Thursday, 22 Oct 2026 | 01:09 AM

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गाडरवारा बस स्टैंड पर खड़ी बस में लगी आग, VIDEO:वाहन जलकर खाक, फायर बिग्रेड टीम ने मुश्किल से पाया काबू

गाडरवारा बस स्टैंड पर खड़ी बस में लगी आग, VIDEO:वाहन जलकर खाक, फायर बिग्रेड टीम ने मुश्किल से पाया काबू

नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा बस स्टैंड पर शुक्रवार को एक खड़ी बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और मौके पर धुआं फैल गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त बस खाली थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने से बस को भारी नुकसान पहुंचा है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

फुटवियर ब्रांड के नाम में जुड़ा ‘एआई’, शेयर उछले 582%:सिलिकॉन वैली का स्टेटस सिंबल रहा ऑलबर्ड्स ब्रांड अब ‘जीपीयू’ के कारोबार में उतरा

फुटवियर ब्रांड के नाम में जुड़ा ‘एआई’, शेयर उछले 582%:सिलिकॉन वैली का स्टेटस सिंबल रहा ऑलबर्ड्स ब्रांड अब ‘जीपीयू’ के कारोबार में उतरा

कभी दुनिया के सबसे आरामदायक और ‘इको-फ्रेंडली’ जूते बनाने वाली कंपनी ऑलबर्ड्स ने बुधवार को कॉरपोरेट जगत का सबसे चौंकाने वाला ‘यू-टर्न’ लिया। कंपनी अपने जूतों के बिजनेस समेटेगी और एआई चिप बनाने के काम में उतरेगी। इस घोषणा के बाद वॉल स्ट्रीट पर कंपनी के शेयरों में 582% से अधिक की ऐतिहासिक उछाल देखी गई। नवंबर 2021 के बाद से ऑलबर्ड्स का शेयर लगातार दबाव में था। लेकिन बुधवार को जैसे ही कंपनी ने ‘जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर’ में उतरने का ऐलान किया, इसके शेयर रॉकेट की तरह चढ़े। मंगलवार की क्लोजिंग (2.5 डॉलर) के मुकाबले यह शेयर 14.5 डॉलर पर बंद हुआ। हालांकि, उछाल के बावजूद कंपनी की मार्केट वैल्यू 15 करोड़ डॉलर (करीब 1,397 करोड़ रुपए) से कम है, जो कभी 4 अरब डॉलर (37,245 करोड़ रुपए) थी। पर 2021 की लिस्टिंग के मुकाबले इसकी वैल्यू अब भी 90% कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑलबर्ड्स अब ‘न्यूबर्ड एआई’ के नाम से अपनी नई पहचान बनाएगी। कंपनी ने हाल ही में अपने फुटवियर एसेट्स और ब्रांडिंग को महज 39 मिलियन डॉलर में ‘अमेरिकन एक्सचेंज ग्रुप’ को बेच दिया। अब कंपनी गुप्त निवेशक के साथ 5 करोड़ डॉलर (करीब 465 करोड़ रुपए) का सौदा करके ‘हाई-परफॉरमेंस जीपीयू एसेट्स’ खरीदेगी। यानी जो कंपनी कभी ऊन से बने टिकाऊ जूते बेचती थी, अब वह टेक स्टार्टअप को कंप्यूटिंग पावर किराए पर देने का काम करेगी। ऑलबर्ड्स की पहचान ऊन से बने इको-फ्रेंडली जूतों से थी ऑलबर्ड्स की पहचान दुनिया भर में ऊन से बने इको-फ्रेंडली जूतों और ‘बी कॉर्प’ सर्टिफिकेशन (पर्यावरण मानकों वाली कंपनी) से थी। लेकिन एआई डेटा सेंटर्स चलाने में भारी बिजली व पानी की खपत होती है। इसीलिए कंपनी ने चार्टर से ‘पर्यावरण संरक्षण’ व ‘पब्लिक बेनिफिट’ जैसे शब्दों को हटाने का फैसला किया है। अगले माह शेयरधारकों से मंजूरी ली जाएगी। रिटेल एनालिस्ट हिथा हर्जोग का कहना है कि सिर्फ नाम में एआई जोड़ने से शेयर का इतना उछलना इसे एक ‘मीम स्टॉक’ जैसा बनाता है। अभी तक कंपनी ने कोई एआई उत्पाद या कमाई नहीं दिखाई है। बराक ओबामा की पहली पसंद थे कभी ये जूते 2014 में शुरू हुई ऑलबर्ड्स एक समय सिलिकॉन वैली के टेक वर्कर्स और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पहली पसंद थी। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी का नया तरीका बिजनेस बदलाव से ज्यादा उसे खत्म करने का तरीका है। जब भी कोई कंपनी डूबने लगती है, वह नई तकनीक का सहारा लेती है। 2017 में सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली ‘लॉन्ग आइलैंड आइस्ड टी’ ने नाम बदलकर ‘लॉन्ग ब्लॉकचेन’ रखा था, जिससे शेयर 380% उछले थे। बाद में कंपनी डीलिस्ट हुई और इनसाइडर ट्रेडिंग की बात सामने आई।

सेहत के लिये ताजे फ्रूट या जूस क्या है ज्यादा बेहतर? जानिये दोनों में अंतर

अब उदयपुर में भी दिखेंगे जिराफ! सज्जनगढ़ पार्क में शुरू हुई नई सफारी

आजकल सेहत को लेकर लोग काफी ज्यादा सजग हो गए हैं और इसी वजह से “फल खाएं या जूस पिएं?” यह सवाल अक्सर ज्यादातर लोगों के मन में उठता है. दोनों ही फलों से बने होते हैं और पोषण देते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज़ से दोनों के फायदे और फर्क समझना ज़रूरी है. आइए विस्तार से जानते हैं कि ताजे फल बेहतर हैं या उनका बना हुआ जूस. ताजे फल: सेहत का संपूर्ण पैकेजताजे फल प्राकृतिक रूप में होते हैं और इनमें फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ताजे फल खाने के फायदे:फलों में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर करता है और कब्ज से बचाता है.फाइबर ब्लड शुगर को धीरे‑धीरे बढ़ने देता है, जिससे डायबिटीज का खतरा कम रहता है.फल खाने से पेट देर तक भरा रहता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है.चबाने की प्रक्रिया से दिमाग को तृप्ति का संदेश मिलता है, ओवरईटिंग नहीं होती.विटामिन C, A, पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पूरी मात्रा में मिलते हैं. यानी ताजे फल शरीर को संतुलित पोषण देते हैं और लंबे समय तक फायदा पहुंचाते हैं. फ्रूट जूस: तुरंत ऊर्जा लेकिन कुछ सीमाएंफ्रूट जूस खासतौर पर उन लोगों को पसंद आता है, जिन्हें जल्दी ऊर्जा चाहिए या फल चबाने में परेशानी होती है. जूस के फायदे:शरीर को तुरंत तरल और एनर्जी मिलती है.बीमार या कमजोर व्यक्ति के लिए आसानी से पचने वाला.गर्मियों में डिहाइड्रेशन से कुछ हद तक राहत. लेकिन जूस के नुकसान भी हैं: जूस निकालते समय फलों का फाइबर निकल जाता है.जूस में प्राकृतिक शुगर की मात्रा ज्यादा हो जाती है.बार‑बार जूस पीने से वजन बढ़ और ब्लड शुगर असंतुलित हो सकता है.पैकेट वाले जूस में प्रिज़र्वेटिव और अतिरिक्त चीनी हो सकती है. एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं?अधिकांश डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, पूरा फल खाना जूस पीने से ज्यादा बेहतर है.अगर जूस पीना हो, तो घर का ताजा जूस लें, बिना चीनी मिलाए.स्मूदी (ब्लेंड किया हुआ फल) जूस से बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसमें फाइबर बना रहता है. अगर आपकी प्राथमिकता लंबी उम्र, अच्छा पाचन, संतुलित वजन और बेहतर शुगर कंट्रोल है, तो ताजे फल जूस से कहीं ज्यादा फायदेमंद होते हैं. जूस को कभी‑कभार लिया जा सकता है, लेकिन रोज़मर्रा की डाइट में पूरे फल ही शामिल करना सबसे समझदारी भरा विकल्प हो सकता है.

राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर 2 को लेकर कहा कि इसमें दाऊद इब्राहिम का किरदार सही तरीके से नहीं दिखाया गया। फिल्म धुरंधर 2 के रिलीज के बाद से ही राम गोपाल वर्मा इसकी क्राफ्ट और स्टोरीटेलिंग की तारीफ कर रहे हैं। हाल ही में राइटर हुसैन जैदी के साथ उनके यूट्यूब चैनल पर बातचीत में उन्होंने विस्तार से फिल्म को लेकर अपनी राय रखी। वर्मा ने कहा कि उन्हें फिल्म के कई पहलू प्रभावित करते हैं, लेकिन दाऊद इब्राहिम के किरदार को लेकर वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बस एक बात से असहमति है। मुझे लगता है कि दाऊद इब्राहिम को जिस तरह दिखाया गया है, वह सही नहीं है। उनके पास अपने सोर्स हो सकते हैं, लेकिन मेरी नजर में इसे गलत तरीके से दिखाया गया है।’ बता दें कि फिल्म में दाऊद को ‘बड़े साहब’ के रूप में दिखाया गया है, जो पाकिस्तान से भारत में आतंकी ऑपरेशन चलाने वाला मास्टरमाइंड है। दाऊद अब एक्टिव नहीं है: राम गोपाल वर्मा ने साफ किया कि वह इस विषय पर अंतिम अधिकार का दावा नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार दाऊद लंबे समय से इनएक्टिव है। वर्मा ने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक, दाऊद करीब 20 साल पहले आपराधिक गतिविधियों से दूर हो चुका है। उन्होंने यह भी माना कि इस मुद्दे पर पूरी सच्चाई कोई भी कन्फर्म नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “मैं इसे गलत साबित नहीं कर सकता और डायरेक्टर भी इसे सही साबित नहीं कर सकते।”

राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर 2 को लेकर कहा कि इसमें दाऊद इब्राहिम का किरदार सही तरीके से नहीं दिखाया गया। फिल्म धुरंधर 2 के रिलीज के बाद से ही राम गोपाल वर्मा इसकी क्राफ्ट और स्टोरीटेलिंग की तारीफ कर रहे हैं। हाल ही में राइटर हुसैन जैदी के साथ उनके यूट्यूब चैनल पर बातचीत में उन्होंने विस्तार से फिल्म को लेकर अपनी राय रखी। वर्मा ने कहा कि उन्हें फिल्म के कई पहलू प्रभावित करते हैं, लेकिन दाऊद इब्राहिम के किरदार को लेकर वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बस एक बात से असहमति है। मुझे लगता है कि दाऊद इब्राहिम को जिस तरह दिखाया गया है, वह सही नहीं है। उनके पास अपने सोर्स हो सकते हैं, लेकिन मेरी नजर में इसे गलत तरीके से दिखाया गया है।’ बता दें कि फिल्म में दाऊद को ‘बड़े साहब’ के रूप में दिखाया गया है, जो पाकिस्तान से भारत में आतंकी ऑपरेशन चलाने वाला मास्टरमाइंड है। दाऊद अब एक्टिव नहीं है: राम गोपाल वर्मा ने साफ किया कि वह इस विषय पर अंतिम अधिकार का दावा नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार दाऊद लंबे समय से इनएक्टिव है। वर्मा ने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक, दाऊद करीब 20 साल पहले आपराधिक गतिविधियों से दूर हो चुका है। उन्होंने यह भी माना कि इस मुद्दे पर पूरी सच्चाई कोई भी कन्फर्म नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “मैं इसे गलत साबित नहीं कर सकता और डायरेक्टर भी इसे सही साबित नहीं कर सकते।”

हिमाचल CM पश्चिम बंगाल में करेंगे चुनाव प्रचार:जयराम बोले-सुक्खू का जाना अच्छी खबर, बिहार भी गए थे; वहां बोलेरो में फिट हुई कांग्रेस

हिमाचल CM पश्चिम बंगाल में करेंगे चुनाव प्रचार:जयराम बोले-सुक्खू का जाना अच्छी खबर, बिहार भी गए थे; वहां बोलेरो में फिट हुई कांग्रेस

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दोपहर बाद शिमला से दिल्ली रवाना हुए। वह, कल दिल्ली से कोलकाता जाएंगे। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को स्टार प्रचारक बना रखा है। सीएम सुक्खू शनिवार को कल सुबह दिल्ली से कोलकाता रवाना होंगे। वहीं सीएम सुक्खू के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि सीएम सुक्खू बिहार भी गए थे और वहां कांग्रेस विधायक दल बोलेरो गाड़ी में फिट हो गया। राजस्थान भी गए थे। वहां भी कांग्रेस की करारी हार हुई। दरअसल, बिहार में कांग्रेस कुल 6 सीटें जीत पाई थी। इस वजह से नेता प्रतिपक्ष ने सीएम सुक्खू पर यह तंज कसा। असम चुनाव में भी सुक्खू ने झूठ बोला: जयराम जयराम ने कहा कि कुछ दिन पहले सीएम सुक्खू असम भी गए थे। वहां पर भी सुक्खू ने 10 की 10 गारंटी पूरी करने का बहुत बड़ा झूठ बोला। कहा कि सभी महिलाओं को 1500-1500 रुपए, पांच लाख युवाओं को नौकरी जैसी सभी गारंटी पूरी कर दी है। सुक्खू का पश्चिम बंगाल जाना बीजेपी के लिए अच्छी खबर: नेता प्रतिपक्ष जयराम ने तंज भरे लहजे में कहा कि सीएम सुक्खू का पश्चिम बंगाल जाना बीजेपी के लिए अच्छी खबर है और वहां बीजेपी की सरकार बननी तय है। कल शाम कोलकाता रुकेंगे सीएम वहीं मुख्यमंत्री सुक्खू कल कोलकाता पहुंचकर कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। सीएम के वहां विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हुए जनसभाओं को संबोधित करने की संभावना है। शाम को सीएम कोलकाता में ही रुकेंगे। उनकी वापसी का कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।

उज्जैन में घर-गाड़ियों पर पत्थरबाजी:रहवासी बोले- लाठी-डंडे, चाकू-तलवार लेकर आए थे बदमाश; पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी

उज्जैन में घर-गाड़ियों पर पत्थरबाजी:रहवासी बोले- लाठी-डंडे, चाकू-तलवार लेकर आए थे बदमाश; पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी

उज्जैन के ढांचा भवन क्षेत्र में गुरुवार देर रात 10-12 अज्ञात बदमाशों ने घरों पर हमला कर पत्थरबाजी की और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। घटना रात करीब एक बजे की है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बदमाश ढांचा भवन के पास स्थित बाफना पार्क कॉलोनी पहुंचे और अचानक घरों के बाहर जमा होकर गाली-गलौज करने लगे। लाठी-डंडे, चाकू और तलवार से लैस थे हमलावर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर लाठी-डंडे, चाकू और तलवार जैसे हथियारों से लैस थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। बदमाशों ने पत्थरबाजी कर कई घरों की खिड़कियां तोड़ दीं। बाहर खड़ी गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त किया गया। डॉक्टर की कार और अन्य मकानों को नुकसान हमले में डॉ. प्रदीप अग्रवाल की कार के शीशे तोड़ दिए गए। एक सेवानिवृत्त शिक्षिका के घर पर भी पत्थर फेंके गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार बाहर गए हुए थे, जिससे घरों में केवल महिलाएं और बुजुर्ग ही मौजूद थे। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची घटना की जानकारी 112 के जरिए पुलिस को दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्वालियर के घाटीगांव में चीते की मूवमेंट VIDEO:मवेशियों के बीच खेतों में घूम रहा चीता, वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल जाने से रोका

ग्वालियर के घाटीगांव में चीते की मूवमेंट VIDEO:मवेशियों के बीच खेतों में घूम रहा चीता, वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल जाने से रोका

कूनो नेशनल पार्क से लौटकर आए चीता KGP-1 का मूवमेंट घाटीगांव स्थित सोनचिरैया अभयारण्य, आसपास लगे जंगलों और जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में देखा जा रहा है। वह यहां आसान शिकार के चलते आया है। दरअसल, यह चीता इसी क्षेत्र में करीब तीन महीने रह चुका है। वन कर्मचारी कॉलर आईडी से चीता को ट्रेक कर रहे हैं। वहीं लोगों को जंगल नहीं जाने की सलाह दी है। नेशनल पार्क से लगभग 15 दिन पहले निकला यह चीता आरोन व सिमरैया क्षेत्रों से होते हुए घाटीगांव के जंगलों तक पहुंचा है। हालांकि अब तक उसने किसी भी ग्रामीण या उनके मवेशियों पर हमला नहीं किया है, लेकिन अहतियात के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों से अपने मवेशियों का खुद ख्याल रखने को कहा है। मवेशियों के बीच घूम रहा चीता ग्रामीणों ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है, जिसमें चीता खेत पर चारा खा रहे मवेशियों के बीच में घूम रहा है। आसपास ग्रामीण भी मौजूद हैं। हालांकि चीता ने इस दौरान भी कुछ नहीं किया। लगातार ट्रेक कर रहे कर्मचारी चीता को कॉलर आईडी लगी है। जिसके माध्यम से वन विभाग की टीम चीता को ट्रेक कर रही है। टीम के सदस्य चीता से कुछ दूरी पर ही चल रहे हैं।

दमोह के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट गिरी, एक की मौत:तेंदूखेड़ा में नपा का कर्मचारी था मृतक, दो लोग घायल

दमोह के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट गिरी, एक की मौत:तेंदूखेड़ा में नपा का कर्मचारी था मृतक, दो लोग घायल

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में गुरुवार रात एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई। इस हादसे में नगर पालिका के एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि शोरूम संचालक के बेटे सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, तेंदूखेड़ा के मुख्य बाजार में प्रहलाद सोनी का दो मंजिला इलेक्ट्रॉनिक शोरूम है। गुरुवार रात नगर पालिका कर्मचारी कमलेश लोधी, बांदीपुरा गांव के देवेंद्र लोधी के साथ शोरूम में खरीदारी करने पहुंचे थे। देवेंद्र के घर में शादी थी। उनके साथ शोरूम संचालक का बेटा भी मौजूद था। तीनों युवक शादी का सामान लेकर लिफ्ट के जरिए ऊपर से नीचे आ रहे थे। तभी अचानक लिफ्ट का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज गति से नीचे आ गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कमलेश लोधी, शोरूम संचालक का छोटा बेटा और देवेंद्र लोधी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को गंभीर हालत में तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। जबलपुर में इलाज के दौरान नगर पालिका कर्मचारी कमलेश लोधी की मौत हो गई। अन्य दो घायलों का इलाज जारी है। इस मामले में अभी तक कोई भी फरियादी पुलिस थाने नहीं पहुंचा है, इसलिए पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है। फरियादी के थाने पहुंचने पर ही पुलिस मामले की आगे की जांच शुरू करेगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक मॉल में लगाई गई लिफ्ट एक लोडिंग लिफ्ट है,जिसका इस्तेमाल सामान ढोने के लिए किया जाना था। बताया जा रहा है इसका उपयोग ग्राहकों को ऊपर-नीचे लाने के लिए किया जा रहा था। शिकायत पर एक्शन लेंगे तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया की रात में उन्हें इस बात की जानकारी नहीं लगी। सुबह थाने से जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक कोई भी फरियादी थाने नहीं पहुंचा है। जैसे ही फरियादी थाने पहुंचते हैं मामले में जांच शुरू की जाएगी।

गर्मियों में खीरा या ककड़ी, आपकी सेहत के लिये क्या खाना है ज्यादा फायदेमंद? जानें

ट्यूशन नहीं ली, डेली महज 4 घंटे पढ़ाई, CBSE 10th झारखंड टॉपर ने बताई स्ट्रेटजी

गर्मियों का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में खीरा और ककड़ी दोनों ही ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो पानी से भरपूर होते हैं और गर्मी से राहत दिलाते हैं. अक्सर लोग इन्हें एक‑दूसरे का विकल्प मान लेते हैं, लेकिन असल में दोनों के गुण और फायदे थोड़े अलग‑अलग हैं. आइए जानते हैं कि गर्मियों में आपकी सेहत के लिए क्या ज्यादा फायदेमंद है. खीरा: तेज गर्मी में ठंडक का साथीखीरा लगभग 95% पानी से बना होता है. यह शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. खीरे के प्रमुख फायदे:शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता है.पाचन को दुरुस्त करता है और कब्ज से भी राहत देता है.त्वचा को हाइड्रेट रखता है और सनबर्न से भी बचाव में मदद करता है.वजन घटाने वालों के लिए बेहतरीन, क्योंकि इसमें कैलोरी बहुत कम होती है.ब्लड प्रेशर और शरीर की सूजन को भी कम करता है. खीरा सलाद, रायता या सीधे नमक के साथ खाने में बेहद लोकप्रिय है और ज्यादा पसीना आने पर तुरंत राहत भी देता है. ककड़ी: हल्की और पाचन के लिए ज्यादा बेहतरककड़ी स्वाद में खीरे से हल्की और थोड़ी मीठी होती है. इसमें भी पानी की मात्रा अधिक होती है, लेकिन खीरे की तुलना में यह पाचन के लिए ज्यादा हल्की मानी जाती है. ककड़ी के लाभ:पेट को ठंडा और शांत रखती है.एसिडिटी और जलन की समस्या में आराम देती है.शरीर की गर्मी को कम करने में मददगार.लू से बचाव में मदद करती है.बच्चों और बुजुर्गों को आसानी से पच जाती है. खासकर जिन लोगों को खीरा खाने से गैस, भारीपन या डकार की समस्या होती है, उनके लिए ककड़ी बेहतर विकल्प मानी जाती है. आखिर गर्मियों में क्या ज्यादा फायदेमंद? अगर आपको ज्यादा पसीना, थकान और पानी की कमी महसूस होती है, तो आपके लिये खीरा ज्यादा बेहतर है.अगर आपको पेट की गर्मी, एसिडिटी या पाचन समस्या रहती है, तो आपके लिये ककड़ी ज्यादा फायदेमंद होगी. गर्मी में खीरा और ककड़ी दोनों ही सेहत के लिए लाभकारी होते हैं. सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप दोनों को अपनी डाइट में शामिल करें और अपने शरीर की जरूरत के अनुसार इनका चुनाव करें. इससे गर्मी भी कम लगेगी और आपकी सेहत भी बनी रहेगी.