तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। NDTV के एक इवेंट में तमन्ना से उनके रंग और बॉडी पर हुई टिप्पणियों के बारे में पूछा गया। एक्ट्रेस से यह भी पूछा गया कि क्या वह चाहती हैं कि दर्शक उन्हें सिर्फ स्क्रीन प्रेजेंस और बोल्ड इमेज से अलग देखें। उनसे हालिया फिल्मों को इमेज बदलने की कोशिश के तौर पर भी सवाल किया गया। तमन्ना ने कहा कि एक क्रिएटिव व्यक्ति के लिए सुनना जरूरी है। इसके साथ यह समझना भी जरूरी है कि किस बात को रखना है और किसे नजरअंदाज करना है। तमन्ना ने कहा, “आप भी एक महिला हैं, इसलिए समझ सकती हैं कि अगर हम ऐसी बातों को महत्व देने लगें, तो शायद जिंदगी में आगे बढ़ पाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती। मैं अपने काम पर ध्यान देती हूं। मैं उस चीज पर ध्यान देती हूं, जिसे बनाना चाहती हूं। मैं अपने एक्टिंग करियर पर ध्यान देती हूं।” तमन्ना ने अपने काम करने के तरीके पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से मैं अपना काम सेवा की तरह करना चाहती हूं।” उन्होंने कहा, “मैं ऐसा करती भी हूं। शायद इसी वजह से मेरा काम लोगों तक पहुंचता है, क्योंकि कहीं न कहीं यह सही जगह से आता है।” क्या है पूरा मामला दरअसल, पिछले साल शुभंकर मिश्रा के साथ बातचीत में अन्नू कपूर ने फिल्म ‘स्त्री 2’ के सुपरहिट गाने ‘आज की रात’ को लेकर बात की थी। शुभांकर ने अन्नू से पूछा था कि क्या उन्हें यह गाना पसंद आया। उन्होंने यह भी कहा था कि वह तमन्ना को पसंद करते हैं। इस पर अन्नू ने कहा था, “माशाअल्लाह, क्या दूधिया बदन है।” उन्होंने आगे कहा था, “बहन, अपने गाने से, अपने शरीर से, अपने दूधिया चेहरे से हमारे बच्चों को सुलाती हैं… बहुत अच्छी बात है।” अन्नू ने कहा था, “यह देश पर कृपा होगी, अगर हमारे देश के बच्चे अच्छी और स्वस्थ नींद सोएं।” उन्होंने आगे कहा था, “अगर और भी कुछ इच्छा है, तो भगवान उन्हें समर्थ करें कि उनकी इच्छा पूरी हो। यह मेरा उनके लिए आशीर्वाद है।” अन्नू कपूर ने बाद में अपने बयान पर सफाई दी थी अन्नू कपूर के कमेंट को लेकर उनकी ट्रोलिंग हुई थी। इसके बाद कपूर ने अपने कमेंट पर सफाई दी थी। सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में कपूर ने कहा था, “लोगों ने मुझे गालियां दीं, खूसट बूढ़ा और सठिया गया जैसी बातें कहीं। मेरा कहना सिर्फ इतना है कि अगर मैं ‘दूधिया बदन’ कहता हूं, तो बवाल मच जाता है, लेकिन अगर यही बात इंग्लिश में ‘मिल्की बॉडी’ कही जाए, तो किसी को कोई परेशानी नहीं होती।” अपनी सफाई के दौरान अन्नू ने यह भी कहा था कि अगर तमन्ना भाटिया खुद उनसे इस बारे में पूछेंगी, तो वे अपनी बात पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा था, “अगर तमन्ना को मेरी बात बुरी लगी है, तो मैं उनके पैर छूने के लिए भी तैयार हूं। अगर एक 71 साल का आदमी उनके पैर छुएगा, तो वे क्या कहेंगी? मेरा इरादा बिल्कुल साफ है और मुझे अपनी सच्चाई पता है।”
‘जेलर 2’ में कटाना से लड़ीं अपेक्षा पोरवाल:बोलीं- रजनी सर के साथ काम करना सपने जैसा, मिथुन दा- ऋतिक ने एक्शन में मदद की

अभिनेत्री अपेक्षा पोरवाल इन दिनों रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने फिल्म में एक्शन सीक्वेंस किए हैं। दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रहीं अपेक्षा ने बताया कि उन्हें फिल्म में काम कैसे मिला। उन्होंने रजनीकांत, ऋतिक, मिथुन चक्रवर्ती और निर्देशक नेल्सन के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। मिस इंडिया बनने के बाद उन्होंने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली और थिएटर भी किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर बात की। सवाल: ‘जेलर 2’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: मैं पिछले दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रही हूं। किक बॉक्सिंग, ननचाकू और कटाना जैसी पुरानी हथियार तकनीकों में दिलचस्पी है। शायद फिल्म की टीम ने मेरा काम देखा, जिसके बाद मुझे अप्रोच किया गया। पहले लगा कि कहीं यह फर्जी कॉल तो नहीं है, क्योंकि साउथ में पहले काम नहीं किया था। बाद में चेन्नई जाकर निर्देशक नेल्सन से मिली और सिलेक्शन हो गया। सवाल: क्या आपको पता था कि यह रजनीकांत की फिल्म है? जवाब: हां, मुझे पता था, लेकिन सिलेक्शन से पहले ‘जेलर’ का पहला पार्ट नहीं देखा था। उसके बारे में बहुत सुना था। सिलेक्ट होने के बाद फिल्म देखी। मुझे कभी-कभी किसी प्रोजेक्ट में बिना ज्यादा जानकारी के जाना पसंद है, ताकि चीजों को नए नजरिए से देख सकूं। सवाल: रजनीकांत से पहली मुलाकात कैसी रही? जवाब: रजनीकांत सर जैसा ऑरा मैंने किसी दूसरे सुपरस्टार में नहीं देखा। उनके लिए सुपरस्टार शब्द भी छोटा लगता है। लोग उन्हें भगवान की तरह मानते हैं। निजी जिंदगी में वह बेहद सरल, विनम्र और प्रोत्साहित करने वाले इंसान हैं। मेरा पहला दिन था और क्लाइमैक्स का एक्शन सीक्वेंस शूट हो रहा था। सेट पर रजनीकांत सर, मिथुन सर, विद्या मैम, रम्या मैम और एसजे सूर्या जैसे कलाकार मौजूद थे। उनके साथ काम करना मेरे लिए सपने जैसा था। सवाल: फिल्म में एक्शन करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? जवाब: शूटिंग से पहले हमने दो-तीन दिन एक्शन की ट्रेनिंग ली और प्रैक्टिस की थी। इतने बड़े सितारों के साथ एक्शन करना खास अनुभव था। मेरा सपना था कि स्क्रीन पर कटाना से तलवारबाजी करूं। फिल्म ‘किल बिल’ में उमा थुरमन का किरदार मुझे पसंद है। वह भी कटाना से लड़ती हैं। खुशी है कि रजनीकांत की फिल्म में यह सपना पूरा करने का मौका मिला। सवाल: मिथुन चक्रवर्ती ने भी आपकी मदद की? जवाब: हां, पहले दिन एक शॉट में मुझे कटाना से उनके हाथ की बंदूक गिरानी थी। यह चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मिथुन सर शॉट्स के बीच बताते थे कि इसे कैसे करना है और एक्शन को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। इतने बड़े स्टार का मदद करना बहुत अच्छा लगा। सवाल: ऋतिक रोशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: ऋतिक सर फोकस्ड, मेहनती और प्रोफेशनल हैं। उन्हें देखकर समझ आता है कि आज भी उन्हें ग्रीक गॉड क्यों कहा जाता है। वह विनम्र भी हैं। हमारी बातचीत फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और शूटिंग को लेकर हुई। बड़े कलाकारों में अक्सर काफी विनम्रता होती है। सवाल: आपने एक्टिंग में आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: बचपन से मेरा सपना मिस इंडिया बनने का था। टीनएज से ब्यूटी पेजेंट्स में हिस्सा ले रही थी। 2017 में नेशनल पेजेंट की विजेताओं में शामिल हुई। इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया और डेवलपमेंट सेक्टर में भी काम किया। मिस इंडिया के बाद मुंबई आकर एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। एक साल ट्रेनिंग ली, वर्कशॉप्स कीं और थिएटर किया। इसके बाद लगा कि जिंदगीभर एक्टिंग ही करनी है। सवाल: एक्टिंग की ट्रेनिंग कहां से ली? जवाब: नीरज काबी और अतुल मोंगिया की वर्कशॉप की। इसके बाद जेफ गोल्डबर्ग के साथ मेथड एक्टिंग का नौ महीने का डिप्लोमा कोर्स किया। उनकी वर्कशॉप ने मेरी जिंदगी बदल दी। मेरा पहला शो ‘अनदेखी’ था। मिस इंडिया के बाद ग्लैमरस रोल मिल रहे थे, लेकिन मैं अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। इसलिए ऐसा किरदार चुना, जिसमें मेरा लुक साधारण था और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। सवाल: करियर में कभी निराशा हुई कि गलत रास्ता चुन लिया? जवाब: ऐसा कभी नहीं लगा। मुश्किल समय जरूर आया। आउटसाइडर होने के नाते मुझे ऑडिशन के जरिए काम मिलता है। कभी-कभी चिंता होती है कि अगला प्रोजेक्ट कब मिलेगा। लेकिन मैं रिजेक्शन को दिल पर नहीं लेती और सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देती। मेरा मानना है कि खुद पर काम करते रहना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए और बाकी चीजें समय पर छोड़ देनी चाहिए। सवाल: ‘जेलर 2’ के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रही? जवाब: इस फिल्म से मुझे दर्शकों का बहुत प्यार मिला। पहली बार किसी फिल्म के लिए इतना बड़ा मास रिएक्शन करीब से देखा। मुंबई में दो बार थिएटर में फिल्म देखने गई। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं और सोशल मीडिया संदेशों ने मेरा दिल छू लिया। साउथ से लोगों ने लंबे मैसेज और ईमेल भेजकर प्यार जताया।
‘जेलर 2’ में कटाना से लड़ीं अपेक्षा पोरवाल:बोलीं- रजनी सर के साथ काम करना सपने जैसा, मिथुन दा- ऋतिक ने एक्शन में मदद की

अभिनेत्री अपेक्षा पोरवाल इन दिनों रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने फिल्म में एक्शन सीक्वेंस किए हैं। दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रहीं अपेक्षा ने बताया कि उन्हें फिल्म में काम कैसे मिला। उन्होंने रजनीकांत, ऋतिक, मिथुन चक्रवर्ती और निर्देशक नेल्सन के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। मिस इंडिया बनने के बाद उन्होंने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली और थिएटर भी किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर बात की। सवाल: ‘जेलर 2’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: मैं पिछले दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रही हूं। किक बॉक्सिंग, ननचाकू और कटाना जैसी पुरानी हथियार तकनीकों में दिलचस्पी है। शायद फिल्म की टीम ने मेरा काम देखा, जिसके बाद मुझे अप्रोच किया गया। पहले लगा कि कहीं यह फर्जी कॉल तो नहीं है, क्योंकि साउथ में पहले काम नहीं किया था। बाद में चेन्नई जाकर निर्देशक नेल्सन से मिली और सिलेक्शन हो गया। सवाल: क्या आपको पता था कि यह रजनीकांत की फिल्म है? जवाब: हां, मुझे पता था, लेकिन सिलेक्शन से पहले ‘जेलर’ का पहला पार्ट नहीं देखा था। उसके बारे में बहुत सुना था। सिलेक्ट होने के बाद फिल्म देखी। मुझे कभी-कभी किसी प्रोजेक्ट में बिना ज्यादा जानकारी के जाना पसंद है, ताकि चीजों को नए नजरिए से देख सकूं। सवाल: रजनीकांत से पहली मुलाकात कैसी रही? जवाब: रजनीकांत सर जैसा ऑरा मैंने किसी दूसरे सुपरस्टार में नहीं देखा। उनके लिए सुपरस्टार शब्द भी छोटा लगता है। लोग उन्हें भगवान की तरह मानते हैं। निजी जिंदगी में वह बेहद सरल, विनम्र और प्रोत्साहित करने वाले इंसान हैं। मेरा पहला दिन था और क्लाइमैक्स का एक्शन सीक्वेंस शूट हो रहा था। सेट पर रजनीकांत सर, मिथुन सर, विद्या मैम, रम्या मैम और एसजे सूर्या जैसे कलाकार मौजूद थे। उनके साथ काम करना मेरे लिए सपने जैसा था। सवाल: फिल्म में एक्शन करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? जवाब: शूटिंग से पहले हमने दो-तीन दिन एक्शन की ट्रेनिंग ली और प्रैक्टिस की थी। इतने बड़े सितारों के साथ एक्शन करना खास अनुभव था। मेरा सपना था कि स्क्रीन पर कटाना से तलवारबाजी करूं। फिल्म ‘किल बिल’ में उमा थुरमन का किरदार मुझे पसंद है। वह भी कटाना से लड़ती हैं। खुशी है कि रजनीकांत की फिल्म में यह सपना पूरा करने का मौका मिला। सवाल: मिथुन चक्रवर्ती ने भी आपकी मदद की? जवाब: हां, पहले दिन एक शॉट में मुझे कटाना से उनके हाथ की बंदूक गिरानी थी। यह चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मिथुन सर शॉट्स के बीच बताते थे कि इसे कैसे करना है और एक्शन को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। इतने बड़े स्टार का मदद करना बहुत अच्छा लगा। सवाल: ऋतिक रोशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: ऋतिक सर फोकस्ड, मेहनती और प्रोफेशनल हैं। उन्हें देखकर समझ आता है कि आज भी उन्हें ग्रीक गॉड क्यों कहा जाता है। वह विनम्र भी हैं। हमारी बातचीत फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और शूटिंग को लेकर हुई। बड़े कलाकारों में अक्सर काफी विनम्रता होती है। सवाल: आपने एक्टिंग में आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: बचपन से मेरा सपना मिस इंडिया बनने का था। टीनएज से ब्यूटी पेजेंट्स में हिस्सा ले रही थी। 2017 में नेशनल पेजेंट की विजेताओं में शामिल हुई। इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया और डेवलपमेंट सेक्टर में भी काम किया। मिस इंडिया के बाद मुंबई आकर एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। एक साल ट्रेनिंग ली, वर्कशॉप्स कीं और थिएटर किया। इसके बाद लगा कि जिंदगीभर एक्टिंग ही करनी है। सवाल: एक्टिंग की ट्रेनिंग कहां से ली? जवाब: नीरज काबी और अतुल मोंगिया की वर्कशॉप की। इसके बाद जेफ गोल्डबर्ग के साथ मेथड एक्टिंग का नौ महीने का डिप्लोमा कोर्स किया। उनकी वर्कशॉप ने मेरी जिंदगी बदल दी। मेरा पहला शो ‘अनदेखी’ था। मिस इंडिया के बाद ग्लैमरस रोल मिल रहे थे, लेकिन मैं अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। इसलिए ऐसा किरदार चुना, जिसमें मेरा लुक साधारण था और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। सवाल: करियर में कभी निराशा हुई कि गलत रास्ता चुन लिया? जवाब: ऐसा कभी नहीं लगा। मुश्किल समय जरूर आया। आउटसाइडर होने के नाते मुझे ऑडिशन के जरिए काम मिलता है। कभी-कभी चिंता होती है कि अगला प्रोजेक्ट कब मिलेगा। लेकिन मैं रिजेक्शन को दिल पर नहीं लेती और सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देती। मेरा मानना है कि खुद पर काम करते रहना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए और बाकी चीजें समय पर छोड़ देनी चाहिए। सवाल: ‘जेलर 2’ के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रही? जवाब: इस फिल्म से मुझे दर्शकों का बहुत प्यार मिला। पहली बार किसी फिल्म के लिए इतना बड़ा मास रिएक्शन करीब से देखा। मुंबई में दो बार थिएटर में फिल्म देखने गई। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं और सोशल मीडिया संदेशों ने मेरा दिल छू लिया। साउथ से लोगों ने लंबे मैसेज और ईमेल भेजकर प्यार जताया।
नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए केसी बोकाडिया:बोले- पहली बार किसी के जाने पर झटका लगा; उनके जैसा कोई दूसरा एक्टर नहीं

बॉलीवुड डायरेक्टर केसी बोकाडिया अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए भावुक हो गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में केसी बोकाडिया ने कहा कि नाना पाटेकर के जाने का झटका उन्हें गहराई से लगा था और वे उन्हें अपने बेहद करीब मानते थे। बोकाडिया के अनुसार, नाना पाटेकर का अभिनय किसी आम आदमी के व्यवहार जैसा स्वाभाविक था, जिसे दर्शकों ने हमेशा बहुत पसंद किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज भी नाना पाटेकर को याद करता है और उनके जाने से हुई कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। इसके अलावा उन्होंने अपने टीवी शो ‘संस्कार’ की सफलता, फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों पर भी बात की। आम आदमी के अभिनय के प्रतीक थे नाना पाटेकर केसी बोकाडिया ने बातचीत में बताया कि फिल्म उद्योग में कई बड़े और चर्चित सितारे रहे हैं, लेकिन नाना पाटेकर की शैली सबसे अलग थी। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर पर्दे पर आम इंसान के हाव-भाव और बोलचाल को जिस सादगी से पेश करते थे, वह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्हें पटकथा और संवादों की गहरी समझ थी। बोकाडिया के मुताबिक, नाना पाटेकर के अभिनय में कोई बनावट या दिखावा नहीं था, बल्कि उसमें असल जिंदगी की वास्तविकता और ईमानदारी झलकती थी। निधन पर लगा था गहरा झटका नाना पाटेकर के साथ अपने निजी और भावनात्मक जुड़ाव पर बात करते हुए केसी बोकाडिया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में पहली बार किसी के जाने से उन्हें इतना बड़ा मानसिक झटका लगा था। बोकाडिया ने बताया कि वे जल्द ही उनके घर जाकर उनकी पत्नी से मुलाकात करेंगे और अपना दुख व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने एक महान कलाकार को बहुत जल्दी बुला लिया, लेकिन उनका काम और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। सिनेमाघरों से दूर हुआ पारिवारिक दर्शक वर्ग थिएटर्स से टीवी का रुख करने के सवाल पर केसी बोकाडिया ने कहा कि अब सिनेमाघरों का माहौल बदल गया है। अच्छी पारिवारिक फिल्मों के अभाव में परिवार अब थिएटर्स में फिल्में देखने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अपने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब लोग टिकट खिड़की पर लाइन लगाकर फिल्में देखते थे। ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘आज का अर्जुन’, ‘फूल बने अंगारे’ और ‘लाल बादशाह’ जैसी उनकी फिल्मों को देखने के लिए थिएटर्स में भारी भीड़ उमड़ती थी। जीवन में गलतियों को रोकने का काम करते हैं संस्कार इंटरव्यू के दौरान केसी बोकाडिया ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में संस्कार नहीं हैं, तो उसकी जिंदगी में गलतियां होना तय है। संस्कार इंसान को गलत कदम उठाने और गलत फैसले लेने से रोकते हैं। उन्होंने बताया कि दूरदर्शन पर चल रहे उनके शो ‘संस्कार’ को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस शो में दर्शन जरीवाला, महेश ठाकुर, अमन वर्मा, राकेश बेदी, सुप्रिया कारनिक, मुग्धा गोडसे और जरीना वहाब जैसे कई वरिष्ठ और मंजे हुए कलाकार काम कर रहे हैं। संदेश और मकसद के बिना नहीं बनाता कोई भी फिल्म केसी बोकाडिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने करियर में 70 फिल्में बनाई हैं और वे बिना किसी सामाजिक संदेश के काम नहीं करते। उन्होंने अपनी फिल्म ‘तीसरी बेगम’ का उदाहरण दिया, जिसे सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट से राहत मिली और बाद में यूए (UA) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया। इसके अलावा उन्होंने अनुपम खेर, अन्नू कपूर और महिमा चौधरी स्टारर अपनी फिल्म ‘सिग्नेचर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे हर सीन को क्लाइमेक्स की तरह ट्रीट करते हैं और अपनी सोच से समझौता नहीं करते।
नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए केसी बोकाडिया:बोले- पहली बार किसी के जाने पर झटका लगा; उनके जैसा कोई दूसरा एक्टर नहीं

बॉलीवुड डायरेक्टर केसी बोकाडिया अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए भावुक हो गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में केसी बोकाडिया ने कहा कि नाना पाटेकर के जाने का झटका उन्हें गहराई से लगा था और वे उन्हें अपने बेहद करीब मानते थे। बोकाडिया के अनुसार, नाना पाटेकर का अभिनय किसी आम आदमी के व्यवहार जैसा स्वाभाविक था, जिसे दर्शकों ने हमेशा बहुत पसंद किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज भी नाना पाटेकर को याद करता है और उनके जाने से हुई कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। इसके अलावा उन्होंने अपने टीवी शो ‘संस्कार’ की सफलता, फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलावों पर भी बात की। आम आदमी के अभिनय के प्रतीक थे नाना पाटेकर केसी बोकाडिया ने बातचीत में बताया कि फिल्म उद्योग में कई बड़े और चर्चित सितारे रहे हैं, लेकिन नाना पाटेकर की शैली सबसे अलग थी। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर पर्दे पर आम इंसान के हाव-भाव और बोलचाल को जिस सादगी से पेश करते थे, वह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्हें पटकथा और संवादों की गहरी समझ थी। बोकाडिया के मुताबिक, नाना पाटेकर के अभिनय में कोई बनावट या दिखावा नहीं था, बल्कि उसमें असल जिंदगी की वास्तविकता और ईमानदारी झलकती थी। निधन पर लगा था गहरा झटका नाना पाटेकर के साथ अपने निजी और भावनात्मक जुड़ाव पर बात करते हुए केसी बोकाडिया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में पहली बार किसी के जाने से उन्हें इतना बड़ा मानसिक झटका लगा था। बोकाडिया ने बताया कि वे जल्द ही उनके घर जाकर उनकी पत्नी से मुलाकात करेंगे और अपना दुख व्यक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने एक महान कलाकार को बहुत जल्दी बुला लिया, लेकिन उनका काम और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। सिनेमाघरों से दूर हुआ पारिवारिक दर्शक वर्ग थिएटर्स से टीवी का रुख करने के सवाल पर केसी बोकाडिया ने कहा कि अब सिनेमाघरों का माहौल बदल गया है। अच्छी पारिवारिक फिल्मों के अभाव में परिवार अब थिएटर्स में फिल्में देखने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अपने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब लोग टिकट खिड़की पर लाइन लगाकर फिल्में देखते थे। ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘आज का अर्जुन’, ‘फूल बने अंगारे’ और ‘लाल बादशाह’ जैसी उनकी फिल्मों को देखने के लिए थिएटर्स में भारी भीड़ उमड़ती थी। जीवन में गलतियों को रोकने का काम करते हैं संस्कार इंटरव्यू के दौरान केसी बोकाडिया ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में संस्कार नहीं हैं, तो उसकी जिंदगी में गलतियां होना तय है। संस्कार इंसान को गलत कदम उठाने और गलत फैसले लेने से रोकते हैं। उन्होंने बताया कि दूरदर्शन पर चल रहे उनके शो ‘संस्कार’ को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस शो में दर्शन जरीवाला, महेश ठाकुर, अमन वर्मा, राकेश बेदी, सुप्रिया कारनिक, मुग्धा गोडसे और जरीना वहाब जैसे कई वरिष्ठ और मंजे हुए कलाकार काम कर रहे हैं। संदेश और मकसद के बिना नहीं बनाता कोई भी फिल्म केसी बोकाडिया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने करियर में 70 फिल्में बनाई हैं और वे बिना किसी सामाजिक संदेश के काम नहीं करते। उन्होंने अपनी फिल्म ‘तीसरी बेगम’ का उदाहरण दिया, जिसे सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट से राहत मिली और बाद में यूए (UA) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया। इसके अलावा उन्होंने अनुपम खेर, अन्नू कपूर और महिमा चौधरी स्टारर अपनी फिल्म ‘सिग्नेचर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे हर सीन को क्लाइमेक्स की तरह ट्रीट करते हैं और अपनी सोच से समझौता नहीं करते।
नेपोटिज्म पर बोलीं सारा अली खान:बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था, करियर में पिता ने कभी सिफारिश नहीं की

एक्ट्रेस सारा अली खान ने बॉलीवुड में अपने सफर, नेपोटिज्म और स्टार किड होने पर खुलकर बात की है। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में सारा ने कहा कि उनका बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था। हालांकि उन्होंने माना कि पटौदी परिवार से होने के कारण उन्हें आसानी से पहचान और मौके मिले, लेकिन काम पाने के लिए उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी से सिफारिश नहीं की। सारा ने बताया कि वे अपनी सिंगल मदर अमृता सिंह के साथ रहती हैं और पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ के दौरान आई दिक्कतों को उन्होंने खुद ही सुलझाया था। नेपोटिज्म शब्द से मेहनत पर पड़ता है असर सारा ने कहा कि वे इस बात से इनकार नहीं कर सकतीं कि उनके सरनेम ने उनके लिए दरवाजे खोले और एक्टर बनने से पहले ही पहचान दिलाई। हालांकि, वे इस बात से असहज महसूस करती हैं कि ‘नेपोटिज्म’ को एक बुरा शब्द बना दिया गया है। सारा के मुताबिक, इस शब्द की वजह से कलाकारों की अपनी मेहनत और कोशिशों को नकार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि चाहे वे खुद हों, जान्हवी कपूर हों या अनन्या पांडे, किसी ने यह नहीं चुना कि वे किसके घर पैदा होंगी। पिता ने नहीं की फिल्मों के लिए सिफारिश अपने पारिवारिक बैकग्राउंड पर बात करते हुए सारा ने कहा कि फिल्मी परिवार से होने का मतलब यह नहीं है कि करियर का हर रास्ता आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी डायरेक्टर के दफ्तर जाकर उनके लिए रोल नहीं मांगे और न ही उनके कॉन्ट्रैक्ट्स पर बातचीत की। 2004 में माता-पिता के अलग होने के बाद से वे अपनी मां अमृता सिंह के साथ रह रही हैं और इंडस्ट्री में उन्होंने अपने फैसले खुद लिए हैं। ‘केदारनाथ’ विवाद का खुद किया सामना सारा ने 2018 में रिलीज हुई अपनी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ का जिक्र करते हुए बताया कि जब शूटिंग के दौरान दिक्कतें आई थीं, तो उन्होंने खुद ही मामला सुलझाया था। उस वक्त उनके साथ कोई नहीं खड़ा था। उन्होंने कहा कि 8 साल के करियर के बाद भी लोगों को यह बातें समझानी पड़ती हैं, जो सही नहीं है। डेब्यू का मौका मिलना एक अलग बात है, लेकिन आगे का सफर अपनी काबिलियत पर ही तय होता है। 1991 में हुई थी सैफ और अमृता की शादी सारा अली खान के पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो उनकी मां अमृता सिंह 80 और 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस रही हैं। अमृता सिंह ने 1991 में सैफ अली खान से शादी की थी। शादी के 13 साल बाद 2004 में दोनों का तलाक हो गया था। सारा का जन्म 1995 में और उनके भाई इब्राहिम का जन्म 2001 में हुआ था। बाद में सैफ अली खान ने 2012 में करीना कपूर से शादी कर ली थी। हालिया रिलीज फिल्म ‘उड़ता तीर’ में आईं नजर करियर पर बात करें तो सारा अली खान की हालिया फिल्म ‘उड़ता तीर’ सिनेमाघरों में चल रही है। आकाश कौशिक के निर्देशन में बनी इस स्पाई-कॉमेडी फिल्म में आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में हैं। ‘केदारनाथ’ से डेब्यू करने के बाद सारा ने ‘सिम्बा’, ‘अतरंगी रे’, ‘जरा हटके जरा बचके’ और ‘ऐ वतन मेरे वतन’ जैसी फिल्मों में काम किया है। ये खबर भी पढ़ें सारा अली खान-3 दिन से केदारनाथ में कर रहीं आरती:दोस्तों के साथ बनाई रील; लोगों के साथ पी चाय, बोलीं- बाबा का धाम मेरा घर बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान 3 दिन के बाद उत्तराखंड से मुंबई लौट गई हैं। मंगलवार को तीसरे दिन भी केदारनाथ धाम में दिखाई दीं। वह रविवार को हेलिकॉप्टर से धाम पहुंची थीं। यहां वह सादे कपड़ों और टोपी में नजर आईं। जिससे कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। पूरी खबर पढ़ें
नेपोटिज्म पर बोलीं सारा अली खान:बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था, करियर में पिता ने कभी सिफारिश नहीं की

एक्ट्रेस सारा अली खान ने बॉलीवुड में अपने सफर, नेपोटिज्म और स्टार किड होने पर खुलकर बात की है। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में सारा ने कहा कि उनका बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था। हालांकि उन्होंने माना कि पटौदी परिवार से होने के कारण उन्हें आसानी से पहचान और मौके मिले, लेकिन काम पाने के लिए उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी से सिफारिश नहीं की। सारा ने बताया कि वे अपनी सिंगल मदर अमृता सिंह के साथ रहती हैं और पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ के दौरान आई दिक्कतों को उन्होंने खुद ही सुलझाया था। नेपोटिज्म शब्द से मेहनत पर पड़ता है असर सारा ने कहा कि वे इस बात से इनकार नहीं कर सकतीं कि उनके सरनेम ने उनके लिए दरवाजे खोले और एक्टर बनने से पहले ही पहचान दिलाई। हालांकि, वे इस बात से असहज महसूस करती हैं कि ‘नेपोटिज्म’ को एक बुरा शब्द बना दिया गया है। सारा के मुताबिक, इस शब्द की वजह से कलाकारों की अपनी मेहनत और कोशिशों को नकार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि चाहे वे खुद हों, जान्हवी कपूर हों या अनन्या पांडे, किसी ने यह नहीं चुना कि वे किसके घर पैदा होंगी। पिता ने नहीं की फिल्मों के लिए सिफारिश अपने पारिवारिक बैकग्राउंड पर बात करते हुए सारा ने कहा कि फिल्मी परिवार से होने का मतलब यह नहीं है कि करियर का हर रास्ता आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी डायरेक्टर के दफ्तर जाकर उनके लिए रोल नहीं मांगे और न ही उनके कॉन्ट्रैक्ट्स पर बातचीत की। 2004 में माता-पिता के अलग होने के बाद से वे अपनी मां अमृता सिंह के साथ रह रही हैं और इंडस्ट्री में उन्होंने अपने फैसले खुद लिए हैं। ‘केदारनाथ’ विवाद का खुद किया सामना सारा ने 2018 में रिलीज हुई अपनी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ का जिक्र करते हुए बताया कि जब शूटिंग के दौरान दिक्कतें आई थीं, तो उन्होंने खुद ही मामला सुलझाया था। उस वक्त उनके साथ कोई नहीं खड़ा था। उन्होंने कहा कि 8 साल के करियर के बाद भी लोगों को यह बातें समझानी पड़ती हैं, जो सही नहीं है। डेब्यू का मौका मिलना एक अलग बात है, लेकिन आगे का सफर अपनी काबिलियत पर ही तय होता है। 1991 में हुई थी सैफ और अमृता की शादी सारा अली खान के पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो उनकी मां अमृता सिंह 80 और 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस रही हैं। अमृता सिंह ने 1991 में सैफ अली खान से शादी की थी। शादी के 13 साल बाद 2004 में दोनों का तलाक हो गया था। सारा का जन्म 1995 में और उनके भाई इब्राहिम का जन्म 2001 में हुआ था। बाद में सैफ अली खान ने 2012 में करीना कपूर से शादी कर ली थी। हालिया रिलीज फिल्म ‘उड़ता तीर’ में आईं नजर करियर पर बात करें तो सारा अली खान की हालिया फिल्म ‘उड़ता तीर’ सिनेमाघरों में चल रही है। आकाश कौशिक के निर्देशन में बनी इस स्पाई-कॉमेडी फिल्म में आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में हैं। ‘केदारनाथ’ से डेब्यू करने के बाद सारा ने ‘सिम्बा’, ‘अतरंगी रे’, ‘जरा हटके जरा बचके’ और ‘ऐ वतन मेरे वतन’ जैसी फिल्मों में काम किया है। सारा के बारे में जानने के लिए गूगल पर सर्च किया, जिसके बाद वह ट्रेंड करने लगीं ये खबर भी पढ़ें सारा अली खान-3 दिन से केदारनाथ में कर रहीं आरती:दोस्तों के साथ बनाई रील; लोगों के साथ पी चाय, बोलीं- बाबा का धाम मेरा घर बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान 3 दिन के बाद उत्तराखंड से मुंबई लौट गई हैं। मंगलवार को तीसरे दिन भी केदारनाथ धाम में दिखाई दीं। वह रविवार को हेलिकॉप्टर से धाम पहुंची थीं। यहां वह सादे कपड़ों और टोपी में नजर आईं। जिससे कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। पूरी खबर पढ़ें
प्रभास की फिल्म फौजी का टीजर हटाने की मांग:सुभाष चंद्र बोस के पोते बोले- नेताजी के इतिहास से छेड़छाड़ हुई; पीएम मोदी से की शिकायत

एक्टर प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फौजी’ के टीजर को लेकर विवाद बढ़ गया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। चंद्र कुमार बोस ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म के टीजर को हटाने और इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग करते हुए टीजर में सुधार करने की अपील की है। सूचना-प्रसारण मंत्री को खत लिखकर जताई आपत्ति मंगलवार को चंद्र कुमार बोस ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे गए पत्र की कॉपी साझा की। पत्र में उन्होंने टीजर के उस सीन पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एडॉल्फ हिटलर से बातचीत करते हुए और प्रभास के काल्पनिक किरदार ‘फौजी’ का परिचय कराते दिखाया गया है। टीजर की आलोचना इसलिए हो रही है क्योंकि इसमें नेताजी और हिटलर को एक काल्पनिक किरदार की तारीफ करते हुए दिखाया गया है। आलोचकों और बोस का आरोप है कि इस दृश्य में एक काल्पनिक पात्र को ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि नेताजी जैसी शख्सियत की भूमिका को छोटा दिखाया गया है। सेंसर बोर्ड पर उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग चंद्र कुमार बोस ने राष्ट्रीय प्रतीक और स्वतंत्रता सेनानियों के मामूली चित्रण पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सेंसर बोर्ड (CBFC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतने संवेदनशील और आपत्तिजनक कंटेंट को पास कैसे कर दिया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस मामले की जांच कराने, टीजर को तुरंत हटवाने और सेंसर बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पीएम मोदी से हस्तक्षेप की अपील, मेकर्स को दी सलाह चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि फिल्म के टीजर को वापस लेकर, उसमें जरूरी सुधार के बाद ही दोबारा जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नेताजी के सम्मान से जुड़ी चिंताओं का समाधान कर दिया जाता है, तो उनकी ओर से अभिनेता प्रभास और ‘फौजी’ की पूरी टीम को शुभकामनाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म के निर्देशक हनु राघवपुडी मामले की गंभीरता को समझेंगे। प्रभास के जन्मदिन पर जारी हुआ था ‘फाइल नंबर 25’ टीजर 23 अक्टूबर को अभिनेता प्रभास के 47वें जन्मदिन पर फिल्म ‘फौजी’ के मेकर्स ने ‘फाइल नंबर 25’ नाम से एक वीडियो टीजर जारी किया था। 1942 के बर्लिन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस क्लिप में दिखाया गया है कि नेताजी भारत की आजादी के लिए समर्थन मांगने हिटलर से मिलते हैं। वॉर-ड्रामा फिल्म है ‘फौजी’ ‘फौजी’ एक बड़े बजट की पीरियड वॉर-एक्शन फिल्म है, जिसका लेखन और निर्देशन हनु राघवपुड़ी ने किया है। फिल्म में दक्षिण भारतीय सिनेमा के स्टार प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता संग्राम और उस दौर के सैन्य संघर्षों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। हालांकि, विवाद गहराने के बावजूद फिल्म के मेकर्स और निर्देशक हनु राघवपुडी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ये खबर भी पढ़ें दावा-टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटरों का असली निशाना:मुंबई में 3 बार की थी बंगले की रेकी; आमिर बाहर नहीं निकले तो टारगेट बदला मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि 20 सितंबर को हरियाणा से मुंबई आए शूटरों का असली निशाना आमिर खान थे। पूरी खबर पढ़ें
प्रभास की फिल्म फौजी का टीजर हटाने की मांग:सुभाष चंद्र बोस के पोते बोले- नेताजी के इतिहास से छेड़छाड़ हुई; पीएम मोदी से की शिकायत

एक्टर प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फौजी’ के टीजर को लेकर विवाद बढ़ गया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। चंद्र कुमार बोस ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म के टीजर को हटाने और इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग करते हुए टीजर में सुधार करने की अपील की है। सूचना-प्रसारण मंत्री को खत लिखकर जताई आपत्ति मंगलवार को चंद्र कुमार बोस ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे गए पत्र की कॉपी साझा की। पत्र में उन्होंने टीजर के उस सीन पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एडॉल्फ हिटलर से बातचीत करते हुए और प्रभास के काल्पनिक किरदार ‘फौजी’ का परिचय कराते दिखाया गया है। टीजर की आलोचना इसलिए हो रही है क्योंकि इसमें नेताजी और हिटलर को एक काल्पनिक किरदार की तारीफ करते हुए दिखाया गया है। आलोचकों और बोस का आरोप है कि इस दृश्य में एक काल्पनिक पात्र को ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि नेताजी जैसी शख्सियत की भूमिका को छोटा दिखाया गया है। सेंसर बोर्ड पर उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग चंद्र कुमार बोस ने राष्ट्रीय प्रतीक और स्वतंत्रता सेनानियों के मामूली चित्रण पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सेंसर बोर्ड (CBFC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतने संवेदनशील और आपत्तिजनक कंटेंट को पास कैसे कर दिया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस मामले की जांच कराने, टीजर को तुरंत हटवाने और सेंसर बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पीएम मोदी से हस्तक्षेप की अपील, मेकर्स को दी सलाह चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि फिल्म के टीजर को वापस लेकर, उसमें जरूरी सुधार के बाद ही दोबारा जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नेताजी के सम्मान से जुड़ी चिंताओं का समाधान कर दिया जाता है, तो उनकी ओर से अभिनेता प्रभास और ‘फौजी’ की पूरी टीम को शुभकामनाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म के निर्देशक हनु राघवपुडी मामले की गंभीरता को समझेंगे। प्रभास के जन्मदिन पर जारी हुआ था ‘फाइल नंबर 25’ टीजर 23 अक्टूबर को अभिनेता प्रभास के 47वें जन्मदिन पर फिल्म ‘फौजी’ के मेकर्स ने ‘फाइल नंबर 25’ नाम से एक वीडियो टीजर जारी किया था। 1942 के बर्लिन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस क्लिप में दिखाया गया है कि नेताजी भारत की आजादी के लिए समर्थन मांगने हिटलर से मिलते हैं। वॉर-ड्रामा फिल्म है ‘फौजी’ ‘फौजी’ एक बड़े बजट की पीरियड वॉर-एक्शन फिल्म है, जिसका लेखन और निर्देशन हनु राघवपुड़ी ने किया है। फिल्म में दक्षिण भारतीय सिनेमा के स्टार प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता संग्राम और उस दौर के सैन्य संघर्षों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। हालांकि, विवाद गहराने के बावजूद फिल्म के मेकर्स और निर्देशक हनु राघवपुडी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ये खबर भी पढ़ें दावा-टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटरों का असली निशाना:मुंबई में 3 बार की थी बंगले की रेकी; आमिर बाहर नहीं निकले तो टारगेट बदला मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि 20 सितंबर को हरियाणा से मुंबई आए शूटरों का असली निशाना आमिर खान थे। पूरी खबर पढ़ें
फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कार्तिक आर्यन निभाएंगे लीड रोल:विवेक अग्निहोत्री करेंगे डायरेक्ट; पहलगाम आतंकी हमले के बाद की घटनाओं पर आधारित होगी कहानी

एक्टर कार्तिक आर्यन डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री की अपकमिंग फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में लीड रोल निभाएंगे। वैरायटी इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ‘टाइनी’ ढिल्लों की किताब ‘ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान’ पर आधारित होगी। विवेक अग्निहोत्री ने मार्च में सोशल मीडिया पर इस फिल्म का ऐलान किया था। उन्होंने बताया था कि फिल्म की कहानी पहलगाम आतंकी हमले के बाद की घटनाओं पर आधारित होगी। इसके लिए भारतीय सेना की अलग-अलग टीमों के साथ मिलकर रिसर्च की गई है। विवेक के मुताबिक, फिल्म में उस सैन्य अभियान की कहानी दिखाई जाएगी, जिसका असर पूरे इलाके की सुरक्षा पर पड़ा। फिल्म में असली घटनाओं को तथ्यों के साथ दिखाने की कोशिश की जाएगी। फिल्म को लेकर भूषण कुमार ने कहा था कि यह कहानी खुद सामने आई है और इसे जिम्मेदारी के साथ दिखाना जरूरी है। उन्होंने इसे देश की एक अहम घटना को दर्ज करने की कोशिश बताया। टी-सीरीज और आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस करेंगे निर्माण फिल्म का निर्माण भूषण कुमार की टी-सीरीज और विवेक अग्निहोत्री के बैनर आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस मिलकर करेंगे। यह पहली बार है, जब विवेक अग्निहोत्री और कार्तिक आर्यन किसी फिल्म में साथ काम करेंगे। विवेक इससे पहले ‘द ताशकंद फाइल्स’, ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘द वैक्सीन वॉर’ और ‘द बंगाल फाइल्स’ जैसी फिल्में निर्देशित कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में हुआ था ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। ऑपरेशन सिंदूर का मकसद हमले के जिम्मेदार आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। इन फिल्मों में भी नजर आएंगे कार्तिक कार्तिक इन दिनों शिमित अमीन की फिल्म ‘कैप्टन इंडिया’ की शूटिंग कर रहे हैं। यमन में हूती संघर्ष की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर काम शुरू करेंगे। कार्तिक की अगली फिल्म ‘नागजिला’ 12 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। करण जौहर और महावीर जैन के निर्माण में बन रही इस फिल्म का निर्देशन मृगदीप सिंह लांबा कर रहे हैं। इससे प्रीति मुखुंदन हिंदी फिल्मों में डेब्यू करेंगी। इसके अलावा, अनुराग बसु के निर्देशन में बन रही कार्तिक और श्रीलीला की अनटाइटल्ड म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा फिल्म 30 अप्रैल 2027 को रिलीज होगी। इस फिल्म के निर्माता भूषण कुमार हैं। कार्तिक, कबीर खान के साथ एक अनटाइटल्ड बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा में भी काम कर रहे हैं। यह फिल्म कश्मीर की युवा खिलाड़ी तजामुल इस्लाम की जिंदगी से प्रेरित है, जो दो बार किकबॉक्सिंग में विश्व चैंपियन बन चुकी हैं। फिल्म का सह-निर्माण अप्लॉज एंटरटेनमेंट और कार्तिक आर्यन करेंगे। इसके अलावा, कार्तिक के पास अनीस बज्मी की ‘भूल भुलैया 4’ और करण जौहर की ‘कालिया’ भी हैं।









