एक चम्मच से ज्यादा नमक सेहत पर भारी, डाइटिसिशियन ने दी चेतावनी, जानें कितना और कौन सा नमक करें सेवन

X एक चम्मच से ज्यादा नमक सेहत पर भारी, जानें कितना और कौन सा नमक करें सेवन Health Tips: अगर आप रोज एक चम्मच से ज्यादा नमक खा रहे है तो सावधान हो जाएं. मंडलीय अस्पताल की डाइटिसिशियन डॉ. ज्योति सिंह के अनुसार भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट बताती है कि प्रतिदिन केवल एक चम्मच नमक का सेवन पर्याप्त है, ज्यादा नमक से हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ता है. उन्होंने सलाह दी कि सलाद या फलों पर ऊपर से नमक न छिड़कें और मठरी, नमकीन व पैक्ड फूड से परहेज करें, क्योंकि इनमें नमक अधिक होता है. दैनिक उपयोग में केवल आयोडीन युक्त नमक लें. सेंधा या काला नमक नियमित रूप से उपयोग करना फायदेमंद नहीं है और इससे थायराइड व घेंघा जैसी समस्याएं बढ़ सकती है.
मासूम शर्मा ने पूरी की दूसरी मास्टर डिग्री:अमृतसर के खालसा कॉलेज से म्यूजिक में MA की; बोले- अचीवमेंट फैंस को समर्पित

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सरपंच विवाद के बीच अपनी दूसरी मास्टर डिग्री पूरी कर ली है। सोशल मीडिया अकाउंट पर उन्होंने दीक्षांत समारोह में डिग्री के साथ कई फोटोज भी शेयर किए हैं। मासूम शर्मा ने अमतृसर के खालसा कॉलेज से म्यूजिक सब्जेक्ट में MA की है। करीब डेढ़ साल पहले ही उन्होंने अपनी मास्टरर्स पूरी कर ली थी, लेकिन 23 फरवरी को हुए दीक्षांत समारोह में उन्हें ये डिग्री मिली। मासूम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- गायकी मेरा इश्क है, पढ़ाई मेरी ताकत। दो मास्टर डिग्री पूरी करने की अचीवमेंट अपने हर एक फैन को समर्पित करता हूं। अब पढ़िए…मासूम का स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक का सफर गांव के स्कूल से की दसवीं की पढ़ाई मासूम शर्मा का जन्म जींद के गांव ब्राह्मणवास गांव में 27 मार्च 1991 को हुआ था। मासूम ने दसवीं तक की पढ़ाई हिंदू स्कूल जुलाना से पूरी की। इसके बाद उन्होंने 12वीं की पढ़ाई एसडी स्कूल किलाजफरगढ़ से की। स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन के लिए रोहतक का रुख किया। पंडित लख्मीचंद कॉलेज से फिल्म एंड एक्टिंग में उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। मास कम्युनिकेशन में पहली डिग्री की ग्रेजुएशन के बाद मासूम शर्मा ने 2019 में मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया प्रोडक्शन में MA की पढ़ाई पूरी की। यह डिग्री भी उन्होंने पंडित लख्मीचंद यूनिवर्सिटी से ही हासिल की। 2019 में ही पंडित लख्मीचंद कॉलेज में मास्टर डिग्री का पहला बैच शुरू हुआ था। मासूम इसी बैच के स्टूडेंट थे। मासूम शर्मा ने अपनी दूसरी मास्टर डिग्री वर्ष 2024 में म्यूजिक विषय में पूरी की थी। बड़ा बेटा फर्स्ट क्लॉस में पढ़ाई कर रहा मासूम शर्मा के के दो बेटे और एक बेटी है। जिनमें से एक एलकेजी और दूसरा बच्चा फर्स्ट क्लास में पढ़ाई करता है। जबकि छोटा बेटा अभी तीन साल का है। 18 फरवरी को जींद में पूर्व सरपंच से विवाद हुआ 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा का बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं सालगिराह के दौरान हुए कार्यक्रम में पूर्व सरपंच से विवाद हुआ था। मासूम शर्मा ने लाइव शो के दौरान स्टेज पर पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को देखकर भड़क गए थे। मासूम ने यहां तक कह दिया था कि मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। इसके बाद विवाद बढ़ा तो पूर्व पूर्व सरपंच ने उन्हें पंच का चुनाव तक लड़ने की चुनौती दे डाली। इसके बाद मासूम के बड़े भाई विकास शर्मा ने मुआना गांव में पूर्व सरपंच के सामने बैठकर मामले में मासूम की गलती स्वीकार की थी, लेकिन विवाद फिर भी नहीं रुका। हालांकि, मासूम ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में अपने शब्द वापस लेने की बात कही थी, लेकिन उसके साथ यह भी कहा था कि एक व्यक्ति के कहने पर पंचायत नहीं होती। ————– पूर्व सरपंच विवाद की ये खबरें भी पढ़िए… हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सरपंच को धमकाया, VIDEO:मंच से उतारकर बोले- MLA-मंत्री तक को कुछ नहीं समझता, भीड़ से भी धक्का-मुक्की की हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की मुश्किलें बढ़ीं: दोस्त मुकेश जाजी ने गलती मानी, सरपंचों ने किया बहिष्कार; प्रदेश प्रभारी बोले- मौत के कार्यक्रम में भी नचा लो पूर्व सरपंच बोले-पैसे देकर मासूम शर्मा को कहीं नचवा लो:पंच चुनाव जीतकर दिखाए, जींद में महापंचायत की तैयारी; सिंगर ने स्टेज से उतारा था फतेहाबाद में सरपंचों की मासूम शर्मा को चेतावनी:माफी मांगने की मांग; बोले- वरना कोई भी इवेंट्स नहीं होने देंगे
एक ही गांव में 5 घंटे में दो सुसाइड:राजगढ़ के राजपुरा में युवक ने खाया जहर, युवती ने लगाई फांसी

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र स्थित राजपुरा गांव में मंगलवार की सुबह दो दुखद घटनाओं से मातम छा गया। यहां महज पांच घंटे के अंतराल में एक युवक और एक युवती ने आत्महत्या कर ली। 25 वर्षीय युवक भगवान तंवर ने जहां सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली, वहीं 18 वर्षीय एक युवती ने बगीचे में फांसी लगा ली। फिलहाल पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और एक ही गांव में हुई दो जवान मौतों से ग्रामीण स्तब्ध हैं। पुलिस के अनुसार, राजपुरा निवासी 25 वर्षीय भगवान तंवर ने सोमवार तड़के करीब 4 बजे अपने घर पर सल्फास का सेवन कर लिया था। तबीयत बिगड़ने और उल्टियां होने पर परिजन उसे तत्काल खिलचीपुर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने मंगलवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पारिवारिक विवाद और दो शादियों का मामला प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक भगवान तंवर की दो पत्नियां हैं। पहली पत्नी ममता बाई पिछले करीब 7 वर्षों से अपने मायके में रह रही है। वहीं, दूसरी पत्नी पीरी बाई वर्तमान में गर्भवती बताई जा रही है। खास बात यह है कि दूसरी पत्नी ने भगवान तंवर के खिलाफ खिलचीपुर थाने में धारा 498 (दहेज प्रताड़ना) के तहत मामला दर्ज करा रखा है। पुलिस अब इस पारिवारिक विवाद और तनाव को आत्महत्या की मुख्य वजह मानकर जांच कर रही है। बगीचे में मिला युवती का शव युवक की मौत की खबर के बीच ही गांव की एक 18 वर्षीय युवती द्वारा बगीचे में फांसी लगाकर सुसाइड करने की जानकारी सामने आई। एक ही गांव में महज कुछ घंटों के भीतर हुई इन दो घटनाओं ने सनसनी फैला दी है। पुलिस इस मामले में भी परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके।
दावा- नॉर्वे के पूर्व PM ने आत्महत्या की कोशिश की:एपस्टीन फाइल में नाम आया था; भ्रष्टाचार केस में 10 साल जेल हो सकती है

नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थोरब्योर्न जगलैंड को कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना पिछले हफ्ते हुई। कुछ खबरों में दावा किया गया कि नॉर्वेजियन एडिटर्स एसोसिएशन ने उनके वकील के साथ मिलकर इस मामले को सार्वजनिक न करने पर सहमति जताई थी। हालांकि कुछ मीडिया प्लेटफॉर्मस पर उनकी गंभीर हालत का हवाला देते हुए यह खबर सामने आई। यह पूरा मामला यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से उनके संबंधों को लेकर चल रही जांच से जुड़ा है। जगलैंड पर ‘एग्रेवेटेड करप्शन’ यानी गंभीर भ्रष्टाचार का भी आरोप है, जिसमें अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। उनके वकील की फर्म एल्डेन लॉ फर्म ने CNN को पुष्टि की कि उन पर गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप तय हुआ है, लेकिन उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी मामले की जांच कर रही नॉर्वे की आर्थिक अपराध जांच एजेंसी ‘ओकोक्रिम’ इस मामले की जांच कर रही है। एजेंसी के डायरेक्टर पॉल लोनसेथ ने कहा कि उनके खिलाफ जांच की मजबूत वजह मिली है। जांच के तहत ओस्लो स्थित उनके घर और दो अन्य प्रॉपर्टी की तलाशी ली गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या उन्हें अपने पद के दौरान गिफ्ट, यात्राएं, कर्ज या अन्य फायदे मिले थे। तलाशी के बाद उन्हें औपचारिक रूप से संदिग्ध का दर्जा दे दिया गया है और अब उनसे पूछताछ की जाएगी। जगलैंड ने कहा था- एपस्टीन से रिश्ता गलत फैसला था जगलैंड 1996-1997 के बीच नॉर्वे के प्रधानमंत्री रहे। इसके अलावा वे विदेश मंत्री, नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के चेयरमैन (2009-2015) और यूरोप की मानवाधिकार संस्था काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव (2009-2019) भी रह चुके हैं। जगलैंड ने कहा है कि एपस्टीन से उनके संबंध ‘गलत फैसला’ या ‘खराब समझ’ का नतीजा थे, लेकिन उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और चाहते हैं कि सच्चाई पूरी तरह सामने आए। कई बार एपस्टीन के घर गए थे जगलैंड अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ से 30 जनवरी को जारी दस्तावेजों से पता चला कि जगलैंड और उनका परिवार कई बार एपस्टीन की पेरिस, न्यूयॉर्क और पाम बीच वाली प्रॉपर्टी पर गए थे। यह भी सामने आया कि एपस्टीन ने उनसे बड़े नेताओं, जैसे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कराने में मदद मांगी थी। साथ ही उसने कुछ अपने कारोबारी और वित्तीय प्लान आगे बढ़ाने के लिए भी मदद चाहता था। दस्तावेजों में जगलैंड को ‘नोबेल बिग शॉट’ कहा गया। इसमें यह भी लिखा था कि दोनों के रिश्ते ऐसे थे जिनमें एक तरफ जगलैंड का रसूख और पहचान काम आ रही थी, तो दूसरी तरफ एपस्टीन उन्हें लग्जरी ट्रिप, तोहफे और दूसरी सुविधाएं दे रहा था। हालांकि जांच एजेंसियों ने साफ कर दिया है कि जगलैंड का नाम एपस्टीन के यौन अपराधों से नहीं जुड़ा है। जांच सिर्फ इस बात पर हो रही है कि क्या उन्हें अपने पद का इस्तेमाल करके कोई गलत फायदा मिला। यह जांच उस समय से जुड़ी है जब जगलैंड 2009 से 2015 तक नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के अध्यक्ष थे और 2009 से 2019 तक काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव रहे। जांच ठीक से हो सके, इसके लिए उनकी डिप्लोमेटिक छूट हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। एपस्टीन फाइल्स-10 देशों में इस्तीफे, 80 ताकतवर लोगों की जांच अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब 30 लाख पेज के डॉक्यूमेंट्स 30 जनवरी को जारी किए हैं। इसके बाद 10 देशों में 15 से ज्यादा बड़े अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा है। 80 से ज्यादा ताकतवर लोगों पर जांच चल रही है। इन फाइलों में नेता, राजदूत, अरबपति और शाही परिवारों के नाम शामिल हैं। ईमेल, फ्लाइट लॉग और संपर्क रिकॉर्ड में 700 से 1000 असरदार लोगों का जिक्र है। कई मामलों में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी हैं। दस्तावेजों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन जैसे हाई-प्रोफाइल नाम अलग-अलग संदर्भों में सामने आए हैं। ब्रिटेन में सबसे ज्यादा इस्तीफे हुए एपस्टीन खुलासे के बाद सबसे ज्यादा हड़कंप यूरोप में है। करीब 10 देशों में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा ब्रिटेन में 3 अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा। पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन, सलाहकार एडम पेरी और पीएम कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दिया। स्लोवाकिया में पूर्व विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मीरोस्लाव लाइचाक ने 300 से अधिक ईमेल और आपत्तिजनक चैट सामने आने पर इस्तीफा दिया। स्वीडन की सीनियर डिप्लोमेट जोआना रुबिनस्टीन ने पद छोड़ा। नॉर्वे की राजदूत मोना जूल, अमेरिका में लेबर मिनिस्टर एलेक्स एकोस्टा और MIT लैब प्रमुख जोइची इतो ने इस्तीफा दिया। पढ़ें पूरी खबर… कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर गिस्लेन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। —————– यह खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन में किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू गिरफ्तार:12 घंटे बाद घर जाने दिया; एपस्टीन मामले में नाम, 17 साल की लड़की से रेप का आरोप अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन फाइल्स के खुलासे के 2 महीने बाद दुनिया में पहली गिरफ्तारी हुई। ब्रिटिश पुलिस ने गुरुवार सुबह किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया। करीब 12 घंटे की गिरफ्तारी के बाद भारतीय समयानुसार रात 1:15 बजे पुलिस ने एंड्रयू को उनके घर जाने दिया। पढ़ें पूरी खबर…
नसबंदी कैंप में सर्जन ने ऑपरेशन नहीं किए:कहा- यहां सुविधाएं और सामान नहीं, लोग बोले- जब व्यवस्था नहीं थी, तो प्रचार क्यों किया?

बालाघाट जिले के लालबर्रा में 24 फरवरी को नसबंदी शिविर में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूरी न होने के कारण शिविर को रद्द करना पड़ा, जिससे दूर-दराज से आए दर्जनों महिला-पुरुष बिना ऑपरेशन कराए ही लौट गए। मंगलवार को यह शिविर छात्रावास भवन में चल रहे अस्थाई अस्पताल में लगाया गया था। सुबह से ही लोग ऑपरेशन के लिए लाइन में लगे थे, लेकिन दोपहर करीब 3-4 बजे मंडला से आए सर्जन डॉ. गौरव जेटली ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ऑपरेशन के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं और सामान मौजूद नहीं था। ऐसे में ऑपरेशन करना मरीज की जान के लिए जोखिम भरा हो सकता था। लोगों में नाराजगी और विभाग पर सवाल शिविर रद्द होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। अपनी पत्नी का ऑपरेशन कराने पहुंचे सागर और कांग्रेस नेता मनीष कुशवाहा ने विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल में सुविधाएं ही नहीं थीं, तो गरीबों को परेशान करने के लिए शिविर का प्रचार क्यों किया गया? बीएमओ का आश्वासन इस मामले पर बीएमओ डॉ. रीतु धुर्वे ने कहा कि लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि या तो इसी भवन में व्यवस्था सुधार कर दोबारा शिविर लगाया जाएगा, या फिर स्वास्थ्य विभाग खुद की गाड़ियों से लोगों को बालाघाट ले जाकर वहां ऑपरेशन करवाएगा।
टाटा संस के चंद्रशेखरन के तीसरे टर्म पर फैसला टला:मीटिंग में चेयरमैन बोले- ट्रस्ट-बोर्ड में तालमेल जरूरी; नोएल टाटा ने कार्यकाल बढ़ाने के लिए रखीं 4 शर्तें

टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में मंगलवार को चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर हुई चर्चा बेनतीजा रही। मीटिंग के दौरान मतभेद उभरने के बाद खुद चंद्रशेखरन ने अपना कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को टालने की बात कही। उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप तभी सबसे अच्छा काम करता है जब टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के फैसले एक समान हों। नोएल टाटा ने नए बिजनेस के घाटे पर जताई चिंता इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने मीटिंग के दौरान ग्रुप के कुछ नए बिजनेस में हो रहे घाटे का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की मांग की। हालांकि, बोर्ड के अन्य निदेशकों ने चंद्रशेखरन का समर्थन करते हुए कहा कि ये घाटे ‘ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स’ (नए शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स) से जुड़े हैं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को मुनाफा देने में थोड़ा समय लगता है और यह पहले से तय योजना का हिस्सा है। कार्यकाल विस्तार के लिए नोएल टाटा की 4 शर्तें माना जा रहा है कि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए चार प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं: चंद्रशेखरन को जून में रिटायरमेंट नियमों से चाहिए होगी छूट एन चंद्रशेखरन इस साल जून में 63 वर्ष के हो जाएंगे। टाटा संस के नियमों के मुताबिक, नॉन-एग्जीक्यूटिव पदों के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 साल तय है। अगर उनका कार्यकाल फरवरी 2027 के बाद भी आगे बढ़ाया जाता है, तो इसके लिए बोर्ड को एक स्पेशल रेजोल्यूशन पास करना होगा और रिटायरमेंट नियमों में छूट देनी होगी। निदेशकों ने की वोटिंग की पेशकश, चेयरमैन ने टाला फैसला बोर्ड की पुनर्नियुक्ति समिति की प्रमुख अनीता जॉर्ज ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार का समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि नए प्रोजेक्ट्स में शुरुआती घाटे सामान्य बात है। चर्चा के बाद जब कुछ निदेशकों ने इस मुद्दे पर वोटिंग कराने का प्रस्ताव दिया, तो चंद्रशेखरन ने खुद इसे फिलहाल टालने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि टाटा संस और मुख्य शेयरहोल्डर टाटा ट्रस्ट्स के बीच पूर्ण सहमति होना ग्रुप के भविष्य के लिए जरूरी है। टाटा ग्रुप में विवाद, सरकार को दखल देना पड़ा रतन टाटा के निधन के बाद अक्टूबर 2024 में उनके सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया गया। वहीं नवंबर 2024 में नोएल को टाटा संस के बोर्ड में भी शामिल किया गया। लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया यह फैसला ट्रस्ट के भीतर एकमत नहीं था। इससे टाटा संस को कंट्रोल करने वाले टाटा ट्रस्ट्स में बोर्ड सीट को लेकर सीधा-सीधा बंटवारा हो गया। एक गुट बोर्ड मेंबर नोएल टाटा के साथ है, तो दूसरा गुट मेहली मिस्त्री के साथ। मिस्त्री का कनेक्शन शापूरजी पल्लोनजी फैमिली से है जिसकी टाटा संस में 18.37% हिस्सेदारी है। टाटा संस की बोर्ड सीट को लेकर हुए विवाद के बीच 7 अक्टूबर को सीनियर लीडरशिप ने गृहमंत्री अमित शाह के घर पर 45 मिनट की मीटिंग की। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने कहा कि घरेलू झगड़े को जल्द निपटा लिया जाए, ताकि कंपनी पर असर न हो। मीटिंग में गृहमंत्री शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, वाइस-चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और ट्रस्टी डेरियस खंबाटा शामिल हुए। टाटा ग्रुप में टाटा संस की 66% हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी। यह भारत की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है, 10 अलग-अलग बिजनेस में इसकी 30 कंपनियां दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में कारोबार करती हैं। टाटा संस टाटा कंपनियों की प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग और प्रमोटर है। टाटा संस की 66% इक्विटी शेयर कैपिटल टाटा के चैरिटेबल ट्रस्ट के पास हैं, जो एजुकेशन, हेल्थ, आर्ट एंड कल्चर और लाइवलीहुड जनरेशन के लिए काम करता है। 2023-24 में टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का टोटल रेवेन्यू 13.86 लाख करोड़ रुपए था। यह 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। इसके प्रोडक्ट्स सुबह से शाम तक हमारी जिंदगी में शामिल है। कंपनी चाय पत्ती से लेकर घड़ी, कार और एंटरटेनमेंट सर्विसेज देती है।
कोकिलाबेन अंबानी ने नाथद्वारा में मनाया 92वां जन्मदिन:बिजनेसमैन मुकेश और अनिल अंबानी सहित पूरा परिवार रहा मौजूद; एकलिंगनाथ मंदिर में भी दर्शन किए

नाथद्वारा के श्रीनाथजी की हवेली में बिजनेसमैन मुकेश और अनिल अंबानी की मां कोकिलाबेन ने 92वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर पूरा अंबानी परिवार मौजूद रहा। सभी ने श्रीनाथजी के दर्शन किए और युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा से आशीर्वाद लिया। अंबानी परिवार मंगलवार शाम 4 बजे मंदिर में पहुंचा, सभी लोग संध्या आरती में शामिल हुए। श्रीनाथ जी के दर्शन के बाद युवाचार्य विशाल बावा ने परिवार के सदस्यों को फेंटा बांधकर, रजाई एवं ऊपरना ओढ़ाकर प्रसाद और आशीर्वाद दिया। परिवार ने युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा के पिता तिलकायत गोस्वामी इंद्रदमन महाराज और मा राजेश्वरी गोस्वामी से वीडियो कॉल पर आशीर्वाद प्राप्त किया। तिलकायत ने कोकिला बेन अंबानी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। अंबानी परिवार ढाई घंटे तक मंदिर में रहा। दोनों भाई समेत पूरा परिवार मौजूद रहा कोकिला बेन के जन्मदिन पर मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, आकाश अंबानी, अनंत अंबानी, श्लोका मेहता अंबानी, राधिका अंबानी, अंशुल अंबानी, अनमोल अंबानी, नीना कोठारी, दीप्ती सालगांवकर सहित परिवारजन मौजूद रहे। उनके साथ उद्योगपति धनराज नाथवानी भी मौजूद रहे। बता दें कि कोकिला बेन अंबानी मंदिर मंडल नाथद्वारा की उपाध्यक्ष भी हैं। मोती महल चौक में हुई भजन संध्या इस अवसर पर महाप्रभुजी की बैठक में 51 वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन और मंगलाचरण के पाठ किए गए। मोती महल चौक में भजन संध्या का आयोजन कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं। नाथद्वारा आने से पूर्व अंबानी परिवार ने मेवाड़ के प्रमुख आराध्य देव एकलिंगनाथ मंदिर मे भी दर्शन किए। कोकिलाबेन को माना जाता है अंबानी परिवार का मुखिया 24 फरवरी 1934 को जामनगर, गुजरात में जन्मी कोकिलाबेन को अंबानी परिवार की मुखिया माना जाता है। उन्हें न केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी की पत्नी के रूप में, बल्कि इस तेजी से बदलते दौर में परिवार का मार्गदर्शन और समर्थन करने में उनकी भूमिका के लिए भी सम्मान दिया जाता है। कोकिलाबेन परिवार को एकजुट रखने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। कोकिलाबेन बड़े पैमाने पर समाज सेवा के कार्यों में भी शामिल हैं। मुंबई स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का नाम उनके नाम पर ही रखा गया है।
‘तमिलनाडु के लोगों के लिए’: विधानसभा चुनाव से पहले शशिकला ने लॉन्च की नई राजनीतिक पार्टी | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:24 फरवरी, 2026, 21:08 IST निष्कासित अन्नाद्रमुक नेता शशिकला, जिन्होंने केवल अपनी नई पार्टी का झंडा प्रकट किया, ने कहा कि वह जल्द ही नाम की घोषणा करेंगी और उनके फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा निष्कासित अन्नाद्रमुक नेता वीके शशिकला ने 24 फरवरी, 2026 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की। (छवि: न्यूज18) अपने “अच्छी खबर” टीज़र के कुछ घंटों बाद, अन्नाद्रमुक से निष्कासित नेता वीके शशिकला ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की 78वीं जयंती के अवसर पर एक नई द्रविड़ पार्टी लॉन्च की। केवल पार्टी के झंडे का खुलासा करने वाली शशिकला ने कहा कि वह जल्द ही नाम की घोषणा करेंगी और उनके फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि द्रविड़ पार्टी तमिलनाडु के लोगों के लिए है और “गरीबों और आम लोगों के लिए काम करेगी और दुश्मनों और गद्दारों को उखाड़ फेंकेगी” – आखिरी बार उन्होंने पूर्व सहयोगी और एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी “पेरारिगनर अन्ना, पुरैची थलाइवर एमजीआर, और पुरैची थलाइवी अम्मा” द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलेगी। “अगर मैं पिछले नौ वर्षों की तरह चुप रहता हूं, तो यह तमिलनाडु के लोगों के साथ विश्वासघात होगा। इसलिए, तमिलनाडु के लोगों और हमारे पार्टी कैडरों के लिए, हम एक नई पार्टी शुरू करने जा रहे हैं। तमिलनाडु के लोगों और हमारे कैडरों के लिए, हम एक नए युग की शुरुआत करने जा रहे हैं। हम एक नई पार्टी, एक नई द्रविड़ पार्टी शुरू कर रहे हैं जो पेरारिगनर अन्ना, पुरैची थलाइवर एमजीआर और पुरैची के रास्ते पर चलेगी। शशिकला ने कहा, थलाइवी अम्मा। यह गरीबों और आम लोगों के लिए एक पार्टी के रूप में काम करेगी और दुश्मनों और गद्दारों को उखाड़ फेंकेगीजयललिता की स्मृति में रामनाथपुरम में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए। उनकी पार्टी के झंडे में काले, सफेद और लाल रंग में अन्ना, एमजीआर और जयललिता की तस्वीरें प्रदर्शित थीं। ‘मैं उनका नाम भी नहीं बताना चाहता’ उनका नाम लिए बिना, शशिकला ने पलानीस्वामी पर तीखा हमला करते हुए उन पर विश्वासघात का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके नेतृत्व में अन्नाद्रमुक का पतन हो गया है। एक समय एआईएडीएमके की कार्यवाहक महासचिव और जयललिता की करीबी सहयोगी रहीं शशिकला को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पार्टी से निकाल दिया गया था। उन्होंने कहा, “हमने जल्दबाजी में उन्हें (पलानीस्वामी को) मुख्यमंत्री के रूप में चुना। मैं उनके नाम का जिक्र भी नहीं करना चाहती। अगर वह अच्छे इंसान होते तो मैं उनका नाम जरूर लेती। जब वह मुख्यमंत्री बने, तो मुझे पूरी तरह से नहीं पता था कि वह किस तरह के व्यक्ति थे।” उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उन्हें ऊपर उठाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने आगे कहा, “मैंने उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया और चली गई। लेकिन अगर उन्होंने मुझे हटाने के लिए प्रस्ताव पारित किया तो वह किस तरह के व्यक्ति होंगे?” उसने आरोप लगाया कि जब वह जेल में थी, तो उसके निर्देश पर उसकी पैरोल अवधि कम कर दी गई थी। “जब मैं जेल में थी, तो जेल अधिकारियों ने मुझे 15 दिनों की पैरोल दी थी। हालांकि, चेन्नई कमिश्नर ने जेल एसपी (पुलिस अधीक्षक) से संपर्क किया और उन्हें सूचित किया कि मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि मुझे पांच दिनों से अधिक की पैरोल नहीं दी जानी चाहिए। इसलिए उन्होंने हमें बताया कि वे कुछ नहीं कर सकते। यहां तक कि जब मेरे पति का निधन हो गया, तब भी शुरू में 15 दिनों की पैरोल दी गई थी, बाद में उन्होंने हमें सूचित किया कि केवल 10 दिनों की अनुमति दी जाएगी। जिस व्यक्ति को मैंने मुख्यमंत्री बनाया था, उसने ही मेरी पीठ में छुरा घोंपा था।” जोड़ा गया. ‘हमारे पीछे और आगे छुरा घोंपा’ शशिकला ने दावा किया कि मौजूदा नेतृत्व में अन्नाद्रमुक को बार-बार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, “अब तक अन्नाद्रमुक को दस बार हार का सामना करना पड़ा है और एक भी चुनाव नहीं जीता है। विपक्ष की कार्यप्रणाली बेहद खराब रही है।” एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) के साथ समानताएं बनाते हुए, उन्होंने बताया कि कैसे एम करुणानिधि को सीएम बनने में मदद करने के बाद उन्हें डीएमके से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “जिन लोगों को हमने सत्ता के पदों पर बैठाया, उन्हीं लोगों ने हमें पीछे से और सामने से छुरा घोंपा है – जैसे कि हमें हर तरफ से भालों से छेदा जा रहा हो।” 2016 में जयललिता की मृत्यु के बाद की घटनाओं को याद करते हुए उन्होंने कहा, “जयललिता के निधन के बाद, उसी रात हमारे सभी मंत्री आए। उन्होंने आकर मुझसे कहा, ‘चिन्नम्मा, तुम्हें मुख्यमंत्री बनना चाहिए।’ और परंपराएँ’। मैंने कहा नहीं। पन्नीरसेल्वम को पहले की तरह मुख्यमंत्री बने रहने दें।’ शशिकला की घोषणा तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले आई है, जो द्रविड़ राजनीतिक परिदृश्य में फिर से जगह बनाने की कोशिश का संकेत है। उनका मुकाबला न केवल अपनी पूर्व पार्टी से है, जो भाजपा के साथ गठबंधन में है, बल्कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के ‘द्रविड़ियन मॉडल 2.0’ और अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) से भी मुकाबला कर रही हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ) पहले प्रकाशित: 24 फरवरी, 2026, 21:08 IST समाचार चुनाव ‘तमिलनाडु के लोगों के लिए’: शशिकला ने विधानसभा चुनाव से पहले नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)वीके शशिकला नई द्रविड़ पार्टी(टी)शशिकला राजनीतिक पार्टी 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16 साल पहले आज ही सचिन ने लगाया था दोहरा-शतक:उनके बाद 4 भारतीयों ने डबल सेंचुरी लगाई; रोहित के नाम सबसे बड़ा स्कोर

आज ही के दिन 16 साल पहले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने इतिहास रचा था। 24 फरवरी 2010 को ग्वालियर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सचिन वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने। इस ऐतिहासिक पारी में सचिन ने 147 गेंदों का सामना करते हुए 25 चौके और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 200 रन बनाए। यह वनडे इतिहास का पहला ही दोहरा शतक था। सईद अनवर का रिकॉर्ड तोड़ा था वनडे क्रिकेट में सचिन से पहले 2 बैटर्स 194 तक पहुंचे थे। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सईद अनवर ने 1997 में भारत के खिलाफ चेन्नई में ही 194 रन बनाए थे। 2009 में फिर जिम्बाब्वे के चार्ल्स कॉवेंट्री ने बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 194 रन की पारी खेली थी। सचिन ने 5 बार 150+ का स्कोर बनाया सचिन ने वनडे इंटरनेशनल में 5 बार 150 या उससे ज्यादा के स्कोर बनाए। डबल सेंचुरी के अलावा सचिन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 186, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 175, न्यूजीलैंड के खिलाफ ही 163 और नामीबिया के खिलाफ 152 रन बनाए हैं। 5 भारतीय दोहरा शतक लगा चुके भारत की ओर से वनडे क्रिकेट में अब तक 5 बैटर्स डबल सेंचुरी लगा चुके हैं। इनमें सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा, ईशान किशन और शुभमन गिल शामिल हैं। सचिन के बाद सहवाग ने 2011 मं वेस्टइंडीज के खिलाफ 219 रन बनाए थे। रोहित शर्मा 2013 से 2017 के बीच 3 डबल सेंचुरी लगा चुके हैं। 264 रन उनका बेस्ट स्कोर है, जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। यह वनडे इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। ईशान ने बांग्लादेश और शुभमन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ डबल सेंचुरी लगाई। 5 विदेशी खिलाड़ियों ने भी डबल सेंचुरी लगाई वनडे में अब तक 5 विदेशी बैटर्स ने भी दोहरा शतक लगाया है। न्यूजीलैंड के मार्टिन गप्टिल ने वर्ल्ड कप 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वेलिंग्टन के मैदान में नाबाद 237 रन बनाए थे। वे वर्ल्ड कप में डबल सेंचुरी लगाने वाले पहले खिलाड़ी भी बने थे। इसके बाद क्रिस गेल ने उसी वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ कैनबरा में 147 गेंद पर 215 रन बनाए थे। इस पारी में क्रिस गेल में ने 16 छक्के लगाए थे। वहीं पाकिस्तान के फखर जमान ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 2018 में बुलवायो के मैदान पर नाबाद 210 रनों की पारी खेली थी। ग्लेन मैक्सवेल ने रनचेज में दोहरा शतक लगाया ग्लेन मैक्सवेल ने 2023 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ रनचेज में डबल सेंचुरी लगाई। मैक्सवेल की यह पारी इसलिए भी खास थी क्योंकि 292 रनों का पीछा कर रही ऑस्ट्रेलिया ने 19वें ओवर में 91 रन पर 7 विकेट गंवा दिए थे। मैक्सवेल का पैर चोटिल हो गया था। उन्होंने पूरी इनिंग में बिना फुटवर्क चलाए, खड़े-खड़े मैदान के चारों ओर बाउंड्री लगाई। मैक्सवेल ने कप्तान पैट कमिंस के साथ 202 रन की नाबाद मैच विनिंग पार्टनरशिप हुई। जिसमें अकेले मैक्सवेल ने 102 गेंद पर 179 रन बनाए, जबकि कमिंस का योगदान सिर्फ 12 रनों का था। —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत सेमीफाइनल में कैसे पहुंचेगा:रन रेट सुधारने के लिए बड़े अंतर से जीत जरूरी, एक और हार टूर्नामेंट से बाहर कर देगी वेस्टइंडीज ने सोमवार को टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 के अपने पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे को 107 रन से हरा दिया। इस जीत ने भारत की परेशानी बढ़ा दी है। भारतीय टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने पहले मैच में 76 रन से हार गई थी। ग्रुप की टॉप-2 टीम को ही सेमीफाइनल में जगह मिलेगी। समझिए, भारत को सेमीफाइनल में एंट्री कैसे मिलेगी… पूरी खबर
थायराइड की समस्या बिना दवा के होगी कंट्रोल, डॉक्टर ने बताए 3 बेहद आसान तरीके, देखें वीडियो

Doctor Tips To Control Thyroid: थायराइड की समस्या आज बड़ी संख्या में लोगों को परेशान कर रही है. इसे कंट्रोल करने के लिए कई लोगों को रोज दवा लेनी पड़ती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो थायराइड की परेशानी को कुछ नेचुरल तरीकों से भी कंट्रोल किया जा सकता है. अगर डाइट, लाइफस्टाइल और योग पर फोकस किया जाए, तो इस समस्या से राहत मिल सकती है. हेल्थ फर्स्ट मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक के डॉक्टर अरविंद कुमार ने इस वीडियो में हाइपोथायराइड को कंट्रोल करने के 3 बेहद आसान तरीके बताए हैं, जिन्हें अपनाकर आपको काफी आराम मिल सकता है.









