Saturday, 07 Nov 2026 | 10:34 PM

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हनुमान अंश ने वर्ल्डवाइड कमाए 400 करोड़:52वें दिन में कमाई का रिकॉर्ड बनाया, 2026 की तीसरी बड़ी फिल्म; जानिए कैसी रही दूसरी फिल्मों की कमाई

हनुमान अंश ने वर्ल्डवाइड कमाए 400 करोड़:52वें दिन में कमाई का रिकॉर्ड बनाया, 2026 की तीसरी बड़ी फिल्म; जानिए कैसी रही दूसरी फिल्मों की कमाई

महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश ने 52 दिनों में 400 करोड़ रुपए का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है। फिल्म ने 52वें दिन यानी रविवार को रिकॉर्ड 9 करोड़ रुपए की कमाई की है। इस मामले में इसने धुरंधर और धुरंधर 2 जैसी बड़ी फिल्मों का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने 52वें दिन 1-2 करोड़ ही कमाए थे। इसी के साथ हनुमान अंश मिर्जापुर, भूत बंगला जैसी फिल्मों को पछाड़ते हुए साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड भी बना चुकी है। फिल्म हनुमान अंश ने शुक्रवार, 25 सितंबर को सिनेमाघरों में अपने 50 दिन पूरे कर लिए। आमतौर पर इतनी लंबी अवधि के बाद ज्यादातर फिल्मों की कमाई धीमी पड़ने लगती है, लेकिन ‘हनुमान अंश’ के मामले में ऐसा नहीं हुआ। शनिवार (26 सितंबर) को फिल्म ने 6.50 करोड़ और रविवार (27 सितंबर) को 9 करोड़ का कलेक्शन किया। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 401.20 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म ने 52वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड बनाया है। इसमें भारत से 362.70 करोड़ रुपये और विदेशों से 38.50 करोड़ रुपये की कमाई शामिल है। फिल्म की विदेशों में रिलीज 11 सितंबर को होम्बले फिल्म्स के जरिए शुरू हुई थी, इसलिए वहां इसका सफर अभी शुरुआती दौर में है। आने वाले दिनों में वर्ल्डवाइड कमाई और बढ़ने के अनुमान हैं। इस फिल्म के 49वें दिन यानी 25 सितंबर को सिनेमाघरों में सिद्धार्थ मल्होत्रा- तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म द-वनः फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट रिलीज हुई। फिल्म ने 8 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया, जबकि इस दिन हनुमान अंश ने 3.35 करोड़ कमाए। फिल्म वी-वन ने 33 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया है। साउथ फिल्म पैराडाइज ने कमाई में सिद्धार्थ की फिल्म को पछाड़ा वी-वन से पहले 23 सितंबर को साउथ फिल्म पैराडाइज रिलीज हुई। ये फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। फिल्म ने 11 करोड़ रुपए से ओपनिंग की थी और रविवार तक इसका कलेक्शन सभी भाषाओं में 92 करोड़ हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनुमान अंश के सिंगर की परफॉर्मेंस में अचानक पहुंचे नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान

पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान

सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। श्वेता सिंह कीर्ति ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा- ‘आप सब जानते हैं कि जो भाई के साथ हुआ वो गलत है। हमें कुछ समय पहले ही पता चला है कि भाई का पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने कहा है कि उस पर स्टन गन इस्तेमाल हुई थी। उसके पैर टूटे हुए थे। उस पर काफी सारा फोर्स लगाया गया था। आंखों में भी चोट आई थी।’ आगे श्वेता सिंह कीर्ति ने कहा, ‘आप लोगों को लगता है कि भाई के साथ जो हुआ वो गलत था, जाहिर तौर पर गलत था। हम सब दिलों में जानते हैं कि जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए था। मैं आप सबसे कहना चाहती हूं कि मैं उसकी बहन हूं, मैं जानती हूं कि ये कैसा लगता है कि हमारे किसी करीबी से साथ ऐसा कुछ हुआ है। जब ये हमारे साथ हो, तो हम माफ कर सकते हैं, लेकिन किसी अपने के साथ ऐसा हो तो ये भूलने के लिए काफी हिम्मत लगती है।’ श्वेता ने वीडियो के आखिर में लोगों से अपील की है कि वो नफरत या बदले की भावना न रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी फैंस भगवान पर भरोसा रखें। वीडियो के कैप्शन में श्वेता ने लिखा है, ‘मैं ये नहीं कह रही हूं कि न्याय और सही के लिए लड़ाई मत करो, मैं कह रही हूं कि इसे प्यार की भावना के साथ करें बदले की भावना के साथ नहीं।’ बता दें कि श्वेता सिंह कीर्ति में कहीं भी साफ नहीं किया है कि पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने उनसे या किसी एथॉरिटी से बात की है या नहीं। ना ही उन्होंने इन दावों से जुड़े कोई साक्ष्य दिखाए हैं। दैनिक भास्कर उनके दावों की पुष्टि नहीं करता है। CBI जांच में मौत को आत्महत्या करार दिया गया सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को बांद्रा में अपने घर पर रहस्यमयी तरीके से मृत पाए गए थे। पहली नजर में मामला सुसाइड का लगा था, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत, मीडिया और विपक्षी दलों के प्रेशर की वजह से मामले की जांच को CBI को सौंपी गई। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत की असल वजह सुसाइड ही बताई गई है। इस केस में CBI ने 6 अगस्त 2020 को FIR दर्ज की थी। 4 साल 6 महीने 15 दिन बाद CBI ने मार्च 2025 में फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, जिसमें कहा गया कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। रिया चक्रवर्ती और अन्य को मामले में क्लीनचिट दी गई। मैनेजर दिशा सालियान डेथ केस से फिर चर्चा में सुशांत का मामला सुशांत सिंह राजपूत के निधन से एक हफ्ते पहले ही उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी मौत हुई थी। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा के पिता की मांग पर 13 सितंबर को दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच CBI का सौंपी गई है। दिशा सालियान डेथ केस की जांच दोबारा शुरू होने से सुशांत का केस भी फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है, ‘मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।’ चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।

पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान

पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान

सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। श्वेता सिंह कीर्ति ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा- ‘आप सब जानते हैं कि जो भाई के साथ हुआ वो गलत है। हमें कुछ समय पहले ही पता चला है कि भाई का पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने कहा है कि उस पर स्टन गन इस्तेमाल हुई थी। उसके पैर टूटे हुए थे। उस पर काफी सारा फोर्स लगाया गया था। आंखों में भी चोट आई थी।’ आगे श्वेता सिंह कीर्ति ने कहा, ‘आप लोगों को लगता है कि भाई के साथ जो हुआ वो गलत था, जाहिर तौर पर गलत था। हम सब दिलों में जानते हैं कि जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए था। मैं आप सबसे कहना चाहती हूं कि मैं उसकी बहन हूं, मैं जानती हूं कि ये कैसा लगता है कि हमारे किसी करीबी से साथ ऐसा कुछ हुआ है। जब ये हमारे साथ हो, तो हम माफ कर सकते हैं, लेकिन किसी अपने के साथ ऐसा हो तो ये भूलने के लिए काफी हिम्मत लगती है।’ श्वेता ने वीडियो के आखिर में लोगों से अपील की है कि वो नफरत या बदले की भावना न रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी फैंस भगवान पर भरोसा रखें। वीडियो के कैप्शन में श्वेता ने लिखा है, ‘मैं ये नहीं कह रही हूं कि न्याय और सही के लिए लड़ाई मत करो, मैं कह रही हूं कि इसे प्यार की भावना के साथ करें बदले की भावना के साथ नहीं।’ बता दें कि श्वेता सिंह कीर्ति में कहीं भी साफ नहीं किया है कि पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने उनसे या किसी एथॉरिटी से बात की है या नहीं। ना ही उन्होंने इन दावों से जुड़े कोई साक्ष्य दिखाए हैं। दैनिक भास्कर उनके दावों की पुष्टि नहीं करता है। CBI जांच में मौत को आत्महत्या करार दिया गया सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को बांद्रा में अपने घर पर रहस्यमयी तरीके से मृत पाए गए थे। पहली नजर में मामला सुसाइड का लगा था, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत, मीडिया और विपक्षी दलों के प्रेशर की वजह से मामले की जांच को CBI को सौंपी गई। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत की असल वजह सुसाइड ही बताई गई है। इस केस में CBI ने 6 अगस्त 2020 को FIR दर्ज की थी। 4 साल 6 महीने 15 दिन बाद CBI ने मार्च 2025 में फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, जिसमें कहा गया कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। रिया चक्रवर्ती और अन्य को मामले में क्लीनचिट दी गई। मैनेजर दिशा सालियान डेथ केस से फिर चर्चा में सुशांत का मामला सुशांत सिंह राजपूत के निधन से एक हफ्ते पहले ही उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी मौत हुई थी। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा के पिता की मांग पर 13 सितंबर को दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच CBI का सौंपी गई है। दिशा सालियान डेथ केस की जांच दोबारा शुरू होने से सुशांत का केस भी फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है, ‘मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।’ चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।

लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी:पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आपका योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा, कभी इनका गाना सुनकर रोए जवाहरलाल नेहरू, जानिए कहानी

लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी:पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आपका योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा, कभी इनका गाना सुनकर रोए जवाहरलाल नेहरू, जानिए कहानी

लीजेंड्री गायिका लता मंगेशकर की आज 97वीं बर्थ एनिवर्सरी है। लता मंगेश्कर का जन्म 28 सितंबर 1929 में हुआ था। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘अपनी दिव्य गायन प्रतिभा से विश्व में देश का नाम रोशन करने वालीं आदरणीया लता दीदी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने भारतवर्ष को न केवल अपने सुमधुर सुरों से सजाया-संवारा, बल्कि देश की समृद्धि से जुड़ी हर पहल को भी सदैव प्रोत्साहित किया। भारतीय संगीत जगत में उनका अप्रतिम योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा।’ लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी पर पढ़िए, स्वरकोकिला बनने की कहानी, गानों के चुनिंदा किस्सों के साथ- 28 सितंबर 1929 को लता दीदी का जन्म इंदौर के एक सिख मोहल्ले में मौसी के घर हुआ। उन्होंने 5 साल की उम्र से ही संगीत सिखाना शुरू कर दिया था। वहीं 9 साल की उम्र से वो अपने पिता दीनानाथ मंगेशकर के साथ नाटक कंपनी में शोज करने लगीं। 1940-41 के आसपास दिल्ली में ऑल इंडिया रेडियो के बुलावे पर लता दीदी पिता के साथ पहली बार रिकॉर्डिंग के लिए गई थीं। 24 अप्रैल 1942 को पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। पहले गाने के लिए मिली 25 रुपए फीस पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी लता दीदी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान पिता के दोस्त और फिल्ममेकर मास्टर विनायक ने उन्हें अपनी मराठी फिल्म पहिली मंगला गौर के लिए अप्रोच किया। पैसों की जरूरत थी तो उन्होंने हां कर दी और फिल्म में एक छोटा सा रोल भी किया। साथ में उन्होंने फिल्म के गाने नटली चैत्राची नवलाई गाना भी गाया। इस गाने के लिए उन्हें 25 रुपए फीस मिली थी और फिल्म में रोल के लिए कुल 300 रुपए। इसके बाद उन्होंने मास्टर विनायक की कंपनी में काम किया। अपनी बायोग्राफी में लता मंगेश्कर ने कहा, ‘13 साल की उम्र में पूरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई थी। ऐसे में न चाहते हुए भी मुझे फिल्मों में काम करना पड़ा। घर में मां के अलावा चार भाई-बहनों की परवरिश एक चुनौती थी, जिसके लिए फिल्मों में काम करने का रास्ता ही मुझे ठीक लगा।’ पैसों की कमी की वजह से घर खाली करने की नौबत आ गई थी दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद लता दीदी पूरे परिवार को लेकर कोल्हापुर आ गई थीं। मास्टर विनायक ने उन्हें एक मकान रहने के लिए दिया। 1947 में मास्टर विनायक का निधन हो गया। इसके बाद उनके रिश्तेदारों ने लता पर घर खाली करने का दबाव डालना शुरू कर दिया। इसी बीच एक कैमरामैन लता से मिलने आए। उन्होंने कहा- एक हरिश्चंद्र बाली हैं, जो आपसे मिलकर आपका गाना सुनना चाहते हैं। अगले दिन उन्होंने जाकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने लता को सुना और गाना गाने का मौका दिया। इसके बदले उन्होंने लता को मोटी रकम दी। उसी पैसे से लताजी ने घर का किराया चुकाया। तब जाकर उन्हें उस घर में रहने दिया गया। चाचा ने कहा- परिवार का नाम खराब कर देगी ये लड़की लता मंगेशकर की बायोग्राफी लता सुरगाथा के मुताबिक, ‘14 साल की उम्र में मैं कोल्हापुर से मुंबई एक शो में गाने के लिए अपनी मौसी के साथ गई थी। यहां मैं अपने चाचा कमलनाथ मंगेशकर के घर रुकी थी। घर पहुंचते ही मैं रियाज करने लग गई। मगर चाचाजी मुझसे नाराज थे। उन्होंने मुझे देखकर कहा, ये लड़की भाई दीनानाथ मंगेशकर का नाम खराब कर देगी। कहां वो एक सुधी गायक और कहां ये लड़की। ये लड़की ठीक से गा नहीं पाएगी और पूरे खानदान का नाम मिट्टी में मिल जाएगा। उन लोगों की ये बात सुन मैं बहुत आहत हुई और रोने लगी।’ गाना सुनकर ललिता पवार ने दीं सोने की बालियां अगले दिन लता मंगेशकर परफॉर्मेंस के लिए पहुंचीं। दर्शकों के बीच एक्ट्रेस ललिता पवार भी मौजूद थीं। लता का गाना उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने खुश होकर ईनाम में सोने की बालियां दीं। जब आवाज पतली कहकर रिजेक्ट किया गया लता मंगेशकर को कुछ स्टेज शोज के बाद रिकॉर्डिंग के ऑफर मिलने लगे। एक रिकॉर्डिंग के बीच एक पठान ने उनका गाना सुना और गुलाम हैदर को उनका नाम सुझाया। पठान ने गुलाम हैदर से कहा- कोई एक नई लड़की आई है, जो बहुत ही उम्दा गाती है। आप उसे बुलाकर एक बार जरूर सुनें। मास्टर गुलाम हैदर अली ने मिलने के लिए हामी भर दी। अगले दिन लता मंगेशकर अपनी मौसेरी बहन के साथ मास्टर गुलाम हैदर अली के स्टूडियो मिलने गईं। मास्टर हैदर अली ने लता की मुलाकात प्रोड्यूसर शशधर मुखर्जी से करवाई, जो उस समय फिल्म शहीद पर काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने लता को काम देने से इनकार कर दिया। मुखर्जी ने कहा- इस लड़की की आवाज बहुत पतली है। इस पर मास्टर हैदर अली ने कहा- आने वाले दिनों में प्रोड्यूसर और डायरेक्टर इस लड़की के पैरों में गिरकर अपनी फिल्म में गाना गाने की विनती करेंगे। फिर मास्टर गुलाम हैदर ने ही लता को फिल्म ‘मजबूर’ के गीत ‘अंग्रेजी छोरा चला गया’ में गायक मुकेश के साथ गाने का मौका दिया। यह लता का पहला बड़ा ब्रेक था, इसके बाद उन्हें काम की कभी कमी नहीं हुई। बाद में शशधर ने अपनी गलती मानी और ‘अनारकली’, ‘जिद्दी’ जैसी फिल्मों में लता से कई गाने गवाए। जल्द ही लता मंगेशकर हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन सिंगर्स में शामिल हुईं और उन्होंने लगातार कई फिल्मों के गाने गाए। बीमार महबूब खान को फोन पर सुनाया गीत 1958 में फिल्ममेकर महबूब खान अमेरिका में ऑस्कर समारोह में गए थे। यहां पहुंचे उन्हें 2 दिन ही हुए थे कि उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उनका हाल जानने के लिए लता दीदी ने उन्हें फोन किया। महबूब खान ने बातचीत के दौरान कहा- विदेश में तुम्हारा गाना सुनने का बहुत मन कर रहा है, लेकिन यहां कहां से तुम्हारे गानों की रिकॉर्डिंग लाऊं। लता दीदी ने जवाब दिया- आप कौन सा गीत सुनना चाहते हैं। महबूब खान की फरमाइश पर लता दीदी ने उन्हें ‘रसिक बलमा’ गीत सुनाया। उनके इस गीत से महबूब खान की तबीयत में सुधार जरूर हुआ था। जब

पैपराजी, ट्रोल्स और AI के मिसयूज पर भड़के सलमान खान:कहा- सेंसर लगाने की सख्त जरूरत, मैं सीरियस हूं, मेरे भी फर्जी वीडियो आते हैं

पैपराजी, ट्रोल्स और AI के मिसयूज पर भड़के सलमान खान:कहा- सेंसर लगाने की सख्त जरूरत, मैं सीरियस हूं, मेरे भी फर्जी वीडियो आते हैं

सलमान खान ने रियलिटी शो बिग बॉस 20 के पिछले वीकेंड का वार में बैक पोज लेने पर पैपराजी को फटकारा था। अब इस हफ्ते सलमान ने फिर ये मुद्दा उठाया और सोशल मीडिया पर सेंसर लगाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने AI के मिसयूज पर भी नाराजगी जताई है। सलमान ने हालिया एपिसोड में कहा है, ‘AI का भी मिसयूज हो रहा है। किसी ने आपकी AI वॉयस लेकर किसी को गाली बक दी। आपको पता है ये लोग AI वीडियोज बना रहे हैं बहुत सारे लोगों के। यहां तक की मैं भी AI वीडियोज में होता हूं। कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें नहीं पता मैं कैसा हूं, वो पोस्ट कर देते हैं कि सलमान खान पब में था। जिनको ये बात पता है, जिन्होंने ये वीडियो बनाया है, वो किस तरह के लोग हैं।’ आगे सलमान ने कहा है, ‘इस तरह के लोगों को जेल में डालना चाहिए। जब तक एक दो अंदर जाएगा नहीं, तब तक ये सब रुकने वाला है नहीं। इसके लिए कानून लाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी सेंसर शिप होना चाहिए। मैं इस चीज को बेहद गंभीरता से लेने वाला हूं।’ शो में फिल्म हुंकार प्रमोट करने पहुंचीं फातिमा सना शेख ने सलमान की पैपराजी से जुड़ा मुद्दा उठाने पर तारीफ की। इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत दिनों से नोटिस कर रहा था। कुछ लड़कियां बहुत असहज हो जाती हैं। पैप्स ने कहा है कि वो भी अब से ये नहीं कर रहे हैं। एक-दो कोई ऐसे हैं, लेकिन अब बाकी के लोग ये नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग मोबाइल लेकर खड़े होते हैं, जो पैप्स हैं भी नहीं। असली प्रेस वालों और पैप्स को उनको वहां से भगाना चाहिए। कोई भी हाथ में कैमरा रख लेता है।’ सलमान ने कहा, ‘यहां सेंसर बोर्ड जैसा कुछ आना चाहिए, जहां लोगों को अपने कमेंट, शब्दों के लिए जवाबदेही लेनी चाहिए। इन्फ्लूएंसर्स इससे पैसे कमाते हैं। रोजगार के लिए ये अच्छा है, लेकिन इसका मिसयूज नहीं होना चाहिए।’ अपने ही वीडियोज देखकर हैरान हो जाते हैं सलमान सलमान खान ने बताया है कि वह कभी-कभी अपने ही AI वीडियोज देखकर शॉक हो जाते हैं। उसमें आवाज भी बिल्कुल रियल होती है। आगे सलमान ने कहा, ‘मैंने हाल ही में जो आवाज उठाई, उसकी लोगों से सहारना की। 10-15 प्रतिशत लोगों ने उसके भी मीम बनाए, लेकिन धीरे-धीरे करके ये पूरा खेल बदला जाना चाहिए।’ क्या था सलमान का पिछला बयान और क्या हुआ असर? बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। कई सेलेब्स ने की सलमान के बयान की सहारना एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की

पैपराजी, ट्रोल्स और AI के मिसयूज पर भड़के सलमान खान:कहा- सेंसर लगाने की सख्त जरूरत, मैं सीरियस हूं, मेरे भी फर्जी वीडियो आते हैं

पैपराजी, ट्रोल्स और AI के मिसयूज पर भड़के सलमान खान:कहा- सेंसर लगाने की सख्त जरूरत, मैं सीरियस हूं, मेरे भी फर्जी वीडियो आते हैं

सलमान खान ने रियलिटी शो बिग बॉस 20 के पिछले वीकेंड का वार में बैक पोज लेने पर पैपराजी को फटकारा था। अब इस हफ्ते सलमान ने फिर ये मुद्दा उठाया और सोशल मीडिया पर सेंसर लगाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने AI के मिसयूज पर भी नाराजगी जताई है। सलमान ने हालिया एपिसोड में कहा है, ‘AI का भी मिसयूज हो रहा है। किसी ने आपकी AI वॉयस लेकर किसी को गाली बक दी। आपको पता है ये लोग AI वीडियोज बना रहे हैं बहुत सारे लोगों के। यहां तक की मैं भी AI वीडियोज में होता हूं। कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें नहीं पता मैं कैसा हूं, वो पोस्ट कर देते हैं कि सलमान खान पब में था। जिनको ये बात पता है, जिन्होंने ये वीडियो बनाया है, वो किस तरह के लोग हैं।’ आगे सलमान ने कहा है, ‘इस तरह के लोगों को जेल में डालना चाहिए। जब तक एक दो अंदर जाएगा नहीं, तब तक ये सब रुकने वाला है नहीं। इसके लिए कानून लाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी सेंसर शिप होना चाहिए। मैं इस चीज को बेहद गंभीरता से लेने वाला हूं।’ शो में फिल्म हुंकार प्रमोट करने पहुंचीं फातिमा सना शेख ने सलमान की पैपराजी से जुड़ा मुद्दा उठाने पर तारीफ की। इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत दिनों से नोटिस कर रहा था। कुछ लड़कियां बहुत असहज हो जाती हैं। पैप्स ने कहा है कि वो भी अब से ये नहीं कर रहे हैं। एक-दो कोई ऐसे हैं, लेकिन अब बाकी के लोग ये नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग मोबाइल लेकर खड़े होते हैं, जो पैप्स हैं भी नहीं। असली प्रेस वालों और पैप्स को उनको वहां से भगाना चाहिए। कोई भी हाथ में कैमरा रख लेता है।’ सलमान ने कहा, ‘यहां सेंसर बोर्ड जैसा कुछ आना चाहिए, जहां लोगों को अपने कमेंट, शब्दों के लिए जवाबदेही लेनी चाहिए। इन्फ्लूएंसर्स इससे पैसे कमाते हैं। रोजगार के लिए ये अच्छा है, लेकिन इसका मिसयूज नहीं होना चाहिए।’ अपने ही वीडियोज देखकर हैरान हो जाते हैं सलमान सलमान खान ने बताया है कि वह कभी-कभी अपने ही AI वीडियोज देखकर शॉक हो जाते हैं। उसमें आवाज भी बिल्कुल रियल होती है। आगे सलमान ने कहा, ‘मैंने हाल ही में जो आवाज उठाई, उसकी लोगों से सहारना की। 10-15 प्रतिशत लोगों ने उसके भी मीम बनाए, लेकिन धीरे-धीरे करके ये पूरा खेल बदला जाना चाहिए।’ क्या था सलमान का पिछला बयान और क्या हुआ असर? बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। कई सेलेब्स ने की सलमान के बयान की सहारना एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की

गोविंदा विवाद में कश्मीरा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल को घेरा:सुनीता के सपोर्ट में कहा- को-स्टार को पर्सनल बातें कैसे पता; जानिए पूरा विवाद

गोविंदा विवाद में कश्मीरा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल को घेरा:सुनीता के सपोर्ट में कहा- को-स्टार को पर्सनल बातें कैसे पता; जानिए पूरा विवाद

बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा और उनकी कथित गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कोमल की ओर से सुनीता पर अपने ही पति को मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाने के बाद अब गोविंदा की भांजी कश्मीरा शाह मामी सुनीता के समर्थन में उतर आई हैं। कश्मीरा ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए कोमल पर निशाना साधते हुए कहा कि काम की जगह किसी को-स्टार को इतनी निजी बातें पता नहीं होती हैं। उन्होंने सुनीता को एक मजबूत महिला बताते हुए हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने की बात कही है। कश्मीरा बोलीं- 30 साल के करियर में ऐसा कभी नहीं सुना कश्मीरा शाह ने लिखा कि अपने 30 साल के करियर और 50 फिल्मों के अनुभव में किसी को-स्टार को उनकी निजी जिंदगी या भावनाओं की जानकारी नहीं रही। उन्होंने सिर्फ अपने पति कृष्णा से ही अपनी बातें शेयर की हैं। कश्मीरा ने सवाल उठाया कि काम करने की जगह ऐसा कोई रिश्ता उन्होंने कभी नहीं देखा, जहां किसी को-स्टार को इतनी पर्सनल बातें पता हों। ‘परिवार बचाने वाली महिलाओं को कातिल कहा जा रहा’ कोमल रानी के आरोपों का जवाब देते हुए कश्मीरा ने लिखा कि अपने परिवार का ध्यान रखने वाली महिलाओं को अक्सर घमंडी, हावी होने वाली या मतलबी कह दिया जाता है। लेकिन यह पहली बार है जब किसी को ‘कातिल’ कहा जा रहा है। कश्मीरा ने कहा कि अगर अपनों की सुरक्षा करने वाली मां, पत्नी या बहन को कातिल कहा जाता है, तो उन्हें इस पर गर्व है। उन्होंने सुनीता की तारीफ करते हुए कहा कि वे हमेशा उनके साथ खड़ी रहेंगी। कोमल रानी ने सुनीता पर लगाए थे गंभीर आरोप पति गोविंदा पर धोखा देने और कोमल रानी से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर लगा रहीं सुनीता ने हाल ही में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में कहा है कि जो औरत उनका घर तोड़ रही है, माता रानी उसे देखें। इस पर कोमल ने कहा है कि जो औरत पति को मारने की कोशिश कर रही है उसकी बद्दुआ किसी को नहीं लगती। साथ ही कोमल ने चेतावनी दी है कि सुनीता उनके नाम का इस्तेमाल न करें। कोमल रानी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सुनीता के बयान पर पलटवार कर लिखा, ‘जो औरत सालों से अपने ही पति को मारने की कोशिश कर रही हो, ऐसी औरतों की बद्दूआएं किसी को नहीं लगतीं। कोई भी व्यक्ति पहले से टूट चुके घर को नहीं तोड़ सकता। हमारे देश के लोग इतने मूर्ख नहीं हैं कि वे किसी कौए के पीछे सिर्फ इसलिए भागने लगें, क्योंकि किसी ने उनसे कह दिया कि कौआ उनका कान लेकर उड़ गया है।’ आगे कोमल ने लिखा, ‘मैं समझ नहीं पा रही हूं कि वो औरत किस तरह के दर्द से गुजर रही है, जहां उसे उस दर्द से उबरने की कोशिश करने के बजाय उसे सार्वजनिक रूप से दिखाने में मजा आ रहा है। ये दर्द है या फिर एक सोची-समझी साजिश? लगातार एक आदमी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, उसे काम करने से रोकना, घर पर बैठने और अपनी जिंदगी बर्बाद करने के लिए मजबूर करना, उसे पूरी तरह अकेला कर देना और यहां तक कि उसे मौत के करीब पहुंचा देना। मुझे नहीं लगता कि कोई भी अच्छी और समर्पित पत्नी अपने पति के साथ इतनी बुरी तरह पेश आ सकती है।’ अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में कोमल रानी ने लिखा है, ‘क्या ऐसी महिलाएं मानसिक रूप से अस्वस्थ होती हैं या फिर वे अपनी ही चालाकी में इतनी डूबी होती हैं कि उन्हें इस बात का पूरा एहसास होता है कि जो कुछ वे बंद दरवाजों के पीछे हासिल नहीं कर सकीं, उसे वे सार्वजनिक रूप से सामने आकर और लोगों की सहानुभूति हासिल करके पा सकती हैं? मेरे नाम का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करना बंद करो। भगवान हर सभ्य पुरुष को ऐसी चालाक महिलाओं से बचाए।’ क्या था सुनीता का बयान? दरअसल, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सुनीता आहूजा ने कहा कि मैं आज दक्षिणेश्वर काली माता रानी का दर्शन करने आई हूं। आप सब जानते हैं कि महाकाली राक्षसों का नाश करती हैं। मेरे भी जीवन में कुछ राक्षस हैं, माता द्वारा बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें। उन्होंने आगे कहा, जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है, ये घर मेरा टूट रहा है बिना किसी मतलब और मैं चाहती हूं आप सब औरतें मेरे लिए स्टैंड लें, सारे जेन-जी बच्चे मेरे लिए स्टैंड लें और मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि प्लीज ये चीज को आप आगे न बढ़ाएं। आप लोग को भी कायदे से मुझे सपोर्ट करना चाहिए। मैं माता से यही मांगने आई हूं कि जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें। वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं, और मैं चाहती हूं मेरे जीवन से ये संकट हट जाए। जय मां काली, जय मां काली।” गोविंदा ने भी दिया अफेयर रूमर्स पर रिएक्शन हाल ही में ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा है कि लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए। गोविंदा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग किए थे लालबागचा राजा के दर्शन गोविंदा हाल ही में कमबैक फिल्म रूपा की को-स्टार और रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे थे। जबकि उनसे कुछ घंटों पहले ही सुनीता आहूजा अकेले दर्शन करने पहुंची थीं। साथ दर्शन करने पर गोविंदा ने दी थी सफाई कोमल रानी स्वर्णकार के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था।” परिवार से दूर

नेशनल अवॉर्ड में तिलक लगाने पर ममूटी की आलोचना:यूजर्स बोले- मुस्लिम होकर माथे पर तिलक क्यों; एक्टर यूसुफ बोले- नफरत फैलाने वाले कुएं के मेंढक

नेशनल अवॉर्ड में तिलक लगाने पर ममूटी की आलोचना:यूजर्स बोले- मुस्लिम होकर माथे पर तिलक क्यों; एक्टर यूसुफ बोले- नफरत फैलाने वाले कुएं के मेंढक

गुजरात में आयोजित नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर ममूटी का तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत किया गया। मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगवाने को लेकर सोशल मीडिया पर ममूटी की तीखी आलोचना की जा रही है। कई यूजर्स इसे इस्लाम का अपमान और धर्म के खिलाफ बता रहे हैं। इस विवाद पर मलयालम एक्टर और फिल्ममेकर हरिश्री यूसुफ ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर ट्रोलर्स को जवाब दिया है। हरिश्री ने कहा कि तिलक लगाना अतिथियों के स्वागत की भारतीय परंपरा है और धर्म का मकसद इंसानों को बेहतर बनाना है, न कि आपस में लड़ाना। ‘माथे पर तिलक लगाना इस्लाम का अपमान’ ममूटी को हाल ही में फिल्म ‘भ्रमयुगम’ के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है। गुजरात यात्रा के दौरान उनके स्वागत में माथे पर तिलक लगाया गया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद एक्स और इंस्टाग्राम पर कुछ यूजर्स ममूटी की आलोचना करने लगे। अब्बास नाम के एक यूजर समेत कई लोगों ने लिखा कि मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगाना इस्लाम के खिलाफ है और इससे धर्म का अपमान हुआ है। हालांकि कई प्रशंसकों ने ममूटी का बचाव करते हुए इसे सिर्फ एक सांस्कृतिक स्वागत बताया। ‘ट्रोल करने वाले कुएं के मेंढक’ सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी पर मलयालम एक्टर हरिश्री यूसुफ ने एक वीडियो जारी कर आलोचना करने वालों को करारा जवाब दिया। यूसुफ ने ट्रोलर्स को ‘कुएं का मेंढक’ बताते हुए कहा, हम कलाकार संकीर्ण सोच के नहीं होते, हमारी सोच व्यापक होती है। जब आप किसी बड़े होटल या कार्यक्रम में जाते हैं, तो मेहमानों का स्वागत गुलदस्ता देकर और माथे पर तिलक लगाकर ही किया जाता है। यह किसी धर्म का प्रचार नहीं, बल्कि भारतीय आदर की परंपरा है। उन्होंने कहा, “धर्म का असली मकसद इंसानों को आपस में लड़ाना नहीं, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान बनाना है। सोशल मीडिया पर आकर किसी के खिलाफ अपशब्द बोलना और फिर उसमें धर्म को घसीटना पूरी तरह गलत है।” चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं ममूटी ममूटी मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता हैं। साल 2026 में उन्हें फिल्म ‘भ्रमयुगम’ में शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन के साथ साझा किया। इसी साल भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से भी नवाजा है। ममूटी अब तक चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं। हाल ही में वे फिल्म ‘पैट्रियट’ में नजर आए थे और जल्द ही धनुष के साथ तमिल फिल्म ‘ओम – चैप्टर 1: उधिरम’ में दिखाई देंगे। शाहरुख-सलमान भी हो चुके आलोचना का शिकार बॉलीवुड के कई मुस्लिम अभिनेताओं को त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान माथे पर तिलक लगाने या पूजा-पाठ में शामिल होने पर सोशल मीडिया पर तीखी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है। इनमें सबसे प्रमुख उदाहरण शाहरुख खान का है, जिन्हें दिवाली और गणेश चतुर्थी के मौकों पर माथे पर तिलक लगाए तस्वीरें शेयर करने पर निशाने पर लिया जाता रहा है। साल 2018 और 2019 में अपने छोटे बेटे अबराम के साथ माथे पर तिलक लगाए फोटो पोस्ट करने पर कई यूजर्स ने उनके इस कदम को इस्लाम के खिलाफ बताते हुए कमेंट्स किए थे। इसी तरह सलमान खान को भी गणेश पूजन और पारिवारिक धार्मिक आयोजनों में माथे पर तिलक लगाने पर ट्रोल किया जाता रहा है। सारा अली और आमिर खान की भी हो चुकी ट्रोलिंग सैफ अली खान और उनकी बेटी सारा अली खान को भी ऐसी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। सारा अली खान जब भी केदारनाथ, उज्जैन के महाकाल मंदिर या काशी विश्वनाथ दर्शन के दौरान माथे पर तिलक-चंदन लगाए तस्वीरें शेयर करती हैं, तो कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें मुस्लिम होकर तिलक लगाने पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा अभिनेता आमिर खान को भी अपनी फिल्म के ऑफिस पूजा समारोह और गृह प्रवेश के मौकों पर कलश-पूजन और माथे पर तिलक लगाने के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक आधार पर निशाना बनाया गया था।

नेशनल अवॉर्ड में तिलक लगाने पर ममूटी की आलोचना:यूजर्स बोले- मुस्लिम होकर माथे पर तिलक क्यों; एक्टर यूसुफ बोले- नफरत फैलाने वाले कुएं के मेंढक

नेशनल अवॉर्ड में तिलक लगाने पर ममूटी की आलोचना:यूजर्स बोले- मुस्लिम होकर माथे पर तिलक क्यों; एक्टर यूसुफ बोले- नफरत फैलाने वाले कुएं के मेंढक

गुजरात में आयोजित नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर ममूटी का तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत किया गया। मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगवाने को लेकर सोशल मीडिया पर ममूटी की तीखी आलोचना की जा रही है। कई यूजर्स इसे इस्लाम का अपमान और धर्म के खिलाफ बता रहे हैं। इस विवाद पर मलयालम एक्टर और फिल्ममेकर हरिश्री यूसुफ ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर ट्रोलर्स को जवाब दिया है। हरिश्री ने कहा कि तिलक लगाना अतिथियों के स्वागत की भारतीय परंपरा है और धर्म का मकसद इंसानों को बेहतर बनाना है, न कि आपस में लड़ाना। ‘माथे पर तिलक लगाना इस्लाम का अपमान’ ममूटी को हाल ही में फिल्म ‘भ्रमयुगम’ के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है। गुजरात यात्रा के दौरान उनके स्वागत में माथे पर तिलक लगाया गया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद एक्स और इंस्टाग्राम पर कुछ यूजर्स ममूटी की आलोचना करने लगे। अब्बास नाम के एक यूजर समेत कई लोगों ने लिखा कि मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगाना इस्लाम के खिलाफ है और इससे धर्म का अपमान हुआ है। हालांकि कई प्रशंसकों ने ममूटी का बचाव करते हुए इसे सिर्फ एक सांस्कृतिक स्वागत बताया। ‘ट्रोल करने वाले कुएं के मेंढक’ सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी पर मलयालम एक्टर हरिश्री यूसुफ ने एक वीडियो जारी कर आलोचना करने वालों को करारा जवाब दिया। यूसुफ ने ट्रोलर्स को ‘कुएं का मेंढक’ बताते हुए कहा, हम कलाकार संकीर्ण सोच के नहीं होते, हमारी सोच व्यापक होती है। जब आप किसी बड़े होटल या कार्यक्रम में जाते हैं, तो मेहमानों का स्वागत गुलदस्ता देकर और माथे पर तिलक लगाकर ही किया जाता है। यह किसी धर्म का प्रचार नहीं, बल्कि भारतीय आदर की परंपरा है। उन्होंने कहा, “धर्म का असली मकसद इंसानों को आपस में लड़ाना नहीं, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान बनाना है। सोशल मीडिया पर आकर किसी के खिलाफ अपशब्द बोलना और फिर उसमें धर्म को घसीटना पूरी तरह गलत है।” चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं ममूटी ममूटी मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता हैं। साल 2026 में उन्हें फिल्म ‘भ्रमयुगम’ में शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन के साथ साझा किया। इसी साल भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से भी नवाजा है। ममूटी अब तक चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं। हाल ही में वे फिल्म ‘पैट्रियट’ में नजर आए थे और जल्द ही धनुष के साथ तमिल फिल्म ‘ओम – चैप्टर 1: उधिरम’ में दिखाई देंगे। शाहरुख-सलमान भी हो चुके आलोचना का शिकार बॉलीवुड के कई मुस्लिम अभिनेताओं को त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान माथे पर तिलक लगाने या पूजा-पाठ में शामिल होने पर सोशल मीडिया पर तीखी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है। इनमें सबसे प्रमुख उदाहरण शाहरुख खान का है, जिन्हें दिवाली और गणेश चतुर्थी के मौकों पर माथे पर तिलक लगाए तस्वीरें शेयर करने पर निशाने पर लिया जाता रहा है। साल 2018 और 2019 में अपने छोटे बेटे अबराम के साथ माथे पर तिलक लगाए फोटो पोस्ट करने पर कई यूजर्स ने उनके इस कदम को इस्लाम के खिलाफ बताते हुए कमेंट्स किए थे। इसी तरह सलमान खान को भी गणेश पूजन और पारिवारिक धार्मिक आयोजनों में माथे पर तिलक लगाने पर ट्रोल किया जाता रहा है। सारा अली और आमिर खान की भी हो चुकी ट्रोलिंग सैफ अली खान और उनकी बेटी सारा अली खान को भी ऐसी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। सारा अली खान जब भी केदारनाथ, उज्जैन के महाकाल मंदिर या काशी विश्वनाथ दर्शन के दौरान माथे पर तिलक-चंदन लगाए तस्वीरें शेयर करती हैं, तो कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें मुस्लिम होकर तिलक लगाने पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा अभिनेता आमिर खान को भी अपनी फिल्म के ऑफिस पूजा समारोह और गृह प्रवेश के मौकों पर कलश-पूजन और माथे पर तिलक लगाने के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक आधार पर निशाना बनाया गया था।

भजन क्लबिंग में अचानक पहुंचे थे पीएम मोदी:'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल बोले- हमारे लिए सरप्राइज था; अचानक से आने की खबर मिली

भजन क्लबिंग में अचानक पहुंचे थे पीएम मोदी:'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल बोले- हमारे लिए सरप्राइज था; अचानक से आने की खबर मिली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में युवाओं के ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल होने अचानक पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में परफॉर्म करने पहुंचे फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बताया कि पीएम मोदी का आना उनके लिए एक बड़ा सरप्राइज था। वे वहां हनुमान चालीसा और भजन गाने गए थे। अचानक पीएम मोदी के वहां पहुंचने और युवाओं के बीच बैठकर वाद्ययंत्र बजाते देखने का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। ‘हम गाना गाने गए थे, अचानक पीएम के आने की खबर मिली’ विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि यह भजन क्लबिंग का एक सामान्य कार्यक्रम था। वे अपनी टीम के साथ ‘पार्वती’, ‘हनुमान चालीसा’ और ‘हृदय में जिनके सीताराम’ जैसे भजन परफॉर्म करने पहुंचे थे। तभी अचानक खबर मिली कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इस सूचना से वहां मौजूद कलाकार और युवा हैरान रह गए। विशाल के मुताबिक, पीएम मोदी ने वहां पहुंचकर खुद युवाओं के बीच बैठकर हाथ से मंजीरे जैसा वाद्ययंत्र बजाया और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर हुआ था आयोजन नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। कौन हैं विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। क्या है भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड भजन क्लबिंग युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा एक नया सांस्कृतिक ट्रेंड है। इसमें जेन-जी और युवा कॉन्सर्ट जैसे माहौल में एकत्र होते हैं और पारंपरिक आध्यात्मिक भजनों को आधुनिक बीट्स के साथ गाते हैं। इसमें पारंपरिक भक्ति गीतों को हाई-एनर्जी म्यूजिक, गिटार और इलेक्ट्रॉनिक रिदम के साथ पेश किया जाता है, जिस पर युवा झूमते और तालियां बजाते हैं। एस. तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ गाया ‘हनुमान अंश’ के ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन को साधु एस. तिवारी ने आवाज देने के साथ इसके बोल और संगीत भी तैयार किए हैं। गाने में भगवान शिव और माता पार्वती की कथा को आसान शब्दों और देसी अंदाज में पेश किया गया है। साधु तिवारी ग्वालियर के पास करहिया गांव के रहने वाले हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ग्वालियर आए। उन्होंने ग्वालियर के साइंस कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल से पढ़ाई की। संगीत की शिक्षा उन्होंने अपने गुरु संजय देवले से ली। साधु ने न्यूज नेशन को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह पिछले करीब 15-17 साल से संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हालांकि, उनका सफर सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक प्राइवेट कॉलेज में बायोकैमिस्ट्री के लेक्चरर के तौर पर भी काम किया। करीब चार साल तक उन्होंने छात्रों को पढ़ाया। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग जगहों पर प्राइवेट नौकरियां भी कीं। इसके बाद 2010 में साधु मुंबई पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर संदेश शांडिल्य से हुई। साधु ने कुछ समय तक उनके साथ असिस्टेंट के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम करने के मौके मिलने लगे। साधु ने कई फिल्मों के लिए काम किया। इनमें माधुरी दीक्षित की ‘गुलाब गैंग’ भी शामिल है। उन्होंने फिल्म के लिए ‘मौज की मलारे’ गाना गाया। वह इसके वीडियो में भी नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के लिए भी काम किया। साधु के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी उनके पुराने दोस्त हैं। विशाल ने उन्हें गाने की सिचुएशन बताई थी। इसके बाद साधु ने उसी हिसाब से गाना तैयार किया। साधु ने बताया कि वह इससे पहले भी कई फिल्मों के लिए गाने बना चुके हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी पिछले करीब 7-8 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। वह एक ऑनलाइन यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। उनके क्लब में करीब 10 हजार लोग रोज हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। साधु के मुताबिक, विशाल का हनुमान चालीसा से लंबे समय से गहरा जुड़ाव रहा है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 50वें दिन भारत में 3.35 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। इस दिन फिल्म के 3,767 शोज हुए। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 291.53 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 344.35 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, ओवरसीज में 50वें दिन फिल्म ने 50 लाख रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37 करोड़ रुपए हो गया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 381.35 करोड़ रुपए हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे।