संसदीय समिति बोली- जुकरबर्ग 3 दिन में माफी मांगे:मेटा ने पीएम मोदी का पोस्ट ब्लॉक किया था; IT मंत्रालय के साथ मेटा की मीटिंग भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पोस्ट को ब्लॉक करने के मामले में संसदीय समिति ने मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से 3 दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। यदि वे तय समय सीमा में माफी नहीं मांगते हैं, तो मेटा को मिलने वाली सुरक्षा और कानूनी छूट वापस ली जा सकती है। इसी मामले में आईटी मंत्रालय और मेटा के अधिकारियों के बीच दो दिन की बैठक भी हो रही है। सरकार ने मेटा की ग्लोबल टीम को दिल्ली समन किया था। आज 5 अगस्त को इस मीटिंग का पहला दिन था। इस पूरे विवाद को सरल भाषा में समझने के लिए पढ़ें यह QA रिपोर्ट सवाल 1. संसदीय समिति ने मार्क जुकरबर्ग और मेटा को लेकर क्या निर्देश दिया है? जवाब: मेटा के प्रतिनिधि आईटी मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए थे। समिति के सदस्यों ने मेटा से प्लेटफॉर्म में मौजूद एल्गोरिद्म के पक्षपात और कंटेंट मॉडरेशन की प्रक्रिया पर सवाल किए। सांसदों का आरोप था कि प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री आसानी से उपलब्ध रहती है, जबकि सही कंटेंट हटा दिया जाता है। समिति ने मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग से इस पूरे घटनाक्रम पर 3 दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि वे तय समय सीमा में माफी नहीं मांगते हैं, तो आईटी अधिनियम (IT Act) की धारा 79(3) के तहत मेटा को मिलने वाली सुरक्षा और कानूनी छूट वापस ली जा सकती है। इसके बाद कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। सवाल 2. IT मंत्रालय ने मेटा के अधिकारियों को क्यों तलब किया है? जवाब: IT मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने बताया कि बैठक में मंत्रालय यह जांचेगा कि मेटा भारतीय कानूनों का कितना पालन कर रही हैे। वीआईपी अकाउंट की सुरक्षा के लिए बनाए गए उसके ‘सेफगार्ड्स’ क्यों फेल हुए। इसके अलावा वॉट्सऐप की यूजरनेम पॉलिसी और इंस्टाग्राम पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटीरियल (CSAM) की मौजूदगी को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। सवाल 3. इस विवाद की मुख्य वजह क्या है? पीएम मोदी की पोस्ट के साथ क्या हुआ था? जवाब: पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर देश के युवाओं के नाम एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक के मामलों में कड़े एक्शन का वादा किया था। मेटा के सिस्टम ने इस पोस्ट को अचानक हटा दिया। कुछ समय बाद पोस्ट को बहाल कर दिया गया। मेटा ने इसे एक “तकनीकी खराबी” बताते हुए गलती से पोस्ट हटने का दावा किया और माफी मांगी। हालांकि, IT मंत्रालय ने मेटा की इस सफाई को पूरी तरह “अपर्याप्त और असंतोषजनक” करार दिया। सवाल 4 आईटी सचिव एस कृष्णन ने इस मामले पर क्या कहा? जवाब: आईटी सचिव एस कृष्णन ने 4 अगस्त को कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक होने के नाते मेटा के पास ऐसी तकनीकी क्षमताएं होनी चाहिए कि उसके सुरक्षा मानक ठीक से काम करें। सरकार यह स्पष्टता चाहती है कि मेटा भारतीय कानूनों को किस हद तक समझती है और उनका पालन सुनिश्चित करने के लिए उसके पास क्या ठोस सिस्टम है। सवाल 5. क्या मेटा के अधिकारियों पर कोई आपराधिक केस भी दर्ज हुआ है? जवाब: हां, इस मामले में कानूनी शिकंजा भी कस गया है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाकर बनाए गए मॉर्फ्ड और AI-जनरेटेड पोस्ट के मामले में मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास और कुछ फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सवाल 6. क्या इस मीटिंग में केवल पीएम मोदी के पोस्ट का ही मुद्दा होगा? जवाब: 5 और 6 अगस्त की मीटिंग में केवल पीएम मोदी की पोस्ट का मुद्दा ही नहीं उठाय जा रहा है। मंत्रालय मेटा से वॉट्सऐप की नई यूजरनेम पॉलिसी और इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण (CSAM) वाले कंटेंट की मौजूदगी पर जारी किए गए पुराने नोटिसों का भी ब्योरा और जवाब मांगेगा। सवाल 7. इस कार्रवाई का मेटा और भारतीय यूजर्स पर आगे क्या असर पड़ सकता है? जवाब: यदि मेटा आईटी मंत्रालय और संसदीय समिति को संतुष्ट करने में विफल रहती है, तो भारत सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के लिए कंटेंट मॉडरेशन और एआई मॉर्फिंग से जुड़े नियमों को और सख्त कर सकती है। इससे बड़ी टेक कंपनियों की जवाबदेही तय होगी और वीआईपी खातों के साथ-साथ आम यूजर्स के डेटा व कंटेंट सेफ्टी को मजबूत किया जाएगा।
पैपराजी को देख आराध्या ने हाथ जोड़कर किया नमस्ते:बेटी के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए अभिषेक-ऐश्वर्या; सनी देओल और प्रीति जिंटा भी नजर आए

हाल ही में छुट्टियां बिताकर लौटे अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन और उनकी बेटी आराध्या बच्चन मंगलवार को एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। इस दौरान ऐश्वर्या और आराध्या ब्लैक आउटफिट में ट्विनिंग करती नजर आईं। आराध्या ने लेदर जैकेट पहनी थी, जबकि ऐश्वर्या ब्लैक वेलवेट ओवरकोट और जींस में दिखीं। अभिषेक बैगी डेनिम और जैकेट में नजर आए। एयरपोर्ट पर परिवार के बर्ताव ने भी लोगों का ध्यान खींचा। अभिषेक ने उन्हें लेने आए सिक्योरिटी कर्मियों का अभिवादन किया, जबकि आराध्या ने फोटोग्राफरों को नमस्ते कहा। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस व्यवहार की तारीफ की। इससे पहले अभिषेक और ऐश्वर्या न्यूयॉर्क में भी साथ नजर आए थे। दोनों ने सड़क पर फैंस के साथ सेल्फी खिंचवाई थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। उस समय अभिषेक कैजुअल टी-शर्ट और कैप में दिखे, जबकि ऐश्वर्या ऑल-ब्लैक लुक में नजर आई थीं। वर्क फ्रंट की बात करें तो अभिषेक बच्चन फिल्म ‘किंग’ में शाहरुख खान के साथ नजर आने वाले थे। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, रानी मुखर्जी, जयदीप अहलावत, अरशद वारसी और राघव जुयाल भी शामिल थे। फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज 24 दिसंबर को निर्धारित थी। वहीं, मंगलवार देर शाम एक्टर सनी देओल अपने बेटे करण देओल के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। दोनों सिंपल और कैजुअल लुक में नजर आए। वहीं, एक्ट्रेस प्रीति जिंटा भी मुंबई एयरपोर्ट पर दिखाई दीं। प्रीति ब्लैक और व्हाइट कैजुअल आउटफिट में नजर आईं। बता दें कि सनी देओल, करण देओल और प्रीति जिंटा जल्द अपकमिंग फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में नजर आएंगे। फिल्म में शबाना आजमी, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की कहानी हिंसा, विस्थापन और पारिवारिक संघर्ष से जूझ रहे एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त 2026 को रिलीज होगी।
सलमान खान ने सोहेल को दी आगे बढ़ने की सलाह:बोले- किसी को डेट करना शुरू करो; बेटे से कराई वीडियो कॉल में बात

एक्टर सलमान खान ने हाल ही में अपने छोटे भाई सोहेल खान को उनके तलाक के बाद आगे बढ़ने और किसी को डेट करने की सलाह दी। हाल ही में सलमान खान शो अलायंस के नए एपिसोड में पहुंचे थे, जिसमें सोहेल बतौर कंटेस्टेंट भाग ले रहे हैं। बातचीत के दौरान सलमान ने सोहेल और सीमा सजदेह की शादी का जिक्र करते हुए कहा कि हर रिश्ते में मुश्किल दौर और झगड़े आते हैं। उन्होंने कहा, ‘तुम खुद पर कुछ दोष ले रहे हो। मैं समझता हूं कि तुम यह नहीं कहोगे कि यह आपसी फैसला था। मैंने सीमा के कुछ इंटरव्यू देखे, जिनमें उन्होंने कहा कि रिश्ता टॉक्सिक था और झगड़े होते थे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हर कपल के बीच झगड़े होते हैं। यह आपके ऊपर है कि रिश्ते में बने रहना है या अलग होना है। एक भाई होने के नाते मैं जानता हूं कि तुमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की और उसने भी की, लेकिन उस समय हालात तुम्हारे पक्ष में नहीं थे।’ सलमान बोले- अब किसी को डेट करो और आगे बढ़ो सलमान ने सोहेल को नई शुरुआत करने की सलाह देते हुए कहा, ‘किसी को डेट करना शुरू करो। आगे बढ़ो। तुम जानते हो न कि हमारा दिमाग हमारे साथ कैसे खेल खेलता है? दिमाग की यही आदत है। चाहे जिंदगी की बाकी सारी चीजें कितनी भी अच्छी चल रही हों, लेकिन अगर एक भी ऐसी बात हो जो तुम्हें परेशान कर रही हो, तो तुम बाकी की 99.9% अच्छी चीजों को भूल जाते हो।’ उन्होंने आगे कहा कि फिर पूरा ध्यान उसी एक नेगेटिव बात पर टिक जाता है। तुम सोचते रहते हो, ‘यार, ये चीज मेरे हित में नहीं है… ये नेगेटिव है… ये मुझे परेशान कर रही है और फिर तुम्हारा दिमाग बार-बार उसी एक बात पर जाता है, उसी के बारे में सोचता रहता है। पिछले कुछ हफ्तों से परिवार को मिस कर रहे सोहेल की सलमान ने अपने फोन से बेटे निर्वाण से वीडियो कॉल पर बात कराई। बेटे से बात कर सोहेल इमोशनल और खुश हो गए। सोहेल और सीमा ने भागकर शादी की थी सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए।
सलमान खान ने सोहेल को दी आगे बढ़ने की सलाह:बोले- किसी को डेट करना शुरू करो; बेटे से कराई वीडियो कॉल में बात

एक्टर सलमान खान ने हाल ही में अपने छोटे भाई सोहेल खान को उनके तलाक के बाद आगे बढ़ने और किसी को डेट करने की सलाह दी। हाल ही में सलमान खान शो अलायंस के नए एपिसोड में पहुंचे थे, जिसमें सोहेल बतौर कंटेस्टेंट भाग ले रहे हैं। बातचीत के दौरान सलमान ने सोहेल और सीमा सजदेह की शादी का जिक्र करते हुए कहा कि हर रिश्ते में मुश्किल दौर और झगड़े आते हैं। उन्होंने कहा, ‘तुम खुद पर कुछ दोष ले रहे हो। मैं समझता हूं कि तुम यह नहीं कहोगे कि यह आपसी फैसला था। मैंने सीमा के कुछ इंटरव्यू देखे, जिनमें उन्होंने कहा कि रिश्ता टॉक्सिक था और झगड़े होते थे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हर कपल के बीच झगड़े होते हैं। यह आपके ऊपर है कि रिश्ते में बने रहना है या अलग होना है। एक भाई होने के नाते मैं जानता हूं कि तुमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की और उसने भी की, लेकिन उस समय हालात तुम्हारे पक्ष में नहीं थे।’ सलमान बोले- अब किसी को डेट करो और आगे बढ़ो सलमान ने सोहेल को नई शुरुआत करने की सलाह देते हुए कहा, ‘किसी को डेट करना शुरू करो। आगे बढ़ो। तुम जानते हो न कि हमारा दिमाग हमारे साथ कैसे खेल खेलता है? दिमाग की यही आदत है। चाहे जिंदगी की बाकी सारी चीजें कितनी भी अच्छी चल रही हों, लेकिन अगर एक भी ऐसी बात हो जो तुम्हें परेशान कर रही हो, तो तुम बाकी की 99.9% अच्छी चीजों को भूल जाते हो।’ उन्होंने आगे कहा कि फिर पूरा ध्यान उसी एक नेगेटिव बात पर टिक जाता है। तुम सोचते रहते हो, ‘यार, ये चीज मेरे हित में नहीं है… ये नेगेटिव है… ये मुझे परेशान कर रही है और फिर तुम्हारा दिमाग बार-बार उसी एक बात पर जाता है, उसी के बारे में सोचता रहता है। पिछले कुछ हफ्तों से परिवार को मिस कर रहे सोहेल की सलमान ने अपने फोन से बेटे निर्वाण से वीडियो कॉल पर बात कराई। बेटे से बात कर सोहेल इमोशनल और खुश हो गए। सोहेल और सीमा ने भागकर शादी की थी सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए।
काजोल@52, पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज:हीरोइन बनने से पहले अक्षय पर था क्रश, पहली मुलाकात में शाहरुख ने की बेइज्जती, गिरने से याददाश्त गई

एक लड़की, जिनकी शरारतों से मां इतनी परेशान थीं कि गुस्से में कह देती थीं, “हाय… काश, तुझे भी एक बेटी हो, बिल्कुल तेरे जैसी।” पिता उनका ऑफिशियल नाम ‘मर्सिडीज’ रखना चाहते थे, लेकिन मां ने साफ मना कर दिया। इनकी दोस्ती की भी मिसाल दी जाती है। 15 साल की उम्र में उसने करण जौहर का ऐसा मजाक उड़ाया कि वो पार्टी छोड़कर ही निकल गए। वहीं उन्हें पहली फिल्म भी एक सहेली की मदद से ही मिली। लेकिन शूटिंग के पहले ही दिन सेट पर गिर पड़ीं। ये गिरने-पड़ने में भी पीछे नहीं थीं। जिस फिल्म का हिस्सा बनतीं, वहां गिरना तय था। बेस्ट फ्रेंड शाहरुख और करण का मानना था कि ये जिस भी फिल्म के सेट पर गिरती हैं, वो हिट हो जाती हैं। ऐसे ही एक बार कुछ कुछ होता है की शूटिंग में ये साइकिल से ऐसी गिरीं कि याददाश्त ही चली गई। दोस्तों ने पुरानी शरारत का बदला लिया और ये साबित कर दिया कि वो फिल्म की हीरोइन नहीं बल्कि बैकग्राउंड डांसर थीं। शरारत, बेबाकी, हाजिरजवाबी और दमदार एक्टिंग, इन चार शब्दों में अगर किसी एक एक्ट्रेस को बयां किया जा सकता है, तो वो हैं काजोल। बॉलीवुड की इस चुलबुली सुपरस्टार ने अपनी हंसी, अपने अंदाज और अपनी फिल्मों से तीन दशकों से दर्शकों का दिल जीता है। आज, उनके 52वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे मजेदार किस्से, जो उनकी शख्सियत का सार हैं- किस्सा- 1 पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज, 11 की उम्र में बोर्डिंग स्कूल से भागीं, रास्ते में पकड़ी गईं 5 अगस्त 1974 में काजोल का जन्म मुंबई के समृद्ध बंगाली परिवार में हुआ। मां तनुजा, जानी-मानी एक्ट्रेस थीं और पिता शोमू मुखर्जी फिल्ममेकर। उनके पिता मर्सिडीज कार के शौकीन थे। उन्हें पता चला कि ये कार बनाने वाले शख्स की बेटी का असल नाम मर्सिडीज था। बात में उसने बेटी के नाम पर मर्सिडीज कार बनाई। शोमू चाहते थे कि उनकी बेटी का नाम भी मर्सिडीज हो। वो अड़ गए, लेकिन तनुजा ने साफ कहा- मैं ऐसा नहीं होने दूंगी। उन्होंने बेटी का नाम काजल रखा, लेकिन बंगाली परिवार में इसे ही धीरे-धीरे काजोल कर दिया गया। काजोल बचपन में इतनी शरारती थीं कि मां उनकी अक्सर पिटाई करती थीं। कभी बैडमिंटन रैकेट से मारतीं तो कभी जो हाथ आया उससे। काजोल कम उम्र की थीं, जब पेरेंट्स का तलाक हो गया। मां तनुजा फिल्मों में व्यस्त रहती थीं, तो काजोल कई सालों तक नानी शोभना समर्थ के साथ रहीं। शोभना भी अपने दौर की मशहूर एक्ट्रेस थीं। कुछ समय बाद उनका दाखिला पंचगनी के सेंट जोसेफ बोर्डिंग स्कूल में करवा दिया गया। एक दिन बोर्डिंग स्कूल में उन्हें पता चला कि उनकी नानी की मां काफी बीमार हैं। काजोल ने जिद पकड़ ली कि वो उनसे मिलने जाएंगी। मां ने इनकार कर दिया कि सीधे क्रिसमस की छुट्टियों में ही आना। काजोल ने अपनी एक दोस्त के साथ बोर्डिंग स्कूल से भागने का प्लान बनाया। वो लोगों की नजरों से बचते हुए गेट से बाहर निकलीं और अपने लोकल गार्डियन के घर पहुंच गईं। उन्होंने कहा- मामा जी, मां ने मुझे घर बुलाया है, आप मुझे बस में बैठा दीजिए। मामा कुछ समझ नहीं सके और बस में बैठा दिया। काजोल बस चलने का इंतजार कर रही थीं कि तभी स्कूल की नन ने उन्हें पकड़ लिया। काजोल को डांट के बाद दोबारा बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया। देखिए काजोल के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें- किस्सा-2 15 की उम्र में करण जौहर को देखकर उड़ाया मजाक, पार्टी छोड़कर निकले काजोल महज 15 साल की थीं, जब वो मां एक्ट्रेस तनुजा के साथ एक फिल्मी पार्टी में गईं। डिस्को थीम वाली पार्टी में फिल्म इंडस्ट्री के कई और सेलेब्स भी आए थे। काजोल मस्ती कर रही थीं कि तभी पार्टी में फिल्ममेकर यश जौहर अपने 17 साल के बेटे करण जौहर के साथ आए। ये करण और काजोल की पहली मुलाकात थी। जैसे ही पेरेंट्स ने दोनों का परिचय करवाया, थ्री-पीस सूट, टाई लगाए हुए टीनएज करण को ऊपर से नीचे देखकर काजोल जोर-जोर से हंस पड़ीं। करण मजाक उड़ता देख उदास हो गए, तभी काजोल की मां ने फिर कहा- तुम दोनों बच्चे जाकर साथ डांस क्यों नहीं करते। दोनों डांस फ्लोर पर गए तो करण हिचकते हुए डांस करने लगे, लेकिन काजोल हंसी नहीं रोक पाईं और करीब आधे घंटे तक हंसती रहीं। करण का दिल टूट गया और वो पार्टी छोड़कर चले गए। लेकिन समय के साथ दोनों की दोस्ती ऐसी होती गई कि जब करण ने 21 की उम्र में दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे बनाईं तो काजोल को ही कास्ट किया। आगे वो करण के साथ कभी खुशी कभी गम, कल हो न हो (कैमियो), माय नेम इज खान जैसी फिल्मों में नजर आईं। किस्सा- 3 अक्षय कुमार पर था क्रश, देखने के लिए दोस्त करण को किया परेशान काजोल को फिल्मों में आने से पहले अक्षय कुमार पर क्रश था। अक्षय कुमार 1987 में फिल्मों में आए थे और कई हिट फिल्में दे रहे थे। तब काजोल महज 16-17 साल की थीं। एक बार काजोल मां के साथ फिल्म हिना के प्रीमियर में पहुंची। तब तक उनकी करण जौहर से दोस्ती हो चुकी थी। प्रीमियर में जैसे ही काजोल को पता चला कि अक्षय कुमार भी आए हैं, तो वो करण का हाथ पकड़कर पूरे प्रीमियर में अक्षय को ढूंढती रहीं। ये किस्सा करण जौहर ने कपिल शर्मा के शो में सुनाया था। किस्सा- 4 दोस्त का फोटोशूट करवाने पहुंचीं, मिल गई पहली फिल्म, छुट्टियों के टाइमपास के लिए हामी भरी काजोल की तीन पीढ़ियां फिल्मों में काम कर चुकी हैं। ऐसे में तनुजा चाहती थीं कि वह भी फिल्मों में आएं, लेकिन काजोल इसके खिलाफ थीं। उन्हें लगता था कि हीरोइन बनने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। तनुजा ने उनकी मर्जी के खिलाफ उनके लिए फिल्म बनाना भी शुरू किया, लेकिन किसी कारण वो बंद पड़ गई। काजोल की एक करीबी दोस्त हीरोइन बनना चाहती थीं। एक दिन वो पोर्टफोलियो बनवाने के लिए गौतम राजाध्यक्ष के पास गईं। साथ देने के लिए वो काजोल को भी साथ ले गईं। दोस्त का फोटोशूट चल ही
काजोल@52, पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज:हीरोइन बनने से पहले अक्षय पर था क्रश, पहली मुलाकात में शाहरुख ने की बेइज्जती, गिरने से याद्दाश्त गई

एक लड़की, जिनकी शरारतों से मां इतनी परेशान थीं कि गुस्से में कह देती थीं, “हाय… काश, तुझे भी एक बेटी हो, बिल्कुल तेरे जैसी।” पिता उनका ऑफिशियल नाम ‘मर्सिडीज’ रखना चाहते थे, लेकिन मां ने साफ मना कर दिया। इनकी दोस्ती की भी मिसाल दी जाती है। 15 साल की उम्र में उसने करण जौहर का ऐसा मजाक उड़ाया कि वो पार्टी छोड़कर ही निकल गए। वहीं उन्हें पहली फिल्म भी एक सहेली की मदद से ही मिली। लेकिन शूटिंग के पहले ही दिन सेट पर गिर पड़ीं। ये गिरने-पड़ने में भी पीछे नहीं थीं। जिस फिल्म का हिस्सा बनतीं, वहां गिरना तय था। बेस्ट फ्रेंड शाहरुख और करण का मानना था कि ये जिस भी फिल्म के सेट पर गिरती हैं, वो हिट हो जाती हैं। ऐसे ही एक बार कुछ कुछ होता है की शूटिंग में ये साइकिल से ऐसी गिरीं कि याद्दाश्त ही चली गई। दोस्तों ने पुरानी शरारत का बदला लिया और ये साबित कर दिया कि वो फिल्म की हीरोइ नहीं बल्कि बैकग्राउंड डांसर थीं। शरारत, बेबाकी, हाजिरजवाबी और दमदार एक्टिंग, इन चार शब्दों में अगर किसी एक एक्ट्रेस को बयां किया जा सकता है, तो वो हैं काजोल। बॉलीवुड की इस चुलबुली सुपरस्टार ने अपनी हंसी, अपने अंदाज और अपनी फिल्मों से तीन दशकों से दर्शकों का दिल जीता है। आज, उनके 52वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे मजेदार किस्से, जो उनकी शख्सियत का सार हैं- किस्सा- 1 पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज, 11 की उम्र में बोर्डिंग स्कूल से भागीं, रास्ते में पकड़ी गईं 5 अगस्त 1974 में काजोल का जन्म मुंबई के समृद्ध बंगाली परिवार में हुआ। मां तनुजा, जानी-मानी एक्ट्रेस थीं और पिता शोमू मुखर्जी फिल्ममेकर। उनके पिता मर्सिडीज कार के शौकीन थे। उन्हें पता चला कि ये कार बनाने वाले शख्स की बेटी का असल नाम मर्सिडीज था। बात में उसने बेटी के नाम पर मर्सिडीज कार बनाई। शोमू चाहते थे कि उनकी बेटी का नाम भी मर्सिडीज हो। वो अड़ गए, लेकिन तनुजा ने साफ कहा- मैं ऐसा नहीं होने दूंगी। उन्होंने बेटी का नाम काजल रखा, लेकिन बंगाली परिवार में इसे ही धीरे-धीरे काजोल कर दिया गया। काजोल बचपन में इतनी शरारती थीं कि मां उनकी अक्सर पिटाई करती थीं। कभी बैडमिंटन रैकेट से मारतीं तो कभी जो हाथ आया उससे। काजोल कम उम्र की थीं, जब पेरेंट्स का तलाक हो गया। मां तनुजा फिल्मों में व्यस्त रहती थीं, तो काजोल कई सालों तक नानी शोभना समर्थ के साथ रहीं। शोभना भी अपने दौर की मशहूर एक्ट्रेस थीं। कुछ समय बाद उनका दाखिला पंचगनी के सेंट जोसेफ बोर्डिंग स्कूल में करवा दिया गया। एक दिन बोर्डिंग स्कूल में उन्हें पता चला कि उनकी नानी की मां काफी बीमार हैं। काजोल ने जिद पकड़ ली कि वो उनसे मिलने जाएंगी। मां ने इनकार कर दिया कि सीधे क्रिसमस की छुट्टियों में ही आना। काजोल ने अपनी एक दोस्त के साथ बोर्डिंग स्कूल से भागने का प्लान बनाया। वो लोगों की नजरों से बचते हुए गेट से बाहर निकलीं और अपने लोकल गार्डियन के घर पहुंच गईं। उन्होंने कहा- मामा जी, मां ने मुझे घर बुलाया है, आप मुझे बस में बैठा दीजिए। मामा कुछ समझ नहीं सके और बस में बैठा दिया। काजोल बस चलने का इंतजार कर रही थीं कि तभी स्कूल की नन ने उन्हें पकड़ लिया। काजोल को डांट के बाद दोबारा बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया। देखिए काजोल के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें- किस्सा-2 15 की उम्र में करण जौहर को देखकर उड़ाया मजाक, पार्टी छोड़कर निकले काजोल महज 15 साल की थीं, जब वो मां एक्ट्रेस तनुजा के साथ एक फिल्मी पार्टी में गईं। डिस्को थीम वाली पार्टी में फिल्म इंडस्ट्री के कई और सेलेब्स भी आए थे। काजोल मस्ती कर रही थीं कि तभी पार्टी में फिल्ममेकर यश जौहर अपने 17 साल के बेटे करण जौहर के साथ आए। ये करण और काजोल की पहली मुलाकात थी। जैसे ही पेरेंट्स ने दोनों का परिचय करवाया, थ्री-पीस सूट, टाई लगाए हुए टीनएज करण को ऊपर से नीचे देखकर काजोल जोर-जोर से हंस पड़ीं। करण मजाक उड़ता देख उदास हो गए, तभी काजोल की मां ने फिर कहा- तुम दोनों बच्चे जाकर साथ डांस क्यों नहीं करते। दोनों डांस फ्लोर पर गए तो करण हिचकते हुए डांस करने लगे, लेकिन काजोल हंसी नहीं रोक पाईं और करीब आधे घंटे तक हंसती रहीं। करण का दिल टूट गया और वो पार्टी छोड़कर चले गए। लेकिन समय के साथ दोनों की दोस्ती ऐसी होती गई कि जब करण ने 21 की उम्र में दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे बनाईं तो काजोल को ही कास्ट किया। आगे वो करण के साथ कभी खुशी कभी गम, कल हो न हो (कैमियो), माय नेम इज खान जैसी फिल्मों में नजर आईं। किस्सा- 3 अक्षय कुमार पर था क्रश, देखने के लिए दोस्त करण को किया परेशान काजोल को फिल्मों में आने से पहले अक्षय कुमार पर क्रश था। अक्षय कुमार 1987 में फिल्मों में आए थे और कई हिट फिल्में दे रहे थे। तब काजोल महज 16-17 साल की थीं। एक बार काजोल मां के साथ फिल्म हिना के प्रीमियर में पहुंची। तब तक उनकी करण जौहर से दोस्ती हो चुकी थी। प्रीमियर में जैसे ही काजोल को पता चला कि अक्षय कुमार भी आए हैं, तो वो करण का हाथ पकड़कर पूरे प्रीमियर में अक्षय को ढूंढती रहीं। ये किस्सा करण जौहर ने कपिल शर्मा के शो में सुनाया था। किस्सा- 4 दोस्त का फोटोशूट करवाने पहुंचीं, मिल गई पहली फिल्म, छुट्टियों के टाइमपास के लिए हामी भरी काजोल की तीन पीढ़ियां फिल्मों में काम कर चुकी हैं। ऐसे में तनुजा चाहती थीं कि वह भी फिल्मों में आएं, लेकिन काजोल इसके खिलाफ थीं। उन्हें लगता था कि हीरोइन बनने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। तनुजा ने उनकी मर्जी के खिलाफ उनके लिए फिल्म बनाना भी शुरू किया, लेकिन किसी कारण वो बंद पड़ गई। काजोल की एक करीबी दोस्त हीरोइन बनना चाहती थीं। एक दिन वो पोर्टफोलियो बनवाने के लिए गौतम राजाध्यक्ष के पास गईं। साथ देने के लिए वो काजोल को भी साथ ले गईं। दोस्त का फोटोशूट चल ही
'उर्फी जावेद ने लिए थे ₹1 लाख':CJP प्रोटेस्ट को लेकर इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी का दावा, हमले को लेकर अभिजीत दीपके के खिलाफ शिकायत की

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया कि दीपके से जुड़े लोगों ने उन पर हमला किया था। वहीं, उन्होंने उर्फी जावेद पर 1 लाख रुपए और पूनम पांडे पर 20 हजार रुपए लेने का भी आरोप लगाया। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में फैजान अंसारी ने कहा, ‘अभिजीत दीपके के अगेंस्ट आज मैंने दिल्ली डीसीपी को लिखित शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि मेरे ऊपर अभिजीत दीपके के लोगों ने हमला किया था। पुणे में मेरे ऊपर अटैक हुआ, औरंगाबाद में मेरे ऊपर अटैक हुआ। पहले से ही दो केस उसके खिलाफ फाइल हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं चाहता हूं कि दिल्ली पुलिस तुरंत अभिजीत दीपके को गिरफ्तार करे, ताकि आगे कोई भी दंगा-फसाद या कोई भी समस्या न हो सके।’ वहीं, शिकायत में फैजान अंसारी ने लिखा, ‘मैं आज मुंबई से दिल्ली डीसीपी के पास कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की लिखित शिकायत करने आया हूं। अभिजीत दीपके एक पाकिस्तानी एजेंट है। उमर खालिद का समर्थक है, जिसने कहा था, ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे।’ बॉलीवुड से भी सेलिब्रिटीज को अभिजीत दीपके ने पैसे देकर जंतर-मंतर बुलाया था।’ उसमें आगे लिखा, ‘उर्फी जावेद ने 1 लाख रुपए लिए थे और पूनम पांडे ने 20 हजार रुपए लिए थे। मैं यह चाहता हूं कि उमर खालिद की तरह अभिजीत दीपके को भी जेल होनी चाहिए। आप प्लीज तुरंत एफआईआर करके इसे जेल भेजो। अभिजीत दीपके देश का माहौल बिगाड़ रहा है और अगर इसे नहीं रोका गया, तो यह भारत में दंगे-फसाद भी करवा देगा।’ फैजान ने तान्या के खिलाफ भी शिकायत की थी फैजान अंसारी एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 1.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं। वो अपने बयानों और पुलिस शिकायतों के कारण चर्चा में रहते हैं। अक्टूबर 2025 में फैजान ने बिग बॉस फेम तान्या मित्तल के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने तान्या पर लोगों को पैसों के लिए धोखा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि तान्या ने ‘बिग बॉस’ शो में अपने परिवार और व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े सैकड़ों झूठ बोले हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… खुशी मुखर्जी को ₹100 करोड़ का नोटिस भेजा था साथ ही उन्होंने क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के समर्थन में एक्ट्रेस खुशी मुखर्जी के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का नोटिस भेजा था। फैजान ने आरोप लगाया था कि खुशी ने सूर्यकुमार को लेकर जानबूझकर ऐसे बयान दिए, जिससे एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। उनका कहना था कि ये बयान बिना किसी सबूत के और गलत नीयत से दिए गए हैं। दरअसल, खुशी मुखर्जी ने दिसंबर 2025 में कहा था कि भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव उन्हें पहले अक्सर मैसेज किया करते थे। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके और सूर्यकुमार के बीच कभी कोई रोमांटिक रिश्ता नहीं रहा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
6 साल बाद फिर लग सकती है UPI फीस:2020 में हटाया गया था MDR शुल्क; अब वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव रखा

वित्त मंत्रालय ने डिजिटल पेमेंट से जुड़े कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इससे भविष्य में UPI पेमेंट पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट दोबारा लागू किया जा सकता है। इस फैसले का आम यूजर्स, दुकानदारों और बैंकिंग सिस्टम पर क्या असर पड़ेगा सवाल-जवाब में जानें.. सवाल 1. वित्त मंत्रालय ने किस कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखा है और इससे क्या बदलेगा? जवाब: वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A को हटाने या उसमें संशोधन का प्रस्ताव दिया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में यह धारा बैंकों और पेमेंट कंपनियों को UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट मोड्स पर किसी भी प्रकार का शुल्क या चार्ज वसूलने से रोकती है। इस नियम में बदलाव के बाद सरकार को यह तय करने का कानूनी अधिकार मिल जाएगा कि किन डिजिटल पेमेंट मोड्स को फ्री रखना है और किन पर शुल्क की अनुमति देनी है। सवाल 2. क्या इसका मतलब यह है कि अब UPI का इस्तेमाल करने पर तुरंत चार्ज देना होगा? जवाब: नहीं, इस संशोधन का मतलब यह कतई नहीं है कि UPI पेमेंट्स पर तुरंत चार्जेस लागू हो रहे हैं। यह कदम केवल सरकार को भविष्य के लिए नियम और नीतियां बनाने की कानूनी छूट देता है। कानून बदलने के बाद सरकार जब चाहेगी, तब नोटिफिकेशन जारी करके यह तय कर सकेगी कि किस तरह के पेमेंट्स पर फीस लागू होगी और कौन से पेमेंट्स पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे। सवाल 3. MDR क्या होता है और अगर यह लागू हुआ तो किसकी जेब पर असर पड़ेगा? जवाब: MDR वह फीस होती है जो कोई व्यापारी डिजिटल ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने के बदले बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे फोनपे, गूगलपे, पेटीएम को देता है। अगर भविष्य में UPI पर MDR दोबारा लागू किया जाता है, तो इसका असर व्यापारियों और पेमेंट इकोसिस्टम पर पड़ेगा। आम नागरिक जो रोजाना की खरीदारी के लिए UPI से पेमेंट करते हैं, उन पर कोई सीधा शुल्क नहीं लगेगा। सवाल 4. UPI और रुपे कार्ड पर MDR कब से हटा दिया गया था और क्यों? जवाब: सरकार ने जनवरी 2020 में UPI और रुपे डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर MDR को जीरो कर दिया था। डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने और देश में कैशलेस इकोनॉमी को मजबूत करने के मकसद से ऐसा किया गया था। इसके बाद से ही देश में UPI पेमेंट्स का तेजी से विस्तार हुआ। सवाल 5. सरकार को इस कानून में बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक बिना किसी कमाई के चला पाना वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। हाल ही में मार्च में वित्त पर संसद की स्थाई समिति ने भी इस पर चिंता जताई थी। समिति ने कहा था कि जीरो-एमडीआर नीति के कारण पेमेंट इंडस्ट्री और बैंकों को घाटा हो रहा है। इसकी भरपाई के लिए एक टिकाऊ रेवेन्यू मॉडल बेहद जरूरी है। सवाल 6. सरकार अभी बैंकों और पेमेंट कंपनियों को कितना इंसेंटिव देती है? जवाब: सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य वाले BHIM-UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शंस को सपोर्ट करने के लिए ₹2,000 करोड़ का इंसेंटिव बजट आवंटित किया है। यह इंसेंटिव स्कीम FY2021-22 में शुरू की गई थी। हालांकि, संसदीय समिति ने नोट किया कि यह राशि पेमेंट इंडस्ट्री की वास्तविक लागत का बहुत छोटा हिस्सा ही कवर कर पाती है। सवाल 7. इस कानूनी संशोधन का मुख्य उद्देश्य क्या है? जवाब: इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य दो चीजों के बीच संतुलन बनाना है। एक तरफ आम जनता के लिए किफायती और आसान डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को बनाए रखना। दूसरी तरफ UPI इकोसिस्टम (बैंक, फिनटेक कंपनियां) को वित्तीय रूप से मजबूत और टिकाऊ बनाए रखना। सवाल 8. भविष्य में आगे क्या होने की संभावना है? जवाब: कानूनी संशोधन पारित होने के बाद सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी। संभावना जताई जा रही है कि बड़े मर्चेंट्स या उच्च मूल्य वाले ट्रांजैक्शंस के लिए चरणबद्ध तरीके से मामूली MDR लागू किया जा सकता है, जबकि छोटे दुकानदारों और आम कंज्यूमर पेमेंट्स को फ्री ही रखा जाएगा। नॉलेज पार्ट: ‘जानिए क्या है MDR?’ जब भी आप किसी दुकान पर कार्ड या UPI स्कैन करके पेमेंट करते हैं, तो उस ट्रांजैक्शन को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करने में बैंक, पेमेंट गेटवे और सॉफ्टवेयर कंपनियों का खर्च आता है। इस सर्विस के बदले मर्चेंट से ली जाने वाली फीस को ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MDR) कहते हैं। रीडर्स के लिए काम की टिप आम यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर भविष्य में MDR वापस भी आता है, तो नियम के मुताबिक इसका शुल्क व्यापारी को देना होता है, ग्राहक को नहीं। इसके अलावा, आपका व्यक्तिगत UPI ट्रांसफर यानी पर्सन टू पर्सन पूरी तरह फ्री ही रहेगा।
लश्कर-ए-तयैबा का आतंकी बोला- हमारे 30 लोग मारे गए:अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया, कहा- इसके पीछे भारतीय एजेंट

इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी रिजवान हनीफ ने दावा किया है कि पिछले तीन-चार साल में उनके संगठन के 30 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। उसके मुताबिक ये हमले पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलकोट और मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने किए। उसने आरोप लगाया कि ये हमलावर भारतीय एजेंट थे। इससे जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। इसमें हनीफ कहता है, हमारे लोगों को भारतीय खुफिया एजेंसियों ने आजाद कश्मीर में अमन और चेन से नहीं रहने दिया। अपने एजेंट्स के जरिए उन्होंने हमारे लोगो को शहीद किया। खबर अपडेट हो रही है…
लश्कर-ए-तयैबा का आतंकी बोला- हमारे 30 लोग मारे गए:भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एजेंट भेजकर हत्या कराई

इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी रिजवान हनीफ ने दावा किया है कि पिछले तीन-चार साल में उनके संगठन के 30 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। उसके मुताबिक ये हमले पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलकोट और मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने किए। उसने आरोप लगाया कि ये हमलावर भारतीय एजेंट थे। इससे जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। इसमें हनीफ कहता है, हमारे लोगों को भारतीय खुफिया एजेंसियों ने आजाद कश्मीर में अमन और चेन से नहीं रहने दिया। अपने एजेंट्स के जरिए उन्होंने हमारे लोगो को शहीद किया। 40 साल पहले हुआ लश्कर ए तैयबा का गठन लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना 1987 में पाकिस्तान में हुई थी। यह संगठन सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान बने जिहादी नेटवर्क से निकला था। ओसामा बिन लादेन के मेंटर माने जाने वाले अब्दुल्ला अज्जाम और उसके दो साथियों ने मिलकर मरकज-अद-दावा-वल-इरशाद नाम के धार्मिक संगठन की स्थापना की। मरकज-अद-दावा-वल-इरशाद संगठन का सशस्त्र (मिलिटेंट) विंग बाद में लश्कर-ए-तैयबा कहलाया। अरबी में इसका अर्थ है पवित्र लोगों की सेना। शुरुआती दौर में संगठन के लड़ाके अफगानिस्तान में सोवियत सेना के खिलाफ लड़ने के लिए भेजे जाते थे। 1989 में सोवियत सेना की वापसी के बाद संगठन का फोकस जम्मू-कश्मीर पर आ गया। इसी साल पेशावर में एक बम धमाके में अब्दुल्लाह अज्जाम की मौत हो गई। इसके बाद हाफिज सईद ने इस संगठन की कमान संभाल ली। भारत, अमेरिका और कई पश्चिमी देशों का आरोप रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा को लंबे समय तक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन मिलता रहा। पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर इन आरोपों से इनकार करता है।








