हैदराबाद में हुआ विजय-रश्मिका का रिसेप्शन:लाल साड़ी में एक्ट्रेस ने रखा ट्रेडिशनल लुक, कर्नाटक के डिप्टी CM समेत कई बड़े स्टार्स पहुंचे, PHOTOS

विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना का रिसेप्शन 4 मार्च, गुरुवार को हैदराबाद के होटल ताज कृष्णा में हुआ। कपल ने 26 फरवरी को उदयपुर में इंटिमेट वेडिंग की थी, जिसके बाद अब कपल ने ग्रैंड रिसेप्शन दिया है। रिसेप्शन में बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियों के अलावा कई राजनेता शामिल हुए। बॉलीवुड से करण जौहर, कृति सेनन समेत कई लोग रिसेप्शन में पहुंचें, वहीं साउथ से चिरंजीवी, नागार्जुन, रामचरण जैसे की स्टार्स ने भी शिरकत की। विजय देवरकोंडा बोले- अंडरग्राउंड हो जाऊंगा रिसेप्शन में तस्वीरें क्लिक करवाते हुए विजय देवरकोंडा ने कहा है कि ये उनकी शादी से जुड़ी आखिरी सेरेमनी है, इसके बाद वो अंडरग्राउंड हो जाएंगे। रिसेप्शन से विजय-रश्मिका की ये तस्वीरें भी देखें- बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से कई सेलेब्स रिसेप्शन में हैदराबाद पहुंचे रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के कई सेलेब्स हैदराबाद पहुंचे हैं, जिनमें फिल्ममेकर करण जौहर, एक्ट्रेस कृति सेनन, रिया चक्रवर्ती, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा, एक्ट्रेस नीना गुप्ता भी शामिल हैं। साउथ इंडस्ट्री के तमाम बड़े स्टार्स रिसेप्शन में पहुंचे रश्मिका मंदाना के रिसेप्शन में उनके पुष्पा को-स्टार अल्लू अर्जुन भी पहुंचे। इसके अलावा कपल के रिसेप्शन में रामचरण, चिरंजीवी, नागार्जुन, वेंकटेश, कार्थी समेत साउथ के हर बड़े स्टार ने शिरकत की है। रिसेप्शन में थी कड़ी सुरक्षा, बिना कार्ड के एंट्री पर थी रोक हाई-प्रोफाइल गेस्ट लिस्ट होने के चलते विजय-रश्मिका के रिसेप्शन की सिक्योरिटी बेहद टाइट रखी गई थी। रिसेप्शन से पहले ही कपल ने एक आधिकारिक नोट जारी कर कहा था कि बिना वैलिड इन्विटेशन कार्ड के वेन्यू में एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। 26 फरवरी को उदयपुर के आईटीसी ममेंटोस एकाया रिसोर्ट में हुई शादी विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने 26 फरवरी को उदयपुर में शादी की है। ये इंटिमेट वेडिंग आईटीसी ममेंटोस एकाया रिसॉर्ट में हुई, जिसमें महज 250 गेस्ट शामिल हुए थे। ये शादी तेलुगु और कोडवा जैसी दो अलग-अलग परंपराओं से संपन्न हुई।रश्मिका ने लाल साड़ी और सोने के आभूषण पहने, जबकि विजय ने आइवरी धोती और लाल अंगवस्त्रम धारण किया। शादी के बाद कपल ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट की थीं। देखिए विजय-रश्मिका की शादी की तस्वीरें- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शादी की शुभकामनाएं पीएम नरेंद्र मोदी ने रश्मिका और विजय को बधाई संदेश भेजा था। उन्होंने दोनों को आशीर्वाद दिया है। संदेश में ‘सखा सप्तपदी भव’ का जिक्र करते हुए कहा कि सात कदम साथ चलने के बाद दूल्हा-दुल्हन जीवन भर के साथी और सच्चे दोस्त बन जाते हैं। ये रिश्ता सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का भी होता है। उन्होंने इस बंधन को विश्वास और प्यार से भरी शुरुआत बताया। प्रधानमंत्री ने विजय और रश्मिका के फिल्मी सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा- विजय और रश्मिका दोनों ही अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट और कहानियों के लिए नए नहीं हैं, वह पर्दे पर जादू करना जानते हैं। लेकिन उनकी असल जिंदगी का यह नया अध्याय, जो प्यार और भरोसे से भरा है, निश्चित रूप से सिल्वर स्क्रीन पर उनके द्वारा बनाए गए जादू से भी कहीं ज्यादा चमकेगा। 24 फरवरी को हुई संगीत सेरेमनी विजय रश्मिका की संगीत सेरेमनी आईटीसी ममेंटोस रिसोर्ट में 24 फरवरी को हुई। इस दौरान विजय-रश्मिका ने कई डांस परफॉर्मेंस दी हैं। संगीत में रश्मिका मंदाना ने फाल्गुनी शेन का डिजाइनर लहंगा पहना था। देखिए संगीत सेरेमनी की तस्वीरें- प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन में कपल्स ने खेले गेम्स 26 फरवरी को हुई शादी से 2 दिन पहले 23 फरवरी को ही रश्मिका-विजय उदयपुर के ममेंटोज एकाय रिसोर्ट पहुंचे थे। यहां प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन हुआ। इस दौरान लड़के वालों और लड़की वालों के बीच गई गेम्स भी हुए। प्री-वेडिंग से लेकर हल्दी सेरेमनी तक की तस्वीरें भी उदयपुर से लगातार सामने आईं। देखिए प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन की तस्वीरें-
सीधी में बाइक डिवाइडर से टकराई, तीन युवक गंभीर:परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टर न मिलने पर किया हंगामा, सिविल सर्जन ने आरोपों को नकारा

सीधी जिले के अकऊरी ग्राम में बुधवार रात करीब 8 बजे एक तेज रफ्तार बाइक होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां परिजनों ने व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। दुर्घटना में घायल हुए दो युवकों की पहचान राहुल यादव और किशन यादव के रूप में हुई है। तीसरे युवक की शिनाख्त रात तक नहीं हो सकी थी। तीनों घायलों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। कश्मीर में तैनात सेना के जवान संदीप कुमार यादव ने स्वयं घायलों को अस्पताल पहुंचाया। आधे घंटे तक डॉक्टर न मिलने का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद लगभग आधे घंटे तक कोई डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। संदीप कुमार यादव ने आरोप लगाया कि समय पर उपचार न मिलने से घायलों की स्थिति और अधिक बिगड़ गई। इस दौरान अस्पताल परिसर में परिजनों और स्टाफ के बीच तीखी बहस हुई। सिविल सर्जन ने बदतमीजी और नशे का दावा किया सिविल सर्जन डॉ. एसबी खरे ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घायलों का इलाज किया जा रहा है और उन्हें रेफर करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजन नशे की हालत में थे और अस्पताल स्टाफ के साथ बदतमीजी कर कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। एसपी से दुर्व्यवहार की शिकायत डॉ. एसबी खरे ने बताया कि अस्पताल में हंगामे और स्टाफ के साथ हुए दुर्व्यवहार के संबंध में एसपी को सूचित कर दिया गया है। मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मौके पर पहुंचे डॉ. राजेश मिश्रा ने डॉक्टरों की कमी और हंगामे पर आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया।
मैहर जगन्नाथ स्वामी को कढ़ी-भात भोग के लिए लंबी वेटिंग:मुकुंदपुर में 2035, लालपुर में 2030 तक बुकिंग फुल; 40 हजार ने पाया महाप्रसाद

मैहर जिले के मुकुंदपुर और लालपुर स्थित श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर में होली के दूसरे दिन पारंपरिक ‘अटका महापर्व’ आयोजित किया गया। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ को कढ़ी-भात का विशेष महाप्रसाद अर्पित किया गया। महापर्व में 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। मुकुंदपुर मंदिर में 2035 तक बुकिंग मुकुंदपुर के जगन्नाथ मंदिर में महाप्रसाद चढ़ाने के लिए भक्तों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वर्तमान में यहां अटका चढ़ाने की बुकिंग वर्ष 2035 तक के लिए पूर्ण हो चुकी है। अब आवेदन करने वाले नए श्रद्धालुओं को प्रसाद अर्पित करने का अवसर वर्ष 2036 में प्राप्त होगा। लालपुर मंदिर में 2030 तक का समय तय लालपुर स्थित मंदिर में भी महाप्रसाद के लिए श्रद्धालुओं की भारी संख्या में अग्रिम बुकिंग है। मंदिर समिति के अनुसार, यहाँ वर्ष 2030 तक का समय पहले से ही आरक्षित किया जा चुका है। साल में केवल एक बार ही भगवान को यह विशेष भोग लगाया जाता है। 7 साल के इंतजार के बाद मिला अवसर महाप्रसाद चढ़ाने के लिए प्रत्येक भक्त को मंदिर समिति में 5000 रुपए शुल्क के साथ आवेदन करना होता है। हाल ही में कसतरा जमुना निवासी जीतेंद्र सिंह को 7 वर्ष के इंतजार के बाद अटका चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। समिति प्रतिवर्ष किसी नए भक्त को ही यह अवसर प्रदान करती है। महाराजा भाव सिंह ने की थी स्थापना रीवा रियासत के महाराजा भाव सिंह जू देव ने 1680-81 के दौरान इन मंदिरों का निर्माण कराया था। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, महाराजा स्वयं जगन्नाथपुरी से भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की प्रतिमाएं लाए थे। मंदिर में पहली बार अटका चढ़ाने की परंपरा भी उन्होंने ही शुरू की थी।
2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके और कांग्रेस ने गठबंधन पर मुहर लगाई | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 20:55 IST यह समझौता तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले 21 दलों के महागठबंधन का हिस्सा है। तमिलनाडु चुनाव: कांग्रेस नेता राहुल गांधी एमके स्टालिन के साथ पार्टी सूत्रों ने कहा कि डीएमके और कांग्रेस ने आगामी 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए बुधवार को अपने गठबंधन को अंतिम रूप दे दिया, जिसमें कांग्रेस 28 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और एक राज्यसभा सीट आवंटित की जाएगी। तमिलनाडु के एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडनकर और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागई सहित शीर्ष नेताओं ने चेन्नई में डीएमके मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन और अन्य नेताओं के साथ बातचीत की। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थागई ने सीट-बंटवारे समझौते पर संतुष्टि और खुशी व्यक्त की। यह भी पढ़ें: ‘तमिलनाडु टीवीके है, टीवीके तमिलनाडु है’: विजय ने डीएमके सरकार की आलोचना की, अपनी पार्टी की जीत पर भरोसा जताया सेल्वापेरुन्थागई ने घोषणा सार्वजनिक होने के बाद मीडिया से कहा, “द्रमुक और कांग्रेस ने सीट-बंटवारे पर हमारी चर्चा सफलतापूर्वक संपन्न कर ली है। हमने समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत कांग्रेस तमिलनाडु में 28 विधानसभा सीटों के साथ-साथ एक राज्यसभा सीट पर भी चुनाव लड़ेगी।” वीडियो | चेन्नई: टीएनसीसी प्रमुख का कहना है, “द्रमुक और कांग्रेस ने सीट-बंटवारे पर हमारी चर्चा सफलतापूर्वक संपन्न कर ली है। हमने समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत कांग्रेस तमिलनाडु में 28 विधानसभा सीटों के साथ-साथ एक राज्यसभा सीट पर भी चुनाव लड़ेगी।” pic.twitter.com/KWttf5UUFj– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 4 मार्च 2026 सीट बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK)-भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) समझौता तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले 21 दलों के एक महागठबंधन का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य आगामी चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत विपक्षी भाजपा-AIADMK गठबंधन के खिलाफ एकजुट मोर्चा पेश करना है। एक दिन पहले ही तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके ने अपनी सहयोगी डीएमडीके को एक राज्यसभा सीट आवंटित की थी। डीएमडीके नेता एलके सुधीश ने डीएमके के साथ चुनावी समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद संवाददाताओं से कहा था कि डीएमडीके के लिए विधानसभा सीटों की घोषणा बाद में आगे की चर्चा के बाद की जाएगी। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के लिए 2026 की पहली छमाही में चुनाव होने की उम्मीद है। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 04, 2026, 20:22 IST समाचार राजनीति कांग्रेस 28 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, उसे 1 राज्यसभा सीट मिलेगी क्योंकि तमिलनाडु चुनाव के लिए डीएमके ने समझौता किया है। अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)डीएमके(टी)कांग्रेस(टी)2026 चुनाव(टी)सीट-बंटवारा(टी)राज्यसभा सीट(टी)महागठबंधन(टी)एमके स्टालिन
अब जड़ से खत्म होगा शुगर, करोड़ों मरीजों को मिलेगी ‘संजीवनी’! चीन ने खोजा बिना दवा और इंजेक्शन वाला फॉर्मूला

होमदुनियाचीन अब जड़ से खत्म होगा शुगर, करोड़ों मरीजों को मिलेगी ‘संजीवनी’! मिल गया फॉर्मूला Last Updated:March 04, 2026, 16:31 IST दुनिया भर के करोड़ों मधुमेह रोगियों के लिए एक ऐसी खुशखबरी आई है, जिसने मेडिकल जगत में तहलका मचा दिया है. चीन के वैज्ञानिकों ने ‘स्टेम-सेल थेरेपी’ (Stem-Cell Therapy) का इस्तेमाल करते हुए इतिहास में पहली बार टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) को पूरी तरह से रिवर्स (ठीक) करने में कामयाबी हासिल की है. इस सफल प्रयोग के बाद मरीज को अब अपना ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए किसी भी तरह के इंसुलिन के इंजेक्शन या भारी-भरकम दवाइयों की जरूरत नहीं है. यह ऐतिहासिक सफलता ‘रीजेनरेटिव मेडिसिन’ के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है. चीन ने खोजा डायबिटीज के इलाज के लिए संजीवनी. (सांकेतिक फोटो) डायबिटीज (मधुमेह) एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में अब तक यही कहा जाता था कि “यह एक बार हो जाए, तो मरते दम तक साथ नहीं छोड़ती.” दुनिया भर में शुगर की दवाइयां और इंसुलिन बनाने वाली कंपनियों का अरबों का कारोबार इसी बात पर टिका है. लेकिन चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा मेडिकल ‘चमत्कार’ कर दिखाया है, जिसने इस लाइलाज मानी जाने वाली बीमारी के ताबूत में आखिरी कील ठोक दी है. चीन ने स्टेम-सेल थेरेपी के जरिए टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह से खत्म करने का दावा किया है. खत्म हुआ इंसुलिन का खेल ऐतिहासिक घटनाक्रम में, चीनी शोधकर्ताओं ने एक मरीज के शरीर में स्वस्थ पैंक्रियाटिक (अग्न्याशय) कोशिकाओं को ट्रांसप्लांट करके टाइप-2 डायबिटीज को पलट दिया है. यह प्रयोग सफल रहा है और सबसे बड़ी बात यह है कि अब उस मरीज को ब्लड शुगर मैनेज करने के लिए दर्दनाक इंसुलिन इंजेक्शन या मुट्ठी भर दवाइयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है. एनडीटीवी (NDTV) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टाइप-2 डायबिटीज तब होती है जब शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे खून में शुगर का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाता है. ऐसे में मरीजों को बाहर से इंसुलिन लेना पड़ता है. एक बार जब कोई व्यक्ति इंसुलिन पर निर्भर हो जाता है, तो उसके शरीर के प्राकृतिक काम करने के तरीके को वापस लाना लगभग असंभव माना जाता था. लेकिन चीन ने इस असंभव को संभव कर दिखाया है. कैसे हुआ यह चमत्कार? समझें स्टेम सेल थेरेपी के 4 अहम चरण इस पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिकों ने बेहद जटिल और उन्नत तकनीक से अंजाम दिया है. टाइप-2 डायबिटीज को रिवर्स करने के लिए शोधकर्ताओं ने निम्नलिखित कदम उठाए: स्टेम सेल प्राप्त करना: सबसे पहले मरीज या किसी डोनर (दाता) के शरीर से ‘स्टेम सेल’ निकाले जाते हैं. इन कोशिकाओं में एक जादुई खूबी होती है—ये शरीर के किसी भी विशेष अंग की कोशिका का रूप ले सकती हैं. लैब में ‘रीप्रोग्रामिंग’: प्रयोगशाला में इन स्टेम सेल्स को खास रासायनिक और जेनेटिक सिग्नल दिए जाते हैं. इन सिग्नल्स की मदद से स्टेम सेल को ‘पैंक्रियाटिक आइलेट सेल्स’ (विशेष रूप से बीटा सेल्स) में बदल दिया जाता है, जो प्राकृतिक रूप से शरीर में इंसुलिन बनाते हैं. क्लस्टर तैयार करना: जब ये कोशिकाएं अपना रूप बदल लेती हैं, तो इन्हें एक साथ विकसित करके स्वस्थ पैंक्रियाटिक ऊतकों (Tissue) का एक ‘गुच्छा’ (Cluster) तैयार किया जाता है. ये गुच्छे ब्लड शुगर के स्तर में होने वाले बदलावों को भांप सकते हैं और जरूरत पड़ने पर खुद ही इंसुलिन छोड़ सकते हैं. शरीर में ट्रांसप्लांट: अंतिम चरण में, इंसुलिन बनाने वाले इन गुच्छों को मरीज के पेट (Abdomen) में ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है. शरीर के अंदर जाते ही ये मरीज की ब्लड सप्लाई के साथ जुड़ जाते हैं. सबसे बड़ी चुनौती: शरीर का ‘रिजेक्शन’ इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती यह देखना होता है कि मरीज का शरीर इन नई कोशिकाओं को अपनाता है (Accept) या उन्हें बाहरी दुश्मन समझकर खारिज (Reject) कर देता है. सारा परिणाम इसी बात पर निर्भर करता है. एक बार जब शरीर इन्हें स्वीकार कर लेता है, तो ये नई कोशिकाएं एक स्वस्थ पैंक्रियास की तरह काम करने लगती हैं. वे खुद ही खून में बढ़ती शुगर को डिटेक्ट करती हैं और उसे सामान्य करने के लिए इंसुलिन रिलीज करती हैं. इस सफलता के बाद मरीज को बाहरी इंसुलिन की जरूरत या तो बिल्कुल खत्म हो जाती है या बेहद कम रह जाती है. ‘रीजेनरेटिव मेडिसिन’ का नया युग सर्जरी के बाद अंतिम चरण में, डॉक्टर मरीजों की कड़ी निगरानी करते हैं. वे यह सुनिश्चित करते हैं कि ट्रांसप्लांट की गई कोशिकाएं जीवित रहें, लगातार इंसुलिन बनाती रहें और शरीर में कोई ‘इम्यून रिएक्शन’ (Immune Reaction) या अन्य जटिलताएं पैदा न हों. स्टेम सेल पर आधारित यह इलाज ‘रीजेनरेटिव मेडिसिन’ (पुनर्योजी चिकित्सा) का एक जीता-जागता प्रमाण है. अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो यह दुनिया भर के करोड़ों डायबिटीज मरीजों के लिए एक स्थायी, व्यक्तिगत और दर्द-मुक्त समाधान साबित होगी. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें First Published : March 04, 2026, 16:31 IST
‘हम उनका स्वागत करते हैं…’: बिहार के मंत्री ने जदयू प्रमुख के रूप में नीतीश कुमार के बेटे निशांत का समर्थन किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 16:16 IST बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने राजनीति के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत का समर्थन करते हुए कहा कि जदयू ने उनका रास्ता साफ कर दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार के साथ पटना में अपने आधिकारिक आवास पर। (पीटीआई फाइल फोटो) बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में प्रवेश का समर्थन करते हुए पुष्टि की कि जनता दल (यूनाइटेड) ने उनके लिए पार्टी में अग्रणी भूमिका निभाने का रास्ता साफ कर दिया है। से बात हो रही है एएनआईश्रवण कुमार ने कहा कि निशांत के प्रवेश का रास्ता तय हो गया है, एक बार जब वह औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हो जाएंगे, तो वरिष्ठ नेता भविष्य की रणनीति और रणनीति तैयार करने के लिए बैठक करेंगे। उन्होंने कहा, “पार्टी ने उन्हें सक्रिय राजनीति में भाग लेने की अनुमति देने का फैसला किया है। इससे सभी अटकलों पर विराम लग जाएगा। उनके प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है और मेरा मानना है कि जब वह पार्टी में शामिल होंगे तो वरिष्ठ नेता मिलेंगे और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे। बिहार के प्रगतिशील लोग चाहते हैं कि निशांत कुमार आएं और कमान संभालें।” #घड़ी | पटना | बिहार के मंत्री श्रवण कुमार कहते हैं, “उत्साह न केवल जेडीयू में बल्कि बिहार के प्रगतिशील युवाओं में भी देखा जा रहा है। निशांत कुमार (नीतीश कुमार के बेटे) होली के मौके पर बिहार आ रहे हैं। हम उनका स्वागत करते हैं कि वह आएं और पार्टी की कमान संभालें और मुलाकात करें… pic.twitter.com/3TfgFavSi2– एएनआई (@ANI) 4 मार्च 2026 श्रवण कुमार की टिप्पणियाँ संकेत देती हैं कि कई लोग इसे बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक नए अध्याय के रूप में देखते हैं, जिससे निशांत के राजनीतिक भविष्य पर महीनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। 2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के दमदार प्रदर्शन के बाद से उनकी एंट्री की काफी चर्चा हो रही है. इस बीच, बिहार के एक अन्य मंत्री अशोक चौधरी ने भी इस कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित इंजीनियर निशांत में उनके पिता सीएम नीतीश कुमार की शारीरिक भाषा, शालीनता और सादगी झलकती है। चौधरी ने कहा, “वह एक शिक्षित इंजीनियर हैं और नीतीश की शारीरिक भाषा, शालीनता और सादगी की सच्ची फोटोकॉपी हैं… यह सब पार्टी कार्यकर्ताओं के इशारे पर हो रहा है। यह नीतीश का निर्णय नहीं है। पार्टी कार्यकर्ता लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। इसलिए, यह एक अद्भुत होली उपहार होगा।” दिसंबर 2025 में, जद (यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि पार्टी के सदस्य और समर्थक चाहते हैं कि निशांत संगठन के लिए काम करें, और कहा कि उनके औपचारिक प्रवेश का समय उनका अपना निर्णय होगा। झा ने कहा, “हम सभी यह चाहते हैं। अब उन्हें फैसला करना है… वह कब फैसला लेंगे और पार्टी में काम करेंगे।” (एएनआई से इनपुट के साथ) जगह : बिहार, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 04, 2026, 16:11 IST समाचार राजनीति ‘हम उनका स्वागत करते हैं…’: बिहार के मंत्री ने जदयू प्रमुख के रूप में नीतीश कुमार के बेटे निशांत का समर्थन किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) निशांत कुमार (टी) बिहार की राजनीति (टी) नीतीश कुमार (टी) जेडी (यू) (टी) राजनीतिक प्रवेश (टी) बिहार के मुख्यमंत्री (टी) सक्रिय राजनीति (टी) पार्टी रणनीति
टी-20 वर्ल्डकप को 50 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा:जियो-हॉटस्टार पर लाइव स्ट्रीमिंग को एक समय में सबसे ज्यादा 6.05 करोड़ दर्शकों ने एक साथ देखा

भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप को विभिन्न माध्यमों से 50 करोड़ लोगों ने देखा है। यह जानकारी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने बुधवार को दी। उन्होंने बताया यह संख्या किसी भी वर्ल्ड कप से ज्यादा है। जबिक अभी सेमीफाइनल और फाइनल के मुकाबले बाकी हैं। जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि टूर्नामेंट को ग्लोबल और सुलभ बनाने का लक्ष्य पूरा होता दिख रहा है। उन्होंने लिखा,’मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि भारत में इस इवेंट की व्यूअरशिप 50 करोड़ के पार पहुंच गई है। जियो-हॉटस्टार पर लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान एक समय में सबसे ज्यादा 6.05 करोड़ दर्शक एक साथ मैच देख रहे थे।’ शाह ने उम्मीद जताई कि आज रात से शुरू हो रहे नॉकआउट मैचों में यह रिकॉर्ड और आगे जाएगा। 2024 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी का रिकॉर्ड टूटा इस बार के आंकड़े पिछले साल अमेरिका और वेस्टइंडीज में हुए टी-20 वर्ल्ड कप 2024 से कहीं ज्यादा हैं। हाल ही में खत्म हुई 2025 चैंपियंस ट्रॉफी ने भी बड़ी सफलता हासिल की थी, जिसमें दर्शकों ने 250 बिलियन मिनट का वॉच-टाइम दिया था और टीवी पर पीक व्यूअरशिप 12.2 करोड़ थी। हालांकि, मौजूदा वर्ल्ड कप ने उन आंकड़ों को भी पीछे छोड़ना शुरू कर दिया है। जियो और हॉटस्टार की पार्टनरशिप का मिला फायदा व्यूअरशिप बढ़ने की एक बड़ी वजह डिजिटल एक्सेस का आसान होना है। इस बार रिलायंस और डिज्नी स्टार (जियो-हॉटस्टार) के मर्जर के बाद यह पहला बड़ा ICC इवेंट है। क्रिकेट फैंस को मोबाइल और टीवी पर हाई-क्वालिटी स्ट्रीमिंग की सुविधा मिल रही है, जिससे व्यूअरशिप में बढ़ोतरी हुई है। खासकर भारत के मैचों के दौरान ट्रैफिक में जबरदस्त बढ़त देखी गई। टूर्नामेंट का आखिरी पड़ाव आज से शुरू 7 फरवरी से शुरू हुआ यह टूर्नामेंट अब अपने आखिरी और सबसे रोमांचक पड़ाव पर है। ग्रुप स्टेज और सुपर-8 के मुकाबलों के बाद अब आज से सेमीफाइनल की जंग शुरू होगी। टूर्नामेंट का फाइनल मैच 8 मार्च को खेला जाएगा। आईसीसी को उम्मीद है कि फाइनल मैच के दिन व्यूअरशिप के पुराने सभी ग्लोबल रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं। ——————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL शेड्यूल 2 पार्ट में रिलीज होगा:BCCI 6 या 7 मार्च को बताएगा शुरुआती मुकाबलों की तारीखें; बेंगलुरु में ही फाइनल खेला जाएगा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का शेड्यूल 2 पार्ट में रिलीज किया जाएगा। IPL गवर्निंग काउंसिल (GC) ने कन्फर्म किया कि पहले पार्ट का शेड्यूल 6 या 7 मार्च को अनाउंस होगा। सोमवार को GC ने ऑनलाइन मीटिंग की और 19वें सीजन के शेड्यूल को चुनाव के कारण 2 फेज में बांटने का फैसला किया। पूरी खबर
‘तमिलनाडु टीवीके है, टीवीके तमिलनाडु है’: विजय ने डीएमके सरकार की आलोचना की, अपनी पार्टी की जीत पर भरोसा जताया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 14:01 IST विजय ने इस बात पर जोर दिया कि “तमिलनाडु टीवीके है, और टीवीके तमिलनाडु है,” उन्होंने कहा कि सभी डिवीजनों को अलग रखा जाएगा और टीवीके टीम विजयी होगी। अभिनेता विजय ने तमिलनाडु चुनाव में टीवीके की जीत का भरोसा जताया। (फोटो क्रेडिट: एक्स) तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय ने बुधवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की कड़ी आलोचना की और डीएमके सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उन्हें चुप कराने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन वह राज्य भर में हर घर में एक विजय को चुप नहीं करा सकते। तंजावुर में एक सार्वजनिक रैली में बोलते हुए, विजय ने आगामी चुनावों में टीवीके की जीत पर भरोसा जताया और कहा, “मैं जो कहता हूं उसे सुनें, अगली सरकार टीवीके सरकार होगी। मछुआरों, आशान्वित रहें; आपकी सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने आगे अपनी फिल्म जनानायगन की रिलीज को लेकर हुए विवाद का जिक्र किया और फिल्म के समर्थन में आवाज उठाने और इसे जनता से मिले व्यापक समर्थन के लिए स्टालिन को धन्यवाद दिया। “मुख्यमंत्री जी, आप मुझे चुप कराने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन आप हर घर में हर विजय को चुप नहीं करा सकते. उन्होंने अपना अभियान पहले ही शुरू कर दिया है।” क्रिकेट और आगामी विधानसभा चुनावों के बीच समानताएं दर्शाते हुए, विजय ने प्रतियोगिता को “टीम दिल्ली बनाम टीम तमिलनाडु” के रूप में तैयार करने के लिए द्रमुक की आलोचना की और कहा कि क्रिकेट में भी, दिल्ली की टीम तमिलनाडु से मेल नहीं खा सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “तमिलनाडु टीवीके है, और टीवीके तमिलनाडु है,” उन्होंने कहा कि सभी डिवीजनों को अलग रखा जाएगा और टीवीके टीम विजयी होगी। विजय ने अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया और कहा कि टीवीके सरकार सिर्फ योजनाओं की घोषणा नहीं करेगी बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि सभी परियोजनाएं पांच साल के भीतर पूरी हो जाएं। उन्होंने अगले जन्म में किसान परिवार में जन्म लेने की अपनी व्यक्तिगत इच्छा भी व्यक्त की और मछुआरों के मुद्दों पर निष्क्रियता के लिए राज्य सरकार की आलोचना की। विजय ने NEET को लेकर DMK की आलोचना की एनईईटी और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर जनता को गुमराह करने के लिए द्रमुक पर हमला करते हुए, विजय ने वित्तीय बहानों और झूठे वादों के लिए वर्तमान प्रशासन की आलोचना की। विजय ने कहा, “जब लोग बुनियादी सुविधाएं मांगते हैं, तो आप वित्तीय बोझ का हवाला देकर इसे खारिज कर देते हैं। भले ही आप जानते थे कि राज्य सरकार एनईईटी परीक्षा पर प्रतिबंध नहीं लगा सकती है, फिर भी आपने यह दावा करके लोगों को गुमराह किया कि आप इसे खत्म कर देंगे।” तमिलनाडु में मतदान 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के लिए 2026 की पहली छमाही में चुनाव होंगे। अभिनेता से नेता बने विजय के तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के साथ प्रवेश से तमिलनाडु चुनावों को त्रिकोणीय मुकाबले में बदलने की उम्मीद है। 2021 के विधानसभा चुनावों में, DMK ने 133 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने 18, PMK ने पांच, VCK ने चार और अन्य ने आठ सीटें जीतीं। डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) ने, जिसमें कांग्रेस भी शामिल थी, 234 सीटों वाली विधानसभा में सामूहिक रूप से 159 सीटें जीतीं। इस बीच, एनडीए ने 75 सीटें जीतीं क्योंकि एआईएडीएमके 66 सीटों के साथ गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 04, 2026, 14:01 IST समाचार राजनीति ‘तमिलनाडु टीवीके है, टीवीके तमिलनाडु है’: विजय ने डीएमके सरकार की आलोचना की, अपनी पार्टी की जीत पर भरोसा जताया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु(टी)अभिनेता विजय(टी)डीएमके(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव
भाजपा ने महाराष्ट्र से राज्यसभा सीटों के लिए 7 में से 4 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए; विनोद तावड़े सूची में | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 12:35 IST भाजपा ने बुधवार को महाराष्ट्र से आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े (छवि: एक्स) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को महाराष्ट्र से आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। यह घोषणा महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव से पहले हुई है। पार्टी की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्य से उच्च सदन चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, भाजपा महासचिव विनोद तावड़े, माया चिंतामन इनवाते और रामराव वडकुटे की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री अठावले लंबे समय से एनडीए के सहयोगी हैं और वर्तमान में राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यरत हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तावड़े का नाम भी उम्मीदवारों में शामिल किया गया है। बीजेपी ने 9 उम्मीदवारों की घोषणा की भाजपा ने विभिन्न राज्यों में राज्यसभा चुनाव के लिए कुल नौ उम्मीदवारों की घोषणा की। बिहार से पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और शिवेश कुमार को मैदान में उतारा है. असम में तेराश गोवाल्ला और जोगेन मोहन को नामांकित किया गया है, जबकि लक्ष्मी वर्मा छत्तीसगढ़ से चुनाव लड़ेंगी। हरियाणा से संजय भाटिया उम्मीदवार हैं, जबकि पार्टी ने ओडिशा से सुजीत कुमार के साथ राज्य इकाई प्रमुख मनमोहन सामल को उम्मीदवार बनाया है। राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होने हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: मार्च 04, 2026, 12:18 IST समाचार राजनीति भाजपा ने महाराष्ट्र से राज्यसभा सीटों के लिए 7 में से 4 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए; विनोद तावड़े सूची में अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)महाराष्ट्र(टी)विनोद तावड़े(टी)राज्यसभा सीटें
टीएमसी ने बंगाल चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया; आयु, प्रदर्शन की समीक्षा और युवाओं को आकार देने की रणनीति | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 10:24 IST माना जाता है कि पार्टी के खिलाफ लगभग 15 वर्षों की सत्ता-विरोधी लहर के कारण, नेतृत्व नए चेहरों को पेश करने और युवा उम्मीदवारों को प्रमुखता देने के लिए उत्सुक है। हालांकि अटकलें जारी हैं, अभिषेक बनर्जी के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अंतिम सूची को मंजूरी दी जाएगी। (पीटीआई) पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची लगभग तैयार है। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों की घोषणा के तुरंत बाद सूची जारी होने की उम्मीद है। पार्टी के अंदर बड़ा मंथन सूत्रों का कहना है कि किसे बरकरार रखा जाएगा और किसे हटाया जाएगा, इस पर फिलहाल गहन आंतरिक चर्चा चल रही है। पिछले पांच वर्षों में प्रदर्शन और “जीतने की क्षमता” को इस बार टिकट आवंटन के लिए दो प्रमुख मानदंडों के रूप में उद्धृत किया जा रहा है। कथित तौर पर खराब प्रदर्शन करने वाले कई विधायकों को टिकट से वंचित किया जा सकता है। माना जाता है कि पार्टी के खिलाफ लगभग 15 वर्षों की सत्ता-विरोधी लहर के कारण, नेतृत्व नए चेहरों को पेश करने और युवा उम्मीदवारों को प्रमुखता देने के लिए उत्सुक है। आयु सीमा पर बहस ने गति पकड़ी पार्टी के भीतर इस बात पर अहम बहस चल रही है कि 70 या 75 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नेताओं को टिकट दिया जाना चाहिए या नहीं। राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कई बार राजनीति में उम्र सीमा की जरूरत की बात कह चुके हैं. क्या पार्टी औपचारिक रूप से इस लाइन को अपनाएगी और 70 पार कर चुके नेताओं को हटा देगी, यह एक अहम सवाल बना हुआ है। हालांकि, सूत्रों से संकेत मिलता है कि जिन वरिष्ठ नेताओं ने अच्छा प्रदर्शन किया है और मजबूत चुनावी संभावनाएं बनाए रखी हैं, उन्हें बरकरार रखा जा सकता है, जबकि निष्क्रिय माने जाने वाले नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। सेलिब्रिटी और विविध पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की संभावना टीएमसी ने पारंपरिक रूप से विविध पेशेवर पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, और इस चुनाव में भी कुछ अलग होने की उम्मीद है। सूत्र बताते हैं कि सेलिब्रिटी उम्मीदवार एक बार फिर सूची में शामिल हो सकते हैं। एक प्रमुख नाम जो चर्चा में है वह उत्तर बंगाल की प्रसिद्ध एथलीट स्वप्ना बर्मन का है जो हाल ही में पार्टी में शामिल हुई हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से संकेत मिलता है कि उन्हें उत्तर बंगाल क्षेत्र में एक सीट के लिए विचार किया जा सकता है। राजनीतिक उत्तराधिकारियों के लिए प्रवेश आसान नहीं एक और दिलचस्प घटनाक्रम वरिष्ठ नेताओं द्वारा अपने बच्चों के लिए टिकट मांगने की पैरवी है। फिरहाद हकीम की बेटी प्रियोदर्शिनी हकीम और सुप्ति पांडे की बेटी श्रेया पांडे जैसे नामों पर कथित तौर पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व एक वरिष्ठ नेता और उनके बच्चे दोनों को एक साथ दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से मैदान में उतारने की संभावना नहीं है। यदि वरिष्ठ नेता अपने बच्चों के पक्ष में अपनी सीटें खाली करना चुनते हैं, तो पार्टी ऐसे प्रस्तावों पर विचार कर सकती है। अन्यथा, राजनीतिक उत्तराधिकारियों को टिकट मिलने की संभावना कम रहती है। पार्थ चटर्जी की वापसी की संभावना नहीं है सूत्रों ने बताया कि पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को टिकट मिलने की संभावना नहीं है, क्योंकि वह छह साल के लिए पार्टी से निलंबित हैं। ममता बनर्जी से अंतिम मुलाकात हालांकि अटकलें जारी हैं, अभिषेक बनर्जी के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अंतिम सूची को मंजूरी दी जाएगी। सूत्रों ने अभिषेक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय महासचिव के रूप में संगठनात्मक पुनर्गठन में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। कथित तौर पर सूची लगभग तैयार होने के साथ, आधिकारिक घोषणा होने तक राजनीतिक अटकलें तेज होने की उम्मीद है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने अंतिम चयन को “अनुभव और युवाओं का संतुलित मिश्रण” बताया है, जिसका उद्देश्य मजबूत प्रदर्शन करने वालों को बनाए रखते हुए सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला करना है। पहले प्रकाशित: मार्च 04, 2026, 10:24 IST समाचार चुनाव टीएमसी ने बंगाल चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया; आयु, प्रदर्शन की समीक्षा और युवाओं को आकार देने की रणनीति अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)टीएमसी उम्मीदवार सूची(टी)अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस(टी)विधानसभा चुनाव(टी)चुनाव आयोग(टी)आंतरिक चर्चा(टी)टिकट आवंटन(टी)विरोधी लहर(टी)ताजे चेहरे









