Saturday, 26 Sep 2026 | 06:46 AM

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कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट में धमाका:13 की मौत, इनमें कई भारतीय भी शामिल; 60 से ज्यादा घायल

कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट में धमाका:13 की मौत, इनमें कई भारतीय भी शामिल; 60 से ज्यादा घायल

कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान के LNG कॉम्प्लेक्स में रविवार शाम हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। मरने वालों में भारत और पाकिस्तान के लोग शामिल हैं। भारतीय नागरिकों की सही संख्या अभी सामने नहीं आई है। अल-काबी ने बताया कि हादसे में घायल हुए लोगों में भारत, कतर, तंजानिया, पाकिस्तान, गिनी, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या और नाइजीरिया के नागरिक शामिल हैं। विस्फोट रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ था। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह हादसा था, किसी तरह की तोड़फोड़ या दुश्मनाना कार्रवाई नहीं। उनके मुताबिक, जरूरी मरम्मत के कारण दिसंबर 2025 से प्लांट का उत्पादन पूरी तरह बंद था और इसे सिर्फ दो दिन पहले ही दोबारा शुरू किया गया था। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। राजधानी दोहा तक धमाके की आवाज सुनाई दी कतरएनर्जी के मुताबिक, रविवार शाम ऑपरेशन शुरू करने की प्रक्रिया के दौरान बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में विस्फोट और आग लगी थी। आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और अब आग पर काबू पा लिया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज राजधानी दोहा तक सुनाई दी। 70 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग भी घबरा गए। हालांकि, ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने कहा कि हादसे से पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है और कतर से गैस की सप्लाई भी जारी रहेगी। जहां हादसा हुआ, वह बरजान गैस प्लांट कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लाफान का हिस्सा है। इसी इलाके से दुनिया के कई देशों को गैस भेजी जाती है। यहां से घरेलू बिजली संयंत्रों और उद्योगों को भी गैस सप्लाई होती है। भारतीय दूतावस ने मदद का भरोसा दिया दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह कतर के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और मृतकों तथा घायलों के परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी। दूतावास ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई है। दूतावास ने +974-55647502 और +975-55384683 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसके अलावा cons.doha@mea.gov.in ईमेल के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। इससे पहले दूतावास ने कहा था कि कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोग लापता हैं। ईरान जंग में रास लाफान की 2 यूनिट को नुकसान पहुंचा रॉयटर्स के मुताबिक, मार्च में ईरान के मिसाइल हमले में रास लाफान की दो गैस यूनिट क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इससे कतर की गैस निर्यात क्षमता का करीब 17% हिस्सा प्रभावित हुआ था। कतरएनर्जी के CEO के मुताबिक, इन यूनिटों की पूरी मरम्मत में तीन से पांच साल लग सकते हैं। ईरान युद्ध के दौरान कंपनी को करीब 10 हजार कर्मचारियों को गैस संयंत्रों से हटाना पड़ा था। हालांकि मार्च में हुए मिसाइल हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, LNG प्लांट को दोबारा शुरू करना बेहद जटिल प्रक्रिया होती है और इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाता है, ताकि तापमान में अचानक बदलाव से उपकरणों को नुकसान न पहुंचे।

संजू बोले- धोनी क्रिकेट के फेडरर, कोहली अल्काराज जैसे:विमेंस वर्ल्डकप जीतना इंस्पायरिंग था, ऑस्ट्रेलिया से खेलने का अब डर नहीं

संजू बोले- धोनी क्रिकेट के फेडरर, कोहली अल्काराज जैसे:विमेंस वर्ल्डकप जीतना इंस्पायरिंग था, ऑस्ट्रेलिया से खेलने का अब डर नहीं

विंबलडन 2026 से पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने क्रिकेट और टेनिस के प्लेयर्स के बीच तुलना की। उन्होंने जियोस्टार से बातचीत में कहा कि अगर क्रिकेट में किसी खिलाड़ी की तुलना रोजर फेडरर से की जा सकती है तो वह पूर्व भारतीय कप्तान एम एस धोनी हैं। वहीं उन्होंने विराट कोहली की तुलना टेनिस स्टार कार्लोस अल्काराज से की। सैमसन ने 2025 में भारत की महिला टीम के वनडे वर्ल्ड कप खिताब को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश फाइनल देख रहा था और उस जीत ने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी। सैमसन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने को लेकर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा, जब हम बड़े हो रहे थे तब लगभग हर वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया ही जीतता था। यही वजह है कि उनके लिए हमारे मन में काफी सम्मान है। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। हम चैंपियन हैं और उसी सोच के साथ मुकाबला करते हैं। इसलिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सम्मान तो है, लेकिन डर नहीं। धोनी में फेडरर जैसा धैर्य सैमसन ने कहा, क्रिकेट के रोजर फेडरर एमएस धोनी हैं। वह जिस तरह अपने काम को अंजाम देते हैं। उसमें गजब का धैर्य और शांति दिखती है। जब वह अच्छा खेलते हैं तो सब कुछ बेहद आसान नजर आता है, लेकिन उसका असर बहुत बड़ा होता है। दूसरी ओर कार्लोस अल्काराज काफी अटैकिंग प्लेयर हैं। विराट भाई ने भी अपने करियर की शुरुआत उसी अंदाज में की थी। वे एनर्जी से भरे रहते हैं, इसलिए उनकी तुलना अल्काराज से की जा सकती है। महिला वर्ल्ड कप जीत ने बढ़ाया भरोसा सैमसन ने 2025 में भारत की वर्ल्ड कप जीत पर कहा, हम सभी फाइनल देख रहे थे। मेरा परिवार और देशभर के लोग टीवी के सामने बैठे थे। यह पूरे देश के लिए बेहद खास पल था। हमें हमेशा विश्वास था कि हम वर्ल्ड कप जीत सकते हैं, लेकिन मंजिल अभी भी दूर लगती थी। नवंबर 2025 के फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को हराया था। बोपन्ना ने सिनर और रयबाकिना को बताया दावेदार पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना भी संजू के साथ मौजूद थे। उन्होंने भी विंबलडन 2026 के मेंस में मौजूदा चैंपियन यानिक सिनर को खिताब का सबसे बड़ा दावेदार बताया, जबकि महिला एकल में एलेना रयबाकिना पर भरोसा जताया। विंबलडन 2026 29 जून से 12 जुलाई तक होगा। ————————- यह खबर भी पढ़ें… हरमनप्रीत 200 टी-20 खेलने वाली पहली क्रिकेटर साउथ अफ्रीका ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को 6 विकेट से हरा दिया। साउथ अफ्रीका ने 159 रन का टारगेट हासिल किया। यह टी-20 वर्ल्ड कप का तीसरा और साउथ अफ्रीका का सबसे बड़ा रनचेज रहा। पढ़ें पूरी खबर…

संजू बोले- धोनी क्रिकेट के फेडरर, कोहली अल्काराज जैसे:विमेंस वर्ल्डकप जीतना इंस्पायरिंग था, ऑस्ट्रेलिया से खेलने का अब डर नहीं

संजू बोले- धोनी क्रिकेट के फेडरर, कोहली अल्काराज जैसे:विमेंस वर्ल्डकप जीतना इंस्पायरिंग था, ऑस्ट्रेलिया से खेलने का अब डर नहीं

विंबलडन 2026 से पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने क्रिकेट और टेनिस के प्लेयर्स के बीच तुलना की। उन्होंने जियोस्टार से बातचीत में कहा कि अगर क्रिकेट में किसी खिलाड़ी की तुलना रोजर फेडरर से की जा सकती है तो वह पूर्व भारतीय कप्तान एम एस धोनी हैं। वहीं उन्होंने विराट कोहली की तुलना टेनिस स्टार कार्लोस अल्काराज से की। सैमसन ने 2025 में भारत की महिला टीम के वनडे वर्ल्ड कप खिताब को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश फाइनल देख रहा था और उस जीत ने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी। सैमसन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने को लेकर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा, जब हम बड़े हो रहे थे तब लगभग हर वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया ही जीतता था। यही वजह है कि उनके लिए हमारे मन में काफी सम्मान है। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। हम चैंपियन हैं और उसी सोच के साथ मुकाबला करते हैं। इसलिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सम्मान तो है, लेकिन डर नहीं। धोनी में फेडरर जैसा धैर्य सैमसन ने कहा, क्रिकेट के रोजर फेडरर एमएस धोनी हैं। वह जिस तरह अपने काम को अंजाम देते हैं। उसमें गजब का धैर्य और शांति दिखती है। जब वह अच्छा खेलते हैं तो सब कुछ बेहद आसान नजर आता है, लेकिन उसका असर बहुत बड़ा होता है। दूसरी ओर कार्लोस अल्काराज काफी अटैकिंग प्लेयर हैं। विराट भाई ने भी अपने करियर की शुरुआत उसी अंदाज में की थी। वे एनर्जी से भरे रहते हैं, इसलिए उनकी तुलना अल्काराज से की जा सकती है। महिला वर्ल्ड कप जीत ने बढ़ाया भरोसा सैमसन ने 2025 में भारत की वर्ल्ड कप जीत पर कहा, हम सभी फाइनल देख रहे थे। मेरा परिवार और देशभर के लोग टीवी के सामने बैठे थे। यह पूरे देश के लिए बेहद खास पल था। हमें हमेशा विश्वास था कि हम वर्ल्ड कप जीत सकते हैं, लेकिन मंजिल अभी भी दूर लगती थी। नवंबर 2025 के फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को हराया था। बोपन्ना ने सिनर और रयबाकिना को बताया दावेदार पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना भी संजू के साथ मौजूद थे। उन्होंने भी विंबलडन 2026 के मेंस में मौजूदा चैंपियन यानिक सिनर को खिताब का सबसे बड़ा दावेदार बताया, जबकि महिला एकल में एलेना रयबाकिना पर भरोसा जताया। विंबलडन 2026 29 जून से 12 जुलाई तक होगा। ————————- यह खबर भी पढ़ें… हरमनप्रीत 200 टी-20 खेलने वाली पहली क्रिकेटर साउथ अफ्रीका ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को 6 विकेट से हरा दिया। साउथ अफ्रीका ने 159 रन का टारगेट हासिल किया। यह टी-20 वर्ल्ड कप का तीसरा और साउथ अफ्रीका का सबसे बड़ा रनचेज रहा। पढ़ें पूरी खबर…

अभी-अभी: राजनीतिक चर्चा के बीच सेना के बागी सांसदों ने एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात की

अभी-अभी: राजनीतिक चर्चा के बीच सेना के बागी सांसदों ने एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात की

बागी शिवसेना सांसद इस समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात कर रहे हैं, जिससे नई राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। यह हाई-प्रोफाइल बैठक शिवसेना (यूबीटी) गुट के भीतर चल रहे तनाव और आंतरिक पुनर्गठन की खबरों के बीच हो रही है। बैठक के नतीजे पर अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है। n18oc_politics n18oc_breaking-news

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

दुनियाभर की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई की रेस में आगे निकलने के लिए ट्रिलियन (लाखों करोड़ रुफए) डॉलर का निवेश कर रही हैं। इसे इतिहास के सबसे बड़े तकनीकी निवेशों में से एक माना जा रहा है। लेकिन इस बीच कॉर्पोरेट जगत में ‘डीन ऑफ वैल्यूएशन’ के नाम से मशहूर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के फाइनेंस प्रोफेसर अश्वथ दामोदरन ने एक बड़ी चेतावनी दी है। भारतीय-अमेरिकी मूल के प्रोफेसर दामोदरन का मानना है कि भविष्य में आने वाला एआई मार्केट करेक्शन साल 2000 के डॉट-कॉम क्रैश से भी कहीं ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। ‘एक्सेस रिटर्न्स’ यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी बाजार में किसी चीज को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साह होता है, तो उसके बाद गिरावट जरूर आती है। एआई में भी मंदी आने की पूरी आशंका है, जिसका असर केवल वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी सोसाइटी को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। भारी कर्ज, डिफॉल्ट और प्राइवेट कैपिटल का संकट आम जनता की जेब तक पहुंच सकता है। डॉट-कॉम एआई- इस बार जोखिम इतना बड़ा क्यों है? जानें तीन बड़ी वजह डॉट कॉम में सीमित खर्च था, लेकिन एआई में इतिहास का बड़ा निवेश अश्वथ दामोदरन ने दोनों दौर के अंतर को समझाते हुए बताया कि डॉट-कॉम के दौर में कंपनियों के पास सिर्फ वेबसाइट्स, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट आधारित आइडिया थे। लेकिन एआई में अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च हो रहा है। इसकी तुलना 100 साल पहले के ऑटोमोबाइल बिजनेस की शुरुआत से की जा सकती है। डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर, कंप्यूटिंग पावर और भारी ऊर्जा खपत वाले सिस्टम पर भारी-भरकम पूंजी लगाई जा रही है। पूंजी का यह आकार ही सबसे बड़ा खतरा है। 2008 का सबक- कर्ज न चुका पाना सबसे ज्यादा दर्दनाक प्रोफेसर दामोदरन ने साफ किया कि वह 2008 जैसी वैश्विक आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं, पर 2008 की मंदी का टेकअवे यह है कि जब कर्ज देने वाले जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ जाते हैं और कम ब्याज दरों पर पैसा बांटते हैं, तो सुधार आने पर दर्द पूरी दुनिया को झेलना पड़ता है। यदि आप समय पर कर्ज नहीं चुकाते हैं, तो सामाजिक लागत बहुत बड़ी होती है। यह स्थिति शेयर 90% टूटने के दर्द से कहीं ज्यादा भयानक होती है। लोन के पैसे से खड़ी हो रही है एआई की इमारत, ये बड़ी चिंता डॉट-कॉम बबल जब 2000-01 में फूटा, तो टेक शेयरों की वैल्यू जरूर गिरी और निवेशकों को 70 से 90% तक का नुकसान हुआ। इसके चलते कई टेक कंपनियां पूरी तरह खत्म हो गई। लेकिन यह नुकसान सिर्फ शेयरधारकों तक सीमित रहा। बैंक और आम बिजनेस सुरक्षित रहे। इसके विपरीत, मौजूदा एआई एक्सपेंशन के लिए कर्ज लिया जा रहा है। यह बैंकों के बजाय प्राइवेट कैपिटल मार्केट्स से आ रहा है।

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

डॉट कॉम क्रैश से खतरनाक हो सकता है एआई बबल:दामोदरन की चेतावनी; एआई बूम में गिरावट आई तो संभलना नामुमकिन

दुनियाभर की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई की रेस में आगे निकलने के लिए ट्रिलियन (लाखों करोड़ रुफए) डॉलर का निवेश कर रही हैं। इसे इतिहास के सबसे बड़े तकनीकी निवेशों में से एक माना जा रहा है। लेकिन इस बीच कॉर्पोरेट जगत में ‘डीन ऑफ वैल्यूएशन’ के नाम से मशहूर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के फाइनेंस प्रोफेसर अश्वथ दामोदरन ने एक बड़ी चेतावनी दी है। भारतीय-अमेरिकी मूल के प्रोफेसर दामोदरन का मानना है कि भविष्य में आने वाला एआई मार्केट करेक्शन साल 2000 के डॉट-कॉम क्रैश से भी कहीं ज्यादा दर्दनाक हो सकता है। ‘एक्सेस रिटर्न्स’ यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी बाजार में किसी चीज को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साह होता है, तो उसके बाद गिरावट जरूर आती है। एआई में भी मंदी आने की पूरी आशंका है, जिसका असर केवल वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी सोसाइटी को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। भारी कर्ज, डिफॉल्ट और प्राइवेट कैपिटल का संकट आम जनता की जेब तक पहुंच सकता है। डॉट-कॉम एआई- इस बार जोखिम इतना बड़ा क्यों है? जानें तीन बड़ी वजह डॉट कॉम में सीमित खर्च था, लेकिन एआई में इतिहास का बड़ा निवेश अश्वथ दामोदरन ने दोनों दौर के अंतर को समझाते हुए बताया कि डॉट-कॉम के दौर में कंपनियों के पास सिर्फ वेबसाइट्स, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट आधारित आइडिया थे। लेकिन एआई में अब तक का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च हो रहा है। इसकी तुलना 100 साल पहले के ऑटोमोबाइल बिजनेस की शुरुआत से की जा सकती है। डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर, कंप्यूटिंग पावर और भारी ऊर्जा खपत वाले सिस्टम पर भारी-भरकम पूंजी लगाई जा रही है। पूंजी का यह आकार ही सबसे बड़ा खतरा है। 2008 का सबक- कर्ज न चुका पाना सबसे ज्यादा दर्दनाक प्रोफेसर दामोदरन ने साफ किया कि वह 2008 जैसी वैश्विक आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं, पर 2008 की मंदी का टेकअवे यह है कि जब कर्ज देने वाले जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ जाते हैं और कम ब्याज दरों पर पैसा बांटते हैं, तो सुधार आने पर दर्द पूरी दुनिया को झेलना पड़ता है। यदि आप समय पर कर्ज नहीं चुकाते हैं, तो सामाजिक लागत बहुत बड़ी होती है। यह स्थिति शेयर 90% टूटने के दर्द से कहीं ज्यादा भयानक होती है। लोन के पैसे से खड़ी हो रही है एआई की इमारत, ये बड़ी चिंता डॉट-कॉम बबल जब 2000-01 में फूटा, तो टेक शेयरों की वैल्यू जरूर गिरी और निवेशकों को 70 से 90% तक का नुकसान हुआ। इसके चलते कई टेक कंपनियां पूरी तरह खत्म हो गई। लेकिन यह नुकसान सिर्फ शेयरधारकों तक सीमित रहा। बैंक और आम बिजनेस सुरक्षित रहे। इसके विपरीत, मौजूदा एआई एक्सपेंशन के लिए कर्ज लिया जा रहा है। यह बैंकों के बजाय प्राइवेट कैपिटल मार्केट्स से आ रहा है।

विज्ञापनों में गुपचुप बढ़ रही एआई इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका:ग्राहकों को इसकी भनक तक नहीं; कंटेंट क्रिएटर्स से अनुबंध करा रहीं कंपनियां

विज्ञापनों में गुपचुप बढ़ रही एआई इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका:ग्राहकों को इसकी भनक तक नहीं; कंटेंट क्रिएटर्स से अनुबंध करा रहीं कंपनियां

सोशल मीडिया पर किसी प्रोडक्ट की तारीफ करता दिखने वाला मॉडल हमेशा असली हो, यह जरूरी नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कई कंपनियां अपने उत्पादों के प्रचार के लिए एआई से बनाए गए नकली इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल कर रही हैं। ये वीडियो और तस्वीरें इस तरह तैयार की जाती हैं कि दर्शकों को लगे कि कोई असली ग्राहक अनुभव साझा कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कंपनियां एआई कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स से नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (एनडीए) भी साइन करा रही हैं, ताकि वे इस बारे में सार्वजनिक रूप से न बताएं। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे यूजर्स के लिए असली और नकली प्रचार में फर्क करना मुश्किल हो रहा है। वहीं, उपभोक्ता संगठन पारदर्शिता की मांग कर चेतावनी दे रहे हैं कि भविष्य में ये लोगों के भरोसे का संकट बन सकता है। एआई मॉडल को देख भ्रमित होने का जोखिम जांच में कई ऐसे उदाहरण मिले जहां कंपनियों ने प्रचार में एआई से बनाए गए चेहरे इस्तेमाल किए। अमेरिका की फोटो एप ‘वंस’ के प्रचार वीडियो में दुल्हनें अपने अनुभव बताती दिखीं, जबकि विश्लेषण में उनके एआई से बने होने की आशंका जताई गई। दुबई के फैशन ब्रांड ‘एशले’ ने भी ऐसे प्रचार चित्र पोस्ट किए, जिनमें एआई की गड़बड़ियां दिखाई दीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कंटेंट को देखकर सामान्य उपभोक्ता आसानी से भ्रमित हो सकता है। यही नहीं, इससे लोगों का उस प्रोडक्ट से भरोसा भी उठ सकता है। भारत में सख्ती, ब्रिटेन में अभी कोई स्पष्ट नियम नहीं फिलहाल ब्रिटेन में ऐसा कोई स्पष्ट नियम नहीं है जो कंपनियों को एआई से बने विज्ञापनों या इन्फ्लुएंसर्स की पहचान बताने के लिए बाध्य करे। दूसरी ओर भारत ने एआई से तैयार या संशोधित कंटेंट की पहचान को लेकर नियमों को सख्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाने और डीपफेक जैसी सामग्री पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एनडीए के जरिए छिपाया जा रहा एआई का इस्तेमाल ब्रिटेन की एआई कंटेंट निर्माता क्लैरिसा मैन्सब्रिज का दावा है कि कई बड़े ब्रांड एआई कंटेंट तैयार कराने के बाद क्रिएटर्स से एनडीए साइन कराते हैं। इससे वे सार्वजनिक रूप से नहीं बता सकते कि विज्ञापन में दिख रहे लोग असली नहीं हैं। उनका कहना है कि कंपनियों के लिए एआई कंटेंट पारंपरिक फोटोशूट की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है।

रणबीर-आलिया कि फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर हादसा:कारपेंटर की करंट लगने से मौत; 50 लाख मुआवजा देने की मांग

रणबीर-आलिया कि फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर हादसा:कारपेंटर की करंट लगने से मौत; 50 लाख मुआवजा देने की मांग

रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल की आने वाली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ के सेट पर बड़ा हादसा हुआ है। मुंबई की फिल्म सिटी के रॉयल पंप स्टूडियो में शॉर्ट सर्किट के कारण 42 वर्षीय कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के समय सेट पर एक्ट्रेस आलिया भट्ट शूटिंग कर रही थीं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने भंसाली प्रोडक्शंस की तरफ से घोषित 40 लाख रुपए के मुआवजे को बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने की मांग की है ताकि मृतक के बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित हो सके। इस फिल्म का डायरेक्शन संजय लीला भंसाली कर रहे हैं। लगातार 20 घंटे काम करने का दावा FWICE के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने इस घटना के बाद वर्कर्स के काम के घंटों पर सवाल उठाए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स कि रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रधारी सिंह यादव हादसे से पहले लगातार तीन दिनों से बेहद कड़े शेड्यूल में काम कर रहे थे। वे सुबह 7 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक ड्यूटी पर थे। फेडरेशन का कहना है कि लगातार करीब 20 घंटे काम करने की वजह से थकावट और सुरक्षा इंतजामों में कमी इस हादसे का कारण हो सकती है। फेडरेशन ने सभी प्रोडक्शन हाउसेज से सेट पर सख्त सेफ्टी चेक्स लागू करने की मांग की है। FWICE ने की नौकरी की मांग हादसे के बाद भंसाली प्रोडक्शंस ने पीड़ित परिवार को 40 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की बात कही है। इस पर FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने बताया कि मृतक के बच्चे अभी बहुत छोटे हैं। परिवार को उनकी शिक्षा के लिए और मदद की जरूरत होगी, इसलिए मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 500 लाख रुपए किया जाना चाहिए। इसके साथ ही फेडरेशन ने भंसाली प्रोडक्शंस से चंद्रधारी यादव की पत्नी को स्थाई आय के लिए नौकरी देने का भी आग्रह किया है। परिवार में पत्नी और दो बेटियां मृतक चंद्रधारी सिंह यादव अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़कर गए हैं। बीएन तिवारी ने टेक्नीशियन की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक बेहद टैलेंटेड वर्कर थे और इस तरह उनका जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए दुखद है। फेडरेशन का कहना है कि वर्कर्स के काम के घंटों को रेगुलराइज किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में थकावट के कारण होने वाली ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। जनवरी 2027 में रिलीज होगी ‘लव एंड वॉर’ संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ इस समय बॉलीवुड की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होने वाली है। फिल्म में रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट लीड रोल में हैं। यह साल 2022 की सफल फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ के बाद रणबीर और आलिया की एक साथ दूसरी फिल्म होगी। विक्की कौशल भी इससे पहले रणबीर के साथ ‘संजू’ और आलिया के साथ ‘राजी’ में काम कर चुके हैं। भंसाली के साथ स्टार्स का पुराना कनेक्शन इस फिल्म के जरिए रणबीर कपूर और आलिया भट्ट एक बार फिर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ काम कर रहे हैं। आलिया भट्ट ने भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में काम किया था, जिसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था। वहीं रणबीर कपूर ने अपने करियर की शुरुआत साल 2007 में भंसाली की फिल्म ‘सांवरिया’ से की थी। लगभग दो दशक बाद रणबीर फिर से भंसाली के निर्देशन में काम कर रहे हैं।

रणबीर-आलिया की फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर हादसा:कारपेंटर की करंट लगने से मौत; हादसे के वक्त सेट पर थीं आलिया भट्ट

रणबीर-आलिया की फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर हादसा:कारपेंटर की करंट लगने से मौत; हादसे के वक्त सेट पर थीं आलिया भट्ट

रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल की आने वाली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ के सेट पर बड़ा हादसा हुआ है। मुंबई की फिल्म सिटी के रॉयल पंप स्टूडियो में शॉर्ट सर्किट के कारण 42 वर्षीय कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के समय सेट पर एक्ट्रेस आलिया भट्ट शूटिंग कर रही थीं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने भंसाली प्रोडक्शंस की तरफ से घोषित 40 लाख रुपए के मुआवजे को बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने की मांग की है ताकि मृतक के बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित हो सके। इस फिल्म का डायरेक्शन संजय लीला भंसाली कर रहे हैं। लगातार 20 घंटे काम करने का दावा FWICE के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने इस घटना के बाद वर्कर्स के काम के घंटों पर सवाल उठाए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स कि रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रधारी सिंह यादव हादसे से पहले लगातार तीन दिनों से बेहद कड़े शेड्यूल में काम कर रहे थे। वे सुबह 7 बजे से अगले दिन सुबह 3 बजे तक ड्यूटी पर थे। फेडरेशन का कहना है कि लगातार करीब 20 घंटे काम करने की वजह से थकावट और सुरक्षा इंतजामों में कमी इस हादसे का कारण हो सकती है। फेडरेशन ने सभी प्रोडक्शन हाउसेज से सेट पर सख्त सेफ्टी चेक्स लागू करने की मांग की है। FWICE ने की नौकरी की मांग हादसे के बाद भंसाली प्रोडक्शंस ने पीड़ित परिवार को 40 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की बात कही है। इस पर FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने बताया कि मृतक के बच्चे अभी बहुत छोटे हैं। परिवार को उनकी शिक्षा के लिए और मदद की जरूरत होगी, इसलिए मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 500 लाख रुपए किया जाना चाहिए। इसके साथ ही फेडरेशन ने भंसाली प्रोडक्शंस से चंद्रधारी यादव की पत्नी को स्थाई आय के लिए नौकरी देने का भी आग्रह किया है। परिवार में पत्नी और दो बेटियां मृतक चंद्रधारी सिंह यादव अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़कर गए हैं। बीएन तिवारी ने टेक्नीशियन की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक बेहद टैलेंटेड वर्कर थे और इस तरह उनका जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए दुखद है। फेडरेशन का कहना है कि वर्कर्स के काम के घंटों को रेगुलराइज किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में थकावट के कारण होने वाली ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। जनवरी 2027 में रिलीज होगी ‘लव एंड वॉर’ संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ इस समय बॉलीवुड की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होने वाली है। फिल्म में रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट लीड रोल में हैं। यह साल 2022 की सफल फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ के बाद रणबीर और आलिया की एक साथ दूसरी फिल्म होगी। विक्की कौशल भी इससे पहले रणबीर के साथ ‘संजू’ और आलिया के साथ ‘राजी’ में काम कर चुके हैं। भंसाली के साथ स्टार्स का पुराना कनेक्शन इस फिल्म के जरिए रणबीर कपूर और आलिया भट्ट एक बार फिर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ काम कर रहे हैं। आलिया भट्ट ने भंसाली के साथ फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में काम किया था, जिसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था। वहीं रणबीर कपूर ने अपने करियर की शुरुआत साल 2007 में भंसाली की फिल्म ‘सांवरिया’ से की थी। लगभग दो दशक बाद रणबीर फिर से भंसाली के निर्देशन में काम कर रहे हैं।

आकाशदीप का साला बोला- जीजा हमारे DSP हैं:10 लाख के पंडाल में तिलक, दिल्ली से पहुंचे मेकअप आर्टिस्ट; आज मेहंदी, 24 जून को होगी शादी

आकाशदीप का साला बोला- जीजा हमारे DSP हैं:10 लाख के पंडाल में तिलक, दिल्ली से पहुंचे मेकअप आर्टिस्ट; आज मेहंदी, 24 जून को होगी शादी

आकाश दीप के विवाह समारोह की रस्में शुरू हो चुकी हैं। सोमवार को मेहंदी की रस्म होगी। 24 जून को वे वाराणसी में डेहरी-ऑन-सोन निवासी अक्षिता राज के साथ सात फेरे लेंगे। आकाश दीप के घर को बॉलीवुड थीम पर सजाया गया है। दूल्हा-दुल्हन के मेकअप के लिए दिल्ली से मेकअप आर्टिस्ट बुलाए गए हैं। शादी समारोह में क्रिकेट जगत की कई हस्तियों के शामिल हो सकते हैं। रविवार को आकाश दीप का तिलक समारोह आयोजित हुआ। इस मौके पर करीब 10 लाख रुपए का पंडाल तैयार किया गया था, जिसमें 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। समारोह में मनोज कुमार, मुरारी प्रसाद गौतम समेत कई गणमान्य लोग पहुंचे। हाल ही में बिहार सरकार ने आकाश दीप को डीएसपी (DSP) पद पर नियुक्त किया है। इससे परिवार की खुशी और बढ़ गई है। समारोह में आकाश दीप के होने वाले साले ने बताया, “जब शादी की बात को लेकर पहली बार मुलाकात हुई थी, तभी गर्व महसूस हुआ था। लेकिन आज तिलक चढ़ाने के दौरान जो खुशी मिली, उसका एहसास बिल्कुल अलग है।” उन्होंने कहा, “मेरे जीजा भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हैं और अब डीएसपी भी बन गए हैं। इससे पूरे परिवार का सम्मान बढ़ा है और घर में खुशी का माहौल है।” आकाशदीप के घर की कुछ तस्वीरें देखिए… आकाशदीप की कौन है दुल्हनिया आकाश दीप की होने वाली दुल्हन अक्षिता राज मानिकपुर की रहने वाली हैं। वह इंद्रपुरी थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी अमित कुमार सिंह (बबलू जी) और रेणु सिंह की बेटी हैं। अक्षिता ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से BCA और MCA की पढ़ाई उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ पूरी की है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए संस्थान की ओर से उन्हें नौकरी का प्रस्ताव भी मिला था। हालांकि, इसी दौरान शादी की बातचीत आगे बढ़ने के कारण उन्होंने वह नौकरी जॉइन नहीं की। दोनों परिवारों की सहमति से यह रिश्ता तय हुआ है। बताया जा रहा है कि आकाश दीप और अक्षिता राज का विवाह पूरी तरह पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार परिवार के बड़े-बुजुर्गों की मौजूदगी में तय किया गया है। 10 लाख के पंडाल, सतरंगी रौशनी से नहाया आकाशदीप का घर शादी की रस्मों को लेकर गांव में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रोहतास के एक टेंट व्यवसायी की ओर से भव्य पंडाल तैयार कराया गया है। आयोजन स्थल पर चार अलग-अलग पंडाल बनाए गए हैं। इनकी अनुमानित लागत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है। समारोह में आने वाले मेहमानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी (VIP) मेहमानों के लिए अलग पंडाल बनाया गया है। वहीं, स्थानीय लोगों और ग्रामीणों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। सभी पंडालों में कूलर, सोफा, टेबल और कुर्सियों की व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी के मौसम में मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो। सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बनाया गया विशेष मंच तिलक समारोह को यादगार बनाने के लिए आयोजन स्थल पर कलाकारों के लिए विशेष मंच तैयार किया गया था। इस मंच पर देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसका मेहमान और ग्रामीण आनंद उठाया। परिवार की ओर से समारोह को खास बनाने के लिए हर छोटी-बड़ी व्यवस्था का ध्यान रखा गया था। आकाशदीप के होने वाले साले ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पहली मुलाकात के दौरान भी गर्व महसूस हुआ था, लेकिन तिलक चढ़ाने के समय खुशी का अनुभव कुछ अलग ही था। उनके अनुसार, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी और अब डीएसपी बने आकाशदीप से पूरे परिवार का सम्मान बढ़ा है। आकाशदीप के बचपन के मित्र धर्मेंद्र ने उनके खेल के प्रति समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गांव के बच्चे दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों से प्रेरणा लेते थे, लेकिन आज उनके अपने गांव का बेटा भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहा है। धर्मेंद्र ने आकाशदीप की सफलता को पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण बताया। बहनों ने कहा- बचपन से पढ़ाई और खेल में रहे आगे आकाशदीप की बहन ब्यूटी और खुशी ने बताया, हमलोगों में सबसे ज्यादा तेज आकाशदीप ही रहा है। वो बचपन से ही पढ़ाई और खेल दोनों में बेहतर करता था। आज पूरा परिवार उस पर गर्व करता है। भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंच बनाना और फिर डीएसपी पद पर नियुक्ति मिलना परिवार, गांव, जिला और पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है। आकाशदीप के छोटे भाई प्रिंस, उनके करीबी मित्र वैभव और सतीश शादी की तैयारियों में जुटे हुए हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। नियुक्ति के बाद क्या सुविधाएं मिलेंगी DSP पद पर नियुक्ति मिलने के बाद दोनों खिलाड़ियों को राज्य सरकार के निर्धारित वेतनमान का लाभ मिलेगा। उन्हें वेतन स्तर-9 के तहत वेतन, ग्रेड पे तथा अन्य सरकारी भत्ते उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही सरकारी सेवा से जुड़े अन्य लाभ भी मिलेंगे। सरकार ने नियुक्ति के साथ कुछ शर्तें भी तय की हैं। चरित्र सत्यापन और अन्य आवश्यक जांच पूरी होने तक नियुक्ति प्रारंभिक तौर पर छह महीने के लिए अस्थायी रहेगी। सभी रिपोर्ट संतोषजनक मिलने के बाद ही सेवा को नियमित किया जाएगा। खिलाड़ियों को निभानी होगी यह अहम शर्त खेल कोटे के तहत नौकरी पाने वाले खिलाड़ियों को एक बांड भरना होगा। इसके अनुसार नियुक्ति के बाद अगले पांच वर्षों तक उन्हें सक्रिय खिलाड़ी के रूप में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेना होगा। यदि वे निर्धारित अवधि तक खेल गतिविधियों से जुड़े नहीं रहते हैं तो उनकी सेवा स्थायी नहीं की जाएगी। दस्तावेजों की होगी कड़ी जांच बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा दोनों खिलाड़ियों के खेल प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जा चुका है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में शैक्षणिक, आवासीय या खेल उपलब्धियों से संबंधित कोई भी दस्तावेज गलत या फर्जी पाया जाता है तो नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। साथ ही संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। स्थायी निवासी होने की भी होगी पुष्टि नियमों के अनुसार खेल कोटे से सरकारी नौकरी पाने के लिए बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसी वजह से दोनों खिलाड़ियों के आवासीय प्रमाणपत्रों की भी विस्तृत जांच की जाएगी। सभी