Tuesday, 22 Sep 2026 | 02:09 PM

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ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाए:कहा-ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने से इनकार किया, उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी

ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास घटाए:कहा-ईरान को परमाणु हथियार मुक्त करने से इनकार किया, उत्तर कोरिया ने धमकी दी थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश दिया। ट्रम्प ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की अमेरिकी कोशिश में मदद करने से इनकार कर दिया था। उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने की धमकी दी थी। उसने सैन्य अभ्यासों को आक्रामक युद्ध की तैयारी बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। ट्रम्प ने अभ्यास को महंगा और अनुचित बताया ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से इस कोशिश में अमेरिका का साथ देने को कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि ये सैन्य अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया को गलत संदेश देते हैं। दक्षिण कोरिया के 18 हजार सैनिकों वाले 11 दिन के ये सैन्य अभ्यास इसी हफ्ते शुरू होने थे। ट्रम्प ने कहा कि अब इन्हें पूरी तरह रद्द करना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को अभ्यासों में काफी कटौती करने का आदेश दिया है। अभ्यास से क्षेत्रीय शांति में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाओं को साथ मिलकर अलग-अलग परिस्थितियों में सैन्य अभियान का अभ्यास करना था। इसमें लाइव-फायर, पानी से भरे इलाके को पार करना और सैन्य उपकरण पहुंचाना शामिल था। अमेरिकी सेना ने कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा में दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी। ट्रम्प और किम तीन बार मिल चुके हैं ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरियाई के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन से तीन बार मिले थे। इन बैठकों में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा हुई थी और दोनों की आखिरी मुलाकात 2019 में हुई थी। अभ्यास घटाने की उनकी घोषणा से एक दिन पहले उन्होंने किम के साथ अपनी एक फोटो पोस्ट की थी। ट्रम्प ने फोटो के साथ लिखा था कि दोनों नेताओं के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन इस फोटो में चेहरा दोस्ताना नहीं दिख रहा है। पहले भी सैन्य अभ्यास रोकने की घोषणा कर चुके हैं ट्रम्प यह पहली बार नहीं है, जब ट्रम्प ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास खत्म करने की कोशिश की है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने अचानक घोषणा कर इन युद्ध अभ्यासों को उकसाने वाला बताया था। 2018 में सिंगापुर में किम जोंग-उन से मुलाकात के बाद ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा था, हम युद्ध अभ्यास रोकेंगे, जिससे हमारे बहुत पैसे बचेंगे। यह तब तक रहेगा, जब तक हमें यह नहीं लगता कि भविष्य की बातचीत सही दिशा में नहीं जा रही है।

एक्ट्रेस अनन्या राज का 27 साल की उम्र में निधन:मानसिक और शारीरिक बीमारी से जूझ रही थीं; परिजनों बोले- नींद में ही थम गईं सांसें

एक्ट्रेस अनन्या राज का 27 साल की उम्र में निधन:मानसिक और शारीरिक बीमारी से जूझ रही थीं; परिजनों बोले- नींद में ही थम गईं सांसें

फिल्म ‘7 आवर्स टू गो’ और ‘घोस्ट’ फेम अभिनेत्री अनन्या राज का 27 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके परिजनों ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि की है। परिजनों के अनुसार, अनन्या का निधन 15 अगस्त की सुबह नींद में ही हो गया। वे पिछले एक साल से ज्यादा समय से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। परिजनों ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। परिजनों ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया भावुक नोट अनन्या राज के परिवार ने उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक बयान जारी कर उनके निधन की जानकारी दी। परिजनों ने लिखा कि वे बहुत भारी दिल से यह बता रहे हैं कि 15 अगस्त को तड़के अनन्या का निधन हो गया। वे नींद में ही शांति से इस दुनिया को अलविदा कह गईं। पोस्ट में लिखा गया कि पिछले एक साल से अधिक समय से वे शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजर रही थीं और उन्होंने एक योद्धा की तरह इसका सामना किया। 2016 में बॉलीवुड में कदम रखा था मुंबई में पली-बढ़ी अनन्या राज ने हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने साल 2016 में थ्रिलर फिल्म ‘7 आवर्स टू गो’ से बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। इसके बाद वे 2017 में आई फिल्म ‘द फाइनल एग्जिट’ और 2019 में विक्रम भट्ट के निर्देशन में बनी हॉरर फिल्म ‘घोस्ट’ में नजर आईं। फिल्मों के अलावा वे कई मशहूर म्यूजिक वीडियोज का भी हिस्सा रहीं, जिससे उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिली। तेलुगु और अन्य क्षेत्रीय फिल्मों में भी किया काम हिंदी फिल्मों के अलावा अनन्या ने क्षेत्रीय सिनेमा में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। उन्होंने साल 2022 में रिलीज हुई तेलुगु सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘थगड़े ले’ में काम किया था। श्रीनिवास राजू के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वे नवीन चंद्रा, दिव्या पिल्लई और पी. रविशंकर के साथ नजर आई थीं। इसके अलावा उन्होंने त्रिभाषी फिल्म ‘मद्रासी गैंग’ में भी मुख्य भूमिका निभाई थी। परिवार ने निजता बनाए रखने की अपील की परिवार की ओर से जारी बयान में आगे कहा गया कि अनन्या एक मजबूत इरादों वाली लड़की थीं और रानी की तरह जीती थीं। परिजनों ने लिखा कि उनके न रहने से जो खालीपन आया है, उसे हमेशा महसूस किया जाएगा। इस मुश्किल घड़ी में परिजनों ने फैंस और मीडिया से उनकी निजता (प्राइवेसी) का सम्मान करने और अभिनेत्री की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया है।

एक्ट्रेस पर RPF अफसर पर ब्लेड से हमले का आरोप:विवाद होने पर कपड़े उतारे; स्लीपर टिकट पर एसी कोच में बैठी थीं अंतरा बनर्जी

एक्ट्रेस पर RPF अफसर पर ब्लेड से हमले का आरोप:विवाद होने पर कपड़े उतारे; स्लीपर टिकट पर एसी कोच में बैठी थीं अंतरा बनर्जी

मॉडल और टीवी एक्ट्रेस अंतरा बनर्जी को अरावली एक्सप्रेस में आरपीएफ (RPF) कर्मचारी पर हमले के आरोप में हिरासत में लिया गया। उन पर आरोप है कि स्लीपर क्लास का टिकट होने के बाद भी वे सूरत जाने के लिए रिजर्व्ड एसी कोच में बैठ गई थीं। सीट को लेकर हुए विवाद के बाद उन्होंने अपने कपड़े उतारे और रेजर ब्लेड से आरपीएफ जवान पर हमला कर दिया। मामला 12 अगस्त का है। रीवली जीआरपी (GRP) ने 13 अगस्त को FIR दर्ज करने के बाद उन्हें नोटिस देकर जमानत पर रिहा कर दिया। एसी कोच में बैठी थीं, सीट छोड़ने से इनकार किया पुलिस के मुताबिक, अंतरा बनर्जी एक शूट के सिलसिले में सूरत जा रही थीं। उनके पास स्लीपर क्लास का टिकट था, लेकिन वे एसी कोच की रिजर्व्ड सीट पर जाकर बैठ गईं। यह घटना 12 अगस्त की रात बोरीवली और दहानू स्टेशन के बीच रात लगभग 9:30 बजे से 10:50 बजे के बीच हुई। जब एक यात्री ने उनसे रिजर्व्ड सीट खाली करने को कहा, तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद यात्री ने टिकट कलेक्टर हरिकेश त्रिपाठी और आरपीएफ को मामले की सूचना दी। आरपीएफ अफसर पर ब्लेड से हमला किया, कपड़े उतारे आरपीएफ के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर यामिनीकांत मिश्रा ने शिकायत में बताया कि वे और कॉन्स्टेबल राजेश कुमार विवाद सुलझाने पहुंचे थे। आरोप है कि अंतरा बनर्जी ने अधिकारियों के साथ बदसलूकी की और हिंसक हो गईं। इसके बाद उन्होंने अपने कपड़े उतारे, हाथ में रेजर ब्लेड लहराया और एएसआई मिश्रा के साथ-साथ खुद को भी घायल कर लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारी की यूनिफॉर्म और मोबाइल फोन को भी नुकसान पहुंचाया। कांच तोड़ने की कोशिश की, दहानू स्टेशन पर ट्रेन से उतारा घटना के दौरान कोच में मौजूद यात्री डर गए। हालात बिगड़ते देख आरपीएफ कर्मचारियों ने एसी कोच के दरवाजे बंद कर दिए। ट्रेन से बाहर निकलने के लिए अंतरा ने खिड़की का शीशा तोड़ने का भी प्रयास किया। यह पूरा हंगामा करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक चला। इसके बाद दहानू रेलवे स्टेशन पर उन्हें ट्रेन से उतारकर सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के हवाले कर दिया गया। नोटिस देकर जमानत पर रिहा अगली सुबह बोरीवली जीआरपी ने अंतरा को कस्टडी में ले लिया। बोरीवली जीआरपी इंस्पेक्टर कुंडा गावड़े के अनुसार, चश्मदीदों ने बताया कि एसी कोच का टिकट न मिलने के कारण वे मानसिक तनाव में हो सकती हैं। पूछताछ के दौरान अंतरा ने अपने वकील या परिजनों से संपर्क करने से इनकार कर दिया और खुद को गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने 13 अगस्त को सुरक्षा खतरे में डालने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और बदसलूकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। एफआईआर दर्ज होने के बाद वे शांत हुईं और बाद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत नोटिस देकर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। ‘कसौटी जिंदगी की’ में कर चुकी हैं काम 31 साल की अंतरा बनर्जी का जन्म कोलकाता के बंगाली परिवार में हुआ था। साल 2013 में वे अपने माता-पिता के साथ मुंबई शिफ्ट हो गई थीं। उन्होंने निर्मला निकेतन कॉलेज से सोशल वर्क (BSW) की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन एक्टिंग के लिए पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। उन्होंने 2012 में ‘गुमराह: एंड ऑफ इनोसेंस’ से डेब्यू किया। 2014 में फिल्म ‘द शौकीन्स’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके अलावा वे ‘सावधान इंडिया’, ‘बढ़ो बहू’, ‘लाल इश्क’, ‘कसौटी जिंदगी की’ (सुमन शेखर शर्मा का रोल), ‘कवच… महाशिवरात्रि’ और ‘दिव्या दृष्टि’ जैसे सीरियल्स में नजर आ चुकी हैं। वे ओटीटी सीरीज ‘रागिनी एमएमएस रिटर्न्स 2’ और हाल ही में ‘द लास्ट शॉट’ में भी काम कर चुकी हैं।

ईरान से समझौते को लेकर खाड़ी देश ट्रम्प से नाराज:बातचीत का नतीजा नहीं निकलने से सहयोगी देशों की बेचैनी बढ़ी

ईरान से समझौते को लेकर खाड़ी देश ट्रम्प से नाराज:बातचीत का नतीजा नहीं निकलने से सहयोगी देशों की बेचैनी बढ़ी

ईरान के साथ समझौते की अमेरिकी कोशिशों से उसके कुछ खाड़ी सहयोगी निराश हैं। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन देशों को लग रहा है कि लंबे समय से बातचीत चलने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच अब तक कोई पक्का समझौता नहीं हो पाया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने खाड़ी देशों के ट्रम्प से नाराज होने की खबरों को खारिज किया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ट्रम्प के खाड़ी देशों के नेताओं के साथ अच्छे रिश्ते हैं और युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका लगातार उनके संपर्क में है। ट्रम्प ने फिलहाल ईरान पर नए हमले की तैयारी से इनकार किया एक्सियोस के मुताबिक, ट्रम्प ने पिछले हफ्ते कहा था कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर नए हमले की तैयारी नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ “आधी-अधूरी बातचीत” कर रहा है और वहां के खराब आर्थिक हालात पर नजर रख रहा है। इससे पहले ट्रम्प ने ईरान पर होने वाला एक हमला भी रोक दिया था। उनका कहना था कि अगर जल्द समझौता हो जाता है तो सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर अटका समझौता अमेरिका और ईरान की बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट अहम मुद्दा बना हुआ है। ट्रम्प चाहते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट तुरंत और पूरी तरह खोला जाए। वहीं, ईरान की मांग है कि अमेरिका पहले अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाए और ईरान के पास तैनात अमेरिकी सैनिकों को पीछे करे। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज को लेकर बातचीत चल रही है। इसमें समुद्र में जहाजों के लिए रास्ता तय करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने साफ किया कि यह बातचीत अमेरिका के साथ चल रही बातचीत से अलग है। ईरान को लेकर खाड़ी देशों का रुख अलग-अलग अमेरिका के सहयोगी होने के बावजूद खाड़ी देश ईरान से निपटने के तरीके पर एकमत नहीं हैं। संयुक्त अरब अमीरात ईरान पर ज्यादा सैन्य दबाव बनाने के पक्ष में है। उसका मानना है कि ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड तभी पीछे हटेगा, जब अमेरिका सैन्य दबाव बढ़ाए और होर्मुज पर नियंत्रण सुनिश्चित करे। वहीं, सऊदी अरब बातचीत और तनाव कम करने के पक्ष में है। उसने पहले होर्मुज को सैन्य ताकत से खोलने की अमेरिकी योजना का विरोध किया था। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी ट्रम्प से फोन पर बात कर सैन्य कार्रवाई नहीं करने की अपील की थी। कतर ने ईरान, अमेरिका और ओमान के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। कतर के अधिकारियों ने ट्रम्प को बताया था कि ईरान ने होर्मुज को लेकर एक प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। ईरान का आरोप- अमेरिका और इजराइल खाड़ी देशों को हमारे खिलाफ कर रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल खाड़ी देशों को ईरान के खिलाफ करने की कोशिश कर रहे हैं। ईरानी सरकारी टीवी से बातचीत में उन्होंने कहा कि दोनों देश ईरान की अंदरूनी समस्याओं का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने पड़ोसी खाड़ी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने पर भी जोर दिया। ———————— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-ईरान की हार के बाद होर्मुज अमेरिका का होगा:ईरान का पलटवार- सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कब्जा नहीं होता, ये हमारा ही रहेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद वे होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का ‘इलाका’ घोषित करेंगे। उन्होंने यह बात शुक्रवार को न्यूयॉर्क में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कही। वे न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन पार्टी की रैली को संबोधित कर रहे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ईरान से समझौते को लेकर खाड़ी देश ट्रम्प से नाराज:बातचीत का नतीजा नहीं निकलने से सहयोगी देशों की बेचैनी बढ़ी

ईरान से समझौते को लेकर खाड़ी देश ट्रम्प से नाराज:बातचीत का नतीजा नहीं निकलने से सहयोगी देशों की बेचैनी बढ़ी

ईरान के साथ समझौते की अमेरिकी कोशिशों से उसके कुछ खाड़ी सहयोगी निराश हैं। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन देशों को लग रहा है कि लंबे समय से बातचीत चलने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच अब तक कोई पक्का समझौता नहीं हो पाया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने खाड़ी देशों के ट्रम्प से नाराज होने की खबरों को खारिज किया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ट्रम्प के खाड़ी देशों के नेताओं के साथ अच्छे रिश्ते हैं और युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका लगातार उनके संपर्क में है। ट्रम्प ने फिलहाल ईरान पर नए हमले की तैयारी से इनकार किया एक्सियोस के मुताबिक, ट्रम्प ने पिछले हफ्ते कहा था कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर नए हमले की तैयारी नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ “आधी-अधूरी बातचीत” कर रहा है और वहां के खराब आर्थिक हालात पर नजर रख रहा है। इससे पहले ट्रम्प ने ईरान पर होने वाला एक हमला भी रोक दिया था। उनका कहना था कि अगर जल्द समझौता हो जाता है तो सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। ईरान को लेकर खाड़ी देशों का रुख अलग-अलग अमेरिका के सहयोगी होने के बावजूद खाड़ी देश ईरान से निपटने के तरीके पर एकमत नहीं हैं। संयुक्त अरब अमीरात ईरान पर ज्यादा सैन्य दबाव बनाने के पक्ष में है। उसका मानना है कि ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड तभी पीछे हटेगा, जब अमेरिका सैन्य दबाव बढ़ाए और होर्मुज पर नियंत्रण सुनिश्चित करे। वहीं, सऊदी अरब बातचीत और तनाव कम करने के पक्ष में है। उसने पहले होर्मुज को सैन्य ताकत से खोलने की अमेरिकी योजना का विरोध किया था। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी ट्रम्प से फोन पर बात कर सैन्य कार्रवाई नहीं करने की अपील की थी। कतर ने ईरान, अमेरिका और ओमान के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। कतर के अधिकारियों ने ट्रम्प को बताया था कि ईरान ने होर्मुज को लेकर एक प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। ईरान का आरोप- अमेरिका और इजराइल खाड़ी देशों को हमारे खिलाफ कर रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल खाड़ी देशों को ईरान के खिलाफ करने की कोशिश कर रहे हैं। ईरानी सरकारी टीवी से बातचीत में उन्होंने कहा कि दोनों देश ईरान की अंदरूनी समस्याओं का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने पड़ोसी खाड़ी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने पर भी जोर दिया। होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर अटका समझौता अमेरिका और ईरान की बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट अहम मुद्दा बना हुआ है। ट्रम्प चाहते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट तुरंत और पूरी तरह खोला जाए। वहीं, ईरान की मांग है कि अमेरिका पहले अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाए और ईरान के पास तैनात अमेरिकी सैनिकों को पीछे करे। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज को लेकर बातचीत चल रही है। इसमें समुद्र में जहाजों के लिए रास्ता तय करने जैसे तकनीकी मुद्दों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने साफ किया कि यह बातचीत अमेरिका के साथ चल रही बातचीत से अलग है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-ईरान की हार के बाद होर्मुज अमेरिका का होगा:ईरान का पलटवार- सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कब्जा नहीं होता, ये हमारा ही रहेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद वे होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का ‘इलाका’ घोषित करेंगे। उन्होंने यह बात शुक्रवार को न्यूयॉर्क में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कही। वे न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन पार्टी की रैली को संबोधित कर रहे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

'वह इसमें विश्वास नहीं करती':अनुराग कश्यप ने 20 साल छोटी गर्लफ्रेंड से शादी के सवाल पर दिया रिएक्शन : एज गैप पर भी की बात

'वह इसमें विश्वास नहीं करती':अनुराग कश्यप ने 20 साल छोटी गर्लफ्रेंड से शादी के सवाल पर दिया रिएक्शन : एज गैप पर भी की बात

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने हाल ही में कहा कि उनकी गर्लफ्रेंड शुभ्रा शेट्टी शादी में विश्वास नहीं करती हैं। दरअसल, जेनिस सेक्वेरा को दिए इंटरव्यू में उनसे तीसरी बार शादी करने को लेकर सवाल पूछा गया था। बता दें कि 53 साल के अनुराग और 30 साल की शुभ्रा कई सालों से रिश्ते में हैं। वहीं, इंटरव्यू में यह पूछे जाने पर कि क्या वह खुद दोबारा शादी करना चाहते हैं, अनुराग ने कहा कि उनकी प्रायरिटी साथ में मौजूद रिश्ते को बनाए रखना है। उन्होंने कहा, “मैं उनके साथ बहुत खुश हूं। मैं उसके साथ रहना चाहता हूं। इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं करूंगा।” अनुराग ने बताया कि उम्र और अनुभव के साथ उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं। उन्होंने कहा, “जिंदगी में बहुत कुछ है। एक बूढ़े आदमी की असुरक्षा क्या होती है? मैं इतना हेल्दी रहना चाहता हूं कि उन लोगों से ज्यादा जी सकूं, जिन्हें मैं प्यार करता हूं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता, तो उसके बाद क्या हो सकता है? दुनिया के तौर-तरीके। इसलिए मैं इस बारे में बहुत सोचता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मेरी बात यह है कि जब तक हमने अब जो पाया है, वह हमारे पास है, मैं किसी भी चीज से खुश हूं। मैं इसे खोना नहीं चाहता।” उम्र के अंतर को लेकर ज्यादा सजग हुए अनुराग कपल ने बताया कि उनके उम्र के अंतर का उनके रिश्ते पर असर पड़ा है। अनुराग ने कहा, “हमारे हिस्से में भी परेशानियां आई हैं। हमारे बीच भी ऐसे पल रहे हैं। हम खुद को लेकर सजग रहे हैं।” शुभ्रा ने तुरंत उन्हें सुधारते हुए कहा, “आप ज्यादा सजग रहे हैं।” अनुराग ने उनकी बात मानते हुए बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनका नजरिया बदला। उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा सजग रहा हूं। मैं पहले भी ज्यादा सजग था। सिर्फ इतना ही नहीं, एक समय मैं इसे दूर रखने की बहुत कोशिश कर रहा था।” उन्होंने कहा, “एक समय ऐसा था, क्योंकि उसके चेहरे से उसकी उम्र का पता नहीं चलता। वह अब भी वैसी ही दिखती है। वह अपनी उम्र की नहीं दिखती। इसलिए जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती गई और वह वैसी ही दिखती रहीं, तब मैं थोड़ा ज्यादा सजग हो गया।” शुभ्रा ने बताया कि अनुराग ने हमेशा उन्हें स्वतंत्र रूप से जीने और खुद को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अनुराग नहीं चाहते थे कि उनका रिश्ता ही उनकी पहचान बन जाए। शुभ्रा के मुताबिक, “वह जिंदगी को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं, क्योंकि वह सब कुछ झेल चुके हैं। उन्हें पता है कि प्यार क्या नहीं होता और इसलिए वह समझ सकते हैं कि यह प्यार है। लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकती थी, क्योंकि मैं 20 की उम्र में थी और उस समय आप खुद को समझ रहे होते हैं।” उन्होंने कहा, “इसलिए वह इस बात पर अड़े रहते थे कि मैं बाहर जाऊं और अगर मुझे उनके पास वापस आने का रास्ता खुद खोजना है, तो मैं ऐसा करूं।” अनुराग की पिछली शादियां शुभ्रा के साथ रिश्ते से पहले अनुराग की शादी एडिटर आरती बजाज से हुई थी। दोनों छह साल तक शादीशुदा रहे और 2009 में अलग हो गए। उनकी एक बेटी है, जिसका नाम आलिया कश्यप है। इसके बाद अनुराग ने 2011 में एक्टर कल्कि कोचलिन से शादी की। अनुराग ने कल्कि के साथ फिल्म ‘देव डी’ में काम किया था। यह फिल्म कल्कि के बॉलीवुड डेब्यू के तौर पर जानी जाती है। दोनों शादी के चार साल बाद अलग हो गए और बाद में उनका तलाक हो गया।

'वह इसमें विश्वास नहीं करती':अनुराग कश्यप ने 20 साल छोटी गर्लफ्रेंड से शादी के सवाल पर दिया रिएक्शन; एज गैप पर भी बात की

'वह इसमें विश्वास नहीं करती':अनुराग कश्यप ने 20 साल छोटी गर्लफ्रेंड से शादी के सवाल पर दिया रिएक्शन : एज गैप पर भी की बात

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने हाल ही में कहा कि उनकी गर्लफ्रेंड शुभ्रा शेट्टी शादी में विश्वास नहीं करती हैं। दरअसल, जेनिस सेक्वेरा को दिए इंटरव्यू में उनसे तीसरी बार शादी करने को लेकर सवाल पूछा गया था। वहीं, इंटरव्यू में यह पूछे जाने पर कि क्या वह खुद दोबारा शादी करना चाहते हैं, अनुराग ने कहा कि उनकी प्रायरिटी साथ में मौजूद रिश्ते को बनाए रखना है। उन्होंने कहा, “मैं उनके साथ बहुत खुश हूं। मैं उसके साथ रहना चाहता हूं। इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं करूंगा।” अनुराग ने बताया कि उम्र और अनुभव के साथ उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं। उन्होंने कहा, “जिंदगी में बहुत कुछ है। एक बूढ़े आदमी की असुरक्षा क्या होती है? मैं इतना हेल्दी रहना चाहता हूं कि उन लोगों से ज्यादा जी सकूं, जिन्हें मैं प्यार करता हूं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता, तो उसके बाद क्या हो सकता है? दुनिया के तौर-तरीके। इसलिए मैं इस बारे में बहुत सोचता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मेरी बात यह है कि जब तक हमने अब जो पाया है, वह हमारे पास है, मैं किसी भी चीज से खुश हूं। मैं इसे खोना नहीं चाहता।” उम्र के अंतर को लेकर ज्यादा सजग हुए अनुराग कपल ने बताया कि उनके उम्र के अंतर का उनके रिश्ते पर असर पड़ा है। अनुराग ने कहा, “हमारे हिस्से में भी परेशानियां आई हैं। हमारे बीच भी ऐसे पल रहे हैं। हम खुद को लेकर सजग रहे हैं।” शुभ्रा ने तुरंत उन्हें सुधारते हुए कहा, “आप ज्यादा सजग रहे हैं।” अनुराग ने उनकी बात मानते हुए बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनका नजरिया बदला। उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा सजग रहा हूं। मैं पहले भी ज्यादा सजग था। सिर्फ इतना ही नहीं, एक समय मैं इसे दूर रखने की बहुत कोशिश कर रहा था।” उन्होंने कहा, “एक समय ऐसा था, क्योंकि उसके चेहरे से उसकी उम्र का पता नहीं चलता। वह अब भी वैसी ही दिखती है। वह अपनी उम्र की नहीं दिखती। इसलिए जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती गई और वह वैसी ही दिखती रहीं, तब मैं थोड़ा ज्यादा सजग हो गया।” शुभ्रा ने बताया कि अनुराग ने हमेशा उन्हें स्वतंत्र रूप से जीने और खुद को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अनुराग नहीं चाहते थे कि उनका रिश्ता ही उनकी पहचान बन जाए। शुभ्रा के मुताबिक, “वह जिंदगी को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं, क्योंकि वह सब कुछ झेल चुके हैं। उन्हें पता है कि प्यार क्या नहीं होता और इसलिए वह समझ सकते हैं कि यह प्यार है। लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकती थी, क्योंकि मैं 20s में थी और उस समय आप खुद को समझ रहे होते हैं।” उन्होंने कहा, “इसलिए वह इस बात पर अड़े रहते थे कि मैं बाहर जाऊं और अगर मुझे उनके पास वापस आने का रास्ता खुद खोजना है, तो मैं ऐसा करूं।” अनुराग कश्यप की पिछली शादियां बता दें कि अनुराग कश्यप की 2 शादियां हो चुकी हैं। साल 1997 में फिल्म एडिटर आरती बजाज से उनकी पहली शादी हुई थी। इस शादी से उनकी एक बेटी आलिया है। साल 2009 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद अनुराग ने 2011 में एक्ट्रेस कल्कि कोचलिन से शादी की। अनुराग ने कल्कि के साथ फिल्म ‘देव डी’ में काम किया था। इस फिल्म से कल्कि ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। हालांकि, शादी के कुछ सालों बाद दोनों अलग हो गए। 19 मई 2015 को इस कपल ने मुंबई के एक फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दी।

कैम्ब्रिज के सबसे कम उम्र के ब्लैक प्रोफेसर की मौत:घर में बेहोश मिले, रिसर्च पर उठे सवालों के बाद यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दिया था

कैम्ब्रिज के सबसे कम उम्र के ब्लैक प्रोफेसर की मौत:घर में बेहोश मिले, रिसर्च पर उठे सवालों के बाद यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दिया था

इंग्लैंड की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के सबसे कम उम्र के अश्वेत प्रोफेसर रहे जेसन अर्डे का 41 साल की उम्र में निधन हो गया। वे शिक्षा और समाज से जुड़े विषयों पर रिसर्च और अध्यापन करते थे। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे उन्हें दक्षिण लंदन के बैटरसी स्थित उनके घर में बेहोश पाया गया। एंबुलेंस टीम ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, उनकी मौत अचानक हुई। अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे मौत को संदिग्ध माना जाए। पुलिस परिवार के संपर्क में है और मामले की जांच कर रही है। मौत से कुछ दिन पहले ही कैम्ब्रिज से दिया था इस्तीफा जेसन अर्डे ने 5 अगस्त को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दिया था। यह फैसला उनकी कुछ रिसर्च को लेकर उठे सवालों के बीच आया था। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने उनकी नियुक्ति और यूनिवर्सिटी में उनके कामकाज की जांच भी शुरू की थी। यूनिवर्सिटी यह पता लगा रही थी कि अर्डे को 2022 में प्रोफेसर की नौकरी कैसे मिली और उनके काम के दौरान क्या हुआ। इस्तीफा देने के बाद अर्डे ने कहा था कि लगातार लग रहे आरोपों और उनके बारे में सार्वजनिक रूप से की जा रही टिप्पणियों का उन पर बहुत गहरा असर पड़ा। रिसर्च के कुछ हिस्सों पर नकल के आरोप लगे थे अर्डे ने 2015 में ब्रिटेन की लिवरपूल जॉन मूर्स यूनिवर्सिटी से पीएचडी की थी। इस दौरान उन्होंने एक रिसर्च रिपोर्ट लिखी थी। बाद में उनकी रिसर्च के कुछ हिस्सों पर आरोप लगे कि उन्होंने दूसरे लोगों के लिखे काम को बिना उचित श्रेय दिए अपनी रिसर्च में इस्तेमाल किया। आसान भाषा में कहें तो उन पर रिसर्च में नकल करने का आरोप लगा था। अर्डे ने इन आरोपों को गलत बताया था। इसके बाद उनकी कुछ दूसरी रिसर्च में भी गलतियां होने के आरोप लगाए गए। नियुक्ति पर भी उठे थे सवाल अर्डे की कैम्ब्रिज में नियुक्ति को लेकर भी विवाद हुआ था। कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि उन्हें उनकी योग्यता के बजाय यूनिवर्सिटी की विविधता बढ़ाने वाली नीति के तहत नौकरी दी गई। इस तरह की नीतियों को आम तौर पर DEI कहा जाता है। इसका मतलब है कि अलग-अलग समुदायों और कम प्रतिनिधित्व वाले लोगों को संस्थानों में बराबर मौके दिए जाएं और उनकी भागीदारी बढ़ाई जाए। हालांकि, ब्रिटेन की शिक्षक यूनियन के नेता डेनियल कबेडे ने अर्डे का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि अर्डे को सार्वजनिक रूप से बहुत बुरी तरह निशाना बनाया गया। उन्होंने ब्रिटिश मीडिया और दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों के एक वर्ग पर अर्डे के खिलाफ नस्लवादी अभियान चलाने का आरोप लगाया था। परिवार बोला- गलत जानकारी के अभियान ने उन्हें बहुत परेशान किया अर्डे के परिवार ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया। परिवार ने कहा कि जेसन के बारे में फैलाई जा रही गलत जानकारी के अभियान का उन पर बहुत बुरा असर पड़ा था। परिवार के मुताबिक, अर्डे शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और हमेशा दूसरों में अच्छाई देखने की कोशिश करते थे। परिवार ने मीडिया से अपील की कि अब उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए। उन्होंने जेसन और उनके परिवार के खिलाफ लंबे समय से चल रहे उत्पीड़न को रोकने की भी अपील की। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की प्रमुख डेबोरा प्रेंटिस ने अर्डे की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में उनकी संवेदनाएं अर्डे के परिवार और दोस्तों के साथ हैं। ब्रिटेन की शिक्षा मंत्री लूसी पॉवेल ने भी उनके निधन पर शोक जताया। 2022 में कैम्ब्रिज में बनाया था इतिहास जेसन अर्डे 2022 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के शिक्षा विभाग में प्रोफेसर बने थे। वे यूनिवर्सिटी के सबसे कम उम्र के अश्वेत प्रोफेसर थे। कैम्ब्रिज में लंबे समय से अश्वेत लोगों की संख्या कम रही है। ऐसे में अर्डे की नियुक्ति को यूनिवर्सिटी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया था। उनकी मौत ऐसे समय हुई है, जब उनकी नियुक्ति और रिसर्च को लेकर यूनिवर्सिटी में जांच चल रही थी।

कैम्ब्रिज के सबसे कम उम्र के ब्लैक प्रोफेसर की मौत:घर में बेहोश मिले, रिसर्च पर उठे सवालों के बाद यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दिया था

कैम्ब्रिज के सबसे कम उम्र के ब्लैक प्रोफेसर की मौत:घर में बेहोश मिले, रिसर्च पर उठे सवालों के बाद यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दिया था

इंग्लैंड की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के सबसे कम उम्र के अश्वेत प्रोफेसर रहे जेसन अर्डे का 41 साल की उम्र में निधन हो गया। वे शिक्षा और समाज से जुड़े विषयों पर रिसर्च और अध्यापन करते थे। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे उन्हें दक्षिण लंदन के बैटरसी स्थित उनके घर में बेहोश पाया गया। एंबुलेंस टीम ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, उनकी मौत अचानक हुई। अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे मौत को संदिग्ध माना जाए। पुलिस परिवार के संपर्क में है और मामले की जांच कर रही है। मौत से कुछ दिन पहले ही कैम्ब्रिज से दिया था इस्तीफा जेसन अर्डे ने 5 अगस्त को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दिया था। यह फैसला उनकी कुछ रिसर्च को लेकर उठे सवालों के बीच आया था। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने उनकी नियुक्ति और यूनिवर्सिटी में उनके कामकाज की जांच भी शुरू की थी। यूनिवर्सिटी यह पता लगा रही थी कि अर्डे को 2022 में प्रोफेसर की नौकरी कैसे मिली और उनके काम के दौरान क्या हुआ। इस्तीफा देने के बाद अर्डे ने कहा था कि लगातार लग रहे आरोपों और उनके बारे में सार्वजनिक रूप से की जा रही टिप्पणियों का उन पर बहुत गहरा असर पड़ा। रिसर्च के कुछ हिस्सों पर नकल के आरोप लगे थे अर्डे ने 2015 में ब्रिटेन की लिवरपूल जॉन मूर्स यूनिवर्सिटी से पीएचडी की थी। इस दौरान उन्होंने एक रिसर्च रिपोर्ट लिखी थी। बाद में उनकी रिसर्च के कुछ हिस्सों पर आरोप लगे कि उन्होंने दूसरे लोगों के लिखे काम को बिना उचित श्रेय दिए अपनी रिसर्च में इस्तेमाल किया। आसान भाषा में कहें तो उन पर रिसर्च में नकल करने का आरोप लगा था। अर्डे ने इन आरोपों को गलत बताया था। इसके बाद उनकी कुछ दूसरी रिसर्च में भी गलतियां होने के आरोप लगाए गए। नियुक्ति पर भी उठे थे सवाल अर्डे की कैम्ब्रिज में नियुक्ति को लेकर भी विवाद हुआ था। कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि उन्हें उनकी योग्यता के बजाय यूनिवर्सिटी की विविधता बढ़ाने वाली नीति के तहत नौकरी दी गई। इस तरह की नीतियों को आम तौर पर DEI कहा जाता है। इसका मतलब है कि अलग-अलग समुदायों और कम प्रतिनिधित्व वाले लोगों को संस्थानों में बराबर मौके दिए जाएं और उनकी भागीदारी बढ़ाई जाए। हालांकि, ब्रिटेन की शिक्षक यूनियन के नेता डेनियल कबेडे ने अर्डे का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि अर्डे को सार्वजनिक रूप से बहुत बुरी तरह निशाना बनाया गया। उन्होंने ब्रिटिश मीडिया और दक्षिणपंथी टिप्पणीकारों के एक वर्ग पर अर्डे के खिलाफ नस्लवादी अभियान चलाने का आरोप लगाया था। परिवार बोला- गलत जानकारी के अभियान ने उन्हें बहुत परेशान किया अर्डे के परिवार ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया। परिवार ने कहा कि जेसन के बारे में फैलाई जा रही गलत जानकारी के अभियान का उन पर बहुत बुरा असर पड़ा था। परिवार के मुताबिक, अर्डे शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और हमेशा दूसरों में अच्छाई देखने की कोशिश करते थे। परिवार ने मीडिया से अपील की कि अब उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए। उन्होंने जेसन और उनके परिवार के खिलाफ लंबे समय से चल रहे उत्पीड़न को रोकने की भी अपील की। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की प्रमुख डेबोरा प्रेंटिस ने अर्डे की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में उनकी संवेदनाएं अर्डे के परिवार और दोस्तों के साथ हैं। ब्रिटेन की शिक्षा मंत्री लूसी पॉवेल ने भी उनके निधन पर शोक जताया। 2022 में कैम्ब्रिज में बनाया था इतिहास जेसन अर्डे 2022 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के शिक्षा विभाग में प्रोफेसर बने थे। वे यूनिवर्सिटी के सबसे कम उम्र के अश्वेत प्रोफेसर थे। कैम्ब्रिज में लंबे समय से अश्वेत लोगों की संख्या कम रही है। ऐसे में अर्डे की नियुक्ति को यूनिवर्सिटी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया था।

हाथ फ्रैक्चर था, अगले दिन विराट कोहली के साथ शूट:मिहिर आहूजा बोले- शाहरुख की तारीफ से लगा, मेहनत सही दिशा में जा रही है

हाथ फ्रैक्चर था, अगले दिन विराट कोहली के साथ शूट:मिहिर आहूजा बोले- शाहरुख की तारीफ से लगा, मेहनत सही दिशा में जा रही है

जमशेदपुर से मुंबई आए मिहिर आहूजा ने एक्टिंग के लिए करीब चार साल तक ऑडिशन दिए। सुपर 30 से फिल्मी सफर शुरू हुआ, द आर्चीज से पहचान मिली और अब ऑपरेशन सफेद सागर में एयरफोर्स ऑफिसर के किरदार में नजर आ रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में मिहिर ने संघर्ष, रिजेक्शन, शाहरुख खान से मुलाकात और प्यार पैसा प्राफिट को लेकर हुई चर्चा पर बात की। सवाल: जमशेदपुर में रहते हुए एक्टिंग की तरफ आपका झुकाव कैसे हुआ? जवाब: मुझे याद नहीं कि मैंने कभी एक्टिंग के अलावा कुछ और करने के बारे में सोचा हो। सातवीं-आठवीं क्लास में ही तय कर लिया था कि मुझे एक्टर बनना है। घर के फंक्शन में मैं रिश्तेदारों की मिमिक्री करता था। लोग खुश होते थे और मुझे भी परफॉर्म करने में मजा आता था। वहीं से लगा कि मुझे यही करना है। सवाल: स्कूल के दिनों में जब आप एक्टिंग को लेकर इतने सीरियस थे, तो क्या लोगों ने आपका मजाक भी उड़ाया? जवाब: जमशेदपुर में मैंने एक छोटी-सी शॉर्ट फिल्म की थी। उसके बाद स्कूल में चर्चा होने लगी कि मैं फिल्म शूट करके आया हूं। उसी दौरान 10वीं में एक दिन मैं नोटबुक नहीं लेकर आया। टीचर ने मेरी नोटबुक डस्टबिन में फेंकते हुए कहा, ‘तुम खुद को सुपरस्टार समझते हो? तुम सुपरस्टार नहीं हो और कभी बन भी नहीं पाओगे।’ मैंने उसी दिन उनकी ये बात लिखकर रख ली थी। आज भी वो कागज मेरे पास है। उस दिन उन्होंने जो पत्थर मुझ पर फेंका था, मैंने उसी से अपनी इमारत बनाना सीख लिया। मैंने इंडिया गॉट टैलेंट में भी कोशिश की थी, लेकिन वहां से रिजेक्ट हो गया। उस समय दुख हुआ, लेकिन बाद में समझ आया कि रिजेक्शन इस फील्ड का हिस्सा है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कब किया? जवाब: 2017 में मैं मुंबई आया। हालांकि उससे पहले 10वीं के बाद छुट्टियों में भी मुंबई आया था। परिवार के साथ आकर देखा कि ऑडिशन कहां होते हैं। मैंने कई जगह अपना परिचय दिया। जमशेदपुर लौटने के बाद भी एड्स के लिए ऑडिशन आने लगे। इससे भरोसा बढ़ा कि अगर कोशिश करता रहूंगा तो कुछ न कुछ जरूर होगा। सवाल: मुंबई आने के बाद आपने पढ़ाई और ऑडिशन दोनों कैसे संभाले? जवाब: मैं कॉलेज के लिए मुंबई आया था, इसलिए रूटीन बन गया था- सुबह कॉलेज और शाम को ऑडिशन। यही मेरे लिए अच्छा रहा। अगर मैं सिर्फ एक्टिंग के लिए आता और काम नहीं मिलता तो शायद बहुत मुश्किल होती। मैंने ऑडिशन देने के अपने तरीके भी निकाल लिए थे। कई बार दोस्तों या आसपास के लोगों को नहीं बताता था कि एक्टर बनने आया हूं। ऑडिशन के कपड़े बैग में रखता और कह देता था कि ट्यूशन के लिए जा रहा हूं। सवाल: इतने साल ऑडिशन देने के बाद पहला बड़ा मौका कैसे मिला? जवाब: करीब चार साल तक ऑडिशन देने के बाद मुझे विराट कोहली के साथ कोलगेट का एड मिला। लेकिन शूट से एक दिन पहले मेरा एक्सीडेंट हो गया। बाइक ने मुझे टक्कर मार दी और मेरा हाथ फ्रैक्चर हो गया। अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने आराम करने को कहा। लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि अगले दिन मेरा पहला बड़ा शूट है, वह भी विराट कोहली के साथ। मैंने डॉक्टर से कहा कि प्लास्टर मत कीजिए, मुझे शूट करना है। पेनकिलर लेकर अगले दिन शूट पर चला गया। सवाल: उसके बाद फिल्म में पहला मौका कब मिला? जवाब: सुपर 30 से मेरा फिल्मी सफर शुरू हुआ। ऋतिक रोशन के साथ काम करने का मौका मिला। हालांकि फिल्म में मेरा रोल छोटा रह गया और मेरे हिस्से का काफी काम एडिट हो गया। लेकिन मेरे लिए वह बड़ा अनुभव था। सवाल: सुपर 30 के बाद भी आपको पहचान मिलने में समय लगा? जवाब: हां, मैंने उसके बाद भी काम किया। मेड इन हेवन, फील्स लाइक इश्क और दूसरे प्रोजेक्ट किए। लेकिन द आर्चीज के बाद चीजें बदलीं। फिल्म में मुझे जुगहेड जोन्स का किरदार मिला और लोगों ने मुझे नोटिस किया। सवाल: द आर्चीज के दौरान शाहरुख खान से मुलाकात का मौका भी मिला? जवाब: हां, वह मेरे लिए खास अनुभव था। शाहरुख सर से मिलना अपने आप में बड़ी बात थी। मैं उन्हें देखकर बड़ा हुआ हूं। द आर्चीज के प्रीमियर में उनसे मिलने और बात करने का मौका मिला। उन्होंने मेरे काम को लेकर जो बातें कहीं, वह मेरे लिए बहुत मायने रखती हैं। उन्होंने कहा था- बेटा, बस अच्छा काम करते रहो, यही मैंने भी किया है।ऐसे पलों से आपको लगता है कि आपकी मेहनत सही दिशा में जा रही है। सवाल: इसके बाद प्यार पैसा प्राफिट में महवश के साथ काम किया। इस शो को लेकर काफी बातें हुईं, खासकर इंटिमेट सीन को लेकर, क्या कहना चाहोगे? जवाब: वह बात काफी बढ़ा-चढ़ाकर कही गई। शो में ऐसा कोई इंटिमेट सीन नहीं था, जैसा सोशल मीडिया के कुछ थंबनेल में दिखाया गया। एक किसिंग सीन भी था, जिसे हमने चीट करके शूट किया था। असल में कहानी अच्छी थी और मुझे अपना किरदार पसंद आया, इसलिए मैंने शो किया। कुछ लोगों ने सिर्फ व्यूज के लिए चीजों को अलग तरह से पेश किया। सवाल: इसी शो के दौरान आपको ऑपरेशन सफेद सागर का ऑफर मिला? जवाब: हां। जब प्यार पैसा प्राफिट की शूटिंग चल रही थी, उसी दौरान मुझे ऑपरेशन सफेद सागर के ऑडिशन का फोन आया। पहले मुझसे मूंछों में तस्वीरें मांगी गईं। मैंने मूंछ रखकर फोटो भेजी और सोचा कि पता नहीं कैसा किरदार होगा। बाद में पता चला कि एयरफोर्स ऑफिसर का रोल है। स्क्रिप्ट पढ़ी तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। यह कारगिल युद्ध और एयरफोर्स की एक सच्ची कहानी से जुड़ी है। मुझे लगा कि ऐसा किरदार करने का मौका छोड़ना नहीं चाहिए। सवाल: एयरफोर्स ऑफिसर बनने के लिए सबसे अलग अनुभव क्या रहा? जवाब: असली एयरफोर्स स्टेशन पर शूट करना। फाइटर जेट के सामने खड़े होना और कॉकपिट में बैठना मेरे लिए अविश्वसनीय था। कॉकपिट में इतने कंट्रोल थे कि मैं सोच रहा था कि पायलट इन्हें याद कैसे रखते हैं। जिस मिग में मैं बैठा, वह कारगिल युद्ध के समय इस्तेमाल हुआ था। उसे देखकर एहसास होता