Saturday, 07 Nov 2026 | 09:37 PM

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नुसरत भरूचा की सर्जरी होगी:अनु अग्रवाल हादसे के बाद 29 दिन कोमा में थीं, महिमा चौधरी के चेहरे से निकाले गए थे कांच के टुकड़े

नुसरत भरूचा की सर्जरी होगी:अनु अग्रवाल हादसे के बाद 29 दिन कोमा में थीं, महिमा चौधरी के चेहरे से निकाले गए थे कांच के टुकड़े

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा हाल ही में बाली में एक हादसे का शिकार हो गईं। वह काम और छुट्टियों से जुड़े दौरे पर बाली गई थीं। हादसे के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है। जिसके बाद आगे की सर्जरी के लिए उन्हें मुंबई लाने का फैसला किया गया। इसके लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। 2 अक्टूबर 2026 को वह एयर एंबुलेंस से मुंबई पहुंचीं। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई एक्ट्रेस हादसों में घायल हो चुकी हैं। हादसे के बाद एक्ट्रेस अन्नू अग्रवाल की याददाश्त चली गई थी। तो वहीं महिमा चौधरी के चेहरे से 67 कांच के टुकड़े निकाले गए थे। अनु अग्रवाल का गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था 1990 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘आशिकी’ से रातों-रात मशहूर हुईं अभिनेत्री अनु अग्रवाल के साथ साल 1999 में दर्दनाक हादसा हुआ था। मुंबई में एक लेट-नाइट पार्टी से लौटते समय अनु अग्रवाल की कार का गंभीर एक्सीडेंट हुआ था। इस हादसे में उनके शरीर में कई जगह फ्रैक्चर हुए, उनका चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ और सिर व दिमाग में अंदरूनी चोटें आईं। दुर्घटना के बाद वह 29 दिनों तक कोमा में रहीं। होश में आने के बाद उनका आधा शरीर पैरालिसिस (लकवा) का शिकार हो चुका था और याददाश्त चले जाने के कारण वह अपनी पुरानी जिंदगी और पहचान तक भूल चुकी थीं। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में एक्सीडेंट पर अनु अग्रवाल ने बताया था, मेरा सीधा हाथ पूरा पैरालाइज्ड था, मैं खुद खाना भी नहीं खा पाती थी। एक्सीडेंट के 7 साल बाद तक ये हुआ। मेरे कई एक्सीडेंट हुए थे। मेरा उल्टा हाथ, पैसिव था। राइट हैंड काम करता था। जब सीधा हाथ पैरालाइज हुआ, तो मैं चेक भी साइन नहीं कर पाती थी। मेरे कई चेक बाउंस हो गए। खाना उल्टे हाथ से कैसे खाना है, चम्मच इधर-उधर जाता। सुबह नाइट सूट का नाड़ा खोलने के लिए आपको दो हाथ चाहिए, एक हाथ से नाड़ा नहीं खुलता था। किस तरह मैं टूथब्रश पकड़ती। पेस्ट बार-बार फिसलता। एक हाथ से ये सब करती थी। हालांकि, अनु अग्रवाल ने हार नहीं मानी और योग, ध्यान तथा आत्मबल के सहारे न सिर्फ दोबारा चलना सीखा, बल्कि अपनी याददाश्त भी वापस पाई। महिमा चौधरी का कार एक्सीडेंट हुआ था फिल्म ‘परदेस’ से बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस महिमा चौधरी का 1999 में बेंगलुरु में गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था। उस वक्त वह अजय देवगन और काजोल की फिल्म ‘दिल क्या करे’ की शूटिंग कर रही थीं। स्टूडियो जाते समय उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसा इतना गंभीर था कि कार का कांच टूटकर महिमा के चेहरे में जा धंसा। महिमा ने साल 2020 में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में बताया था कि मुझे लगा कि मैं मर रही हूं। मैं अस्पताल पहुंची, लेकिन उस समय किसी ने मुझे उठाया तक नहीं और अस्पताल नहीं ले गया। अस्पताल पहुंचने के काफी देर बाद मेरी मां आईं और अजय देवगन भी वहां पहुंचे। जब वे किसी से बात करने गए, तब मैं उठी और मैंने शीशे में अपना चेहरा देखा। मुझे लगा कि वे इतना हंगामा क्यों कर रहे हैं। मैंने कहा, चलो। कुछ नहीं हुआ, मैं ठीक हूं।’ उन्होंने कहा, ‘नहीं, आराम करो। हम वापस आएंगे और शेड्यूल पूरा करेंगे।’ मैंने कहा, ‘नहीं, नहीं। मेरे पास सिर्फ एक दिन है, तो मुझे इसे खत्म करने दो।’ जब मेरी सर्जरी हुई और डॉक्टरों ने मेरे चेहरे से शीशे के 67 टुकड़े निकाले, तब मुझे उस हादसे की गंभीरता का एहसास हुआ। मैं आज भी इस बारे में बात करते हुए रो पड़ती हूं, क्योंकि यह सिर्फ मेरे करियर के बारे में नहीं था। यह जिंदगी में किसी भी चीज को लेकर आपके नजरिए को बदल देने वाला अनुभव था। मुझे स्टेपल जैसे टांकों के साथ रहना पड़ा और बिना धूप के घर के अंदर रहना पड़ा। मेरे घर की खिड़कियों को काला कर दिया गया था। मैंने खुद को शीशे में देखना बंद कर दिया था। घर में कोई शीशा नहीं था और धूप भी अंदर नहीं आती थी। यहां तक कि जिन लाइटों में यूवी किरणें होती हैं, उन्हें भी मैं घर में नहीं रख सकती थी, ताकि चेहरे पर निशान न रह जाएं। उस दौरान मेरे पास कई फिल्में लाइन में थीं, जिनका मुझे हिस्सा बनना था, लेकिन हादसे के कारण मुझे उनमें से कई फिल्में छोड़नी पड़ीं।’ हेमा मालिनी भी हुई थीं भीषण सड़क हादसे का शिकार बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी भी साल 2015 में एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हुई थीं। यह दुर्घटना 2 जुलाई 2015 को राजस्थान के दौसा के पास आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे-11 पर हुई थी। हादसे में हेमा मालिनी घायल हुई थीं, जबकि दूसरी कार में सवार मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। हेमा मालिनी अपनी मर्सिडीज कार से मथुरा से जयपुर जा रही थीं। इसी दौरान उनकी कार की सामने से आ रही ऑल्टो कार से टक्कर हो गई। ऑल्टो में एक परिवार सवार था। हादसे में ऑल्टो कार में सवार 2 साल की बच्ची चिन्नी की मौत हो गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे। वहीं हेमा मालिनी को भी गंभीर चोटें आई थीं। इस दुर्घटना में हेमा मालिनी के चेहरे पर गहरी चोटें आईं। उनके माथे और दाईं आंख के ऊपर भी चोट लगी थी। उन्हें इलाज के लिए जयपुर के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके चेहरे की सर्जरी की गई थी। हादसे के बाद इस बात को लेकर विवाद भी हुआ था कि दुर्घटना के बाद घायलों को कितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिली। मृत बच्ची के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया था कि बच्ची कुछ समय तक घटनास्थल पर ही पड़ी रही। दूसरी ओर, हेमा मालिनी को एक स्थानीय डॉक्टर अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए थे। घटना के बाद पुलिस ने हेमा मालिनी की कार के ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में कार्रवाई की थी। शूटिंग के दौरान तनीषा मुखर्जी की कार खाई में गिरी थी एक्ट्रेस तनीषा मुखर्जी की पहली हिंदी फिल्म ‘Sssshhh…’ की शूटिंग के दौरान 2003

नुसरत भरूचा की सर्जरी होगी:अनु अग्रवाल हादसे के बाद 29 दिन कोमा में थीं, महिमा चौधरी के चेहरे से निकाले गए थे कांच के टुकड़े

नुसरत भरूचा की सर्जरी होगी:अनु अग्रवाल हादसे के बाद 29 दिन कोमा में थीं, महिमा चौधरी के चेहरे से निकाले गए थे कांच के टुकड़े

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा हाल ही में बाली में एक हादसे का शिकार हो गईं। वह काम और छुट्टियों से जुड़े दौरे पर बाली गई थीं। हादसे के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है। जिसके बाद आगे की सर्जरी के लिए उन्हें मुंबई लाने का फैसला किया गया। इसके लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। 2 अक्टूबर 2026 को वह एयर एंबुलेंस से मुंबई पहुंचीं। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई एक्ट्रेस हादसों में घायल हो चुकी हैं। हादसे के बाद एक्ट्रेस अन्नू अग्रवाल की याददाश्त चली गई थी। तो वहीं महिमा चौधरी के चेहरे से 67 कांच के टुकड़े निकाले गए थे। अनु अग्रवाल का गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था 1990 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘आशिकी’ से रातों-रात मशहूर हुईं अभिनेत्री अनु अग्रवाल के साथ साल 1999 में दर्दनाक हादसा हुआ था। मुंबई में एक लेट-नाइट पार्टी से लौटते समय अनु अग्रवाल की कार का गंभीर एक्सीडेंट हुआ था। इस हादसे में उनके शरीर में कई जगह फ्रैक्चर हुए, उनका चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ और सिर व दिमाग में अंदरूनी चोटें आईं। दुर्घटना के बाद वह 29 दिनों तक कोमा में रहीं। होश में आने के बाद उनका आधा शरीर पैरालिसिस (लकवा) का शिकार हो चुका था और याददाश्त चले जाने के कारण वह अपनी पुरानी जिंदगी और पहचान तक भूल चुकी थीं। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में एक्सीडेंट पर अनु अग्रवाल ने बताया था, मेरा सीधा हाथ पूरा पैरालाइज्ड था, मैं खुद खाना भी नहीं खा पाती थी। एक्सीडेंट के 7 साल बाद तक ये हुआ। मेरे कई एक्सीडेंट हुए थे। मेरा उल्टा हाथ, पैसिव था। राइट हैंड काम करता था। जब सीधा हाथ पैरालाइज हुआ, तो मैं चेक भी साइन नहीं कर पाती थी। मेरे कई चेक बाउंस हो गए। खाना उल्टे हाथ से कैसे खाना है, चम्मच इधर-उधर जाता। सुबह नाइट सूट का नाड़ा खोलने के लिए आपको दो हाथ चाहिए, एक हाथ से नाड़ा नहीं खुलता था। किस तरह मैं टूथब्रश पकड़ती। पेस्ट बार-बार फिसलता। एक हाथ से ये सब करती थी। हालांकि, अनु अग्रवाल ने हार नहीं मानी और योग, ध्यान तथा आत्मबल के सहारे न सिर्फ दोबारा चलना सीखा, बल्कि अपनी याददाश्त भी वापस पाई। महिमा चौधरी का कार एक्सीडेंट हुआ था फिल्म ‘परदेस’ से बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस महिमा चौधरी का 1999 में बेंगलुरु में गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था। उस वक्त वह अजय देवगन और काजोल की फिल्म ‘दिल क्या करे’ की शूटिंग कर रही थीं। स्टूडियो जाते समय उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसा इतना गंभीर था कि कार का कांच टूटकर महिमा के चेहरे में जा धंसा। महिमा ने साल 2020 में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में बताया था कि मुझे लगा कि मैं मर रही हूं। मैं अस्पताल पहुंची, लेकिन उस समय किसी ने मुझे उठाया तक नहीं और अस्पताल नहीं ले गया। अस्पताल पहुंचने के काफी देर बाद मेरी मां आईं और अजय देवगन भी वहां पहुंचे। जब वे किसी से बात करने गए, तब मैं उठी और मैंने शीशे में अपना चेहरा देखा। मुझे लगा कि वे इतना हंगामा क्यों कर रहे हैं। मैंने कहा, चलो। कुछ नहीं हुआ, मैं ठीक हूं।’ उन्होंने कहा, ‘नहीं, आराम करो। हम वापस आएंगे और शेड्यूल पूरा करेंगे।’ मैंने कहा, ‘नहीं, नहीं। मेरे पास सिर्फ एक दिन है, तो मुझे इसे खत्म करने दो।’ जब मेरी सर्जरी हुई और डॉक्टरों ने मेरे चेहरे से शीशे के 67 टुकड़े निकाले, तब मुझे उस हादसे की गंभीरता का एहसास हुआ। मैं आज भी इस बारे में बात करते हुए रो पड़ती हूं, क्योंकि यह सिर्फ मेरे करियर के बारे में नहीं था। यह जिंदगी में किसी भी चीज को लेकर आपके नजरिए को बदल देने वाला अनुभव था। मुझे स्टेपल जैसे टांकों के साथ रहना पड़ा और बिना धूप के घर के अंदर रहना पड़ा। मेरे घर की खिड़कियों को काला कर दिया गया था। मैंने खुद को शीशे में देखना बंद कर दिया था। घर में कोई शीशा नहीं था और धूप भी अंदर नहीं आती थी। यहां तक कि जिन लाइटों में यूवी किरणें होती हैं, उन्हें भी मैं घर में नहीं रख सकती थी, ताकि चेहरे पर निशान न रह जाएं। उस दौरान मेरे पास कई फिल्में लाइन में थीं, जिनका मुझे हिस्सा बनना था, लेकिन हादसे के कारण मुझे उनमें से कई फिल्में छोड़नी पड़ीं।’ हेमा मालिनी भी हुई थीं भीषण सड़क हादसे का शिकार बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी भी साल 2015 में एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हुई थीं। यह दुर्घटना 2 जुलाई 2015 को राजस्थान के दौसा के पास आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे-11 पर हुई थी। हादसे में हेमा मालिनी घायल हुई थीं, जबकि दूसरी कार में सवार मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। हेमा मालिनी अपनी मर्सिडीज कार से मथुरा से जयपुर जा रही थीं। इसी दौरान उनकी कार की सामने से आ रही ऑल्टो कार से टक्कर हो गई। ऑल्टो में एक परिवार सवार था। हादसे में ऑल्टो कार में सवार 2 साल की बच्ची चिन्नी की मौत हो गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे। वहीं हेमा मालिनी को भी गंभीर चोटें आई थीं। इस दुर्घटना में हेमा मालिनी के चेहरे पर गहरी चोटें आईं। उनके माथे और दाईं आंख के ऊपर भी चोट लगी थी। उन्हें इलाज के लिए जयपुर के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके चेहरे की सर्जरी की गई थी। हादसे के बाद इस बात को लेकर विवाद भी हुआ था कि दुर्घटना के बाद घायलों को कितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिली। मृत बच्ची के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया था कि बच्ची कुछ समय तक घटनास्थल पर ही पड़ी रही। दूसरी ओर, हेमा मालिनी को एक स्थानीय डॉक्टर अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए थे। घटना के बाद पुलिस ने हेमा मालिनी की कार के ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में कार्रवाई की थी। शूटिंग के दौरान तनीषा मुखर्जी की कार खाई में गिरी थी एक्ट्रेस तनीषा मुखर्जी की पहली हिंदी फिल्म ‘Sssshhh…’ की शूटिंग के दौरान 2003

फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी:'नीरजा’ से ‘बेल बॉटम’ तक प्लेन हाईजैक और संकट पर बनी 10 फिल्में

फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी:'नीरजा’ से ‘बेल बॉटम’ तक प्लेन हाईजैक और संकट पर बनी 10 फिल्में

30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बड़ा संकट पैदा हो गया। दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 MAX 8 के कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा और करीब 30 सेकंड में 14 हजार फीट की ऊंचाई खो बैठा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक किया। यात्रियों ने हमलावर को काबू किया। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान संभाला और ताबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई। इस घटना ने बॉलीवुड की उन फिल्मों की याद दिलाई, जिनमें विमान हाईजैक, विमान संकट और यात्रियों को बचाने की कहानियां दिखाई गई हैं। इनमें कुछ फिल्में वास्तविक घटनाओं से प्रेरित हैं, जबकि कुछ काल्पनिक कहानियों पर आधारित हैं। 1. ‘नीरजा’ 2016 की फिल्म ‘नीरजा’ में सोनम कपूर ने एयर होस्टेस नीरजा भनोट का किरदार निभाया था। फिल्म 1986 के पैन एम फ्लाइट 73 हाईजैक पर आधारित थी। नीरजा ने यात्रियों को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी थी। उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। 2. ‘बेल बॉटम’ अक्षय कुमार की 2021 की फिल्म ‘बेल बॉटम’ 1980 के दशक की विमान हाईजैक घटनाओं से प्रेरित स्पाई थ्रिलर थी। फिल्म में अक्षय ने RAW एजेंट का किरदार निभाया, जो हाईजैक किए गए विमान से यात्रियों को बचाने के मिशन पर जाता है। 3. ‘योद्धा’ 2024 में आई सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘योद्धा’ में एक पूर्व सैनिक हाईजैक किए गए विमान में फंस जाता है। इसके बाद वह यात्रियों की जान बचाने और हमलावरों का सामना करने की कोशिश करता है। यह एक काल्पनिक एक्शन थ्रिलर थी। 4. ‘कंधार’ मलयालम फिल्म ‘कंधार’ में मोहनलाल ने मेजर महादेवन का किरदार निभाया था। फिल्म में एक यात्री विमान के हाईजैक होने के बाद बंधकों को बचाने का अभियान दिखाया गया है। इसकी कहानी 1999 के इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट 814 हाईजैक से प्रेरित थी। 5. ‘जमीन’ अजय देवगन और अभिषेक बच्चन स्टारर ‘जमीन’ में एक विमान हाईजैक होने के बाद यात्रियों को बचाने का ऑपरेशन दिखाया गया है। यह फिल्म 1999 के IC-814 हाईजैकिंग से थोड़ी-बहुत प्रेरित थी और ऑपरेशन एंटेबे से भी प्रभावित थी। 6. ‘हाईजैक’ 2008 की फिल्म ‘हाईजैक’ में शाइनी आहूजा ने ग्राउंड मेंटेनेंस इंजीनियर विक्रम मदान का किरदार निभाया था। उनकी बेटी जिस विमान में सफर कर रही होती है, उसे आतंकवादी हाईजैक कर लेते हैं। इसके बाद विक्रम विमान में घुसकर अपनी बेटी और दूसरे यात्रियों को बचाने की कोशिश करता है। 7. ‘चोर निकल के भागा’ यामी गौतम और सनी कौशल स्टारर यह नेटफ्लिक्स थ्रिलर एक डायमंड चोरी की साजिश से शुरू होती है। इसके बाद विमान हाईजैक होने से कहानी पूरी तरह बदल जाती है। 8. ‘रनवे 34’ फिल्म ‘रनवे 34’ में अजय देवगन ने ‘कैप्टन विक्रांत खन्ना’ नाम के एक विलक्षण और आत्मविश्वासी पायलट की भूमिका निभाई है। कहानी में दिखाया गया है कि खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) के बीच वह जोखिम उठाकर विमान की एक ‘ब्लाइंड लैंडिंग’ करवाते हैं। इसके बाद यात्रियों की जान जोखिम में डालने के आरोप में उन पर कानूनी जांच (एविएशन इंक्वायरी) बैठती है, जिसका नेतृत्व अमिताभ बच्चन (नारायण वेदांत के रूप में) करते हैं। 9. ‘फ्लाइट’ 2012 की हॉलीवुड फिल्म ‘फ्लाइट’ में डेंजल वॉशिंगटन ने पायलट व्हिप व्हिटेकर का किरदार निभाया था। विमान में गंभीर तकनीकी खराबी आने के बाद वह इमरजेंसी लैंडिंग करता है। इसके बाद उसके फैसलों और हादसे की जांच होती है। 10. ‘एयर फोर्स वन’ 1997 में रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म ‘एयर फोर्स वन’ एक पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर थी। फिल्म का निर्देशन मशहूर जर्मन डायरेक्टर वोल्फगैंग पीटरसन ने किया था। फिल्म की कहानी में राष्ट्रपति मार्शल रूस के मॉस्को से अमेरिका लौट रहे होते हैं। इसी दौरान उनके आधिकारिक विमान ‘एयर फोर्स वन’ को रूसी नव-राष्ट्रवादी आतंकवादी हाईजैक कर लेते हैं। इन आतंकियों का नेतृत्व इगोर कोर्शुनोव करता है। हाईजैक के दौरान सुरक्षा अधिकारी राष्ट्रपति को विमान से सुरक्षित निकालने की कोशिश करते हैं। हालांकि, मार्शल विमान से बाहर निकलने के बजाय वहीं छिपे रहते हैं। वह खुद को कार्गो होल्ड में छिपा लेते हैं और आतंकियों से बचते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर देते हैं।

सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म

सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म

सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ को सरकार से NOC मिल गई है। अब फिल्म को CBFC की मंजूरी का इंतजार है। भारत-चीन के बीच 2020 में हुए टकराव पर बनी इस फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी देश के सम्मान को ठेस न पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (IB Ministry) को मेकर्स के दिए ‘मातृभूमि’ के नए वर्जन से कोई आपत्ति नहीं है।इसके बाद इस वॉर-ड्रामा फिल्म को NOC दे दी गई है। NOC मिलने के बाद फिल्म इस साल के आखिर में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, सलमान खान और उनकी टीम इसे 13 नवंबर को रिलीज करने पर विचार कर रही है। उनका मानना है कि दिवाली के बाद का फेस्टिव माहौल फिल्म की रिलीज के लिए सही रहेगा। फिल्म की सेंसर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। मेकर्स जल्द ही फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास जमा करेंगे। अगर CBFC से मंजूरी मिल जाती है और यह प्रक्रिया इसी महीने पूरी हो जाती है, तो सलमान और उनकी टीम फिल्म को 13 नवंबर को रिलीज कर सकती है। NOC के बाद CBFC सर्टिफिकेट जरूरी NOC और CBFC की मंजूरी अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। मंत्रालय से NOC मिलने के बाद फिल्म CBFC के पास भेजी जाती है। CBFC से सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार मानी जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 दिनों में फिल्म की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। ओरिजिनल वर्जन में किए गए बदलाव फिल्म जिस घटना पर आधारित है, वह चीन से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच घटी थी, हालांकि अब चीन के साथ सुधरे रिश्तों को देखते हुए सरकार ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई थी। सरकार ने मेकर्स को उनमें बदलाव करने का सुझाव दिया। इसके बाद ‘मातृभूमि’ को ओरिजिनल वर्जन की तुलना में काफी बदला गया है। अब फिल्म में भारत और चीन के रिश्तों को सकारात्मक नजरिए से दिखाया जाएगा। डीटेल में जानिए क्यों बार-बार टल रही मातृभूमि, क्या है पूरा विवाद? फिल्म मातृभूमि लंबे समय से विवादों में है। फिल्म 2020 में हुई गलवान झड़प पर बनी है। पहले इसका टाइटल ही बैटल ऑफ गलवान रखा गया था। ‘बैटल ऑफ गलवान’ का ट्रेलर 27 दिसंबर को सलमान खान के जन्मदिन के मौके पर रिलीज हुआ था। ट्रेलर सामने आने के बाद चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सलमान खान की ड्रेस और हेयर स्टाइल को लेकर भी आलोचना हुई थी। चीनी एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बॉलीवुड फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन वे इतिहास को बदल नहीं सकतीं। चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झोंगपिंग के हवाले से लिखा था कि भारत में फिल्मों का इस्तेमाल देशभक्ति की भावना को बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि, उनके मुताबिक कोई भी फिल्म गलवान झड़प से जुड़े तथ्यों को नहीं बदल सकती। सॉन्ग ने दावा किया था कि पहले भारतीय सैनिकों ने सीमा पार की थी और इसके जवाब में चीनी सैनिकों ने चीनी सीमा की रक्षा की थी। आलोचना के बाद मेकर्स ने फिल्म के कुछ हिस्सों को दोबारा शूट करने का फैसला किया। करीब 40 दिनों तक री-शूट किया गया, ताकि कहानी के कुछ हिस्सों में बदलाव कर उसे ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके। इसी वजह से फिल्म की तय रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई।आपत्ति उठाए जाने पर टाइटल बदलकर मातृभूमिः मे वॉर रेस्ट इन पीस कर दिया गया है। फिल्म के नाम और रिलीज में बदलाव को गलवान संघर्ष से जुड़े संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे से भी जोड़कर देखा गया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘मातृभूमि’ को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फिल्म की सीबीएफसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। सर्टिफिकेट से जुड़े दावों के बीच सलमान खान फिल्म्स ने बयान जारी कर कहा कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया। इसलिए इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे। फिल्म में सलमान खान मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके अलावा ‘मातृभूमि’ में चित्रांगदा सिंह, अंकुर भाटिया, अभिलाष चौधरी और जेन शॉ समेत कई कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सीबीएफसी कैसे काम करता है? सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड के पास फिल्म के सर्टिफिकेशन के लिए अधिकतम 68 दिनों का समय होता है। पहले फिल्म के आवेदन की जांच की जाती है। इसमें एक हफ्ते का समय लगता है। इसके बाद फिल्म को जांच समिति के पास भेजा जाता है। उनके पास फिल्म की जांच के लिए 15 दिनों का समय होता है। जांच समिति फिल्म को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पास भेजती है। सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष फिल्म की जांच के लिए अधिकतम 10 दिनों का समय ले सकता है। इसके बाद 36 दिनों के भीतर सेंसर बोर्ड आवेदक को जरूरी कट्स के बारे में जानकारी और सर्टिफिकेट प्रदान करता है।

कमाल कर दिया पायलट जी…:सलमान खान ने की पायलट स्मित मच्छर की तारीफ, कहा- आपको सैल्यूट; कई सेलेब्स ने की सराहना

कमाल कर दिया पायलट जी...:सलमान खान ने की पायलट स्मित मच्छर की तारीफ, कहा- आपको सैल्यूट; कई सेलेब्स ने की सराहना

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर को-पायलट ने हमला कर दिया। फ्लाइट क्रैश होने की कंडीशन में थी, लेकिन अमित ने जख्मी हालत में भी सूझबूझ से सभी की जान बचाई। शुक्रवार को सलमान खान ने देर रात पायलट स्मित मच्छर की सराहना की है। सलमान खान ने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से लिखा है, ‘कमाल कर दिया पायलट जी, हम सब आपको सैल्यूट करते हैं। आपके साथ उड़ान भरने में गर्व महसूस होगा। वेल डन ब्रो कैप्टन स्मित मच्छर।’ इन सेलेब्स ने भी की सराहना- जावेद अख्तर बोले- महावीर चक्र के हकदार हैं स्मित जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अतुलनीय है। वे बिना किसी शक के महावीर चक्र जैसे बड़े सम्मान के हकदार हैं। जावेद अख्तर के अलावा शमिता शेट्टी और रिद्धिमा कपूर साहनी ने भी कैप्टन स्मित के जज्बे की सराहना की है। परेश रावल ने दिया ‘क्रांतिवीर’ फिल्म का रेफरेंस अभिनेता परेश रावल ने कैप्टन के सरनेम ‘मच्छार’ पर चुटकी लेते हुए 1994 में आई अपनी मशहूर फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें नाना पाटेकर का वह मशहूर डायलॉग याद आ रहा है- ‘एक मच्छर आदमी को…!’ वहीं, एक्ट्रेस रवीना टंडन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर करके कैप्टन स्मित को असली हीरो बताया। रवि किशन, आर माधवन और विजय देवरकोंडा की प्रतिक्रिया अभिनेता और सांसद रवि किशन ने लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और अदम्य साहस की मिसाल हैं। खुद गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी दूसरों की रक्षा करना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। साउथ स्टार विजय देवरकोंडा और बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को शेयर किया। माधवन ने लिखा कि वे देश के इस सच्चे हीरो के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। वहीं विजय देवरकोंडा ने लिखा कि कैप्टन ने जो किया वह अविश्वसनीय है। क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान 174 यात्रियों को लेकर दुबई से तेल अवीव जा रहा था। जब प्लेन सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर आकर हमलावर को दबोच लिया। इसके बाद प्लेन को तबूक में सेफ लैंड कराया गया। PM मोदी ने भी की वीडियो कॉल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और हाल-चाल जाना। पीएम ने X पर लिखा कि कैप्टन स्मित एक हीरो हैं। गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों जिंदगियां बचीं और एक बड़ा हादसा टल गया। पूरे भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कॉमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है।

कमाल कर दिया पायलट जी…:सलमान खान ने की पायलट स्मित मच्छर की तारीफ, कहा- आपको सैल्यूट; कई सेलेब्स ने की सराहना

कमाल कर दिया पायलट जी...:सलमान खान ने की पायलट स्मित मच्छर की तारीफ, कहा- आपको सैल्यूट; कई सेलेब्स ने की सराहना

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर को-पायलट ने हमला कर दिया। फ्लाइट क्रैश होने की कंडीशन में थी, लेकिन अमित ने जख्मी हालत में भी सूझबूझ से सभी की जान बचाई। शुक्रवार को सलमान खान ने देर रात पायलट स्मित मच्छर की सराहना की है। सलमान खान ने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से लिखा है, ‘कमाल कर दिया पायलट जी, हम सब आपको सैल्यूट करते हैं। आपके साथ उड़ान भरने में गर्व महसूस होगा। वेल डन ब्रो कैप्टन स्मित मच्छर।’ इन सेलेब्स ने भी की सराहना- जावेद अख्तर बोले- महावीर चक्र के हकदार हैं स्मित जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अतुलनीय है। वे बिना किसी शक के महावीर चक्र जैसे बड़े सम्मान के हकदार हैं। जावेद अख्तर के अलावा शमिता शेट्टी और रिद्धिमा कपूर साहनी ने भी कैप्टन स्मित के जज्बे की सराहना की है। परेश रावल ने दिया ‘क्रांतिवीर’ फिल्म का रेफरेंस अभिनेता परेश रावल ने कैप्टन के सरनेम ‘मच्छार’ पर चुटकी लेते हुए 1994 में आई अपनी मशहूर फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें नाना पाटेकर का वह मशहूर डायलॉग याद आ रहा है- ‘एक मच्छर आदमी को…!’ वहीं, एक्ट्रेस रवीना टंडन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर करके कैप्टन स्मित को असली हीरो बताया। रवि किशन, आर माधवन और विजय देवरकोंडा की प्रतिक्रिया अभिनेता और सांसद रवि किशन ने लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और अदम्य साहस की मिसाल हैं। खुद गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी दूसरों की रक्षा करना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। साउथ स्टार विजय देवरकोंडा और बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को शेयर किया। माधवन ने लिखा कि वे देश के इस सच्चे हीरो के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। वहीं विजय देवरकोंडा ने लिखा कि कैप्टन ने जो किया वह अविश्वसनीय है। क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान 174 यात्रियों को लेकर दुबई से तेल अवीव जा रहा था। जब प्लेन सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर आकर हमलावर को दबोच लिया। इसके बाद प्लेन को तबूक में सेफ लैंड कराया गया। PM मोदी ने भी की वीडियो कॉल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और हाल-चाल जाना। पीएम ने X पर लिखा कि कैप्टन स्मित एक हीरो हैं। गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों जिंदगियां बचीं और एक बड़ा हादसा टल गया। पूरे भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कॉमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है। इजराइल और गुजरात सरकार सम्मानित करेगी कैप्टन स्मित मच्छर को इजराइल सम्मानित करेगा। भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार ने इंडिया टुडे से बातचीत में यह जानकारी दी। वहीं, गुजरात सरकार ने भी कैप्टन स्मित को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है। ट्रम्प और नेतन्याहू ने हीरो बताया था इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ की और उन्हें सच्चा हीरो बताया। नेतन्याहू ने कहा कि मच्छर की बहादुरी से विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कैप्टन मच्छर को हीरो बताया और उनकी बहादुरी की सराहना की।

खुद को खूबसूरत नहीं मानती थीं हरलीन सेठी:बोलीं- ‘ब्रोकन’ ने बदली जिंदगी; दर्शकों की तारीफों से आत्मविश्वास मिला, खुद से प्यार करना सीखा

खुद को खूबसूरत नहीं मानती थीं हरलीन सेठी:बोलीं- ‘ब्रोकन’ ने बदली जिंदगी; दर्शकों की तारीफों से आत्मविश्वास मिला, खुद से प्यार करना सीखा

रिलेटेबल चेहरा, दमदार अदाकारी और लगातार मेहनत के दम पर हरलीन सेठी ने अपने हर किरदार से अलग पहचान बनाई है। ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’, ‘कोहरा’, ‘बैड कॉप’ और ‘डॉक्टर्स’ जैसे प्रोजेक्ट्स के बाद अब वह ‘शक’ में नजर आ रही हैं। अपने किरदारों से हरलीन ने साबित किया है कि वह खुद को सिर्फ नायिका की पारंपरिक छवि तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में हरलीन ने अपने बचपन, अभिनय की शुरुआत, ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ की सफलता और रिजेक्शन के अनुभवों पर बात की। उन्होंने सह-कलाकारों और ‘शक’ में श्रेया के किरदार की तैयारी से जुड़े अनुभव भी साझा किए। सवाल: बचपन में कैसी थीं? अभिनय का ख्याल कब आया? जवाब: मैं बचपन से ही बहुत मस्तमौला थी। खेल-कूद और दूसरी गतिविधियों में काफी रुचि थी। हालांकि, अभिनय करने का कोई प्लान नहीं था। मुझे सिर्फ इतना पता था कि परफॉर्मिंग आर्ट्स में कुछ करना है। मुझे संगीत में भी बहुत रुचि थी। याद है, बचपन में ‘कल हो न हो’ की कैसेट आई थी। मैंने उसे पूरे दिन बजाया था। मेरे दादा ने मजाक में कहा था कि जब तक सारे गाने याद नहीं हो जाएंगे, तब तक हमें यही सुनाती रहोगी। फिर संगीत से डांस और डांस से धीरे-धीरे अभिनय की तरफ आ गई। सवाल: क्या आप पढ़ाई में भी आप काफी अच्छी थीं? जवाब: हां। मैंने विज्ञापन में पढ़ाई की और पूरे मुंबई में टॉप-5 में थी। उस समय टीचर और आसपास के लोग चाहते थे कि मैं पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ूं। लेकिन मेरा मन वहां पूरी तरह नहीं था। मैंने विज्ञापन एजेंसी में काम करने के बारे में सोचा। विज्ञापनों में असिस्टेंट डायरेक्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर भी काम किया। दरअसल, मैं लगातार तलाश रही थी कि परफॉर्मिंग आर्ट्स में आखिर मुझे करना क्या है। सवाल: वह कौन सा पल था, जब लगा कि अभिनय ही करना है? जवाब: कोई एक पल तो याद नहीं, लेकिन जब मैंने अपना पहला विज्ञापन किया, तब आधे दिन के काम के लिए मुझे 17 हजार रुपए मिले थे। मैंने सोचा कि मैंने ऐसा क्या काम किया? बस मुस्कुराई और विज्ञापन किया। उस समय मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी। उसके बाद धीरे-धीरे विश्वास बढ़ता गया। मैंने कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापन किए। लेकिन असली आत्मविश्वास वेब सीरीज ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ से आया। सवाल: ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ आपके लिए कितना बड़ा मोड़ था? जवाब: यह मेरे लिए बहुत बड़ा मोड़ था। लोगों ने समीरा के किरदार से बहुत जुड़ाव महसूस किया। पहली बार मैंने लोगों को अपनी खूबसूरती और आवाज की तारीफ करते सुना। मैंने कभी खुद को उस नजर से नहीं देखा था। मुझे लगता था कि मैं खूबसूरत नहीं हूं, क्योंकि मेरी मां बहुत खूबसूरत हैं और मेरा भाई भी उन पर गया है। ‘ब्रोकन’ के बाद पहली बार मुझे लगा कि शायद मैं भी खूबसूरत हूं। यह मेरे लिए सिर्फ अभिनय की सफलता नहीं थी, बल्कि खुद को स्वीकार करने की यात्रा भी थी। सवाल: क्या आपको लगा था कि ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ इतना बड़ा बनेगा? जवाब: बिल्कुल नहीं। हमने बहुत सच्चाई और प्यार से इसे बनाया था, लेकिन यह कल्ट बन जाएगा, इसकी कल्पना नहीं की थी। आज भी रोमांटिक सीरीज की बात होती है तो ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ का जिक्र होता है। शो दोबारा ट्रेंड हुआ, लोगों ने इसके किरदारों और संगीत को फिर से पसंद किया। मुझे उन लड़कियों की तस्वीरें मिलीं, जिन्होंने समीरा वाला टैटू तक बनवाया था। कई लोगों ने लिखा कि समीरा के किरदार ने उन्हें खुद से प्यार करना सिखाया। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। सवाल: ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ में विक्रांत मैसी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा। जब आप करियर की शुरुआत कर रहे होते हैं, तब सामने वाला आपको छोटा महसूस न कराए, यह बहुत जरूरी होता है। विक्रांत ने कभी मुझे ऐसा महसूस नहीं कराया कि वह मुझसे ज्यादा अनुभवी हैं। उन्होंने मेरी काफी मदद की और एक बार मेरी परफॉर्मेंस देखकर कहा था कि मैं उन्हें एक अनुभवी कलाकार जैसी लगी। मेरे लिए यह बहुत बड़ा कॉम्प्लिमेंट था। सवाल: ‘ब्रोकन’ के बाद आपने ‘कोहरा’ में मुख्य भूमिका के बजाय महत्वपूर्ण किरदार क्यों चुना? जवाब: मेरे लिए अच्छी कहानी और अच्छे फिल्ममेकर्स के साथ काम करना ज्यादा जरूरी था। ‘कोहरा’ के ऑडिशन के लिए जो सीन मुझे मिले, उन्हें पढ़कर ही लगा कि यह बहुत अच्छा प्रोजेक्ट है। सुदीप शर्मा सर के साथ काम करने का मौका भी मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था। उन्होंने मुझसे कहा था, ‘हरलीन, बस मुझ पर भरोसा रखो और इसे करो।’ मैंने उन पर भरोसा किया और ‘कोहरा’ मेरे लिए एक बड़ा मोड़ बन गया। सवाल: ‘कोहरा’ और ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ की सफलता में क्या अंतर महसूस हुआ? जवाब: ‘ब्रोकन’ को दर्शकों से बहुत प्यार मिला। ‘कोहरा’ को इंडस्ट्री के लोगों से भी बहुत सराहना मिली और दर्शकों ने भी इसे पसंद किया। इन दोनों तरह की स्वीकृति का मिलना बहुत खास होता है। बहुत कम प्रोजेक्ट्स ऐसे होते हैं जिन्हें दर्शक भी पसंद करें और इंडस्ट्री के लोग भी उतनी ही गंभीरता से लें। सवाल: ‘बैड कॉप’ में अनुराग कश्यप और गुलशन देवैया जैसे कलाकारों के साथ काम करना कैसा रहा? जवाब: बहुत मजेदार अनुभव था। गुलशन बहुत मजेदार और अलग तरह के इंसान हैं। उन्हें देखकर ही आपको मनोरंजन मिलता रहता है। अनुराग कश्यप हमेशा से मेरे पसंदीदा निर्देशकों में रहे हैं। उनके साथ एक ही प्रोजेक्ट में काम करना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। सौरभ सचदेवा, गुलशन, विक्रांत, शरद केलकर जैसे कलाकारों के बीच मैं अनुभव के मामले में सबसे जूनियर थी। इसलिए मेरी कोशिश रहती थी कि मैं मेहनत करके जाऊं और उनके सामने कम न लगूं। सवाल: अनुराग कश्यप के निर्देशन में काम करने की इच्छा भी है? जवाब: बिल्कुल। मैंने उनकी एक फिल्म के लिए ऑडिशन भी दिया था। बाद में किरदार बदल गया और उसमें एक अलग तरह के उच्चारण की जरूरत थी, इसलिए बात आगे नहीं बढ़ी। लेकिन उन्होंने मेरा ऑडिशन देखा था और खुद फोन करके मेरी तारीफ की थी। उम्मीद है, आगे उनके निर्देशन में काम करने का मौका मिले। सवाल: ‘शक’ के लिए

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शामिल हुए। पुलिस की इजाजत न मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी पहुंचे। शर्लिन चोपड़ा और विशाल भारद्वाज समेत कई सेलेब्स ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। इन बॉलीवुड सेलेब्स की मौजूदगी से प्रदर्शन स्थल पर भीड़ जुट गई। इन कलाकारों ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार का खुलकर समर्थन किया। नसीरुद्दीन शाह ने दीपके को गले लगाकर कहा शुक्रिया प्रदर्शन के दौरान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस वीडियो को शेयर किया। वीडियो में नसीरुद्दीन शाह आयोजक अभिजीत को गले लगाते और धन्यवाद कहते दिख रहे हैं। अभिजीत ने बताया कि वे नसीरुद्दीन शाह के बहुत बड़े फैन हैं और उनका इस प्रदर्शन में आना किसी सपने के सच होने जैसा है। शबाना आजमी बोलीं- अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी अभिनेत्री शबाना आजमी भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं और उनका हौसला बढ़ाया। शबाना ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। जब वोटर लिस्ट से बिना किसी कारण लोगों के नाम हटा दिए जाएं, तो जनता का विरोध करना बिल्कुल सही है। इससे पहले शबाना आजमी नीट पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हो चुकी हैं। संगीतकार विशाल ददलानी ने जताया समर्थन बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया। विशाल ने कार्यक्रम से पहले भी सोशल मीडिया के जरिए इस प्रदर्शन का समर्थन किया था। सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से विशाल की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर बोलीं शर्लिन चोपड़ा एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या नहीं होनी चाहिए और नागरिकों से मतदान का हक नहीं छीना जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए जिन 13 करोड़ भारतीयों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, क्या यह साबित किया जा सकता है कि वे गैर-नागरिक हैं। शर्लिन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करती हैं और उन्हें पिता तुल्य मानती हैं, इसलिए एक बेटी के तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराना उनका अधिकार है। उन्होंने पीएम मोदी से भारतीय नागरिकों के इस अधिकार को न छीनने की अपील की। सीजेपी की मांग और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए किया मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट लीक के बाद दो महीने में यह उनका दूसरा बड़ा आंदोलन है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज सकती है। दरअसल, यह विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ था।

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शामिल हुए। पुलिस की इजाजत न मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी पहुंचे। शर्लिन चोपड़ा और विशाल भारद्वाज समेत कई सेलेब्स ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। इन बॉलीवुड सेलेब्स की मौजूदगी से प्रदर्शन स्थल पर भीड़ जुट गई। इन कलाकारों ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार का खुलकर समर्थन किया। नसीरुद्दीन शाह ने दीपके को गले लगाकर कहा शुक्रिया प्रदर्शन के दौरान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस वीडियो को शेयर किया। वीडियो में नसीरुद्दीन शाह आयोजक अभिजीत को गले लगाते और धन्यवाद कहते दिख रहे हैं। अभिजीत ने बताया कि वे नसीरुद्दीन शाह के बहुत बड़े फैन हैं और उनका इस प्रदर्शन में आना किसी सपने के सच होने जैसा है। शबाना आजमी बोलीं- अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी अभिनेत्री शबाना आजमी भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं और उनका हौसला बढ़ाया। शबाना ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। जब वोटर लिस्ट से बिना किसी कारण लोगों के नाम हटा दिए जाएं, तो जनता का विरोध करना बिल्कुल सही है। इससे पहले शबाना आजमी नीट पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हो चुकी हैं। संगीतकार विशाल ददलानी ने जताया समर्थन बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया। विशाल ने कार्यक्रम से पहले भी सोशल मीडिया के जरिए इस प्रदर्शन का समर्थन किया था। सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से विशाल की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर बोलीं शर्लिन चोपड़ा एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या नहीं होनी चाहिए और नागरिकों से मतदान का हक नहीं छीना जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए जिन 13 करोड़ भारतीयों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, क्या यह साबित किया जा सकता है कि वे गैर-नागरिक हैं। शर्लिन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करती हैं और उन्हें पिता तुल्य मानती हैं, इसलिए एक बेटी के तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराना उनका अधिकार है। उन्होंने पीएम मोदी से भारतीय नागरिकों के इस अधिकार को न छीनने की अपील की। सीजेपी की मांग और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए किया मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट लीक के बाद दो महीने में यह उनका दूसरा बड़ा आंदोलन है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज सकती है। दरअसल, यह विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ था।

174 लोगों को बचाने वाले पायलट को बॉलीवुड का सलाम:जावेद अख्तर बोले- स्मित को महावीर चक्र मिले; माधवन-देवरकोंडा समेत कई सेलेब्स ने की तारीफ

174 लोगों को बचाने वाले पायलट को बॉलीवुड का सलाम:जावेद अख्तर बोले- स्मित को महावीर चक्र मिले; माधवन-देवरकोंडा समेत कई सेलेब्स ने की तारीफ

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले के बाद भी 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर कई बॉलीवुड सेलेब्स ने रिएक्शन दिया है। लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने मांग की है कि कैप्टन स्मित को देश का दूसरा सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘महावीर चक्र’ दिया जाना चाहिए। वहीं, परेश रावल, रवीना टंडन, रवि किशन, विजय देवरकोंडा और आर माधवन समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कैप्टन की हिम्मत और सूझबूझ की तारीफ की है। जावेद अख्तर बोले- महावीर चक्र के हकदार हैं स्मित जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अतुलनीय है। वे बिना किसी शक के महावीर चक्र जैसे बड़े सम्मान के हकदार हैं। जावेद अख्तर के अलावा शमिता शेट्टी और रिद्धिमा कपूर साहनी ने भी कैप्टन स्मित के जज्बे की सराहना की है। परेश रावल ने दिया ‘क्रांतिवीर’ फिल्म का रेफरेंस अभिनेता परेश रावल ने कैप्टन के सरनेम ‘मच्छार’ पर चुटकी लेते हुए 1994 में आई अपनी मशहूर फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें नाना पाटेकर का वह मशहूर डायलॉग याद आ रहा है- ‘एक मच्छर आदमी को…!’ वहीं, एक्ट्रेस रवीना टंडन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर करके कैप्टन स्मित को असली हीरो बताया। रवि किशन, आर माधवन और विजय देवरकोंडा की प्रतिक्रिया अभिनेता और सांसद रवि किशन ने लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और अदम्य साहस की मिसाल हैं। खुद गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी दूसरों की रक्षा करना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। साउथ स्टार विजय देवरकोंडा और बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को शेयर किया। माधवन ने लिखा कि वे देश के इस सच्चे हीरो के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। वहीं विजय देवरकोंडा ने लिखा कि कैप्टन ने जो किया वह अविश्वसनीय है। क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान 174 यात्रियों को लेकर दुबई से तेल अवीव जा रहा था। जब प्लेन सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर आकर हमलावर को दबोच लिया। इसके बाद प्लेन को तबूक में सेफ लैंड कराया गया। PM मोदी ने भी की वीडियो कॉल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और हाल-चाल जाना। पीएम ने X पर लिखा कि कैप्टन स्मित एक हीरो हैं। गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों जिंदगियां बचीं और एक बड़ा हादसा टल गया। पूरे भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कॉमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है।