Saturday, 07 Nov 2026 | 06:03 PM

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अनीता आडवाणी की राजेश खन्ना संग शादी की याचिका खारिज:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसका कोई ठोस आधार नहीं; डिंपल कपाड़िया और अक्षय कुमार को मिली राहत

अनीता आडवाणी की राजेश खन्ना संग शादी की याचिका खारिज:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसका कोई ठोस आधार नहीं; डिंपल कपाड़िया और अक्षय कुमार को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस अनीता आडवाणी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी के रूप में कानूनी मान्यता देने की मांग की थी। जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए इसे ‘लक्जरी लिटिगेशन’ (शौकिया या फिजूल मुकदमेबाजी) करार दिया। इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अनीता आडवाणी के लिए कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं। अनीता लंबे समय से राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को कानूनी पहचान दिलाने के प्रयास में थीं। दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत मामला भी दर्ज कराया था। ‘सम्मान के लिए लड़ी कानूनी लड़ाई’, वकील की दलील सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस याचिका में आगे सुनवाई का कोई ठोस आधार नहीं है। वहीं अनीता आडवाणी के वकील ने अदालत में तर्क दिया की यह याचिका किसी आर्थिक लालच के लिए नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान और गरिमा के लिए है। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 1 अप्रैल को अनीता की अपील खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने मुंबई की डिंडोशी सत्र अदालत के 2017 के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें राजेश खन्ना के निधन के बाद दाखिल किए गए उनके सिविल सूट को खारिज कर दिया गया था। 2012 में बंगला छोड़ने से शुरू हुआ विवाद अनीता आडवाणी का दावा है कि वे राजेश खन्ना के साथ उनके जीवन के अंतिम वर्षों में कई सालों तक लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। जुलाई 2012 में 69 वर्ष की उम्र में राजेश खन्ना के निधन के बाद विवाद शुरू हुआ। अनीता का आरोप था कि राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने उन्हें बांद्रा स्थित बंगले ‘आशीर्वाद’ से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद 2013 में अनीता ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून (DVA) के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बांद्रा में 3-बीएचके फ्लैट और हर महीने मेंटेनेंस की मांग की थी। 2015 में हाईकोर्ट ने खारिज की थी घरेलू हिंसा की शिकायत 2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अनीता आडवाणी की शिकायत को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अनीता का राजेश खन्ना के साथ रिश्ता शादी जैसा नहीं था, इसलिए वे घरेलू हिंसा कानून के तहत राहत पाने की हकदार नहीं हैं। इसके अलावा अदालत ने यह भी माना था कि राजेश खन्ना के परिवार के सदस्यों को इस मामले में घसीटना सही नहीं है क्योंकि अनीता उनके साथ कभी नहीं रहीं। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में दोबारा अपील की। अप्रैल 2026 में कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। ‘शालिमार’ से किया था डेब्यू, बिग बॉस में भी दिखीं 60 के दशक की उम्र में पहुंच चुकीं अनीता आडवाणी ने 1978 में धर्मेंद्र और ज़ीनत अमान की फिल्म ‘शालिमार’ में एक डांसर के रोल से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘साजिश’ और ‘दासी’ जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2013 में वे सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में भी नजर आई थीं। दो साल पहले उन्होंने राजेश खन्ना की जयंती पर ‘द एंडियरिंगली विकेड वेज ऑफ राजेश खन्ना’ नाम से अपनी किताब भी लॉन्च की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनके रिश्ते के बारे में उनके और राजेश खन्ना के दोस्तों को सब पता था और उन्होंने इसे कभी छुपाया नहीं। ये खबर भी पढ़ें तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। पूरी खबर पढ़ें

अमिताभ बच्चन की सेहत के लिए अजमेर दरगाह में दुआ:पंजाब से आए 50 जायरीन, ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर चढ़ाई चादर

अमिताभ बच्चन की सेहत के लिए अजमेर दरगाह में दुआ:पंजाब से आए 50 जायरीन, ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर चढ़ाई चादर

अजमेर दरगाह में गुरुवार को पंजाब से आए 50 जायरीनों ने चादर चढ़ा कर अमिताभ बच्चन की सेहत के लिए दुआ मांगी, साथ ही देश में अमन-चैन और शांति के लिए भी अरदास की। जायरीनों ने बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन की अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए विशेष दुआ की। इस दौरान जायरीनों ने ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की मजार पर मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश कर जियारत की। जायरीन पंजाब के होशियारपुर से अजमेर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने गरीब नवाज के दरबार में सभी लोगों की सलामती और देश में शांति बने रहने के लिए भी अरदास की है। बॉलीवुड खादिम ने करवाई जियारत, दस्तारबंदी कर भेंट किया तबर्रुक पंजाब से आए जायरीनों को बॉलीवुड खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी ने दरगाह में जियारत करवाई। इस दौरान जायरीनों ने मजार पर चादर और फूल पेश कर अपनी अकीदत जाहिर की। जियारत के बाद खादिम ने जायरीनों की दस्तारबंदी की और उन्हें तबर्रुक भेंट किया। जायरीन बोलीं- अमिताभ बच्चन जल्द स्वस्थ हों, सब सलामत रहें पंजाब के होशियारपुर से आईं जायरीन बेबी ने बताया कि वे ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार में सभी की सलामती और खुशहाली की दुआ मांगने पहुंची हैं। उन्होंने अमिताभ बच्चन की अच्छी सेहत के लिए विशेष रूप से दुआ की, ताकि वे जल्द स्वस्थ और तंदुरुस्त हों। इसके साथ ही देश में शांति और भाईचारा कायम रहने की भी अरदास की। (फोटो वीडियो सहयोग- नजीर कादरी)

यूपी में एक्ट्रेस सारा अली खान के खिलाफ फतवा:मौलाना बोले- मुस्लिम का केदारनाथ जाना हराम; अल्लाह से माफी मांगो

यूपी में एक्ट्रेस सारा अली खान के खिलाफ फतवा:मौलाना बोले- मुस्लिम का केदारनाथ जाना हराम; अल्लाह से माफी मांगो

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान के खिलाफ फतवा जारी हुआ है। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, इस्लाम और शरीयत के मुताबिक किसी मुस्लिम का मंदिर में पूजा-पाठ करना नाजायज और हराम है। उन्हें अल्लाह से माफी मांगनी चाहिए। सारा 25 अक्टूबर को केदारनाथ धाम गई थीं। वहां उन्होंने दर्शन और पूजा-अर्चना की थी। 2017 में सारा अली अपनी फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान करीब 2 महीने तक वहां रही थीं। अब तक करीब 5 बार वह केदारनाथ और भगवान तुंगनाथ के मंदिर में पूजा कर चुकी हैं। अब मौलाना की पूरी बात पढ़िए… ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में पूजा-पाठ करने पर अपना धार्मिक मत व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कई मुस्लिम युवाओं ने उनसे सवाल किया था कि क्या शरीयत-ए-इस्लामिया इसकी इजाजत देती है। इसी के जवाब में उन्होंने अपना पक्ष रखा। मौलाना ने कहा, “मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि शरीयत-ए-इस्लामिया अपने अनुयायियों को शिर्क करने की इजाजत नहीं देती। यानी दूसरे धर्म की धार्मिक परंपराओं को अपनाने या मंदिर में पूजा-पाठ करने की इजाजत किसी मुसलमान, चाहे वह पुरुष हो या महिला, को नहीं है।” उन्होंने कहा कि सारा अली खान भारत की मशहूर अभिनेत्री हैं। उन्होंने केदारनाथ मंदिर जाकर पूजा-पाठ और दर्शन किए और करीब आधे घंटे तक कतार में रहीं। मौलाना के मुताबिक, शरीयत की रोशनी में उनके ये काम नाजायज और हराम हैं। उन्होंने सारा को शरीयत की नजर में मुजरिम और गुनहगार भी बताया। मौलाना ने कहा कि सारा अली खान को तौबा करके खुदा की बारगाह में माफी मांगनी चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसा न करने पर वह शरीयत की नजर में बड़े गुनाह की दोषी होंगी। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने स्पष्ट किया कि यह उनका निजी धार्मिक मत और बयान है। इसे सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं या पूरे इस्लामी समुदाय की एकमत राय नहीं माना जाना चाहिए। सारा अली खान 3 दिन केदारनाथ में रहीं, बोलीं- बाबा का धाम मेरा घर सारा अली खान 25 से 27 अक्टूबर तक उत्तराखंड में रहीं। वह हेलिकॉप्टर से धाम पहुंची थीं। यहां वह सादे कपड़ों और टोपी में नजर आईं। जिससे कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। जो लोग सारा को पहचान पाए वे उन्होंने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। सारा पहले दिन से सुबह और शाम की आरती में शामिल हो रही थीं। इसके बाद दोस्तों के साथ आसपास घूमने निकल जाती थीं। सारा ने स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी जिंदगी के बारे में पूछा। इस दौरान उन्होंने केदारघाटी में 6 से 7 नए दोस्त भी बनाए। उनसे आसपास ट्रैकिंग की जगहों के बारे में जानकारी ली। सारा के धाम पहुंचने के बाद यहां बर्फबारी भी हुई थी। ठंड के कारण वह गर्म कपड़ों में नजर आईं। सारा मंगलवार देर शाम हेलिकॉप्टर से देहरादून पहुंचीं और यहां से मुंबई के लिए रवाना हो गईं। तस्वीरें देखिए- सारा बोलीं- केदारनाथ मेरा घर, 2017 से लगाव केदारनाथ में कई महीनों से रुके अंकित बाजपेई को सारा ने बताया कि केदारनाथ मेरा घर जैसा है। 2017 से मैं हर साल कोशिश करती हूं कि धाम में आकर बाबा के दर्शन कर सकूं। उन्होंने अंकित बाजपेई के साथ कई रील भी बनाईं। सारा ने अपने फोन से केदारनाथ धाम की फोटो भी खींची हैं, जिन्हें वे बाद में शेयर करेंगी। रात के समय में सारा ने लोगों के साथ मिलकर चाय भी पी। एक्ट्रेस तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर भी जा सकती हैं। पिछले साल भी 22 अक्टूबर को सारा ने केदारनाथ और तुंगनाथ धाम के दर्शन किए थे और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। सारा बाबा के दर्शन के लिए आधे घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं रविवार, 25 अक्टूबर को सारा करीब आधे घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं। इस दौरान वहां मौजूद लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। सारा को ठिठुरते हुए देखकर वहां खड़ी महिलाओं ने उन्हें शॉल देने की पेशकश की, लेकिन वे उन्हें पहचान नहीं सकीं। सारा अपने दोस्तों के साथ धाम पहुंची थीं। उन्होंने केदारनाथ के रक्षक बाबा भुकुंट भैरव के दर्शन भी किए। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इस साल गैर-सनातनियों के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही थी। समिति ने तब कहा था कि केदारनाथ में प्रवेश के लिए सारा अली खान को पहले एफिडेविट देकर यह बताना होगा कि उनकी सनातन धर्म में आस्था है। विवाद बढ़ने पर BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा था कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाले सभी लोगों का स्वागत है। 22 अक्टूबर 2025 की तस्वीरें- दिवाली से पहले आती हैं केदारनाथ सारा का केदारनाथ से पहला आध्यात्मिक और पेशेवर जुड़ाव 2017 में उनकी डेब्यू फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान हुआ था। इसके बाद वह लगातार यहां आती रही हैं। अक्टूबर 2024 में दिवाली से ठीक पहले उन्होंने केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और फोटो शेयर की थीं। वहीं, 2023 में उन्होंने दो बार धाम की यात्रा की। 6 मई 2023 को केदारनाथ और तुंगनाथ के दर्शन किए, जबकि करीब छह महीने बाद अक्टूबर 2023 में वह फिर केदारनाथ पहुंचीं। इसके अलावा नवंबर 2021 में सारा अली खान अपनी दोस्त और अभिनेत्री जान्हवी कपूर के साथ भी केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंची थीं। 6 साल पहले सारा अली खान ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे सारा अली खान ने 2020 में काशी में श्री विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया था। वह उन दिनों मां अमृता सिंह के साथ वाराणसी में फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। सारा इससे दो दिन पहले गंगा आरती में शामिल हुईं और काशी विश्वनाथ मंदिर में षोडशोपचार पूजा-अर्चना की और शिवलिंग को स्पर्श किया। इस पर संतों व विद्वानों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। 3 साल पहले की थी महाकाल की पूजा सारा अली खान 2022 में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुई थीं। भस्म आरती के बाद उन्होंने गर्भगृह में जाकर शिवलिंग के दर्शन किए थे। नंदी हॉल में बैठकर करीब आधे घंटे तक मंत्रों का जाप किया था।

रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में आलिया भट्ट को प्रपोज करने का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2022 में केन्या के मासाई मारा में आलिया को प्रपोज किया था। शो में रणबीर ने बताया कि वह अंगूठी घर से लेकर गए थे। वह चाहते थे कि आलिया को प्रपोज करते समय तस्वीरें भी खींची जाएं। रणबीर ने कहा, “मैंने हमारे गाइड और ड्राइवर को पहले ही पैसे दे दिए थे। उनसे कहा था कि जंगल के बीच कहीं गाड़ी रोक दें।” उन्होंने बताया, “मैं अंगूठी लेकर गया था। चाहता था कि घुटनों पर बैठूं और वे दूर से तस्वीरें लें। लड़कियों को तस्वीरें पसंद होती हैं, ताकि वे उन्हें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सकें। इसलिए मैंने सोचा कि आलिया के लिए यह बहुत जरूरी है।” प्रपोजल के वक्त पास थे तीन शेर रणबीर ने बताया कि यह पल उनकी उम्मीद से ज्यादा रोमांचक हो गया था। जब वह आलिया के सामने घुटनों पर बैठे, तब तीन शेर करीब 100 फीट दूर थे। रणबीर की बात पर अमिताभ बच्चन ने मजाक में कहा, “लेकिन सर, इसका कोई सबूत भी होना चाहिए।” इस पर रणबीर ने कहा, “सबूत होना चाहिए। अंगूठी तो थी, मैं उसे घर से लेकर गया था, लेकिन माहौल ऐसा था कि एक तरफ करीब 100 फीट दूर तीन बब्बर शेर थे।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी शेरनी मेरे सामने खड़ी थी। मैं चूहा बनकर घुटनों पर बैठा था और कह रहा था- बेबी, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” रणबीर और आलिया का रिश्ता रणबीर और आलिया ने 14 अप्रैल 2022 को शादी की। यह शादी मुंबई स्थित रणबीर और आलिया के घर पर हुई थी। इसमें परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों 6 नवंबर 2022 को बेटी राहा के माता-पिता बने।

रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में आलिया भट्ट को प्रपोज करने का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2022 में केन्या के मासाई मारा में आलिया को प्रपोज किया था। शो में रणबीर ने बताया कि वह अंगूठी घर से लेकर गए थे। वह चाहते थे कि आलिया को प्रपोज करते समय तस्वीरें भी खींची जाएं। रणबीर ने कहा, “मैंने हमारे गाइड और ड्राइवर को पहले ही पैसे दे दिए थे। उनसे कहा था कि जंगल के बीच कहीं गाड़ी रोक दें।” उन्होंने बताया, “मैं अंगूठी लेकर गया था। चाहता था कि घुटनों पर बैठूं और वे दूर से तस्वीरें लें। लड़कियों को तस्वीरें पसंद होती हैं, ताकि वे उन्हें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सकें। इसलिए मैंने सोचा कि आलिया के लिए यह बहुत जरूरी है।” प्रपोजल के वक्त पास थे तीन शेर रणबीर ने बताया कि यह पल उनकी उम्मीद से ज्यादा रोमांचक हो गया था। जब वह आलिया के सामने घुटनों पर बैठे, तब तीन शेर करीब 100 फीट दूर थे। रणबीर की बात पर अमिताभ बच्चन ने मजाक में कहा, “लेकिन सर, इसका कोई सबूत भी होना चाहिए।” इस पर रणबीर ने कहा, “सबूत होना चाहिए। अंगूठी तो थी, मैं उसे घर से लेकर गया था, लेकिन माहौल ऐसा था कि एक तरफ करीब 100 फीट दूर तीन बब्बर शेर थे।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी शेरनी मेरे सामने खड़ी थी। मैं चूहा बनकर घुटनों पर बैठा था और कह रहा था- बेबी, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” रणबीर और आलिया का रिश्ता रणबीर और आलिया ने 14 अप्रैल 2022 को शादी की। यह शादी मुंबई स्थित रणबीर और आलिया के घर पर हुई थी। इसमें परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों 6 नवंबर 2022 को बेटी राहा के माता-पिता बने। प्रपोजल को लेकर विजय को ट्रोल किया गया गौरतलब है कि हाल ही में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ‘कॉफी विद करण’ में पहुंचे थे, जहां प्रपोजल की कहानी सामने आने के बाद विजय को ट्रोल किया गया था। दरअसल, शो में रश्मिका ने बताया था कि शादी के लिए उन्होंने विजय से करीब एक साल तक बात की। विजय ने उनसे इस बारे में 100 बार पूछने की बात कही थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर विजय को ‘रेड फ्लैग’ कहकर ट्रोल किया जाने लगा। बाद में रश्मिका ने सफाई देते हुए कहा कि लोगों ने उनकी बातों का गलत मतलब निकाला। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में विजय ने उनका साथ दिया था। वह अपने पति के साथ खुश हैं। वहीं, विजय ने रश्मिका को अपनी बेस्ट फ्रेंड और पत्नी बताते हुए उनका समर्थन किया। कथित फर्जी पोस्ट, एडिटेड स्क्रीनशॉट और भ्रामक कंटेंट फैलाने को लेकर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों से शिकायत की थी।

कॉमेडियन सुनील ग्रोवर गुत्थी और डॉ.गुलाटी के अंदाज में दिखे:जयपुर में आमिर खान के लुक में तकिया लेकर इवेंट में पहुंचे, महिलाओं के साथ गेरुआ गाने पर किया डांस

कॉमेडियन सुनील ग्रोवर गुत्थी और डॉ.गुलाटी के अंदाज में दिखे:जयपुर में आमिर खान के लुक में तकिया लेकर इवेंट में पहुंचे, महिलाओं के साथ गेरुआ गाने पर किया डांस

जयपुर में एक बर्थडे सेलिब्रेशन में कॉमेडी, बॉलीवुड के लोकप्रिय किरदारों, पंजाबी संगीत और डांस का अनूठा नजारा दिखाई दिया। इस खास कार्यक्रम में जयपुर की जानी-मानी हस्तियों के बीच कॉमेडियन सुनील ग्रोवर, सुदेश लहरी और पंजाबी सिंगर सुखबीर सिंह ने अपने अंदाज से समां बांध दिया। सुनील ग्रोवर ने गुत्थी, डॉ. मशहूर गुलाटी और आमिर खान से लेकर शाहरुख खान तक के अंदाज में मेहमानों का मनोरंजन किया। वहीं, सुदेश लहरी की कॉमिक टाइमिंग और सुखबीर के पंजाबी गानों ने पार्टी में चार चांद लगा दिए। जयपुर के नेहा मेंशन में हैरी जगतानी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस पार्टी की मेजबानी नेहा जगतानी और हैरी जगतानी ने की। गुत्थी बनकर आए सुनील ग्रोवर, डॉ. गुलाटी के अंदाज में भी खूब हंसाया सुनील ग्रोवर ने अपनी परफॉर्मेंस में अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। वे कभी गुत्थी के अंदाज में नजर आए तो कभी डॉ. मशहूर गुलाटी बनकर लोगों के बीच पहुंचे। उनके हर किरदार में अलग अंदाज और संवादों की कॉमिक टाइमिंग देखने को मिली। मेहमानों के बीच पहुंचकर उन्होंने अपने चिर-परिचित हावभाव और मजेदार पंच से माहौल को खुशनुमा बना दिया। डॉ. मशहूर गुलाटी के रूप में सुनील ग्रोवर महिलाओं के बीच पहुंचे और अपने मजाकिया अंदाज में कहा कि मैं यहां टेस्ट करने आया हूं। मैं कोई छोटा-मोटा डॉक्टर नहीं हूं। पहले मैं इसरो में था, फिर लोगों ने कहा कि आप गलत रो में खड़े हैं, तो मैं इस रो में आ गया। उनके इस संवाद पर वहां मौजूद लोग हंसते नजर आए। इसी किरदार में उन्होंने गाने के जरिए भी कॉमेडी की। ‘क्या तुमसे किसी से प्यार किया’ गाने की पंक्तियों के साथ मेहमानों को आगे गाने के लिए प्रेरित किया और फिर मजाकिया अंदाज में कहा कि तुमने अपना टाइम वेस्ट किया। गाने और कॉमेडी के इस मेल ने पार्टी में मौजूद लोगों का खूब मनोरंजन किया। यहां देखिए परफॉर्मेंस के फोटोज… आमिर खान के एक्सप्रेशन और शाहरुख के अंदाज में किया डांस सुनील ग्रोवर ने बॉलीवुड सितारों की नकल के जरिए भी महफिल लूटी। आमिर खान के अंदाज में वे हाथ में तकिया लेकर मेहमानों के बीच पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संवादों के बजाय आमिर खान के चेहरे के हावभाव और एक्सप्रेशन के जरिए लोगों को हंसाया। उनका यह अंदाज पार्टी में आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं, शाहरुख खान के अंदाज में उन्होंने ‘रंग दे मोहे गेरुआ’ गाने पर महिलाओं के साथ डांस किया और उन पर गुलाब के फूल बरसाए। इस दौरान बॉलीवुड के रोमांटिक अंदाज को कॉमेडी के साथ पेश किया गया। महिलाओं की फरमाइश पर उन्होंने सलमान खान और शाहरुख खान के खास एक्सप्रेशन करके भी दिखाए। सुनील ग्रोवर ने अजय देवगन के अंदाज को भी अपनी परफॉर्मेंस में शामिल किया। उन्होंने अजय देवगन की तरह चलने की नकल की और उनकी हिट फिल्म के गाने का जिक्र किया। इस तरह एक ही शाम में बॉलीवुड के कई लोकप्रिय सितारों के अंदाज देखने को मिले। रॉकस्टार सिंगर बनकर गाए ‘द कपिल शर्मा शो’ के गाने सुनील ग्रोवर ने अपने रॉकस्टार सिंगर वाले अंदाज से भी मेहमानों का मनोरंजन किया। उन्होंने ‘द कपिल शर्मा शो’ में अपने किरदार के दौरान गाए लोकप्रिय मजाकिया गानों की झलक पेश की। इस दौरान ‘स्लोली-स्लोली’ और ‘इसे पता भी नहीं है’ जैसे गानों को अपने खास अंदाज में गाकर सुनाया। उनकी गायकी में कॉमेडी का पुट और प्रस्तुति में अलग तरह की ऊर्जा देखने को मिली। मेहमानों ने उनके इस अंदाज का आनंद लिया। किरदारों की अदला-बदली, गानों और मजेदार संवादों के बीच सुनील ग्रोवर ने पूरी शाम को मनोरंजन से भर दिया। सुदेश लहरी ने कॉमिक टाइमिंग से जीता दिल कार्यक्रम में कॉमेडियन सुदेश लहरी ने भी अपनी प्रस्तुति से लोगों का मनोरंजन किया। उन्होंने अपने खास अंदाज में गानों की प्रस्तुति दी और बीच-बीच में हास्य का तड़का लगाकर माहौल को जीवंत बनाए रखा। उनकी कॉमिक टाइमिंग और सहज अंदाज ने मेहमानों को खूब हंसाया। सुदेश लहरी की प्रस्तुति में संगीत और कॉमेडी का मेल देखने को मिला। उन्होंने अपनी शैली में गानों को पेश करते हुए पार्टी में मौजूद लोगों को मनोरंजन का एक अलग अनुभव दिया। सुखबीर के पंजाबी गानों पर झूमे मेहमान शाम में पंजाबी सिंगर सुखबीर सिंह की प्रस्तुति भी खास आकर्षण रही। अपने ऊर्जावान अंदाज और पंजाबी संगीत के लिए पहचाने जाने वाले सुखबीर ने पार्टी में म्यूजिक का माहौल बना दिया। उनकी मौजूदगी से बर्थडे सेलिब्रेशन में संगीत और डांस का रंग और गहरा हो गया। मेहमानों ने पंजाबी बीट्स के साथ शाम का आनंद लिया। कॉमेडी और म्यूजिक के इस संगम ने कार्यक्रम को एक यादगार पार्टी का रूप दिया। जहां सुनील ग्रोवर और सुदेश लहरी ने हंसी का माहौल बनाया, वहीं सुखबीर के संगीत ने मेहमानों को झूमने का मौका दिया। रामलीला के दृश्यों से लेकर हनुमान चालीसा पर डांस कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति और धार्मिक प्रसंगों की झलक भी देखने को मिली। यहां रामलीला का एक भव्य दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता को आकर्षक अंदाज में दिखाया गया। इसके बाद डांसिंग क्रू के सदस्यों ने हनुमान चालीसा पर डांस परफॉर्मेंस दी।

‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

बॉलीवुड एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म ‘बधाई हो’ ने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। ‘बधाई हो’ मेरे लिए मील का पत्थर है। मैं इसे अपने लिए फिल्म ‘शोले’ की तरह मानता हूं। हाल ही दैनिक भास्कर के जयपुर कार्यालय आए एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान उस सफर का आनंद लेना चाहता हूं। नए दोस्त बनाना चाहता हूं। जिंदगी में नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं। एक्टर गजराज राव ने राजस्थान से जुड़ी यादों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा- डूंगरपुर में मेरा जन्म हुआ है। जयपुर में रिश्तेदार हैं और जोधपुर में मेरा ससुराल है, इसलिए यहां आने पर हमेशा अपनापन महसूस होता है। गजराव ने कहा- जोधपुर का खाना बहुत अच्छा है। वहीं जयपुर में कचौड़ियों और मिठाइयों की इतनी वैरायटी है कि उसकी कोई सीमा ही नहीं है। वहीं जयपुर में शूटिंग के दौरान हाल ही ट्रैवलिंग के अनुभवों पर लिखे व्यंग्यात्मक पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी शहर या व्यक्ति का मजाक उड़ाना नहीं था। यह एक वास्तविक समस्या को हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाना था। पढे़ं एक्टर गजराज राव से बातचीत के अंश… सवाल: आप राजस्थान से हैं। अब मुंबई में सक्रिय हैं। राजस्थान से जुड़ी कोई खास याद? गजराज राव: यहां यादें ही यादें हैं। बचपन में मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले गए थे। उन्हें लगा कि गांव में रहकर मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाऊंगा। उस समय मैं चार-पांच साल का था। मुझे बताया जाता है कि जब मुझे स्कूल में दाखिला दिलाया गया तो मैं पट्टी और चॉक लेकर घर की तरफ भाग जाता था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था। इसके बाद हर साल गर्मियों की छुट्टियों में राजस्थान आना होता था। जोधपुर मेरा ससुराल है और जयपुर में मेरे बहुत सारे रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहां जब भी आता हूं तो अपनापन महसूस होता है। गट्टे की सब्जी हो या केर-सांगरी इनमें अपनेपन का स्वाद मिलता है। सवाल: आपकी फिल्म ‘बधाई हो’ को आप किस तरह याद करते हैं? गजराज राव: कई बार किसी कलाकार के जीवन में एक ऐसा प्रोजेक्ट आता है, जो उसके करियर की दिशा बदल देता है। मेरे लिए ‘बधाई हो’ वही फिल्म है। इसने मुझे एक अलग पहचान दी और दर्शकों के बीच मेरे काम को लेकर जो प्यार बना, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सबसे बड़ी बात यही है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी यह फिल्म पुरानी नहीं हुई है। आज भी जब लोग मिलते हैं तो ‘बधाई हो’ की बात करते हैं। नीना गुप्ता और आयुष्मान खुराना के बारे में बातचीत करते हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों के लिए अपने परिवार के विस्तार जैसी बन गई है। सवाल: आपके प्रोजेक्ट्स को देखें तो सलेक्टिव काम करना पसंद करते हैं। प्रोजेक्ट चुनना कितना चुनौतीपूर्ण है? गजराज राव: जब लोग आपके काम को पसंद करने लगते हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आपको लगता है कि दर्शकों ने आपसे कुछ उम्मीदें लगा रखी हैं। अब आपका काम है कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपको खुद उस काम में आनंद आए। रिहर्सल का अनुभव, शूटिंग के दौरान का माहौल और लोगों के साथ काम करने का तरीका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: हाल ही आपने जयपुर से जुड़े अपने ट्रेवल एक्सपीरियंस को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उस अनुभव के बारे में बताइए। गजराज राव: दरअसल इन दिनों जयपुर में कई जगह शूटिंग चल रही है। इसके अलावा यहां कॉरपोरेट इवेंट्स भी बहुत होते हैं। शादियों का सीजन भी रहता है। ऐसे में ट्रैवल कंपनियां व्यस्त हो जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस को जो गाड़ियां और ड्राइवर उपलब्ध होते हैं, वे उन्हें किराए पर ले लेते हैं। कई बार प्राथमिकता इस बात की होती है कि कोई ड्राइवर मिल जाए, जो सुबह 5 बजे कलाकार को लेने आए और एक घंटे दूर स्थित लोकेशन पर समय से पहुंचा दे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले दिन जो गाड़ी आई, उसकी पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं थी। मैंने ड्राइवर साहब से पूछा कि इसमें सीट बेल्ट क्यों नहीं है? उन्होंने बहुत सहजता से कहा कि कोई बात नहीं, यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता। मुझे यह बात अजीब लगी। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मैंने शिकायत की तो दूसरी गाड़ी आई, लेकिन उसमें भी यही स्थिति थी। उस गाड़ी के ड्राइवर ने तो यहां तक कह दिया कि अगर सीट बेल्ट लगाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। मैंने उनसे कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सीट बेल्ट लगाने पर चालान हो जाए? उनका जवाब यही था कि यहां ऐसा ही होता है। मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख दी। वह पोस्ट वायरल हो गई। मेरा मानना है कि जब आप किसी अनुभव को बहुत कड़वाहट के साथ लिखते हैं तो उससे कड़वाहट ही पैदा होती है। मैंने उस अनुभव को हास्य के अंदाज में लिखा था, इसलिए लोगों ने भी उसे उसी तरह लिया। पोस्ट पर आने वाली ज्यादातर प्रतिक्रियाएं मजेदार थीं और लोग उस पर चर्चा कर रहे थे। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना या जयपुर जैसे शहर का मखौल उड़ाना बिल्कुल नहीं था। मैं खुद राजस्थान का हूं, तो अपने ही प्रदेश का मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी बात ड्राइवरों की भी अपनी मजबूरियां होती हैं। वे लगातार काम कर रहे होते हैं और उन पर भी दबाव रहता है। सवाल: अगर कोई अच्छा व्यंग्य लिखना चाहते हैं। उन्हें किन लेखकों को पढ़ना चाहिए? गजराज राव: मेरे जीवन में कई लेखकों का बड़ा योगदान रहा है। मनोहर श्याम जोशी, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल और डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जैसे लेखकों को जरूर पढ़ना चाहिए। इन सभी को पढ़ने में बहुत आनंद आता है और इनकी रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मुझे लगता है कि इन लेखकों को पढ़ना चाहिए और उनकी रचनाओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जीवन में किसी से कोई शिकायत है, तो उसे हमेशा नाराजगी या कड़वाहट के साथ व्यक्त करना जरूरी नहीं है। सवाल: आप एडमेकर और एक्टर दोनों हैं।

‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

बॉलीवुड एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म ‘बधाई हो’ ने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। ‘बधाई हो’ मेरे लिए मील का पत्थर है। मैं इसे अपने लिए फिल्म ‘शोले’ की तरह मानता हूं। हाल ही दैनिक भास्कर के जयपुर कार्यालय आए एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान उस सफर का आनंद लेना चाहता हूं। नए दोस्त बनाना चाहता हूं। जिंदगी में नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं। एक्टर गजराज राव ने राजस्थान से जुड़ी यादों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा- डूंगरपुर में मेरा जन्म हुआ है। जयपुर में रिश्तेदार हैं और जोधपुर में मेरा ससुराल है, इसलिए यहां आने पर हमेशा अपनापन महसूस होता है। गजराव ने कहा- जोधपुर का खाना बहुत अच्छा है। वहीं जयपुर में कचौड़ियों और मिठाइयों की इतनी वैरायटी है कि उसकी कोई सीमा ही नहीं है। वहीं जयपुर में शूटिंग के दौरान हाल ही ट्रैवलिंग के अनुभवों पर लिखे व्यंग्यात्मक पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी शहर या व्यक्ति का मजाक उड़ाना नहीं था। यह एक वास्तविक समस्या को हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाना था। पढे़ं एक्टर गजराज राव से बातचीत के अंश… सवाल: आप राजस्थान से हैं। अब मुंबई में सक्रिय हैं। राजस्थान से जुड़ी कोई खास याद? गजराज राव: यहां यादें ही यादें हैं। बचपन में मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले गए थे। उन्हें लगा कि गांव में रहकर मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाऊंगा। उस समय मैं चार-पांच साल का था। मुझे बताया जाता है कि जब मुझे स्कूल में दाखिला दिलाया गया तो मैं पट्टी और चॉक लेकर घर की तरफ भाग जाता था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था। इसके बाद हर साल गर्मियों की छुट्टियों में राजस्थान आना होता था। जोधपुर मेरा ससुराल है और जयपुर में मेरे बहुत सारे रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहां जब भी आता हूं तो अपनापन महसूस होता है। गट्टे की सब्जी हो या केर-सांगरी इनमें अपनेपन का स्वाद मिलता है। सवाल: आपकी फिल्म ‘बधाई हो’ को आप किस तरह याद करते हैं? गजराज राव: कई बार किसी कलाकार के जीवन में एक ऐसा प्रोजेक्ट आता है, जो उसके करियर की दिशा बदल देता है। मेरे लिए ‘बधाई हो’ वही फिल्म है। इसने मुझे एक अलग पहचान दी और दर्शकों के बीच मेरे काम को लेकर जो प्यार बना, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सबसे बड़ी बात यही है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी यह फिल्म पुरानी नहीं हुई है। आज भी जब लोग मिलते हैं तो ‘बधाई हो’ की बात करते हैं। नीना गुप्ता और आयुष्मान खुराना के बारे में बातचीत करते हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों के लिए अपने परिवार के विस्तार जैसी बन गई है। सवाल: आपके प्रोजेक्ट्स को देखें तो सलेक्टिव काम करना पसंद करते हैं। प्रोजेक्ट चुनना कितना चुनौतीपूर्ण है? गजराज राव: जब लोग आपके काम को पसंद करने लगते हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आपको लगता है कि दर्शकों ने आपसे कुछ उम्मीदें लगा रखी हैं। अब आपका काम है कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपको खुद उस काम में आनंद आए। रिहर्सल का अनुभव, शूटिंग के दौरान का माहौल और लोगों के साथ काम करने का तरीका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: हाल ही आपने जयपुर से जुड़े अपने ट्रेवल एक्सपीरियंस को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उस अनुभव के बारे में बताइए। गजराज राव: दरअसल इन दिनों जयपुर में कई जगह शूटिंग चल रही है। इसके अलावा यहां कॉरपोरेट इवेंट्स भी बहुत होते हैं। शादियों का सीजन भी रहता है। ऐसे में ट्रैवल कंपनियां व्यस्त हो जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस को जो गाड़ियां और ड्राइवर उपलब्ध होते हैं, वे उन्हें किराए पर ले लेते हैं। कई बार प्राथमिकता इस बात की होती है कि कोई ड्राइवर मिल जाए, जो सुबह 5 बजे कलाकार को लेने आए और एक घंटे दूर स्थित लोकेशन पर समय से पहुंचा दे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले दिन जो गाड़ी आई, उसकी पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं थी। मैंने ड्राइवर साहब से पूछा कि इसमें सीट बेल्ट क्यों नहीं है? उन्होंने बहुत सहजता से कहा कि कोई बात नहीं, यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता। मुझे यह बात अजीब लगी। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मैंने शिकायत की तो दूसरी गाड़ी आई, लेकिन उसमें भी यही स्थिति थी। उस गाड़ी के ड्राइवर ने तो यहां तक कह दिया कि अगर सीट बेल्ट लगाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। मैंने उनसे कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सीट बेल्ट लगाने पर चालान हो जाए? उनका जवाब यही था कि यहां ऐसा ही होता है। मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख दी। वह पोस्ट वायरल हो गई। मेरा मानना है कि जब आप किसी अनुभव को बहुत कड़वाहट के साथ लिखते हैं तो उससे कड़वाहट ही पैदा होती है। मैंने उस अनुभव को हास्य के अंदाज में लिखा था, इसलिए लोगों ने भी उसे उसी तरह लिया। पोस्ट पर आने वाली ज्यादातर प्रतिक्रियाएं मजेदार थीं और लोग उस पर चर्चा कर रहे थे। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना या जयपुर जैसे शहर का मखौल उड़ाना बिल्कुल नहीं था। मैं खुद राजस्थान का हूं, तो अपने ही प्रदेश का मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी बात ड्राइवरों की भी अपनी मजबूरियां होती हैं। वे लगातार काम कर रहे होते हैं और उन पर भी दबाव रहता है। सवाल: अगर कोई अच्छा व्यंग्य लिखना चाहते हैं। उन्हें किन लेखकों को पढ़ना चाहिए? गजराज राव: मेरे जीवन में कई लेखकों का बड़ा योगदान रहा है। मनोहर श्याम जोशी, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल और डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जैसे लेखकों को जरूर पढ़ना चाहिए। इन सभी को पढ़ने में बहुत आनंद आता है और इनकी रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मुझे लगता है कि इन लेखकों को पढ़ना चाहिए और उनकी रचनाओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जीवन में किसी से कोई शिकायत है, तो उसे हमेशा नाराजगी या कड़वाहट के साथ व्यक्त करना जरूरी नहीं है। सवाल: आप एडमेकर और एक्टर दोनों हैं।

IIT खड़गपुर में बनेगा देश का पहला AI स्कूल:35 करोड़ खर्च, IISER पुणे, IIM बैंगलोर ने जारी की नई पॉलिसी

IIT खड़गपुर में बनेगा देश का पहला AI स्कूल:35 करोड़ खर्च,  IISER पुणे, IIM बैंगलोर ने जारी की नई पॉलिसी

IIT खड़गपुर देश का पहला AI स्कूल खोलने जा रहा है। इसके लिए संस्थान ने अपने पूर्व छात्र विनोद गुप्ता और IIT खड़गपुर फाउंडेशन अमेरिका के साथ MoU साइन किया है। इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रिसर्च, इंटरडिसिप्लिनरी एजुकेशन और AI टेक्निक के डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है। AI स्कूल बनाने में 35 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। ऐसे मिलेगा 35 करोड़ का फंड 35 करोड़ के फंड में से 12.5 करोड़ का योगदान विनोद गुप्ता का परिवार देगा। विनोद गुप्ता भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी हैं। उन्होंने अमेरिका में बिजनेस-डेटा कंपनी InfoUSA की स्थापना की। वे शिक्षा के क्षेत्र में दिए योगदान के लिए पहचाने जाते हैं। IIT खड़गपुर में उन्होंने पहले भी मैनेजमेंट एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूशन की स्थापना में आर्थिक सहयोग दिया है। बेंजामिन गुप्ता के नाम पर रखा जाएगा नाम विनोद गुप्ता के अलावा 10 करोड़ रुपये का योगदान एक पूर्व छात्र की तरफ से दिया गया है। इस छात्र ने अपना नाम न बताने का फैसला किया है। इसके बाद बची हुई राशि IIT खड़गपुर की तरफ से दी जाएगी। इस स्कूल का नाम विनोद गुप्ता के दिवंगत बेटे बेंजामिन गुप्ता की याद में ‘बेंजामिन गुप्ता स्कूल ऑफ फिजिकल AI’ रखा जाएगा। बेंजामिन द जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में संयुक्त JD/MBA कोर्स कर रहे थे। वे अमेरिकी प्रतिनिधि रहम इमैनुएल और अमेरिकी विदेश विभाग से जुड़े हुए थे। उनका 28 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। फिजिकल AI पर आधारित भारत का पहला स्कूल IIT खड़गपुर के इस स्कूल को फिजिकल AI पर आधारित भारत के पहले एकेडमिक इंस्टीट्यूशन के रूप में पेश किया जाएगा। यह रियल वर्ल्ड के माहौल को समझने के साथ ही उसका पूर्वानुमान लगा सकता है। साथ ही उसे नियंत्रित कर सकता है। ये स्कूल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी को फिजिक्स, इंजीनियरिंग, बायोलॉजिकल सिस्टम और स्पेशलाइज्ड साइंटिफिक नॉलेज के साथ जोड़ने पर फोकस्ड रहेगा। इसके रिसर्च एरिया में फिजिक्स आधारित मशीन लर्निंग, साइंटिफिक AI, डिजिटल ट्विन्स, इंटेलिजेंट रोबोटिक्स, ऑटोनोमस सिस्टम्स, एडवांस्ड सेंसिंग कंप्यूटेशनल इंजीनियरिंग और AI इनेबल्ड एक्सपेरिमेंट शामिल हैं। IIT खड़गपुर के AI स्कूल में हाइब्रिड मोड में मास्टर डिग्री, प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन और प्रोफेशनल्स के लिए ट्रेनिंग शामिल हो सकती है। इसकी शुरुआत अगले सेशन से होने की संभवना है। IISER पुणे की पहल IIT खड़गपुर की तरह देशभर के कई हाई एजुकेशन इंस्टीट्यूट AI को नए लेवल तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके तहत पुणे स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER Pune) ने स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर नई पॉलिसी अपनाई है। IISER पुणे में स्टूडेंट्स AI का उपयोग तब तक सामान्य रूप से कर सकते हैं, जब तक टीचर या PhD सुपरवाइजर लिखित रूप से इस पर रोक न लगाए। यह नीति मार्च 2026 में संस्थान की सीनेट से मंजूर हुई थी और अप्रैल में चर्चा में आई। यहां स्टूडेंट्स के लिए AI का यूज करना या न करना उनके कोर्स पर डिपेंड करेगा। फिलहाल IISER पुणे में ज्यादातर क्विज और मिड-सेमेस्टर व एंड-सेमेस्टर एग्जाम AI के बिना ही आयोजित किए जाते हैं। IIM अहमदाबाद ने अपनाया केस स्टडी तरीका IIM अहमदाबाद में AI की वजह से फैकल्टी सदस्य मैनेजमेंट एजुकेशन के केस-स्टडी तरीके को फिर से अपना रहे हैं। यहां छात्र क्लासरूम में जाने से पहले, लंबे बिजनेस केस की समरी तैयार करने और उनका एनालिसिस करने के लिए ChatGPT और Gemini जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि AI की मदद से तैयार किए गए सवालों के जवाब या समरी सभी स्टूडेंट्स के लिए एक जैसी होती है। जिससे उनके स्कोर प्रभावित हो सकते हैं। इस संस्थान ने स्टूडेंट्स, फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्च एसोसिएट्स और अन्य के लिए 1500 AI टूल्स का लाइसेंस लिया है। IIM बैंगलोर में छात्रों ने बनाएं चैटबॉट IIM बैंगलोर ने स्टूडेंट्स के लिए AI के यूज को आगे बढ़ाते हुए छात्रों को परीक्षा में AI का उपयोग करने की अनुमति दी है। यहां इस साल जून-जुलाई सेशन के दौरान, कोर बिजनेस एनालिटिक्स और जनरल MBA इलेक्टिव समूहों के 78 MBA छात्रों ने जेनरेटिव AI से जुड़े मिडटर्म सवालों के जवाब देने के लिए खुद के चैटबॉट बनाए। द इंडियन स्कूल बिजनेस ऑफ हैदराबाद और मोहाली में फैकल्टी तय करती है कि स्टूडेंट्स को किस कोर्स, एसाइनमेंट्स, ग्रुप प्रोजेक्ट्स और रिसर्च में AI की परमिशन दी जाना चाहिए और किस कोर्स के लिए नहीं। सर्वे में सामने आए दोहरे नतीजे यूके में ‘हायर एजुकेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट’ (HEPI) के ‘स्टूडेंट जेनरेटिव AI सर्वे 2026’ के अनुसार AI से जुड़े स्टूडेंट्स के एक्सपीरियंस में बड़ा अंतर सामने आया है। कुछ छात्रों के लिए AI उनकी सोचने की क्षमता बढ़ाता है, वहीं कई स्टूडेंट्स के लिए यह एक ऐसे सहारे की तरह काम करता है जिसके बिना वे कोई प्रोजेक्ट या पढ़ाई ठीक तरह से नहीं कर पाते। इसलिए, उच्च शिक्षा संस्थानों को AI से संबंधित ऐसे नियम बनाना चाहिए जो स्टूडेंट्स के लिए सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाए। भारत के अलावा अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, चीन में AI स्कूल हैं। हालांकि ये पूरी तरह AI बेस्ड नहीं हैं बल्कि इन स्कूलों में AI की पढ़ाई टीचर द्वारा ही कराई जाती है। ————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें IIT रोपड़ ने बिना थीसिस वाला PhD प्रोग्राम लॉन्च किया:अब अपना स्टार्टअप मॉडल दिखाकर सीधे ले सकेंगे डिग्री IIT रोपड़, पंजाब ने PhD स्टूडेंट्स के लिए एक मॉडल तैयार किया है। जिसमें स्टूडेंट्स को अब सालों तक लंबी थीसिस लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, इसके बजाय एक अपने ही प्रोडक्ट को बेचकर, उसका प्राफिट इंस्टीट्यूट को दिखाकर डिग्री हासिल कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर तोड़ी चुप्पी:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान

तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर तोड़ी चुप्पी:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। NDTV के एक इवेंट में तमन्ना से उनके रंग और बॉडी पर हुई टिप्पणियों के बारे में पूछा गया। एक्ट्रेस से यह भी पूछा गया कि क्या वह चाहती हैं कि दर्शक उन्हें सिर्फ स्क्रीन प्रेजेंस और बोल्ड इमेज से अलग देखें। उनसे हालिया फिल्मों को इमेज बदलने की कोशिश के तौर पर भी सवाल किया गया। तमन्ना ने कहा कि एक क्रिएटिव व्यक्ति के लिए सुनना जरूरी है। इसके साथ यह समझना भी जरूरी है कि किस बात को रखना है और किसे नजरअंदाज करना है। तमन्ना ने कहा, “आप भी एक महिला हैं, इसलिए समझ सकती हैं कि अगर हम ऐसी बातों को महत्व देने लगें, तो शायद जिंदगी में आगे बढ़ पाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती। मैं अपने काम पर ध्यान देती हूं। मैं उस चीज पर ध्यान देती हूं, जिसे बनाना चाहती हूं। मैं अपने एक्टिंग करियर पर ध्यान देती हूं।” तमन्ना ने अपने काम करने के तरीके पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से मैं अपना काम सेवा की तरह करना चाहती हूं।” उन्होंने कहा, “मैं ऐसा करती भी हूं। शायद इसी वजह से मेरा काम लोगों तक पहुंचता है, क्योंकि कहीं न कहीं यह सही जगह से आता है।” क्या है पूरा मामला दरअसल, पिछले साल शुभंकर मिश्रा के साथ बातचीत में अन्नू कपूर ने फिल्म ‘स्त्री 2’ के सुपरहिट गाने ‘आज की रात’ को लेकर बात की थी। शुभांकर ने अन्नू से पूछा था कि क्या उन्हें यह गाना पसंद आया। उन्होंने यह भी कहा था कि वह तमन्ना को पसंद करते हैं। इस पर अन्नू ने कहा था, “माशाअल्लाह, क्या दूधिया बदन है।” उन्होंने आगे कहा था, “बहन, अपने गाने से, अपने शरीर से, अपने दूधिया चेहरे से हमारे बच्चों को सुलाती हैं… बहुत अच्छी बात है।” अन्नू ने कहा था, “यह देश पर कृपा होगी, अगर हमारे देश के बच्चे अच्छी और स्वस्थ नींद सोएं।” उन्होंने आगे कहा था, “अगर और भी कुछ इच्छा है, तो भगवान उन्हें समर्थ करें कि उनकी इच्छा पूरी हो। यह मेरा उनके लिए आशीर्वाद है।” अन्नू कपूर ने बाद में अपने बयान पर सफाई दी थी अन्नू कपूर के कमेंट को लेकर उनकी ट्रोलिंग हुई थी। इसके बाद एक्टर अन्नू कपूर ने ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर सफाई दी थी। सिद्धार्थ कनन को दिए एक इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने कहा था, “लोगों ने मुझे गालियां दीं, खूसट बूढ़ा और सठिया गया जैसी बातें कहीं। मेरा कहना सिर्फ इतना है कि अगर मैं ‘दूधिया बदन’ कहता हूं, तो बवाल मच जाता है, लेकिन अगर यही बात इंग्लिश में ‘मिल्की बॉडी’ कही जाए, तो किसी को कोई परेशानी नहीं होती।” अपनी सफाई के दौरान अन्नू ने यह भी कहा था कि अगर तमन्ना भाटिया खुद उनसे इस बारे में पूछेंगी, तो वे अपनी बात पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा, “अगर तमन्ना को मेरी बात बुरी लगी है, तो मैं उनके पैर छूने के लिए भी तैयार हूं। अगर एक 71 साल का आदमी उनके पैर छुएगा, तो वे क्या कहेंगी? मेरा इरादा बिल्कुल साफ है और मुझे अपनी सच्चाई पता है।”