अमेरिका में महिला पर बेटे से संबंध बनाने का आरोप:46 साल की मां ने पुलिस पूछताछ में कबूला- 4 साल से ऐसा कर रही थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में 46 साल की महिला पर अपने 22 वर्षीय बेटे के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने पूछताछ में संबंध होने की बात कबूली। उसने बताया कि बेटे के 18 साल का होने के बाद यानी करीब 4 साल से ऐसा चल रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने बताया कि ऐसा करीब 100 बार हुआ। उसके पति को इसकी जानकारी नहीं थी। मामले में महिला और उसके बेटे पर अनाचार का केस दर्ज किया गया है। घरेलू विवाद के बाद सामने आया मामला मामला फ्लोरिडा के लेकलैंड में एक घरेलू विवाद के बाद सामने आया। क्रिस्टिना क्लेमेन्स ने पुलिस को फोन कर अपने बेटे शेन क्लेमेन्स पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पुलिस के पहुंचने के बाद शेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने अधिकारियों को बताया कि वह 18 साल की उम्र से अपनी मां के साथ यौन संबंध बना रहा था। जांचकर्ताओं ने उससे दोबारा इस दावे की पुष्टि की। शेरिफ ग्रेडी जुड के मुताबिक, शेन ने अपनी बात दोहराई। पति को दोनों के बीच संबंधों का शक था जांच के दौरान क्रिस्टिना के पति से भी पूछताछ की गई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उन्हें कथित संबंध की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उन्हें मां-बेटे के एक साथ मास्टर बेडरूम में समय बिताने पर शक होता था। उन्होंने बताया कि दोनों कभी-कभी कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लेते थे। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि वह और क्रिस्टिना शादीशुदा हैं और साथ रह रहे हैं। बेटा मारपीट के आरोप में हिरासत में शेन पर अपनी मां के साथ घरेलू हिंसा के तहत मारपीट का अतिरिक्त आरोप लगाया गया है। वह फिलहाल हिरासत में है और उसके लिए जमानत तय नहीं की गई है। क्रिस्टिना पर अनाचार के अलावा घरेलू मारपीट और खुले तौर पर व्यभिचार का आरोप भी लगाया गया। उन्हें 4 सितंबर को कुल 6,250 डॉलर के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने मां-बेटे के कथित संबंध को गैरकानूनी बताया है। मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। ———————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था अमेरिका के व्योमिंग में 28 साल के पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला किया गया। उनकी गर्दन, सीने, हाथ और पसलियों पर चोट आई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका के व्योमिंग में 28 साल के पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर चाकू से 17 बार हमला किया गया। हमले में उनकी गर्दन, सीने, हाथ और पसलियों पर चोट आई है। वह अस्पताल में भर्ती हैं। ड्राइवर ने अपनी पहचान सिर्फ सरनेम सिंह के रूप में बताई है। NPR के मुताबिक, हमला रविवार सुबह इंटरस्टेट-80 पर स्थित बिटर क्रीक रेस्ट एरिया के एक बाथरूम में हुआ। सिंह ने बताया कि वह पेंसिल्वेनिया जा रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति उनका पीछा करते हुए बाथरूम में पहुंचा और अचानक चाकू से हमला कर दिया। सिंह के मुताबिक, हमलावर ने उन पर लगातार चाकू से वार किए। वह किसी तरह बाथरूम से बाहर निकलने में कामयाब हुए, लेकिन बाहर गिर गए। इसके बाद उन्होंने मदद के लिए फोन किया। खबर अपडेट हो रही है…
अमेरिका में सिख ट्रक ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा:हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प के मंत्रालय ने मिस्टर सिंह वाला पोस्ट किया था

अमेरिका के व्योमिंग में 28 साल के पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला किया गया। उनकी गर्दन, सीने, हाथ और पसलियों पर चोट आई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान एंड्रयू क्रिस बजडैक के तौर पर की है। उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर की कोशिश का आरोप लगाया गया है। हमले से कुछ दिन पहले ट्रम्प प्रशासन के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने अप्रवासी ट्रक ड्राइवरों पर निशाना साधते हुए ‘मिस्टर सिंह’ लिखा एक विवादित पोस्ट किया था। हालांकि पुलिस ने अभी तक दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध नहीं बताया है। हमले का मकसद भी स्पष्ट नहीं है। बाथरूम में पीछा कर पहुंचा हमलावर NPR के मुताबिक, ड्राइवर ने अपनी पहचान सिर्फ सिंह सरनेम से बताई है। रविवार सुबह वह इंटरस्टेट-80 केबिटर क्रीक रेस्ट एरिया में बाथरूम गए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति उनका पीछा करते हुए अंदर पहुंचा और चाकू से हमला कर दिया। सिंह के मुताबिक, हमलावर ने लगातार वार किए। वह किसी तरह बाथरूम से बाहर निकले और मदद के लिए फोन किया। वहां मौजूद एक हिस्पैनिक परिवार ने उनकी आवाज सुनी और मदद के लिए पहुंचा। परिवार ने खून रोकने की कोशिश की और पुलिस को हमलावर के ट्रक की जानकारी दी। इसके बाद व्योमिंग हाईवे पेट्रोल ने रॉलिन्स के पास संदिग्ध ट्रक को रोककर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह जगह घटनास्थल से करीब 113 किमी दूर है। खबर अपडेट हो रही है…
बच्चे को सलमान के बॉडीगार्ड से लगा धक्का:एक्टर ने देखा तो बच्चे से मिलाया हाथ; बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे सलमान

सलमान खान गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार के मुंबई स्थित आवास और पंडाल में बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे। गणपति उत्सव में शामिल होने के बाद जब वे बाहर निकलने लगे तो फैंस और पैपराजी की बड़ी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान भीड़ में खड़ा एक बच्चे गलती से बॉडीगार्ड ने धक्के का मार दिया। सलमान ने बच्चे को देखा तो उसके पास जाकर प्यार से हाथ मिलाया। भीड़ में बच्चों का भी रखा ध्यान सलमान खान काले टी-शर्ट और पैंट में आशीष शेलार के घर पहुंचे थे। बड़ी संख्या में फैंस और मीडिया के लोग उनके आसपास जमा हो गए। सुरक्षा टीम को उन्हें बाहर निकालने के लिए रास्ता बनाना पड़ा। कार में बैठने से पहले सलमान ने भीड़ में मौजूद कई बच्चों को देखा। सुरक्षा कर्मी भीड़ को नियंत्रित कर लोगों को अभिनेता से दूर रखने की कोशिश कर रहे थे। सलमान ने सुरक्षा कर्मियों से भीड़ संभालते समय सावधानी बरतने को कहा। सलमान ने बच्चों से कुछ देर बातचीत की। परिवार के साथ गणपति उत्सव में शामिल हुए थे सलमान खान मुंबई में गणेश चतुर्थी समारोह में लगातार शामिल हो रहे हैं। वे अपने परिवार के साथ भी गणपति उत्सव और पारंपरिक आरती में शामिल हुए। अभिनेता बांद्रा में अपने भाई सोहेल खान के घर भी पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने परिवार के साथ गणपति विसर्जन में हिस्सा लिया। विसर्जन के वीडियो में सलमान आरती करते और परिवार के साथ भगवान गणेश को विदाई देते नजर आए।
बच्चे को सलमान के बॉडीगार्ड से लगा धक्का:एक्टर ने देखा तो बच्चे से मिलाया हाथ; बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे सलमान

सलमान खान गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार के मुंबई स्थित आवास और पंडाल में बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे। गणपति उत्सव में शामिल होने के बाद जब वे बाहर निकलने लगे तो फैंस और पैपराजी की बड़ी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान भीड़ में खड़े एक बच्चे को गलती से बॉडीगार्ड ने धक्का मार दिया। सलमान ने बच्चे को देखा तो उसके पास जाकर प्यार से हाथ मिलाया। भारी भीड़ के बीच सलमान लोगों से रास्ता साफ करने का इशारा करते नजर आए, ताकि वे वहां से निकल सकें। भीड़ में बच्चों का भी रखा ध्यान सलमान खान काले टी-शर्ट और पैंट में आशीष शेलार के घर पहुंचे थे। बड़ी संख्या में फैंस और मीडिया के लोग उनके आसपास जमा हो गए। सुरक्षा टीम को उन्हें बाहर निकालने के लिए रास्ता बनाना पड़ा। कार में बैठने से पहले सलमान ने भीड़ में मौजूद कई बच्चों को देखा। सुरक्षा कर्मी भीड़ को नियंत्रित कर लोगों को अभिनेता से दूर रखने की कोशिश कर रहे थे। सलमान ने सुरक्षा कर्मियों से भीड़ संभालते समय सावधानी बरतने को कहा। सलमान ने बच्चों से कुछ देर बातचीत की। परिवार के साथ गणपति उत्सव में शामिल हुए थे सलमान खान मुंबई में गणेश चतुर्थी समारोह में लगातार शामिल हो रहे हैं। वे अपने परिवार के साथ भी गणपति उत्सव और पारंपरिक आरती में शामिल हुए। अभिनेता बांद्रा में अपने भाई सोहेल खान के घर भी पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने परिवार के साथ गणपति विसर्जन में हिस्सा लिया। सलमान खान मंगलवार को खान परिवार के गणपति विसर्जन में शामिल हुए थे। उन्होंने परिवार के साथ बप्पा की आरती की। इस बार खान परिवार ने सोहेल खान के घर गणेश चतुर्थी का आयोजन किया था। विसर्जन के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें सलमान गणपति बप्पा की उल्टी आरती करते दिखे थे। कुछ देर बाद बहन अर्पिता ने उन्हें टोकते हुए सही तरीका बताया, जिसके तुरंत बाद सलमान ने गलती सुधार ली। सलमान खान के परिवार के गणपति विसर्जन में उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी पहुंची। सलमान के ठीक बाद यूलिया ने आरती की। अर्पिता खान उन्हें भी आरती सिखाती दिखीं। विसर्जन से पहले खान परिवार ने की आरती सोहेल खान के बिल्डिंग परिसर में हुए गणेश विसर्जन में पूरा खान परिवार शामिल रहा। सोहेल खान, अर्पिता शर्मा ने बच्चों के साथ आरती की। वहीं हेलेन और अन्य मेहमानों ने भी बप्पा के दर्शन किए। गणेश चतुर्थी पर सलमान ने बदला लुक सलमान खान ने गणेश चतुर्थी में अपना लुक पूरी तरह बदल लिया है। वह सोहेल खान और अंबानी परिवार के घर गणेश स्थापना के बाद बैंडाना लुक में पहुंचे। ऐसा ही कुछ मिलता-जुलता लुक विसर्जन में दिखा। उन्होंने टी-शर्ट, हाफ लेदर जैकेट के साथ विंटर कैप पहन रखी थी। सोहेल खान के घर विसर्जन में पहुंचे सलमान का स्टाफ की गोद में सो रही एक बच्ची ने ध्यान खींच लिया। सलमान पास गए और बच्ची को सहलाया। सलमान ने अंबानी परिवार के घर लिया था बप्पा का आशीर्वाद सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए।
रिपोर्ट- ट्रम्प-जिनपिंग की मुलाकात से पहले ताइवान में डर:जापान-साउथ कोरिया को चिंता, चीन से डील के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति नरम न पड़ जाएं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 24 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। इस मुलाकात से पहले ताइवान को लेकर चिंता बढ़ गई है। जापान और साउथ कोरिया समेत अमेरिका के करीबी देशों को डर है कि चीन के साथ व्यापार में कोई बड़ा फायदा लेने के लिए ट्रम्प ताइवान पर अपना रुख नरम कर सकते हैं। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि ताइवान को हथियार देने का फैसला चीन से बातचीत में उनके काम आ सकता है। ऐसे में अगर ट्रम्प के बयान या ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति में जरा भी बदलाव आया, तो चीन को ताइवान पर दबाव बढ़ाने का हौसला मिल सकता है। इससे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
रिपोर्ट- ट्रम्प सरकार ने हूती विद्रोहियों से सीक्रेट डील की:अमेरिकी जहाजों पर हमला नहीं करेंगे हूती लड़ाके, बदले में सऊदी की मदद नहीं करेगा अमेरिका

अमेरिकी अधिकारियों ने ओमान में हूती नेताओं से मुलाकात की। इसके बदले में ट्रम्प प्रशासन ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब को सैन्य मदद नहीं देने का फैसला किया है। ब्रिटिश अखबार द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि 2025 में दोनों पक्षों के बीच हुआ सीजफायर अभी कायम है और वे लाल सागर में अमेरिकी या अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे। हालांकि, सऊदी अरब से जुड़े जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को वे अपना लक्ष्य मानते हैं। उपराष्ट्रपति वेंस बोले- हम हूतियों के साथ सीधे संपर्क में अमेरिकी अधिकारियों ने पिछले हफ्ते में ओमान की राजधानी मस्कट के अमेरिकी दूतावास में हूती नेताओं के साथ बैठक की। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को पुष्टि की कि अमेरिका हूतियों के साथ सीधे संपर्क में है। अमेरिका ने मार्च 2025 में हूतियों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था। इसके बावजूद हाल के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों ने हूती नेताओं के अलावा हमास, हिजबुल्लाह और ईरान के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की है। सऊदी अरब को अकेले लड़ना पड़ सकता है पिछले हफ्ते हूतियों ने यमन के पश्चिमी हिस्से में लाल सागर के तट से लगे बड़े इलाके पर कब्जा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब ने अमेरिका से मदद की उम्मीद की थी। अमेरिका ने हूती गतिविधियों को बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य से नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया है, लेकिन अभी तक सऊदी अरब के समर्थन में सीधे सैन्य कार्रवाई नहीं की है। इसकी एक वजह यह भी है कि अमेरिका पहले से ईरान के साथ महंगे और संसाधन खपाने वाले संघर्ष में उलझा हुआ है। ईरान हूतियों का समर्थन करता है। यमन में अमेरिका के पूर्व उप राजदूत नबील खौरी ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन और हूतियों के बीच एक तरह की ‘मौन समझ’ बनी है। खौरी के मुताबिक, हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की लाल सागर में आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। उनके अनुसार खतरा मुख्य रूप से सऊदी जहाजों या सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को है। सऊदी ने कहा- मक्का की ओर ड्रोन भेजा गया सऊदी अरब ने मंगलवार को दावा किया कि हूतियों ने पवित्र शहर मक्का की ओर ड्रोन भेजा था। सऊदी रक्षा बलों ने इसे नष्ट करने की बात कही। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्किये अल-मलिकी के मुताबिक, ड्रोन को स्थानीय समयानुसार शाम करीब 6:50 बजे मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र के पास रोका गया। सऊदी अरब ने कहा कि मक्का पर किसी भी तरह का हमला ‘रेड लाइन’ है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और 57 देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने भी इस दावे की निंदा की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे ‘घिनौना और जघन्य’ हमला बताया। हूतियों ने सऊदी के आरोप को ‘सदी का सबसे बड़ा झूठ’ बताया हूती नेतृत्व ने सऊदी अरब के दावे को खारिज कर दिया। हूतियों ने इसे ‘सदी का सबसे बड़ा झूठ’ बताते हुए कहा कि इस तरह के दावों से पहले भी लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है। हूती उप विदेश मंत्री अब्दुल वहीद अबू रास ने उल्टा सऊदी अरब पर मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थलों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। हूतियों ने सऊदी F-15 गिराने का भी दावा किया हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने मारिब के पास सऊदी अरब का F-15 लड़ाकू विमान गिराया है। साथ ही लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको के एक संयंत्र पर हमला करने का दावा किया। हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता ने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। हूती वार्ता टीम के प्रमुख मोहम्मद अब्दुल सलाम ने कहा कि F-15 गिराने का दावा पश्चिमी देशों के लिए चेतावनी है कि वे सऊदी ‘प्रचार’ का शिकार न बनें। सऊदी अरब पाकिस्तान और तुर्किये से मदद मांग रहा हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-फराह ने कहा कि सऊदी अरब यमन में मुश्किल स्थिति में है। उनके मुताबिक, सऊदी अरब ने युद्ध और नाकेबंदी के बावजूद अपने लक्ष्य हासिल नहीं किए। उन्होंने दावा किया कि अब सऊदी अरब पाकिस्तान, तुर्किये, अमेरिका, इजराइल और मिस्र से समर्थन मांग रहा है और मक्का पर हमले के दावे के जरिए मुस्लिम देशों को अपने साथ लामबंद करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका-इजराइल समेत अरब देशों के सैन्य प्रमुखों की गुप्त बैठक इस बीच, इजराइली अधिकारियों ने अमेरिका, इजराइल और कई अरब देशों के सैन्य अधिकारियों की जर्मनी में हुई एक गुप्त बैठक की जानकारी लीक की है। एक्सिओस के पत्रकार बराक रैविड के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने पिछले सप्ताह यह बैठक आयोजित की थी। बैठक में इजराइल, सऊदी अरब, UAE, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के सैन्य प्रमुख शामिल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, छह महीने से ज्यादा समय पहले अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यह इस तरह की पहली बैठक थी। इजराइल, जिसे पहले हूती हमलों का सामना करना पड़ा था, अब सऊदी अरब की ओर से यमन में हस्तक्षेप करने की पेशकश कर रहा है। UN में लाल सागर बंद करने की कोशिश की निंदा मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में लाल सागर को बंद करने की किसी भी कोशिश की निंदा की गई। बैठक में रूस के रुख में भी बदलाव के संकेत मिले। रूसी प्रतिनिधि ने पहले जहां यमन में अदन स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को ही एकमात्र वैध सरकार माना था, अब उससे कुछ दूरी बनाते हुए नजर आए। चीन पहुंचा ईरान, होर्मुज पर समर्थन की कोशिश बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रशासन को लेकर ईरान की योजनाओं पर समर्थन हासिल करने की कोशिश की गई। ईरान और अमेरिका की अलग-अलग नाकेबंदी के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य अभी बंद है। चीन ने कहा कि वह नहीं चाहता कि क्षेत्रीय तनाव यमन और लाल सागर तक फैले। बीजिंग ने अमेरिका से जून में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के आधार
सिंगापुर सरकार किताब पढ़ने के बदले पैसे देगी:रोजाना कम से कम 15 मिनट पढ़ना होगा; स्मार्ट फोन और रील्स की लत छुड़ाना मकसद

स्मार्टफोन और रील्स की आदत के बीच सिंगापुर सरकार लोगों को किताब पढ़ने के लिए पैसे दे रही है। सरकार ने 5 साल का नेशनल रीडिंग मिशन शुरू किया है। इसके तहत लोगों को रोज कम से कम 15 मिनट पढ़ना होगा। पढ़ने का समय सरकारी वेबसाइट पर दर्ज करने के बदले पॉइंट्स मिलेंगे। इन पॉइंट्स के आधार पर नकद इनाम दिया जाएगा। सरकार का मकसद लोगों में दोबारा किताब पढ़ने की आदत डालना है। लगातार फोन चलाने और छोटे-छोटे वीडियो देखने से लोग लंबे समय तक किसी किताब या लेख पर ध्यान नहीं दे पाते। सरकार इसी आदत को बदलना चाहती है। 15 मिनट पढ़ने पर मिलेंगे 20 कॉइन्स इस योजना में रोज कम से कम 15 मिनट पढ़ने पर 20 वर्चुअल कॉइन्स मिलेंगे। एक दिन में सिर्फ एक बार पढ़ने का समय दर्ज किया जा सकेगा। अगर कोई व्यक्ति 50 दिन तक रोज 15 मिनट पढ़ता है, तो उसके 1,000 कॉइन्स पूरे हो जाएंगे। इसके बदले उसे 1 सिंगापुरी डॉलर यानी करीब 76 रुपए मिलेंगे। इस साल सरकार ने कुल 75 लाख रीडिंग मिनट का लक्ष्य रखा है। लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए करीब 1.14 करोड़ रुपए के इनाम दिए जाएंगे। सरकार ने पढ़ने को गेम जैसा बनाया सिंगापुर के नेशनल लाइब्रेरी बोर्ड (NLB) ने इस योजना में गेम जैसा रिवॉर्ड सिस्टम बनाया है। लोग ‘क्राउडटास्क एसजी’ वेबसाइट पर रोज अपनी पढ़ाई का समय दर्ज कर सकेंगे। जितना तय समय पूरा होगा, उतने कॉइन्स मिलेंगे। कॉइन्स जमा करने पर नकद इनाम मिलेगा। रील्स की जगह किताब पढ़ने की आदत चाहती है सरकार सरकार चाहती है कि लोग फोन पर लगातार रील्स और छोटे वीडियो देखने के बजाय कुछ समय किताब पढ़ने में लगाएं। नेशनल लाइब्रेरी बोर्ड की प्रमुख मेलिसा टैम के मुताबिक, छोटे वीडियो से जानकारी जल्दी मिल जाती है, लेकिन लगातार बहुत सारी जानकारी देखने से दिमाग थक सकता है। वहीं, किताब और लंबे लेख पढ़ने से ध्यान लगाने, सोचने और कल्पना करने की क्षमता बेहतर हो सकती है। इसलिए सरकार ने शुरुआत के लिए रोज सिर्फ 15 मिनट का लक्ष्य रखा है। युवा भी सिर्फ पढ़ाई के लिए पढ़ रहे रिसर्च एनालिस्ट आइजैक निओ के मुताबिक, बच्चों और युवाओं पर पढ़ाई और परीक्षाओं का दबाव रहता है। ऐसे में वे अक्सर सिर्फ परीक्षा के लिए पढ़ते हैं। मन की खुशी के लिए किताब पढ़ने की आदत कम होती जा रही है। निओ ने इसी वजह से 2025 में मॉडर्न मेन्स बुक क्लब शुरू किया था। इसका मकसद युवाओं को दोबारा किताबों से जोड़ना था। क्या पैसे देकर पढ़ने की आदत बन सकती है? इस योजना को लेकर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। मनोवैज्ञानिक चारिसा एनजी के मुताबिक, पैसे का इनाम उन लोगों को पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिन्हें पहले से थोड़ी रुचि है। लेकिन जिन लोगों को किताब पढ़ने में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं है, उनके लिए सिर्फ पैसे लंबे समय तक पढ़ने की आदत नहीं बना सकते। वहीं, पुस्तक विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत करवाने के लिए छोटा इनाम भी काम आ सकता है। हो सकता है कि कोई व्यक्ति पहले पैसे के लिए किताब पढ़ना शुरू करे और बाद में उसे पढ़ने में खुद रुचि आने लगे। यानी सिंगापुर की योजना का मकसद सिर्फ 76 रुपए देना नहीं, बल्कि लोगों को रोज 15 मिनट के लिए फोन से दूर करके किताब तक पहुंचाना है।
सिंगापुर सरकार किताब पढ़ने के बदले पैसे देगी:रोजाना कम से कम 15 मिनट पढ़ना होगा; स्मार्ट फोन और रील्स की लत छुड़ाना मकसद

स्मार्टफोन और रील्स की आदत के बीच सिंगापुर सरकार लोगों को किताब पढ़ने के लिए पैसे दे रही है। सरकार ने 5 साल का नेशनल रीडिंग मिशन शुरू किया है। इसके तहत लोगों को रोज कम से कम 15 मिनट पढ़ना होगा। पढ़ने का समय सरकारी वेबसाइट पर दर्ज करने के बदले पॉइंट्स मिलेंगे। इन पॉइंट्स के आधार पर नकद इनाम दिया जाएगा। सरकार का मकसद लोगों में दोबारा किताब पढ़ने की आदत डालना है। लगातार फोन चलाने और छोटे-छोटे वीडियो देखने से लोग लंबे समय तक किसी किताब या लेख पर ध्यान नहीं दे पाते। सरकार इसी आदत को बदलना चाहती है। 15 मिनट पढ़ने पर मिलेंगे 20 कॉइन्स इस योजना में रोज कम से कम 15 मिनट पढ़ने पर 20 वर्चुअल कॉइन्स मिलेंगे। एक दिन में सिर्फ एक बार पढ़ने का समय दर्ज किया जा सकेगा। अगर कोई व्यक्ति 50 दिन तक रोज 15 मिनट पढ़ता है, तो उसके 1,000 कॉइन्स पूरे हो जाएंगे। इसके बदले उसे 1 सिंगापुरी डॉलर यानी करीब 76 रुपए मिलेंगे। इस साल सरकार ने कुल 75 लाख रीडिंग मिनट का लक्ष्य रखा है। लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए करीब 1.14 करोड़ रुपए के इनाम दिए जाएंगे। सरकार ने पढ़ने को गेम जैसा बनाया सिंगापुर के नेशनल लाइब्रेरी बोर्ड (NLB) ने इस योजना में गेम जैसा रिवॉर्ड सिस्टम बनाया है। लोग ‘क्राउडटास्क एसजी’ वेबसाइट पर रोज अपनी पढ़ाई का समय दर्ज कर सकेंगे। जितना तय समय पूरा होगा, उतने कॉइन्स मिलेंगे। कॉइन्स जमा करने पर नकद इनाम मिलेगा। रील्स की जगह किताब पढ़ने की आदत चाहती है सरकार सरकार चाहती है कि लोग फोन पर लगातार रील्स और छोटे वीडियो देखने के बजाय कुछ समय किताब पढ़ने में लगाएं। नेशनल लाइब्रेरी बोर्ड की प्रमुख मेलिसा टैम के मुताबिक, छोटे वीडियो से जानकारी जल्दी मिल जाती है, लेकिन लगातार बहुत सारी जानकारी देखने से दिमाग थक सकता है। वहीं, किताब और लंबे लेख पढ़ने से ध्यान लगाने, सोचने और कल्पना करने की क्षमता बेहतर हो सकती है। इसलिए सरकार ने शुरुआत के लिए रोज सिर्फ 15 मिनट का लक्ष्य रखा है। युवा भी सिर्फ पढ़ाई के लिए पढ़ रहे रिसर्च एनालिस्ट आइजैक निओ के मुताबिक, बच्चों और युवाओं पर पढ़ाई और परीक्षाओं का दबाव रहता है। ऐसे में वे अक्सर सिर्फ परीक्षा के लिए पढ़ते हैं। मन की खुशी के लिए किताब पढ़ने की आदत कम होती जा रही है। निओ ने इसी वजह से 2025 में मॉडर्न मेन्स बुक क्लब शुरू किया था। इसका मकसद युवाओं को दोबारा किताबों से जोड़ना था। क्या पैसे देकर पढ़ने की आदत बन सकती है? इस योजना को लेकर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। मनोवैज्ञानिक चारिसा एनजी के मुताबिक, पैसे का इनाम उन लोगों को पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है, जिन्हें पहले से थोड़ी रुचि है। लेकिन जिन लोगों को किताब पढ़ने में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं है, उनके लिए सिर्फ पैसे लंबे समय तक पढ़ने की आदत नहीं बना सकते। वहीं, पुस्तक विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत करवाने के लिए छोटा इनाम भी काम आ सकता है। हो सकता है कि कोई व्यक्ति पहले पैसे के लिए किताब पढ़ना शुरू करे और बाद में उसे पढ़ने में खुद रुचि आने लगे। यानी सिंगापुर की योजना का मकसद सिर्फ 76 रुपए देना नहीं, बल्कि लोगों को रोज 15 मिनट के लिए फोन से दूर करके किताब तक पहुंचाना है।
भारत पर 100% टैरिफ बिल पर अमेरिकी संसद में वोटिंग:रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रम्प लगा सकेंगे भारी शुल्क; सीनेट से पास हो चुका

अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में आज उस बिल पर अंतिम वोटिंग होगी, जिसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक एक्सट्रा टैरिफ लग सकता है। इसका असर भारत और चीन जैसे देशों पर पड़ सकता है। हालांकि, इस वोटिंग का मतलब भारत पर तुरंत 100% टैरिफ लगना नहीं है। बिल कानून बना तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ऐसा टैरिफ लगाने की कानूनी शक्ति मिल जाएगी। मंगलवार को हाउस ने 214-211 वोट से बिल को अंतिम वोटिंग के लिए आगे बढ़ाया था। इससे पहले अमेरिकी सीनेट अगस्त में इसे 86-11 वोट से पास कर चुकी है। यह बिल कानून बना तो भारत पर असर पहली स्थिति: भारत रूस से तेल खरीदता रहे अमेरिका के 100% टैरिफ का सीधा असर भारत के निर्यात बिल पर पड़ सकता है। इससे भारतीय सामान अमेरिका में दोगुना महंगा हो जाएगा। अमेरिकी खरीदार सस्ता विकल्प ढूंढेंगे जैसे बांग्लादेश, वियतनाम, मैक्सिको, चीन। नतीजतन भारत के टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, लेदर, समुद्री उत्पाद, केमिकल्स आदि के ऑर्डर घट जाएंगे। दूसरी स्थिति: भारत रूस को छोड़कर दूसरे देशों से तेल खरीदे तो रूस से आने वाले तेल पर प्रतिबंध या टैरिफ का दबाव बढ़ता है, तो भारत को दूसरे देशों से तेल खरीदना पड़ेगा। यह महंगा पड़ सकता है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। रूस के रक्षा क्षेत्रों पर भी प्रतिबंध लगेगा बिल का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ है। अगर अमेरिकी संसद का निचला सदन इसे मंजूरी दे देता है, तो बिल व्हाइट हाउस जाएगा। यहां राष्ट्रपति ट्रम्प के साइन करते ही यह कानून बन जाएगा। इस बिल में रूस के तेल और रक्षा से जुड़े कारोबार पर कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। साथ ही रूस के उन टैंकरों पर भी कार्रवाई हो सकती है जो मौजूदा प्रतिबंधों से बचते हुए दूसरे देशों तक रूसी तेल पहुंचाते हैं। इन टैंकरों के नेटवर्क को रूस का ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता है। अमेरिका पहले भी रूस पर ऐसे प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर चुका है। लेकिन ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की सप्लाई पर असर पड़ा और दुनिया में तेल की कमी का डर बढ़ गया। इसके बाद अमेरिकी सरकार को रूस के तेल की बिक्री पर कुछ समय के लिए लगी पाबंदियों में छूट देनी पड़ी थी। ईरान के साथ ट्रेड करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध बढ़ेगा अगर यह कानून बन जाता है तो 1996 का ‘ईरान प्रतिबंध कानून’ 2031 तक बढ़ जाएगा। यह कानून उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी लगाता है जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। यह कानून इसी साल खत्म होने वाला था। इस बिल से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार भी मिल जाएगा कि वे अमेरिका में आने वाले रूसी सामान पर 500% तक टैरिफ लगा सकें। राष्ट्रपति का यह अधिकार 5 साल तक लागू रहेगा। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है। सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं, जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। —————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका से पैसा निकालने लगे दुनिया के बड़े निवेशक: 40 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज से बढ़ी चिंता, सोना खरीद रहे, चीन में निवेश बढ़ा रहे अमेरिका पर 40 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज है। इसके साथ ब्याज दरें, टैरिफ और दूसरे देशों पर लगाए जा रहे आर्थिक प्रतिबंध भी बढ़ रहे हैं। इससे दुनिया के कुछ निवेशक अब सोच रहे हैं कि अपना पैसा अमेरिका के अलावा कहां लगाया जाए। पूरी खबर पढ़ें…






