पाकिस्तान में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई पर हमला:ल्यारी में अज्ञात हमलावरों ने घर के बाहर गोली मारी, हालत गंभीर

पाकिस्तान के कराची में जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर गुरुवार शाम जानलेवा हमला हुआ। कराची के लियारी इलाके में उनके घर के बाहर बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में 40 साल जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गोलीबारी की चपेट में आए दो राहगीर भी जख्मी हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबैर के सीने और पेट में गोलियां लगी हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घायलों को तुरंत कराची के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां जुबैर की सर्जरी की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायल राहगीरों में से एक की हालत भी गंभीर है। गैंगवार और पुरानी रंजिश की जांच साउथ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) सैयद असद रजा ने बताया कि पुलिस हमले की हर पहलू से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में गैंगवार, पुरानी दुश्मनी और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखा गया है। फिलहाल किसी एक वजह की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस के अनुसार, जुबैर बलोच 2012 में सात आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हुआ था। वह इसी साल जनवरी 2025 में जेल से रिहा होकर बाहर आया था। अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि भी जांच के दायरे में है। इलाके में गैंगवार फिर से शुरू होने की चर्चा इस घटना के बाद लियारी में एक बार फिर गैंगवार की आशंकाएं तेज हो गई हैं। इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुबैर ने हाल ही में एक राजनीतिक पार्टी जॉइन की थी और कुछ महीने पहले इलाके में पार्टी के झंडे भी लगाए थे। उनका दावा है कि कराची ऑपरेशन के दौरान दुबई और ईरान भागे कई गैंगस्टरों के दोबारा लौटने की चर्चाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों में गैंगवार फिर शुरू होने का डर बढ़ गया है। उजैर बलोच पर कई गंभीर मामले दर्ज उजैर बलोच कभी कराची के सबसे ताकतवर गैंग लीडरों में गिना जाता था। उसे लियारी का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल रहमान उर्फ रहमान डकैत का दाहिना हाथ माना जाता था। पुलिस मुठभेड़ में रहमान डकैत के मारे जाने के बाद उजैर ने लियारी के अपराध जगत की कमान संभाल ली और धीरे-धीरे इलाके का सबसे प्रभावशाली गैंगस्टर बन गया। फिलहाल उजैर बलोच पाकिस्तान की जेल में बंद है। इसी साल मार्च में आतंकवाद विरोधी अदालत ने हत्या, पुलिस पर हमले और विस्फोटक रखने समेत सात मामलों में उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उस पर 2012 में कलाकोट थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से हमला करने का भी आरोप है। इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी का दोषी ठहराते हुए 12 साल की सजा सुनाई थी। हाल के दिनों में उजैर बलोच का नाम भारतीय स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ की वजह से भी चर्चा में रहा है। फिल्म में उसके किरदार को अभिनेता दानिश पंडोर ने निभाया है।
मार्सिया का सक्सेस मंत्र; ब्लिस से खड़े किए 5 ब्रांड:1000 करोड़ की मालकिन की सलाह, पहले सर्वाइवल जरूरी, बिजनेस की प्लानिंग बाद में

मार्सिया किलगोर (57) का ऑनलाइन-सब्सक्रिप्शन ब्यूटी ब्रांड ‘ब्यूटी पाई’ इंडस्ट्री में गेम-चेंजर माना जाता है। 2016 में ब्यूटी पाई शुरू करने से पहले किलगोर लग्जरी स्पा ब्रांड ब्लिस, मेकअप-स्किनकेयर ब्रांड सोप एंड ग्लोरी और फुटवियर ब्रांड फिटफ्लॉप जैसे 4 बिजनेस खड़े कर चुकी थीं। तंगी के चलते कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। पर्सनल ट्रेनर की नौकरी और शाम को ब्यूटी क्लासेज लेनी शुरू की। यहीं से उनके पांच दशक लंबे आंत्रप्रेन्योर सफर की नींव पड़ी। उन्होंने अपनी सफलता के पांच सूत्र साझा किए हैं… 1. परफेक्ट प्लान की जरूरत नहीं – किलगोर कहती हैं कि शुरू में कोई बिजनेस प्लान नहीं था। हालात ने मजबूर किया तो उन्होंने जो हुनर था उसी से कमाना शुरू किया। आगे रास्ता खुद-ब-खुद बनता गया। उनका मानना है कि सर्वाइवल पहले जरूरी है, प्लानिंग बाद में अपने आप हो जाती है। 2. जिसमें महारत, वही काम शुरू करें – ब्लिस स्पा की लंदन ब्रांच में भीड़ बढ़ने पर जब ट्रेंड किए गए कई स्टाफ डर कर नौकरी छोड़ गए। किलगोर खुद वैक्सिंग और फेशियल करने में सक्षम थीं क्योंकि उन्होंने हर काम खुद सीखा था। उनकी सलाह है कि जिस क्षेत्र की गहरी जानकारी हो, वहीं कारोबार शुरू करें, ताकि मुश्किल वक्त में कोई और आपको निर्भर न बना दे। 3. अपने आइडिया को खुद चुनौती दें – किलगोर सुझाव देती हैं कि अगर कोई अपने आइडिया की अहमियत एक वाक्य में नहीं समझा सकता, तो आइडिया अधूरा है। वे ‘ओनरशिप बायस’ से बचने की सलाह देती हैं। यानी सिर्फ इसलिए आइडिया को शानदार मत मानिए क्योंकि वह आपका है। उनके मुताबिक अब एआई किसी भी नए उद्यमी के लिए सस्ता कंसल्टेंट बन गया है, जो आइडिया को चुनौती देकर बेहतर बना सकता है। 4. त्याग के लिए तैयार रहें, दयालु बनें – किलगोर ने तय किया कि वे ऐसी इंसान बनेंगी, जिसके साथ लोग रहना पसंद करें। मेहनत व नम्रता से छोटा सैलून महीनों पहले बुक होने लगा। वे मानती हैं कि बिजनेस के लिए बड़े त्याग जरूरी हैं। हालांकि बच्चों के स्कूल कार्यक्रम व पारिवारिक छुट्टियां नहीं छोड़ीं। 5. डेथबेड टेस्ट अपनाएं – किलगोर बड़े फैसले से पहले खुद से पूछती हैं कि क्या यह प्रोजेक्ट जीवन के आखिरी पल में भी सार्थक लगेगा। इससे पता चलता है कि कौन-सा आइडिया समय देने लायक है। ब्यूटी पाई – अनोखा बिजनेस मॉडल, सालाना आय 1,000 करोड़- किलगोर ने अब तक 5 लाइफस्टाइल ब्रांड खड़े किए। ब्लिस, सोप एंड ग्लोरी, फिटफ्लॉप और ब्यूटी पाई इनमें प्रमुख हैं। ब्यूटी पाई की शुरुआत 2016 में हुई थी और यह पूरी तरह ऑनलाइन-सब्सक्रिप्शन मॉडल पर आधारित है। इसे इंडस्ट्री में अनोखा प्रयोग माना जाता है। ब्यूटी पाई की सालाना आय 1,000 करोड़ रुपए है।
मार्सिया का सक्सेस मंत्र; ब्लिस से खड़े किए 5 ब्रांड:1000 करोड़ की मालकिन की सलाह, पहले सर्वाइवल जरूरी, बिजनेस की प्लानिंग बाद में

मार्सिया किलगोर (57) का ऑनलाइन-सब्सक्रिप्शन ब्यूटी ब्रांड ‘ब्यूटी पाई’ इंडस्ट्री में गेम-चेंजर माना जाता है। 2016 में ब्यूटी पाई शुरू करने से पहले किलगोर लग्जरी स्पा ब्रांड ब्लिस, मेकअप-स्किनकेयर ब्रांड सोप एंड ग्लोरी और फुटवियर ब्रांड फिटफ्लॉप जैसे 4 बिजनेस खड़े कर चुकी थीं। तंगी के चलते कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। पर्सनल ट्रेनर की नौकरी और शाम को ब्यूटी क्लासेज लेनी शुरू की। यहीं से उनके पांच दशक लंबे आंत्रप्रेन्योर सफर की नींव पड़ी। उन्होंने अपनी सफलता के पांच सूत्र साझा किए हैं… 1. परफेक्ट प्लान की जरूरत नहीं – किलगोर कहती हैं कि शुरू में कोई बिजनेस प्लान नहीं था। हालात ने मजबूर किया तो उन्होंने जो हुनर था उसी से कमाना शुरू किया। आगे रास्ता खुद-ब-खुद बनता गया। उनका मानना है कि सर्वाइवल पहले जरूरी है, प्लानिंग बाद में अपने आप हो जाती है। 2. जिसमें महारत, वही काम शुरू करें – ब्लिस स्पा की लंदन ब्रांच में भीड़ बढ़ने पर जब ट्रेंड किए गए कई स्टाफ डर कर नौकरी छोड़ गए। किलगोर खुद वैक्सिंग और फेशियल करने में सक्षम थीं क्योंकि उन्होंने हर काम खुद सीखा था। उनकी सलाह है कि जिस क्षेत्र की गहरी जानकारी हो, वहीं कारोबार शुरू करें, ताकि मुश्किल वक्त में कोई और आपको निर्भर न बना दे। 3. अपने आइडिया को खुद चुनौती दें – किलगोर सुझाव देती हैं कि अगर कोई अपने आइडिया की अहमियत एक वाक्य में नहीं समझा सकता, तो आइडिया अधूरा है। वे ‘ओनरशिप बायस’ से बचने की सलाह देती हैं। यानी सिर्फ इसलिए आइडिया को शानदार मत मानिए क्योंकि वह आपका है। उनके मुताबिक अब एआई किसी भी नए उद्यमी के लिए सस्ता कंसल्टेंट बन गया है, जो आइडिया को चुनौती देकर बेहतर बना सकता है। 4. त्याग के लिए तैयार रहें, दयालु बनें – किलगोर ने तय किया कि वे ऐसी इंसान बनेंगी, जिसके साथ लोग रहना पसंद करें। मेहनत व नम्रता से छोटा सैलून महीनों पहले बुक होने लगा। वे मानती हैं कि बिजनेस के लिए बड़े त्याग जरूरी हैं। हालांकि बच्चों के स्कूल कार्यक्रम व पारिवारिक छुट्टियां नहीं छोड़ीं। 5. डेथबेड टेस्ट अपनाएं – किलगोर बड़े फैसले से पहले खुद से पूछती हैं कि क्या यह प्रोजेक्ट जीवन के आखिरी पल में भी सार्थक लगेगा। इससे पता चलता है कि कौन-सा आइडिया समय देने लायक है। ब्यूटी पाई – अनोखा बिजनेस मॉडल, सालाना आय 1,000 करोड़- किलगोर ने अब तक 5 लाइफस्टाइल ब्रांड खड़े किए। ब्लिस, सोप एंड ग्लोरी, फिटफ्लॉप और ब्यूटी पाई इनमें प्रमुख हैं। ब्यूटी पाई की शुरुआत 2016 में हुई थी और यह पूरी तरह ऑनलाइन-सब्सक्रिप्शन मॉडल पर आधारित है। इसे इंडस्ट्री में अनोखा प्रयोग माना जाता है। ब्यूटी पाई की सालाना आय 1,000 करोड़ रुपए है।
‘रामायण’ के ट्रेलर की पाकिस्तान में हुई तारीफ:कंटेंट क्रिएटर्स ने VFX और मेकिंग को बताया शानदार, रणबीर कपूर की भी सराहना की

रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज होने के बाद भारत के साथ पाकिस्तान में भी इसकी चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर और फिल्म क्रिटिक्स ने ट्रेलर पर प्रतिक्रिया देते हुए इसके VFX, स्टार कास्ट और मेकिंग की तारीफ की। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर ‘काम वाली बात’ के नाम से पहचाने जाने वाले माविया उमर फारूकी ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर की समीक्षा करते हुए कहा कि फिल्म का बड़ा बजट उसके विजुअल्स में साफ नजर आता है। फारूकी ने हॉलीवुड स्टूडियोज के साथ VFX पर किए गए काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘एक पाकिस्तानी के तौर पर मैं बोलूंगा कि भाई, मैं ट्रेलर देखकर तो एक्साइटेड हो गया हूं कि फिल्म के अंदर क्या है, फिल्म के अंदर क्या देखने को मिलेगा।’ साथ ही उन्होंने रणबीर कपूर और यश की परफॉर्मेंस की भी तारीफ की। वहीं, पाकिस्तानी यूट्यूबर और फिल्म क्रिटिक हस्नात खान ने भी अपने यूट्यूब रिव्यू में ट्रेलर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिल्म को लेकर जो हाइप बनी थी, ट्रेलर उसे पूरी तरह सही साबित करता है। उनके मुताबिक, ट्रेलर का हर सीन शानदार है और मेकर्स ने विजुअल्स, CGI, लाइटिंग, एनिमेशन और स्टंट्स पर बेहतरीन काम किया है। उन्हें कहीं भी लो क्वालिटी या कमजोर VFX नहीं दिखे। हस्नात खान ने यश की एक्टिंग और उनके एक्शन सीन्स की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रेलर की शुरुआत ही यश के दमदार अंदाज से होती है। नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ के पहले पार्ट का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। मेकर्स ने इसे 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। ‘रामायण’ के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिक फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म ‘दंगल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
इंपैक्ट फीचर:वित्तीय लेनदेन और निवेश में लालच से बचें, सही समय पर सही निवेश ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी

आदित्य बिरला सन लाइफ म्यूचुअल फंड और दैनिक भास्कर की संयुक्त पहल ‘शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य’ के तहत पटना में आयोजित निवेश जागरूकता कार्यशाला में विशेषज्ञों ने निवेशकों को वित्तीय अनुशासन, साइबर सुरक्षा और दीर्घकालिक निवेश के महत्व से अवगत कराया। निवेश केवल धन बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है। इसी उद्देश्य के साथ आदित्य बिरला सन लाइफ म्यूचुअल फंड और दैनिक भास्कर की संयुक्त पहल ‘शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य’ के अंतर्गत पटना में निवेश जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वित्तीय विशेषज्ञों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश, वित्तीय अनुशासन और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। पैसे की बचत करना पर्याप्त नहीं मुख्य वक्ता मोहम्मद आमिर सुलेमान ने कहा कि केवल पैसे की बचत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही समय पर सही जगह निवेश करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपनी आय का बजट बनाकर नियमित बचत करनी चाहिए और दीर्घकालिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निवेश की योजना बनानी चाहिए। उन्होंने निवेशकों को लालच में आकर अवास्तविक रिटर्न के वादों पर भरोसा न करने की सलाह दी। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बचत और निवेश के बीच का अंतर भी विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि बचत केवल धन को सुरक्षित रखने का माध्यम है, जबकि निवेश उस धन को समय के साथ बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। सही वित्तीय योजना और अनुशासित निवेश से ही आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य का निर्माण संभव है। धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें साइबर सुरक्षा सत्र में डिजिटल वित्तीय लेनदेन से जुड़े बढ़ते जोखिमों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर अपनी बैंकिंग अथवा निवेश संबंधी जानकारी साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, साइबर क्राइम पोर्टल और संबंधित बैंक को भी तत्काल सूचित करने की सलाह दी गई, ताकि वित्तीय नुकसान को कम किया जा सके। नियमित निवेश और विश्वसनीय वित्तीय साधन चुनें कार्यक्रम के दौरान निवेशकों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए, जहां म्यूचुअल फंड, दीर्घकालिक निवेश, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय योजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी साझा की। वक्ताओं ने कहा कि निवेश करते समय धैर्य बनाए रखना, नियमित निवेश करना और विश्वसनीय वित्तीय साधनों का चयन करना ही बेहतर रिटर्न और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है। इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाना और उन्हें जागरूक, जिम्मेदार एवं आत्मविश्वास के साथ निवेश करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में निवेशकों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।
इंपैक्ट फीचर:वित्तीय लेनदेन और निवेश में लालच से बचें, सही समय पर सही निवेश ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी

आदित्य बिरला सन लाइफ म्यूचुअल फंड और दैनिक भास्कर की संयुक्त पहल ‘शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य’ के तहत पटना में आयोजित निवेश जागरूकता कार्यशाला में विशेषज्ञों ने निवेशकों को वित्तीय अनुशासन, साइबर सुरक्षा और दीर्घकालिक निवेश के महत्व से अवगत कराया। निवेश केवल धन बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है। इसी उद्देश्य के साथ आदित्य बिरला सन लाइफ म्यूचुअल फंड और दैनिक भास्कर की संयुक्त पहल ‘शिक्षित निवेशक, विकसित भारत एवं सुरक्षित भविष्य’ के अंतर्गत पटना में निवेश जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वित्तीय विशेषज्ञों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश, वित्तीय अनुशासन और डिजिटल फ्रॉड से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। पैसे की बचत करना पर्याप्त नहीं मुख्य वक्ता मोहम्मद आमिर सुलेमान ने कहा कि केवल पैसे की बचत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही समय पर सही जगह निवेश करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपनी आय का बजट बनाकर नियमित बचत करनी चाहिए और दीर्घकालिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निवेश की योजना बनानी चाहिए। उन्होंने निवेशकों को लालच में आकर अवास्तविक रिटर्न के वादों पर भरोसा न करने की सलाह दी। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बचत और निवेश के बीच का अंतर भी विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि बचत केवल धन को सुरक्षित रखने का माध्यम है, जबकि निवेश उस धन को समय के साथ बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। सही वित्तीय योजना और अनुशासित निवेश से ही आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य का निर्माण संभव है। धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें साइबर सुरक्षा सत्र में डिजिटल वित्तीय लेनदेन से जुड़े बढ़ते जोखिमों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर अपनी बैंकिंग अथवा निवेश संबंधी जानकारी साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, साइबर क्राइम पोर्टल और संबंधित बैंक को भी तत्काल सूचित करने की सलाह दी गई, ताकि वित्तीय नुकसान को कम किया जा सके। नियमित निवेश और विश्वसनीय वित्तीय साधन चुनें कार्यक्रम के दौरान निवेशकों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए, जहां म्यूचुअल फंड, दीर्घकालिक निवेश, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय योजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी साझा की। वक्ताओं ने कहा कि निवेश करते समय धैर्य बनाए रखना, नियमित निवेश करना और विश्वसनीय वित्तीय साधनों का चयन करना ही बेहतर रिटर्न और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है। इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाना और उन्हें जागरूक, जिम्मेदार एवं आत्मविश्वास के साथ निवेश करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में निवेशकों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।
अफ्रीका से हजारों प्रवासी तैरकर स्पेन पहुंचे:सेना ने रोकने की कोशिश की, भगदड़ में 18 लोगों की मौत

अफ्रीकी देश मोरक्को की तरफ से स्पेन में जबरन घुसने की कोशिश के दौरान शुक्रवार सुबह भीषण भगदड़ मच गई। इसमें कम से कम 18 अफ्रीकी प्रवासियों की मौत हो गई, जबकि स्पेनिश और मोरक्को के 100 से ज्यादा सैनिक घायल हो गए। दरअसल बेहतर जीवन की तलाश में अफ्रीकी और एशियाई देशों के प्रवासी यूरोपीय देशों में घुसना चाहते हैं। सिउटा मोरक्को के उत्तरी तट पर स्थित एक स्पेनिश शहर है। यहां घुसने के बाद प्रवासियों को यूरोपीय संघ के क्षेत्र में एंट्री मिल जाती है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक सीमा पर तैनात फोर्स को चकमा देने के लिए करीब 3,000 प्रवासियों ने सुबह का वक्त चुना। तब सैनिकों की चौकसी कम होती है। सीमा पर पुलिस की घेराबंदी और बाड़ के संकरे रास्तों के कारण अफरातफरी मच गई। लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे दबने, दम घुटने और समुद्र में डूबने के कारण यह हादसा हुआ। हादसे के बाद की 5 फोटोज…
अफ्रीका के मोरक्को से हजारों प्रवासी तैरकर स्पेन पहुंचे:सेना ने रोकने की कोशिश की, भगदड़ में 18 लोगों की मौत

अफ्रीकी देश मोरक्को की तरफ से स्पेन में जबरन घुसने की कोशिश के दौरान गुरुवार सुबह भीषण भगदड़ मच गई। इसमें कम से कम 18 अफ्रीकी प्रवासियों की मौत हो गई, जबकि स्पेनिश और मोरक्को के 100 से ज्यादा सैनिक घायल हो गए। दरअसल बेहतर जीवन की तलाश में अफ्रीकी और एशियाई देशों के प्रवासी यूरोपीय देशों में घुसना चाहते हैं। सिउटा मोरक्को के उत्तरी तट पर स्थित एक स्पेनिश शहर है। यहां घुसने के बाद प्रवासियों को यूरोपीय संघ के क्षेत्र में एंट्री मिल जाती है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक सीमा पर तैनात फोर्स को चकमा देने के लिए करीब 3,000 प्रवासियों ने सुबह का वक्त चुना। तब सैनिकों की चौकसी कम होती है। सीमा पर पुलिस की घेराबंदी और बाड़ के संकरे रास्तों के कारण अफरातफरी मच गई। लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे दबने, दम घुटने और समुद्र में डूबने के कारण यह हादसा हुआ। हादसे के बाद की 5 फोटोज… स्यूटा से ही यूरोप में घुसने की सबसे ज्यादा कोशिश क्यों होती है? स्यूटा भले ही भौगोलिक तौर पर अफ्रीका में है, लेकिन यह स्पेन और यूरोपीय संघ (EU) का हिस्सा है। यानी अगर कोई प्रवासी स्यूटा में घुस जाता है, तो वह यूरोप की सीमा तक पहुंच जाता है। यही वजह है कि हजारों लोग हर साल यहां से यूरोप में दाखिल होने की कोशिश करते हैं। स्यूटा और इसके करीब मेलिला ऐसे दो शहर हैं, जहां अफ्रीका और यूरोप की सीधी जमीनी सीमा मिलती है। इसलिए बेहतर नौकरी और अच्छी जिंदगी की तलाश में मोरक्को समेत कई अफ्रीकी देशों के लोग सबसे ज्यादा इन्हीं रास्तों को चुनते हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में ही करीब 1,500 प्रवासी स्यूटा में प्रवेश कर चुके थे। इसके बाद गुरुवार को हालात अचानक बिगड़ गए। स्यूटा में घुसने के लिए कुछ लोग समुद्र में तैरकर सीमा पार करते हैं, कुछ छोटी नावों का सहारा लेते हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोग सीमा पर लगी ऊंची बाड़ पर चढ़कर या उसे काटकर अंदर जाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, सीमा पर लगे सेंसर, निगरानी टावर और स्पेनिश सुरक्षाबल अक्सर उन्हें पकड़ लेते हैं। सेना और गोताखोरों की तैनाती स्पेन सरकार ने एक बयान जारी कर बताया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सैन्य टुकड़ियों को भेजा गया है। इसके अलावा हवाई और नौसैनिक सहायता बढ़ाई गई है और पानी में गश्त के लिए गोताखोरों की टीमें तैनात की गई हैं। यूरोपीय संघ ने भी स्पेन को सीमा और तटरक्षक एजेंसी फ्रोंटेक्स के जरिए मदद देने की पेशकश की है ताकि वहां व्यवस्था बहाल की जा सके।
क्लॉड-AI ने 3 कंपनियों के सिस्टम हैक किए:टेस्टिंग में मिसकॉन्फिगरेशन की गलती, लाइव इंटरनेट एक्सेस मिलते ही सेंध लगाई

टेस्टिंग के दौरान क्लॉड AI ने 3 कंपनियों के सिस्टम हैक कर लिए। कंपनी ने बताया कि एक सिस्टम मिस्कन्फ़िगरेशन की वजह से मॉडल को धोखे से इंटरनेट का एक्सेस मिल गया, जिसके चलते उसने असली कंपनियों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सेंध लगा दी। इस पूरी घटना और इसके प्रभावों को समझने के लिए पढ़ें यह QA: सवाल 1. एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड AI मॉडल को लेकर क्या खुलासा किया है? जवाब: अमेरिकी टेक फर्म एंथ्रोपिक ने बताया कि साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग के दौरान उसके एआई मॉडल ‘क्लॉड’ ने तीन अलग-अलग संगठनों के सिस्टम में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर लिया। कंपनी ने बताया कि यह घटना एक सिस्टम मिसकॉन्फ़िगरेशन के कारण हुई, जिसकी वजह से टेस्टिंग के लिए तय की गई सुरक्षित सीमाएं टूट गईं और मॉडल को लाइव इंटरनेट का एक्सेस मिल गया। सवाल 2. यह घटना कैसे सामने आई और इसके लिए एंथ्रोपिक ने कितने टेस्ट्स की समीक्षा की? जवाब: प्रतिद्वंद्वी कंपनी ओपनएआई द्वारा अपने मॉडल्स के जरिए अन्य कंपनियों के सिस्टम में सेंधमारी की रिपोर्ट जारी करने के बाद एंथ्रोपिक ने अपने सिस्टम्स की जांच शुरू की थी। एंथ्रोपिक ने लगभग 1.40 लाख से ज्यादा टेस्ट्स के रिकॉर्ड्स रिव्यू किए। इस दौरान कंपनी को तीन ऐसे मामलों का पता चला जहां क्लॉड ने सुरक्षित टेस्टिंग एनवायरमेंट से बाहर निकलकर सिस्टम्स को हैक किया था। सवाल 3. क्लॉड एआई किस तरह की टेस्टिंग कर रहा था, जिसमें यह गलती हुई? जवाब: एंथ्रोपिक और उसके पार्टनर संस्थान ‘कैप्चर-द-फ्लैग’ नाम से इवैल्यूएशन टेस्ट कर रहे थे। इस तरह के टेस्ट में एआई मॉडल को सुरक्षा खामियों का पता लगाकर दूसरे सिस्टम्स से डेटा निकालने की चुनौती दी जाती है, ताकि उसकी हैकिंग क्षमताओं का आकलन किया जा सके। यह टेस्ट सील्ड-ऑफ एनवायरमेंट में होना था, लेकिन तकनीकी गलती के कारण मॉडल लाइव इंटरनेट से जुड़ गया। सवाल 4. हैक हुए तीन संगठनों की पहचान क्या है और उन्हें इसका पता कब चला? जवाब: एंथ्रोपिक ने सुरक्षा और गोपनीयता कारणों से उन तीनों प्रभावित संगठनों के नामों का खुलासा नहीं किया है। दिलचस्प बात यह है कि न तो एंथ्रोपिक को और न ही उन तीनों संगठनों को घटना के समय इस सेंधमारी का पता चला था। बाद में जांच के दौरान यह मामला सामने आया, जिसके बाद एंथ्रोपिक ने प्रभावित कंपनियों को इसकी जानकारी दी। ये घटनाएं अप्रैल से शुरू हुई थीं। सवाल 5. ओपनएआई का हालिया विवाद क्या था, जिसके बाद यह पूरी जांच शुरू हुई? जवाब: 21 जुलाई को चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने माना था कि उसका एआई एजेंट इंसानी निर्देशों की सीमा से बाहर निकलकर एआई टूल्स हब ‘हगिंग फेस’ के सिस्टम को हैक कर दिया। ओपनएआई ने इस घटना को ‘अभूतपूर्व’ करार दिया था। हगिंग फेस के सह-संस्थापक थॉमस वोल्फ ने इसे एआई इंडस्ट्री के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ कहा था। सवाल 6. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का इस घटना पर क्या कहना है? जवाब: साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डेविड अलोट ने बीबीसी को बताया कि इस घटना का बड़ा सबक यह नहीं है कि एआई ने कोई नई हमलावर क्षमता हासिल कर ली है। बल्कि असली चिंता यह है कि एआई एजेंट्स स्वायत्त रूप से विभिन्न क्षमताओं को मिलाकर, क्रेडेंशियल्स और सिस्टम एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं और मशीन की गति से अपने काम का दायरा बढ़ा सकते हैं। सवाल 7. इस घटना के बाद अमेरिकी सरकार और प्रशासन का क्या रुख है? जवाब: इन साइबर सुरक्षा घटनाओं के बाद कड़े नियम और निगरानी की मांग तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि हालिया साइबर सुरक्षा घटनाओं को देखते हुए एआई टूल्स और उनके इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए सख्त उपायों पर विचार कर रहे हैं। सवाल 8. इस घटना का एआई कंपनियों के भविष्य पर क्या असर पड़ सकता है? जवाब: ओपनएआई और एंथ्रोपिक दोनों ही कंपनियां आने वाले समय में अपने IPO की तैयारी कर रही हैं। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन कंपनियों का वैल्यूएशन 1-1 ट्रिलियन डॉलर के आसपास हो सकता है। ऐसे समय में एआई मॉडल्स के बेकाबू होने या हैकिंग करने की घटनाओं ने निवेशकों और विश्लेषकों के बीच चिंता और संदेह पैदा कर दिया है। सवाल 9. एंथ्रोपिक का इस पूरे मामले पर अगला कदम क्या है? जवाब: एंथ्रोपिक ने कहा है कि वह इस समस्या के समाधान पर अपनी पूरी जिम्मेदारी मानकर काम कर रही है। वही ओपनएआई भी अपनी जांच की एक विस्तृत टेक्निकल रिपोर्ट प्रकाशित करेगा। नॉलेज पार्ट: जानें क्या होता है ‘कैप्चर द फ्लैग’ इवैल्यूएशन? क्या है: यह साइबर सिक्योरिटी का एक पॉपुलर एसेसमेंट फॉर्मेट है। कैसे काम करता है: इसमें साइबर एक्सपर्ट्स या एआई मॉडल्स को एक सुरक्षित एनवायरमेंट में किसी कंप्यूटर सिस्टम की कमियों को ढूंढकर छिपे हुए कोड या डेटा को हासिल करना होता है। उद्देश्य: इससे यह जांचा जाता है कि कोई एआई सिस्टम हैकिंग और डिफेंस में कितना सक्षम है। ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी के AI-एडिटेड-वीडियो मामले में मेटा-इंडिया हेड पर FIR: दिल्ली प्रदर्शन के बाद का वीडियो, नोएडा में महिला पर भी केस दर्ज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI जनरेटेड मॉर्फ्ड वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शेयर किए जाने के मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पूरी खबर पढ़ें…
वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान की कोयला खदान में मीथेन गैस विस्फोट: बलूचिस्तान में 34 खनिकों की मौत

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक कोयला खदान में मीथेन गैस विस्फोट होने से 34 खनिकों की मौत हो गई। हादसा क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित खदान में गुरुवार को हुआ। रातभर चले बचाव अभियान के बाद सभी शव बरामद कर लिए गए हैं। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, शुरुआती जानकारी में खदान के भीतर 42 लोगों के मौजूद होने की आशंका थी। बचाव दल ने सभी मृतकों के शव निकाल लिए हैं। बलूचिस्तान के खान एवं खनिज मंत्री शोएब नोशेरवानी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख पाकिस्तानी रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। बलूचिस्तान में कोयला खदानों में होने वाले हादसे आम हैं। कई खदानों में पर्याप्त वेंटिलेशन, मीथेन गैस की निगरानी प्रणाली और अन्य बुनियादी सुरक्षा इंतजामों का अभाव रहता है।








