Sunday, 20 Sep 2026 | 11:12 PM

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इंटरव्यू:‘द कन्फ़ेशन…’ की कहानी घटना से ज्यादा नैतिक सवालों पर है: आदिल हुसैन

इंटरव्यू:‘द कन्फ़ेशन...’ की कहानी घटना से ज्यादा नैतिक सवालों पर है: आदिल हुसैन

आदिल हुसैन की फिल्म ‘द कन्फ़ेशन ऑफ मैरी’ टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई है। फिल्म में नाना पाटेकर भी अहम भूमिका में हैं। इस फिल्म को लेकर आदिल ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। क्या यह फिल्म 1966 के केरल के चर्चित ‘मदाथरुवी केस’ पर बेस्ड है? फिल्म को किसी एक व्यक्ति या घटना की सीधी कहानी के तौर पर देखना सही नहीं होगा। फिल्म के संदर्भ में किसी पुराने घटनाक्रम से प्रेरणा लिए जाने की बात रिपोर्ट्स में कही गई थी, लेकिन उस घटना की सटीक पहचान को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए इसे किसी वास्तविक व्यक्ति का सीधा चित्रण मानने के बजाय इसके विषय और नैतिक द्वंद्व के स्तर पर देखना ज्यादा उचित है। कहानी का मुख्य केंद्र उस व्यक्ति पर है, जो बेहद जिम्मेदारी वाले पद पर है और परिस्थितियों के दबाव के बावजूद अपने सिद्धांतों को संभालने की कोशिश करता है। फिल्म किसी एक घटना को दोहराने के बजाय उससे जुड़े मानवीय और नैतिक सवालों को सिनेमाई अंदाज में पेश करती है। क्या किसी वास्तविक वकील को देखकर आपने किरदार की तैयारी की? मैंने किसी एक वास्तविक वकील की नकल करने के बजाय इस बात पर ध्यान दिया कि इस पेशे की काम करने की प्रक्रिया क्या होती है? मेरे लिए किसी किरदार की विश्वसनीयता उसके बाहरी हावभाव से ज्यादा उसकी सोच और निर्णय लेने की प्रक्रिया में होती है। अगर किरदार वकील है तो उसके सामने आने वाली परिस्थितियों को उसी पेशेवर नजरिए से समझना जरूरी है। वह किसी व्यक्ति के बारे में अपनी निजी धारणा बनाने के बजाय उसके पक्ष को कानूनी नजरिए से देखेगा। इसलिए मैंने किसी खास व्यक्ति को कॉपी करने के बजाय पेशे की तकनीकी समझ को प्राथमिकता दी। आपकी अभिनय शैली और नाना पाटेकर की प्रक्रिया में क्या समानता दिखी? समानता शायद इस स्तर पर है कि दोनों के लिए किरदार को समझना महत्वपूर्ण है, लेकिन हर अभिनेता का रास्ता अलग हो सकता है। थिएटर की पृष्ठभूमि ने मुझे भी यह सिखाया है कि किरदार को केवल सतह पर नहीं देखना चाहिए, लेकिन किसी कलाकार की अपनी तैयारी, अनुभव और भीतर की प्रक्रिया उसके अभिनय को अलग बनाती है। नाना साहब की खासियत यह लगी कि वह स्क्रिप्ट पढ़ते हुए ही किरदार के भीतर मौजूद किसी जरूरी तत्व को पकड़ लेते हैं। उस प्रक्रिया को बाहर से देखकर पूरी तरह समझना संभव नहीं है, क्योंकि अभिनेता के भीतर चल रही तैयारी दिखाई नहीं देती। स्वतंत्र सिनेमा के लिए फेस्टिवल सर्किट कितना महत्वपूर्ण है? स्वतंत्र सिनेमा के लिए फेस्टिवल सर्किट एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है, क्योंकि वहां ऐसी फिल्मों को दर्शक मिलते हैं जिन्हें पारंपरिक व्यावसायिक रिलीज के जरिए पर्याप्त पहचान मिलना मुश्किल हो सकता है। फेस्टिवल में फिल्म सिर्फ दिखाई नहीं जाती, बल्कि उसके साथ बातचीत और नए लोगों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। उसके बाद वितरण, प्रचार और दर्शकों तक पहुंच जैसे चरण भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।

सलमान ने पैपराजी को फटकार लगाई:गलत एंगल से वीडियो लेने को लेकर महिलाओं से बोले- जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो

सलमान ने पैपराजी को फटकार लगाई:गलत एंगल से वीडियो लेने को लेकर महिलाओं से बोले- जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो

टीवी शो बिग बॉस 20 के ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को सलमान खान पैपराजी पर जमकर भड़के। शो में सलमान ने कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सई, जो महेश मांजरेकर की बेटी हैं और उनके साथ फिल्म ‘दबंग’ में काम कर चुकी हैं, ऐसे कैमरा एंगल से असहज दिखाई देती हैं। सलमान ने नेहा धूपिया और अपनी भतीजी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने नेहा धूपिया को भी ऐसे मामलों में पैपराजी पर नाराज होते देखा है। सलमान ने सवाल उठाया कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” या “Guess who this is?” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। थाइज का शॉट ले लो।” उन्होंने इस तरह की मानसिकता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हर फंक्शन और हर जगह ऐसा देखने को मिलता है। सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? सलमान ने कहा कि बिग बॉस के घर में 108 कैमरे लगे हैं, लेकिन वहां काम करने वाला कोई कैमरामैन महिलाओं को इस तरह के एंगल से शूट नहीं करता। उन्होंने कहा कि शो में कंटेस्टेंट कई बार ऐसी परिस्थितियों में होते हैं, जिन्हें गलत तरीके से दिखाया जा सकता है, लेकिन उनकी टीम किसी महिला को नीचा दिखाने वाला शॉट नहीं दिखाती।

सलमान ने पैपराजी को फटकार लगाई:गलत एंगल से वीडियो लेने को लेकर महिलाओं से बोले- जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो

सलमान ने पैपराजी को फटकार लगाई:गलत एंगल से वीडियो लेने को लेकर महिलाओं से बोले- जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो

टीवी शो बिग बॉस 20 के ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को सलमान खान पैपराजी पर जमकर भड़के। शो में सलमान ने कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सई, जो महेश मांजरेकर की बेटी हैं और उनके साथ फिल्म ‘दबंग’ में काम कर चुकी हैं, ऐसे कैमरा एंगल से असहज दिखाई देती हैं। सलमान ने नेहा धूपिया और अपनी भतीजी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने नेहा धूपिया को भी ऐसे मामलों में पैपराजी पर नाराज होते देखा है। सलमान ने सवाल उठाया कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” या “Guess who this is?” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। थाइज का शॉट ले लो।” उन्होंने इस तरह की मानसिकता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हर फंक्शन और हर जगह ऐसा देखने को मिलता है। सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? सलमान ने कहा कि बिग बॉस के घर में 108 कैमरे लगे हैं, लेकिन वहां काम करने वाला कोई कैमरामैन महिलाओं को इस तरह के एंगल से शूट नहीं करता। उन्होंने कहा कि शो में कंटेस्टेंट कई बार ऐसी परिस्थितियों में होते हैं, जिन्हें गलत तरीके से दिखाया जा सकता है, लेकिन उनकी टीम किसी महिला को नीचा दिखाने वाला शॉट नहीं दिखाती।

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले में अब तक 31 की मौत:100 से ज्यादा लोग घायल; विस्फोटक से भरी गाड़ी मस्जिद से टकराई थी

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले में अब तक 31 की मौत:100 से ज्यादा लोग घायल; विस्फोटक से भरी गाड़ी मस्जिद से टकराई थी

खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में मस्जिद के पास पुलिस परिसर पर हुए आत्मघाती हमले में मरने वालों की संख्या 31 हो गई है। मृतकों में 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं। हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हमला शुक्रवार दोपहर हुआ। उस समय पुलिसकर्मी और उनके परिवार के लोग मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे। आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरी कार लेकर पहुंचा था और उसने कार मस्जिद की दीवार से टकराकर धमाका कर दिया। कुछ हमलावर अब भी छिपे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कुछ हमलावर अभी भी स्पेशल ब्रांच के हिस्से में छिपे हुए हैं। पुलिस और उनके बीच रात में गोलीबारी भी हुई। फिलहाल यह नहीं बताया गया कि कितने हमलावरों ने हमला किया था। शुक्रवार को 6 आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। धमाके से मस्जिद और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा तेज धमाके से मस्जिद और परिसर की दूसरी इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा। दीवारें गिर गईं और मलबा पूरे इलाके में फैल गया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में बड़ी संख्या में ईंट-पत्थर और टूटी हुई दीवारें दिखाई दीं। पुलिस मुख्यालय में कई अहम विभागों के दफ्तर जहां हमला हुआ वह कोई सामान्य पुलिस चौकी नहीं थी। कोहाट का ओल्ड पुलिस लाइंस परिसर जिला स्तर का बड़ा पुलिस मुख्यालय है। यहां आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने वाला काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD), स्पेशल ब्रांच और पुलिस की दूसरी इकाइयों के दफ्तर हैं। यही वजह है कि हमलावरों ने पुलिस परिसर को निशाना बनाया। धमाके के बाद उन्होंने परिसर के अंदर मौजूद पुलिस ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश भी की। हमले की जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावा हमले के बाद इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान नाम के संगठन ने इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। यह संगठन हाफिज गुल बहादुर से जुड़े गुट के नेतृत्व वाला बताया जा रहा है। शुरुआती रिपोर्टों में एक अन्य संगठन की ओर से भी जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। इसलिए हमले के पीछे किस गुट की भूमिका थी, इसे लेकर अभी अलग-अलग दावे हैं। पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस इलाके में बढ़ रहे आतंकी हमलों के लिए अफगानिस्तान से सक्रिय आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अफगान तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर तनाव भी बढ़ा है।

रिजेक्शन और रिप्लेसमेंट के बाद तारा सुतारिया ने बनाई पहचान:बोलीं- फिल्मों से निकाले जाने पर बहुत तकलीफ होती थी, खुद से सवाल करती थी

रिजेक्शन और रिप्लेसमेंट के बाद तारा सुतारिया ने बनाई पहचान:बोलीं- फिल्मों से निकाले जाने पर बहुत तकलीफ होती थी, खुद से सवाल करती थी

बॉलीवुड में पहचान बनाने का सपना लेकर आने वाले हर कलाकार का सफर एक जैसा नहीं होता। कुछ को फिल्मी परिवार का सहारा मिलता है, तो कुछ हुनर और मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाने की कोशिश करते हैं। अभिनेत्री तारा सुतारिया का सफर भी ऐसा ही है। अभिनय के साथ संगीत और गायकी में रुचि रखने वाली तारा ने टेलीविजन से शुरुआत की और 2019 में करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से बड़े पर्दे पर कदम रखा। तारा का फिल्मी सफर कई अनुभवों से गुजर चुका है। उन्होंने रोमांटिक और एक्शन फिल्मों में काम किया और अपूर्वा जैसी सर्वाइवल थ्रिलर में मुख्य भूमिका निभाई। इस दौरान उन्हें फिल्मों से रिप्लेस किए जाने और इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। आज की सक्सेस स्टोरी में तारा सुतारिया के जीवन और करियर से जुड़ी खास बातें। बचपन से ही संगीत और मंच से जुड़ाव तारा सुतारिया का जन्म 19 नवंबर 1995 को मुंबई में हुआ। उन्हें बचपन से संगीत और परफॉर्मिंग आर्ट्स में रुचि थी। उन्होंने कम उम्र में गायन की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। संगीत के अलावा नृत्य और मंच पर प्रस्तुति देने का भी अनुभव रहा है। वह लगभग 15 साल की उम्र से मंच पर प्रस्तुति दे रही थीं। तारा हमेशा गायिका और परफॉर्मर बनना चाहती थीं। बॉलीवुड में अभिनय का मौका मिलने के बाद भी संगीत उनके लिए महत्वपूर्ण बना रहा। तारा ने म्यूजिकल थिएटर में भी काम किया। वह रैल पदमसी के प्रोडक्शन ‘ग्रीस’ और अश्विन गिडवानी के ‘ब्लेम इट ऑन यशराज’ जैसे म्यूजिकल प्रोजेक्ट्स से जुड़ी रहीं। इस अनुभव से उन्हें मंच पर आत्मविश्वास और दर्शकों के सामने प्रस्तुति का अवसर मिला। डिज्नी चैनल से शुरू हुआ अभिनय का सफर फिल्मों में आने से पहले तारा सुतारिया टेलीविजन पर काम कर चुकी थीं। उन्होंने डिज्नी चैनल के शो ‘द सूट लाइफ ऑफ करण एंड कबीर’ और ‘ओए जस्सी’ में अभिनय किया। इसके अलावा उन्होंने ‘बिग बड़ा बूम’ से बतौर गायिका और परफॉर्मर टीवी करियर की शुरुआत की थी। वह ‘एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा’ और ‘बेस्ट ऑफ लक निक्की’ जैसे टीवी शोज में भी नजर आईं। टेलीविजन पर काम करने से उन्हें कैमरे के सामने अभिनय और दर्शकों से जुड़ने का अनुभव मिला। यह उनके करियर का शुरुआती चरण था, जिसने उन्हें फिल्मों की दुनिया में कदम रखने के लिए तैयार किया। तारा का एक और हुनर गायकी था। उन्होंने PTI को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह फिल्मों में गाना चाहती थीं और भविष्य में बॉलीवुड फिल्मों के लिए भी गाना चाहती हैं। स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से बॉलीवुड डेब्यू साल 2019 तारा सुतारिया के करियर के लिए महत्वपूर्ण रहा। इसी साल उन्होंने पुनीत मल्होत्रा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। फिल्म में उनके साथ टाइगर श्रॉफ और अनन्या पांडे मुख्य भूमिकाओं में थे। तारा ने फिल्म में मिया चावला का किरदार निभाया। यह कॉलेज लाइफ, दोस्ती, प्यार और प्रतियोगिता पर आधारित कहानी थी। फिल्म को समीक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन तारा के लिए यह बड़े पर्दे पर शुरुआत का अवसर था। तारा ने अपनी डेब्यू फिल्म के प्रदर्शन पर कहा था कि फिल्म को लेकर लोगों की राय अलग हो सकती है, लेकिन उनके अनुसार फिल्म ने कमाई की थी और वह इसे असफल नहीं मानती थीं। तारा ने बताया था कि ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ की शूटिंग के दौरान उन्हें दूसरी फिल्मों के ऑफर मिलने लगे थे। इनमें ’कबीर सिंह’ और ‘मरजावां’ जैसी फिल्में शामिल थीं। उनका डेब्यू ऐसे समय में हुआ, जब वह अभिनय के साथ गायकी और मंचीय अनुभव को भी आगे बढ़ाना चाहती थीं। ‘मरजावां’ में निभाया अलग तरह का किरदार ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ के बाद तारा सुतारिया की दूसरी फिल्म मरजावां थी, जो 2019 में रिलीज हुई। मिलाप जावेरी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, रितेश देशमुख और रकुल प्रीत सिंह प्रमुख भूमिकाओं में थे। तारा ने फिल्म में जोया का किरदार निभाया था। उनका किरदार बोल और सुन नहीं सकता था। उन्हें संवादों के बजाय भाव-भंगिमा और सांकेतिक भाषा के माध्यम से अभिनय करना पड़ा। तारा कहती हैं कि उन्होंने इस भूमिका के लिए सांकेतिक भाषा सीखने पर काम किया। वह चाहती थीं कि उनके अभिनय में ऐसी गलती न हो, जिससे संबंधित समुदाय को बुरा लगे। ‘मरजावां’ उनके लिए महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इसमें उन्होंने अपनी डेब्यू फिल्म के कॉलेज रोमांस से अलग भूमिका निभाई। फिल्म में एक्शन, रोमांस और भावनात्मक संघर्ष का मिश्रण था। तारा ने इस फिल्म के जरिए दिखाने की कोशिश की कि वह अलग तरह के किरदार निभाने के लिए भी तैयार हैं। फिल्मों से रिप्लेस होने का अनुभव फिल्म इंडस्ट्री में काम पाने के साथ-साथ किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा बने रहना भी कलाकारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। तारा सुतारिया ने करियर के दौरान ऐसे अनुभवों का सामना किया है। जूम टीवी एंटरटेनमेंट के इंटरव्यू में तारा ने फिल्मों से रिप्लेस किए जाने के अनुभवों पर बात की है। उन्होंने बताया कि कुछ मौकों पर उन्हें फिल्मों से बाहर किए जाने की जानकारी मिली, जबकि वह उन प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने की उम्मीद कर रही थीं। किसी फिल्म से जुड़े होने की उम्मीद के बाद अचानक किसी दूसरे कलाकार को अपनी जगह देखना भावनात्मक रूप से मुश्किल हो सकता है। तारा के लिए भी यह शुरुआती करियर का ऐसा अनुभव रहा, जिसने उन्हें इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को समझने का अवसर दिया। ‘तड़प’ में रोमांटिक ड्रामा का अनुभव साल 2021 में तारा सुतारिया फिल्म ‘तड़प’ में नजर आईं। मिलन लुथरिया के निर्देशन में बनी यह तेलुगु फिल्म RX 100 का हिंदी रीमेक थी। इसमें तारा के साथ अहान शेट्टी ने अभिनय किया था। तारा ने फिल्म में रमिसा नौटियाल का किरदार निभाया। अहान शेट्टी के लिए यह बॉलीवुड डेब्यू था। कहानी प्यार, रिश्तों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव पर आधारित थी। फिल्म की शूटिंग और प्रमोशन के दौरान तारा ने अहान शेट्टी के साथ काम करने के अनुभव पर भी बात की थी। यह फिल्म तारा के करियर में एक और रोमांटिक भूमिका लेकर आई। उनके लिए यह ऐसा प्रोजेक्ट

ट्रम्प ने 100% टैरिफ वाले कानून को दी मंजूरी:रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा; भारत के लिए बढ़ा संकट

ट्रम्प ने 100% टैरिफ वाले कानून को दी मंजूरी:रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा; भारत के लिए बढ़ा संकट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब भारत पर 100% तक टैरिफ लगा सकते हैं। ट्रम्प ने इस बिल पर साइन कर दिया है और यह कानून बन चुका है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 40% से ज्यादा क्रूड ऑयल रूस से खरीद रहा है, इसलिए अमेरिका ने ये टैरिफ लगाया है। अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को रूस से ज्यादा तेल खरीदने वाले 5 देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने वाला बिल पास किया था। पक्ष में 262 और विरोध में 159 वोट पड़े थे। सीनेट अगस्त में इसे 86-11 वोट से पास कर चुकी है। इसे आधिकारिक तौर पर लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 नाम दिया गया है। रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने वाले 5 देशों की अमेरिकी लिस्ट में चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि हर 180 दिन में इस लिस्ट का आकलन करेंगे। अमेरिका की तरफ से 100% टैरिफ पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि देश के हितों से समझौता नहीं करेंगे। बीते 2 साल में भारत का रूस से तेल आयात यूक्रेन-रूस युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना तेजी से बढ़ाया। 2022-23 में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया। युद्ध से पहले भारत रूस से बहुत कम तेल खरीदता था, लेकिन बाद में यह बढ़कर रोजाना करीब 16 से 20 लाख बैरल तक पहुंच गया। अब भारत अपनी जरूरत के 40% से ज्यादा कच्चे तेल का आयात रूस से कर रहा है। इससे भारत रूस से तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल हो गया है। रूस के अलावा भारत के लिए 9 विकल्प रूस के अलावा, भारत मुख्य रूप से इराक, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और कतर से तेल खरीदता है। इसके अलावा, नाइजीरिया, अंगोला, ब्राजील और अमेरिका से भी कच्चा तेल आयात करता है। कानून का भारत पर असर पहली स्थिति: भारत रूस से तेल खरीदता रहे अमेरिका के 100% टैरिफ का सीधा असर भारत के निर्यात बिल पर पड़ सकता है। इससे भारतीय सामान अमेरिका में महंगा हो जाएगा। अमेरिकी खरीदार सस्ता विकल्प ढूंढेंगे, जैसे बांग्लादेश, वियतनाम, मैक्सिको, चीन। नतीजतन भारत के टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, लेदर, समुद्री उत्पाद, केमिकल्स समेत कई चीजों के ऑर्डर घट जाएंगे। दूसरी स्थिति: भारत रूस को छोड़कर दूसरे देशों से तेल खरीदे तो… रूस से आने वाले तेल पर प्रतिबंध या टैरिफ का दबाव बढ़ता है तो भारत को दूसरे देशों से तेल खरीदना पड़ेगा। यह महंगा पड़ सकता है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। रूस के रक्षा क्षेत्रों पर भी प्रतिबंध लगेगा बिल का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ है। इस बिल में रूस के तेल और रक्षा से जुड़े कारोबार पर कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। साथ ही रूस के उन टैंकरों पर भी कार्रवाई हो सकती है, जो मौजूदा प्रतिबंधों से बचते हुए दूसरे देशों तक रूसी तेल पहुंचाते हैं। इन टैंकरों के नेटवर्क को रूस का ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता है। अमेरिका पहले भी रूस पर ऐसे प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर चुका है। लेकिन ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की सप्लाई पर असर पड़ा और दुनिया में तेल की कमी का डर बढ़ गया। इसके बाद अमेरिकी सरकार को रूस के तेल की बिक्री पर कुछ समय के लिए लगी पाबंदियों में छूट देनी पड़ी थी। ईरान के साथ ट्रेड करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध बढ़ेगा बिल के कानून बनने के बाद 1996 का ‘ईरान प्रतिबंध कानून’ भी 2031 तक बढ़ जाएगा। यह कानून उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी लगाता है, जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। यह कानून इसी साल खत्म होने वाला था। इस बिल से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार भी मिलेगा कि वे अमेरिका में आने वाले रूसी सामान पर 500% तक टैरिफ लगा सकें। राष्ट्रपति का यह अधिकार 5 साल तक लागू रहेगा। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है। सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं, जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। —————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका से पैसा निकालने लगे दुनिया के बड़े निवेशक: 40 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज से बढ़ी चिंता, सोना खरीद रहे, चीन में निवेश बढ़ा रहे अमेरिका पर 40 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज है। इसके साथ ब्याज दरें, टैरिफ और दूसरे देशों पर लगाए जा रहे आर्थिक प्रतिबंध भी बढ़ रहे हैं। इससे दुनिया के कुछ निवेशक अब सोच रहे हैं कि अपना पैसा अमेरिका के अलावा कहां लगाया जाए। पूरी खबर पढ़ें…

सऊदी का यूरोप को अगले महीने तेल देने से इनकार:इराक से ड्रोन हमले के बाद पाइपलाइन बंद, मरम्मत में 5-6 हफ्ते लगेंगे

सऊदी का यूरोप को अगले महीने तेल देने से इनकार:इराक से ड्रोन हमले के बाद पाइपलाइन बंद, मरम्मत में 5-6 हफ्ते लगेंगे

सऊदी अरब ने अपनी एक अहम तेल पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमले के बाद अगले महीने यूरोपीय ग्राहकों को कच्चे तेल की सप्लाई रोक दी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सऊदी अरामको ने कम से कम दो यूरोपीय रिफाइनिंग कंपनियों को इसकी जानकारी दी है। यह फैसला सभी यूरोपीय खरीदारों पर लागू होगा। पिछले हफ्ते हुए हमले में ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के तीन पंपिंग स्टेशन क्षतिग्रस्त हुए हैं। सऊदी अरब ने इसके लिए इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया के ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया है। पहले समझें- कौन सी पाइपलाइन है? सऊदी अरामको की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन करीब 1,200 किलोमीटर लंबी है। यह सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में मौजूद तेल को लाल सागर तक पहुंचाती है, जहां से इसे दूसरे देशों तक भेजा जा सकता है। हमले के बाद पाइपलाइन को बंद कर दिया गया। 17 सितंबर को सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों और उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, इसके रास्ते में मौजूद तीन पंपिंग स्टेशन को नुकसान पहुंचा है। यूरोप को अगले महीने नहीं मिलेगा सऊदी तेल अरामको ने कम से कम दो यूरोपीय रिफाइनिंग कंपनियों को बताया है कि अगले महीने उन्हें सऊदी अरब से कच्चे तेल की सप्लाई नहीं मिलेगी। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह फैसला सिर्फ इन कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी यूरोपीय खरीदारों पर लागू होगा। पाइपलाइन बंद होने के बाद यूरोप की कुछ कंपनियों ने सऊदी तेल की जगह दूसरे देशों से कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया है। पोलैंड की तेल कंपनी ऑर्लेन ने 10 से ज्यादा टेंडर जारी किए हैं, ताकि वैकल्पिक सप्लाई हासिल की जा सके। यूरोप सऊदी से कितना तेल लेता है? अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक, OECD में शामिल यूरोपीय देशों ने जून में सऊदी अरब से रोजाना करीब 5.77 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा था। इसलिए अगले महीने सऊदी सप्लाई रुकने से यूरोपीय रिफाइनरियों को दूसरे स्रोतों से तेल खरीदना पड़ेगा। होर्मुज की रुकावट के बीच पाइपलाइन और अहम ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ऐसे समय बंद हुई है जब पिछले छह महीने से होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के कारण मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। सऊदी अरब इस पाइपलाइन के जरिए तेल को लाल सागर तक भेजकर होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी निर्भरता कम कर सकता था। इसके जरिए रोजाना करीब 40 लाख से 50 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा जा रहा था। यह मात्रा दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब 4 से 5% है। इसी वजह से यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए बेहद अहम रास्ता बनी हुई थी। अब पाइपलाइन बंद होने से अरामको के ग्राहकों में वैकल्पिक तेल की तलाश तेज हो गई है। यूरोपीय खरीदारों को भी सऊदी सप्लाई की जगह दूसरे देशों से कच्चा तेल जुटाना पड़ेगा।

जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से आमिर खान मिले:दोनों ने बातचीत भी की, मुलाकात के बाद महाभारत प्रोजेक्ट चर्चा में आया

जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से आमिर खान मिले:दोनों ने बातचीत भी की, मुलाकात के बाद महाभारत प्रोजेक्ट चर्चा में आया

बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान हाल ही में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी सतीशाचार्य महाराज से मिले। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी देर बातचीत हुई। आमिर ने आध्यात्मिक गुरु के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया। जगद्गुरु महाराज की सोशल मीडिया टीम ने आमिर के साथ मुलाकात का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘जब आध्यात्म और सिनेमा जगत की दो प्रमुख हस्तियां एक साथ आईं।’ टीम के अनुसार, आमिर ने जगद्गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया और उनसे बातचीत की। वीडियो में आमिर हल्के नीले और सफेद रंग का कुर्ता और काला पजामा पहने नजर आए। वह जगद्गुरु महाराज के पास जाते, उनसे हाथ मिलाते और गर्मजोशी से गले मिलते दिखे। आध्यात्मिक गुरु की बातें सुनते हुए आमिर काफी प्रभावित नजर आए। देखें मुलाकात की तस्वीरें- मुलाकात के बाद पैपराजी में भी यह उत्सुकता दिखी कि क्या दोनों मिलकर कुछ करने की योजना बना रहे हैं। एक पैपराजी ने जगद्गुरु महाराज से पूछा, ‘क्या होने वाला है? कोई कार्यक्रम है?’ इस पर जगद्गुरु महाराज ने कहा कि उन्हें वहां जाना होगा जहां ‘धर्म’ उन्हें बुलाएगा, क्योंकि अभी गणेश महोत्सव का जश्न चल रहा है। यह पहली बार नहीं है जब आमिर खान जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से मिले हैं। इससे पहले भी आमिर ने उनका आशीर्वाद लिया था और धर्म, उपनिषद और आध्यात्मिकता जैसे विषयों पर उनसे विस्तार से बातचीत की थी। मुलाकात के बाद आमिर का ‘महाभारत’ प्रोजेक्ट फिर चर्चा में आमिर खान कई बार फिल्म ‘महाभारत’ को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं। ऐसे में जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से उनकी मुलाकात के बाद ‘महाभारत’ को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई है। गौरतलब है कि महाभारत पर आमिर पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से काम करने की इच्छा जता रहे हैं। आमिर खान इस महाकाव्य को किसी एक फिल्म में नहीं, बल्कि हॉलीवुड की मशहूर फिल्म सीरीज ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ की तरह एक भव्य फिल्म सीरीज के रूप में बैक-टू-बैक चैप्टर्स में बनाना चाहते हैं। साल 2024 में बीबीसी से बातचीत के दौरान आमिर खान ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा था, ‘यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है और मेरे लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है। मुझे डर है कि इसे बनाते समय मुझसे कोई गलती न हो जाए। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि महाभारत हमारे लिए बहुत करीब है। यह हमारे खून में है, इसलिए मैं इसे बिल्कुल सही तरीके से बनाना चाहता हूं।’ आमिर ने कहा था, ‘मैं हर भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहता हूं और साथ ही दुनिया को यह दिखाना चाहता हूं कि भारत के पास क्या है। मुझे नहीं पता, यह कब बन पाएगा।’ आमिर आध्यात्म की ओर बढ़ रहे हैं: सतीशाचार्य महाराज जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज ने एक इंटरव्यू में आमिर खान को लेकर कई बातें साझा की थीं। उन्होंने कहा था कि व्यक्तिगत रूप से वह बहुत अच्छे इंसान हैं। महाराज के मुताबिक, कुछ समय से आमिर उनके संपर्क में हैं और आध्यात्म की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि आमिर गीता पढ़ते हैं, कलावा बांधते हैं और रुद्राक्ष धारण करते हैं। इसके अलावा, वे भगवान का नाम लेते हैं और भजन भी सीख रहे हैं। महाराज ने बताया था कि आमिर उनसे मिलने पर उनके लिए भजन गाकर सुनाते हैं। उन्होंने यह भी किस्सा साझा किया कि जब वे आमिर के घर भोजन करने गए थे, तो आमिर ने विशेष तैयारी करवाई। उनके मुताबिक, पूरे घर को गंगाजल से साफ करवाया गया, नए बर्तन और अनाज मंगवाए गए। इसके बाद भोजन बनाकर भगवान को भोग लगाया गया और पारंपरिक पद्धति से उन्हें भोजन कराया गया।

पाकिस्तान में नमाज के दौरान मस्जिद के पास धमाका:खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट जिले में 15 की मौत, 50 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान में नमाज के दौरान मस्जिद के पास धमाका:खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट जिले में 15 की मौत, 50 से ज्यादा घायल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार को मस्जिद के पास जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका शुक्रवार की नमाज के दौरान पुलिस लाइंस इलाके में हुआ। मेडिकल अधिकारियों के मुताबिक, इसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हैं। कोहाट के जिला मुख्यालय अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ताहिर अली शाह ने जियो न्यूज को बताया कि अस्पताल में 15 शव और 50 से ज्यादा घायलों को लाया गया। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट से मस्जिद के बाहरी हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा। एक दीवार भी गिर गई। कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी है। धमाके के बाद पुलिस लाइंस इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया। घटना के बाद राहत और बचाव का काम शुरू किया गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कोहाट-हंगू रोड को बंद कर दिया है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों के इलाज के लिए इमरजेंसी घोषित कर दी है। फिलहाल विस्फोट की वजह और इसमें किसका हाथ था, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

अमेरिका के फ्लोरिडा में मां ने बेटे से संबंध बनाए:पुलिस पूछताछ में कबूला- करीब 100 बार ऐसा किया; पति को जानकारी नहीं थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में मां ने बेटे से संबंध बनाए:पुलिस पूछताछ में कबूला- करीब 100 बार ऐसा किया; पति को जानकारी नहीं थी

अमेरिका के फ्लोरिडा में एक 46 वर्षीय महिला पर अपने ही बेटे से संबंध बनाने का आरोप है। पुलिस पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसने अपने 22 वर्षीय बेटे के साथ यौन संबंध बनाए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने बताया कि ऐसा करीब 100 बार हुआ। उसके पति को इसकी जानकारी नहीं थी। मामले में महिला और उसके बेटे पर अनाचार का केस दर्ज किया गया है। घरेलू विवाद के बाद सामने आया मामला मामला फ्लोरिडा के लेकलैंड में एक घरेलू विवाद के बाद सामने आया। क्रिस्टिना क्लेमेन्स ने पुलिस को फोन कर अपने बेटे शेन क्लेमेन्स पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पुलिस के पहुंचने के बाद शेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने अधिकारियों को बताया कि वह 18 साल की उम्र से अपनी मां के साथ यौन संबंध बना रहा था। जांचकर्ताओं ने उससे दोबारा इस दावे की पुष्टि की। शेरिफ ग्रेडी जुड के मुताबिक, शेन ने अपनी बात दोहराई। पति को दोनों के बीच संबंधों का शक था जांच के दौरान क्रिस्टिना के पति से भी पूछताछ की गई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उन्हें कथित संबंध की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उन्हें मां-बेटे के एक साथ मास्टर बेडरूम में समय बिताने पर शक होता था। उन्होंने बताया कि दोनों कभी-कभी कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लेते थे। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि वह और क्रिस्टिना शादीशुदा हैं और साथ रह रहे हैं। बेटे पर मारपीट का भी आरोप शेन पर अपनी मां के साथ घरेलू हिंसा के तहत मारपीट का अतिरिक्त आरोप लगाया गया है। वह फिलहाल हिरासत में है और उसके लिए जमानत तय नहीं की गई है। क्रिस्टिना पर अनाचार के अलावा घरेलू मारपीट और खुले तौर पर व्यभिचार का आरोप भी लगाया गया। उन्हें 4 सितंबर को कुल 6,250 डॉलर के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने मां-बेटे के कथित संबंध को गैरकानूनी बताया है। मामले में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।