Wednesday, 23 Sep 2026 | 07:18 AM

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इंस्टाग्राम पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक का खेल:एडिट फीचर से बैकडेट की जा रहीं पोस्ट; दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे दो डिजिटल क्रिएटर्स

इंस्टाग्राम पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक का खेल:एडिट फीचर से बैकडेट की जा रहीं पोस्ट; दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे दो डिजिटल क्रिएटर्स

इंस्टाग्राम पर ओरिजिनल कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए मेटा के कॉपीराइट सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अज्ञात लोग फेसबुक के एडिट फीचर का इस्तेमाल कर पोस्ट की तारीख बैकडेट में कर देते हैं और फिर असली क्रिएटर्स के कंटेंट पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक भेज रहे हैं। इस खेल के खिलाफ दो बड़े डिजिटल क्रिएटर्स पुष्कर राज ठाकुर और नीरज जोशी ने दिल्ली हाई कोर्ट में कॉमर्शियल सूट फाइल किया है। क्रिएटर्स ने कोर्ट में क्या आरोप लगाए? फाइनेंशियल एजुकेटर पुष्कर राज ठाकुर और डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी ने अलग-अलग दायर याचिकाओं में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ अज्ञात लोग ओरिजिनल क्रिएटर्स को परेशान करने और उनके अकाउंट बंद कराने की धमकी देने के लिए फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक को हथियार बना रहे हैं। इस सिस्टम के चलते उनके ओरिजिनल कंटेंट को डिलीट करने या उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को सस्पेंड/डिलीट करने का खतरा पैदा हो गया है। मेटा के ऑटोमेटेड सिस्टम पर उठे सवाल क्रिएटर्स का तर्क है कि मेटा का ऑटोमेटेड कॉपीराइट सिस्टम बिना किसी गहन जांच के काम कर रहा है। यह सिस्टम वीडियो के असली क्रिएटर, मेटाडेटा, एडिट हिस्ट्री या वास्तविक पब्लिशिंग क्रोनोलॉजी (अपलोड करने का सही समय) की जांच किए बिना ही स्ट्राइक की शिकायतों पर एक्शन ले लेता है। पुष्कर राज ठाकुर ने बताया कि इस फर्जी खेल की वजह से उनके दर्जनों वीडियो को हटा दिया गया, डिसेबल किया गया या रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि मेटा ने ठाकुर को अपने ‘राइट्स मैनेजर’ टूल का एक्सेस देने से मना कर दिया, जबकि जालसाज इसी टूल का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ लगातार फर्जी स्ट्राइक भेजते रहे। नीरज जोशी के केस में कोर्ट का आदेश डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी के मामले में 9 जुलाई को जस्टिस ज्योति सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मेटा के उस बयान को रिकॉर्ड किया, जिसमें कंपनी ने कहा कि अगर जोशी का अकाउंट अभी तक स्थायी रूप से बंद नहीं हुआ है, तो वे इन आरोपों की जांच करेंगे और उनके वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट (@Neerajjoshi5014) को सुरक्षित रखेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मेटा को निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्ते के भीतर नीरज जोशी को संबंधित बेसिक सब्सक्राइबर इंफॉर्मेशन (BSI) और आईपी (IP) लॉग उपलब्ध कराए। इन जानकारियों से उन अज्ञात लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है जो उनके अकाउंट के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। मामले में समन जारी कर दिए गए हैं और जोशी की अंतरिम रोक वाली अर्जी पर अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। पुष्कर राज ठाकुर के केस में क्या हुआ? जस्टिस तुषार राव गेडेला ने 29 मई को पुष्कर राज ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेटा से पूछा था कि उसने अपने प्लेटफॉर्म के इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं या वह क्या उपाय कर सकती है। इसके बाद 1 जुलाई को यह मामला जस्टिस अनूप जयराम भंभानी के सामने आया। सुनवाई के दौरान मेटा ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक ठाकुर के वीडियो को कॉपीराइट स्ट्राइक के आधार पर नहीं हटाया जाएगा। साथ ही बार-बार आ रही कॉपीराइट स्ट्राइक की वजह से उनका अकाउंट भी बंद नहीं किया जाएगा। मेटा ने यह भी सहमति दी कि जैसे ही ठाकुर उन्हें हटाए गए वीडियो के यूआरएल (URLs) सौंपेंगे, वे उन वीडियो को रिस्टोर कर देंगे। कोर्ट ने इन आश्वासनों को दर्ज करते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई तय की है। क्रिएटर्स ने मेटा से मांगा ₹2 करोड़ का मुआवजा पुष्कर राज ठाकुर ने कोर्ट से मांग की है कि मेटा को उनके ओरिजिनल कंटेंट को ऐसे फर्जी और बैकडेटेड दावों के आधार पर हटाने से रोका जाए। उन्होंने कंपनी को राइट्स मैनेजर टूल के भीतर केवाईसी (KYC) सुरक्षा उपाय, टाइमस्टैम्प सुरक्षा, मेटाडेटा वेरिफिकेशन और एंटी-मैनिपुलेशन प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश देने की भी मांग की है। इसके अलावा, ठाकुर ने उनके फॉलोअर्स घटने, मोनेटाइजेशन के मौके गंवाने, स्पॉन्सरशिप के नुकसान और उनकी कॉमर्शियल साख को ठेस पहुंचने के एवज में मेटा और अज्ञात जालसाजों से लगभग ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग की है। इस तरह के मामलों ने डिजिटल क्रिएटर्स के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि ओरिजिनल कंटेंट की सुरक्षा के लिए बने कॉपीराइट टूल्स का इस्तेमाल अब खुद क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। इस विषय को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी पेंडिंग है। क्या है मेटा का राइट्स मैनेजर और कॉपीराइट स्ट्राइक ये खबर भी पढ़ें… IRCTC की नई टिकट बुकिंग वेबसाइट लॉन्च: सभी क्लास की सीटें एकसाथ दिखेंगी, फास्टर चेकआउट’ फीचर मिलेगा; कैप्चा नहीं भरना होगा भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया वर्जन लॉन्च कर दिया गया है। इस अपग्रेड का मुख्य मकसद हर दिन टिकट बुक करने वाले लाखों यात्रियों के अनुभव को आसान और तेज बनाना है। अभी नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है, यानी आम यात्रियों से फीडबैक के आधार पर इस वेबसाइट में बदलाव किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

सोना ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹680 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोना ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹680 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने के दाम में आज यानी 16 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 189 रुपए गिरकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 680 रुपए बढ़कर 2.20 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 16 जुलाई 2026 सोना इस साल ₹9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 10 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.20 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

सोना ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹680 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोना ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹680 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने के दाम में आज यानी 16 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 189 रुपए गिरकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 680 रुपए बढ़कर 2.20 लाख रुपए पर पहुंच गई है। सोना इस साल ₹9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 10 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.20 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

कनाडा में जंगल की आग के बीच फंसी ट्रेन:ट्रक से भिड़ंत, कर्मचारियों ने पैदल भागकर जान बचाई; घटना का वीडियो वायरल

कनाडा में जंगल की आग के बीच फंसी ट्रेन:ट्रक से भिड़ंत, कर्मचारियों ने पैदल भागकर जान बचाई; घटना का वीडियो वायरल

कनाडा के ओंटारियो प्रांत में भीषण जंगल की आग के बीच कैनेडियन नेशनल रेलवे के कर्मचारी मौत के बेहद करीब पहुंच गए। धुएं के कारण विजिबिलिटी लगभग खत्म हो गई थी। इसी दौरान एक ट्रक में आग लग गई और वह ट्रेन से टकरा गया। हालांकि, सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंजन के चारों ओर धधकती आग, वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर वायरल वीडियो में ट्रेन के इंजन की खिड़कियों के बाहर चारों ओर जंगल में आग की ऊंची लपटें दिखाई देती हैं। आसमान नारंगी रंग का नजर आता है और कर्मचारी तत्काल निकासी की मांग करते सुनाई देते हैं। वीडियो ने सोशल मीडिया पर रेलवे सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। ट्रक में लगी आग, ट्रेन से टकराया CN रेलवे के अनुसार, घने धुएं के बीच एक ट्रक आग की चपेट में आ गया और ट्रेन से टकरा गया। इसके बाद सभी कर्मचारी पैदल ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। हालांकि, किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। रेल संचालन रोका, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को निकाला घटना के बाद CN रेलवे ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके में सभी रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कंपनी ने आर्मस्ट्रॉन्ग कस्बे के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यह इलाका उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में जंगल की आग से प्रभावित है। विपक्ष ने उठाए सुरक्षा पर सवाल ओंटारियो की NDP के विधायक सोल ममाक्वा ने कहा कि वीडियो रिकॉर्ड करने वाले कर्मचारी को कंपनी की कार्रवाई का डर है, क्योंकि ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाना कंपनी की नीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उस समय कर्मचारी की प्राथमिकता अपनी जान बचाना थी और कंपनी को दंडात्मक कार्रवाई के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए। तीन ट्रेनें जंगल की आग वाले इलाके में खड़ीं ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) ने बताया कि कॉलिन्स फर्स्ट नेशन के पास ज्वलनशील सामग्री ले जा रही तीन ट्रेनें जंगल की आग के कारण रोक दी गई हैं। फिलहाल आम लोगों के लिए तत्काल खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन रेलवे और आपातकालीन एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं। उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में 150 जगहों में जंगल की आग प्रदेश में करीब 150 जगहों पर जंगल की आग जल रही हैं। कई समुदायों में अनिवार्य निकासी के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में प्रतिबंधित अग्नि क्षेत्र (Restricted Fire Zone) लागू कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आपातकालीन जरूरत का सामान तैयार रखने की अपील की है।

कनाडा में जंगल की आग के बीच फंसी ट्रेन:ट्रक से भिड़ंत, कर्मचारियों ने पैदल भागकर जान बचाई; घटना का वीडियो वायरल

कनाडा में जंगल की आग के बीच फंसी ट्रेन:ट्रक से भिड़ंत, कर्मचारियों ने पैदल भागकर जान बचाई; घटना का वीडियो वायरल

कनाडा के ओंटारियो प्रांत में भीषण जंगल की आग के बीच कैनेडियन नेशनल रेलवे के कर्मचारी मौत के बेहद करीब पहुंच गए। धुएं के कारण विजिबिलिटी लगभग खत्म हो गई थी। इसी दौरान एक ट्रक में आग लग गई और वह ट्रेन से टकरा गया। हालांकि, सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंजन के चारों ओर धधकती आग, वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर वायरल वीडियो में ट्रेन के इंजन की खिड़कियों के बाहर चारों ओर जंगल में आग की ऊंची लपटें दिखाई देती हैं। आसमान नारंगी रंग का नजर आता है और कर्मचारी तत्काल निकासी की मांग करते सुनाई देते हैं। वीडियो ने सोशल मीडिया पर रेलवे सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। ट्रक में लगी आग, ट्रेन से टकराया CN रेलवे के अनुसार, घने धुएं के बीच एक ट्रक आग की चपेट में आ गया और ट्रेन से टकरा गया। इसके बाद सभी कर्मचारी पैदल ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। हालांकि, किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। रेल संचालन रोका, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को निकाला घटना के बाद CN रेलवे ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके में सभी रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कंपनी ने आर्मस्ट्रॉन्ग कस्बे के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यह इलाका उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में जंगल की आग से प्रभावित है। विपक्ष ने उठाए सुरक्षा पर सवाल ओंटारियो की NDP के विधायक सोल ममाक्वा ने कहा कि वीडियो रिकॉर्ड करने वाले कर्मचारी को कंपनी की कार्रवाई का डर है, क्योंकि ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाना कंपनी की नीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उस समय कर्मचारी की प्राथमिकता अपनी जान बचाना थी और कंपनी को दंडात्मक कार्रवाई के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए। तीन ट्रेनें जंगल की आग वाले इलाके में खड़ीं ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) ने बताया कि कॉलिन्स फर्स्ट नेशन के पास ज्वलनशील सामग्री ले जा रही तीन ट्रेनें जंगल की आग के कारण रोक दी गई हैं। फिलहाल आम लोगों के लिए तत्काल खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन रेलवे और आपातकालीन एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं। उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में 150 जगहों में जंगल की आग प्रदेश में करीब 150 जगहों पर जंगल की आग जल रही हैं। कई समुदायों में अनिवार्य निकासी के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में प्रतिबंधित अग्नि क्षेत्र (Restricted Fire Zone) लागू कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आपातकालीन जरूरत का सामान तैयार रखने की अपील की है।

डीजल-ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, पेट्रोल पर कम हुई:देश में फ्यूल की कमी रोकने के लिए लिया फैसला, नई दरें 16 जुलाई से लागू

डीजल-ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, पेट्रोल पर कम हुई:देश में फ्यूल की कमी रोकने के लिए लिया फैसला, नई दरें 16 जुलाई से लागू

केंद्र सरकार ने डीजल और विमान ईंधन यानी ATF के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी में बढ़ोतरी की है। वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स को कम कर दिया है। डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी ₹8.50 से बढ़ाकर ₹15.50 प्रति लीटर कर दी है। यानी इसमें प्रति लीटर 7 रुपए का इजाफा किया गया है। इसी तरह ATF यानी हवाई जहाज के ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ₹7.50 से बढ़ाकर ₹14.50 प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि, पेट्रोल एक्सपोर्टर्स को थोड़ी राहत देते हुए इस पर लगने वाली ड्यूटी को ₹4 से घटाकर ₹2.50 प्रति लीटर की है। ईंधन की ये नई दरें 16 जुलाई से देश भर में लागू हो गई हैं। हर 15 दिन में होती है समीक्षा सरकार का कहना है कि कच्चे तेल के संकट को देखते हुए देश के भीतर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कोई कमी न हो, इसलिए यह फैसला लिया गया है ताकि कंपनियां घरेलू बाजार की जगह बाहर तेल बेचने को तरजीह न दें। सरकार की ओर से हर 15 दिन में ड्यूटी यानी टैक्स की समीक्षा करती है। मार्च में लगा था टैक्स वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 27 मार्च को सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) के रूप में यह एक्सपोर्ट लेवी शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना था। पश्चिम एशिया संकट के चलते वैश्विक स्तर पर पैदा हुए हालात के बीच कंपनियां मुनाफे के लिए देश से बाहर ज्यादा तेल न भेजें, इसी को रोकने के लिए टैक्स लगाया गया था। हर 15 दिन में तय होती हैं कीमतें, पिछली समीक्षा 1 जुलाई को हुई थी मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर हर 15 दिन में इन ड्यूटी दरों की समीक्षा की जाती है। पिछली समीक्षा के बाद 1 जुलाई 2026 को नई दरें लागू की गई थीं, जिसके बाद अब 16 जुलाई से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए ये नए बदलाव किए गए हैं। इसका आम आदमी पर कोई असर नहीं चूंकि यह सिर्फ ‘एक्सपोर्ट’ यानी देश से बाहर भेजे जाने वाले ईंधन पर टैक्स है और घरेलू इंपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए भारत के पेट्रोल पंपों पर आम ग्राहकों के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।

भंडारा स्टाइल सूजी हलवा: घर का हलवा नहीं आ रहा मजा? तो इस ट्रिक से भंडारे वाला दानेंदार सूजी का हलवा

तस्वीर का विवरण

भंडारे वाले सूजी का हलवा बनाने की सामग्री: 1 कप सूजी, 1 कप देसी घी, 1 कप चीनी, 3 कप पानी, 4-5 इलायची, 8-10 काजू, 10-12 बादाम, 1 बड़ा मसाला तेल, थोड़ा-सा केसर छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले एक भारी तले की चीज़ की कढ़ाही में घी गर्म करें। इसमें सूजी नामांकित नामांकित पर लगातार 12-15 मिनट तक की अवधि चली। जब सूजी सुनहरी हो जाए और उसका संगीत आने लगे, तब समझिए यह तैयार है। छवि: एआई अन्य पोथी में पानी गर्म करें। इसमें चीनी और कोलैम्बोला चीनी पूरी तरह से मिलते-जुलते हैं। पिज्जा तो केसर भी डाल सकते हैं। अब भुनी हुई सूजी में धीरे-धीरे गर्म चाशनी डालें। छवि: एआई यह समय लगातार बना रहे ताकि गुठली न खरीदें। हलवे को 4-5 मिनट तक का समय। अब इसमें काजू, बादाम और स्टैटिकल स्टैण्डर्ड अच्छी तरह से मिले। जब हलवा घी छोड़ने लगे, तब गैस बंद कर दे। छवि: फ्रीपिक सूजी को हमेशा नामांकित पर अच्छी तरह से वर्गीकृत किया जाता है। यही सबसे जरूरी स्टेप है। सूजी और घी का अनुपात लगभग बराबर है, इससे स्वाद और टेक्सचर बेहतर आता है। चाशनी हमेशा गर्म ही रहती है। छवि: फ्रीपिक चाशनी में समय-समय पर स्थिरता बनी रहे ताकि हलवा एकसार बने। हलवे को रेस्तरां के बाद 5 मिनट तक पकाकर रख लें। इससे दानें अच्छी तरह खिले जाते हैं। छवि: फ्रीपिक गरमा-गरम सूजी के हलवे को ऊपर से मूली से घी और कटे हुए मेवे से सजाकर सजाएं। मित्र तो इसे पूरा, काले चने या आलू की सब्जी के साथ भी ले सकते हैं। छवि: एआई त्योहार, पूजा, प्रसाद या कोई विशेष व्यंजन पर यह भंडारा स्टाइल हलवा सभी को बेहद पसंद आता है। एक बार इस तरीके से हलवा बनाने के बाद हर कोई इसकी धूम मचाए बिना नहीं रहेगा। छवि: फ्रीपिक अगर आप घर पर ही मंदिर या भंडारे जैसे दानेदार और स्वादिष्ट सूजी का हलवा बनाना चाहते हैं, तो इस आसान रेसिपी और छोटे-छोटे ट्रिक्स को जरूर अपनाएं। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)सूजी का हलवा रेसिपी(टी)सूजी का हलवा(टी)सूजी का हलवा(टी)भंडारा स्टाइल हलवा रेसिपी(टी)भंडारा स्टाइल हलवा(टी)भंडारा स्टाइल सूजी का हलवा रेसिपी(टी)भंडारा स्टाइल सूजी का हलवा रेसिपी

यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों के बाद रूस को बड़ा झटका लगा है। इस सप्ताह हमलों की वजह से रूस को एजोव सागर के अहम समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इससे दुनिया के दूसरे देशों के साथ रूस का व्यापार प्रभावित होने लगा है। एजोव सागर लंबे समय तक यूक्रेन की पहुंच से बाहर रहा था। रूस इसी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल यूक्रेन पर हमले करने और दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, स्टील, सूरजमुखी का तेल और दूसरे सामान दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के लिए करता था। लेकिन हाल के महीनों में यूक्रेन के ड्रोन हमले काफी प्रभावी हो गए हैं और अब इस समुद्री रास्ते पर भी रूस का दबदबा कमजोर पड़ने लगा है। यूक्रेन की ड्रोन सेना के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवदी ने बुधवार को दावा किया कि पिछले 9 दिनों में एजोव सागर में रूस के 116 जहाजों को निशाना बनाया गया है। पहले यूक्रेन के हमले मुख्य रूप से रूस के शैडो ऑयल टैंकरों और युद्धपोतों तक सीमित थे, लेकिन अब हमलों का दायरा बढ़ गया है। रूस के दो अहम समुद्री रास्ते बंद लगातार हमलों के बाद रूस ने डॉन-एजोव चैनल और केर्च स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली बेवसाइट्स के मुताबिक, इन दोनों रास्तों के दोनों ओर बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर सिर्फ रूस के तेल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गेहूं, सूरजमुखी के तेल और दूसरे कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, जिन पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध लागू नहीं हैं। अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का कहना है कि यूक्रेन के हमलों का मकसद क्रीमिया को रूस की सप्लाई लाइन से अलग करना और समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व अनाज के निर्यात को बाधित करना है। रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है और वैश्विक गेहूं निर्यात का लगभग 20% हिस्सा अकेले रूस से आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। गेहूं की कीमतें बढ़ने लगीं एजोव सागर में संकट बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के वायदा भाव (फ्यूचर्स) भी बढ़ने लगे हैं। रूस का दावा है कि वह अपने गेहूं का निर्यात ब्लैक सी के दूसरे बंदरगाहों से कर सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि निर्यात के सबसे व्यस्त मौसम में दूसरे बंदरगाहों की क्षमता इतनी नहीं है कि वे पूरा भार संभाल सकें।

यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के हमले से रूस में भी होर्मुज जैसा संकट:एजोव सागर में जहाजों की आवाजाही रुकी, 9 दिन में 116 जहाजों पर हमले किए

यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों के बाद रूस को बड़ा झटका लगा है। इस सप्ताह हमलों की वजह से रूस को एजोव सागर के अहम समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इससे दुनिया के दूसरे देशों के साथ रूस का व्यापार प्रभावित होने लगा है। एजोव सागर लंबे समय तक यूक्रेन की पहुंच से बाहर रहा था। रूस इसी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल यूक्रेन पर हमले करने और दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, स्टील, सूरजमुखी का तेल और दूसरे सामान दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के लिए करता था। लेकिन हाल के महीनों में यूक्रेन के ड्रोन हमले काफी प्रभावी हो गए हैं और अब इस समुद्री रास्ते पर भी रूस का दबदबा कमजोर पड़ने लगा है। यूक्रेन की ड्रोन सेना के कमांडर रॉबर्ट ब्रोवदी ने बुधवार को दावा किया कि पिछले 9 दिनों में एजोव सागर में रूस के 116 जहाजों को निशाना बनाया गया है। पहले यूक्रेन के हमले मुख्य रूप से रूस के शैडो ऑयल टैंकरों और युद्धपोतों तक सीमित थे, लेकिन अब हमलों का दायरा बढ़ गया है। रूस के दो अहम समुद्री रास्ते बंद लगातार हमलों के बाद रूस ने डॉन-एजोव चैनल और केर्च स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली बेवसाइट्स के मुताबिक, इन दोनों रास्तों के दोनों ओर बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका असर सिर्फ रूस के तेल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गेहूं, सूरजमुखी के तेल और दूसरे कृषि उत्पादों के निर्यात पर भी असर पड़ सकता है, जिन पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध लागू नहीं हैं। अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का कहना है कि यूक्रेन के हमलों का मकसद क्रीमिया को रूस की सप्लाई लाइन से अलग करना और समुद्री रास्तों से होने वाले तेल व अनाज के निर्यात को बाधित करना है। गेहूं की कीमतें बढ़ने लगीं रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है और वैश्विक गेहूं निर्यात का लगभग 20% हिस्सा अकेले रूस से आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस के करीब 25% गेहूं का निर्यात एजोव सागर के रास्ते होता है। अगर यह संकट जारी रहा तो रूस को अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है।एजोव सागर में संकट बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के वायदा भाव (फ्यूचर्स) भी बढ़ने लगे हैं। रूस का दावा है कि वह अपने गेहूं का निर्यात ब्लैक सी के दूसरे बंदरगाहों से कर सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि निर्यात के सबसे व्यस्त मौसम में दूसरे बंदरगाहों की क्षमता इतनी नहीं है कि वे पूरा भार संभाल सकें। रूस के लिए एजोव सागर इतना खास क्यों है एजोव सी यूक्रेन और रूस के बीच स्थित एक अंदरूनी समुद्र है, जो केर्च स्ट्रेट के जरिए ब्लैक सी से जुड़ा है। 2003 में यूक्रेन और रूस ने इस समुद्री क्षेत्र को साझा इस्तेमाल करने का समझौता किया था। लेकिन 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद रूस ने इस समझौते का कई बार उल्लंघन किया। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला करने के बाद रूस ने एजोव सागर के आसपास के लगभग पूरे यूक्रेनी तट पर कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे रूस का समंदर तक बता दिया था। आकार में छोटा होने के बावजूद, एजोव सागर रूस की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। सोवियत काल में विकसित हुए नदियों और नहरों का विशाल नेटवर्क इसी समुद्री मार्ग से जुड़ता है। इसके जरिए दक्षिणी रूस से तेल, गेहूं, सूरजमुखी का तेल, इस्पात और अन्य सामान पहले ब्लैक सी और फिर दुनिया के कई देशों तक पहुंचाया जाता है।

सरेआम गोद में बैठाने वाले राघव जुयाल हैं खास दोस्त:शहनाज गिल बोलीं- उनकी फिल्म जरूर देखें, हाथ पकड़ने से अफेयर की चर्चा

सरेआम गोद में बैठाने वाले राघव जुयाल हैं खास दोस्त:शहनाज गिल बोलीं- उनकी फिल्म जरूर देखें, हाथ पकड़ने से अफेयर की चर्चा

डेटिंग की अफवाहों के बीच शहनाज गिल ने राघव जुयाल को अपना बेहद करीबी और अच्छा दोस्त बताया। साथ ही उन्होंने लोगों से उनकी आगामी फिल्म को सपोर्ट करने की अपील की। गौरतलब है कि हाल ही में शहनाज गिल और राघव जुयाल का एक वीडियो सामने आया था। इसके बाद दोनों के अफेयर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। पिंकविला को दिए इंटरव्यू के दौरान जब शहनाज से राघव जुयाल के साथ उनके रिश्ते को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “प्लीज, मुझसे पर्सनल सवाल मत पूछिए।” हालांकि, शहनाज ने कहा, “मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि मेरे दोस्त की फिल्म आ रही है। ‘भाई तेरा स्टार है’, इसलिए आप सभी से गुजारिश है कि उसकी फिल्म को जरूर सपोर्ट करें। वह मेरा बहुत अच्छा दोस्त है और उसकी फिल्म का चलना बेहद जरूरी है।” एक्ट्रेस ने आगे कहा, “एक एक्टर के तौर पर वह पहली बार मेन लीड के रूप में दर्शकों के सामने आ रहा है। इसलिए हम सभी का उसे सपोर्ट करना बहुत जरूरी है। वह किसी फिल्मी परिवार या इंडस्ट्री से नहीं है। उसने अपनी मेहनत और अपने दम पर यह मुकाम हासिल किया है। इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि उसकी फिल्म जरूर देखें। ‘भाई तेरा स्टार है।’” गौरतलब है कि एक्टर राघव जुयाल की गुरुवार को हुई बर्थडे पार्टी में एक्ट्रेस शहनाज गिल उनके साथ नजर आई थीं। दोनों को इवेंट से एक साथ निकलते और एक ही कार में जाते देखा गया। वीडियो में शहनाज, राघव की गोद में बैठी दिखीं। जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके रिलेशनशिप को लेकर अटकलें तेज हो गईं। कहा गया कि दोनों ने अपना रिलेशनशिप कन्फर्म कर दिया। शहनाज गिल और राघव जुयाल की दोस्ती लंबे समय से चर्चा में है। दोनों ने साल 2023 में सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में साथ काम किया था। तभी से दोनों के अफेयर की खबरें सामने आती रही हैं। हालांकि, शहनाज और राघव हमेशा एक-दूसरे को सिर्फ अच्छा दोस्त बताते आए हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो राघव की अपकमिंग फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ में नजर आएंगे। वह फिल्म में अजय सिंह का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में संजय कपूर, चंदन रॉय सान्याल, बरखा सिंह, टीना देसाई और विवान भटेना समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को विवेक बी. अग्रवाल ने डायरेक्ट किया है और यह 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।