Saturday, 07 Nov 2026 | 09:29 PM

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हनुमान अंश फिल्म की टीम कैंची धाम पहुंची:भिनेता शोभिनव सत्या ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए, सीएम ने फिल्म टैक्स फ्री की

हनुमान अंश फिल्म की टीम कैंची धाम पहुंची:भिनेता शोभिनव सत्या ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए, सीएम ने फिल्म टैक्स फ्री की

बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की टीम सोमवार सुबह कैंची धाम पहुंची। फिल्म की सफलता से उत्साहित टीम ने बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्या अपनी टीम के साथ सुबह सात बजे मंदिर में आयोजित आरती में शामिल हुए। आदि रंगोत्सव में दिखे उत्तराखंड के संस्कृति के रंग अभिनेता शोभिनव सत्या ने बताया कि उत्तराखंड के खटीमा में आयोजित आदि रंगोत्सव में उन्हें राज्य की संस्कृति के अलग-अलग रंग देखने को मिले। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं ने उन्हें प्रभावित किया है। सीएम धामी का जताया आभार शोभिनव सत्या ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाकर सम्मानित किया और फिल्म को टैक्स फ्री भी किया। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री के संस्कृति के प्रति प्रेम और सम्मान से जोड़कर बताया। उत्तराखंड आने का किया आह्वान अभिनेता ने उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए लोगों से यहां आने का आह्वान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकास कार्यों और राज्य में बेहतर व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

सलमान के बाद नीतू कपूर ने पैपराजी पर कसा तंज:‘बैक पोज’ कहने पर पलटकर पूछा- आपको ये बहुत अच्छा लगता है ना

सलमान के बाद नीतू कपूर ने पैपराजी पर कसा तंज:‘बैक पोज’ कहने पर पलटकर पूछा- आपको ये बहुत अच्छा लगता है ना

बॉलीवुड में इन दिनों पैपराजी के बैक शॉट्स को लेकर बहस छिड़ी हुई है। सलमान खान और नेहा धूपिया के बाद अब नीतू कपूर ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की है। दरअसल, पैपराजी ने नीतू से कैमरे की तरफ पीठ करके पोज देने को कहा, तो उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में पलटकर पूछा- ‘आपको ये बड़ा अच्छा लगता है ना, बैक?’ नीतू का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इस अंदाज की चर्चा हो रही है। पैपराजी ने नीतू से मांगा बैक पोज नीतू कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में नीतू एक जगह से निकलकर अपनी कार की ओर जाती नजर आ रही हैं। वहां मौजूद पैपराजी उनसे तस्वीरें लेने के लिए पोज देने को कहते हैं। पैपराजी की बात सुनने के बाद नीतू कैमरे की तरफ पीठ करके खड़े होने के बजाय उनकी तरफ देखती हैं। इसके बाद वह तंज भरे अंदाज में कहती हैं- ‘आपको ये बड़ा अच्छा लगता है ना, बैक?’ नीतू के इस सवाल पर पैपराजी तुरंत कहते हैं कि ऐसा नहीं है। इसके बाद नीतू बहस नहीं करतीं। वह मुस्कुराते हुए उन्हें बाय कहती हैं और अपनी कार में बैठकर वहां से चली जाती हैं। नीतू ने गुस्से के बजाय व्यंग्य से दिया जवाब नीतू कपूर के इस वीडियो की खास बात उनका अंदाज है। उन्होंने पैपराजी को डांटने या बहस करने के बजाय एक सवाल के जरिए अपनी बात रखी। उनके सवाल में बैक शॉट्स को लेकर नाराजगी साफ नजर आई। नीतू के इस कमेंट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि सेलिब्रिटीज की तस्वीरें लेते समय पैपराजी को उनकी सहजता और पसंद का ध्यान रखना चाहिए। सलमान खान ने भी बैक शॉट्स पर जताई थी नाराजगी नीतू कपूर की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय सामने आई है, जब सलमान खान ने भी पैपराजी के बैक शॉट्स को लेकर सवाल उठाया था। ‘बिग बॉस 20’ के एक एपिसोड में सलमान ने महिलाओं की पीछे से तस्वीरें लेने के चलन पर नाराजगी जाहिर की थी। सलमान ने कहा था कि अगर कोई महिला इस तरह की तस्वीरें लेने से असहज है और फोटोग्राफर्स से ऐसा न करने के लिए कहती है, तो उनकी बात का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने इस तरह की फोटोग्राफी पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि महिलाओं को अपनी पसंद के खिलाफ ऐसी तस्वीरें खिंचवाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। सलमान की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर पैपराजी के फोटो लेने के तरीके को लेकर बहस शुरू हुई थी। नेहा धूपिया भी पैपराजी से भिड़ चुकी हैं सलमान खान से पहले नेहा धूपिया भी इसी मुद्दे पर पैपराजी को फटकार लगा चुकी हैं। एक इवेंट के दौरान नेहा ने फोटोग्राफर्स से सवाल किया था कि महिलाओं की पीछे से तस्वीरें लेने की जरूरत क्यों पड़ती है। नेहा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन दूसरी महिलाओं के लिए भी बात कर रही हैं, जिन्हें इस तरह की तस्वीरों से परेशानी होती है। उनका कहना था कि कई महिलाएं पैपराजी से ऐसी तस्वीरें न लेने के लिए कह चुकी हैं। फराह खान ने भी पैपराजी को दिलाई थी सलमान की बात याद सलमान खान के बयान के बाद फराह खान भी पैपराजी को इस मुद्दे पर समझाती नजर आई थीं। एक वीडियो में फराह ने फोटोग्राफर्स को सलमान की बात याद दिलाते हुए पीछे से तस्वीरें न लेने की बात कही थी। फराह का कहना था कि अगर कोई सेलिब्रिटी इस तरह की तस्वीर नहीं चाहता, तो उसकी बात माननी चाहिए। पिछले कुछ समय में कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज पैपराजी फोटोग्राफी के तरीके पर सवाल उठा चुके हैं।

गोविंदा की बेटी टीना ने कोमल रानी पर सवाल टाला:कहा- सिर्फ इवेंट पर बात करें; कोमल का आरोप- सुनीता ने गोविंदा को बर्बाद किया

गोविंदा की बेटी टीना ने कोमल रानी पर सवाल टाला:कहा- सिर्फ इवेंट पर बात करें; कोमल का आरोप- सुनीता ने गोविंदा को बर्बाद किया

सुनीता आहूजा और कोमल रानी के बीच चल रहे विवाद पर गोविंदा की बेटी टीना आहूजा ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। कोमल रानी के मां सुनीता आहूजा पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच, जब एक इवेंट में मीडिया ने टीना से इस बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने मामले से दूरी बना ली और बिना जवाब दिए वहां से चली गईं। इवेंट के दौरान टीना से मीडिया ने पूछा, “कोमल रानी इंस्टाग्राम पर आपकी मम्मी सुनीता आहूजा पर कई आरोप लगा रही हैं”। इस सवाल को सुनते ही टीना ने तुरंत इसे टाल दिया और कहा, “प्लीज हम यहां सिर्फ इवेंट के बारे में बात करते हैं… धन्यवाद”। इतना कहने के बाद वे पैपराजी के बीच से आगे बढ़ गईं और बात आगे नहीं बढ़ाई। कोमल रानी का सुनीता आहूजा पर आरोप यह पूरा मामला तब गरमाया जब कोमल रानी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर कर सुनीता आहूजा पर तीखे आरोप लगाए। कोमल ने लिखा, “जो औरत सालों से अपने ही पति की जान लेने की कोशिश कर रही हो, ऐसी औरतों की बद्दुआएं किसी को नहीं लगतीं”। उन्होंने आगे कहा कि जो घर पहले से टूटा हुआ हो, उसे कोई और नहीं तोड़ सकता। कोमल ने सवाल उठाया कि क्या यह सच में दर्द है या फिर लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए रची गई कोई सोची-समझी साजिश है। ‘पति को परेशान कर बर्बाद किया’ कोमल ने अपने पोस्ट में सुनीता पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि किसी इंसान को लगातार मानसिक रूप से परेशान करना, काम करने से रोकना, घर पर बैठने और बर्बाद होने के लिए मजबूर करना तथा पूरी तरह अलग-थलग कर देना किसी अच्छी पत्नी का बर्ताव नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनीता बंद कमरों के पीछे का काम सार्वजनिक रूप से कर रही हैं और अपील की कि वे अपने एजेंडे के लिए उनके नाम का इस्तेमाल बंद करें। सुनीता ने कहा था- मेरा घर बर्बाद कर रही है दरअसल, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सुनीता आहूजा ने कहा कि मैं आज दक्षिणेश्वर काली माता रानी का दर्शन करने आई हूं। आप सब जानते हैं कि महाकाली राक्षसों का नाश करती हैं। मेरे भी जीवन में कुछ राक्षस हैं, माता द्वारा बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें। उन्होंने आगे कहा, जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है, ये घर मेरा टूट रहा है बिना किसी मतलब और मैं चाहती हूं आप सब औरतें मेरे लिए स्टैंड लें, सारे जेन-जी बच्चे मेरे लिए स्टैंड लें और मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि प्लीज ये चीज को आप आगे न बढ़ाएं। आप लोग को भी कायदे से मुझे सपोर्ट करना चाहिए। मैं माता से यही मांगने आई हूं कि जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें। वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं, और मैं चाहती हूं मेरे जीवन से ये संकट हट जाए। जय मां काली, जय मां काली।” गोविंदा ने भी दिया अफेयर रूमर्स पर रिएक्शन हाल ही में ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा है कि लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए। गोविंदा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग किए थे लालबागचा राजा के दर्शन गोविंदा हाल ही में कमबैक फिल्म रूपा की को-स्टार और रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे थे। जबकि उनसे कुछ घंटों पहले ही सुनीता आहूजा अकेले दर्शन करने पहुंची थीं। साथ दर्शन करने पर गोविंदा ने दी थी सफाई कोमल रानी स्वर्णकार के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था।” परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, “यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है।” सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया था।

गोविंदा की बेटी टीना ने कोमल रानी पर सवाल टाला:कहा- सिर्फ इवेंट पर बात करें; कोमल का आरोप- सुनीता ने गोविंदा को बर्बाद किया

गोविंदा की बेटी टीना ने कोमल रानी पर सवाल टाला:कहा- सिर्फ इवेंट पर बात करें; कोमल का आरोप- सुनीता ने गोविंदा को बर्बाद किया

सुनीता आहूजा और कोमल रानी के बीच चल रहे विवाद पर गोविंदा की बेटी टीना आहूजा ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। कोमल रानी के मां सुनीता आहूजा पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच, जब एक इवेंट में मीडिया ने टीना से इस बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने मामले से दूरी बना ली और बिना जवाब दिए वहां से चली गईं। इवेंट के दौरान टीना से मीडिया ने पूछा, “कोमल रानी इंस्टाग्राम पर आपकी मम्मी सुनीता आहूजा पर कई आरोप लगा रही हैं”। इस सवाल को सुनते ही टीना ने तुरंत इसे टाल दिया और कहा, “प्लीज हम यहां सिर्फ इवेंट के बारे में बात करते हैं… धन्यवाद”। इतना कहने के बाद वे पैपराजी के बीच से आगे बढ़ गईं और बात आगे नहीं बढ़ाई। कोमल रानी का सुनीता आहूजा पर आरोप यह पूरा मामला तब गरमाया जब कोमल रानी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर कर सुनीता आहूजा पर तीखे आरोप लगाए। कोमल ने लिखा, “जो औरत सालों से अपने ही पति की जान लेने की कोशिश कर रही हो, ऐसी औरतों की बद्दुआएं किसी को नहीं लगतीं”। उन्होंने आगे कहा कि जो घर पहले से टूटा हुआ हो, उसे कोई और नहीं तोड़ सकता। कोमल ने सवाल उठाया कि क्या यह सच में दर्द है या फिर लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए रची गई कोई सोची-समझी साजिश है। ‘पति को परेशान कर बर्बाद किया’ कोमल ने अपने पोस्ट में सुनीता पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि किसी इंसान को लगातार मानसिक रूप से परेशान करना, काम करने से रोकना, घर पर बैठने और बर्बाद होने के लिए मजबूर करना तथा पूरी तरह अलग-थलग कर देना किसी अच्छी पत्नी का बर्ताव नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनीता बंद कमरों के पीछे का काम सार्वजनिक रूप से कर रही हैं और अपील की कि वे अपने एजेंडे के लिए उनके नाम का इस्तेमाल बंद करें। सुनीता ने कहा था- मेरा घर बर्बाद कर रही है दरअसल, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सुनीता आहूजा ने कहा कि मैं आज दक्षिणेश्वर काली माता रानी का दर्शन करने आई हूं। आप सब जानते हैं कि महाकाली राक्षसों का नाश करती हैं। मेरे भी जीवन में कुछ राक्षस हैं, माता द्वारा बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें। उन्होंने आगे कहा, जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है, ये घर मेरा टूट रहा है बिना किसी मतलब और मैं चाहती हूं आप सब औरतें मेरे लिए स्टैंड लें, सारे जेन-जी बच्चे मेरे लिए स्टैंड लें और मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि प्लीज ये चीज को आप आगे न बढ़ाएं। आप लोग को भी कायदे से मुझे सपोर्ट करना चाहिए। मैं माता से यही मांगने आई हूं कि जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें। वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं, और मैं चाहती हूं मेरे जीवन से ये संकट हट जाए। जय मां काली, जय मां काली।” गोविंदा ने भी दिया अफेयर रूमर्स पर रिएक्शन हाल ही में ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा है कि लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए। गोविंदा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग किए थे लालबागचा राजा के दर्शन गोविंदा हाल ही में कमबैक फिल्म रूपा की को-स्टार और रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे थे। जबकि उनसे कुछ घंटों पहले ही सुनीता आहूजा अकेले दर्शन करने पहुंची थीं। साथ दर्शन करने पर गोविंदा ने दी थी सफाई कोमल रानी स्वर्णकार के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था।” परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, “यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है।” सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया था।

शबाना बोलीं-मुझ पर लिखी कविता जावेद साहब को याद नहीं:अख्तर बोले- कामयाबी पर इतराना नहीं चाहिए और नाकामी को मेडल नहीं बनाना चाहिए

शबाना बोलीं-मुझ पर लिखी कविता जावेद साहब को याद नहीं:अख्तर बोले- कामयाबी पर इतराना नहीं चाहिए और नाकामी को मेडल नहीं बनाना चाहिए

मशहूर लेखक-शायर जावेद अख्तर और अभिनेत्री शबाना आजमी रविवार को जयपुर में एक खास साहित्यिक शाम का हिस्सा बने। सीतापुरा स्थित इंटरकॉन्टिनेंटल जयपुर में आयोजित ‘पोएट्री एंड कन्वर्सेशन’ में जावेद अख्तर ने अपनी कविताएं, शायरी और गीतों को अपने अंदाज में पेश किया, वहीं शबाना आजमी ने उनके शब्दों का अंग्रेजी में अनुवाद करते हुए उनकी भावनाओं और विचारों को दर्शकों तक पहुंचाया। कार्यक्रम में जावेद अख्तर की रचनात्मक यात्रा, संघर्ष, लेखन और निजी जिंदगी से जुड़े कई किस्से भी सामने आए। यह आयोजन दिल्ली के मशहूर रेस्तरां ‘चोर बाजार’ के जयपुर आगमन के मौके पर ईएचवी इंटरनेशनल की ओर से किया गया था। साहित्य, सिनेमा और कला से जुड़े लोगों के लिए यह शाम जावेद अख्तर और शबाना आजमी को करीब से सुनने का खास अवसर रही। पहले, यहां देखिए इवेंट के PHOTO’S… ‘अनुवाद में खुशबू कहीं न कहीं उड़ जाती है’ कार्यक्रम में शबाना आजमी ने जावेद अख्तर की शायरी के अनुवाद को लेकर दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा कि अनुवाद किसी परफ्यूम को एक शीशी से दूसरी शीशी में डालने जैसा है। ऐसा करते समय उसकी कुछ खुशबू उड़ ही जाती है। इसलिए किसी शायर की रचना को दूसरी भाषा में पेश करना आसान काम नहीं है। इसके बावजूद शबाना ने जावेद की कविताओं और शायरी का अंग्रेजी में ऐसा भावानुवाद किया कि दर्शक मूल रचना के भाव और अर्थ से जुड़े रहे। एक तरफ जावेद अख्तर अपनी रचनाएं पढ़ते रहे तो दूसरी तरफ शबाना आजमी उनके शब्दों को अंग्रेजी में समझाती रहीं। दोनों की बातचीत और संवाद ने कार्यक्रम को सिर्फ कविता पाठ न रखकर एक साहित्यिक अनुभव में बदल दिया। जावेद अख्तर ने कहा कि अपनी कामयाबी पर किसी को इतराना नहीं चाहिए और अपने दुख या नाकामी को मेडल नहीं बनाना चाहिए। सिर्फ जिंदगी का धन्यवाद देना चाहिए, जो हमें यह मिली है। ‘इनके शरीर की एक हड्डी में भी रोमांस नहीं है’ जावेद अख्तर के रोमांटिक गीतों और शायरी की चर्चा के दौरान शबाना आजमी ने अपने खास अंदाज में मजेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उनसे, खासकर महिलाएं, यह कहती हैं कि जावेद साहब इतनी रोमांटिक बातें लिखते हैं तो असल जिंदगी में भी काफी रोमांटिक होंगे। शबाना ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इनके शरीर की एक हड्डी में भी रोमांस नहीं है। इस पर जावेद अख्तर ने भी तुरंत जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो इंसान सर्कस में उल्टा लटकता है, जरूरी नहीं कि वह घर जाकर भी उल्टा ही लटके। जावेद और शबाना की इस नोकझोंक पर दर्शकों के बीच खूब ठहाके गूंजे। शबाना ने कहा कि आप देखिए इन्होंने इतनी सारी नज्में बिना किताब देखें यहां पढ़ी और जो मेरे लिए शबाना कविता लिखी है, वह तक याद नहीं है। 19 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे थे जावेद कार्यक्रम के दौरान शबाना आजमी ने जावेद अख्तर की जिंदगी के संघर्ष को भी दर्शकों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर 1964 को एक 19 साल का नौजवान बॉम्बे सेंट्रल स्टेशन पहुंचा था। उसकी जेब में सिर्फ 27 पैसे थे, लेकिन आंखों में बड़े-बड़े सपने थे। शबाना ने बताया कि जावेद अख्तर ने मुंबई में संघर्ष के दौरान कई मुश्किलें देखीं। उन्होंने फुटपाथ, रेलवे स्टेशनों और कई स्टूडियो के परिसरों में रातें गुजारीं। एक दौर ऐसा भी आया जब उनके पास लगातार तीन दिन तक खाने के लिए कुछ नहीं था और शरीर पर पहने कपड़े भी फटे-पुराने थे। उन्होंने कहा कि निराशा के उस दौर में, जब कोई व्यक्ति हार मान सकता था, जावेद अख्तर ने खुद से कहा कि वह यूं ही मरने के लिए पैदा नहीं हुए हैं। ये दिन बदलेंगे। शबाना ने कहा कि समय बदला भी। 4 अक्टूबर 1964 का वह 19 साल का नौजवान, जिसके पास लगभग कुछ नहीं था, दशकों बाद ऐसी जिंदगी जी रहा था जिसने भारत को कुछ सबसे यादगार शब्द दिए। आज वही चार अक्टूबर का दिन है। ‘गुलजार और जावेद के अंदाज-ए-बयां में फर्क’ शबाना आजमी ने जावेद अख्तर और गुलजार के लेखन के अंदाज का भी दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने गुलजार और जावेद अख्तर दोनों से रोमांटिक कुछ लिखने के लिए कहा था। उन्होंने बताया कि गुलजार साहब ने लिखा- ‘जा जा रे पिया मोरे पिया मोरे, मोरा लागे ना जिया।’ वहीं, उसी धुन पर जावेद अख्तर ने लिखा- ‘बातों से नहीं बोलूं, ओ जा रे जा रे, तू ना मेरा सनम, तू ना मेरा पिया।’ शबाना ने कहा कि यही दोनों के अंदाज-ए-बयां का अंतर है। एक ही भाव को दो अलग रचनाकार किस तरह अपनी-अपनी शैली में सामने रखते हैं, इसका यह बेहतरीन उदाहरण है। ‘मेरा आंगन, मेरा पेड़’ से यादों के आंगन में लौटे जावेद कार्यक्रम में जावेद अख्तर ने अपनी चर्चित कविता ‘मेरा आंगन, मेरा पेड़’ भी सुनाई। बचपन के घर, आंगन और उस पेड़ के बहाने उन्होंने उम्र के साथ बदलती नजर और यादों को शब्द दिए। जावेद अख्तर ने ‘वो कमरा याद आता है’ कविता भी सुनाई। इसमें उन्होंने उस कमरे को याद किया, जो जिंदगी की धूप, थकान और संघर्ष से लौटे व्यक्ति को अपनी मां की तरह अपने भीतर छुपा लेता है। जावेद अख्तर ने ‘ये खेल क्या है’ कविता के जरिए जिंदगी और जीत-हार को भी अलग नजरिए से देखा। काले-सफेद मोहरों को देखते हुए वह सवाल करते हैं कि अगर ये सिर्फ लकड़ी के खिलौने हैं तो फिर जीतना क्या और हारना क्या। दादर का किस्सा और एक हजार रुपए की उम्मीद जावेद अख्तर ने अपनी जिंदगी के संघर्ष से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि संघर्ष के दिनों में एक बार वह एक हजार रुपए की फीस लेने के लिए दादर गए थे। जेब में बहुत कम पैसे थे और जिस निर्माता के दफ्तर में जाना था, वहां पहुंचने पर पता चला कि दफ्तर पर ताला लगा है। उस समय उनके सामने बड़ा सवाल था कि बचे हुए पैसों से घर लौटने के लिए ट्रेन का टिकट लें या कुछ खा लें। भूख लगी थी, इसलिए उन्होंने रास्ते में चने खरीदे और दादर से बांद्रा तक पैदल लौटने का फैसला किया। इसी दौरान उन्होंने खुद से एक संकल्प लिया कि एक दिन वह

इंटरव्यू- परिणीति चोपड़ा:स्क्रिप्ट चुनने में लंबी प्लानिंग नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करती हूं

इंटरव्यू- परिणीति चोपड़ा:स्क्रिप्ट चुनने में लंबी प्लानिंग नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करती हूं

परिणीति चोपड़ा ने नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ के साथ अपना ओटीटी डेब्यू किया है। उन्होंने एक खास बातचीत में अपने वेब डेब्यू, खुद पर भरोसे, बायोपिक की इच्छा और जीवन के नए फैसलों को लेकर चर्चा की। ओटीटी की दुनिया में कदम रखने का फैसला आपने क्यों किया? बड़े परदे पर अलग-अलग किरदार निभाने के बाद डिजिटल माध्यम में कदम रखना सिर्फ प्लेटफॉर्म बदलने का फैसला नहीं था। मैं ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहती थी, जो दर्शकों को बांधे रखें और जिन्हें शुरू करने के बाद वे रोक न पाएं। ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ की स्क्रिप्ट पढ़ते हुए भी मेरे साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। इसलिए ही इससे जुड़ी थी। खुद को क्रॉस-चेक करने और खुद पर शक करने में क्या फर्क पाती हैं? मेरे लिए दोनों बातें बिल्कुल अलग हैं। अपने काम या फैसले को दोबारा जांचना सकारात्मक हो सकता है लेकिन लगातार खुद पर शक करना आपको पीछे खींच सकता है। जिंदगी में खुद पर विश्वास होना बहुत जरूरी है। अगर किसी चीज को लेकर भीतर से लगातार लगता है कि वह आपके लिए सही नहीं है, तो उस संकेत को भी समझना चाहिए। मेरे लिए आत्मविश्वास और आत्म-संदेह के बीच यही अंतर है। अब तक के इतने लंबे करियर में स्क्रिप्ट चुनने का तरीका कैसे बदला है? मैं करियर को लेकर कभी बहुत ज्यादा प्लानिंग करने वाली नहीं रही हूं। काफी हद तक अंतरात्मा की आवाज से काम करती हूं। जब कोई स्क्रिप्ट पढ़कर भीतर से लगता है कि मुझे यह करनी चाहिए, तो उस भावना को महत्व देती हूं। मैंने महसूस किया है कि जब इसके उलट जाकर फैसला लिया तो वह हमेशा गलत साबित हुआ। मेरे लिए करियर का मतलब हर चीज की लंबी प्लानिंग करना नहीं है। क्या स्क्रिप्ट चुनने में पति राघव चड्ढा से भी कोई सलाह लेती हैं? मेरे लिए पर्सनल और प्रोफेशनल दुनिया को अलग रखना जरूरी है। हम दोनों के अपने-अपने प्रोफेशन और जिम्मेदारियां हैं। जिस तरह मेरे काम में उनका हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, उसी तरह उनके काम में भी मेरा हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। मैं अपनी स्क्रिप्ट का फैसला खुद करती हूं। मुझे लगता है कि हर व्यक्ति को अपनी पेशेवर पहचान और फैसले खुद लेने चाहिए। क्या बायोपिक जॉनर अब भी आकर्षित करता है? बायोपिक हमेशा मुझे दिलचस्प लगती हैं। इसमें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि काफी रिसर्च भी होती है। आपको उस व्यक्ति की दुनिया, सोच और जर्नी को समझना पड़ता है। भविष्य में किसी स्पोर्ट्स पर्सन या म्यूजिक पर्सनैलिटी की कहानी करना अच्छा लगेगा। ऐसी प्रेरणादायक महिलाओं की कहानियां भी मुझे आकर्षित करती हैं, जिन्होंने देश में कोई बड़ा बदलाव किया हो। ओटीटी पर शुरुआत इसी सीरीज से क्यों की? मुझे जिस तरह का शो करना था, उसकी लगभग सारी खूबियां इस स्क्रिप्ट में थीं। इसे पढ़ते हुए मैं लगातार आगे बढ़ती गई और रोकने का मन नहीं हुआ। तभी लगा कि अगर इसे उसी तरह परदे पर बनाया गया, जैसा स्क्रिप्ट में महसूस हो रहा है, तो यह वैसा ही बिंज-वर्दी शो होगा, जिसकी मैं तलाश कर रही थी। डायरेक्टर, प्रोड्यूसर्स और पूरी स्टार कास्ट भी शानदार थी। इसकी शूटिंग का अनुभव इतना अच्छा रहा है कि अब वेब सीरीज फॉर्मेट में और काम करने की इच्छा है।

दृश्यम-3 ने 2 दिन में कमाए 177 करोड़:सलमान खान की 'सिकंदर' का रिकॉर्ड तोड़ा; 2015 में आई पहली दृश्यम को भी पीछे छोड़ा

दृश्यम-3 ने 2 दिन में कमाए 177 करोड़:सलमान खान की 'सिकंदर' का रिकॉर्ड तोड़ा; 2015 में आई पहली दृश्यम को भी पीछे छोड़ा

अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘दृश्यम 3’ (दृश्यम: द कंक्लूजन) ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत की है। रिलीज के शुरुआती दो दिनों में ही फिल्म ने दुनियाभर में 177 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। इसके साथ ही यह फिल्म इस साल की टॉप 10 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो गई है। घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने दो दिनों में 115.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। वहीं, ‘दृश्यम 3’ के थिएटर्स में आने से पहले से चल रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ की कमाई की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। दूसरे दिन भारत में कमाए 53.50 करोड़ रुपए ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 अक्टूबर को रिलीज हुई फिल्म ‘दृश्यम 3’ की एडवांस बुकिंग 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की रही थी। फिल्म ने पहले दिन शुक्रवार को दुनियाभर में 93 करोड़ रुपए का कलेक्शन दर्ज किया था। दूसरे दिन शनिवार को भी फिल्म की अच्छी पकड़ बनी रही। भारत में शनिवार को फिल्म ने 53.50 करोड़ रुपए का नेट बिजनेस किया, जबकि शुक्रवार को 62 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। दो दिनों में फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन 138.60 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। सलमान की ‘सिकंदर’ और पहली ‘दृश्यम’ का रिकॉर्ड टूटा ‘दृश्यम 3’ की दो दिनों की कमाई ने कई बड़ी फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। फिल्म ने सलमान खान की ‘सिकंदर’ के 176 करोड़ रुपए के कुल कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसके साथ ही फिल्म ने साल 2015 में रिलीज हुई फ्रैंचाइजी की पहली फिल्म ‘दृश्यम’ के 107 करोड़ रुपए के लाइफटाइम बिजनेस को भी शनिवार सुबह पार कर लिया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फिल्म ने अब तक 4 मिलियन डॉलर (करीब 33 करोड़ रुपए) का कारोबार किया है। फिल्म में पुरानी स्टारकास्ट के साथ नए चेहरे भी शामिल अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी 2 अक्टूबर के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में अजय देवगन (विजय सालगांवकर), तबू, श्रिया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और कमलेश सावंत अपने पुराने किरदारों में लौटे हैं। फिल्म में सौरभ शुक्ला का कैमियो रोल है। वहीं, इस तीसरे पार्ट में जयदीप अहलावत और प्रकाश राज नए किरदारों के रूप में फ्रैंचाइजी से जुड़े हैं। ‘दृश्यम 3’ के आने से ‘हनुमान अंश’ का कलेक्शन घटा सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, 58 दिनों से सिनेमाघरों में चल रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ की कमाई में गिरावट आई है। 58वें दिन फिल्म ने 1.59 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। 9वें वीकेंड में ‘दृश्यम 3’ के आने से ‘हनुमान अंश’ की स्क्रीन और शोज प्रभावित हुए हैं। हालांकि, धीमी शुरुआत के बाद मजबूत वर्ड ऑफ माउथ से इस फिल्म ने अब तक भारत में 321.22 करोड़ रुपए का नेट और 379.39 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है।

पति की हिंदी सुनकर हैरान हुईं रश्मिका मंदाना:विजय देवरकोंडा ने कहा- ‘अनिवार्य कारण’, तो बोलीं- ‘बेबी, ये कहां से आ रहा है?’

पति की हिंदी सुनकर हैरान हुईं रश्मिका मंदाना:विजय देवरकोंडा ने कहा- ‘अनिवार्य कारण’, तो बोलीं- ‘बेबी, ये कहां से आ रहा है?’

पति विजय देवरकोंडा की हिंदी सुनकर एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना हैरान रह गईं। एक इंटरव्यू के दौरान विजय ने ‘अनिवार्य’ शब्द का इस्तेमाल किया। यह सुनकर रश्मिका ने कहा, ‘ये कहां से आ रहा है?’ दरअसल, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने हाल ही में पत्रकार शुभाकर मिरसा को इंटरव्यू दिया। इसमें दोनों ने हिंदी में बातचीत की। इस बातचीत के दौरान विजय ने अचानक ‘अनिवार्य कारण’ शब्द का इस्तेमाल किया। विजय के इस शब्द को सुनकर रश्मिका हैरान रह गईं और बोलीं, “अनिवार्य कारण… माय गॉड, बेबी! ये कहां से आ रहा है, मेरे दोस्त?” इस पर विजय ने मजाकिया जवाब दिया कि यह उनकी हिंदी क्लास और CBSE में पहली से दसवीं तक की पढ़ाई से आ रहा है। विजय की बात सुनकर रश्मिका ने कहा, “ओह माय गॉड, ये कितने साल पहले की बात है?” विजय ने आगे बताया कि उनके अंदर से अचानक यह शब्द निकल आया। इस पर रश्मिका हंसते हुए बोलीं कि यह तो उनके अंदर से ओवरफ्लो हो रहा है और उन्हें खुद समझ नहीं आ रहा कि यह कहां से आ रहा है। रश्मिका ने बताया- विजय ने बढ़ाया कॉन्फिडेंस रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा जल्द ही फिल्म ‘रणबाली’ में साथ नजर आएंगे। राहुल सांक्रित्यायन के निर्देशन में बनी यह पीरियड ड्रामा फिल्म 16 अक्टूबर को तेलुगु, हिंदी, तमिल, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज होगी। फिल्म को माइथ्री मूवी मेकर्स और टी-सीरीज फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है। ‘रणबाली’ शादी के बाद रश्मिका और विजय की पहली फिल्म है, जिसमें दोनों साथ स्क्रीन पर नजर आएंगे। एक इंटरव्यू में रश्मिका ने बताया कि ‘गीता गोविंदम’ के दौरान विजय ने उनका कॉन्फिडेंस बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी। रश्मिका ने कहा कि उनका मूल व्यक्तित्व नहीं बदला है। वह दयालुता में विश्वास रखती हैं, चाहती हैं कि सभी खुश रहें और अपने काम के दम पर आज जो कुछ हासिल किया है, उसे बनाए रखने के लिए मेहनत करती हैं। उन्होंने बताया कि पहले वह काफी अंडरकॉन्फिडेंट थीं और किसी से बात करने या आई कॉन्टैक्ट करने से भी बचती थीं। उन्होंने बताया कि ‘गीता गोविंदम’ के दौरान विजय को देखकर वह उनके आत्मविश्वास से प्रभावित होती थीं। रश्मिका के मुताबिक, वह सोचती थीं कि अगर वह विजय की तरह आत्मविश्वास के साथ बात और व्यवहार कर पाएं तो वह अपनी जिंदगी में उस मुकाम तक पहुंचना चाहेंगी। रश्मिका ने बताया कि विजय उनसे कहते थे, “तुम जितना खुद को समझती हो, उससे कहीं ज्यादा करने में सक्षम हो।” उन्होंने कहा कि आज भी उन्हें अपनी क्षमता पर भरोसा करने में परेशानी होती है, लेकिन विजय की यह बात उन्हें आगे बढ़ने में मदद करती रही है। रश्मिका ने कहा कि आज भी वह विजय से अफर्मेशन मांगती हैं और उन्हें अपनी बात सुनने की जरूरत महसूस होती है। उन्होंने कहा कि वह इस चीज को बदलना नहीं चाहतीं और उन्हें नहीं लगता कि यह बदलेगी। रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी 2026 को राजस्थान के उदयपुर के पास आईटीसी मेमेंटोस रिजॉर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग की थी। शादी में परिवार और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों ने तेलुगु और कोडवा रीति-रिवाजों से दो समारोहों में शादी की। इसके बाद दोनों ने 4 मार्च 2026 को हैदराबाद में स्टार-स्टडेड वेडिंग रिसेप्शन भी आयोजित किया था।

फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन:94 साल की उम्र में अपनी आखिरी फिल्म का निर्देशन किया था, कमल हासन-जूनियर NTR ने दी श्रद्धांजलि

फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन:94 साल की उम्र में अपनी आखिरी फिल्म का निर्देशन किया था, कमल हासन-जूनियर NTR ने दी श्रद्धांजलि

दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का शनिवार को 95 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने चेन्नई के कावेरी अस्पताल में आखिरी सांस ली। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। सिंगीतम ने ‘पुष्पक विमानम’ और ‘आदित्य 369’ समेत तेलुगु, कन्नड़, तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया था। उन्हें दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड समेत कई सम्मान मिले। 94 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीथम’ निर्देशित की थी। यह फिल्म 12 जून 2026 को रिलीज हुई थी। तेलुगु और तमिल फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कमल हासन, जूनियर NTR, श्रुति हासन, नाग अश्विन, महेश बाबू ने उनके निधन पर दुख जताया। सिंगीतम श्रीनिवास राव का फिल्मी सफर सिंगीतम श्रीनिवास राव ने फिल्मी करियर की शुरुआत दिग्गज निर्देशक के.वी. रेड्डी के सहायक के तौर पर की। उन्होंने ‘मायाबाजार’ और ‘जगदेक वीरुनी कथा’ जैसी फिल्मों में काम किया। साल 1972 में तेलुगु फिल्म ‘नीति-निजायती’ से निर्देशन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘दिक्कत्र पार्वती’, ‘मयूरी’, ‘पुष्पक विमानम’, ‘आदित्य 369’, ‘भैरव द्वीपम’, ‘मगलिर मत्तुम’ और ‘माइकल मदना काम राजन’ शामिल हैं। कमल हासन के साथ खास साझेदारी सिंगीतम और कमल हासन ने कई चर्चित फिल्मों में साथ काम किया। इनमें ‘पुष्पक विमानम’, ‘अपूर्व सगोदरगल’ और ‘माइकल मदना काम राजन’ शामिल हैं। ‘पुष्पक विमानम’ में बिना संवाद के कहानी बताने का प्रयोग किया गया था। हिंदी सिनेमा में भी किया काम सिंगीतम ने हिंदी और हिंदी समेत कई भाषाओं में बनी फिल्मों का निर्देशन किया। इनमें ‘थ्रिलोक सुंदरी’ (1982), ‘लिटिल जॉन’ (2001), ‘मुंबई एक्सप्रेस’ (2005) और एनिमेशन फिल्म ‘घटोत्कच’ (2008) शामिल हैं। ‘फूल’ (1993) भी उनकी हिंदी फिल्मों में शामिल रही। ‘पुष्पक’ की खास पहचान ‘पुष्पक विमान’ 27 नवंबर 1987 को रिलीज हुई थी। फिल्म 27 नवंबर 1987 को रिलीज हुई थी। अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों में इसे अलग-अलग नामों से रिलीज किया गया था। कर्नाटक में इसका मूल नाम ‘पुष्पक विमान’ था। आंध्र प्रदेश में इसे ‘पुष्पक विमानम’ नाम से रिलीज किया गया। हिंदी भाषी क्षेत्रों में फिल्म का नाम ‘पुष्पक’ रखा गया, जिसका अर्थ ‘फूल’ है। तमिलनाडु में इसे ‘पेसुम पडम’ नाम से रिलीज किया गया, जिसका अर्थ ‘बोलती तस्वीर’ है। वहीं केरल में इसे ‘पुष्पकविमानम’ नाम से रिलीज किया गया। फिल्म में कोई संवाद नहीं था। इसके बावजूद इसे दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। बेंगलुरु में फिल्म 35 हफ्तों तक सिनेमाघरों में चली। फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 35वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ में सिंगीतम को बेस्ट डायरेक्टर और कमल हासन को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। फिल्म को बेस्ट फिल्म का पुरस्कार भी मिला। प्रयोगात्मक फिल्मों के लिए पहचान सिंगीतम अलग तरह की कहानियों और प्रयोगों के लिए जाने गए। ‘दिक्कत्र पार्वती’ को भी नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। ‘आदित्य 369’ को तेलुगु सिनेमा की चर्चित साइंस फिक्शन फिल्मों में गिना जाता है, जबकि ‘भैरव द्वीपम’ फैंटेसी शैली की प्रमुख फिल्मों में शामिल रही। आखिरी फिल्म तक सिनेमा से जुड़े रहे साल 2026 में सिंगीतम ने करीब 10 साल बाद निर्देशन में वापसी की। उनकी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीथम’ थी। 94 साल की उम्र तक वह सिनेमा से जुड़े रहे और नई कहानियों पर काम करते रहे। कमल हासन ने खुद को शिष्य बताया कमल हासन ने रविवार को X पर सिंगीतम की तस्वीर शेयर की। उन्होंने खुद को सिंगीतम का शिष्य बताया और उनके साथ काम करने का अनुभव याद किया। कमल हासन ने लिखा, “सिंगीतम कारू ने अपनी इच्छा के अनुसार, अपनी जवानी के साथ ही आखिरी सांस ली। उनकी जवानी बहुत लोगों तक नहीं पहुंची। उस खूबी को फैलाने की चाहत में, जिन दोस्तों का हाथ पकड़कर वे चले, उन शिष्यों में मैं भी एक हूं।” उन्होंने आगे लिखा, “कम उम्र में मरना हमेशा दुखद नहीं होता। यह गौरवपूर्ण भी हो सकता है। सिंगीतम श्रीनिवास राव इसका शानदार उदाहरण हैं। जब से मैंने उन्हें जाना, तब से उनकी प्रशंसा की है। अब मैं भी उनके जैसे जीने की इच्छा रखता हूं।” जूनियर NTR ने बताया समय से आगे सोचने वाला फिल्ममेकर जूनियर NTR ने X पर सिंगीतम को समय से आगे सोचने वाला फिल्ममेकर बताया। उन्होंने लिखा, “सिंगीतम श्रीनिवास राव गरु के नहीं रहने की खबर बेहद दुखद है।” उन्होंने आगे लिखा, “‘आदित्य 369’, ‘पुष्पक विमानम’, ‘मयूरी’… वे समय से आगे सोचने वाले फिल्ममेकर थे। उन्होंने ऐसी फिल्में बनाईं, जो कई पीढ़ियों के बाद भी नई लगती हैं। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।” नाग अश्विन ने साझा किया आखिरी स्क्रिप्ट आइडिया फिल्ममेकर नाग अश्विन ने सिंगीतम की क्रिएटिव सोच की एक झलक साझा की। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर सिंगीतम के एक मैसेज का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया। यह मैसेज 5 सितंबर 2026 का था। इसमें लिखा था, “ए फ्रूट कट्स द नाइफ, मेरी नई स्क्रिप्ट का टाइटल।” महेश बाबू ने भी दी श्रद्धांजलि महेश बाबू ने X पर सिंगीतम को भारतीय सिनेमा का दिग्गज बताया। उन्होंने लिखा, “भारतीय सिनेमा का एक दिग्गज अब हमारे बीच नहीं है। सिंगीतम श्रीनिवास राव गरु हर मायने में एक लीजेंड थे।” महेश बाबू ने आगे लिखा, “वे असाधारण कल्पना, साहस और प्रतिभा वाले फिल्ममेकर थे। भारतीय सिनेमा हमेशा उनका ऋणी रहेगा। सर, आपकी आत्मा को शांति मिले। आपके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”

फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन:94 साल की उम्र में अपनी आखिरी फिल्म का निर्देशन किया था, कमल हासन-जूनियर NTR ने दी श्रद्धांजलि

फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन:94 साल की उम्र में अपनी आखिरी फिल्म का निर्देशन किया था, कमल हासन-जूनियर NTR ने दी श्रद्धांजलि

दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का शनिवार को 95 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने चेन्नई के कावेरी अस्पताल में आखिरी सांस ली। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। सिंगीतम ने ‘पुष्पक विमानम’ और ‘आदित्य 369’ समेत तेलुगु, कन्नड़, तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया था। उन्हें दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड समेत कई सम्मान मिले। 94 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीथम’ निर्देशित की थी। यह फिल्म 12 जून 2026 को रिलीज हुई थी। तेलुगु और तमिल फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कमल हासन, जूनियर NTR, श्रुति हासन, नाग अश्विन, महेश बाबू ने उनके निधन पर दुख जताया। सिंगीतम श्रीनिवास राव का फिल्मी सफर सिंगीतम श्रीनिवास राव ने फिल्मी करियर की शुरुआत दिग्गज निर्देशक के.वी. रेड्डी के सहायक के तौर पर की। उन्होंने ‘मायाबाजार’ और ‘जगदेक वीरुनी कथा’ जैसी फिल्मों में काम किया। साल 1972 में तेलुगु फिल्म ‘नीति-निजायती’ से निर्देशन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘दिक्कत्र पार्वती’, ‘मयूरी’, ‘पुष्पक विमानम’, ‘आदित्य 369’, ‘भैरव द्वीपम’, ‘मगलिर मत्तुम’ और ‘माइकल मदना काम राजन’ शामिल हैं। कमल हासन के साथ खास साझेदारी सिंगीतम और कमल हासन ने कई चर्चित फिल्मों में साथ काम किया। इनमें ‘पुष्पक विमानम’, ‘अपूर्व सगोदरगल’ और ‘माइकल मदना काम राजन’ शामिल हैं। ‘पुष्पक विमानम’ में बिना संवाद के कहानी बताने का प्रयोग किया गया था। हिंदी सिनेमा में भी किया काम सिंगीतम ने हिंदी और हिंदी समेत कई भाषाओं में बनी फिल्मों का निर्देशन किया। इनमें ‘थ्रिलोक सुंदरी’ (1982), ‘लिटिल जॉन’ (2001), ‘मुंबई एक्सप्रेस’ (2005) और एनिमेशन फिल्म ‘घटोत्कच’ (2008) शामिल हैं। ‘फूल’ (1993) भी उनकी हिंदी फिल्मों में शामिल रही। ‘पुष्पक’ की खास पहचान ‘पुष्पक विमान’ 27 नवंबर 1987 को रिलीज हुई थी। फिल्म 27 नवंबर 1987 को रिलीज हुई थी। अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों में इसे अलग-अलग नामों से रिलीज किया गया था। कर्नाटक में इसका मूल नाम ‘पुष्पक विमान’ था। आंध्र प्रदेश में इसे ‘पुष्पक विमानम’ नाम से रिलीज किया गया। हिंदी भाषी क्षेत्रों में फिल्म का नाम ‘पुष्पक’ रखा गया, जिसका अर्थ ‘फूल’ है। तमिलनाडु में इसे ‘पेसुम पडम’ नाम से रिलीज किया गया, जिसका अर्थ ‘बोलती तस्वीर’ है। वहीं केरल में इसे ‘पुष्पकविमानम’ नाम से रिलीज किया गया। फिल्म में कोई संवाद नहीं था। इसके बावजूद इसे दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। बेंगलुरु में फिल्म 35 हफ्तों तक सिनेमाघरों में चली। फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 35वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ में सिंगीतम को बेस्ट डायरेक्टर और कमल हासन को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। फिल्म को बेस्ट फिल्म का पुरस्कार भी मिला। प्रयोगात्मक फिल्मों के लिए पहचान सिंगीतम अलग तरह की कहानियों और प्रयोगों के लिए जाने गए। ‘दिक्कत्र पार्वती’ को भी नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। ‘आदित्य 369’ को तेलुगु सिनेमा की चर्चित साइंस फिक्शन फिल्मों में गिना जाता है, जबकि ‘भैरव द्वीपम’ फैंटेसी शैली की प्रमुख फिल्मों में शामिल रही। आखिरी फिल्म तक सिनेमा से जुड़े रहे साल 2026 में सिंगीतम ने करीब 10 साल बाद निर्देशन में वापसी की। उनकी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीथम’ थी। 94 साल की उम्र तक वह सिनेमा से जुड़े रहे और नई कहानियों पर काम करते रहे। कमल हासन ने खुद को शिष्य बताया कमल हासन ने रविवार को X पर सिंगीतम की तस्वीर शेयर की। उन्होंने खुद को सिंगीतम का शिष्य बताया और उनके साथ काम करने का अनुभव याद किया। कमल हासन ने लिखा, “सिंगीतम कारू ने अपनी इच्छा के अनुसार, अपनी जवानी के साथ ही आखिरी सांस ली। उनकी जवानी बहुत लोगों तक नहीं पहुंची। उस खूबी को फैलाने की चाहत में, जिन दोस्तों का हाथ पकड़कर वे चले, उन शिष्यों में मैं भी एक हूं।” उन्होंने आगे लिखा, “कम उम्र में मरना हमेशा दुखद नहीं होता। यह गौरवपूर्ण भी हो सकता है। सिंगीतम श्रीनिवास राव इसका शानदार उदाहरण हैं। जब से मैंने उन्हें जाना, तब से उनकी प्रशंसा की है। अब मैं भी उनके जैसे जीने की इच्छा रखता हूं।” जूनियर NTR ने बताया समय से आगे सोचने वाला फिल्ममेकर जूनियर NTR ने X पर सिंगीतम को समय से आगे सोचने वाला फिल्ममेकर बताया। उन्होंने लिखा, “सिंगीतम श्रीनिवास राव गरु के नहीं रहने की खबर बेहद दुखद है।” उन्होंने आगे लिखा, “‘आदित्य 369’, ‘पुष्पक विमानम’, ‘मयूरी’… वे समय से आगे सोचने वाले फिल्ममेकर थे। उन्होंने ऐसी फिल्में बनाईं, जो कई पीढ़ियों के बाद भी नई लगती हैं। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति।” नाग अश्विन ने साझा किया आखिरी स्क्रिप्ट आइडिया फिल्ममेकर नाग अश्विन ने सिंगीतम की क्रिएटिव सोच की एक झलक साझा की। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर सिंगीतम के एक मैसेज का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया। यह मैसेज 5 सितंबर 2026 का था। इसमें लिखा था, “ए फ्रूट कट्स द नाइफ, मेरी नई स्क्रिप्ट का टाइटल।” महेश बाबू ने भी दी श्रद्धांजलि महेश बाबू ने X पर सिंगीतम को भारतीय सिनेमा का दिग्गज बताया। उन्होंने लिखा, “भारतीय सिनेमा का एक दिग्गज अब हमारे बीच नहीं है। सिंगीतम श्रीनिवास राव गरु हर मायने में एक लीजेंड थे।” महेश बाबू ने आगे लिखा, “वे असाधारण कल्पना, साहस और प्रतिभा वाले फिल्ममेकर थे। भारतीय सिनेमा हमेशा उनका ऋणी रहेगा। सर, आपकी आत्मा को शांति मिले। आपके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”