Tuesday, 22 Sep 2026 | 01:34 PM

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ट्रम्प ने ओमान पर बमबारी की धमकी दी:कहा- ईरान मुद्दे पर बीच में न आए; IRGC का अमेरिका से बातचीत का दावा खारिज

ट्रम्प ने ओमान पर बमबारी की धमकी दी:कहा- ईरान मुद्दे पर बीच में न आए; IRGC का अमेरिका से बातचीत का दावा खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर ओमान को बमबारी की धमकी दी है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि अगर ओमान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में बाधा बना, तो अमेरिका उस पर ‘बमबारी करेगा’। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को फोन पर हुई बातचीत में ट्रम्प ने यह धमकी दी। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि ओमान ने ऐसा क्या किया था जिसे वह रुकावट मान रहे हैं। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ सीक्रेट बातचीत जारी है। हालांकि, IRGC ने कुछ देर बाद ही ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका के साथ उसकी कोई बातचीत नहीं हो रही है। अमेरिका-ईरान की बातचीत में ओमान मध्यस्थ देश ओमान लंबे समय से खुद को इस संघर्ष में तटस्थ देश बताता रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में भी वह मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की ओर से ओमान पर कई हमले हुए, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में उसकी भूमिका बनी रही। ट्रम्प का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान को सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी है पूरी बातचीत ओमान इस समय होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अहम भूमिका निभा रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही काफी हद तक रोक रखी है। दुनिया 20% कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोलना दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। ईरान बोला- जहाजों के रास्ते पर समझ बनी ट्रम्प की धमकी से कुछ घंटे पहले ईरान ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझ बन गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोमवार को तेहरान में पत्रकारों से कहा कि दोनों पक्ष जहाजों के आने-जाने के रास्ते पर सहमत हो गए हैं। अब सिर्फ बाकी तकनीकी और प्रशासनिक विवरण तय किए जाने हैं, जिसके बाद संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। IRGC ने ट्रम्प के दावे को झूठ बताया ट्रम्प के इस दावे को ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम न्यूज के हवाले से IRGC ने खारिज कर दिया। IRGC के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसके अधिकारियों और अमेरिका के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने ट्रम्प के बयान को झूठ बताते हुए कहा कि यह युद्ध में हार और निराशा से पैदा हुई उनकी कल्पना है। IRGC ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य संस्थाओं में से एक है। देश की सुरक्षा, राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी उसकी अहम भूमिका मानी जाती है। होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले मुआवजा चाहता है ईरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस महीने की शुरुआत में कह चुके हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका ईरान को मुआवजा देता है या नहीं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का उल्लंघन किया है। रॉयटर्स ने पहले एक ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया था कि ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के माल की कीमत का 5 से 7% शुल्क लिया जाए। ट्रम्प बोले- युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने ईरान की तुलना अच्छे पोकर खिलाड़ी से करते हुए कहा कि ईरान के लोग अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन वे मर रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि उनकी कोई समय सीमा तय नहीं है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का भी उनके फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका के हथियारों के भंडार को लेकर उठ रही चिंताओं को भी खारिज करते हुए कहा कि इस्तेमाल किए गए हथियार उसकी कुल सैन्य क्षमता के मुकाबले बहुत कम हैं। अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन का MoU आज खत्म हो रहा अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुआ 60 दिन का एमओयू 17 अगस्त को खत्म हो रहा है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखना और स्थायी समझौते तक पहुंचना था। हालांकि, दोनों देशों ने बाद में एक-दूसरे पर फिर हमले शुरू कर दिए और 8 जुलाई को ट्रम्प ने युद्धविराम खत्म होने का ऐलान कर दिया। अब MoU की अवधि पूरी होने के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत का सबसे अहम मुद्दा फिर से होर्मुज स्ट्रेट को खोलना बना हुआ है। ट्रम्प ने फिर दोहराया- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे MoU की अवधि खत्म होने से पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यही रहेगी कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल न कर सके। यानी एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ ट्रम्प ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपना सख्त रुख भी बनाए हुए हैं।

अमिताभ बच्चन ने ₹21.88 करोड़ में 3-फ्लोर किराए पर दिए:हर महीने ₹33 लाख किराया मिलेगा; न्यूट्रिशन ब्रांड से 5 साल के लिए डील साइन

अमिताभ बच्चन ने ₹21.88 करोड़ में 3-फ्लोर किराए पर दिए:हर महीने ₹33 लाख किराया मिलेगा; न्यूट्रिशन ब्रांड से 5 साल के लिए डील साइन

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने मुंबई के रियल एस्टेट मार्केट में एक और बड़ी डील की है। उन्होंने मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में स्थित ‘सिग्नेचर’ बिल्डिंग में अपने 3 फ्लोर 5 साल के लिए किराए पर दिए हैं। इस प्रॉपर्टी से अमिताभ बच्चन को हर महीने 33 लाख रुपए मिलेंगे। 5 साल की पूरी लीज अवधि के दौरान उन्हें कुल ₹21.88 करोड़ की कमाई होगी। 8,428 वर्ग फीट कारपेट एरिया और 9 गाड़ियों की पार्किंग प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन ने यह जगह ‘ट्रूनैटिव’ नाम की एक न्यूट्रिशन कंपनी को किराए पर दी है। इस कंपनी को इस्तेमाल के लिए करीब 8428 वर्ग फीट जगह मिली है। इसके साथ ही, कंपनी के लोगों के लिए बिल्डिंग में 9 गाड़ियां खड़ी करने की खास पार्किंग भी अलग से दी गई है। नियम और शर्तें: इस रेंट एग्रीमेंट पर सरकारी मुहर 7 अगस्त को लगी थी, लेकिन कंपनी का किराया 15 अगस्त 2026 से शुरू माना गया है। एग्रीमेंट में यह शर्त भी रखी गई है कि हर साल इस जगह का किराया 5% बढ़ेगा। यानी जैसे-जैसे साल बीतेंगे, अमिताभ बच्चन को मिलने वाला महीने का किराया और ज्यादा होता जाएगा। पिछले साल वॉर्नर म्यूजिक को दिए थे 4 ऑफिस अमिताभ बच्चन के लिए प्रॉपर्टी किराए पर देकर मोटी कमाई करना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले साल 2023 में भी उन्होंने मुंबई की लोटस सिग्नेचर बिल्डिंग में अपने 4 ऑफिस वार्नर म्यूजिक प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी को किराए पर दिए थे। यह डील मार्च 2024 में हुई थी। इस डील से अमिताभ बच्चन को हर महीने ₹17.30 लाख का किराया मिल रहा है। इस सौदे के तहत उस कंपनी को गाड़ियां खड़ी करने के लिए 12 पार्किंग स्पेस भी दिए गए थे। अयोध्या में भी खरीदी ₹35 करोड़ की जमीन मुंबई के अलावा अमिताभ बच्चन ने यूपी के अयोध्या में भी प्रॉपर्टी खरीदी है। इसी साल मार्च में उन्होंने 2.67 एकड़ जमीन 35 करोड़ रुपए में ली है। जिस कंपनी (अभिनंदन लोढ़ा ग्रुप) से उन्होंने यह जमीन खरीदी है, उनका कहना है कि अयोध्या में बिग-बी का यह तीसरा बड़ा निवेश है। कंपनी के मुताबिक, जमीन 75 एकड़ में बन रहे लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ के पास और राम मंदिर से सिर्फ 15-20 मिनट की दूरी पर है। कब-कब जमीनें खरीदीं वर्क फ्रंट: कौन बनेगा करोड़पति का 18वां सीजन होस्ट कर रहे फिल्मों और बिजनेस इन्वेस्टमेंट्स के साथ-साथ बिग बी TV स्क्रीन पर भी एक्टिव हैं। 80 पार की उम्र में भी उनका वर्क कमिटमेंट जारी है। इन दिनों वे लोकप्रिय क्विज रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के 18वें सीजन को होस्ट कर रहे हैं। नॉलेज पार्ट: कारपेट एरिया और लीव एंड लाइसेंस एग्रीमेंट क्या है ?

पत्नी से विवाद के बीच थाईलैंड डांस करने पहुंचे गोविंदा:सुनीता का आरोप- बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे; गोविंदा बोले- हद में रहो,

पत्नी से विवाद के बीच थाईलैंड डांस करने पहुंचे गोविंदा:सुनीता का आरोप- बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे; गोविंदा बोले- हद में रहो,

एक्टर गोविंदा इन दिनों अपनी निजी जिंदगी और पत्नी सुनीता आहूजा के साथ चल रहे विवाद को लेकर चर्चा में हैं। इस बीच गोविंदा का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे थाईलैंड के पट्टाया स्थित एक क्लब में डांस करते नजर आ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में गोविंदा अपने 90 के दशक के हिट गानों पर थिरकते दिखे। ब्लैक एंड व्हाइट सूट पहने गोविंदा बैकग्राउंड डांसर्स के साथ अपने सिग्नेचर स्टेप्स करते दिख रहे हैं। पट्टाया के क्लब में ‘सोनी दे नखरे’ पर दी परफॉर्मेंस क्लब में परफॉर्मेंस के दौरान गोविंदा ब्लैक एंड व्हाइट रंग के फॉर्मल सूट में नजर आए। स्टेज पर उनके साथ बैकग्राउंड डांसर्स की टीम भी मौजूद थी, जो उनके गानों की बीट्स पर ताल मिला रही थी। वायरल हो रहे वीडियो में गोविंदा ने अपनी सुपरहिट फिल्मों के गानों ‘सोनी दे नखरे’ और ‘सोने लगदे’ पर डांस किया। वे स्टेज पर पूरे जोश के साथ अपने पुराने अंदाज में डांस स्टेप्स करते नजर आ रहे हैं। कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखे थे गोविंदा यह वीडियो ऐसे समय पर सामने आया है जब गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच अनबन की खबरें चल रही हैं। कुछ समय पहले गोविंदा को मुंबई एयरपोर्ट पर अपनी आने वाली फिल्म की डेब्यू एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया था। दोनों का साथ में वीडियो वायरल होने के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में उनके अफेयर की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। पत्नी बोलीं- बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे एक्ट्रेस के साथ दिखने पर सुनीता ने कहा, गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। गोविंदा बोले- हद में रहिए, बदनाम मत कीजिए पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा है कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। हाल ही में गोविंदा ने सुनीता पर कहा- ‘जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं।

पत्नी से विवाद के बीच थाईलैंड डांस करने पहुंचे गोविंदा:सुनीता का आरोप- बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे; गोविंदा बोले- हद में रहो,

पत्नी से विवाद के बीच थाईलैंड डांस करने पहुंचे गोविंदा:सुनीता का आरोप- बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे; गोविंदा बोले- हद में रहो,

एक्टर गोविंदा इन दिनों अपनी निजी जिंदगी और पत्नी सुनीता आहूजा के साथ चल रहे विवाद को लेकर चर्चा में हैं। इस बीच गोविंदा का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे थाईलैंड के पट्टाया स्थित एक क्लब में डांस करते नजर आ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में गोविंदा अपने 90 के दशक के हिट गानों पर थिरकते दिखे। ब्लैक एंड व्हाइट सूट पहने गोविंदा बैकग्राउंड डांसर्स के साथ अपने सिग्नेचर स्टेप्स करते दिख रहे हैं। पट्टाया के क्लब में ‘सोनी दे नखरे’ पर दी परफॉर्मेंस क्लब में परफॉर्मेंस के दौरान गोविंदा ब्लैक एंड व्हाइट रंग के फॉर्मल सूट में नजर आए। स्टेज पर उनके साथ बैकग्राउंड डांसर्स की टीम भी मौजूद थी, जो उनके गानों की बीट्स पर ताल मिला रही थी। वायरल हो रहे वीडियो में गोविंदा ने अपनी सुपरहिट फिल्मों के गानों ‘सोनी दे नखरे’ और ‘सोने लगदे’ पर डांस किया। वे स्टेज पर पूरे जोश के साथ अपने पुराने अंदाज में डांस स्टेप्स करते नजर आ रहे हैं। कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखे थे गोविंदा यह वीडियो ऐसे समय पर सामने आया है जब गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच अनबन की खबरें चल रही हैं। कुछ समय पहले गोविंदा को मुंबई एयरपोर्ट पर अपनी आने वाली फिल्म की डेब्यू एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया था। दोनों का साथ में वीडियो वायरल होने के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में उनके अफेयर की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। पत्नी बोलीं- बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे एक्ट्रेस के साथ दिखने पर सुनीता ने कहा, गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। गोविंदा बोले- हद में रहिए, बदनाम मत कीजिए पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा है कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। हाल ही में गोविंदा ने सुनीता पर कहा- ‘जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं।

पाक राष्ट्रपति जरदारी बोले- हम यहां हिंदुओं को झेलते हैं:जावेद अख्तर भड़के, कहा- खुद भुट्टो से शादी कर सुर्खियों में आए; ट्रोलर्स को भी फटकारा

पाक राष्ट्रपति जरदारी बोले- हम यहां हिंदुओं को झेलते हैं:जावेद अख्तर भड़के, कहा- खुद भुट्टो से शादी कर सुर्खियों में आए; ट्रोलर्स को भी फटकारा

भारतीय डायलॉग राइटर और गीतकार जावेद अख्तर ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के उस बयान पर भड़क गए, जिसमें उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान में हिंदुओं को झेलते हैं। जावेद अख्तर ने उनकी आलोचना करते हुए उन्हें संवेदनहीन कहा है। जब कुछ लोग जावेद अख्तर के बयान की निंदा करने लगे, तो उन्होंने एक-एक कर सबको फटकार लगाई है। जरदारी बोले- हम हिंदुओं को झेलते हैं, हम मुस्लिम जरदारी ने पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति पर बात करते हुए भारत के हिंदुओं से उनकी तुलना की थी। जरदारी ने कहा, “भारतीयों का नजरिया अलग है। उनके दिमाग में अपना एजेंडा है। वे अखंड भारत में विश्वास करते हैं। लेकिन बीच में बहुत कुछ ऐसा है, जिसे वे भूल चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम मुसलमान हैं और वे नहीं हैं। लेकिन हम ऐसे सोच वाले मुसलमान हैं, जो पाकिस्तान में 3-4 फीसदी हिंदू आबादी को सहन करते हैं। वे उतने ही आजाद और अच्छे हैं, जितने कहीं और थे। वे उनके साथ रहने के बजाय हमारे साथ रहना पसंद करेंगे।” इस बयान पर जावेद अख्तर ने ऑफिशियल सोशल मीडिया से लिखा है, “पाकिस्तान के मिस्टर जरदारी, जो बेनजीर भुट्टो से शादी करने के बाद सुर्खियों में आए थे, कहते हैं कि उनके देश में 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को वे बर्दाश्त करते हैं। मैं समझता हूं, मिस्टर जरदारी, आप हमेशा उन सभी चीजों के प्रति असंवेदनशील रहे हैं, जिनका प्रतिशत 10 प्रतिशत से भी कम है।” जावेद अख्तर ने दबे शब्दों में किया ट्रोल जावेद अख्तर ने अपने बयान में 10 प्रतिशत का जिक्र इसलिए किया, क्योंकि जरदारी को मिस्टर टेन पर्सेंट कहा जाता है। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के पति रहे जरदारी को 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में “मिस्टर टेन परसेंट” उपनाम मिला था। उन पर सरकारी परियोजनाओं और कारोबारी सौदों के सिलसिले में 10 फीसदी कमीशन मांगने के आरोप लगे थे। जरदारी ने इन आरोपों से इनकार किया था। 1990 में तत्कालीन राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान द्वारा भुट्टो सरकार को बर्खास्त किए जाने के बाद यह उपनाम और ज्यादा चर्चित हुआ। जावेद अख्तर ने ट्रोलर्स को भी लगाई फटकार एक तरफ जहां जावेद अख्तर के बयान की सराहना हो रही है, वहीं एक पाकिस्तानी यूजर ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आपने कभी भारत में अल्पसंख्यकों के लिए अपनी आवाज उठाई है? नहीं। कड़वी सच्चाई यह है कि भारत में जिंदा रहने के लिए हर गैर-हिंदू को हिंदू अभिजात वर्ग की चापलूसी और उन्हें खुश करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उनके खिलाफ तमाम आरोपों के बावजूद जरदारी एक देश के राष्ट्रपति बन गए। फिर भी आप भारत में और हर जगह एक शून्य ही हैं और शून्य ही बने रहेंगे, चाहे आप उनके तलवे कितनी भी चाटते रहें। आप बेहद शर्मनाक और घटिया इंसान हैं। जावेद अख्तर ने अपने अंदाज में इसका भी जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “आपका पहला सवाल मुझे बताता है कि आप मेरे बारे में कितना कम जानते हैं। और आपके आखिरी शब्द बताते हैं कि आपकी ‘क्लास’ क्या है।” जावेद अख्तर ने पहले भी दिए पाक विरोधी बयान नरक और पाकिस्तान में से नरक चुनूंगा: 17 मई 2025 को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की किताब ‘नरकातला स्वर्ग’ के विमोचन पर जावेद अख्तर ने पाकिस्तान को नरक से बदतर बताते हुए तीखा बयान दिया था। उन्होंने कहा था- ‘अगर पाकिस्तान और नरक में से चुनना हो तो मैं नरक चुनूंगा।’ भारत का विभाजन गलत था, पाकिस्तान हिंदुस्तान से ही निकला: 2023 में लाहौर के फैज फेस्टिवल में जावेद अख्तर ने स्पष्ट कहा कि भारत का विभाजन ऐतिहासिक भूल थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान हिंदुस्तान का हिस्सा था, जो 1947 में दो देशों में बंट गया। अख्तर ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के लोग मूल रूप से एक ही सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हैं और विभाजन ने अनावश्यक दुश्मनी पैदा की। इस बयान पर पाकिस्तानी दर्शकों ने तालियां बजाईं, लेकिन भारत-पाक मीडिया में विवाद छा गया। पाकिस्तान में सेकुलरिज्म लगभग मर चुका है: भारत-पाक संबंधों पर एक चर्चा में जावेद अख्तर ने पाकिस्तान की सामाजिक स्थिति पर तीखा प्रहार किया। उनका मानना था कि वहां धर्मनिरपेक्षता नाममात्र को रह गई है और कट्टरवाद हावी हो चुका है। पाकिस्तान के कुछ बुद्धिजीवियों ने इसे ओवर-जनरलाइजेशन कहा, लेकिन भारत में ये बयान साहित्यिक सर्कल तक सीमित रहा। जावेद ने उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत देखकर साफ है कि सेक्युलरिज्म खतरे में है।

पाक राष्ट्रपति जरदारी बोले- हम यहां हिंदुओं को झेलते हैं:जावेद अख्तर भड़के, कहा- खुद भुट्टो से शादी कर सुर्खियों में आए; ट्रोलर्स को भी फटकारा

पाक राष्ट्रपति जरदारी बोले- हम यहां हिंदुओं को झेलते हैं:जावेद अख्तर भड़के, कहा- खुद भुट्टो से शादी कर सुर्खियों में आए; ट्रोलर्स को भी फटकारा

भारतीय डायलॉग राइटर और गीतकार जावेद अख्तर ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के उस बयान पर भड़क गए, जिसमें उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान में हिंदुओं को झेलते हैं। जावेद अख्तर ने उनकी आलोचना करते हुए उन्हें संवेदनहीन कहा है। जब कुछ लोग जावेद अख्तर के बयान की निंदा करने लगे, तो उन्होंने एक-एक कर सबको फटकार लगाई है। जरदारी बोले- हम हिंदुओं को झेलते हैं, हम मुस्लिम जरदारी ने पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति पर बात करते हुए भारत के हिंदुओं से उनकी तुलना की थी। जरदारी ने कहा, “भारतीयों का नजरिया अलग है। उनके दिमाग में अपना एजेंडा है। वे अखंड भारत में विश्वास करते हैं। लेकिन बीच में बहुत कुछ ऐसा है, जिसे वे भूल चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम मुसलमान हैं और वे नहीं हैं। लेकिन हम ऐसे सोच वाले मुसलमान हैं, जो पाकिस्तान में 3-4 फीसदी हिंदू आबादी को सहन करते हैं। वे उतने ही आजाद और अच्छे हैं, जितने कहीं और थे। वे उनके साथ रहने के बजाय हमारे साथ रहना पसंद करेंगे।” इस बयान पर जावेद अख्तर ने ऑफिशियल सोशल मीडिया से लिखा है, “पाकिस्तान के मिस्टर जरदारी, जो बेनजीर भुट्टो से शादी करने के बाद सुर्खियों में आए थे, कहते हैं कि उनके देश में 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को वे बर्दाश्त करते हैं। मैं समझता हूं, मिस्टर जरदारी, आप हमेशा उन सभी चीजों के प्रति असंवेदनशील रहे हैं, जिनका प्रतिशत 10 प्रतिशत से भी कम है।” जावेद अख्तर ने दबे शब्दों में किया ट्रोल जावेद अख्तर ने अपने बयान में 10 प्रतिशत का जिक्र इसलिए किया, क्योंकि जरदारी को मिस्टर टेन पर्सेंट कहा जाता है। पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के पति रहे जरदारी को 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में “मिस्टर टेन परसेंट” उपनाम मिला था। उन पर सरकारी परियोजनाओं और कारोबारी सौदों के सिलसिले में 10 फीसदी कमीशन मांगने के आरोप लगे थे। जरदारी ने इन आरोपों से इनकार किया था। 1990 में तत्कालीन राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान द्वारा भुट्टो सरकार को बर्खास्त किए जाने के बाद यह उपनाम और ज्यादा चर्चित हुआ। जावेद अख्तर ने ट्रोलर्स को भी लगाई फटकार एक तरफ जहां जावेद अख्तर के बयान की सराहना हो रही है, वहीं एक पाकिस्तानी यूजर ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आपने कभी भारत में अल्पसंख्यकों के लिए अपनी आवाज उठाई है? नहीं। कड़वी सच्चाई यह है कि भारत में जिंदा रहने के लिए हर गैर-हिंदू को हिंदू अभिजात वर्ग की चापलूसी और उन्हें खुश करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उनके खिलाफ तमाम आरोपों के बावजूद जरदारी एक देश के राष्ट्रपति बन गए। फिर भी आप भारत में और हर जगह एक शून्य ही हैं और शून्य ही बने रहेंगे, चाहे आप उनके तलवे कितनी भी चाटते रहें। आप बेहद शर्मनाक और घटिया इंसान हैं। जावेद अख्तर ने अपने अंदाज में इसका भी जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “आपका पहला सवाल मुझे बताता है कि आप मेरे बारे में कितना कम जानते हैं। और आपके आखिरी शब्द बताते हैं कि आपकी ‘क्लास’ क्या है।” जावेद अख्तर ने पहले भी दिए पाक विरोधी बयान नरक और पाकिस्तान में से नरक चुनूंगा: 17 मई 2025 को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की किताब ‘नरकातला स्वर्ग’ के विमोचन पर जावेद अख्तर ने पाकिस्तान को नरक से बदतर बताते हुए तीखा बयान दिया था। उन्होंने कहा था- ‘अगर पाकिस्तान और नरक में से चुनना हो तो मैं नरक चुनूंगा।’ भारत का विभाजन गलत था, पाकिस्तान हिंदुस्तान से ही निकला: 2023 में लाहौर के फैज फेस्टिवल में जावेद अख्तर ने स्पष्ट कहा कि भारत का विभाजन ऐतिहासिक भूल थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान हिंदुस्तान का हिस्सा था, जो 1947 में दो देशों में बंट गया। अख्तर ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के लोग मूल रूप से एक ही सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हैं और विभाजन ने अनावश्यक दुश्मनी पैदा की। इस बयान पर पाकिस्तानी दर्शकों ने तालियां बजाईं, लेकिन भारत-पाक मीडिया में विवाद छा गया। पाकिस्तान में सेकुलरिज्म लगभग मर चुका है: भारत-पाक संबंधों पर एक चर्चा में जावेद अख्तर ने पाकिस्तान की सामाजिक स्थिति पर तीखा प्रहार किया। उनका मानना था कि वहां धर्मनिरपेक्षता नाममात्र को रह गई है और कट्टरवाद हावी हो चुका है। पाकिस्तान के कुछ बुद्धिजीवियों ने इसे ओवर-जनरलाइजेशन कहा, लेकिन भारत में ये बयान साहित्यिक सर्कल तक सीमित रहा। जावेद ने उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की हालत देखकर साफ है कि सेक्युलरिज्म खतरे में है।

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे बहुत खुशी है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे पता चलता है कि मिडिल-ईस्ट एकजुट हो रहा है और देश अब ज्यादा मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे।” ट्रम्प ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए डील को “बड़ा, साहसी और अहम पहला कदम” बताया। एक पर हमला हुआ तो तीनों साथ देंगे इस समझौते पर 7 अगस्त को मक्का में हस्ताक्षर हुए थे। समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए। इसके मुताबिक, पाकिस्तान, सऊदी अरब या तुर्किये में से किसी एक पर हमला होता है तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यानी किसी एक देश पर हमला होने पर बाकी दोनों देश उसके साथ खड़े होंगे। डील का मकसद तीनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है। एर्दोगन बोले- आगे और देश जुड़ सकते हैं एर्दोगन ने कहा है कि आगे दूसरे देश भी इस रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर मिस्र के जुड़ने की संभावना बताई है। एर्दोगन ने कहा कि यह समझौता दुनिया को एक अहम संदेश देता है। भारत की भी इस डील पर नजर भारत ने कहा है कि वह इस समझौते के असर की समीक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत इसे अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

ट्रम्प ने PAK-सऊदी-तुर्किये के रक्षा समझौते पर खुशी जताई:बोले- तीनों देश मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे; एक पर हमला हुआ तो मिलकर जवाब देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस डील से तीनों देश मिलकर अपनी रक्षा ज्यादा मजबूती से कर सकेंगे। ट्रम्प ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे बहुत खुशी है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। इससे पता चलता है कि मिडिल-ईस्ट एकजुट हो रहा है और देश अब ज्यादा मजबूती से अपनी रक्षा कर सकेंगे।” ट्रम्प ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए डील को “बड़ा, साहसी और अहम पहला कदम” बताया। 7 अगस्त को मक्का समझौते पर साइन हुए इस समझौते पर 7 अगस्त को मक्का में हस्ताक्षर हुए थे। समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए। एर्दोगन ने कहा है कि आगे दूसरे देश भी इस रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर मिस्र के जुड़ने की संभावना बताई है। डील का मकसद तीनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है। यानी किसी एक देश पर हमला होने पर बाकी दोनों देश उसके साथ खड़े होंगे। एक पर हमला हुआ तो बाकी दो देश साथ देंगे इस समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब या तुर्किये में से किसी एक देश पर हमला हुआ तो इसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यानी जिस देश पर हमला होगा, उसे बाकी दोनों देशों का साथ मिलेगा। कैसे मदद करेंगे तीनों देश? भारत की भी इस डील पर नजर भारत ने कहा है कि वह इस समझौते के असर की समीक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत इसे अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

लुधियाना के आरव को चाहिए 9 करोड़ का इंजेक्शन:2 साल उम्र, वजन सिर्फ 10Kg, चल नहीं पाता; सोनू सूद ने लोगों से मांगी मदद

लुधियाना के आरव को चाहिए 9 करोड़ का इंजेक्शन:2 साल उम्र, वजन सिर्फ 10Kg, चल नहीं पाता; सोनू सूद ने लोगों से मांगी मदद

लुधियाना का 2 साल का मासूम आरव ठाकुर इन दिनों जिंदगी की सबसे मुश्किल लड़ाई लड़ रहा है। आरव को दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 है। जन्म के बाद करीब डेढ़ साल तक बिल्कुल सामान्य रहने वाले आरव में अचानक शारीरिक दिक्कतें शुरू हुईं, जिसके बाद जांच में बीमारी की पुष्टि हुई। अब उसकी जिंदगी करीब 9 करोड़ रुपए के महंगे इंजेक्शन पर टिकी है। परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है, इसलिए मदद की उम्मीद में माता-पिता ने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक हर दरवाजा खटखटाया है। इसी बीच बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने आरव के लिए सोशल मीडिया पर भावुक अपील करते हुए देशवासियों से उसकी मदद के लिए आगे आने की गुहार लगाई है। परिवार समराला चौक के पास रहता है। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… सोनू सूद ने वीडियो जारी अपील की एक्टर सोनू सूद ने वीडियो जारी कर कहा- नमस्कार मैं आप सबसे एक अपील करना चाहता हूं कि एक छोटा सा बच्चा जिसका नाम है आरव ठाकुर, और उसे एसएमए 2 (SMA Type 2) की बीमारी है। और हमें सबको पता है कि इसके लिए बहुत सारे फंड्स चाहिए जो एक परिवार अकेला नहीं ले सकता। सो हम सबको मिलकर आरव ठाकुर को बचाना है। उसके लिए 9 करोड़ का जो इंजेक्शन लगता है, हम सबको अपनी तरफ से थोड़ा बहुत योगदान करके उस 9 करोड़ की राशि को इकट्ठा करके उन माता-पिता को उनके एक जो नया जीवन है, उनके बच्चे के रूप में उन्हें देना है। तो चलिए आज ही मिलकर अपनी तरफ से थोड़ा बहुत जो भी आप कर सकते हैं, आज ही कीजिए इग्नोर मत कीजिए। अगर हम मिलकर आरव को एक नया जीवन दे पाएं तो मुझे लगता है कि हमारा जो जीना है वो सफल होगा। और इस वीडियो को स्प्रेड कीजिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़कर हम आरव को और उनके माता-पिता को एक नया जीवनदान दे पाएं। ************* ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़- मां ने बेटे को बचाने के लिए किडनी दी: मोहाली में ₹7 लाख का ट्रांसप्लांट फेल, अब मां-बेटे दोनों बीमार; 1 बीघा जमीन भी बिकी ‘जिस बेटे को जन्म दिया, उसकी जिंदगी बचाने के लिए मां ने अपनी किडनी भी दे दी। मगर, मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल में कराए ट्रांसप्लांट के बाद किडनी फेल हो गई। अल्ताफ की तबीयत बिगड़ती चली गई तो पिता उसे लेकर चंडीगढ़ PGI पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)

ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाए:कहा-ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने से इनकार किया, उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी

ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाए:कहा-ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने से इनकार किया, उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश दिया। ट्रम्प ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की अमेरिकी कोशिश में मदद करने से इनकार कर दिया था। उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने की धमकी दी थी। उसने सैन्य अभ्यासों को आक्रामक युद्ध की तैयारी बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ट्रम्प ने अभ्यास को महंगा और अनुचित बताया ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से इस कोशिश में अमेरिका का साथ देने को कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि ये सैन्य अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया को गलत संदेश देते हैं। दक्षिण कोरिया के 18 हजार सैनिकों वाले 11 दिन के ये सैन्य अभ्यास इसी हफ्ते शुरू होने थे। ट्रम्प ने कहा कि अब इन्हें पूरी तरह रद्द करना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को अभ्यासों में काफी कटौती करने का आदेश दिया है। अभ्यास से क्षेत्रीय शांति में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाओं को साथ मिलकर अलग-अलग परिस्थितियों में सैन्य अभियान का अभ्यास करना था। इसमें लाइव-फायर, पानी से भरे इलाके को पार करना और सैन्य उपकरण पहुंचाना शामिल था। अमेरिकी सेना ने कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी। ट्रम्प और किम तीन बार मिल चुके हैं ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरियाई के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन से तीन बार मिले थे। इन बैठकों में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा हुई थी और दोनों की आखिरी मुलाकात 2019 में हुई थी। अभ्यास घटाने की उनकी घोषणा से एक दिन पहले उन्होंने किम के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट की थी। ट्रम्प ने फोटो के साथ लिखा था कि दोनों नेताओं के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन इस फोटो में चेहरा दोस्ताना नहीं दिख रहा है। पहले भी सैन्य अभ्यास रोकने की घोषणा कर चुके हैं ट्रम्प यह पहली बार नहीं है, जब ट्रम्प ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास खत्म करने की कोशिश की है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने अचानक घोषणा कर इन युद्ध अभ्यासों को उकसाने वाला बताया था। 2018 में सिंगापुर में किम जोंग-उन से मुलाकात के बाद ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा था, हम युद्ध अभ्यास रोकेंगे, जिससे हमारे बहुत पैसे बचेंगे। यह तब तक रहेगा, जब तक हमें यह नहीं लगता कि भविष्य की बातचीत सही दिशा में नहीं जा रही है।