दावेदारी को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं अब आजाद क्यों हूं? हम असल मायने में नहीं हारे हैं। ये नतीजे बड़े पैमाने पर धांधली और सिटकॉम के लूट को दिखाए गए हैं तो फिर बहाली का सवाल ही कहां है?’ बंगाल में कब हो सकती है शपथ ग्रहण? पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को हो सकता है, इसी दिन गुरुदेव रजनीकांत टैगोर की जयंती है, इसलिए इसे खास माना जा रहा है। इससे पहले बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्ट ने भी सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि 9 मई को विश्वनाथ टैगोर की जयंती है, उसी दिन शपथ ग्रहण समारोह होगा और इसकी घोषणा प्रधानमंत्री की ओर से की जाएगी। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम: बंगाल में सरकार की शपथ कब लेंगे? बीजेपी नेताओं ने बताई तारीख, मोदी ने रखी मुहर” href=’https://www.abplive.com/news/india/west-bengal-election-result-2026-bjp-President-samik-bhattcharya-statement-on-victory-specially-thanked-diaspore-for-win-information-on-swearing-in-ceremony-3125399′ target=”_self”>पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम: बंगाल में सरकार की शपथ कब लेंगे? बीजेपी नेताओं ने बताई तारीख, मोदी ने रखी मुहर सरकार बनाने का रास्ता खुला पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में भी नए जिलों के गठन को लेकर चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव आयोग की अधिसूचना से प्रत्येक राज्य और केंद्र प्रदेश में विजयी प्लाटून के नेताओं की पिछली राज्य विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले सरकार गठन का दावा पेश करने का रास्ता खुल गया है। तमिलनाडु का विधानसभा क्षेत्र 10 मई, असम का 20 मई, केरल का 23 मई और पुडुचेरी का 15 जून को समाप्त हो रहा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)ईसीआई(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)चुनाव आयोग अधिसूचना(टी)नया विधानसभा गठन(टी)पश्चिम बंगाल(टी)चुनाव आयोग(टी)चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी की(टी)बीजेपी(टी)ममता बनर्जी

सेंसेक्स 500 अंक चढ़कर 77,600 के स्तर पर:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा

सेंसेक्स 500 अंक चढ़कर 77,600 के स्तर पर:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा

भारतीय शेयर बाजार में आज यानी बुधवार, 6 मई को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 500 अंक की तेजी के साथ 77,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 200 अंकों से ज्यादा की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी 50 के टॉप 5 गेनर्स निफ्टी 50 के टॉप 5 लूजर्स एशियाई बाजार में भी आज तेजी 5 मई को अमेरिकी बाजार में तेजी रही थी 7 दिन में FII ने 8,834 करोड़ रुपए के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। मंगलवार को सेंसेक्स 251 अंक गिरकर बंद हुआ था सेंसेक्स मंगलवार, 5 मई को 251 अंक (0.33%) की गिरावट के साथ 77,017 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 86 अंकों (0.36%) की गिरावट रही, ये 24,032 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में ऑटो और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही, जबकि रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही।

Apple vs Banana: सेहत की जंग में कौन है ज्यादा ताकतवर? सेब या केले, यहां जानें सही जवाब

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Apple vs Banana: स्वस्थ रहने के लिए हम अक्सर अपने आहार में फलों को शामिल करते हैं. लेकिन जब तुलना करने की बात आती है, तो यह सवाल उठता है. आखिर में ज़्यादा फ़ायदेमंद कौन सा है सेब या केला? दोनों ही फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, फिर भी उनके फ़ायदे अलग-अलग होते हैं. आइए जानते हैं कि अलग-अलग मामले में कौन सा फल बेहतर साबित होता है… सेबहेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक सेब में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और वज़न को नियंत्रित रखने में मदद करता है. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक होते हैं और दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. यही वजह है कि यह कहावत “रोज़ एक सेब खाओ, डॉक्टर को दूर भगाओ” इतनी मशहूर है. केला केले तुरंत ऊर्जा पाने का सबसे अच्छा स्रोत हैं. इनमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन B6 भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों को मज़बूत बनाने और शरीर में ऊर्जा का स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं. यही कारण है कि एथलीट और जिम जाने वाले लोग केले खाना पसंद करते हैं। वज़न घटाने के लिए फायदेमंदजब वज़न घटाने की बात आती है, तो सेब को एक बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि उनमें कैलोरी कम और फ़ाइबर ज़्यादा होता है. दूसरी ओर, अगर आपको तुरंत एनर्जी चाहिए या आप कमज़ोरी महसूस कर रहे हैं, तो केले ज़्यादा असरदार साबित होते हैं. पाचन के लिए के लिए फायदेमंदपाचन के लिए इन दोनों के अपने-अपने अलग फ़ायदे हैं. सेब आंतों को साफ़ रखने में मदद करते हैं, जबकि केले कब्ज़ और एसिडिटी से राहत दिलाते हैं. इसके अलावा, केले पेट को ठंडक देते हैं और लंबे समय तक भूख को दूर रखने में मदद करते हैं. दिल के लिए फायदेमंदजब दिल की सेहत की बात आती है, तो ये दोनों ही फ़ायदेमंद हैं सेब अपने एंटीऑक्सीडेंट्स की वजह से, और केले अपने पोटैशियम की वजह से. इसलिए, यह कहना सही नहीं होगा कि इनमें से कोई एक दूसरे से पूरी तरह बेहतर है. कौन है सबसे फायदेमंदजब दिल की सेहत की बात आती है, तो ये दोनों ही फ़ायदेमंद हैं. सेब अपने एंटीऑक्सीडेंट्स की वजह से, और केले अपने पोटैशियम की वजह से. इसलिए, यह कहना सही नहीं होगा कि इनमें से कोई एक दूसरे से पूरी तरह बेहतर है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. ( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा