नेपाल के प्रधानमंत्री पर सुप्रीम कोर्ट में दखल का आरोप:3 जजों पर इस्तीफे का दवाब बना रहे बालेन शाह; अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को अपने पक्ष में करने की कोशिश के आरोप लगे हैं। तीन अंतरराष्ट्रीय संगठनों एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और इंटरनेशनल कमीशन ऑफ ज्यूरिस्ट्स (ICJ) ने संयुक्त बयान जारी कर यह आरोप लगाया है। संगठनों का कहना कि सरकार तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों पर इस्तीफा देने का दबाव बना रही है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ महाभियोग लाया जा सकता है। संगठनों का कहना है कि सरकार का मकसद सुप्रीम कोर्ट की संरचना बदलना है। उनका आरोप है कि हाल के महीनों में ऐसे कई कदम उठाए गए हैं, जिनसे अदालत की स्वतंत्रता कमजोर हो सकती है और संवैधानिक मामलों की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। मुख्य न्यायधीश की नियुक्ति को लेकर भी विवाद बयान में मनोज कुमार शर्मा को नेपाल का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का कहना है कि नेपाल में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश को ही मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है। इस बार इस परंपरा का पालन नहीं किया गया और मनोज शर्मा को उस समय मुख्य न्यायाधीश बना दिया गया, जब उनसे तीन सीनियर चीफ जस्टिस सपना प्रधान मल्ला, कुमार रेग्मी और हरि फुयाल मौजूद थे। तीन सीनियर जजों पर इस्तीफे का दबाव बयान में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के तीन सीनियर जस्टिस सपना प्रधान मल्ला, कुमार रेग्मी और हरि फुयाल पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है। संगठनों का कहना है कि अब तक इन तीनों के खिलाफ ऐसा कोई सार्वजनिक आरोप या ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि उन्होंने कोई गंभीर संवैधानिक या कानूनी गलती की है। नेपाल के संविधान के अनुसार किसी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को केवल गंभीर आरोप साबित होने और महाभियोग जैसी संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हटाया जा सकता है। अगर बिना ऐसी प्रक्रिया अपनाए या सिर्फ राजनीतिक दबाव के कारण इन न्यायाधीशों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जाता है, तो इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठेंगे। संवैधानिक परिषद में बदलाव पर आपत्ति जताई इन संगठनों ने मई 2026 में संवैधानिक परिषद अधिनियम में अध्यादेश के जरिए किए गए संशोधन पर भी आपत्ति जताई है। नेपाल में संवैधानिक परिषद एक अहम संस्था है। यही परिषद मुख्य न्यायाधीश, चुनाव आयोग, मानवाधिकार आयोग और अन्य संवैधानिक निकायों के प्रमुखों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश करती है। विवाद इस बात पर है कि बालेन शाह सरकार ने मई 2026 में संसद से कानून पारित कराने के बजाय अध्यादेश के जरिए परिषद के काम करने के नियम बदल दिए। पहले बैठक के लिए ज्यादा सदस्यों की मौजूदगी जरूरी थी। नियुक्तियों पर व्यापक सहमति या पूरे परिषद के बहुमत की जरूरत पड़ती थी। लेकिन संशोधन के बाद कम सदस्यों की मौजूदगी में भी बैठक हो सकती है। इतना ही नहीं बैठक में मौजूद सदस्यों के साधारण बहुमत से फैसला लिया जा सकता है।
मानसून में पर्यटन स्थल: बारिश में पहाड़ों पर यात्रा से बचना चाहते हैं? तो आपके लिए वो 6 जगहें हैं जहां घूमने पर कोई खतरा नहीं है

अलपुज्जा, केरला: अलेप्पी को पूर्व का वेनिस कहा जाता है और यह उनके बैकवाटर्स और हाउसबोट के लिए दुनिया भर में मशहूर है। बारिश के बीच हाउसबोट में पानी की सैर का एक अलग ही आनंद मिलता है। छवि: एआई ओरछा, मध्य प्रदेश: बेतवा नदी के किनारे बसा यह ऐतिहासिक शहर की धरोहर बिल्कुल हरा-भरा हो जाता है। शांत महल और पुराना महल आपको बहुत पसंद आएगा। यह यात्रा बिल्कुल भरोसेमंद रहेगी। छवि: एआई दुविधा का गाँव: ऑफ-सीजन के कारण बारिश में गोवा घूमना काफी सस्ता है। यहां आपको हरियाली, शांत समंदर और सैमुअल होटल मिलेंगे। कम बजट वाले यात्रियों के लिए यह सटीक गंतव्य है। छवि: एआई यूके, राजस्थान: बारिश में यूके की झीलें और महल और भी खूबसूरत हो जाते हैं। यहां आप कम बजट में शाही अंदाज का अनुभव ले सकते हैं। जैसे पहाड़ों में कोई जोखिम नहीं। छवि: एआई पुडुचेरी: फ्रेंच स्टाइल की इमारतें बारिश और से धुली सासा सड़कें। पुडुचेरी में बेहद शांत और खूबसूरत नज़ारे हैं। यहां रहना और खाना-पीना काफी बजट-अनुकूल है। छवि: एआई माउंट आबू,राजस्थान: राजस्थान का हिल स्टेशन, पहाड़ों का मतलब है लेकिन यहां जोखिम बराबर नहीं है। बारिश के मौसम में नक्की झील के पास चाय-पकौड़े का बागान जरूर पढ़ें। छवि: एआई डिजाईन ट्रिप पर हमेशा साझीदार बैग, छाता और अच्छी पकड़ वाले उपभोक्ता साथ-साथ रहते हैं। तो देर किस बात की? कम बजट में अपना बैग पैक करें और सुरक्षित जगह पर आनंद लें। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)मानसून ट्रिप प्लान(टी)मानसून ट्रिप(टी)मानसून ट्रिप प्लानिंग(टी)परिवार यात्रा विचार(टी)बजट में युगल यात्रा(टी)सर्वोत्तम स्थान(टी)भारत में सर्वोत्तम स्थान(टी)मानसून में सर्वोत्तम स्थान
दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के लुक पर उठाए सवाल:कहा- रामायण में सीता के घुंघराले बालों का कहीं वर्णन नहीं; मेकर्स ने पोस्टपोन किया ट्रेलर

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायणः पार्ट-1 का ट्रेलर पोस्टपोन हो चुका है। ये ट्रेलर पहले 24 जुलाई यानी आज रिलीज किया जाना था, लेकिन आखिरी वक्त में इसे टाल दिया गया है। इस फैसले से फैंस काफी नाराज दिखे। वहीं दूसरी तरफ रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म में तथ्यों को गलत तरह दिखाने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फिल्म रामायण, टीवी शो रामायण को टक्कर नहीं दे पाएगी। दीपिका चिखलिया ने तथ्य गलत दिखाने पर उठाए सवाल रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता बनीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म रामायण में सीता बनीं साई पल्लवी के घुंघराले बाल दिखाए जाने पर सवाल उठाए। वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने साई पल्लवी पर कहा, “तुलसीदास की रामायण में सीता का वर्णन बादाम जैसी आंखों वाली, एक निश्चित कद-काठी, लंबे बालों और गौर वर्ण वाली स्त्री के रूप में किया गया है। यही बात रामानंद सागर भी तलाश रहे थे और उन्हें वह रूप मुझमें दिखाई दिया।” आगे उन्होंने कहा, “मेरी पहचान आज भी सीता के रूप में है। कई बार लोग मेरा नाम भूल जाते हैं, लेकिन उन्हें याद रहता है कि मैंने सीता का किरदार निभाया था। यही मेरी पहचान है। मुझे लगता है कि हमारी रामायण का प्रभाव फिल्म ‘रामायण’ पर बहुत गहरा रहेगा। महामारी के दौरान जब हमारी रामायण का दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारण हुआ था, तब नई पीढ़ी ने भी उसे देखा। ऐसे में उस छवि को मिटा पाना बहुत मुश्किल है। रामायण में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि सीता जी के घुंघराले बाल थे।” अन्नू कपूर भी उठा चुके हैं साई पल्लवी की कास्टिंग पर सवाल सीनियर एक्टर अन्नू कपूर ने हाल ही में रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। अन्नू कपूर ने हाल ही में जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में बायोपिक नहीं बनानी चाहिए। आगे अन्नू कपूर ने नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म रामायण पर कहा, ‘क्या बनाएंगे, जो बनाएंगे, वो रामानंद सागर की रामायण को टेक्नोलॉजिकली बहुत शू शां और फूं फां और शोशेबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसको आपने सीता का रोल दिया है। सीता मां हैं, इस देश का हिंदू श्री राम चंद्र को नारायण का अवतार मानते हैं और किनको लिया है माता सीता के रोल में। अब आप सोचिए।’ रामायण का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ऑफिशियल सोशल मीडिया से स्टेटमेंट जारी कर ट्रेलर पोस्टपोन होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट से पार्टनरशिप होने के बाद ट्रेलर टाला गया है, क्योंकि वो अब इसे वर्ल्ड लेवल पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। स्टेटमेंट के आखिर में नमित मल्होत्रा ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा, मैं रामायण पर विश्वास रखने वाले सभी प्रशंसकों और समर्थकों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी वजह से यह संभव हो पाया। हमारे देश का युवा ही हमारा भविष्य है। आइए, हम सभी मिलकर अपने भविष्य की रक्षा और उसे बेहतर बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। जय हिंद। 8 नवंबर को रिलीज होगी रामायणः पार्ट-1 बता दें कि एपिक सागा फिल्म रामायण, इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के लुक पर उठाए सवाल:कहा- रामायण में सीता के घुंघराले बालों का कहीं वर्णन नहीं; मेकर्स ने पोस्टपोन किया ट्रेलर

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायणः पार्ट-1 का ट्रेलर पोस्टपोन हो चुका है। ये ट्रेलर पहले 24 जुलाई यानी आज रिलीज किया जाना था, लेकिन आखिरी वक्त में इसे टाल दिया गया है। इस फैसले से फैंस काफी नाराज दिखे। वहीं दूसरी तरफ रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म में तथ्यों को गलत तरह दिखाने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फिल्म रामायण, टीवी शो रामायण को टक्कर नहीं दे पाएगी। दीपिका चिखलिया ने तथ्य गलत दिखाने पर उठाए सवाल रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता बनीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म रामायण में सीता बनीं साई पल्लवी के घुंघराले बाल दिखाए जाने पर सवाल उठाए। वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने साई पल्लवी पर कहा, “तुलसीदास की रामायण में सीता का वर्णन बादाम जैसी आंखों वाली, एक निश्चित कद-काठी, लंबे बालों और गौर वर्ण वाली स्त्री के रूप में किया गया है। यही बात रामानंद सागर भी तलाश रहे थे और उन्हें वह रूप मुझमें दिखाई दिया।” आगे उन्होंने कहा, “मेरी पहचान आज भी सीता के रूप में है। कई बार लोग मेरा नाम भूल जाते हैं, लेकिन उन्हें याद रहता है कि मैंने सीता का किरदार निभाया था। यही मेरी पहचान है। मुझे लगता है कि हमारी रामायण का प्रभाव फिल्म ‘रामायण’ पर बहुत गहरा रहेगा। महामारी के दौरान जब हमारी रामायण का दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारण हुआ था, तब नई पीढ़ी ने भी उसे देखा। ऐसे में उस छवि को मिटा पाना बहुत मुश्किल है। रामायण में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि सीता जी के घुंघराले बाल थे।” अन्नू कपूर भी उठा चुके हैं साई पल्लवी की कास्टिंग पर सवाल सीनियर एक्टर अन्नू कपूर ने हाल ही में रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। अन्नू कपूर ने हाल ही में जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में बायोपिक नहीं बनानी चाहिए। आगे अन्नू कपूर ने नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म रामायण पर कहा, ‘क्या बनाएंगे, जो बनाएंगे, वो रामानंद सागर की रामायण को टेक्नोलॉजिकली बहुत शू शां और फूं फां और शोशेबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसको आपने सीता का रोल दिया है। सीता मां हैं, इस देश का हिंदू श्री राम चंद्र को नारायण का अवतार मानते हैं और किनको लिया है माता सीता के रोल में। अब आप सोचिए।’ रामायण का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ऑफिशियल सोशल मीडिया से स्टेटमेंट जारी कर ट्रेलर पोस्टपोन होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट से पार्टनरशिप होने के बाद ट्रेलर टाला गया है, क्योंकि वो अब इसे वर्ल्ड लेवल पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। स्टेटमेंट के आखिर में नमित मल्होत्रा ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा, मैं रामायण पर विश्वास रखने वाले सभी प्रशंसकों और समर्थकों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी वजह से यह संभव हो पाया। हमारे देश का युवा ही हमारा भविष्य है। आइए, हम सभी मिलकर अपने भविष्य की रक्षा और उसे बेहतर बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। जय हिंद। 8 नवंबर को रिलीज होगी रामायणः पार्ट-1 बता दें कि एपिक सागा फिल्म रामायण, इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
टीवी इंडस्ट्री की पार्टी में ड्रग का बजट होता है:एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री बोलीं- नशे की वजह से कई बार शूटिंग कैंसिल हुई, मैंने भी सारे नशे किए

क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कुसुम और कोई अपना सा जैसे कई सुपरहिट टीवी शोज में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में टीवी इंडस्ट्री और एक्टर्स के नशे करने से जुड़ा एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुद भी कबूला है कि वो सभी तरह के नशे कर चुकी हैं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस ने ये भी दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की पार्टीज के लिए ड्रग का बजट बनता था, कई बार तो शूटिंग तक कैंसिल करना पड़ता था। एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन के पॉडकास्ट में सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बात की। एक्ट्रेस ने कहा कि ड्रग्स ही एक्टर की मौत की वजह बने। उन्होंने कहा- ‘उन्होंने आत्महत्या क्यों की ये मेरी समझ से परे है। लेकिन मुझे लगता है ड्रग्स ही वजह है। पहले हमारी इंडस्ट्री में पार्टी का बजट होता था कि दारू का कितना बजट होगा। अब ड्रग्स का बजट होता है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘आप इसे पसंद करें या न करें, लेकिन मैं खुद भी देखकर शॉक थी कि ड्रग्स का बजट होता है। इसलिए बहुत सालों से मैंने पार्टी करना बंद कर दिया है। अब वो पार्टियां नहीं होतीं कि गाना लगा है चलो डांस करें, अब पार्टीज कुछ अलग होती हैं, पूरी तरह।’ एक्ट्रेस ने दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की बड़ी पार्टीज में खुलेआम ड्रग्स इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन छोटी पार्टीज में ओपनली ड्रग्स इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा- ‘हर कोई जानता है कि सब नशे करते हैं। मैं पर्सनली नहीं जानती कि कौन नशे करता है, लेकिन मैं ऐसी जगह गई हूं, जहां मैंने लोगों को ड्रग्स लेते देखा है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा है, ‘मैं सती सावित्री बनने की कोशिश नहीं कर रही हूं, मैंने अपनी जिंदगी में सारे नशे किए हैं। लेकिन मैंने एक्सपेरिमेंट की तरह किया है कि ये करने से क्या होता है। वर्ना अगर आप ड्रग्स में घुस जाओ, तो जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते हो।’ नारायणी ने आगे कहा, ‘कोकेन की लत लग जाती है। मुझे लगता है कोकेन इंडस्ट्री को खा रही है। ये दुनिया को खा रही है, क्योंकि सभी ड्रग्स करते हैं। मैं बहुत कम लोगों को जानती हूं जो ड्रग्स नहीं करते हैं। मैं ये सब नहीं करती थी, लेकिन जब मैं ऐसी जगह गई, तो मैं वहां लोगों को देखकर शॉक हो जाती थी।’ एक्टर्स खड़े होने लायक नहीं होते, शूटिंग कैंसिल होती है- नारायणी जब आगे एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या एक्टर्स सेट पर या वैनिटी में ड्रग्स लेते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नाम नहीं लेना है, लेकिन ये बहुत होता है। हमारी शूट कैंसिल हुई है, क्योंकि एक्टर्स शूट करने की हालत में नहीं है। महंगे एक्टर्स सेट पर बैठे हैं, लेकिन शूट नहीं हो रही, क्योंकि लोग खड़े होने लायक नहीं हैं। मेरे आखिरी दो शोज में ऐसा नहीं हुआ है, लेकिन पिछले शोज में ये बहुत हुआ है।’ अपने विवादित बयान में नारायणी शास्त्री ने साफ किया है कि वो ड्रग एडिक्ट नहीं हैं, उन्होंने सारे नशे सिर्फ ट्राय करने के लिए इस्तेमाल किए थे। एक्ट्रेस ने सफाई में कहा है कि उन्होंने पहली बार शराब इसलिए पी, जिससे उन्हें पता रहे कि अगर कोई उन्हें छिपकर शराब पिलाए तो पता हो कि उसका स्वाद कैसा है। कौन हैं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री
टीवी इंडस्ट्री की पार्टी में ड्रग का बजट होता है:एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री बोलीं- नशे की वजह से कई बार शूटिंग कैंसिल हुई, मैंने भी सारे नशे किए

क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कुसुम और कोई अपना सा जैसे कई सुपरहिट टीवी शोज में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में टीवी इंडस्ट्री और एक्टर्स के नशे करने से जुड़ा एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुद भी कबूला है कि वो सभी तरह के नशे कर चुकी हैं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस ने ये भी दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की पार्टीज के लिए ड्रग का बजट बनता था, कई बार तो शूटिंग तक कैंसिल करना पड़ता था। एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन के पॉडकास्ट में सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बात की। एक्ट्रेस ने कहा कि ड्रग्स ही एक्टर की मौत की वजह बने। उन्होंने कहा- ‘उन्होंने आत्महत्या क्यों की ये मेरी समझ से परे है। लेकिन मुझे लगता है ड्रग्स ही वजह है। पहले हमारी इंडस्ट्री में पार्टी का बजट होता था कि दारू का कितना बजट होगा। अब ड्रग्स का बजट होता है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘आप इसे पसंद करें या न करें, लेकिन मैं खुद भी देखकर शॉक थी कि ड्रग्स का बजट होता है। इसलिए बहुत सालों से मैंने पार्टी करना बंद कर दिया है। अब वो पार्टियां नहीं होतीं कि गाना लगा है चलो डांस करें, अब पार्टीज कुछ अलग होती हैं, पूरी तरह।’ एक्ट्रेस ने दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की बड़ी पार्टीज में खुलेआम ड्रग्स इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन छोटी पार्टीज में ओपनली ड्रग्स इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा- ‘हर कोई जानता है कि सब नशे करते हैं। मैं पर्सनली नहीं जानती कि कौन नशे करता है, लेकिन मैं ऐसी जगह गई हूं, जहां मैंने लोगों को ड्रग्स लेते देखा है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा है, ‘मैं सती सावित्री बनने की कोशिश नहीं कर रही हूं, मैंने अपनी जिंदगी में सारे नशे किए हैं। लेकिन मैंने एक्सपेरिमेंट की तरह किया है कि ये करने से क्या होता है। वर्ना अगर आप ड्रग्स में घुस जाओ, तो जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते हो।’ नारायणी ने आगे कहा, ‘कोकेन की लत लग जाती है। मुझे लगता है कोकेन इंडस्ट्री को खा रही है। ये दुनिया को खा रही है, क्योंकि सभी ड्रग्स करते हैं। मैं बहुत कम लोगों को जानती हूं जो ड्रग्स नहीं करते हैं। मैं ये सब नहीं करती थी, लेकिन जब मैं ऐसी जगह गई, तो मैं वहां लोगों को देखकर शॉक हो जाती थी।’ एक्टर्स खड़े होने लायक नहीं होते, शूटिंग कैंसिल होती है- नारायणी जब आगे एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या एक्टर्स सेट पर या वैनिटी में ड्रग्स लेते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नाम नहीं लेना है, लेकिन ये बहुत होता है। हमारी शूट कैंसिल हुई है, क्योंकि एक्टर्स शूट करने की हालत में नहीं है। महंगे एक्टर्स सेट पर बैठे हैं, लेकिन शूट नहीं हो रही, क्योंकि लोग खड़े होने लायक नहीं हैं। मेरे आखिरी दो शोज में ऐसा नहीं हुआ है, लेकिन पिछले शोज में ये बहुत हुआ है।’ अपने विवादित बयान में नारायणी शास्त्री ने साफ किया है कि वो ड्रग एडिक्ट नहीं हैं, उन्होंने सारे नशे सिर्फ ट्राय करने के लिए इस्तेमाल किए थे। एक्ट्रेस ने सफाई में कहा है कि उन्होंने पहली बार शराब इसलिए पी, जिससे उन्हें पता रहे कि अगर कोई उन्हें छिपकर शराब पिलाए तो पता हो कि उसका स्वाद कैसा है। कौन हैं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री
वर्ल्ड अपडेट्स:यरुशलम में भारतीय व्यक्ति की हत्या: इजराइली संदिग्ध गिरफ्तार

यरुशलम के कटामोन इलाके में गुरुवार को 40 साल के भारतीय व्यक्ति का शव एक घर में मिला। पुलिस के मुताबिक, शव फर्श पर पड़ा था और उसके आसपास काफी खून था। इजराइल पुलिस ने हत्या के शक में 31 साल के एक इजराइली नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला आपराधिक प्रकृति का लग रहा है। मृतक और संदिग्ध की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यरुशलम जिला कमांडर अवशालोम पेलेड भी मौके पर पहुंचे और जिला अधिकारियों के साथ स्थिति का आकलन किया। पेलेड ने शुरुआती आकलन के बाद जांच जारी रखने के निर्देश दिए। पुलिस के मुताबिक, मृतक 40 साल का भारतीय प्रवासी कामगार था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… हिटलर के जन्मस्थान में अब पुलिस स्टेशन:नाजी समर्थकों की ‘तीर्थयात्रा’ रोकने के लिए ऑस्ट्रिया ने इमारत बदली जर्मनी की सीमा के पास ऑस्ट्रिया के ब्राउनाउ एम इन शहर में एडॉल्फ हिटलर के जन्मस्थान की इमारत ने बुधवार से नई भूमिका शुरू कर दी। अब यहां पुलिस स्टेशन बनाया गया है। ऑस्ट्रिया सरकार को उम्मीद है कि इससे यह जगह नव-नाजियों के लिए ‘तीर्थस्थल’ नहीं बनेगी। यह इमारत कई सालों तक निजी स्वामित्व में रही थी और यहां दिव्यांग लोगों के लिए काम करने वाली एक चैरिटी संस्था भी थी। लंबे विवाद के बाद ऑस्ट्रिया सरकार ने 2017 में इसे अनिवार्य रूप से अपने कब्जे में लिया और 2019 में इसे पुलिस स्टेशन में बदलने की घोषणा की थी। ऑस्ट्रिया के गृह मंत्रालय के इतिहास विभाग के प्रमुख स्टीफन म्लचोज ने इमारत के दौरे के दौरान पत्रकारों से कहा कि इसका उद्देश्य एडॉल्फ हिटलर से जुड़ी किसी भी पहचान को रोकना और इस जगह से जुड़ी रहस्यमयी छवि को खत्म करना है। इमारत के सफेद बाहरी हिस्से पर अब सिर्फ ‘Police’ लिखा है। इसके अलावा फुटपाथ पर माउथहाउसन कॉन्सन्ट्रेशन कैंप से लाया गया एक पत्थर पहले की तरह मौजूद है। उस पर ‘फासीवाद फिर कभी नहीं’ लिखा है, लेकिन इसमें हिटलर का नाम नहीं है। हिटलर का जन्म 1889 में इसी इमारत में हुआ था। हालांकि, म्लचोज के मुताबिक वह यहां सिर्फ कुछ हफ्ते रहा था। इसके बाद उसका परिवार यहां से दूसरी जगह चला गया।
वर्ल्ड अपडेट्स:यरुशलम में भारतीय व्यक्ति की हत्या: इजराइली संदिग्ध गिरफ्तार

यरुशलम के कटामोन इलाके में गुरुवार को 40 साल के भारतीय व्यक्ति का शव एक घर में मिला। पुलिस के मुताबिक, शव फर्श पर पड़ा था और उसके आसपास काफी खून था। इजराइल पुलिस ने हत्या के शक में 31 साल के एक इजराइली नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला आपराधिक प्रकृति का लग रहा है। मृतक और संदिग्ध की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यरुशलम जिला कमांडर अवशालोम पेलेड भी मौके पर पहुंचे और जिला अधिकारियों के साथ स्थिति का आकलन किया। पेलेड ने शुरुआती आकलन के बाद जांच जारी रखने के निर्देश दिए। पुलिस के मुताबिक, मृतक 40 साल का भारतीय प्रवासी कामगार था।
खुद की एयरलाइंस शुरू कर सकता है अडाणी ग्रुप:नागरिक उड्डयन मंत्रालय नियमों में ढील दे सकता है; अभी एयरपोर्ट ऑपरेशन संभालता है

अडाणी ग्रुप भारत के एविएशन सेक्टर में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए खुद की एयरलाइन शुरू करने की योजना बना रहा है। इसके लिए ग्रुप ने सरकार से एक अनुकूल नीतिगत माहौल बनाने और मौजूदा पाबंदियों को हटाने की मांग की है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने अडाणी ग्रुप के इस प्रस्ताव के बाद एयरलाइन और एयरपोर्ट बिजनेस के बीच क्रॉस-ओनरशिप के नियमों को आसान बनाने पर आंतरिक चर्चा और कानूनी सलाह शुरू कर दी है। सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि अडाणी ग्रुप का यह प्लान क्या है? सवाल 1. अडाणी ग्रुप की नई योजना क्या है? जवाब: अडाणी ग्रुप भारत में अपनी खुद की एयरलाइन शुरू करने पर विचार कर रहा है। अब तक अडाणी ग्रुप एयरपोर्ट्स और उससे जुड़ी सेवाओं तक ही सीमित था और एयरलाइन बिजनेस से दूर रहता था, लेकिन अब उसने अपनी इस रणनीति में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अडाणी ग्रुप का एविएशन इकोसिस्टम सवाल 2. सरकार को इस नीति में बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जवाब: वर्तमान में भारतीय घरेलू एविएशन मार्केट में इंडिगो और एआर इंडिया ग्रुप का दबदबा है। ये दोनों कंपनियां मिलकर करीब 90% मार्केट शेयर को कंट्रोल करती हैं। सरकार इस मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ाना चाहती है, ताकि यात्रियों को बेहतर सेवाएं और विकल्प मिल सकें। इसीलिए एयरपोर्ट ऑपरेटरों को भी एयरलाइन चलाने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। सवाल 3. मौजूदा नियम क्या हैं और अडाणी ग्रुप क्या बदलाव चाहता है? जवाब: दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट्स के मौजूदा नियमों के अनुसार, एयरपोर्ट ऑपरेटर किसी भी शेड्यूल्ड एयरलाइन में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकते। अडाणी ग्रुप चाहता है कि इस 10% स्टेक वाली शर्त को पूरी तरह हटा दिया जाए। ग्रुप किसी एयरलाइन में माइनॉरिटी हिस्सेदार बनने के बजाय अपनी पूरी मालिकाना हक वाली एयरलाइन चलाना चाहता है। सवाल 4. यदि नियम बदलते हैं तो क्या एयरलाइंस भी एयरपोर्ट्स में हिस्सेदारी ले सकेंगी? जवाब: हां, अगर नागरिक उड्डयन मंत्रालय क्रॉस-ओनरशिप नियमों में ढील देता है, तो इससे दोतरफा रास्ता खुलेगा। जहां एक तरफ एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनियां एयरलाइंस शुरू कर सकेंगी, वहीं दूसरी तरफ एयरलाइंस कंपनियां भी एयरपोर्ट्स में हिस्सेदारी खरीद सकेंगी। सवाल 5. पहले अडाणी ग्रुप एयरलाइन बिजनेस से दूर रहने की बात कर रहा था, अब यू-टर्न क्यों? जवाब: दिसंबर में नवी मुंबई एयरपोर्ट के लॉन्च से पहले जीत अडाणी ने कहा था कि एयरलाइन बिजनेस उनके हाई-मार्जिन एसेट मॉडल में फिट नहीं बैठता। लेकिन दो वजहों से यह सोच बदली है: सवाल 6. अडाणी ग्रुप का एविएशन सेक्टर में पहले से कितना दबदबा है? जवाब: अडाणी ग्रुप पहले से ही मुंबई समेत देश के 8 प्रमुख एयरपोर्ट्स का संचालन कर रहा है। इसके अलावा ग्राउंड हैंडलिंग, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (MRO) और पायलट ट्रेनिंग जैसे एविएशन सेगमेंट में भी अडाणी ग्रुप की मजबूत मौजूदगी है। सवाल 7. इस कदम का मौजूदा एयरलाइंस और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: अगर अडाणी ग्रुप एयरलाइन शुरू करता है, तो हितों के टकराव का मुद्दा उठ सकता है। मौजूदा एयरलाइंस इसका विरोध कर सकती हैं। उन्हें डर हो सकता है कि अडाणी अपने एयरपोर्ट्स पर अपनी ही एयरलाइन को अच्छे फ्लाइट स्लॉट्स और पार्किंग में प्राथमिकता दे सकते हैं। सवाल 8. एक्सपर्ट्स का इस मामले पर क्या कहना है? जवाब: एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार एयरपोर्ट ऑपरेटरों को एयरलाइन चलाने की इजाजत देती है, तो कड़े नियम बनाने होंगे ताकि एयरपोर्ट और एयरलाइन का ऑपरेशन पूरी तरह से स्वतंत्र रहे। साथ ही, ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्याओं और विमानों की डिलीवरी में देरी के कारण एक नई एयरलाइन को मार्केट में पूरी तरह जमने में कई सालों का समय लग सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या है ‘क्रॉस-ओनरशिप’ नियम? यह नियम एयरपोर्ट ऑपरेटर को किसी एयरलाइन में 10% से ज्यादा शेयर रखने से रोकता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि एयरपोर्ट मालिक किसी खास एयरलाइन को फायदा न पहुंचाए और सभी एयरलाइंस को बराबर मौके मिलें।
खुद की एयरलाइंस शुरू कर सकता है अडाणी ग्रुप:नागरिक उड्डयन मंत्रालय नियमों में ढील दे सकता है; अभी एयरपोर्ट ऑपरेशन संभालता है

अडाणी ग्रुप भारत के एविएशन सेक्टर में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए खुद की एयरलाइन शुरू करने की योजना बना रहा है। इसके लिए ग्रुप ने सरकार से एक अनुकूल नीतिगत माहौल बनाने और मौजूदा पाबंदियों को हटाने की मांग की है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अडाणी ग्रुप के इस प्रस्ताव के बाद एयरलाइन और एयरपोर्ट बिजनेस के बीच क्रॉस-ओनरशिप के नियमों को आसान बनाने पर चर्चा और कानूनी सलाह शुरू कर दी है। सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि अडाणी ग्रुप का यह प्लान क्या है? सवाल 1. अडाणी ग्रुप की नई योजना क्या है? जवाब: अडाणी ग्रुप अपनी खुद की एयरलाइन शुरू करने पर विचार कर रहा है। अब तक यह ग्रुप एयरपोर्ट्स और उससे जुड़ी सेवाओं तक ही सीमित था और एयरलाइन बिजनेस से दूर रहता था, लेकिन अब उसने अपनी इस रणनीति में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अडाणी ग्रुप का एविएशन इकोसिस्टम सवाल 2. सरकार को इस नीति में बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जवाब: वर्तमान में भारतीय घरेलू एविएशन मार्केट में इंडिगो और एअर इंडिया का दबदबा है। दोनों कंपनियां मिलकर करीब 90% मार्केट शेयर कंट्रोल करती हैं। सरकार इस मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ाना चाहती है, ताकि यात्रियों को बेहतर सेवाएं और विकल्प मिल सकें। इसीलिए एयरपोर्ट ऑपरेटरों को भी एयरलाइन चलाने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। सवाल 3. मौजूदा नियम क्या हैं और अडाणी ग्रुप क्या बदलाव चाहता है? जवाब: दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट्स के मौजूदा नियमों के अनुसार, एयरपोर्ट ऑपरेटर किसी भी शेड्यूल्ड एयरलाइन में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकते। अडाणी ग्रुप चाहता है कि इस 10% स्टेक वाली शर्त को पूरी तरह हटा दिया जाए। ग्रुप किसी एयरलाइन में माइनॉरिटी हिस्सेदार बनने के बजाय अपनी पूरी मालिकाना हक वाली एयरलाइन चलाना चाहता है। सवाल 4. यदि नियम बदलते हैं तो क्या एयरलाइंस भी एयरपोर्ट्स में हिस्सेदारी ले सकेंगी? जवाब: हां, अगर नागरिक उड्डयन मंत्रालय क्रॉस-ओनरशिप नियमों में ढील देता है, तो इससे दोतरफा रास्ता खुलेगा। जहां एक तरफ एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनियां एयरलाइंस शुरू कर सकेंगी, वहीं दूसरी तरफ एयरलाइंस कंपनियां भी एयरपोर्ट्स में हिस्सेदारी खरीद सकेंगी। सवाल 5. पहले अडाणी ग्रुप एयरलाइन बिजनेस से दूर रहने की बात कर रहा था, अब यू-टर्न क्यों? जवाब: नवी मुंबई एयरपोर्ट लॉन्च से पहले जीत अडाणी ने कहा था कि एयरलाइन बिजनेस उनके हाई-मार्जिन एसेट मॉडल में फिट नहीं बैठता। लेकिन दो वजहों से यह सोच बदली है: सवाल 6. अडाणी ग्रुप का एविएशन सेक्टर में पहले से कितना दबदबा है? जवाब: अडाणी ग्रुप पहले से ही मुंबई समेत देश के 8 प्रमुख एयरपोर्ट्स का संचालन कर रहा है। इसके अलावा ग्राउंड हैंडलिंग, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (MRO) और पायलट ट्रेनिंग जैसे एविएशन सेगमेंट में भी अडाणी ग्रुप की मजबूत मौजूदगी है। सवाल 7. इस कदम का मौजूदा एयरलाइंस और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: अगर अडाणी ग्रुप एयरलाइन शुरू करता है, तो हितों के टकराव का मुद्दा उठ सकता है। मौजूदा एयरलाइंस इसका विरोध कर सकती हैं। उन्हें डर हो सकता है कि अडाणी अपने एयरपोर्ट्स पर अपनी एयरलाइन को अच्छे फ्लाइट स्लॉट्स और पार्किंग में प्राथमिकता दे सकता हैं। सवाल 8. एक्सपर्ट्स का इस मामले पर क्या कहना है? जवाब: एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार एयरपोर्ट ऑपरेटरों को एयरलाइन चलाने की इजाजत देती है, तो कड़े नियम बनाने होंगे ताकि एयरपोर्ट और एयरलाइन का ऑपरेशन स्वतंत्र रहे। साथ ही, ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्याओं और विमानों की डिलीवरी में देरी के कारण एक नई एयरलाइन को मार्केट में पूरी तरह जमने में कई सालों का समय लग सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या है ‘क्रॉस-ओनरशिप’ नियम? यह नियम एयरपोर्ट ऑपरेटर को किसी एयरलाइन में 10% से ज्यादा शेयर रखने से रोकता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि एयरपोर्ट मालिक किसी खास एयरलाइन को फायदा न पहुंचाए और सभी एयरलाइंस को बराबर मौके मिलें।







