Sunday, 12 Apr 2026 | 08:52 PM

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कानूनी पचड़े में फंसी फिल्म धुरंधर 2:त्रिमूर्ति फिल्म्स ने मुकदमा दायर किया, गाने रंग दे लाल को लेकर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया

कानूनी पचड़े में फंसी फिल्म धुरंधर 2:त्रिमूर्ति फिल्म्स ने मुकदमा दायर किया, गाने रंग दे लाल को लेकर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया

प्रोडक्शन कंपनी त्रिमूर्ति फिल्म्स ने फिल्ममेकर आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का केस दायर किया है। आरोप है कि फिल्म धुरंधर 2 में गाने रंग दे लाल (ओए ओए) का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, त्रिमूर्ति फिल्म्स का कहना है कि उनकी फिल्म त्रिदेव के गानों तिरछी टोपीवाले (ओए ओए) और हम प्यार करने वाले या उनके मिलते-जुलते वर्जन का उपयोग फिल्म धुरंधर 2 में बिना लाइसेंस या अनुमति के किया गया है। बता दें कि गाना तिरछी टोपीवाले को आनंद-मिलिंद ने कंपोज किया था। गाने को अमित कुमार और सपना मुखर्जी ने गाया था। कोर्ट से गाने के इस्तेमाल पर रोक की मांग मामले को लेकर एक सूत्र ने बताया, त्रिमूर्ति फिल्म्स का कहना है कि इस गाने और उसके साउंड रिकॉर्डिंग के अधिकार उन्हीं के पास हैं या उनके कंट्रोल में हैं। दायर किए गए मुकदमे में मांग की गई है कि गाने के आगे इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए, साथ ही हर्जाना और अन्य जरूरी राहत भी दी जाए। त्रिमूर्ति ने यह भी चिंता जताई है कि इस गाने का इस्तेमाल थिएटर रिलीज, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और प्रमोशनल मैटेरियल के जरिए कमाई के लिए किया जा सकता है। बता दें कि फिल्म धुरंधर 2 का गाना रंग दे लाल (ओए ओए) को जैस्मिन सैंडलस, अफसाना खान, अमित कुमार और रेबल ने अपनी आवाज दी है। इस नए वर्जन को मुख्य रूप से संगीतकार शाश्वत सचदेव ने तैयार किया है। जबकि गाने में प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी को क्रेडिट दिया गया है। गाने के वीडियो में फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट नजर आती है, जिसमें रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन, सारा अर्जुन और राकेश बेदी शामिल हैं।

कानूनी पचड़े में फंसी फिल्म धुरंधर 2:त्रिमूर्ति फिल्म्स ने मुकदमा दायर किया, गाने रंग दे लाल को लेकर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया

कानूनी पचड़े में फंसी फिल्म धुरंधर 2:त्रिमूर्ति फिल्म्स ने मुकदमा दायर किया, गाने रंग दे लाल को लेकर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया

प्रोडक्शन कंपनी त्रिमूर्ति फिल्म्स ने फिल्ममेकर आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का केस दायर किया है। आरोप है कि फिल्म धुरंधर 2 में गाने रंग दे लाल (ओए ओए) का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, त्रिमूर्ति फिल्म्स का कहना है कि उनकी फिल्म त्रिदेव के गानों तिरछी टोपीवाले (ओए ओए) और हम प्यार करने वाले या उनके मिलते-जुलते वर्जन का उपयोग फिल्म में बिना लाइसेंस या अनुमति के किया गया है। बता दें कि गाना तिरछी टोपीवाले को आनंद-मिलिंद ने कंपोज किया था। वहीं, इसको अमित कुमार और सपना मुखर्जी ने गाया था। कोर्ट से गाने के इस्तेमाल पर रोक की मांग मामले को लेकर एक सूत्र ने बताया, त्रिमूर्ति फिल्म्स का कहना है कि इस गाने और उसके साउंड रिकॉर्डिंग के अधिकार उन्हीं के पास हैं या उनके कंट्रोल में हैं। दायर किए गए मुकदमे में मांग की गई है कि गाने के आगे इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए, साथ ही हर्जाना और अन्य जरूरी राहत भी दी जाए। त्रिमूर्ति ने यह भी चिंता जताई है कि इस गाने का इस्तेमाल थिएटर रिलीज, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और प्रमोशनल मैटेरियल के जरिए कमाई के लिए किया जा सकता है। बता दें कि फिल्म धुरंधर 2 का गाना रंग दे लाल (ओए ओए) को जैस्मिन सैंडलस, अफसाना खान, अमित कुमार और रेबल ने अपनी आवाज दी है। नए वर्जन को मुख्य रूप से संगीतकार शाश्वत सचदेव ने तैयार किया है। जबकि गाने में प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी को क्रेडिट दिया गया है। गाने के वीडियो में फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट नजर आती है, जिसमें रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन, सारा अर्जुन और राकेश बेदी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इलैयाराजा का केस बॉम्बे हाईकोर्ट ट्रांसफर किया:सोनी के साथ कॉपीराइट मुकदमा चलेगा, विरोधाभास से बचने को अदालत का कदम

सुप्रीम कोर्ट ने इलैयाराजा का केस बॉम्बे हाईकोर्ट ट्रांसफर किया:सोनी के साथ कॉपीराइट मुकदमा चलेगा, विरोधाभास से बचने को अदालत का कदम

संगीत जगत के दिग्गज डॉ. इलैयाराजा के कॉपीराइट विवाद से जुड़ा एक अहम मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां आज एक निर्णायक आदेश सुनाया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने सोनी एंटरटेनमेंट इंडिया द्वारा दायर ट्रांसफर याचिका को मानते हुए इलैयाराजा के साथ चल रहे कॉपीराइट मुकदमे को मद्रास उच्च न्यायालय से बॉम्बे उच्च न्यायालय में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला दो अलग‑अलग मुकदमों के बीच टकराव के रूप में उभरा है। जनवरी 2022 में सोनी म्यूजिक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक सिविल मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने इलैयाराजा को 536 संगीत रचनाओं का अवैध इस्तेमाल बंद करने के लिए स्थायी रोक की मांग की थी। सोनी का दावा है कि उसने ओरिएंटल रिकॉर्ड्स और इको रिकॉर्डिंग से अधिकार खरीद लिए हैं और इसलिए उसके पास इन गीतों के कॉपीराइट हैं। इसके विपरीत, सितम्बर 2025 में इलैयाराजा ने मद्रास उच्च न्यायालय में एक समान मुकदमा दायर किया, जिसमें सोनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई और उनके अधिकारों को चुनौती दी गई। इस अधिकार विवाद का उद्देश्य यह तय करना है कि वास्तव में कौन इन रचनाओं का कानूनी मालिक है, संगीतकार खुद या कोई तीसरी कंपनी। सोनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंहवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि मद्रास में दायर इलैयाराजा का मामला बॉम्बे में पहले दायर मुक़दमे से अलग नहीं है और इससे दोनों न्यायालय अलग‑अलग फैसले दे सकते हैं, जिससे जटिलता और कानूनी विरोधाभास पैदा हो सकता है। इलैयाराजा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायालयिक अधिकारिता पर सवाल उठाते हुए तर्क किया कि मद्रास में मामला होना चाहिए क्योंकि इससे दोनों पक्षों के दावे न्यायसंगत तरीके से सुने जा सकते हैं। बेंच के न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति विनोद के चंद्रन ने अंततः सोनी की याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि इस तरह के दोनों मामलों को एक ही न्यायालय में सुनवाई के लिए ट्रांसफर करना जरूरी है ताकि किसी भी तरह के विरोधी निर्णय से बचा जा सके। इस आदेश के तहत अब विवाद बॉम्बे हाईकोर्ट में जारी रहेगा। यह फैसला संगीतकार और म्यूजिक इंडस्ट्री के बीच कॉपीराइट के अधिकारों से जुड़ी बढ़ती कानूनी लड़ाइयों में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इलैयाराजा ने एक दशक से अधिक समय से अपने संगीत के अधिकारों की रक्षा के लिए कई मुकदमे लड़े हैं, और सुप्रीम कोर्ट का यह कदम अब आगे की कानूनी प्रक्रिया को एक ही दिशा में सामान्य करने का प्रयास है।

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एआर रहमान झुके:‘वीरा राजा वीरा’ में जूनियर डागर ब्रदर्स को क्रेडिट देंगे; कॉपीराइट विवाद पर सुनवाई जारी

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एआर रहमान झुके:‘वीरा राजा वीरा’ में जूनियर डागर ब्रदर्स को क्रेडिट देंगे; कॉपीराइट विवाद पर सुनवाई जारी

मशहूर संगीतकार एआर. रहमान ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने एक अहम फैसले के बाद सहमति जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘पोन्नियिन सेलवन-2’ के गीत ‘वीरा राजा वीरा’ में डागर परंपरा के प्रतिष्ठित संगीतज्ञ जूनियर डागर ब्रदर्स का नाम जोड़ा जाएगा। अब गाने की आधिकारिक क्रेडिट सूची में उनका नाम और योगदान शामिल किया जाएगा। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसका नेतृत्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने किया। उन्होंने रहमान और फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे इस नए क्रेडिट को पांच सप्ताह के भीतर सभी सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स पर दर्ज कराएं। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस सहमति का अर्थ यह नहीं है कि मुख्य कॉपीराइट मुकदमे के अन्य पहलुओं पर किसी तरह का प्रभाव पड़ेगा। वह मामला अब भी अपनी प्रक्रिया के तहत जारी रहेगा। रहमान के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंहवी ने बोर्ड को बताया कि यह सहमति बिना पूर्वाग्रह के रूप में दी गई है और इसका अधिकारिक मुकदमें में रहमान के पक्ष को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। अदालत ने माना कि भारत की शास्त्रीय संगीत धरोहर की मान्यता और सम्मान देना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि डागर परंपरा, जिसे डागरवानी ध्रुपद कहा जाता है, भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक अनमोल धारा रही है और इसका योगदान अद्वितीय है। यही वजह है कि अदालत ने क्रेडिट को संशोधित करने की सलाह दी। बता दें कि यह विवाद साल 2023 से चला आ रहा है, जब उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर ने दावा किया था कि ‘वीरा राजा वीरा’ गीत में उनके परिवार की पुरानी ध्रुपद रचना ‘शिवा स्तुति’ का अनुमति के बिना उपयोग किया गया है। डागर ने आरोप लगाया कि गीत की ताल, लय और भाव मूल धुन से मेल खाती है, जो उनके पिता उस्ताद नसीर फैयाजुद्दीन डागर और चाचा उस्ताद नसीर जहीरुद्दीन डागर द्वारा पहले रिकॉर्ड की गई थी। हालांकि रहमान और निर्माताओं का कहना है कि उनकी रचना एक मूल और स्वतंत्र संगीत संरचना है, सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम उठाया है ताकि पारंपरिक संगीत जगत को उचित मान्यता और सम्मान मिल सके। यह फैसला संगीत जगत में कॉपीराइट और सांस्कृतिक परंपरा की पहचान के मामले में एक महत्वपूर्ण मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।