उमरिया में बाघिन का शिकार, पांच गिरफ्तार:करंट लगाकर ली थी जान, 7 दिन बाद मिला था शव

उमरिया में बाघिन के शिकार मामले में गुरुवार रात पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम के चंदिया परियोजना परिक्षेत्र के चंदवार बीट में कक्ष क्रमांक पीएफ 111 के राजस्व क्षेत्र में सोमवार को एक बाघिन का शव मिला था। निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने जांच के बाद यह गिरफ्तारी की है। पूछताछ में सामने आया कि शिकारियों ने 28 और 29 मार्च की रात को जंगली सूअर, चीतल सहित अन्य वन्य प्राणियों के शिकार के लिए बिजली का करंट बिछाया था। इसी करंट की चपेट में आने से बाघिन की मौत हो गई। बाघिन की मौत के बाद शिकारी दहशत में आ गए और उन्होंने उस क्षेत्र में जाना बंद कर दिया। राजस्व क्षेत्र होने के कारण ग्रामीण और किसान वहां से गुजरते थे। इसी दौरान उन्हें बाघिन का शव दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। इनको किया गिरफ्तार वन विभाग की टीम ने सोमवार को शव को जब्त कर जांच शुरू की। मंगलवार को हुए पोस्टमार्टम में पता चला कि मृत बाघिन की उम्र लगभग सात वर्ष थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजेश, नाथू, पुरुषोत्तम, संजय और अल्लू शामिल हैं। टीम ने गुरुवार को इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। करंट लगाकर किया था शिकार संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी ने बताया कि बाघिन का शव 6 अप्रैल को मिला था और तभी से जांच जारी थी। उन्होंने पुष्टि की कि शिकारियों ने बिजली लाइन से करंट लगाकर शिकार किया था। सभी शिकारी मझगंवा गांव के निवासी हैं।
रामपाल के जेल से बाहर आने में हो रही देरी:जेल सुपरिटेंडेंट बोले- कोर्ट से नहीं पहुंचे रिहाई डॉक्यूमेंट; काली स्कॉर्पियो में आया परिवार

हरियाणा के हिसार के सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहा रामपाल 11 साल 4 माह बाद आज जेल से बाहर आएगा। हत्या के 2 मामलों में कोर्ट के आदेश के बाद 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड जमा कराए गए। हालांकि दोपहर 1:30 बजे तक कोर्ट से उसके रिहाई दस्तावेज नहीं पहुंचे थे। जेल सुपरिटेंडेंट रमेश कुमार के मुताबिक, कोर्ट से रिहाई दस्तावेज आने में थोड़ा टाइम लग सकता है। उधर, दिल्ली नंबर की एक डिफेंडर गाड़ी जेल में पहुंच गई है। इसके अलावा काले रंग की स्कॉर्पियो भी जेल में पहुंची है, जिसमें रामपाल का परिवार आया है। चर्चा है कि रामपाल यहां से सीधे सोनीपत आश्रम जा सकता है। इसे देखते हुए कई नाकों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बता दें कि, सतलोक आश्रम मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने रामपाल को दोषी ठहराया था। इस केस में करीब 425 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 58 की गवाही अहम रही। कोर्ट ने सुनवाई के बाद हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। देशद्रोह से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद रामपाल की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ। पहले जानिए वो मामला, जिसमें रामपाल को मिली जमानत 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच टकराव हुआ था। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसी मामले में रामपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सतलोक आश्रम मामले में लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने रामपाल को दोषी ठहराया था। इस केस में करीब 425 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 58 की गवाही अहम रही। कोर्ट ने सुनवाई के बाद हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब देशद्रोह के मामले में जमानत मिलने और बेल बॉन्ड जमा होने के बाद उसकी रिहाई संभव हुई। रामपाल की जेल से रिहाई का रास्ता ऐसे हुआ साफ… रामपाल की रिहाई के अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…
पार्थ पवार ने नई दिल्ली में राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली | “बारामती और मेरे पिता के लिए” | न्यूज18

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दांतों का दर्द और सड़न भूल जाओ! इस पेड़ की टहनी से करें ब्रश, 90 साल की उम्र में भी दांत रहेगा टनाटन!

Last Updated:April 10, 2026, 08:11 IST Ranchi Jajali Plant Brush: रांची के पास खूंटी और कांके में लोग जजाली की टहनी से दातुन करते हैं, इसे प्राकृतिक टूथपेस्ट मानते हैं, बुजुर्गों के दांत मजबूत और साफ बताए गए हैं. यहां के विजेंद्र बताते हैं कि इससे आपके दांत 90 साल तक एकदम टनाटन रहेंगे. आइये जानते हैं इसके बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के आसपास के जैसे खूंटी और कांके के जंगल के साइड के रहने वाले लोग खासतौर पर जजाली नाम के पौधे का इस्तेमाल करते हैं. इसके इस्तेमाल से 80 साल के बूढ़ों का दांत एकदम टनाटन रहता है. एकदम साफ मोती जैसा चमकता हुआ रहता है. कांके में जंगल के समय से रहने वाले विजेंद्र बताते हैं कि प्राकृतिक रूप से इसकी टहनी एंटीबैक्टीरियल है. आइये जानते हैं इसके बारे में. विजेंद्र बताते हैं कि इससे दांत में कीड़ा मकोड़ा नहीं लगता और गंदगी को बहुत अच्छे से साफ करता है. ये प्राकृतिक रूप से टूथपेस्ट का काम करता है. खासतौर पर टूथपेस्ट से जो झाग बनता है. बिल्कुल वैसा ही झाग बनता है. अगर आप इससे ब्रश करेंगे तो आपको लगेगा कि नहीं कि आप टूथपेस्ट इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. मतलब की ये प्राकृतिक टूथपेस्ट जैसा महसूस होता है प्राकृतिक टूथपेस्ट है ये टहनी उन्होंने बताया कि यह एक एकदम प्राकृतिक टूथपेस्ट है. बिल्कुल वैसा ही झाग देखने को मिलता है. इससे खासतौर पर जीभ बहुत बढ़िया से साफ हो जाती है. इसलिए उन्होंने आज तक कभी भी बाजार का ब्रश या फिर टूथपेस्ट इस्तेमाल नहीं किया और आज इस गांव में जितने भी लोग हैं. 80- 90 साल के हैं. उन सभी का दांत एकदम टनाटन रहता है. इसके अलावा ये एंटीबैक्टीरियल के साथ एंटी फंगल भी है. मतलब अगर दांत में या कहीं कोई इंफेक्शन है तो उससे भी बचाता है. यह पूरी तरह प्राकृतिक ह. इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं. मतलब अगर आपके मसूड़े में सूजन जैसा कुछ हो गया है तो आप इससे दातुन करते हैं तो आपको जबरदस्त फायदा मिलेगा. छोटे बच्चों भी दांत में यही करते हैं इस्तेमाल उन्होंने बताया कि हमारे बच्चे अभी 4 साल के हैं. पर बचपन से ही हम उनको इसी के टहनी से दातुन करने का आदत डाल दिए हैं. ताकि बाद में इनको कोई परेशानी ना हो. यहां पर छोटे-छोटे बच्चे आपको इसी का दतुअन करते दिखाई देंगे और दांत ऐसा की रस्सी से ट्रक को खींच लेगा. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 10, 2026, 07:48 IST
नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर और दो कलेक्टर बदले:श्रीकांत होंगे कमिश्नर, सोमेश मिश्रा कलेक्टर, सोनिया मीणा भोपाल में संभालेगी वित्त विभाग

मप्र सरकार ने नर्मदापुरम संभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कमिश्नर समेत नर्मदापुरम और बैतूल जिलों के कलेक्टर के तबादले किए। नर्मदापुरम के कमिश्नर कृष्णगोपाल तिवारी को अब आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है, उनकी जगह साल 2009 बैच के आईएएस श्रीकांत बनोठ को संभागीय कमिश्नर नियुक्त किया गया है। नर्मदापुरम जिले की कमान अब 2013 बैच के आईएएस मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के हाथों में रहेगी। नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना को वल्लभ भवन में अवर सचिव (वित्त) पद पर पदस्थ किया गया है। बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को बड़े जिले रीवा की जिम्मेदारी दी गई है। रीवा नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है। कलेक्टर सोनिया मीना जनवरी 2024 को नर्मदापुरम कलेक्टर का पद संभाला था। अब सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर बनाया गया है। कामकाज और छवि के आधार पर फैसला प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को अधिकारियों के परफॉर्मेंस और प्रशासनिक संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है। नए कमिश्नर श्रीकांत बनोठ को अनुभवी और सख्त प्रशासनिक अधिकारी माना जाता है, जिनसे संभाग में समन्वय और मॉनिटरिंग मजबूत होने की उम्मीद है। नए कलेक्टर सोमेश मिश्रा की पहचान ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले अफसर के रूप में रही है। मंडला में उनके कार्यकाल के दौरान राजस्व और जनसुनवाई मामलों में तेजी देखने को मिली थी। अब नर्मदापुरम में उनसे किसानों, सिंचाई और राजस्व मामलों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने दैनिक भास्कर को बताया नर्मदापुरम कृषि प्रदान जिला है। गेंहू चना समर्थन मूल्य खरीदी प्राथमिकता रहेगी। डॉ. सौरभ सोनवणे शहरी प्रशासन में काम करने का अनुभव रखते हैं। ऐसे में बैतूल जैसे आदिवासी बहुल जिले में उनकी नई चुनौती ग्रामीण विकास, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना होगी। इस बदलाव का सीधा असर अब आम जनता पर दिखेगा। बैतूल में विकास योजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों में कामकाज की रफ्तार बढ़ने की संभावना है। संभाग में हुए इस बड़े फेरबदल को सरकार के प्रशासनिक संतुलन साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अनुभवी और फील्ड में सक्रिय अफसरों की तैनाती से आने वाले समय में विकास कार्यों और शासन की पकड़ मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं।
गोंद कतीरा ड्रिंक: गर्मी के मौसम में पेट को ठंडा करने वाला गोंद कतीरा, जानें बनाने का तरीका, फायदे और सेवन का सही समय

10 अप्रैल 2026 को 07:36 IST पर अपडेट किया गया गोंद कतीरा के फायदे: गोंद कतीरा ड्रिंक एक आसान, सस्ता और असरदार देसी उपाय है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडा और ठंडा रखने में मदद करता है। इसमें शामिल सामग्री में आप गर्मी से होने वाली कई समस्याओं से बच सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)गोंद कतीरा ड्रिंक(टी)गोंड कतीरा ड्रिंक(टी)स्वस्थ पेय(टी)गर्मियों के लिए सबसे अच्छा पेय(टी)गोंड कतीरा(टी)गोंड कतीरा के फायदे(टी)गोंड कतीरा कैसे खाएं
छत्तीसगढ़ में 2 कारें भिड़ीं, 6 लोगों की मौत:मृतकों में 3 महिलाएं, 2 पुरुष और एक बच्चा, शादी से लौट रहा था परिवार

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में देर रात भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। नेशनल हाईवे-30 पर दो कारों की आमने-सामने टक्कर से हादसा हुआ है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार परिवार कांकेर के उड़कुडा का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि सभी चीवरांज में शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव उड़कुडा लौट रहे थे, तभी नाथिया नवागांव के पास उनकी कार दूसरी कार से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार सवार एक ही परिवार के 3 महिला, 2 पुरुष और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरे कार में सवार 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर से दोनों कार बुरी तरह डैमेज हो गई। देखिए पहले ये तस्वीरें- घायलों का इलाज जारी इधर घटना की जानकारी मिलते ही हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और घायलों को फौरन अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। एसपी निखिल राखेचा ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस एसपी ने बताया कि नेशनल हाईवे 30 पर दो कारों की टक्कर में छह लोगों की मौत हुई है और तीन अन्य घायल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके साथ ही मरने वालों की पहचान और बाकी जानकारियां जुटाई जा रही है। घायलों के उपचार के बाद उनसे भी जानकारी ली जाएगी। शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी में रखवाया गया, पीएम के बाद परिजनों को शव सौंपा जाएगा। …………………….. सड़क हादसे से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…. खड़ी ट्रक में घुसी कार..3 CRPF जवान समेत 7 मौतें:बस्तर में तैनात थे, घर लौट रहे थे; बालोद में 3 दोस्तों की गई जान छत्तीसगढ़ में 2 महीने पहले अलग-अलग सड़क हादसों में 3 CRPF जवानों समेत 7 लोगों की जान चली गई थी। पहली घटना धमतरी जिले की है। जहां बस्तर में तैनात जवान छुट्टी पर घर लौट रहे थे। 14 फरवरी की सुबह सभी रायपुर एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे, तभी धमतरी बायपास में उनकी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी ट्रक में जा घुसी। हादसे में 3 जवान और 1 ड्राइवर की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर
पुलिस कस्टडी में मौत-जांच के घेरे में बीजेपी विधायक:सवाल- किसके कहने पर उठाकर लाए टीआई…बेटी बोली- पापा को विधायक ने मरवाया

मैं अपने पापा को खुद से ज्यादा जानती थी। वह कभी आत्महत्या नहीं कर सकते। उनकी हत्या बीजेपी विधायक ललिता यादव ने करवाई है। विधायक के घर में मेरे पापा से मारपीट की गई। उनके शरीर पर चोटों के निशान थे। ये शब्द हैं छतरपुर के सरानी गांव की 13 साल की प्रांशी के। उसके पिता सुरेंद्र सिंह तोमर 4 अप्रैल को घर से निकले थे, लेकिन शाम तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते मिले। ग्वालियर ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि सुरेंद्र ने जहर खाकर सुसाइड किया, लेकिन परिवार इसे सिरे से खारिज कर रहा है। आरोप सीधे बीजेपी विधायक ललिता यादव और उनके बेटे मोनू यादव पर लगाए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर ने इस मामले में परिवार, पुलिस और संबंधित पक्षों से बात कर सच्चाई जानने की कोशिश की। पढ़िए इस ग्राउंड रिपोर्ट में- पुलिस की कहानी: मौत के दिन क्या हुआ…? 4 अप्रैल की सुबह सुरेंद्र घर से निकले। दिन में वह दो बार कोतवाली थाने गए। पुलिस के मुताबिक उन्हें ‘गुंडा परेड’ के लिए बुलाया गया था। दोपहर करीब 1 बजे वह थाने पहुंचे, आमद दर्ज कराई और शाम को आने को कहा गया। इसके बाद वह विधायक निवास पहुंचे। बताया जा रहा है कि वहां उन्होंने गाली-गलौच की। करीब 3 बजे टीआई अरविंद दांगी उन्हें अपनी गाड़ी से थाने लाए, लेकिन थाने में वह कुछ ही मिनट रहे। इसके बाद वह बाहर जाते दिखे और थोड़ी ही दूरी पर बदहवास हालत में मिले। पुलिस उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंची। शाम को परिवार को सूचना दी गई। ग्वालियर रेफर के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार का आरोप: मारपीट के बाद जहर दिया गया सरानी गांव में सुरेंद्र के घर पहुंचने पर गांव वालों और परिवार का गुस्सा साफ दिखता है। मां भानकुंवर रोते हुए कहती हैं-“मेरे बेटे को मरवा दिया गया।” पत्नी ज्योति बताती हैं कि सुबह 11 बजे सुरेंद्र घर से निकले थे। शाम 4 बजे पुलिस हमें लेने आई। अस्पताल पहुंचे तो वो बेहोश थे। पुलिस कह रही थी कि उन्होंने जहर खाया है। 26 जनवरी को मोनू यादव ने सुरेंद्र को फोन पर धमकी दी थी कि तुम्हें बहुत मारेंगे। परिजनों का एक बड़ा सवाल ये भी है कि अगर सुरेंद्र ‘गुंडा’ था, तो वह 5 साल तक टीआई का निजी ड्राइवर कैसे रहा? विधायक परिवार की भूमिका, क्या आरोप लगे- जांच में सामने आया कि सुरेंद्र का गांव में जमीन विवाद चल रहा था। सुरेंद्र ने एक जमीन दानपत्र के जरिए ली थी, जिस पर बाद में विवाद हुआ। परिवार का आरोप है कि यह मामला सरपंच के जरिए मोनू यादव तक पहुंचा। मोनू यादव ने सुरेंद्र का साथ नहीं दिया। सुरेंद्र इस बात से नाराज था और उस दिन वह विधायक निवास पहुंचा और गाली-गलौच की। हालांकि, मोनू यादव इन आरोपों को खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं सुरेंद्र को नहीं जानता। अब जानिए जांच कहां तक पहुंची… मामले की जांच एएसपी आदित्य पटले कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र की मूवमेंट की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। थाने और विधायक निवास के सीसीटीवी फुटेज के लिए डीवीआर जब्त किए गए हैं। पोस्टमार्टम में जहर से मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन रिपोर्ट में कुछ और बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिन लोगों से सुरेंद्र उस दिन मिला, उनके बयान लिए जा रहे हैं। पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ होगी, जिन्होंने उसे बदहवास हालत में देखा था। टीआई अरविंद दांगी को लाइन अटैच कर दिया गया है। विधायक के बेटे के बयान भी लिए जाएंगे। जांच के बाद ही साफ होगा कि यह आत्महत्या है या पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत। टीआई अरविंद दांगी से भी उनका पक्ष जानने के लिए भास्कर ने संपर्क किया लेकिन उन्होंने व्यस्तता का हवाला देते हुए फिलहाल मुलाकात से इनकार कर दिया।
पाकिस्तान में आज अमेरिका-ईरान सीजफायर वार्ता:US उपराष्ट्रपति वेंस शामिल होंगे; अमेरिका की धमकी- जरूरत पड़ी तो फिर हमला करेंगे

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर अहम बातचीत होगी। इस बैठक में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस टीम का नेतृत्व करेंगे। इस बातचीत को आगे की शांति प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बड़े इवेंट से पहले पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में दो दिन की छुट्टी घोषित की है। इससे पहले अमेरिकी सेना की मिडिल ईस्ट कमांड ने कल दावा किया था कि इस युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। यह ऐसा झटका है जिसका असर लंबे समय तक रहेगा। अमेरिका का कहना है कि उसने और उसके साथियों ने ईरान के ठिकानों पर 13,000 से ज्यादा हमले किए हैं। फिलहाल सीजफायर के कारण हमले रोक दिए गए हैं, लेकिन अमेरिकी सेना अभी भी इलाके में मौजूद है और जरूरत पड़ने पर फिर से कार्रवाई कर सकती है। पाकिस्तानी पीएम को नोबेल देने की मांग पाकिस्तान की पंजाब असेंबली में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उपप्रधानमंत्री इशाक डार को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। जियो न्यूज के मुताबिक PML-N के विधायक राणा मुहम्मद अरशद ने प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के नेताओं की मध्यस्थता से ही अमेरिका-ईरान के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर हो पाया और इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता का रास्ता तैयार हुआ। इजराइली हमले से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
हुमायूं कबीर को तगादा झटका, ओसामी ने गठबंधन बनाया, बंगाल में अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी AIMIM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी का गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अपनी जानकारी दी है। हुमायूँ कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मचे बवाल के बाद सोली ने लिया ये फैसला. ‘एक्स’ पर किया गया पोस्ट एआईएमआईएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘हुमायूँ कबीर के ओपनसन ने बंगाल की बाला की सुरक्षा को उजागर किया है। एआईएमआईएम जैसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं किया जा सकता है, जिससे व्यक्तित्व की गरिमा पर सवाल उठाया जा सके। आज से इमाम ने कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस ले लिया है। बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित कोलकाता से एक हैं। दशकों के शासन के बावजूद उनके लिए कुछ नहीं किया गया। किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के संबंध में पार्टी की नीति यही है कि हाशिये पर पड़े कोलकाता को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिली। हम बंगाल चुनाव में स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।’ हुमायूं कबीर के खुलासों से पता चला है कि बंगाल के मुसलमान कितने असुरक्षित हैं. एआईएमआईएम ऐसे किसी भी बयान से संबद्ध नहीं हो सकती जहां मुसलमानों की अखंडता पर सवाल उठाया जाता है। आज तक AIMIM ने कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस ले लिया है. बंगाल के मुसलमान उनमें से एक हैं… – एआईएमआईएम (@aimim_national) 10 अप्रैल 2026 हुमायूँ कबीर के वायरल वीडियो पर हंगामा हुमायूँ कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर गुरुवार (9 अप्रैल) को सामने आया और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। वीडियो में वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संबंध रखते हुए और चुनाव क्षेत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पद पर बिठाने का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं। आर्टिस्टिक कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे साझा किया और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कबीर के साथ कथित तौर पर अख्तर के सहयोगियों की जांच की मांग की। वीडियो में कबीर ने कथित तौर पर कहा है कि कहा जा रहा है कि वह बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए ‘किसी भी हद तक’ जाने के लिए संपर्क तैयार कर रहे हैं और वह शुभेंदु अधिकारी सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं में शामिल हैं। पिछले वर्ष के अंत में ‘आम जनता पार्टी’ की स्थापना करने वाले कबीर के बारे में कुछ दिनों बाद यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने उनसे संपर्क किया था और भाजपा अन्य राज्यों के नेताओं के साथ मिलकर उन्हें सलाह दी थी। वीडियो में कथित तौर पर कहा गया है कि कबीर ने यह भी कहा है कि उनकी रणनीति स्टूडियो कांग्रेस से अल्पसंख्यक दलों को अपने पक्ष में करने के लिए एकजुट-गिरफ्तार है, जिससे संकेत मिलता है कि इस तरह के बदलाव से बीजेपी को वोट के रूप में बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रणनीति में सभी इलेक्ट्रोरेक्टरों को लागू करने के लिए करोड़ों रुपये की आवश्यकता का उल्लेख किया गया है। (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असदुद्दीन ओवेसी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)एआईएमआईएम(टी)हुमाऊंगी कबीर को तगा झटका(टी)ओवैसी नेक्स्टैक्ट अलायंस(टी)बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने वाली एआईएमआईएम(टी)असद मुस्लिम सोमा(टी)हुमायूं कबीर(टी)आम जनता दल यूनाइटेड पार्टी(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026








