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खीरे के छिलके की रेसिपी: खीरे के छिलकों से बस 5 मिनट में जरूर बनाएं ये चटपटी डिश, स्वाद ऐसा कि उगलियां चाटते रह जाएंगे

खीरे के छिलके की रेसिपी

25 अप्रैल 2026 को 14:34 IST पर अद्यतन किया गया खीरे के छिलके की रेसिपी: गर्मियों में खीरा खाना अक्सर लोगों को पसंद आता है. लेकिन अगर इससे जुड़ा कोई भी डिश खोजा जाए तो कैसा रहेगा। आइए आपको बताते हैं प्लास्टिक के रेशम से बनी चटपटी डिश के बारे में। अनुसरण करना : प्लास्टिक से बनी यह डिश न केवल स्वाद में लाजवाब होती है बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान होता है। यह आपके भोजन में एक कुरकुरा और सब्जी व्यापारी है जिसे आप बार-बार बनाते हैं। छवि: फ्रीपिक चटपटी मिट्टी के बर्तन की भुजिया बनाने की सामग्री इकाइयों के लंबे कटे हुए टुकड़े दो बड़े घरेलू तेल आधा छोटा छोटा जीरा एक चुटकुला दो खूबसूरत कटी हुई हरी मिर्च छवि: फ्रीपिक आधा छोटा हल्दी पाउडर एक छोटा सा धनिया पाउडर आधा छोटा बड़ा लाल मिर्च पाउडर आधा छोटा मोटा अमचूर पाउडर या चाट मसाला स्वाद नमक हरा धनिया गहनों के लिए बनाया गया हरा धनिया छवि: फ्रीपिक प्लास्टिक के चिप्स बनाने के लिए सबसे पहले ये चटपटी डिश बनाएं सबसे पहले चिप्स को अच्छे तरीके से ढोकर साफ कर लें और उनके मौजूदा एक्स्ट्रा पानी सुखा लें। अब एक कड़ाही में तेल गरम करें और उसमें जीरा व हिंग का तड़का लगाएं। छवि: फ्रीपिक हरी मिर्च संरचना संरचना। सूखे फलों में हल्दी, धनिया पाउडर, काली मिर्च और नमक मिलाया जाता है। इसे प्रदर्शित करते हुए करीब 5 मिनट तक बिना मूर्ति वाले चिप्स का कुरकुरापन बना रहे। छवि: फ्रीपिक आखिरी बार अमचूर पाउडर और हरा धनिया स्टाक मिला। आपकी गर्मा-गरम चटपटी डिश तैयार है, जिसे आप रोटी या दाल-चावल के साथ खा सकते हैं। पकाते समय पकाते ही को अन्य मसाले से अनोखा नर्म हो जायेंगे। छवि: Pexels द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 25 अप्रैल 2026 14:33 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट) खीरे के छिलके की रेसिपी (टी) जीरो वेस्ट कुकिंग (टी) भारतीय किचन हैक्स (टी) खीरे के छिलके वाले स्नैक्स (टी) चाय के समय के झटपट स्नैक्स (टी) बचे हुए स्वस्थ व्यंजन (टी) खाना पकाने में खीरे के छिलकों का उपयोग कैसे करें (टी) खीरे के छिलके की चटनी रेसिपी (टी) मसालेदार खीरे के छिलके की डिश (टी) बेकार भोजन से सर्वश्रेष्ठ विचार

भिंड में बस ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर:तीन युवकों की मौत, एक गंभीर घायल की हालत; ग्वालियर रेफर

भिंड में बस ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर:तीन युवकों की मौत, एक गंभीर घायल की हालत; ग्वालियर रेफर

भिंड के उमरी थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार चार युवकों को पीछे से टक्कर मार दी, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। घटना नेशनल हाईवे 552 पर किशोर सिंह का पुरा गांव के नजदीक करीब दोपहर 1:30 बजे की है। बाइक पर सवार चार युवक जा रहे थे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और 112 एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को रौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य दो घायलों को जिला अस्पताल भिंड रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान एक और युवक की मौत हो गई। चौथा युवक अभी भी गंभीर हालत में है, जिसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक मृतक और घायल युवकों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी पहचान करने में जुटी हुई है। पुलिस का बयान उमरी थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह राजावत ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया गया। तीन युवकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक का इलाज जारी है। मामले की जांच की जा रही है।

मोटापा बना साइलेंट खतरा, आंखों से दिल तक हमला! कानपुर मेडिकल कॉलेज की स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

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Last Updated:April 25, 2026, 13:22 IST Kanpur News: बढ़ता मोटापा शरीर के लिए काफी घातक हो सकता है. कानपुर के मेडिसिन विभाग के सीनियर डॉक्टर एसके गौतम ने 196 मरीजों पर शोध किया, जिसमें सामने आया कि मोटापा आंखों, किडनी, लीवर और दिल पर असर डाल रहा है. कानपुर: बढ़ता वजन सिर्फ शरीर का आकार नहीं बदलता, यह धीरे-धीरे अंदर से कई अंगों को नुकसान भी पहुंचा सकता है. कानपुर के GSVM Medical College में हुई एक स्टडी ने यही संकेत दिए हैं. यहां मेडिसिन विभाग के सीनियर डॉक्टर एसके गौतम ने 196 मरीजों पर शोध किया, जिसमें सामने आया कि मोटापा आंखों, किडनी, लीवर और दिल पर असर डाल रहा है. डॉक्टरों के मुताबिक, कई लोग वजन बढ़ने को सामान्य बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी बीमारी की वजह बन सकती है. स्टडी में शामिल ज्यादातर मरीजों का बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई तय मानक से ज्यादा मिला. इसका मतलब था कि शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो चुका था और इसका असर सेहत पर दिखने लगा था. सबसे ज्यादा असर किडनी और दिल पर मिलाकरीब डेढ़ साल तक चली इस रिसर्च में पाया गया कि 37 प्रतिशत मरीजों की किडनी प्रभावित थी. 23.38 प्रतिशत लोगों में आंखों से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो चुकी थीं. 55 प्रतिशत मरीज हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे थे, जबकि 40 प्रतिशत मरीजों में दिल से जुड़ी बीमारियों के संकेत मिले. डॉक्टरों का कहना है कि मोटापा शरीर में सूजन, ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है. यही वजह है कि धीरे-धीरे दिल, किडनी और आंखों पर असर पड़ने लगता है. समय रहते संभले तो बचाव संभवडॉ. गौतम ने बताया कि जिन मरीजों की समय पर जांच हुई, उन्हें शुरुआती स्तर पर इलाज दिया गया. दवाएं, खानपान में बदलाव, वजन कम करने की सलाह और नियमित जांच से काफी मरीजों की हालत में सुधार हुआ. कई मरीज पूरी तरह सामान्य स्थिति में लौट आए. उन्होंने कहा कि अगर वजन तेजी से बढ़ रहा है, थकान रहती है, सांस फूलती है या ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है, तो इसे हल्के में न लें बल्कि तुरंत जांच कराएं. ऐसे समझें अपना बीएमआईबीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स से पता चलता है कि आपका वजन आपकी लंबाई के हिसाब से सही है या नहीं है. इसे वजन और लंबाई से निकाला जाता है. आजकल मोबाइल पर भी आसानी से बीएमआई कैलकुलेटर मिल जाते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, पश्चिमी देशों में 25 से कम बीएमआई सामान्य माना जाता है, लेकिन भारतीयों के लिए 23 से कम बेहतर माना जाता है. अगर बीएमआई 23 से ऊपर है, तो सतर्क हो जाना चाहिए. अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2025 तक चला शोधयह शोध कार्य अप्रैल 2024 में शुरू हुआ था और अक्टूबर 2025 तक चला. इस दौरान मरीजों की जांच, रिपोर्ट और इलाज के आधार पर निष्कर्ष निकाले गए. डॉक्टरों की साफ सलाह है कि रोज थोड़ा चलें, तला-भुना कम खाएं, मीठा नियंत्रित रखें और वजन को बढ़ने न दें, क्योंकि मोटापा दिखने में भले सामान्य लगे, लेकिन अंदर ही अंदर बड़ा खतरा बन सकता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 25, 2026, 13:22 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

ड्रग केस में सेलिब्रिटीज के खिलाफ ठोस सबूत नहीं:₹252 करोड़ के मेफेड्रोन मामले में नोरा फतेही-श्रद्धा कपूर के नाम सामने आए थे

ड्रग केस में सेलिब्रिटीज के खिलाफ ठोस सबूत नहीं:₹252 करोड़ के मेफेड्रोन मामले में नोरा फतेही-श्रद्धा कपूर के नाम सामने आए थे

मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) के 252 करोड़ रुपए के ड्रग्स केस में आरोपी मोहम्मद सलीम मोहम्मद सुहैल शेख उर्फ लैविश के खिलाफ अगले हफ्ते चार्जशीट दाखिल करेगी। जांच के दौरान कई सेलिब्रिटीज के नाम सामने आए थे, लेकिन उनके खिलाफ अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। यह बात एक सीनियर ऑफिसर ने मुंबई मिरर के साथ बातचीत में कही। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ आरोपी के बयान के आधार पर किसी की भूमिका तय नहीं की जा सकती। लैविश फरार ड्रग माफिया सलीम डोला का करीबी माना जाता है। यह मामला साल 2022 में ड्रग्स बनाने और सप्लाई करने से जुड़ा है। लैविश को यूएई से भारत लाया गया था। मुंबई मिरर ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया कि वह दाऊद इब्राहिम गैंग से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का अहम सदस्य है। चार्जशीट में ड्रग्स बनाने की यूनिट, सप्लाई का पूरा नेटवर्क और पैसों के लेन-देन की जानकारी शामिल होगी। आरोपी ने सेलेब्स के नाम लिए थे हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी रिमांड एप्लीकेशन में ANC ने कोर्ट को बताया कि लैविश ने दुबई और मुंबई में शानदार पार्टियां होस्ट की थीं। इन पार्टियों में कथित तौर पर कई सेलिब्रिटी और जाने-माने लोग शामिल हुए थे, जिनमें एक्ट्रेस नोरा फतेही और श्रद्धा कपूर, फिल्ममेकर जोड़ी अब्बास-मस्तान, इन्फ्लुएंसर ओरी शामिल थे। वहीं, पिछले साल सिद्धांत कपूर और ओरी से ANC ने पूछताछ की थी। नोरा फतेही ने दी आरोपों पर सफाई दी थी 16 नवंबर 2025 को नोहा फतेही ने ड्रग केस में नाम आने के बाद सफाई देते हुए लिखा था, मैं पार्टियों में नहीं जाती, मैं हमेशा फ्लाइट्स पर रहती हूं, मैं वर्कहॉलिक हूं, मेरी कोई पर्सनल लाइफ नहीं है, मैं ऐसे लोगों के साथ जुड़ती भी नहीं हूं और अपनी छुट्टी के दिनों में मैं दुबई में बीच पर या अपने हाई स्कूल दोस्तों के साथ घर पर होती हूं। मैं अपना पूरा दिन और रात अपने सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने में लगाती हूं। आगे उन्होंने लिखा था, जो भी पढ़ते हो, उस पर भरोसा मत करो। लगता है मेरा नाम इस्तेमाल करना बहुत आसान है। लेकिन इस बार मैं ऐसा होने नहीं दूंगी। ये पहले भी हुआ है, आप लोगों ने झूठ फैलाकर मुझे बर्बाद करने की कोशिश की थी, लेकिन वो कामयाब नहीं हुई। मैंने चुपचाप देखा जब हर कोई मेरी छवि खराब करने, मेरा नाम बदनाम करने और मुझे क्लिकबेट की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा था। कृपया मेरा नाम और मेरी तस्वीर उन मामलों में इस्तेमाल करने से बचें जिनका मुझसे जरा भी संबंध नहीं है। इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। क्या है पूरा मामला ? इस मामले की शुरुआत अगस्त 2022 में एएनसी की एक कार्रवाई से हुई थी। उस समय मुंबई के एक व्यक्ति को मेफेड्रोन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एक बड़े ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि इस रैकेट के कुछ हैंडलर दुबई से काम कर रहे थे और पैसों के लेन-देन के लिए हवाला का इस्तेमाल किया जा रहा था। मार्च 2024 में सांगली जिले में मेफेड्रोन बनाने की एक फैक्ट्री पकड़ी गई। यहां से 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की ड्रग्स और संपत्ति जब्त की गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह यूनिट सलीम डोला और उसके साथियों के नेटवर्क से जुड़ी थी।

ड्रग केस में सेलिब्रिटीज के खिलाफ ठोस सबूत नहीं:₹252 करोड़ के मेफेड्रोन मामले में नोरा फतेही-श्रद्धा कपूर के नाम सामने आए थे

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मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) के 252 करोड़ रुपए के ड्रग्स केस में आरोपी मोहम्मद सलीम मोहम्मद सुहैल शेख उर्फ लैविश के खिलाफ अगले हफ्ते चार्जशीट दाखिल करेगी। जांच के दौरान कई सेलिब्रिटीज के नाम सामने आए थे, लेकिन उनके खिलाफ अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। यह बात एक सीनियर ऑफिसर ने मुंबई मिरर के साथ बातचीत में कही। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ आरोपी के बयान के आधार पर किसी की भूमिका तय नहीं की जा सकती। लैविश फरार ड्रग माफिया सलीम डोला का करीबी माना जाता है। यह मामला साल 2022 में ड्रग्स बनाने और सप्लाई करने से जुड़ा है। लैविश को यूएई से भारत लाया गया था। मुंबई मिरर ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया कि वह दाऊद इब्राहिम गैंग से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का अहम सदस्य है। चार्जशीट में ड्रग्स बनाने की यूनिट, सप्लाई का पूरा नेटवर्क और पैसों के लेन-देन की जानकारी शामिल होगी। आरोपी ने सेलेब्स के नाम लिए थे हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी रिमांड एप्लीकेशन में ANC ने कोर्ट को बताया कि लैविश ने दुबई और मुंबई में शानदार पार्टियां होस्ट की थीं। इन पार्टियों में कथित तौर पर कई सेलिब्रिटी और जाने-माने लोग शामिल हुए थे, जिनमें एक्ट्रेस नोरा फतेही और श्रद्धा कपूर, फिल्ममेकर जोड़ी अब्बास-मस्तान, इन्फ्लुएंसर ओरी शामिल थे। वहीं, पिछले साल सिद्धांत कपूर और ओरी से ANC ने पूछताछ की थी। नोरा फतेही ने दी आरोपों पर सफाई दी थी 16 नवंबर 2025 को नोहा फतेही ने ड्रग केस में नाम आने के बाद सफाई देते हुए लिखा था, मैं पार्टियों में नहीं जाती, मैं हमेशा फ्लाइट्स पर रहती हूं, मैं वर्कहॉलिक हूं, मेरी कोई पर्सनल लाइफ नहीं है, मैं ऐसे लोगों के साथ जुड़ती भी नहीं हूं और अपनी छुट्टी के दिनों में मैं दुबई में बीच पर या अपने हाई स्कूल दोस्तों के साथ घर पर होती हूं। मैं अपना पूरा दिन और रात अपने सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने में लगाती हूं। आगे उन्होंने लिखा था, जो भी पढ़ते हो, उस पर भरोसा मत करो। लगता है मेरा नाम इस्तेमाल करना बहुत आसान है। लेकिन इस बार मैं ऐसा होने नहीं दूंगी। ये पहले भी हुआ है, आप लोगों ने झूठ फैलाकर मुझे बर्बाद करने की कोशिश की थी, लेकिन वो कामयाब नहीं हुई। मैंने चुपचाप देखा जब हर कोई मेरी छवि खराब करने, मेरा नाम बदनाम करने और मुझे क्लिकबेट की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा था। कृपया मेरा नाम और मेरी तस्वीर उन मामलों में इस्तेमाल करने से बचें जिनका मुझसे जरा भी संबंध नहीं है। इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। क्या है पूरा मामला ? इस मामले की शुरुआत अगस्त 2022 में एएनसी की एक कार्रवाई से हुई थी। उस समय मुंबई के एक व्यक्ति को मेफेड्रोन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एक बड़े ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि इस रैकेट के कुछ हैंडलर दुबई से काम कर रहे थे और पैसों के लेन-देन के लिए हवाला का इस्तेमाल किया जा रहा था। मार्च 2024 में सांगली जिले में मेफेड्रोन बनाने की एक फैक्ट्री पकड़ी गई। यहां से 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की ड्रग्स और संपत्ति जब्त की गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह यूनिट सलीम डोला और उसके साथियों के नेटवर्क से जुड़ी थी।

ममता का ‘अंतर्राष्ट्रीय’ दावा बनाम बीजेपी का विरोध: क्यों हावड़ा स्टेशन बंगाल में फ्लैशप्वाइंट बन गया है | चुनाव समाचार

Delhi Capitals vs Punjab Kings Live Score, IPL 2026 Today Match Updates, Scorecard & Commentary

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 13:16 IST भाजपा, जो विकास की कमी को लेकर राज्य सरकार पर हमला करती रही है और सत्ता में आने पर बड़े पैमाने पर बदलाव का वादा करती रही है, ने पुनर्विकास का श्रेय लेने का दावा किया है हावड़ा—बंगाल का एक ऐतिहासिक और स्थायी प्रतीक—एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच ताजा रस्साकशी का केंद्र बन गया है। (पीटीआई) बंगाल के बारे में सोचें तो हावड़ा एक ऐसा नाम है जो तुरंत दिमाग में आता है। प्रतिष्ठित हावड़ा स्टेशन लंबे समय से राज्य का प्रतीक रहा है और सिनेमा, कहानी कहने और सार्वजनिक कथाओं में इसकी बार-बार उपस्थिति होती है। अब, यह एक बार फिर राजनीतिक सुर्खियों में है। हाल की एक रैली में, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने हावड़ा को एक “अंतर्राष्ट्रीय स्टेशन” में बदल दिया है। यह वही स्टेशन है, जहां प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2022 के नवीकरण उद्घाटन के दौरान, बनर्जी ने कार्यक्रम को छोड़ दिया था, कथित तौर पर इस आधार पर कि “जय श्री राम” के नारे लगाए जा रहे थे और ‘वंदे मातरम’ को एक राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा था। भाजपा, जो विकास की कमी को लेकर राज्य सरकार पर हमला करती रही है और सत्ता में आने पर बड़े पैमाने पर बदलाव का वादा करती रही है, ने अब बनर्जी के हालिया दावे पर जोरदार पलटवार किया है। पार्टी सूत्रों ने कहा: “हमेशा की तरह, वह सच्चाई के साथ बहुत किफायती हो रही हैं। पश्चिम बंगाल में आसन्न हार और सत्ता से बाहर होने का सामना करते हुए, ममता बनर्जी अब बुरी तरह से तिनके पकड़ रही हैं। यह हास्यास्पद है कि उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने ही हावड़ा को बनाया, जिसे वह अंतरराष्ट्रीय स्टेशन कहती हैं। यह दावा न केवल बेतुका है, बल्कि तथ्यों के विपरीत है।” केंद्र ने हावड़ा स्टेशन पर बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर विवरण के एक सेट के साथ दावे का खंडन भी किया है। आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी रेलवे ने देश के सबसे व्यस्त रेलवे टर्मिनलों में से एक पर ट्रेन संचालन में सुधार, यातायात प्रवाह को आसान बनाने और यात्री सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से प्रमुख क्षमता वृद्धि कार्य किए हैं। मुख्य उन्नयन में शामिल हैं: • प्लेटफार्म नंबर 15 का पुनर्निर्माण और 312 मीटर से 591 मीटर तक विस्तार किया जा रहा है • टर्मिनल क्षमता बढ़ाने के लिए दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं • पुराने और नए दोनों स्टेशन परिसरों में भोजन और आवास सुविधाओं के साथ दो यात्री कार्यकारी लाउंज खोले गए, अधिकारियों का कहना है कि इनका लगातार उपयोग देखा जा रहा है सरकार के अनुसार, ये विकास “अत्याधुनिक, विश्व स्तरीय” अपग्रेड का हिस्सा हैं, जिससे न केवल यात्रियों को लाभ होगा बल्कि हावड़ा और उसके आसपास आर्थिक और औद्योगिक गतिविधि को भी बढ़ावा मिलेगा। जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बार-बार केंद्र पर पश्चिम बंगाल के प्रति सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है, भाजपा और प्रधान मंत्री ने राज्य को खोए हुए अवसरों के उदाहरण के रूप में पेश किया है, इसके बजाय विकास को बढ़ावा देने और बंगाल के पूर्व गौरव को बहाल करने के लिए “डबल इंजन सरकार” की वकालत की है। इस राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच, हावड़ा – जो बंगाल का एक ऐतिहासिक और स्थायी प्रतीक है – एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच ताजा रस्साकशी का केंद्र बन गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 25 अप्रैल, 2026, 13:16 IST समाचार चुनाव ममता का ‘अंतर्राष्ट्रीय’ दावा बनाम बीजेपी का विरोध: क्यों हावड़ा स्टेशन बंगाल में फ्लैशप्वाइंट बन गया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)हावड़ा स्टेशन(टी)ममता बनर्जी का दावा(टी)अंतर्राष्ट्रीय स्टेशन का दर्जा(टी)हावड़ा बुनियादी ढांचे का उन्नयन(टी)पूर्वी रेलवे विकास(टी)बीजेपी टीएमसी राजनीतिक लड़ाई(टी)पश्चिम बंगाल विकास की राजनीति(टी)रेलवे टर्मिनल आधुनिकीकरण

MP में मंत्री के भाई का हंगामा:महिला CEO को मारने दौड़ा-धमकाया; कहा- तेरे दांत तोड़ दूंगा, यहीं जिंदा गाड़ दूंगा

MP में मंत्री के भाई का हंगामा:महिला CEO को मारने दौड़ा-धमकाया; कहा- तेरे दांत तोड़ दूंगा, यहीं जिंदा गाड़ दूंगा

मध्य प्रदेश के पिछोर के भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे का थार कांड और उसके बाद लोधी की आईपीएस को धमकी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और मंत्री के परिजन का विवाद सामने आ गया है। कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान के भाई और जनपद पंचायत अध्यक्ष के पति इंदरसिंह चौहान पर महिला सीईओ को धमकाने, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। घटना 22 अप्रैल की है, जब जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रिया काग कार्यालय पहुंचीं। बताया जा रहा है कि कन्या विवाह योजना में पहले से विवाहित आवेदकों के आवेदन निरस्त किए जाने को लेकर इंदरसिंह चौहान नाराज हो गए। आरोप है कि इंदर सिंह सीईओ को मारने दौड़े और धमकाया, ‘तेरे दांत तोड़ दूंगा, तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा, यहां सब मेरी मर्जी से होगा।’ लेखाधिकारी सावन भिंडे ने उन्हें रोका। पुलिस ने इंदरसिंह चौहान के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 224, 221, 351(2) और 126(2) के तहत केस दर्ज किया है। अलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि इंदरसिंह चौहान के विरुद्ध केस दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे जमानत मिल गई। विवादों से पुराना नाता इंदरसिंह पहले भी विवादों में रहे हैं। खाद वितरण को लेकर विपणन सहकारी संस्था के सेल्समैन से मारपीट का मामला सामने आ चुका है। कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे हटवाने को लेकर भी सवाल उठे हैं। इस मामले ने सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के परिजनों की दबंगई को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। सीईओ बोलीं- मैं कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस कर रही हूं इस मामले में सीईओ काग का कहना है कि मैं 22 अप्रैल को दोपहर 3 बजे ऑफिस पहुंची तो इंदरसिंह चौहान ने कन्या विवाह योजना के आवेदन निरस्त करने पर मुझे धमकाया। उन्होंने कहा, ‘तेरे दांत तोड़ दूंगा, जिंदा गाड़ दूंगा’ और मुझे मारने दौड़े। उन्होंने मेरा रास्ता भी रोका। मैं अपने कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस कर रही हूं। मंत्री बोले- मैं अपने भाई से बात नहीं करता इस पूरे मामले में मंत्री नागर सिंह चौहान का कहना है कि मैं अपने भाई से बात नहीं करता। वह अपना काम करता है। अलग रहता है। वह किसे, क्या बोल रहा है, वह जाने। कानून अपना काम करेगा। जहां तक धमकाने की बात है तो उनकी पत्नी जनपद अध्यक्ष है। वो जानें।

राज्यस्तरीय पॉवर लिफ्टिंग: जबलपुर, इंदौर, कटनी बने चैंपियन:पुरुष वर्ग के विजेताओं को किया पुरस्कृत; नेशनल टूर्नामेंट में लेंगे हिस्सा

राज्यस्तरीय पॉवर लिफ्टिंग: जबलपुर, इंदौर, कटनी बने चैंपियन:पुरुष वर्ग के विजेताओं को किया पुरस्कृत; नेशनल टूर्नामेंट में लेंगे हिस्सा

बालाघाट के नूतन कला निकेतन में आयोजित राज्यस्तरीय पॉवर लिफ्टिंग टूर्नामेंट में पुरुष प्रतियोगिता का शुक्रवार रात पुरस्कार वितरण के साथ समापन हो गया। पुरुष पॉवर लिफ्टिंग के ओपन टूर्नामेंट में जबलपुर 50 रैंक के साथ प्रथम रहा। जूनियर वर्ग में इंदौर कार्पोरेशन ने 54 रैंक के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि सब जूनियर वर्ग में कटनी विजेता बना। ओपन वर्ग में इंदौर कार्पोरेशन दूसरे और छिंदवाड़ा तीसरे स्थान पर रहा। जूनियर वर्ग में रीवा ने दूसरा और छिंदवाड़ा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सब जूनियर वर्ग में भोपाल कार्पोरेशन और रीवा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। सब जूनियर डिवीजन में भोपाल प्रथम बॉडी वेट प्रतियोगिता में सब जूनियर डिवीजन में भोपाल के मोहित चतुर्वेदी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कटनी के देव ताम्रकर द्वितीय और अमृतांश मिश्रा तृतीय रहे। जूनियर वर्ग में भोपाल के जावेद आलम पहले, रीवा के मोहित वर्मा दूसरे और अमित मुजालडे तीसरे स्थान पर रहे। ओपन वर्ग में छिंदवाड़ा के शैलेंद्र सेवतिया ने प्रथम, भोपाल के ध्रुवराज कुरे ने द्वितीय और रीवा के अमन सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह दो दिवसीय राज्यस्तरीय प्रतियोगिता 23 अप्रैल को बालाघाट में शुरू हुई थी। समापन समारोह में विहिप अध्यक्ष यज्ञेश लालु चावड़ा, पॉवर लिफ्टिंग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मधु हरपाल, वेट लिफ्टिंग एसोसिएशन के उमेश जायसवाल और सचिव सुरेंद्र जायसवाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों और प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इस प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 200 महिला और पुरुष प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसका आयोजन जिला पॉवर लिफ्टिंग और वेट लिफ्टिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया था। एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र जायसवाल ने बताया कि दो दिवसीय पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में महिला और पुरुष दोनों वर्गों के सब जूनियर, जूनियर और सीनियर श्रेणियों में मुकाबले हुए। इसका उद्देश्य जिले के युवाओं को शरीर सौष्ठव के लिए एक मंच प्रदान करना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों ने पॉवर लिफ्टिंग की तीन विधाओं – बेंच, स्कॉट और डेड-लिफ्ट में अपना कौशल दिखाया। इस प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ी अब नेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे।

क्या आपका बच्चा भी गर्मी की चपेट में है? जानिए लू के शुरुआती संकेत, वरना छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी

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Last Updated:April 25, 2026, 11:57 IST फरीदाबाद में अप्रैल में ही तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है. ऐसे में लू, वायरल और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है. सर्वोदय हॉस्पिटल के डॉ. सुमित अग्रवाल के मुताबिक, बच्चों में सुस्ती, उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं. बाहर निकलते समय शरीर ढकें, खूब पानी पिएं और हल्के सूती कपड़े पहनें. फरीदाबाद: फरीदाबाद में गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है. अप्रैल में ही तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है. दोपहर के समय घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है. तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं. ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है. खासकर बच्चों का इस भीषण गर्मी में विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है क्योंकि गर्मी का असर उन पर जल्दी होता है. Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल में डायरेक्टर और हेड, इंटरनल मेडिसिन विभाग डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया बढ़ते तापमान में शरीर को खुद को ढालने के लिए समय चाहिए होता है. अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक ठंडे कमरे या वातानुकूलित वातावरण में रहने के बाद अचानक तेज धूप में निकलता है, तो उसे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी होने पर गर्मी से जुड़ी अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं. इस मौसम में लू लगना, गला खराब होना और वायरल संक्रमण होना आम बात डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया इस मौसम में लू लगना, गला खराब होना और वायरल संक्रमण होना आम बात है. तापमान में अचानक बदलाव से वायरस तेजी से सक्रिय हो जाते हैं. वहीं गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है जिससे पेट में संक्रमण, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. पानी कम पीने से मूत्र संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. छोटे बच्चों पर दें विशेष ध्यान डॉक्टर सुमित अग्रवाल ने बताया छोटे बच्चे अपनी परेशानी खुलकर बता नहीं पाते. ऐसे में अगर बच्चा सुस्त दिखाई दे उसकी खेलने-कूदने में रुचि कम हो जाए खाना-पीना छोड़ दे उल्टी या दस्त होने लगें या पेट दर्द की शिकायत करे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह गर्मी से होने वाली परेशानी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. बरतें सावधानी डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया जब भी घर से बाहर निकलें, तो शरीर के उन हिस्सों को अच्छी तरह ढककर रखें जिन पर सीधी धूप पड़ती है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. गर्मियों में हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनना सबसे बेहतर रहता है, ताकि शरीर में हवा का संचार बना रहे. लू लगने पर क्या करें डॉक्टर सुमित अग्रवाल ने बताया अगर किसी को लू लग जाए, तो सबसे पहले उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं. उसके कपड़े ढीले कर दें, ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो सके. समय रहते सही देखभाल और सावधानी बरतकर गर्मी के इस मौसम में खुद को और अपने बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana First Published : April 25, 2026, 11:50 IST

BJP बोली- केजरीवाल के मन में शीशमहल रहता है:AAP का मतलब- आलीशान आदमी पार्टी; केजरीवाल कल नई घर में शिफ्ट हुए थे

BJP बोली- केजरीवाल के मन में शीशमहल रहता है:AAP का मतलब- आलीशान आदमी पार्टी; केजरीवाल कल नई घर में शिफ्ट हुए थे

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को लेकर बीजेपी ने कहा कि उनके मन में शीशमहल रहता है। दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश वर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान जब दिल्ली के लोग दवाइयों के लिए परेशान थे, तब भी केजरीवाल के शीश महल का काम नहीं रुका। वर्मा ने कहा कि दिल्ली के मतदाताओं ने केजरीवाल को हराया, जिसके बाद वह पंजाब चले गए। वहां भी उन्होंने दूसरा शीश महल बना लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आसपास बड़े सरकारी मकानों में केजरीवाल, सत्येंद्र जैन, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया जैसे नेता रहे। कल नए घर में शिफ्ट हुए थे केजरीवाल अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अपने नए घर में शिफ्ट हुए थे। वर्मा ने कहा कि केजरीवाल लंबे समय से सरकारी बंगले के लिए अदालत जा रहे थे। अब उन्हें 95 लोधी एस्टेट में आवास मिला है। तस्वीरें देखकर हैरानी हुई। जो सादगी की बात करते थे, वे आज लग्जरी में रह रहे हैं। केजरीवाल के नए घर की 6 तस्वीरें…