Saturday, 26 Sep 2026 | 06:51 AM

Trending :

EXCLUSIVE

अजय देवगन की मूवी में भोजपुरी सिंगर की एंट्री:3 साल में हारमोनियम पकड़ी, 5 साल में पहला एल्बम बनाया; नीलकमल सिंह को कैसे मिली धमाल-4

अजय देवगन की मूवी में भोजपुरी सिंगर की एंट्री:3 साल में हारमोनियम पकड़ी, 5 साल में पहला एल्बम बनाया; नीलकमल सिंह को कैसे मिली धमाल-4

पवन सिंह, खेसारी लाल यादव, अक्षरा सिंह के बाद अब भोजपुरी के एक और सिंगर नीलकमल सिंह की बॉलीवुड में एंट्री हो गई है। अजय देवगन की मूवी ‘धमाल-4’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। रिलीज से पहले मूवी का गाना ‘चटनी’ सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे बक्सर जिले के चौसा प्रखंड के रहने वाले भोजपुरी सिंगर नीलकमल सिंह ने आवाज दी है। नीलकमल सिंह के ‘चटनी’ गाने को यूट्यूब पर 20 दिनों में 21 मिलियन लोग देख चुके हैं। गाने में फीमेल सिंगर के रूप में ममता शर्मा की आवाज है। गाने को धीरज बबुआन ने लिखा है, जबकि म्यूजिक नीलकमल सिंह और आदित्य देव ने दिया है। गाने को राहुल शेट्टी ने कोरियोग्राफ किया है। धमाल-4 में अजय देवगन के साथ, रितेश देशमुख, जावेद जाफरी, संजय मिश्रा के साथ-साथ ईशा गुप्ता, संजीदा शेख, रवि किशन मुख्य कैरेक्टर में हैं। फिल्म को इंद्र कुमार ने डायरेक्ट किया है। नीलकमल सिंह ने अब तक किसी भोजपुरी मूवी में काम नहीं किया है। वो सीधे बॉलीवुड में सिंगर और एक्टर के तौर पर एंट्री की है। भोजपुरी एक्टर नीलकमल सिंह कौन हैं? उनकी गायकी की शुरुआत कैसे हुई? पढ़ाई-लिखाई कहां तक हुई है? घर परिवार में कौन-कौन हैं? नीलकमल सिंह की नेटवर्थ क्या है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले ‘चटनी’ गाने की शूटिंग की 2 तस्वीरें देखिए सबसे पहले जानिए नीलकमल सिंह की सिंगिंग की शुरुआत की कहानी नीलकमल सिंह के पिता सुशील सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि हम लोग बक्सर जिले के चुन्नी गांव के रहने वाले हैं। मैं और मेरी पत्नी ग्रामीण डॉक्टर थे। बच्चे छोटे थे, तभी हम लोग चौसा आ गए थे, वहां एक क्लिनिक खोली थी। मुझे म्यूजिक से लगाव था। इसलिए साल 2001 में हारमोनियम खरीदकर लाया था। नीलकमल उस समय तीन साल का था। मैं हारमोनियम लेकर आया तो वो भी इसे बजाने की कोशिश करता था। एक-दो साल तक घर में ही रियाज किया। वे कहते हैं, ‘साल 2001 में गांव के एक स्कूल में सरस्वती पूजा का कार्यक्रम था। कार्यक्रम में जिस शख्स को हारमोनियम बजाना था, वो नहीं आया तो स्कूल के लड़के नीलकमल को अपने साथ स्कूल ले गए। लेकिन नीलकमल वहां से भागकर घर आ गए। मैंने पूछा तो बताया कि मुझसे हारमोनियम नहीं बजा, इसलिए आ गया।’ अगले दिन मैंने देखा तो नीलकमल घर में हारमोनियम लेकर बैठे थे और बड़े आराम से उसे बजा रहे थे। शायद ये सरस्वती मां का आशीर्वाद था। 2003 में ए गोरी शहरी एल्बम का एक गाना ‘मौसी के चुम्मा ले पापा’ सुना जाना लगा। उस समय गुड्डू रंगीला का भी एल्बम आया था, लेकिन मेरे बेटे का गाना ज्यादा चर्चित हो गया। सब कुछ ठीक चल रहा था, इसी दौरान साल 2007 में मेरे छोटे बेटे की हार्टअटैक से मौत हो गई। दो से तीन साल तक नीलकमल भी घर पर ही रहा, कोई गाना नहीं गाया। साल 2010 के बाद दोबारा नीलकमल ने गाना शुरू किया। भोजपुरी रियलिटी शो ‘सुर संग्राम’ में भी गया और टॉप-4 में शामिल हुआ। कोरोना के वक्त नीलकमल का गाना ‘लइका तोहरे के पापा कहता’ वायरल हो गया। इसके बाद नीलकमल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब जानिए नीलकमल सिंह को ‘धमाल-4’ का ‘चटनी’ गाना कैसे मिला? नीलकमल सिंह के बड़े भाई राजकमल सिंह ने बातचीत में बताया कि हम लोगों ने शुरुआत से म्यूजिक के बीट और वीडियो पर फोकस किया। भोजपुरी के बीट अलग होते हैं और वेस्टर्न म्यूजिक के बीट अलग होते हैं। 10 से अधिक गानों में हम लोग वेस्टर्न बीट यूज किए हैं। हम लोगों के कुछ गाने वायरल होने लगे तो टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार ने मिलने के लिए बुलाया। भूषण कुमार ने नीलकमल के गानों की तारीफ की और कहा कि जब हिंदी में गाते हो तो तुम्हें हिंदी में भी ट्राई करना चाहिए। राजकमल बताते हैं कि भूषण कुमार की टी-सीरीज के बैनर तले करीब एक साल पहले एक गाना आया, जिसके बोल ‘लड़की दिवानी’ था। इस गाने में नीलकमल के साथ बॉलीवुड स्टार सनी लियोनी भी थी। ये गाना काफी हिट हुआ। भूषण कुमार और राज चन्ना के पास कुछ-कुछ गाने आए थे, जो उन्होंने हम लोगों को भेजा था। मुझसे कहा कि एक बार नीलकमल से ट्राई करा लो, अगर नीलकमल गाएंगे, तो इसे शूट कराएंगे, रिकार्ड कराएंगे। धमाल-4 तीसरी बॉलीवुड मूवी जिसमें नीलकमल सिंह का गाना नेटफ्लिक्स पर रवि किशन और माधुरी दीक्षित की ‘मां बहन’ फिल्म आई थी, जिसमें नीलकमल सिंह का ‘कारी-कारी अंखियों’ गाना था। इसके बाद ‘पति पत्नी और वो’ मूवी में एक प्रमोशन सॉन्ग था, जो धीरे-धीरे का रिमेक वर्जन था, उसे भी नीलकमल ने आवाज दी थी। अब तीसरी बार नीलकमल सिंह किसी बॉलीवुड मूवी में अपनी आवाज दी हैं। राजकमल ने बताया कि धमाल-4 के लिए ‘चटनी’ गाना भी भूषण कुमार की ओर से हम लोगों को भेजा गया था। उनकी ओर से कहा गया था कि इसे मूवी में ले रहे हैं, अच्छे से करना है। फिर मैंने नीलकमल से बात की। इसके बाद हम लोगों ने इसे रिकार्ड करके भेजा। फिर उन्होंने इसे शूट करने को कहा। मैंने ही डिमांड की थी कि नीलकमल सिंह के भी चाहने वाले हैं, अगर गाने में वो भी दिखेंगे तो ठीक रहेगा। फिर भूषण कुमार की ओर से अप्रूवल मिला और अब गाने में आपको आवाज के साथ-साथ नीलकमल की एक्टिंग भी दिख रही है।

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। पीएम मोदी बिजनेस और स्पोर्टिंग इवेंट में भी शामिल होंगे। इसके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। पीएम के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। बैठक के दौरान न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम ने कहा कि जब मैंने पिछले साल भारत का दौरा किया था, तब भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस रिश्ते को मजबूत बनाने में आपने व्यक्तिगत रूप से जो योगदान दिया है, वह सराहनीय है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस दोनों देशों के आपसी संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर रहा। पीएम मोदी बिजनेस और स्पोर्टिंग इवेंट में भी शामिल होंगे। इ सके बाद पीएम ऑकलैंड में 40 हजार भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। पीएम के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय ने ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह 40 साल बाद किसी भारतीय पीएम की न्यूजीलैंड यात्रा है। इससे पहले 1986 में राजीव गांधी न्यूजीलैंड के दौरे पर गए थे। मोदी के न्यूजीलैंड में स्वागत की दो तस्वीरें… मोदी पीएम रहते हुए पहली बार न्यूजीलैंड के दौरे पर प्रधानमंत्री रहते हुए पीएम मोदी पहली बार न्यूजीलैंड गए हैं। इससे पहले तीन भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड का दौरा कर चुके हैं। ये 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत-न्यूजीलैंड के बीच 3 बड़े समझौते हो सकते हैं भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ान, UPI और कृषि से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ भारत-न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया था। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। इसपर पीयूष गोयल ने कहा था कि यह FTA विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा विजन को दर्शाता है। यह समझौता भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का गेटवे भी बनेगा। न्यूजीलैंड में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा हिंदी न्यूजीलैंड में लगभग 2 लाख 40 हजार भारतीय रहते हैं। ये वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया में यूरेनियम डील पर मुहर लगी इससे पहले गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील पर मुहर लगी। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: मोदी ऑस्ट्रेलियन पीएम से बोले-हम आपसे सीख रहे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें…

जामुन स्मूथी रेसिपी: घर में आसानी से बनी जैमी जैमीन से बनी ये पैमाइश, इनके भी बच्चे होंगे फैन

जामुन स्मूदी रेसिपी

10 जुलाई 2026 को 22:11 IST पर अपडेट किया गया जामुन स्मूदी रेसिपी: गर्मियों के मौसम में अपनी सेहत का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। अगर आप भी गर्मी से बचने के लिए आए हैं तो कुछ न कुछ ठंडा ठंडा खाना पसंद करते हैं, तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं जायरीन से बनने वाली बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद दोस्त की रेसिपी। ये रेसिपी बनाना बिल्कुल आसान नहीं है, बल्कि घर के बच्चों को भी बहुत पसंद आएगी। आइए जानते हैं कि आप घर पर जैमिन की डॉक्यूमेंट्री कैसे तैयार कर सकते हैं। अनुसरण करना : जैन की डॉक्यूमेंट्री बनाने की सामग्री 10-15 जामिन का गूदा नारियल ठंडा दही या लस्सी 4-5 इलायची पाउडर आधी कटोरी डॉक्युमेंट्स स्वादिष्ट के लिए तारीख छवि: फ्रीपिक सबसे पहले सभी जैमिन को पानी से अच्छे से धो लें। अब जामिन को किसी सासा और मिठाई में रख लें। एक- एक करके सभी जामिन ने अपने गुडा पार्टनर को अलग कटोरी में रखा। छवि: फ्रीपिक अब एक प्लास्टर जार में जामिन का गुड़ा, चॉकलेट पेस्टी दही या लस्सी, शहद और इलायची पाउडर एक पेस्टल पेस्ट बनाने के लिए। छवि: फ्रीपिक अगर आप इसे और अधिक स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो इसमें थोड़ी सी रबड़ी भी मिल सकती है। इसके साथ ही खजूर के टुकड़ों के लिए, ये एक बेहतरीन और डॉक्यूमेंट्री प्लेसमेंट है। छवि: फ्रीपिक अब इन सभी युवाओं को तब तक अच्छी तरह से फेंटें जब तक कि दोस्त बिल्कुल सही मखमली सितारे न हो जाएं। आपकी टेस्टी डॉक्यूमेंट्री तैयार है, इसे कांच के ग्लास में डालें और ऊपर से डॉक्युमेंट्स डॉक्युमेंट्स गार्निश करें। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 10 जुलाई 2026 22:11 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)जामुन स्मूदी रेसिपी(टी)घर का बना जामुन आइसक्रीम(टी)ग्रीष्मकालीन विशेष स्वस्थ पेय(टी)भारतीय ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)स्वस्थ फल स्मूदी(टी)जामुन के लाभ(टी)ग्रीष्म ऋतु में ताज़गी के विचार

कनखजूरा भगाने के उपाय: बारिश शुरू ही किचन-बाथरूम में आ गई कनखजूरा? 2 रुपये के देसी उपाय बिना किसी रुकावट के

कनखजूरा हटाने के उपाय कनखजूरे भगाने के उपाय घर की रसोई और बाथरूम से कनखजूरा हटाने के उपाय

10 जुलाई 2026 को 19:10 IST पर अपडेट किया गया कनखजूरा हटाने के टिप्स: बारिश के मौसम में घर, किचन या फिर बर्तन में कनखजूरा आम बात है। ये काफी डरावने और क्रूरतापूर्ण होते हैं। तो जानें जानें यहां के 5 बेहद स्वादिष्ट और अचूक घरेलू उपाय। अनुसरण करना : नमक: नारियल की नाल और नाव में सेंधा या सादा नमक छिड़कें। नमक कनखजूरों के शरीर की विधियाँ बताती हैं, जिससे वे तुरंत घर से भाग जाते हैं या मर जाते हैं। छवि: फ्रीपिक नीम का शक्तिशाली जानवर: पानी में डूबा हुआ नीम का तेल लें या नीम के तेल का इस्तेमाल करें। इस पानी को घर के हर कोने में देखें। नीम की कड़वी महक से कनखजूरे और कीड़े दूर रहते हैं। छवि: फ्रीपिक कपूर की जादुई गोलियाँ: कपूर की तेज गंध वाले कीड़े-मकौड़ों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। रसोईघर के कबाड़ी के पास, रसोई के नीचे और रसोई के मकान में कपूर की कुछ गोलियां जरूर रखें। छवि: फ्रीपिक पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल: एक बोतल में पानी लें और इसमें पेपरमिंट या टी-ट्राई ऑयल की कुछ बोतलें शामिल हैं। इसे खोलो, नालों और पटाखों में छिड़कें। यह एक प्राकृतिक और संगीतमय रसायन है। छवि: फ्रीपिक बेस्ट सोडा और चीनी का जाल: सैमसंग सोडा में कुछ पिसी चीनी रिकॉर्ड्स और टेलीविज़न के पास रख। कंपनी की सहमति से वे इसकी दिशा में सामने आए और बैंक ने अपना काम जारी रखा। छवि: फ्रीपिक कनकजूरे मंदिर वाली जगह पर पठते हैं। घर में सीलन न रहना, नालियों को नकली से ढककर रखना और सूखा रखना। घर से दूर का सबसे पक्का रास्ता साफ-रखना ही जांचना है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 10 जुलाई 2026 19:10 IST पर

हवा में प्लेन की खिड़की टूटी,पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले:आसपास बैठे पैसेंजर्स ने अंदर खींचा, मैसिडोनिया के आकाश में हादसा

हवा में प्लेन की खिड़की टूटी,पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले:आसपास बैठे पैसेंजर्स ने अंदर खींचा, मैसिडोनिया के आकाश में हादसा

ग्रीस के थेसालोनिकी से जर्मनी के मेमिंगेन जा रहे प्लेन की उड़ान के दौरान खिड़की अलग हो गई। इसके बाद कैबिन में अचानक दबाव कम हो गया और 61 साल के पैसेंजर का सिर और कंधे खिड़की से बाहर निकल गए। पैसेंजर ने सीट बेल्ट नहीं खोली थी, इसलिए वह पूरी तरह बाहर नहीं फिंका। पास बैठे दूसरे पैसेंजर्स ने तुरंत उसे पकड़कर वापस प्लेन के अंदर खींच लिया। घटना के समय प्लेन 30 हजार फीट की उंचाई पर उड़ रहा था। विमान कंपनी रायनएयर ने बताया कि पैसेंजर को कुछ चोटें आई है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत ठीक है। यह घटना मैसिडोनिया के ऊपर हुई। घायल यात्री सर्बिया का यूरिस्ट है। उसे जलने जैसी चोटें आई हैं। प्लेन ने सुबह 5.55 मिनट पर (ग्रीस के समय के अनुसार) ग्रीस से उड़ान भरी थी। घटना के 2 फोटो: टायर फटने जैसी आवाज आई घटना के समय प्लेन में मौजूद रही महिला ने रेडियो थेसालोनिकी को बताया कि घटना के समय ज्यादातर पैसेंजर सो रहे थे। तभी टायर फटने जैसी तेज आवाज आई। इसके तुरंत बाद लोगों की चीखें सुनाई दीं। उन्होंने कहा, हमें तुरंत समझ आ गया कि विमान के अंदर दबाव कम हो गया है। कुछ पल के लिए मुझे लगा कि किसी ने गलती से इमरजेंसी दरवाजा खोल दिया है।” महिला के मुताबिक, इसके बाद ऑक्सीजन मास्क नीचे आ गए और केबिन में तेज गंध फैल गई। उन्होंने देखा कि एक यात्री का सिर और कंधे खिड़की से बाहर थे। उसने सीट बेल्ट नहीं खोला था। इसके बाद आसपास बैठे लोगों ने उसे पकड़कर वापस अंदर खींच लिया। इंजन के टुकड़े से खिड़की टूटने का अंदेशा ग्रीक मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, विमान के इंजन से अलग हुए किसी मलबे के टुकड़े की वजह से खिड़की टूट गई। हालांकि, इस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रायनएयर ने बयान जारी कर कहा कि उड़ान भरने के कुछ देर बाद यात्री वाली खिड़की अलग होने के कारण विमान को वापस थेसालोनिकी लौटना पड़ा। विमान ने सामान्य तरीके से लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सुरक्षित टर्मिनल पहुंचाया गया। एयरलाइन ने बताया कि बाकी यात्रियों को मेमिंगेन पहुंचाने के लिए एक दूसरा विमान भेजा गया। घटना की जांच जारी है। ————————————— ये खबर भी पढ़ें: एअर इंडिया फ्लाइट का इंजन बंद, पायलट का इमरजेंसी कॉल:मुंबई से बेंगलुरु जा रही थी, 20 मिनट में लौटी; टेकऑफ के दौरान चिंगारी भी दिखी मुंबई मुंबई से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया की एअरबस A320 Neo फ्लाइट AI2812 बुधवार-गुरुवार की देर रात उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद मुंबई एयरपोर्ट लौट आई। अधिकारियों ने बताया कि हवा में एक इंजन बंद होने पर पायलट ने रेडियो पर ‘PAN PAN’ कॉल दी, जिसके बाद फ्लाइट को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित लैंड कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…

फेरारी इटली की मशहूर कार कंपनी:दो बार गंभीर आर्थिक संकट में फंस चुकी है, आज टॉप सुपर-कार ब्रांड में शामिल है

फेरारी इटली की मशहूर कार कंपनी:दो बार गंभीर आर्थिक संकट में फंस चुकी है, आज टॉप सुपर-कार ब्रांड में शामिल है

अगर आपके पास करोड़ों रुपए हैं, तो भी आप शोरूम जाकर अपनी पसंद की फेरारी कार नहीं खरीद सकते। इसके कुछ स्पेशल और लिमिटेड एडिशन मॉडल्स जैसे- फेरारी ला-फेरारी या हालिया पुरोसांग्वे एसयूवी को खरीदने के लिए पहले आपको अपना बैकग्राउंड बताना होगा। यहां तक कि हो सकता है कि कंपनी खुद तय करे कि वह आपको गाड़ी बेचेगी या नहीं। फेरारी को लेकर दीवानगी का आलम यह है कि अगर आज आप कोई कार बुक करते हैं तो 2028 या 2029 में वह आपको मिल पाएगी। फेरारी रफ्तार और लग्जरी का ऐसा संगम है जो इसे सुपर-कार बनाती है। हालांकि फेरारी के इतिहास में दो ऐसे संकट भी आए जब कंपनी दिवालिया होने के करीब पहुंच कर अस्तित्व के लिए जूझती नजर आई। 1969 में यह दिवालिया होने के कगार पर थी, लेकिन तब फिएट ने हिस्सेदारी खरीदकर इसे बचा लिया। असली चुनौती 1988 में इसके संस्थापक एंजो फेरारी के निधन के बाद आई। 80 के दशक के अंत में सट्टेबाजों की वजह से कारों की कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ गई थीं। इसे कलेक्टर बबल कहा गया। जब 90 के दशक में वैश्विक मंदी आई और यह बुलबुला फूटा, तो 1991 के पीक के मुकाबले 1993 तक इसकी बिक्री आधी रह गई। कारें अपनी साख खोने लगी थीं। 8.50 लाख करोड़ रुपए की कंपनी है फेरारी आज फेरारी दुनिया के सबसे मजबूत ऑटोमोटिव और सुपर-कार ब्रांड्स में से एक है। ब्रांड्स फाइनेंस की रिपोर्ट के अनुसार इसे दुनिया के सिर्फ 12 ब्रांड को मिलने वाली AAA+ रेटिंग हासिल है। आज यह करीब 8.50 लाख करोड़ रु. मूल्य की कंपनी है। वर्तमान में इसके दुनियाभर में करीब 5,718 कर्मचारी हैं। अगर भारत की बात करें तो यहां फेरारी की एक्स-शोरूम कीमत ₹3.76 करोड़ से शुरू होकर ₹10.37 करोड़ रु. तक जाती है। नई फेरारी कार के लिए ग्राहकों को दो साल तक की वेटिंग रहती है। देश में पूरा कोटा सोल्ड-आउट रहता है। शुरुआत – गाड़ियों के टेस्ट ड्राइवर ने रखी थी फेरारी की नींव इटली के मोदेना शहर में जन्मे और गाड़ियों के टेस्ट ड्राइवर एंजो फरारी ने 1939 में ऑटो एवियो कोस्त्रुजियोनी नाम से कंपनी शुरू की थी, लेकिन दूसरा विश्व युद्ध शुरू होने के कारण करीब 8 साल तक काम बंद रहा। इसके बाद 1947 में उन्होंने फेरारी नाम से पहली कार सड़क पर उतारी। कार रेसिंग उनका जुनून था। नए कदम – लाइफस्टाइल और फैशन के क्षेत्र में भी उतरी कंपनी कंपनी लाइफस्टाइल और फैशन के क्षेत्र में भी धूम मचा रही है। हाल ही में मिलान फैशन वीक में फेरारी कलेक्शन पेश किया गया। कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कदम रख रही है, जिसके लिए मारानेलो में एक नई ‘ई-बिल्डिंग’ शुरू की गई है। इसके अलावा, मरीन इंजीनियरिंग और सेलिंग की दुनिया में भी प्रवेश की तैयारी कर रही है। यूं संकट में फंसी थी रेसिंग पर फोकस, ग्राहकों की अनदेखी – एंजो फेरारी का जुनून सिर्फ रेसिंग और फॉर्मूला वन जीतना था। इस रवैये के कारण उन्होंने कभी ग्राहकों की पसंद, आराम या लग्जरी को प्राथमिकता नहीं दी। लीडरशिप का अड़ियल रवैया, आंतरिक कलह – 1961 में एंजो की पत्नी ने प्रबंधन के कामों में दखल देना शुरू किया। जब अधिकारियों ने विरोध किया, तो एंजो ने कई प्रबंधकों को नौकरी से निकाल दिया। आर्थिक मंदी और कलेक्टर बबल का फूटना – 80 के दशक के अंत में लोग ये कारें निवेश के तौर पर खरीदते थे। 90 के दशक में मंदी की वजह से बिक्री आधी रह गई और कंपनी गहरे वित्तीय घाटे में डूब गई। भविष्य की रणनीति का अभाव – एंजो की मृत्यु के बाद फिएट के अधिकारियों ने कमान संभाली, लेकिन उनके पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं थी। इस तरह की वापसी लुका डि मोंटेजेमोलो की लीडरशिप – 1991 में लुका डि मोंटेजेमोलो फेरारी के चेयरमैन बने। सबसे पहले कारों की क्वालिटी को सुधारा। सुनिश्चित किया कि फेरारी सड़क पर भी आरामदायक और भरोसेमंद हो। ब्रांड लाइसेंसिंग का विस्तार – मोंटेजेमोलो ने लग्जरी कपड़े, घड़ियां, परफ्यूम और अन्य लाइफस्टाइल उत्पादों के लिए अपने मशहूर ‘प्रान्सिंग हॉर्स’ लोगो को लाइसेंस पर देकर करोड़ों रुपए कमाए। एक्सक्लूसिविटी बरकरार रखना – लुका की रणनीति स्पष्ट थी- ‘हमेशा बाजार की मांग से एक कार कम बनाओ। इस कृत्रिम कमी ने अमीरों के बीच फेरारी का आकर्षण कई गुना बढ़ा दिया पर्सनलाइजेशन – 1993 में ‘फेरारी चैलेंज’ शुरू किया, जो फेरारी मालिकों के लिए एक एमेच्योर रेसिंग सीरीज थी। कई भारी पर्सनलाइजेशन के विकल्प दिए। ऐसे पड़ा नाम – कंपनी का नाम इसके संस्थापक एंजो फेरारी के सरनेम पर रखा गया है। रेसिंग शौकीन एंजो ने खुद ही यह नाम तय किया था। सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी – लैंबॉर्गिनी, मैकलारेन, पॉर्श, एस्टन मार्टिन और बुगाटी दुनियाभर में इसके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों में हैं। – 3.5 लाख कारें ही बनाई हैं फेरारी ने आज तक। – 60 से ज्यादा देशों में व्यापार करती है कंपनी दुनियाभर में। – 179 अधिकृत डीलर हैं दुनियाभर में फेरारी के। -13,640 कारें बिकी कंपनी की 2025 में विभिन्न देशों में।

स्पेन के जंगल में आग, 12 की मौत, VIDEO:4 लोग कार में जिंदा जले, 19 अब भी लापता; इलेक्ट्रिक वायर से आग की आशंका

स्पेन के जंगल में आग, 12 की मौत, VIDEO:4 लोग कार में जिंदा जले, 19 अब भी लापता; इलेक्ट्रिक वायर से आग की आशंका

स्पेन के दक्षिणी हिस्से में एंडालूसिया में शुक्रवार को लगी भीषण जंगल की आग में 12 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 19 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह स्पेन के सबसे बड़ी जंगलों की आग की घटनाओं में से एक है। रॉयटर्स के मुताबिक, एक गाड़ी में चार लोग जिंदा जल गए। उनकी कार का स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर था, जिससे वे ब्रिटिश लग रहे थे। वहीं, अपनी कारें छोड़ भागने की कोशिश कर रहे 7 लोग भी मृत पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि वे निर्धारित निकासी मार्ग की बजाय दूसरे रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे और वहीं उनकी मौत हो गई। एंडालूसिया की इमरजेंसी सर्विस ने शुरुआती कॉल के आधार पर बताया कि बिजली की गिरी हुई वायर से आग लगी, जो तेजी से जंगल में फैल गई। दूसरी तरफ बिजली कंपनी एंडेसा के प्रवक्ता ने इस दावे से इनकार करते हुए कहा कि जांच में जिस केबल की बात हो रही है, उसमें बिजली का प्रवाह ही नहीं था। इसलिए आग की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। भीषण आग की 4 तस्वीरें यूरोप में हीटवेव से जंगल की आग का खतरा बढ़ा इस साल यूरोप में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव ने जंगल की आग का खतरा काफी बढ़ा दिया है। फ्रांस की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी के प्रमुख जूलियन मेरियन ने कहा कि 2026 का वाइल्डफायर सीजन असामान्य रूप से तेज शुरुआत के साथ आया है। उनके मुताबिक सर्दियों और वसंत में हुई अच्छी बारिश से उगी घनी वेजिटेशन अब लगातार पड़ रही गर्मी में सूख चुकी है और आग के लिए ईंधन का काम कर रही है। फ्रांस में इस साल अब तक 8,000 से ज्यादा आग की घटनाओं में लगभग 100 वर्ग मील क्षेत्र जल चुका है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना है। फ्रांस-स्पेन सीमा पर पाइरेनीज क्षेत्र में लगी आग के कारण 10 हजार से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। वहीं स्पेन के मलागा क्षेत्र के बेनहावीस कस्बे में भी जंगल की आग के कारण करीब एक हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। खबर लगातर अपडेट हो रही है…

पाचन उपचार: एसिडिटी और गैस से संबंधित परेशानियाँ? तो रामबाण इलाज हैं रसोई में राखें ये चीजें; इन 5 का प्रयोग करें

पाचन उपाय

10 जुलाई 2026 को 16:40 IST पर अद्यतन किया गया पाचन के उपाय: आजकल की बिजी लाइफ स्टाइल में बाहर का खाना और गलत खान-पान के साथ-साथ देर तक छुपे काम करने की आदतें पेट से जुड़ी बातें आम हो गई हैं। एसिडिटी, गैस और पेट की जलन जैसी एलर्जी से बचने के लिए हमारी रसोई में ही मौजूद हैं कई आसान उपाय। आइए जानते हैं 5 ऐसी आदतों के बारे में जो पाचन तंत्र को ठीक करने में सहायक को बनाए रखने में मदद करती हैं। अनुसरण करना : सौंफ खाना खाने के बाद सौंफ़ खाने से सेहत के लिए बढ़िया है। इसके गुण पेट की सामग्रियों को आराम पहुंचाते हैं और गैस बनने से असुविधा होती है। आप खाने के बाद 1 बड़ा सौंफ़ चौबा सकते हैं। छवि: फ्रीपिक जीरा जीरा एंजाइम्स को सक्रिय करने का काम करता है, जिससे खाना जल्दी पचता है और एसिडिटी का खतरा कम होता है। जीरे को पानी में डूबकर उसका सेवन पेट के लिए पसंद है। छवि: फ्रीपिक अँग्रेज़ पेट की सूजन को कम करने और पाचन क्रिया को तेज करने में मदद मिलती है। पाचन तंत्र धीमा होने से अक्सर जलन और एसिडिटी की समस्या होती है। इसमें अदरक वाली चाय, गर्म पानी में रेस्तरां या भोजन शामिल कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक ऍमएलएम इलायची प्लांटर दूर नहीं होता, बल्कि पाचन को भी नुकसान पहुंचाता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण पेट की सूजन को कम करते हैं। खाने के बाद 1- 2 इलायची चबाना या इसे चाय और दूध के ढांचे में नारियल प्रभावशाली होता है। छवि: फ्रीपिक तुलसी तुलसी को औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है। विशेष भोजन से पेट की जलन शांत होती है और सूजन में राहत मिलती है। आप सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते के पत्ते या तुलसी की चाय का सेवन कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 10 जुलाई 2026 16:40 IST पर

‘द इंडिया स्टोरी’ में दिखेगा थाली का जहर:कैंसर की ट्रेन से कोर्टरूम तक असल घटनाओं से प्रेरित है फिल्म

‘द इंडिया स्टोरी’ में दिखेगा थाली का जहर:कैंसर की ट्रेन से कोर्टरूम तक असल घटनाओं से प्रेरित है फिल्म

श्रेयस तलपदे और काजल अग्रवाल स्टारर ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस’ 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। निर्देशक चेतन डीके और राइटर-प्रोड्यूसर सागर शिंदे की यह फिल्म मिलावटी खान-पान, पेस्टिसाइड्स और कैंसर के बढ़ते खतरे जैसे गंभीर मुद्दों को सस्पेंस, ड्रामा और क्राइम के साथ पेश करेगी। निर्देशक का दावा है कि फिल्म में दर्शकों को ओरिजिनल क्राउड और रियल लोकेशंस दिखाई देंगी, क्योंकि उनका उद्देश्य कहानी को अधिकतम वास्तविकता के साथ परदे पर उतारना था। एक बच्ची की मौत की खबर से कहानी की प्रेरणा आई निर्देशक चेतन डीके बताते हैं कि ‘मैं पहले किसी भारतीय क्रांतिकारी पर फिल्म बनाना चाहता था, लेकिन इसी दौरान सागर शिंदे के करीबी दोस्त की छह-सात साल की बेटी की पेस्टिसाइड्स से जुड़े कैंसर के कारण मौत हो गई। इस घटना ने पूरी टीम को झकझोर दिया।’ रिचर्स के दौरान ही एक ‘कैंसर ट्रेन’ के बारे में भी पता चला फिल्म के लिए की गई रिसर्च में लगभग ढाई से तीन साल लगे। रिसर्च के दौरान ही पता चला कि पंजाब के भटिंडा में एक ट्रेन को लोग ‘कैंसर ट्रेन’ के नाम से जानते हैं, क्योंकि वहां प्रदूषण और रसायनों के असर से लोग कैंसर का शिकार हो गए। हमारी फिल्म ऐसे ही गंभीर मुद्दों के इर्द-गिर्द है। बॉम्बे हाईकोर्ट के सीन्स के लिए नायगांव में विशेष सेट बना फिल्म की शूटिंग कोल्हापुर, पुणे, मुंबई, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, कोलकाता, हैदराबाद और अन्य स्थानों पर की गई। चेतन डीके का कहना है कि ‘मैंने अधिकांश सीन्स को वास्तविक लोकेशंस पर शूट किया और केवल कुछ सीन्स में ही क्रोमा का उपयोग किया। कुल मिलाकर फिल्म की शूटिंग 60 से 65 दिनों में पूरी हुई, जबकि पूरा शूटिंग शेड्यूल लगभग आठ से नौ महीने तक चला। बॉम्बे हाईकोर्ट के सीन्स के लिए नायगांव में विशेष सेट तैयार किया गया, जहां 12 दिनों तक कोर्टरूम सीक्वेंस फिल्माए गए। यह पूरे इंडिया की फिल्म है, इसलिए हमने टाइटल ‘द इंडियन स्टोरी’ रखा है। इसका टैगलाइन ‘स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस’ है।’ कम्प्यूटर जनरेटेड नहीं, असली क्राउड के साथ हुई पूरी शूटिंग निर्देशक के अनुसार ‘फिल्म में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 80 कैरेक्टर हैं। कुछ क्राउड सीन 2-3 तीन हजार लोगों के साथ शूट किए गए हैं। कुल 8 से 10 हजार असल क्राउड हायर हुआ था। क्राउड को कोर्ट, ट्रेन के सीन से लेकर पंजाब, हिमाचल, हैदराबाद, कोलकाता गुजरात, केरला आदि में दिखाया गया है। क्लाइमैक्स की शूटिंग में 10-12 दिन लगे हैं। इसकी शूटिंग कोल्हापुर में हुई है।’ मध्य प्रदेश से लेकर साउथ तक जाकर की गई रिसर्च निर्देशक चेतन के मुताबिक…‘ मध्य प्रदेश से लेकर केरल के कासरगोड गांव और तमिलनाडु तक कई जगहों के मामलों का अध्ययन किया गया। कुछ इलाकों में वर्षों से केमिकल छिड़काव के कारण बच्चों के जन्म से ही विकलांग होने और कैंसर के मामलों में वृद्धि भी देखने को मिली। जब हमें पता चला कि बाजार में ऐसे उत्पाद भी बिक रहे हैं, जिनमें असली दूध की मात्रा नगण्य है, तब लगा कि यह विषय सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी है।’ सैनिक के रोल में दिखेंगे श्रेयस, काजल बनी हैं वकील फिल्म की कहानी एक ऐसे सैनिक की है, जिसकी बेटी पेस्टिसाइड्स से जुड़े कैंसर के कारण मर जाती है। इसके बाद वह किसान, कंपनियों और सिस्टम के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ता है। श्रेयस इसमें सैनिक बने हैं, वहीं काजल अग्रवाल उस वकील का किरदार निभा रही हैं, जो अदालत में उनका साथ देती है। मुरली शर्मा एक ईमानदार अधिकारी और मनीष वाधवा विपक्षी वकील बने हैं।’