Wednesday, 05 Aug 2026 | 01:19 PM

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जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री के बाद अब रक्षामंत्री को भी हटाया:ड्रोन हमलों से रूस को पछाड़ा था, फैसले के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरे

ड्रोन हमलों से रूस को पछाड़ने वाले रक्षामंत्री हटाए गए:जेलेंस्की के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरे, इसी महीने प्रधानमंत्री को भी हटाया था

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को नियुक्ति के सिर्फ छह महीने बाद पद से हटा दिया। इस फैसले के बाद गुरुवार को युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। राजधानी कीव में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। इसके अलावा ओडेसा, ल्वीव और रूस के हमलों का लगातार सामना कर रहे खारकीव शहर में भी लोगों ने प्रदर्शन किया। खारकीव में 300 से ज्यादा लोग हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और “शर्म करो, शर्म करो” के नारे लगाए। 35 साल के फेडोरोव यूक्रेन के ड्रोन युद्ध कार्यक्रम का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते थे। उन्हें यूक्रेन में ड्रोन और रोबोट की मदद से युद्ध लड़ने की रणनीति का प्रमुख समर्थक माना जाता था। उनके हटने से अब यह सवाल उठने लगे हैं कि रूस जैसी बड़ी सेना का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन की नई तकनीक और ड्रोन पर आधारित रणनीति आगे भी पहले की तरह जारी रहेगी या नहीं। फेडोरोव को हटाया जाना जेलेंस्की सरकार में बड़े बदलाव का हिस्सा है। इसी फेरबदल में प्रधानमंत्री को भी हटाया गया है। पहले डिजिटल मंत्री थे, फिर बने रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री बनने से पहले फेडोरोव यूक्रेन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (ई-गवर्नेंस) मंत्री थे। वे कई वर्षों तक जेलेंस्की के सबसे भरोसेमंद तकनीकी सलाहकार भी रहे। जनवरी में रक्षा मंत्री बनने के बाद उन्होंने सेना में नई तकनीक, ड्रोन और रोबोट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाया। उसी दौरान यूक्रेन के कई पुराने ड्रोन प्रोजेक्ट सफल होने लगे। यूक्रेन ने रूस के अंदर सैकड़ों किलोमीटर दूर तक लगातार ड्रोन हमले किए और कब्जे वाले क्रीमिया को निशाना बनाकर वहां रूसी सेना की आपूर्ति और ठिकानों पर हमले किए। इन सफलताओं से यूक्रेन में लोगों का भरोसा बढ़ा कि नई तकनीक के जरिए रूस का मुकाबला किया जा सकता है। शुरुआत से ही सेना के जनरलों से मतभेद रहे कई रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा मंत्री फेदोरोव को हटाने के पीछे भ्रष्टाचार या नाकामी नहीं, बल्कि सेना के शीर्ष जनरलों और कमांडर-इन-चीफ ओलेक्सांद्र सिरस्की के साथ उनका गहरा मतभेद था। जनवरी में रक्षा मंत्री बनने के तुरंत बाद से ही फेडोरोव की उनसे बहस होने लगी थी। फेडोरोव का मानना था कि भविष्य का युद्ध ड्रोन, रोबोट और नई तकनीक से लड़ा जाएगा। लेकिन सिरस्की का कहना था कि यह सोच पूरी तरह व्यावहारिक नहीं है। उनका मानना था कि युद्ध जीतने के लिए अब भी सैनिकों को मोर्चे पर जाकर लड़ना पड़ेगा। केवल ड्रोन से युद्ध नहीं जीता जा सकता। दोनों के बीच आपसी बातचीत भी बंद हो गई थी। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कमान के इस टकराव को सुलझाने के लिए सेना के जनरलों का पक्ष लिया और फेदोरोव को हटाने का फैसला किया। रक्षा उद्योग की बड़ी कंपनियां भी नाराज हो गईं फेडोरोव ने हथियार खरीदने की व्यवस्था बदलने की कोशिश की। इससे अरबों डॉलर के रक्षा उद्योग से जुड़े कई ठेकेदार उनके विरोधी बन गए। उन्होंने ब्रेव-1 नाम का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिसे लोग ‘हथियारों का अमेजन’ कहते थे। इसके जरिए सैनिक अपनी जरूरत के कुछ हथियार और उपकरण खुद ऑनलाइन चुन सकते थे और मंगा सकते थे। इसके अलावा उन्होंने डॉटचेन नाम का एक और प्लेटफॉर्म भी शुरू किया। इन दोनों सिस्टम की वजह से हथियार खरीदने की पारंपरिक सरकारी प्रक्रिया कमजोर होने लगी। इससे हथियार कंपनियों की लॉबिंग और बंद कमरों में होने वाले रक्षा सौदों पर असर पड़ा। यही वजह थी कि कई बड़े रक्षा ठेकेदार उनके खिलाफ हो गए। सेना के भीतर भी विरोध था सेना के कुछ अधिकारियों का कहना था कि फेडोरोव के पास सैन्य अनुभव नहीं था। उनके आलोचकों का कहना था कि वे युद्ध का अनुभव रखने वाले अधिकारी नहीं, बल्कि अच्छी प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) देने वाले व्यक्ति हैं। उनके कई वरिष्ठ सहयोगी भी पहले डिजिटल मंत्रालय में काम करते थे। वे सेना से नहीं आए थे। इस वजह से भी सेना के भीतर उनके नेतृत्व पर सवाल उठते रहे। फेडोरोव के एक वरिष्ठ सहयोगी ने स्केल्या (Skelya) नाम की हमलावर सैन्य यूनिट की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि उस यूनिट को लड़ाई में भारी नुकसान हुआ। इसके जवाब में स्केल्या यूनिट ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें युद्ध की इतनी समझ है तो वे खुद मोर्चे पर जाकर हमला करके दिखाएं। यह विवाद भी काफी चर्चा में रहा। रक्षामंत्री की लोकप्रियता भी परेशानी बन गई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि फेडोरोव की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही थी। वे ड्रोन कार्यक्रम का चेहरा बन चुके थे और लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। कीव स्थित स्वतंत्र थिंक टैंक पेंटा सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज के प्रमुख वोलोदिमिर फेसेन्को ने कहा, “जेलेंस्की चाहते हैं कि सरकार में सबसे बड़ा चेहरा वही बने रहें।” फेसेन्को ने यह भी कहा कि फेडोरोव को विपक्षी नेताओं का भी समर्थन मिलने लगा था। संभव है कि जेलेंस्की ने इसे भी अपने लिए राजनीतिक खतरे के रूप में देखा हो। यूक्रेन की समाचार वेबसाइट उक्राइन्स्का प्रावदा के मुताबिक, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने राजनीतिक सहयोगियों से कहा कि फेडोरोव, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और रक्षा उद्योग के बीच बढ़ते विवाद अब उनके लिए संभालना मुश्किल हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, यही वजह बनी कि आखिरकार जेलेंस्की ने उन्हें रक्षा मंत्री के पद से हटाने का फैसला किया।

इंस्टाग्राम पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक का खेल:एडिट फीचर से बैकडेट की जा रहीं पोस्ट; दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे दो डिजिटल क्रिएटर्स

इंस्टाग्राम पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक का खेल:एडिट फीचर से बैकडेट की जा रहीं पोस्ट; दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे दो डिजिटल क्रिएटर्स

इंस्टाग्राम पर ओरिजिनल कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए मेटा के कॉपीराइट सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अज्ञात लोग फेसबुक के एडिट फीचर का इस्तेमाल कर पोस्ट की तारीख बैकडेट में कर देते हैं और फिर असली क्रिएटर्स के कंटेंट पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक भेज रहे हैं। इस खेल के खिलाफ दो बड़े डिजिटल क्रिएटर्स पुष्कर राज ठाकुर और नीरज जोशी ने दिल्ली हाई कोर्ट में कॉमर्शियल सूट फाइल किया है। क्रिएटर्स ने कोर्ट में क्या आरोप लगाए? फाइनेंशियल एजुकेटर पुष्कर राज ठाकुर और डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी ने अलग-अलग दायर याचिकाओं में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ अज्ञात लोग ओरिजिनल क्रिएटर्स को परेशान करने और उनके अकाउंट बंद कराने की धमकी देने के लिए फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक को हथियार बना रहे हैं। इस सिस्टम के चलते उनके ओरिजिनल कंटेंट को डिलीट करने या उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को सस्पेंड/डिलीट करने का खतरा पैदा हो गया है। मेटा के ऑटोमेटेड सिस्टम पर उठे सवाल क्रिएटर्स का तर्क है कि मेटा का ऑटोमेटेड कॉपीराइट सिस्टम बिना किसी गहन जांच के काम कर रहा है। यह सिस्टम वीडियो के असली क्रिएटर, मेटाडेटा, एडिट हिस्ट्री या वास्तविक पब्लिशिंग क्रोनोलॉजी (अपलोड करने का सही समय) की जांच किए बिना ही स्ट्राइक की शिकायतों पर एक्शन ले लेता है। पुष्कर राज ठाकुर ने बताया कि इस फर्जी खेल की वजह से उनके दर्जनों वीडियो को हटा दिया गया, डिसेबल किया गया या रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि मेटा ने ठाकुर को अपने ‘राइट्स मैनेजर’ टूल का एक्सेस देने से मना कर दिया, जबकि जालसाज इसी टूल का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ लगातार फर्जी स्ट्राइक भेजते रहे। नीरज जोशी के केस में कोर्ट का आदेश डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी के मामले में 9 जुलाई को जस्टिस ज्योति सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मेटा के उस बयान को रिकॉर्ड किया, जिसमें कंपनी ने कहा कि अगर जोशी का अकाउंट अभी तक स्थायी रूप से बंद नहीं हुआ है, तो वे इन आरोपों की जांच करेंगे और उनके वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट (@Neerajjoshi5014) को सुरक्षित रखेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मेटा को निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्ते के भीतर नीरज जोशी को संबंधित बेसिक सब्सक्राइबर इंफॉर्मेशन (BSI) और आईपी (IP) लॉग उपलब्ध कराए। इन जानकारियों से उन अज्ञात लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है जो उनके अकाउंट के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। मामले में समन जारी कर दिए गए हैं और जोशी की अंतरिम रोक वाली अर्जी पर अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। पुष्कर राज ठाकुर के केस में क्या हुआ? जस्टिस तुषार राव गेडेला ने 29 मई को पुष्कर राज ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेटा से पूछा था कि उसने अपने प्लेटफॉर्म के इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं या वह क्या उपाय कर सकती है। इसके बाद 1 जुलाई को यह मामला जस्टिस अनूप जयराम भंभानी के सामने आया। सुनवाई के दौरान मेटा ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक ठाकुर के वीडियो को कॉपीराइट स्ट्राइक के आधार पर नहीं हटाया जाएगा। साथ ही बार-बार आ रही कॉपीराइट स्ट्राइक की वजह से उनका अकाउंट भी बंद नहीं किया जाएगा। मेटा ने यह भी सहमति दी कि जैसे ही ठाकुर उन्हें हटाए गए वीडियो के यूआरएल (URLs) सौंपेंगे, वे उन वीडियो को रिस्टोर कर देंगे। कोर्ट ने इन आश्वासनों को दर्ज करते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई तय की है। क्रिएटर्स ने मेटा से मांगा ₹2 करोड़ का मुआवजा पुष्कर राज ठाकुर ने कोर्ट से मांग की है कि मेटा को उनके ओरिजिनल कंटेंट को ऐसे फर्जी और बैकडेटेड दावों के आधार पर हटाने से रोका जाए। उन्होंने कंपनी को राइट्स मैनेजर टूल के भीतर केवाईसी (KYC) सुरक्षा उपाय, टाइमस्टैम्प सुरक्षा, मेटाडेटा वेरिफिकेशन और एंटी-मैनिपुलेशन प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश देने की भी मांग की है। इसके अलावा, ठाकुर ने उनके फॉलोअर्स घटने, मोनेटाइजेशन के मौके गंवाने, स्पॉन्सरशिप के नुकसान और उनकी कॉमर्शियल साख को ठेस पहुंचने के एवज में मेटा और अज्ञात जालसाजों से लगभग ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग की है। इस तरह के मामलों ने डिजिटल क्रिएटर्स के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि ओरिजिनल कंटेंट की सुरक्षा के लिए बने कॉपीराइट टूल्स का इस्तेमाल अब खुद क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। इस विषय को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी पेंडिंग है। क्या है मेटा का राइट्स मैनेजर और कॉपीराइट स्ट्राइक ये खबर भी पढ़ें… IRCTC की नई टिकट बुकिंग वेबसाइट लॉन्च: सभी क्लास की सीटें एकसाथ दिखेंगी, फास्टर चेकआउट’ फीचर मिलेगा; कैप्चा नहीं भरना होगा भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया वर्जन लॉन्च कर दिया गया है। इस अपग्रेड का मुख्य मकसद हर दिन टिकट बुक करने वाले लाखों यात्रियों के अनुभव को आसान और तेज बनाना है। अभी नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है, यानी आम यात्रियों से फीडबैक के आधार पर इस वेबसाइट में बदलाव किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

इंस्टाग्राम पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक का खेल:एडिट फीचर से बैकडेट की जा रहीं पोस्ट; दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे दो डिजिटल क्रिएटर्स

इंस्टाग्राम पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक का खेल:एडिट फीचर से बैकडेट की जा रहीं पोस्ट; दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे दो डिजिटल क्रिएटर्स

इंस्टाग्राम पर ओरिजिनल कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए मेटा के कॉपीराइट सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अज्ञात लोग फेसबुक के एडिट फीचर का इस्तेमाल कर पोस्ट की तारीख बैकडेट में कर देते हैं और फिर असली क्रिएटर्स के कंटेंट पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक भेज रहे हैं। इस खेल के खिलाफ दो बड़े डिजिटल क्रिएटर्स पुष्कर राज ठाकुर और नीरज जोशी ने दिल्ली हाई कोर्ट में कॉमर्शियल सूट फाइल किया है। क्रिएटर्स ने कोर्ट में क्या आरोप लगाए? फाइनेंशियल एजुकेटर पुष्कर राज ठाकुर और डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी ने अलग-अलग दायर याचिकाओं में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ अज्ञात लोग ओरिजिनल क्रिएटर्स को परेशान करने और उनके अकाउंट बंद कराने की धमकी देने के लिए फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक को हथियार बना रहे हैं। इस सिस्टम के चलते उनके ओरिजिनल कंटेंट को डिलीट करने या उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को सस्पेंड/डिलीट करने का खतरा पैदा हो गया है। मेटा के ऑटोमेटेड सिस्टम पर उठे सवाल क्रिएटर्स का तर्क है कि मेटा का ऑटोमेटेड कॉपीराइट सिस्टम बिना किसी गहन जांच के काम कर रहा है। यह सिस्टम वीडियो के असली क्रिएटर, मेटाडेटा, एडिट हिस्ट्री या वास्तविक पब्लिशिंग क्रोनोलॉजी (अपलोड करने का सही समय) की जांच किए बिना ही स्ट्राइक की शिकायतों पर एक्शन ले लेता है। पुष्कर राज ठाकुर ने बताया कि इस फर्जी खेल की वजह से उनके दर्जनों वीडियो को हटा दिया गया, डिसेबल किया गया या रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि मेटा ने ठाकुर को अपने ‘राइट्स मैनेजर’ टूल का एक्सेस देने से मना कर दिया, जबकि जालसाज इसी टूल का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ लगातार फर्जी स्ट्राइक भेजते रहे। नीरज जोशी के केस में कोर्ट का आदेश डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी के मामले में 9 जुलाई को जस्टिस ज्योति सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मेटा के उस बयान को रिकॉर्ड किया, जिसमें कंपनी ने कहा कि अगर जोशी का अकाउंट अभी तक स्थायी रूप से बंद नहीं हुआ है, तो वे इन आरोपों की जांच करेंगे और उनके वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट (@Neerajjoshi5014) को सुरक्षित रखेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मेटा को निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्ते के भीतर नीरज जोशी को संबंधित बेसिक सब्सक्राइबर इंफॉर्मेशन (BSI) और आईपी (IP) लॉग उपलब्ध कराए। इन जानकारियों से उन अज्ञात लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है जो उनके अकाउंट के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। मामले में समन जारी कर दिए गए हैं और जोशी की अंतरिम रोक वाली अर्जी पर अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। पुष्कर राज ठाकुर के केस में क्या हुआ? जस्टिस तुषार राव गेडेला ने 29 मई को पुष्कर राज ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेटा से पूछा था कि उसने अपने प्लेटफॉर्म के इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं या वह क्या उपाय कर सकती है। इसके बाद 1 जुलाई को यह मामला जस्टिस अनूप जयराम भंभानी के सामने आया। सुनवाई के दौरान मेटा ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक ठाकुर के वीडियो को कॉपीराइट स्ट्राइक के आधार पर नहीं हटाया जाएगा। साथ ही बार-बार आ रही कॉपीराइट स्ट्राइक की वजह से उनका अकाउंट भी बंद नहीं किया जाएगा। मेटा ने यह भी सहमति दी कि जैसे ही ठाकुर उन्हें हटाए गए वीडियो के यूआरएल (URLs) सौंपेंगे, वे उन वीडियो को रिस्टोर कर देंगे। कोर्ट ने इन आश्वासनों को दर्ज करते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई तय की है। क्रिएटर्स ने मेटा से मांगा ₹2 करोड़ का मुआवजा पुष्कर राज ठाकुर ने कोर्ट से मांग की है कि मेटा को उनके ओरिजिनल कंटेंट को ऐसे फर्जी और बैकडेटेड दावों के आधार पर हटाने से रोका जाए। उन्होंने कंपनी को राइट्स मैनेजर टूल के भीतर केवाईसी (KYC) सुरक्षा उपाय, टाइमस्टैम्प सुरक्षा, मेटाडेटा वेरिफिकेशन और एंटी-मैनिपुलेशन प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश देने की भी मांग की है। इसके अलावा, ठाकुर ने उनके फॉलोअर्स घटने, मोनेटाइजेशन के मौके गंवाने, स्पॉन्सरशिप के नुकसान और उनकी कॉमर्शियल साख को ठेस पहुंचने के एवज में मेटा और अज्ञात जालसाजों से लगभग ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग की है। इस तरह के मामलों ने डिजिटल क्रिएटर्स के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि ओरिजिनल कंटेंट की सुरक्षा के लिए बने कॉपीराइट टूल्स का इस्तेमाल अब खुद क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। इस विषय को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी पेंडिंग है। क्या है मेटा का राइट्स मैनेजर और कॉपीराइट स्ट्राइक ये खबर भी पढ़ें… IRCTC की नई टिकट बुकिंग वेबसाइट लॉन्च: सभी क्लास की सीटें एकसाथ दिखेंगी, फास्टर चेकआउट’ फीचर मिलेगा; कैप्चा नहीं भरना होगा भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया वर्जन लॉन्च कर दिया गया है। इस अपग्रेड का मुख्य मकसद हर दिन टिकट बुक करने वाले लाखों यात्रियों के अनुभव को आसान और तेज बनाना है। अभी नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है, यानी आम यात्रियों से फीडबैक के आधार पर इस वेबसाइट में बदलाव किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

सोहेल खान बेटे का नाम 'राम खान' रखना चाहते थे:जन्म के बाद फिर क्यों बेटे का नाम 'निर्वाण' रखा गया? एक्टर ने सुनाया किस्सा

सोहेल खान बेटे का नाम 'राम खान' रखना चाहते थे:जन्म के बाद फिर क्यों बेटे का नाम 'निर्वाण' रखा गया? एक्टर ने सुनाया किस्सा

एक्टर सोहेल खान ने हाल ही में बताया कि वह अपने बड़े बेटे का नाम ‘राम खान’ रखना चाहते थे, लेकिन बेटे के जन्म के बाद सीमा सजदेह ने उसका नाम ‘निर्वाण’ रख दिया था। उन्होंने यह बात रियलिटी शो ‘अलायंस’ में बातचीत के दौरान शेयर की। शो में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर आए अली गोनी ने सोहेल और सीमा की परवरिश की तारीफ करते हुए कहा कि उनके बच्चे बहुत अच्छे संस्कार वाले हैं। इस पर सोहेल ने बताया कि पहली संतान के जन्म से पहले उन्होंने और सीमा ने मजाक में तय किया था कि बेटा हुआ तो नाम वह रखेंगे और बेटी हुई तो नाम सीमा रखेंगी। सोहेल ने कहा कि वह बेटे का नाम ‘राम खान’ रखना चाहते थे और इसे उन्होंने अपने परिवार की सेक्युलर सोच का उदाहरण बताया। हालांकि, बेटे के जन्म के बाद जब सीमा को होश आया तो उन्होंने सबसे पहले बच्चे का नाम ‘निर्वाण’ लिया। सोहेल ने कहा कि उस पल के बाद वह नाम बदलना नहीं चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाण का स्वभाव भी उसके नाम की तरह शांत और संतुलित है। शो में दिख रही सोहेल और सीमा की अच्छी बॉन्डिंग शो में सीमा की एंट्री के बाद दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग देखने को मिल रही है। सीमा का स्वागत करते हुए सोहेल ने कहा था कि उन्होंने 25 साल इस खूबसूरत महिला के साथ बिताए हैं और अगर रिश्ते में कोई गलती हुई तो उसकी जिम्मेदारी वह लेते हैं। सीमा ने भी सोहेल के प्रति अपनापन जताया। जब होस्ट कुणाल खेमू ने उनसे गेम में उनके सहयोगी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि फिलहाल सोहेल ही उनके इकलौते सहयोगी हैं। बाद में सोहेल ने कहा कि परिवार के किसी सदस्य को देखकर उन्हें अंदर से खुशी हुई। शादी टूटने पर भी की बात एक अन्य एपिसोड में सोहेल ने अपनी शादी टूटने पर भी बात की। निखिल चिनप्पा के सवाल पर उन्होंने कहा था कि उस समय उनका काम ठीक नहीं चल रहा था और वह सही मानसिक स्थिति में नहीं थे। अपने व्यवहार की वजह से उन्होंने उस इंसान को खो दिया, जिससे वह बहुत प्यार करते थे। उन्होंने कहा था कि सीमा उनके दोनों बच्चों की मां हैं और प्यार से भी ज्यादा वह उनका सम्मान करते हैं। उनके मुताबिक, इस शो ने दोनों को फिर से बातचीत करने और एक-दूसरे से खुलकर बात करने का मौका दिया। सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए। रियलिटी गेम शो ‘अलायंस’ को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशल टंडन, नीति टेलर और पायल गेमिंग शामिल हैं।

सोहेल खान बेटे का नाम 'राम खान' रखना चाहते थे:जन्म के बाद फिर क्यों बेटे का नाम 'निर्वाण' रखा गया? एक्टर ने सुनाया किस्सा

सोहेल खान बेटे का नाम 'राम खान' रखना चाहते थे:जन्म के बाद फिर क्यों बेटे का नाम 'निर्वाण' रखा गया? एक्टर ने सुनाया किस्सा

एक्टर सोहेल खान ने हाल ही में बताया कि वह अपने बड़े बेटे का नाम ‘राम खान’ रखना चाहते थे, लेकिन बेटे के जन्म के बाद सीमा सजदेह ने उसका नाम ‘निर्वाण’ रख दिया था। उन्होंने यह बात रियलिटी शो ‘अलायंस’ में बातचीत के दौरान शेयर की। शो में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर आए अली गोनी ने सोहेल और सीमा की परवरिश की तारीफ करते हुए कहा कि उनके बच्चे बहुत अच्छे संस्कार वाले हैं। इस पर सोहेल ने बताया कि पहली संतान के जन्म से पहले उन्होंने और सीमा ने मजाक में तय किया था कि बेटा हुआ तो नाम वह रखेंगे और बेटी हुई तो नाम सीमा रखेंगी। सोहेल ने कहा कि वह बेटे का नाम ‘राम खान’ रखना चाहते थे और इसे उन्होंने अपने परिवार की सेक्युलर सोच का उदाहरण बताया। हालांकि, बेटे के जन्म के बाद जब सीमा को होश आया तो उन्होंने सबसे पहले बच्चे का नाम ‘निर्वाण’ लिया। सोहेल ने कहा कि उस पल के बाद वह नाम बदलना नहीं चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाण का स्वभाव भी उसके नाम की तरह शांत और संतुलित है। शो में दिख रही सोहेल और सीमा की अच्छी बॉन्डिंग शो में सीमा की एंट्री के बाद दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग देखने को मिल रही है। सीमा का स्वागत करते हुए सोहेल ने कहा था कि उन्होंने 25 साल इस खूबसूरत महिला के साथ बिताए हैं और अगर रिश्ते में कोई गलती हुई तो उसकी जिम्मेदारी वह लेते हैं। सीमा ने भी सोहेल के प्रति अपनापन जताया। जब होस्ट कुणाल खेमू ने उनसे गेम में उनके सहयोगी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि फिलहाल सोहेल ही उनके इकलौते सहयोगी हैं। बाद में सोहेल ने कहा कि परिवार के किसी सदस्य को देखकर उन्हें अंदर से खुशी हुई। शादी टूटने पर भी की बात एक अन्य एपिसोड में सोहेल ने अपनी शादी टूटने पर भी बात की। निखिल चिनप्पा के सवाल पर उन्होंने कहा था कि उस समय उनका काम ठीक नहीं चल रहा था और वह सही मानसिक स्थिति में नहीं थे। अपने व्यवहार की वजह से उन्होंने उस इंसान को खो दिया, जिससे वह बहुत प्यार करते थे। उन्होंने कहा था कि सीमा उनके दोनों बच्चों की मां हैं और प्यार से भी ज्यादा वह उनका सम्मान करते हैं। उनके मुताबिक, इस शो ने दोनों को फिर से बातचीत करने और एक-दूसरे से खुलकर बात करने का मौका दिया। सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए। रियलिटी गेम शो ‘अलायंस’ को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशल टंडन, नीति टेलर और पायल गेमिंग शामिल हैं।

जापान राजवंश में उत्तराधिकारी का संक​ट:किंग नारुहितो को बेटा नहीं, बेटी को हक नहीं; सरकार नए सम्राट की तलाश में जुटी

जापान राजवंश में उत्तराधिकारी का संक​ट:किंग नारुहितो को बेटा नहीं, बेटी को हक नहीं; सरकार नए सम्राट की तलाश में जुटी

जापान में सानाए ताकाइची ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास रचा है, लेकिन दुनिया के सबसे पुराने जापान के राजवंश में राजगद्दी महिला को सौंपने पर रोक है। करीब 2600 साल पुराना यह राजवंश अब उत्तराधिकारी के संकट से जूझ रहा है। मौजूदा कानून के अनुसार, केवल सम्राट का बेटा ही सम्राट बन सकता है। इस समय पूरे राजवंश में केवल चार पुरुष बचे हैं। इनमें सम्राट नारुहितो (66), उनके छोटे भाई आकिशिनो (60) और चाचा हिताची (90) हैं। आकिशिनो का एक बेटा 19 वर्षीय हिसाहितो हैं। 40 वर्षों में राजवंश में वयस्क होने वाले वे पहले पुरुष हैं। सम्राट नारुहितो की इकलौती बेटी 24 वर्षीय प्रिंसेस आइको हैं। हालिया सर्वे के अनुसार, अधिकांश जापानी आइको को ‘साम्राज्ञी’ के रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें 1889 का ‘इंपीरियल हाउस लॉ’ बाधक है। इस कानून में महिलाओं के राजगद्दी संभालने पर रोक है। साथ ही अगर कोई राजकुमारी किसी आम नागरिक से शादी करती है, तो उसे राजपरिवार छोड़ना होता है। रूढ़िवादी जापानी इस कानून के प्रबल समर्थक हैं। वहीं, राजवंश में उत्तराधिकार संकट से निपटने के लिए ताकाइची सरकार ने संसद में बिल पेश किया है। इसके तहत 1947 में राजवंश परिवार से अलग की गई शाखाओं के अविवाहित पुरुषों को गोद लेकर उत्तराधिकारियों का दायरा बढ़ाया जाएगा। लेकिन इस बिल में राजकुमारी आइको या उनके होने वाले बच्चों के लिए कोई जगह नहीं है। चुओ यूनिवर्सिटी में शाही वंशावली के विशेषज्ञ प्रो. माकोटो ओकावा के अनुसार, ‘इतिहास में जापान में आठ महिला सम्राट (1889 से पहले) रह चुकी हैं। इसलिए महिलाओं को बाहर रखना कोई ऐतिहासिक परंपरा नहीं, बल्कि एक सोच है। जब तक महिलाओं को उत्तराधिकार से बाहर रखा जाएगा, तब तक राजपरिवार में स्थिरता लाना संभव नहीं होगा।’ 1947 में राजपरिवार का दायरा घटाने से समस्या जापान में 592 से 1771 तक 8 महिलाओं ने सम्राट के रूप में शासन किया था, पर 1889 के कानून ने इस सिलसिले को रोक दिया। अगर भविष्य में नारुहितो की कोई संतान नहीं होती या केवल बेटियां होती हैं, तो इस राजवंश का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। बता दें कि 1947 में जापान के संविधान में संशोधन किया गया, जिससे 11 राजकुमारों को अपने पद से हटना पड़ा और वे आम नागरिक बन गए।

सोना ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹680 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोना ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹680 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोने के दाम में आज यानी 16 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 189 रुपए गिरकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 680 रुपए बढ़कर 2.20 लाख रुपए पर पहुंच गई है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 16 जुलाई 2026 सोना इस साल ₹9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 10 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.20 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

सोना ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख पर आया:चांदी ₹680 बढ़कर ₹2.20 लाख किलो पर पहुंची, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

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सोने के दाम में आज यानी 16 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 189 रुपए गिरकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 680 रुपए बढ़कर 2.20 लाख रुपए पर पहुंच गई है। सोना इस साल ₹9 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 9 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.42 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 10 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.20 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA सोने-चांदी के दाम में गिरावट की वजह सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

दीपिका ने क्या सोनम वांगचुक के सपोर्ट में किया पोस्ट:सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल; दावा- एक्ट्रेस ने कुछ ही मिनटों में डिलीट किया

दीपिका ने क्या सोनम वांगचुक के सपोर्ट में किया पोस्ट:सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल; दावा- एक्ट्रेस ने कुछ ही मिनटों में डिलीट किया

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर दीपिका की कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया और देश के नेतृत्व पर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने इसे पोस्ट करने के कुछ ही मिनटों बाद डिलीट कर दिया। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया है। दीपिका के ऑफिशियल अकाउंट पर ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई थी। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया गया बुधवार से सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से फैल रहा है। इसमें दिख रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक से जुड़ी एक पोस्ट को री-शेयर किया है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, पोस्ट पर लिखा है, “वे उपवास कर रहे हैं और हम स्क्रॉल कर रहे हैं।” इसके साथ ही कथित तौर पर दीपिका का कैप्शन भी लिखा है, जिसमें लिखा है, “इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? हम लोकतंत्र के सबसे काले दौर से गुजर रहे हैं। किसी फेल लीडर की तारीफ में कितनी भी फिल्में बना ली जाएं, हकीकत नहीं बदलती।” जांच में फेक निकला वायरल स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच जब हकीकत का पता लगाया गया, तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका पादुकोण के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट और उनके सोशल मीडिया आर्काइव रिकॉर्ड्स की जांच की गई। इसमें ऐसी किसी भी पोस्ट या स्टोरी का कोई सबूत नहीं मिला। फैक्ट चेक के मुताबिक, वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से डिजिटल तरीके से एडिट किया गया है। दीपिका की ओर से ऐसा कोई बयान या पोस्ट जारी नहीं किया गया था। इंटरनेट पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। वांगचुक के सपोर्ट में आए कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे इस आंदोलन को अब बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, शबाना आजमी और रूबीना दिलैक जैसी एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है। उनका कहना है कि देश को सोनम जैसे सच्चे लोगों की बहुत जरूरत है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं स्वरा भास्कर मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने वहां पहुंचकर सोनम वांगचुक और अभिजीत से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गईं। इसके कैप्शन में लिखा गया कि बेबाक और निडर अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। स्वरा ने इस पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर भी शेयर किया। उन्होंने अभिजीत का आभार जताते हुए लिखा कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने के लिए आपका धन्यवाद। सोनम वांगचुक के लिए उन्होंने लिखा कि वे अथक रूप से बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, मेरी पूरी एकजुटता उनके साथ है। सोनी राजदान ने की भावुक अपील सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर अब चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनसे अनशन खत्म करने की अपील की। सोनी राजदान ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, हम सब आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। कृपया हमें इस तरह छोड़कर न जाएं। आगे की लड़ाई लड़ने के लिए आपका जीवित रहना जरूरी है, इसलिए आज ही अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा कि हमें आपकी जरूरत है, हमें छोड़कर मत जाइए। लड़ाई लंबी, सेहतमंद रहना जरूरी दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक के समर्थन में एक संदेश लिखा। शबाना ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, आपके जैसे व्यक्ति की हमारे देश को बहुत जरूरत है। आप नाइंसाफी के खिलाफ और सच के लिए खड़े हैं, हमें आप पर गर्व है। हम आपसे विनती करते हैं कि आप अपना अनशन तोड़ दें, क्योंकि हमारे छात्रों के लिए आपका मार्गदर्शन उनका हौसला बढ़ाता है। उन्होंने आगे लिखा कि यह लड़ाई आगे तक लड़नी है, इसलिए आपका सेहतमंद रहना बहुत जरूरी है, हम आपके साथ हैं। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की कई तस्वीरें शेयर कीं और इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखा। अनुराग ने लिखा, एक समय था जब भूख हड़ताल का बहुत मतलब होता था। कोई भी यूं ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठता। यह बहुत दुख की बात है कि व्यवस्था लोगों की जिंदगी के प्रति इतनी बेपरवाह हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, सिर्फ वही इंसान ऐसा कदम उठा सकता है, जिसके अंदर दूसरों के लिए संवेदना हो और जो सच और न्याय पर भरोसा रखता हो। मुझमें वह हिम्मत नहीं है, जो सोनम वांगचुक दिखा रहे हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इतनी गूंजती हुई है कि वह उनकी गलती और लोगों की जान की परवाह न करने वाली सोच को दिखाती है। मैं सोनम वांगचुक जैसे बहादुर इंसान के साथ खड़ा हूं। नसीरुद्दीन, अरुंधति और रूबीना का भी मिला समर्थन टेलीविजन अभिनेत्री रूबीना दिलैक ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि वे एक असली हीरो हैं, उन्हें देश की भलाई के लिए लड़ते हुए इस तरह मत मरने दीजिए। रूबीना ने अभिनेत्री जीनत अमान के एक पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें सरकार से पर्यावरण कार्यकर्ता के साथ शांतिपूर्ण बातचीत करने का अनुरोध किया गया था। इनके अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय ने भी सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का आग्रह किया है। ये खबर भी पढ़ें 3 इडियट्स के ‘चतुर’ बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज यानी 14 जुलाई को 17वां दिन है। NEET पेपर लीक मुद्दे पर कॉकरोच जनता

दीपिका ने क्या सोनम वांगचुक के सपोर्ट में किया पोस्ट:सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल; दावा- एक्ट्रेस ने कुछ ही मिनटों में डिलीट किया

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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर दीपिका की कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया और देश के नेतृत्व पर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने इसे पोस्ट करने के कुछ ही मिनटों बाद डिलीट कर दिया। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया है। दीपिका के ऑफिशियल अकाउंट पर ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई थी। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया गया बुधवार से सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से फैल रहा है। इसमें दिख रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक से जुड़ी एक पोस्ट को री-शेयर किया है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, पोस्ट पर लिखा है, “वे उपवास कर रहे हैं और हम स्क्रॉल कर रहे हैं।” इसके साथ ही कथित तौर पर दीपिका का कैप्शन भी लिखा है, जिसमें लिखा है, “इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? हम लोकतंत्र के सबसे काले दौर से गुजर रहे हैं। किसी फेल लीडर की तारीफ में कितनी भी फिल्में बना ली जाएं, हकीकत नहीं बदलती।” जांच में फेक निकला वायरल स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच जब हकीकत का पता लगाया गया, तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका पादुकोण के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट और उनके सोशल मीडिया आर्काइव रिकॉर्ड्स की जांच की गई। इसमें ऐसी किसी भी पोस्ट या स्टोरी का कोई सबूत नहीं मिला। फैक्ट चेक के मुताबिक, वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से डिजिटल तरीके से एडिट किया गया है। दीपिका की ओर से ऐसा कोई बयान या पोस्ट जारी नहीं किया गया था। इंटरनेट पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। वांगचुक के सपोर्ट में आए कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे इस आंदोलन को अब बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, शबाना आजमी और रूबीना दिलैक जैसी एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है। उनका कहना है कि देश को सोनम जैसे सच्चे लोगों की बहुत जरूरत है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं स्वरा भास्कर मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने वहां पहुंचकर सोनम वांगचुक और अभिजीत से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गईं। इसके कैप्शन में लिखा गया कि बेबाक और निडर अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। स्वरा ने इस पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर भी शेयर किया। उन्होंने अभिजीत का आभार जताते हुए लिखा कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने के लिए आपका धन्यवाद। सोनम वांगचुक के लिए उन्होंने लिखा कि वे अथक रूप से बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, मेरी पूरी एकजुटता उनके साथ है। सोनी राजदान ने की भावुक अपील सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर अब चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनसे अनशन खत्म करने की अपील की। सोनी राजदान ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, हम सब आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। कृपया हमें इस तरह छोड़कर न जाएं। आगे की लड़ाई लड़ने के लिए आपका जीवित रहना जरूरी है, इसलिए आज ही अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा कि हमें आपकी जरूरत है, हमें छोड़कर मत जाइए। लड़ाई लंबी, सेहतमंद रहना जरूरी दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक के समर्थन में एक संदेश लिखा। शबाना ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, आपके जैसे व्यक्ति की हमारे देश को बहुत जरूरत है। आप नाइंसाफी के खिलाफ और सच के लिए खड़े हैं, हमें आप पर गर्व है। हम आपसे विनती करते हैं कि आप अपना अनशन तोड़ दें, क्योंकि हमारे छात्रों के लिए आपका मार्गदर्शन उनका हौसला बढ़ाता है। उन्होंने आगे लिखा कि यह लड़ाई आगे तक लड़नी है, इसलिए आपका सेहतमंद रहना बहुत जरूरी है, हम आपके साथ हैं। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की कई तस्वीरें शेयर कीं और इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखा। अनुराग ने लिखा, एक समय था जब भूख हड़ताल का बहुत मतलब होता था। कोई भी यूं ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठता। यह बहुत दुख की बात है कि व्यवस्था लोगों की जिंदगी के प्रति इतनी बेपरवाह हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, सिर्फ वही इंसान ऐसा कदम उठा सकता है, जिसके अंदर दूसरों के लिए संवेदना हो और जो सच और न्याय पर भरोसा रखता हो। मुझमें वह हिम्मत नहीं है, जो सोनम वांगचुक दिखा रहे हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इतनी गूंजती हुई है कि वह उनकी गलती और लोगों की जान की परवाह न करने वाली सोच को दिखाती है। मैं सोनम वांगचुक जैसे बहादुर इंसान के साथ खड़ा हूं। नसीरुद्दीन, अरुंधति और रूबीना का भी मिला समर्थन टेलीविजन अभिनेत्री रूबीना दिलैक ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि वे एक असली हीरो हैं, उन्हें देश की भलाई के लिए लड़ते हुए इस तरह मत मरने दीजिए। रूबीना ने अभिनेत्री जीनत अमान के एक पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें सरकार से पर्यावरण कार्यकर्ता के साथ शांतिपूर्ण बातचीत करने का अनुरोध किया गया था। इनके अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय ने भी सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का आग्रह किया है। ये खबर भी पढ़ें 3 इडियट्स के ‘चतुर’ बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत 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