शाजापुर में बिजली के खंभे से निकला पानी:सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन टूटने से हुआ रिसाव

शाजापुर के शहरी हाईवे पर स्थित वरदान हॉस्पिटल के पास सोमवार को बिजली के खंभे के नीचे से अचानक पानी निकलने लगा। घटना से आसपास के दुकानदार और राहगीर हैरान रह गए। यह खंभा हाल में सड़क निर्माण कार्य के दौरान स्थानांतरित किया गया था। स्थानीय निवासियों ने तत्काल नगर पालिका और बिजली कंपनी को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची टीमों ने जांच की, जिसमें सामने आया कि खंभा लगाते समय जमीन के नीचे से गुजर रही पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसी वजह से तेज दबाव के साथ पानी बाहर आ रहा था। स्थिति को देखते हुए, खंभे को हटाकर पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। दुकानदारों ने इसे लापरवाही बताया। उनका कहना था कि समय रहते समस्या का पता नहीं चलता, तो पानी के लगातार दबाव से खंभा गिर सकता था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। संबंधित विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति को तलवार से टुकड़ों में काटा:शव को जलाया, JCB से गड्ढा खुदवाकर गाड़ा; बेटी बोली-पापा को रात में ले गए थे

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की। सब्बल और तलवार से शव के टुकड़े किए। शव जलाने की कोशिश की, लेकिन नहीं जला तो जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर टुकड़ों को गाड़ दिया। मामला गरोठ थाना क्षेत्र के दुधाखेड़ी गांव का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान धनराज नाथ (39) के रूप में हुई, जो दुधाखेड़ी का रहने वाला था। पत्नी का नाम धापू बाई है। वहीं मुख्य आरोपी का नाम पंकज चौधरी (40) है। धापू-पंकज ने मिलकर मर्डर किया है। अफेयर के कारण रची हत्या की साजिश धापू बाई और पंकज चौधरी के बीच अफेयर चल रहा था, जिसकी जानकारी धनराज को लग गई थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद होता था। इसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची और 10 अप्रैल की रात धनराज की हत्या कर दी। शव जलाने की कोशिश, फिर गड्ढे में दफनाया अगले दिन शनिवार को पंकज ने खेत में काम के बहाने जेसीबी बुलवाई और गड्ढा खुदवाया। पहले शव जलाने की कोशिश की, लेकिन पूरी तरह नहीं जला। इसके बाद टुकड़े कर गड्ढे में डालकर मिट्टी से ढक दिया। वारदात से जुड़ी ये 5 तस्वीरें देखिए… बेटे ने दर्ज कराई गुमशुदगी बेटी दिलकश ने बताया- शनिवार को पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मां धापू बाई और आरोपी पंकज पर शक जताया था। पापा शुक्रवार रात 8:30 बजे घर से निकले थे। पंकज की गाड़ी से किसी कार्यक्रम में गए थे। इसके बाद उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। बेटा नीतीश योगी ने बताया- सुबह पिताजी से बात हुई थी। अगले दिन भानपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पंकज ने हत्या की है। मृतक की बहन करिश्मा ने बताया- भाई को शुक्रवार रात 8:30 से 9 बजे के बीच लेकर गए थे। इसके बाद वह नहीं लौटे। स्थानीय बोले- आरोपी के घर पर बुलडोजर चले कमलेश राजगुरु ने आरोपी पंकज का मकान तोड़ने और मामले में शामिल अन्य लोगों की भी जांच की मांग की। रविवार रात पुलिस पूछताछ में मामला गहराया और गुमशुदगी हत्या में बदल गई। जांच में घटनाक्रम स्पष्ट हुआ। सोमवार को पुलिस ने पंकज चौधरी और धापू बाई को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर गड्ढे से शव के टुकड़े बरामद किए गए। मौके से दो तलवार और एक सब्बल भी जब्त किया गया। प्रशासन का आश्वासन गरोठ SDOP विजय कुमार यादव ने बताया कि प्रेमी-प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने मर्डर करने की बात स्वीकार कर लिया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। अन्य आरोपी शामिल होंगे, को उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है। ……………………………. यह खबर भी पढ़ें निवाड़ी में मछली काटने वाली छुरी से लड़की का गला काटा मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर निवाड़ी जिले में युवती की गला काटकर हत्या की गई है। उसकी कुछ दिन में शादी होने वाली थी। मर्डर स्पॉट से 100 मीटर दूर UP के युवक की फांसी पर लटकी डेडबॉडी मिली। मामला सेंदरी थाना क्षेत्र के पूछा की पहाड़ी ढिमरपुरा का है। पढ़ें पूरी खबर…
राजगढ़ के उपार्जन केंद्रों पर अव्यवस्थाएं उजागर:कलेक्टर के औचक निरीक्षण में खुली पोल; चाठा केंद्र पर लापरवाही पर नोटिस

राजगढ़ उपार्जन केंद्रों पर सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच सोमवार को हकीकत तब सामने आई, जब कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा अचानक निरीक्षण पर पहुंच गए। कालीपीठ, चाठा और बेलास केंद्रों के दौरे में व्यवस्थाओं की असल तस्वीर दिखी- जहां कुछ जगह काम ठीक मिला, वहीं चाठा केंद्र पर लापरवाही ने अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। चाठा उपार्जन केंद्र पर अव्यवस्थाएं देखकर कलेक्टर का रुख सख्त हो गया। मौके पर ही नाराजगी जताते हुए उन्होंने नोडल अधिकारी नरेश मीणा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साफ कहा कि अगर किसानों को परेशानी हुई तो सीधे जिम्मेदारी तय होगी। कलेक्टर बोले- किसानों को सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि कई जगहों पर बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह व्यवस्थित नहीं थीं। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि उपार्जन केंद्रों पर आने वाले किसानों को पानी, छांव और बैठने जैसी जरूरी सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए। रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचा खरीदी प्रक्रिया, तौल व्यवस्था और रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा और खरीदी समय पर पूरी होनी चाहिए, ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण के बाद साफ संकेत मिल गए हैं कि अब उपार्जन व्यवस्था में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। प्रशासन की नजर अब सीधे जमीनी कामकाज पर है, जहां किसान ही असली कसौटी बन रहे हैं।
लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर:5 विभागों को अल्टीमेटम; राजगढ़ की समय-सीमा बैठक में रिकॉर्ड डिजिटलीकरण के निर्देश

राजगढ़ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को हुई समय-सीमा बैठक में प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. इच्छित गढ़पाले ने की, जबकि कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में अधिकारियों को पुराने और महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही न बरतने का सख्त संदेश दिया गया। निर्देश दिए गए कि सभी दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर उन्हें ई-ऑफिस या किसी अन्य सुरक्षित माध्यम में संरक्षित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत उपलब्ध हो सकें। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण को लेकर भी सख्ती बरती गई। विशेष रूप से बॉटम-5 में शामिल विभागों को अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए एक सप्ताह की समय-सीमा तय की गई। लंबित आवेदनों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मौके पर ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल को आयोजित होने वाली डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हितग्राहियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवागमन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। इस बैठक में अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
‘आपने भाजपा, आरएसएस से जुड़े अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में भाग लिया’: केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कहा | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:13 अप्रैल, 2026, 16:29 IST आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा यदि उनके मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश एक निश्चित विचारधारा से संबंधित कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं जो उनकी अपनी विचारधारा के विपरीत है। सुनवाई के लिए आने पर आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल सुनवाई से हटने के आवेदन पर बहस कर रहे हैं। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) यह बताते हुए कि दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने भाजपा और आरएसएस से जुड़े अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में भाग लिया था, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के माध्यम से समझाया कि “एक कार्यात्मक लोकतंत्र में, धारणा मायने रखती है”। केजरीवाल ने कहा कि क्या दिल्ली की आबकारी नीति का मामला राजनीतिक है, उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा यदि मामले की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीश एक निश्चित विचारधारा से संबंधित एक निश्चित कार्यक्रम में शामिल हुए हैं जो उनकी अपनी विचारधारा का विरोध करता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 13 अप्रैल, 2026, 16:29 IST समाचार राजनीति ‘आपने भाजपा, आरएसएस से जुड़े अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में भाग लिया’: केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामला (टी) अरविंद केजरीवाल (टी) दिल्ली उच्च न्यायालय (टी) न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा (टी) अधिवक्ता परिषद (टी) भाजपा आरएसएस लिंक (टी) न्यायिक निष्पक्षता (टी) राजनीतिक मामला
उमरिया के चंदिया में महिला की संदिग्ध मौत:जहर खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत, परिवार में तीन छोटे बच्चे

उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में रविवार रात एक 29 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने जहरीले पदार्थ के सेवन से मौत होने की आशंका जताई है। रात में बिगड़ी तबीयत ग्राम बांसा निवासी सीताबाई ने रविवार रात अज्ञात कारणों से जहरीले पदार्थ खा लिया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने डायल 112 को सूचना दी, जिसके बाद चंदिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। परिजनों ने बताया कि सीताबाई के तीन छोटे बच्चे हैं। पुलिस ने सोमवार को शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया है। घटना के पीछे के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। कारणों की तलाश में जुटी पुलिस एसडीओपी पीएल परस्ते ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आत्महत्या या अन्य कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
मुस्लिम प्रेमी के घर मिली हिंदू लड़की की लाश:दरभंगा में पिता बोले- बेटी को भगाकर ले गया था, इस्लाम कबूल नहीं करने पर मार डाला

‘’मेरी बेटी ने इस्लाम कबूल नहीं किया, इसलिए लड़के ने मेरी बेटी की हत्या कर दी। आरोपी मेरे घर के पड़ोस का है और वो 13 जनवरी को मेरी बेटी को भगाकर ले गया था। हम लोगों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तीन महीने बाद ही मेरी बेटी की लाश मिली है।’’ दरभंगा नगर पंचायत क्षेत्र के सम्राट चौक के रहने वाले पेशे से किसान 45 साल के शख्स ने ये बातें कही। शख्स ने अपनी बेटी की हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम लड़के पर लगाया है। मृतका की पहचान 14 साल, जबकि आरोपी की उम्र 16 साल के नाबालिग के रूप में की गई है। उधर, पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने के मामले पर मौके पर मौजूद एसडीपीओ ने जांच पड़ताल कर कार्रवाई की बात कही है। घटना कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र की है। घटनास्थल की 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला मृतका के पिता ने बताया कि तीन महीने पहले यानी 13 जनवरी को पड़ोस का रहने वाला नाबालिग मेरी बेटी को घर से भगाकर ले गया था। मेरी बेटी चार बेटियों में तीसरे नंबर पर थी। बेटी को भगाए जाने की शिकायत कुशेश्वरस्थान थाना में की थी। उन्होंने बताया कि आज सुबह आरोपी लड़का मेरी बेटी को ठेला पर लेकर सीएचसी गया था, जहां डॉक्टर ने इलाज से पहले ही मेरी बेटी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद लड़का मेरी बेटी की लाश लेकर अपने घर आ गया। इस बात की जानकारी किसी ने हम लोगों को दी। जब हम लोग लड़के के घर गए तो देखा कि मेरी बेटी की लाश पड़ी है। मृतका के पिता के मुताबिक, 13 जनवरी को जब मेरी बेटी को आरोपी भागकर ले गया था, तब हम लोग लड़के के घर पहुंचे थे। उनके परिजन से कहा था कि हमारी बेटी को वापस कर दो। नाबालिग आरोपी के घरवालों ने मुझसे कहा था कि मेरा बेटा आपकी लड़की को कहां लेकर गया है, इसकी जानकारी मुझे भी नहीं है, वो जैसे आएगा, आपकी लड़की आपको सौंप देंगे, लेकिन दो महीने पहले जब आरोपी मेरी बेटी को लेकर आया, तो मेरी बेटी को मेरे हवाले नहीं किया गया। ‘बेटी ने कॉन्टैक्ट नहीं किया सोचा कि खुश होगी’ मृतका के पिता ने कहा कि जब दो महीने पहले आरोपी मेरी बेटी को घर लेकर आया तो इसकी जानकारी हम लोगों को हुई। लेकिन जब बेटी ने हम लोगों से संपर्क नहीं किया तो हम लोगों ने सोचा कि बेटी खुश होगी, इसलिए हम लोगों ने तय किया कि बेटी ने अगर अपनी मर्जी से लड़के से शादी की है, तो हम लोगों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से बेटी को परेशान किए जाने की जानकारी हम लोगों को मिल रही थी। पता चला था कि इस्लाम कबूल करने के लिए मेरी बेटी के साथ मारपीट की जाती है, जब मेरी बेटी को इसके लिए कहा जाता है, तो वो इनकार कर देती है। ‘मृतका के मौसा पर आरोपी नाबालिग ने चाकू से किया हमला’ मृतका के मौसा ने बताया कि सुबह मैं खेत में काम कर रहा था। इस दौरान मुझे जानकारी मिली कि भतीजी की हत्या हो गई है। मैं घर न जाकर सीधा आरोपी के घर पहुंचा, वहां देखा कि मेरी भतीजी की लाश पड़ी है। मेरे साढ़ू और उनकी पत्नी मौके पर ही थे। मैंने आरोपी नाबालिग को देखा और उसे पकड़ने के लिए दौड़ा, तभी आरोपी ने मेरे कमर पर चाकू से हमला कर दिया और फरार हो गया। वहीं, मृतका की चाची ने बताया कि भतीजी जब घर से गई थी तो हम लोगों ने सोचा था कि अपनी मर्जी से गई है, वापस लौट आएगी। इसलिए पुलिस को आवेदन देने के बाद दोबारा थाना नहीं गए। उन्होंने कहा कि अब मेरी भतीजी को मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं करने पर मार डाला गया है। एसडीपीओ बोले- मामले की पड़ताल की जा रही है घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नाबालिग की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आरोपी नाबालिग को भी पकड़ लिया है और उससे पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में लड़के ने बताया कि है कि उसकी पत्नी को बुखार था, बुखार की वजह से ही उसकी मौत हुई है। मौके पर मौजूद प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नाबालिग लड़की की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। मौत के कारणों के संबंध में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा। उन्होंने बताया कि लड़की के परिजन की ओर से आवेदन दिए जाने और कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप भी लगा है। इस संबंध में कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के तत्कालीन एसएचओ अंकित चौधरी से बात की है, उन्होंने कहा है कि आवेदन ही नहीं मिला था। जब एसडीपीओ से कहा गया कि लड़की के पिता की ओर से थाना में दिए गए आवेदन की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल है, इसके जवाब में प्रभाकर तिवारी ने कहा कि इस मामले में जांच पड़ताल की जा रही है, अगर मामला सही होता है, तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गर्मियों में आम का सही चुनाव कैसे करें? लू से बचाव और एनर्जी होगी बूस्ट, जानिए डाइटीशियन की राय

Last Updated:April 13, 2026, 16:10 IST गर्मी आते ही बाजारों में आम की खुशबू और स्वाद दोनों छा जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कच्चा और पका आम सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि सेहत का भी सुपरफूड है? जानिए डाइटीशियन से इसके जबरदस्त फायदे… गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजारों में आम की मिठास घुलने लगती है. फलों का राजा कहा जाने वाला आम अब फरीदाबाद की मंडियों में भी पहुंच चुका है और लोगों की थालियों में अपनी खास जगह बना रहा है. कोई कच्चे आम की खट्टी-मीठी चटनी का आनंद ले रहा है तो कोई पके आम के रसदार स्वाद का मजा ले रहा है. तेज धूप और लू के बीच कच्चे आम से बना पन्ना लोगों को राहत देता है, जबकि पके आम शरीर को ऊर्जा से भर देते हैं. लोकल18 से बातचीत में सर्वोदय हॉस्पिटल फरीदाबाद की चीफ डाइटीशियन डॉ. मीना कुमारी बताती हैं कि कच्चा और पका आम दोनों ही अपने-अपने तरीके से सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. गर्मियों की शुरुआत में आने वाला कच्चा आम अक्सर चटनी और आम पन्ना के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यह स्वाद में तो लाजवाब होता ही है, साथ ही लू से बचाने में भी मदद करता है और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए लाभकारी होता है. डॉ. मीना के अनुसार, कच्चे आम का पन्ना शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और शरीर को ठंडक पहुंचाता है. गर्मियों में यह डिहाइड्रेशन और लू से बचाव में भी अहम भूमिका निभाता है, जिससे त्वचा भी सुरक्षित रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google वहीं दूसरी ओर, पका आम भी पोषण से भरपूर होता है. इसमें प्राकृतिक शुगर पाई जाती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है. इसमें मौजूद विटामिन A आंखों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. जो लोग दुबले-पतले हैं, उनके लिए पका आम वजन बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है. डॉ. मीना यह भी सलाह देती हैं कि घर पर बना मैंगो शेक ज्यादा सुरक्षित और हेल्दी विकल्प है. बाहर मिलने वाले मैंगो शेक में अक्सर अतिरिक्त चीनी और प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. कई बार ये शेक लंबे समय तक स्टोर किए जाते हैं, जिससे इनके स्वाद और गुणवत्ता पर असर पड़ता है. इसलिए गर्मियों में आम का सेवन जरूर करें, लेकिन संतुलित मात्रा और सही तरीके से करें. कच्चा हो या पका, दोनों ही रूपों में आम न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित होता है. बस जरूरत है सही चुनाव और सही सेवन की, ताकि आप इस गर्मी में स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का पूरा आनंद ले सकें. First Published : April 13, 2026, 16:10 IST
लिवर में जमी गंदगी बिना दवा के हो जाएगी साफ, डॉक्टर शुभम वत्स्य ने बताए 7 आसान तरीके, देखें वीडियो

Natural Liver Detox Tips: लिवर हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर से टॉक्सिक एलीमेंट्स को बाहर निकालने, पाचन में मदद करने और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने का काम करता है. खराब खानपान, ज्यादा तला-भुना भोजन, शराब का सेवन और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण लिवर में धीरे-धीरे गंदगी और फैट जमा होने लगता है, जिससे फैटी लिवर जैसी समस्याएं हो सकती हैं. गैस्ट्रो के मशहूर डॉक्टर शुभम वत्स्य ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में बताया है कि कुछ फूड्स लिवर डिटॉक्स करने में चमत्कारी होते हैं. इन मैजिक फूड्स का सेवन करने से नेचुरल तरीके से लिवर डिटॉक्स होता है.
रिटायर्ड डीएसपी पर दर्ज केस निरस्त करने की मांग:मंदसौर में सौंपा ज्ञापन; पन्ना में सीट बेल्ट विवाद को गंभीर अपराध बनाने का आरोप

मध्य प्रदेश पुलिस पेंशनर्स संघ के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह परिहार (सेवानिवृत्त टीआई) के नेतृत्व में मंदसौर में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय भोपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मंदसौर कंट्रोल रूम में सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर को दिया गया। ज्ञापन में जिला पन्ना के मडला थाना क्षेत्र में 80 वर्षीय सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) भारत सिंह चौहान और उनकी 76 वर्षीय पत्नी राजश्री चौहान के साथ कथित अभद्र व्यवहार और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण को निरस्त करने की मांग की गई है। यह है पूरा मामला संघ के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 को भारत सिंह चौहान अपनी पत्नी के साथ कार से पन्ना-छतरपुर नेशनल हाईवे-39 से गुजर रहे थे। इसी दौरान मंडला थाने के सामने वाहन चेकिंग की जा रही थी। पेंशनर्स संघ का आरोप है कि आरक्षक को वाहन चेकिंग का वैधानिक अधिकार नहीं था, इसके बावजूद वाहन रोका गया और चौहान दंपती के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। संघ का दावा है कि इस घटना का वीडियो फुटेज भी मौजूद है, जिसमें दंपती द्वारा समझाइश दी जाती दिखाई दे रही है। आर्म्स एक्ट में केस दर्ज करने पर सवाल ज्ञापन में कहा गया है कि चौहान की पत्नी के पास मौजूद लाइसेंसी बंदूक को लेकर पुलिस ने गलत आरोप लगाते हुए यह दर्शाया कि आरक्षक पर बंदूक तानकर धमकी दी गई, जबकि वीडियो में ऐसा कोई तथ्य नहीं दिखता। इसके बावजूद थाना प्रभारी उप निरीक्षक रचना पटेल द्वारा एक आरक्षक की रिपोर्ट के आधार पर गंभीर प्रकरण बना दिया गया। संघ ने इसे “असत्य एवं मनगढ़ंत कहानी” बताते हुए कहा कि केवल सीट बेल्ट न पहनने जैसे सामान्य मोटर व्हीकल एक्ट के मामले को अनावश्यक रूप से गंभीर अपराध में बदल दिया गया। “80 साल के पेंशनर से बाधा संभव नहीं” ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 35-40 वर्षों तक पुलिस सेवा देने वाले 80 वर्षीय अधिकारी और उनकी 76 वर्षीय पत्नी द्वारा 8-10 पुलिसकर्मियों के शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना तर्कसंगत नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि मामला तथ्यों के विपरीत दर्ज किया गया है। पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें पुलिस पेंशनर्स संघ ने दावा किया कि प्रदेशभर में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के साथ थानों व अन्य संस्थानों में अभद्र व्यवहार की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे पेंशनर्स में आक्रोश बढ़ रहा है। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से निम्न मांगें रखीं भारत सिंह चौहान एवं उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज प्रकरण को खारिज किया जाए। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। मप्र पुलिस मैन्युअल के नियम 64(11) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। निष्पक्ष जांच के लिए मामले की जांच पन्ना जिले के बाहर के किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए। वीडियो फुटेज को जांच का आधार बनाया जाए।







