उमरिया में मधुमक्खियों ने किसान पर किया हमला, मौत:खेत में गेहूं काटने के लिए गए थे बुजुर्ग, बोझा बांधते समय हादसा

उमरिया के इंदवार थाना क्षेत्र के पनपथा गांव में मधुमक्खियों के हमले से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। वे खेत में गेहूं कटाई का काम कर रहा था। मृतक की पहचान गोविंद जायसवाल (65) के रूप में हुई है। वे अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित सोसायटी के पास खेत में गेहूं कटाई के बाद बोझा बांध रहे थे। मधुमक्खियों के हमले से किसान की हुई मौत इसी दौरान खेत के पास एक बरगद के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते से अचानक झुंड बाहर निकला और गोविंद जायसवाल पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने उनके पूरे शरीर को घेर लिया। मधुमक्खियों के लगातार डंक मारने से उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। ग्राम पंचायत पनपथा के सरपंच मूलचंद ने बताया कि यह हादसा गेहूं कटाई के बाद बोझा बांधते समय हुआ।
कर्नाटक कांग्रेस में दरार: मुख्यमंत्री के सचिव को हटाया जा सकता है, ‘एसडीपीआई लिंक’ को लेकर मंत्री सवालों के घेरे में | बेंगलुरु-न्यूज़ न्यूज़

आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 12:42 IST कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान उन रिपोर्टों से बहुत परेशान है कि कुछ नेताओं ने कथित तौर पर दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में एक एसडीपीआई उम्मीदवार को वित्त पोषित और समर्थन किया था। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया. (पीटीआई फ़ाइल) कर्नाटक कांग्रेस के भीतर एक बड़ी आंतरिक दरार पैदा हो गई है, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव नसीर अहमद को हटाए जाने की संभावना है और दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के दौरान सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के साथ कथित संबंधों को लेकर वरिष्ठ मंत्री ज़मीर अहमद खान गहन जांच के दायरे में आ रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान उन रिपोर्टों से बहुत परेशान है कि राज्य इकाई के भीतर कुछ नेताओं ने कथित तौर पर दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में एक एसडीपीआई उम्मीदवार को वित्त पोषित और समर्थन किया, एक गंभीर पार्टी विरोधी गतिविधि के रूप में देखा गया। पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम करने के आरोपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व के बढ़ते दबाव के बीच, मुख्यमंत्री और कांग्रेस आलाकमान के बीच शनिवार को कथित तौर पर देर रात विचार-विमर्श हुआ। 2 रिपोर्ट सूत्रों ने संकेत दिया कि दो अलग-अलग रिपोर्ट – एक खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई और दूसरी एआईसीसी सचिव अभिषेक दत्त द्वारा प्रस्तुत – ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में नसीर अहमद, मंत्री ज़मीर अहमद खान और एमएलसी जब्बार की कथित संलिप्तता को चिह्नित किया। कथित तौर पर रिपोर्ट में वैकल्पिक उम्मीदवारों को आगे बढ़ाने से लेकर एसडीपीआई उम्मीदवार अफसर कोडलिपेटे को कथित फंडिंग तक के उदाहरणों का विवरण दिया गया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि खुफिया सूचनाओं ने दावणगेरे दक्षिण में एसडीपीआई उम्मीदवार के समर्थन में इनमें से कुछ नेताओं से कथित तौर पर जुड़े वित्तीय लेनदेन की ओर इशारा किया है। कहा जाता है कि कांग्रेस नेतृत्व इस बात से विशेष रूप से चिंतित है कि एसडीपीआई को प्रोत्साहित करना अंततः पार्टी के लिए दीर्घकालिक राजनीतिक चुनौती पैदा कर सकता है। अल्पसंख्यकों को कांग्रेस के साथ खड़ा होना होगा: रिजवान अरशद कांग्रेस एमएलसी रिजवान अरशद, जिन्हें दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के दौरान स्थिति को संभालने के लिए पार्टी द्वारा नियुक्त किया गया था, ने कहा, “कुछ लोगों ने कांग्रेस के वोटों को विभाजित करने की कोशिश की और भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने वोटों को विभाजित करने के लिए अपने समर्थकों को भी भेजा। यह सब पार्टी को पता है, और मुझे इसे बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन उनके प्रयास सफल नहीं हुए।” अरशद ने कहा, “कुछ लोग ‘मैं’ के संदर्भ में सोच सकते हैं, लेकिन हमारे लिए कोई ‘मैं’ नहीं है। हमारी असली चिंता भाजपा और संघ परिवार की विचारधारा है। हमें संविधान के साथ खड़ा होना चाहिए। अल्पसंख्यकों को कांग्रेस पार्टी के साथ खड़ा होना चाहिए, जो संविधान के लिए खड़ी है- अन्यथा, हमारे लिए कोई भविष्य नहीं होगा।” विवाद विवाद की जड़ उपचुनाव से पहले उम्मीदवार चयन तनाव भी है। सूत्रों ने कहा कि तीन नेताओं ने दावणगेरे दक्षिण में एक अल्पसंख्यक उम्मीदवार – सादिक पेलवान – के लिए जोरदार दबाव डाला था। कथित तौर पर स्थिति आंतरिक असंतोष में बदल गई, जिससे मुख्यमंत्री को वरिष्ठ अल्पसंख्यक नेताओं द्वारा बंद कमरे में विचार-विमर्श करने के बाद गुस्सा शांत करने के लिए रिजवान अरशद और सलीम अहमद जैसे दूसरी पंक्ति के मुस्लिम नेताओं पर भरोसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। समझा जाता है कि आलाकमान इस बात से विशेष रूप से नाराज है कि कथित तौर पर असंतोष मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले नेताओं से उत्पन्न हुआ है। एमएलसी जब्बार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और नसीर अहमद को उनके पद से हटाए जाने की संभावना के बाद अब ध्यान मंत्री जमीर अहमद खान की ओर है। सूत्रों ने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री आसन्न फेरबदल के दौरान ज़मीर को मंत्रिमंडल से हटाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि आगे की कार्रवाई आसन्न हो सकती है क्योंकि पार्टी दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव विवाद के नतीजों को रोकने का प्रयास कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 12:41 IST समाचार शहर बेंगलुरु-समाचार कर्नाटक कांग्रेस में दरार: मुख्यमंत्री के सचिव को हटाया जा सकता है, ‘एसडीपीआई लिंक’ को लेकर मंत्री सवालों के घेरे में अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस में दरार(टी)सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव(टी)नसीर अहमद को हटाना(टी)ज़मीर अहमद खान एसडीपीआई लिंक(टी)दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव(टी)एसडीपीआई उम्मीदवार फंडिंग(टी)कांग्रेस आंतरिक असंतोष(टी)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल
विराट कोहली की जर्सी पाकर खुश हुईं कोरियन कंटेंट क्रिएटर:RCB की जर्सी को किस किया, कहा- मैं कोरियन RCB फैन हूं

IPL टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की फैन और दक्षिण कोरियाई कंटेंट क्रिएटर मिशेल का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे भारत से आए एक पार्सल को अनबॉक्स करती नजर आईं। पार्सल में RCB की लाल जर्सी थी, जिस पर नंबर 18 और विराट कोहली लिखा हुआ था। जर्सी देखते ही मिशेल ने इसे गले से लगाया और पहनकर अपनी खुशी जाहिर की। मिशेल ने अपने वीडियो में कहा कि लोग कहते हैं RCB के पास ग्लोबल फैंस नहीं हैं, लेकिन वे कोरिया से टीम को पूरा सपोर्ट करती हैं। कंटेंट क्रिएटर ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, ‘मैं एक कोरियन RCB फैन हूं। मुझे जर्सी भले ही देर से मिली हो, लेकिन टीम के लिए मेरा प्यार कभी देर से नहीं आया।’ वीडियो पर लोगों के जबरदस्त रिएक्शन सामने आए मिशेल के वीडियो पर कई लोगों ने रिएक्शन दिया। एक यूजर ने लिखा, “RCB का फैन होकर मैं बहुत खुश हूं।” वहीं, दूसरे ने कहा, “RCB सिर्फ एक फ्रेंचाइजी नहीं, हमारी भावनाएं हैं।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “कोई इन्हें RCB मैच का टिकट दिला दो।” मिशेल RCB पर कई वीडियो बना चुकी हैं मिशेल इंस्टाग्राम पर @sausabe के नाम से जानी जाती हैं। उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर करीब 32.6K फॉलोअर्स हैं। वो अपने इंस्टाग्राम पर मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, ट्रैवल से जुड़े वीडियो शेयर करती हैं। उन्होंने RCB, विराट कोहली और भारतीय क्रिकेट टीम से रिलेटेड कई कंटेंट भी पोस्ट किए हैं। वे अक्सर RCB की जर्सी पहनकर वीडियो बनाती हैं। मिशेल भारत की यात्रा कर चुकी हैं और उन्होंने यहां की कई ट्रैवल रील्स शेयर की हैं।
क्या आप प्लास्टिक वाली अरहर दाल खा रहे हैं? घर पर 2 मिनट में करें वॉटर टेस्ट, तुरंत पकड़ी जाएगी मिलावट

Last Updated:April 12, 2026, 12:02 IST Is Your Arhar Dal Safe: बाजार में मिलने वाली अरहर दाल में खतरनाक मिलावट हो रही है. दाल का रंग चटक करने के लिए इसमें मेटानिल येलो नामक केमिकल मिलाया जाता है, जो सेहत के लिए खतरनाक होता है. हालांकि घर पर पानी टेस्ट के जरिए मिलावट को आसानी से पहचान सकते हैं. इससे आपको पता लग जाएगा कि दाल में रंग मिलाया गया है या नहीं. अरहर दाल की मिलावट वॉटर टेस्ट से चेक की जा सकती है. How to Identify Fake Arhar Dal At Home: आजकल बाजार में मिलने वाली अधिकतर चीजों में भयंकर मिलावट हो रही है. दूध, दही, पनीर, फल, सब्जी से लेकर दालों में खतरनाक केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं, जो सेहत के लिए जानलेवा हो सकता है. दालों में खतरनाक केमिकल्स और रंगों की मिलावट पाई जाती है. कई जगह आपने प्लास्टिक जैसी चमकदार अरहर दाल बिकते हुए देखी होगी, जो नेचुरल से काफी ज्यादा पीली होती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जिस केमिकल से यह दाल पीली की जाती है, वह खाने लायक नहीं होता है और उसका इस्तेमाल कपड़ों और चमड़े की चीजों में किया जाता है. ऐसी दाल को खाने से पहले एक बार वॉटर टेस्ट जरूर करना चाहिए, ताकि पता चल सके कि दाल में मिलावट है या नहीं. अरहर दाल में कौन सा रंग मिलाया जाता है? एक्सपर्ट्स की मानें तो अरहर दाल को प्लास्टिक जैसा चमकदार बनाने के लिए इसमें मेटानिल येलो (Metanil Yellow) नामक सिंथेटिक केमिकल मिलाया जाता है. इसका उपयोग आमतौर पर कपड़ा और चमड़ा इंडस्ट्री में किया जाता है. यह केमिकल खाने लायक नहीं होता है, लेकिन फिर भी इसे दाल, हल्दी और अन्य खाद्य पदार्थों में चमक बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है. यह शरीर के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है और लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर, किडनी और पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है. इसका ज्यादा सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा सकता है. दाल में रंग की मिलावट कैसे पहचानें? दाल में मिलावट पहचानने का सबसे आसान तरीका वॉटर टेस्ट है. आप घर पर इस आसान तरीके से दाल में रंग की मिलावट पहचान सकते हैं. इसके लिए एक गिलास पानी लें और उसमें कुछ मिनट के लिए अरहर दाल डालें. अगर दाल में कोई कृत्रिम रंग मिला होगा, तो पानी का रंग पीला या हल्का बदरंग हो जाएगा. असली और बिना मिलावट वाली दाल पानी में सामान्य रहेगी और उसका रंग नहीं छोड़ेगी. यह आसान टेस्ट घर पर ही 2 मिनट में मिलावट पकड़ने में मदद कर सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. मिलावटी दाल खाने से क्या नुकसान हैं? मिलावटी दाल का नियमित सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे पेट दर्द, उल्टी, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक मेटानिल येलो जैसे केमिकल्स का सेवन लवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है. यह मिलावट आम लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है. दाल खरीदते वक्त जरूर बरतें ये सावधानी दाल खरीदते समय हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें. बहुत ज्यादा चमकदार या असामान्य रूप से पीली दाल से बचें. पैकेज्ड दाल पर FSSAI मार्क जरूर देखें. साथ ही, घर पर पानी परीक्षण जैसे सरल तरीकों से समय-समय पर मिलावट की जांच करते रहें. थोड़ी सावधानी आपकी सेहत को बड़े खतरे से बचा सकती है. खाने-पीने की चीजों में मिलावट एक गंभीर समस्या है, जो हमारी सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है. चमकदार दाल दिखने में भले ही अच्छी लगे, लेकिन इसके पीछे छिपे खतरनाक केमिकल्स शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं. इसलिए जागरुक रहें और सतर्क रहें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 12:02 IST
भिंड में प्रेमी से करवाई पति की हत्या:पत्नी ने रची लूट की झूठी कहानी; अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ आरोपी

भिंड के खिरिका गांव निवासी नीलेश जाटव की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि उसकी पत्नी रूबी जाटव ने ही अपने प्रेमी विशाल जाटव के साथ मिलकर बुधवार रात 8 बजे रमटा गांव के पास इस वारदात को अंजाम दिया था। प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर रूबी ने पर्स गिरने का बहाना कर बाइक रुकवाई और घात लगाए बैठे विशाल ने नीलेश को गोली मार दी। पुलिस ने महिला की लूट की झूठी कहानी का पर्दाफाश करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। पर्स गिरने के बहाने रुकवाई बाइक, प्रेमी ने पीठ में मारी गोली वारदात 3 दिन पहले रची गई योजना के तहत हुई। रूबी अपनी 3 साल की बेटी को डॉक्टर को दिखाने के बहाने देर तक भिंड में रुकी और अंधेरा होने पर पति के साथ घर के लिए निकली। पूर्व योजना के तहत विशाल अपने साथी राजेश कुशवाह के साथ रमटा गांव के पास घात लगाकर बैठा था। रूबी ने पर्स गिराकर बाइक रुकवाई। जैसे ही नीलेश उतरा, विशाल ने 12 बोर के कट्टे से उसकी पीठ में गोली मार दी। इसके बाद राजेश डरकर बाइक से और विशाल खेतों के रास्ते भाग गया। पत्नी ने की ड्रामेबाजी, कहा- लूट करने आए थे गोली चलने के बाद मौके पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई। महिला सड़क किनारे बैठकर ड्रामेबाजी करने लगी और खुद को अनजान बताती रही। उसने गुमराह करते हुए पुलिस और परिजनों से कहा- “पीछे पीछे आए। गोली मार दी। लूट करने के लिए आए थे। दो को देखा है दोनों ने चेहरा ढक रखा था। अंधेरे में भागे।” घटना के बाद रूबी और विशाल ने आपस में संपर्क बंद कर दिया और कॉल हिस्ट्री भी डिलीट कर दी थी। मृतक का चचेरा भाई है आरोपी, अंतिम संस्कार में मौजूद रहा नीलेश और आरोपी विशाल के दादा सगे भाई थे। दोनों का गांव में आमने-सामने मकान भी है। करीबी रिश्तेदारी के चलते विशाल पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार तक परिजनों के बीच शामिल रहा और पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखता रहा। शादी से पहले से चल रहे इस प्रेम प्रसंग पर उम्र के अंतर के कारण परिवार ने आपत्ति जताई थी और रूबी की शादी नीलेश से करा दी थी। दिल्ली से लौटकर पत्नी पर रख रहा था नजर नीलेश के दिल्ली में रहने के दौरान रूबी कई बार विशाल के साथ भिंड आती-जाती थी। जब नीलेश को इस अवैध संबंध की जानकारी हुई, तो वह जनवरी से गांव में ही रहने लगा और दोनों पर नजर रखने लगा। नीलेश को दोनों की बातचीत पर आपत्ति थी और यही हत्या का कारण बनी, जिसके चलते रूबी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
एक किलोमीटर दूर से ला रहे पीने का पानी:पन्ना के रहुनियां गांव में नल-जल योजना फेल, पाइप बिछाए, लेकिन सप्लाई नहीं

पन्ना के ग्राम पंचायत रहुनियां में ग्रामीण जल संकट का सामना कर रहे हैं। यहां के हैंडपंपों से सफेद पानी की जगह लाल रंग का पानी निकल रहा है, जो पीने या कपड़े धोने लायक नहीं है। ग्रामवासी कमल सिंह ने बताया कि पीएचई विभाग द्वारा गांव में पांच हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन वे ग्रामीणों की प्यास बुझाने में असमर्थ हैं। इन हैंडपंपों से निकलने वाला पानी कुछ ही देर में लाल हो जाता है। सपना बाई नामक ग्रामीण ने बताया कि यह पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और कपड़ों को भी खराब कर रहा है। सरकारी हैंडपंपों के अनुपयोगी होने के कारण ग्रामीणों को निजी खेतों में बने कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में महिलाएं सिर पर बर्तन रखकर लगभग एक किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाने को विवश हैं। ग्रामवासी पप्पू सिंह के अनुसार माध्यमिक शाला में भी पानी की गंभीर समस्या है। यहां लगा हैंडपंप कई साल से खराब है। जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइन की मोटर भी खराब हो चुकी है, जिससे स्कूल में पानी की आपूर्ति बाधित है। गांव में एक जल टंकी का निर्माण किया गया है, लेकिन यह केवल ढांचा बनकर रह गई है। इसमें न तो पाइपलाइन बिछाई गई है, न नल कनेक्शन दिए गए हैं और न ही पानी के मुख्य स्रोत से इसे जोड़ा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन की योजनाएं रहुनियां में प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाई हैं। मामले में जगदीश आदिवासी, पंचायत सहायक सचिव, रहुनियां से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पंचायत का एक सार्वजनिक कुआं है पर पानी कम है। हैंडपंपों के लाल पानी की जांच पीएचई से कराई जाएगी। टंकी बन चुकी है, जल्द ही योजना पूरी होगी और समस्या खत्म हो जाएगी।
बिजली कटौती से पानी सप्लाई ठप:सीहोर में लोगों की मुश्किल बढ़ी, दो दिन बाद भी नहीं मिला पेयजल

सीहोर में रविवार को अवकाश के दिन सुबह से ही बिजली कटौती कर दी गई, जिसका सीधा असर पेयजल सप्लाई पर पड़ा। दो दिन के अंतराल के बाद आज ही पानी सप्लाई का दिन था, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच पाया। कई इलाकों में पानी की किल्लत रविवार को 11 केवीए लूनिया, सुभाष और तहसील फीडर बंद किए गए। इससे लूनिया मोहल्ला, पुराना बस स्टैंड, वाल्मीकि मोहल्ला, भोपाली फाटक, पीडब्ल्यूडी, तहसील चौराहा, श्रीराम कॉलोनी, नेहरू कॉलोनी और मछली पूल क्षेत्र में सुबह से बिजली आपूर्ति ठप रही। इन इलाकों में पेयजल सप्लाई होनी थी, लेकिन बिजली कटौती के कारण पानी नहीं पहुंच सका। नगर पालिका की मांग भी नहीं मानी पेयजल सप्लाई का दिन होने के कारण नगर पालिका ने बिजली कंपनी से कटौती का समय बदलने की मांग की थी, लेकिन कंपनी ने उल्टा नगर पालिका को ही पानी सप्लाई का समय बदलने की सलाह दे दी। लोगों में बढ़ रहा आक्रोश सीहोर नगर सहित पूरे जिले में लोग विद्युत वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। घोषित और अघोषित बिजली कटौती लगातार बढ़ रही है, खासकर छुट्टी के दिनों में। भीषण गर्मी में पानी और बिजली दोनों की किल्लत से लोग परेशान हैं। पहले भी हो चुका है विरोध पिछले दिनों अघोषित बिजली कटौती से नाराज लोगों ने मंडी क्षेत्र में चक्का जाम भी किया था, लेकिन इसके बावजूद कंपनी के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ है। बिजली कंपनी के सहायक अभियंता (एई) अतुलेश सिंह के अनुसार, कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां बिजली लाइनों से टकरा रही थीं। इन्हें हटाने के लिए बिजली कटौती की गई।
दावा- सलमान की 'मातृभूमि' में चीन का नाम नहीं होगा:रक्षा मंत्रालय की आपत्ति के बाद कंटेंट में बदलाव, 40% फिल्म रीशूट

सलमान खान की अपकमिंग फिल्म मातृभूमि को लेकर नई खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं ताकि भारत-चीन के बेहतर होते कूटनीतिक संबंधों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। गौरतलब है कि फिल्म का नाम पहले बैटल ऑफ गलवान रखा गया था, जिसे इस साल बदलकर मातृभूमि कर दिया गया। यह फिल्म 2020 में भारत और चीन के बीच हुए संघर्ष पर आधारित थी। हाल ही में दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हुए हैं, इसलिए रक्षा मंत्रालय को फिल्म के कंटेंट को लेकर कुछ आपत्ति थी। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में बताया गया है कि मंत्रालय के निर्देश के अनुसार फिल्म में चीन का नाम नहीं लिया जाएगा। करीब 40% फिल्म दोबारा शूट की गई रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया, “पहले यह फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित थी, लेकिन रक्षा मंत्रालय के कहने पर सलमान खान और डायरेक्टर अपूर्व लाखिया ने फिल्म को दोबारा शूट किया और कहानी में थोड़ा फिक्शन एंगल जोड़ दिया। लगभग 40% फिल्म दोबारा शूट की गई, जिसमें रोमांटिक सीन और बैकस्टोरी भी जोड़ी गई। मेकर्स ने नई फिल्म मंत्रालय को भेजी ताकि उन्हें NOC मिल सके, लेकिन मंत्रालय को अभी भी कुछ चिंताएं हैं।” सूत्र ने आगे बताया, “सलमान खान से यह भी कहा गया कि फिल्म में चीन का नाम बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यह बात पहले ही मेकर्स को बता दी गई थी। इस महीने जो नया वर्जन जमा किया गया है, उसमें चीन का कहीं जिक्र नहीं है।” फिल्म 17 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन शूटिंग और कंटेंट में बदलाव के कारण इसे टाल दिया गया। वहीं दूसरी तरफ, सलमान खान जल्द ही दिल राजू के साथ अपनी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू कर सकते हैं। इस फिल्म में नयनतारा भी नजर आएंगी और इसका डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली करेंगे।
अगर बात-बात में आप भी देते हैं बच्चों को मोबाइल, तो हो जाएं सावधान बढ़ सकते हैं हेल्थ इश्यूज..यहां जानिए डॉक्टर की सलाह

फरीदाबाद: हरियाणा एक ऐसा राज्य जो अपने खिलाड़ियों और मेडल्स के लिए पूरे देश में जाना जाता है, लेकिन आज उसी हरियाणा के फरीदाबाद जैसे शहरों में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है. जहां पहले बच्चे मैदानों में खेलते नजर आते थे अब वहीं छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में मोबाइल फोन दिखाई देता है. धीरे-धीरे उनकी दिनचर्या बदल रही है और यह बदलाव कहीं न कहीं हमारी खेल संस्कृति पर भी असर डाल सकता है. हालांकि, यह भी सच है कि मोबाइल आज पढ़ाई का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल चिंता की वजह बनता जा रहा है. मोबाइल से बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट पर असर Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर Group Head – Physiotherapy ने बताया आजकल बच्चे पढ़ाई, गेम्स और स्क्रीन टाइम के कारण लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे उनका पोस्चर बैठने और खड़े होने का तरीका खराब हो रहा है. लगातार झुककर फोन चलाने से टेक्स्ट नेक सिंड्रोम जैसी समस्या होने लगती है जिससे गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर बुरा असर पड़ता है और बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट पर भी असर देखने को मिलता है. हो सकती हैं कई हेल्थ इश्यूज डॉ. धीरजा ने बताया आजकल कई बच्चे फोन देखते हुए खाना खाते हैं जो बिल्कुल गलत आदत है. बचपन से ही अगर पोस्चर खराब हो जाए, तो आगे चलकर सर्वाइकल पेन, सिर दर्द, कंधों में दर्द, हाथों में झुनझुनाहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं. माता-पिता को भी सतर्क होने की जरूरत डॉ. धीरजा ने बताया ज्यादातर बच्चे झुके हुए नजर आते हैं. एक तरफ घर पर घंटों मोबाइल, और दूसरी तरफ स्कूल में भारी बैग और झुककर पढ़ाई. यह आदत धीरे-धीरे शरीर पर बुरा असर डालती है. ऐसे में माता-पिता को अभी से सतर्क होने की जरूरत है. बड़े लोग जहां 7 से 8 घंटे स्क्रीन पर काम करते हैं वहीं बच्चों के लिए जितना कम मोबाइल इस्तेमाल हो उतना बेहतर है. लगातार एक ही पोजीशन में बैठने से मसल्स पर असर पड़ता है और आगे चलकर कई दिक्कतें हो सकती हैं. इसके अलावा आंखों में दर्द, भारीपन, सांस लेने में दिक्कत और घबराहट जैसी समस्याएं भी गलत पोस्टर की वजह से सामने आती हैं. बच्चों को मोबाइल की आदत लगाना बिल्कुल गलत डॉ. धीरजा ने बताया आजकल बच्चे ज्यादा समय मोबाइल गेम्स में बिताते हैं जिनमें अक्सर मारपीट और आक्रामकता होती है. इससे शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं जो बच्चों की ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं और उनका व्यवहार भी आक्रामक हो सकता है. बच्चों को मोबाइल की आदत लगाना बिल्कुल गलत है. इसकी बजाय माता-पिता को बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए, उनसे बात करनी चाहिए और उन्हें फिजिकल एक्टिविटी के लिए प्रेरित करना चाहिए. ब्राइटनेस न ज्यादा तेज हो और न बहुत डॉ. धीरजा ने बताया अगर मोबाइल इस्तेमाल करना भी हो, तो उसकी ब्राइटनेस न ज्यादा तेज हो और न बहुत कम, मिड लेवल पर रखनी चाहिए. साथ ही मोबाइल को आंखों से थोड़ा दूर रखकर इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आंखों पर कम असर पड़े और भविष्य में रेटिना से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सके.
मक्सी में सड़क हादसा, दो युवक घायल:तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित हुई, सड़क की दरार में फंसी

शाजापुर जिले के मक्सी क्षेत्र में शनिवार रात करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एक युवक को इंदौर रेफर कर दिया गया। दूसरे युवक का इलाज शाजापुर में ही चल रहा है। दोनों घायल युवक शाजापुर के निवासी हैं। वे शनिवार को मोबाइल खरीदने के लिए इंदौर गए थे और वापस लौट रहे थे। मक्सी के पास लौटते समय, सड़क के बीच बनी एक दरार में उनकी बाइक का पहिया फंस गया। इसके कारण बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों युवक सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे में बाइक चला रहे बलराम को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उन्हें इंदौर रेफर किया गया है। दूसरे युवक गणेश को अपेक्षाकृत कम चोटें आई हैं और उनका इलाज शाजापुर जिला अस्पताल में जारी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों की मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इस दुर्घटना के बाद सड़क की खराब स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी भी देखी जा रही है।







