Sunday, 13 Sep 2026 | 08:37 AM

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लोन न चुकाने पर मोबाइल-लैपटॉप लॉक नहीं कर सकेंगे बैंक:RBI ने रिकवरी के नियमों में बदलाव किया, 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे

लोन न चुकाने पर मोबाइल-लैपटॉप लॉक नहीं कर सकेंगे बैंक:RBI ने रिकवरी के नियमों में बदलाव किया, 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे

पर्सनल, कार या होम लोन न चुकाने वाले ग्राहकों के मोबाइल और लैपटॉप बैंक बंद या डिसेबल नहीं कर सकते। रिजर्व बैंक यानी RBI ने 6 अगस्त को यह साफ कर दिया है। बैंक सिर्फ उन्हीं मामलों में ऐसा कर सकते हैं, जहां वो डिवाइस खुद बैंक के लोन पर खरीदा गया हो। केंद्रीय बैंक का यह कदम ग्राहकों को मिलने वाली धमकियों, प्राइवेसी के उल्लंघन और रिकवरी के नाम पर होने वाली प्रताड़ना को रोकने के लिए उठाया गया है। सवाल-जवाब में समझिए ये नए नियम क्या हैं… सवाल 1: RBI ने लोन रिकवरी को लेकर क्या नया आदेश दिया है? जवाब: रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि कोई भी बैंक या वित्तीय संस्थान पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन की वसूली के लिए कर्जदार के मोबाइल फोन, लैपटॉप या टैबलेट को सॉफ्टवेयर की मदद से लॉक या डिसेबल नहीं कर सकता। सवाल 2: क्या बैंक किसी भी स्थिति में फोन या लैपटॉप लॉक नहीं कर सकते? जवाब: बैंक केवल एक ही शर्त पर डिवाइस को डिसेबल कर सकते हैं, अगर वह मोबाइल या लैपटॉप खुद उसी बैंक या कंपनी के लोन पर खरीदा गया हो। अगर लोन या फाइनेंस किसी अन्य चीज के लिए लिया गया है, तो डिवाइस लॉक करने पर पूरी तरह रोक रहेगी। सवाल 3: जिन मामलों में डिवाइस फाइनेंस हुआ है, क्या वहां बैंक तुरंत फोन बंद कर सकते हैं? जवाब: नहीं, RBI ने कहा है कि अगर डिवाइस लोन पर खरीदा भी गया है, तो बैंक सीधे या शुरुआत से ही फोन लॉक नहीं कर सकते। बैंकों को चरणबद्ध तरीका अपनाना होगा। सवाल 4: अगर लोन पर खरीदा फोन लॉक होता भी है, तो कौन-कौन से फीचर्स चालू रहेंगे? जवाब: RBI के मुताबिक, फोन की जरूरी सेवाएं बंद नहीं की जा सकतीं। इसमें इनकमिंग कॉल्स, SMS और इमरजेंसी SOS फीचर्स शामिल हैं। लोन बकाया होने की स्थिति में भी ये सेवाएं चालू रखनी होंगी। सवाल 5: डिवाइस लॉकिंग टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए क्या नियम हैं? जवाब: RBI ने साफ किया है कि बैंक या थर्ड-पार्टी सर्विस प्रोवाइडर बिना जांचे-परखे या थर्ड-पार्टी अनधिकृत सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। उन्हें उस डिवाइस के ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) या ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) प्लेटफॉर्म से बाकायदा सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा। सवाल 6: RBI को ये सख्त नियम बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: लंबे समय से ग्राहकों की शिकायतें आ रही थीं कि रिकवरी एजेंसियां और बैंक उन्हें परेशान कर रहे हैं। रिकवरी एजेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फोटो डालकर बदनाम करने और अभद्र भाषा (गैली-गलौज) का इस्तेमाल कर रहे थे। इन्हीं शिकायतों के बाद केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया। सवाल 7: रिकवरी एजेंटों को कर्जदार की जानकारी देने पर क्या निर्देश दिए गए हैं? जवाब: RBI ने निर्देश दिया है कि बैंक अपने कर्मचारियों या रिकवरी एजेंसियों के साथ कर्जदार या गारंटर की निजी जानकारी बहुत सीमित दायरे में ही शेयर करें। केवल उतनी ही जानकारी दी जाए, जितनी लोन रिकवरी की जिम्मेदारी निभाने के लिए बेहद जरूरी हो। सवाल 8: ये नए नियम कब से लागू होंगे और इसकी प्रक्रिया कब शुरू हुई थी? जवाब: RBI के सर्कुलर के अनुसार, ये संशोधित नियम 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे। बता दें कि इससे पहले केंद्रीय बैंक ने मई में ‘कंडक्ट ऑफ रेगुलेटेड एंटिटीज इन रिकवरी ऑफ लोन्स’ का एक ड्राफ्ट पेश किया था, जिस पर मिले फीडबैक के बाद अब फाइनल गाइडलाइंस जारी की गई हैं। नॉलेज पार्ट: जानें क्या हैं आपके अधिकार

सरकार बोली-जेट फ्यूल में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं:केजरीवाल के दावे को गलत बताया, मंत्री बोले- अफवाह फैलाकर यात्रियों को न डराएं

सरकार बोली-जेट फ्यूल में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं:केजरीवाल के दावे को गलत बताया, मंत्री बोले- अफवाह फैलाकर यात्रियों को न डराएं

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी ATF में एथेनॉल मिलाने की सरकार की कोई योजना या प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज यानी 6 गुरुवार को कहा कि विमान सुरक्षा को लेकर इस तरह की गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने से हवाई यात्रियों में बेवजह डर और चिंता पैदा होती है। नायडू का यह बयान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर विमान के ईंधन में एथेनॉल मिलाने की योजना बनाने का आरोप लगाया था। उड्डयन मंत्री ने साफ किया कि हवाई यात्रियों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। केजरीवाल ने क्या दावा किया था? दरअसल, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने लिखा था कि सूत्रों से संकेत मिला है कि मोदी सरकार ATF में एथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। जानकारों का कहना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा से गंभीर समझौता हो सकता है। नायडू बोले- एथेनॉल और SAF में अंतर समझें अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने X पर लिखा कि सरकार का ATF में एथेनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह दावा पूरी तरह से झूठा और गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने दोनों फ्यूल का अंतर समझाते हुए लिख एथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल SAF यानी दो पूरी तरह अलग चीजें हैं और इन्हें एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए। SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एविएशन फ्यूल है, जिसे इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन यानी ICAO द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसे वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है। ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स से गुजरता है SAF नायडू ने आगे बताया कि SAF को इस्तेमाल में लाने से पहले कड़े टेस्टिंग प्रोसेस से गुजारा जाता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों को पूरी तरह पूरा करता है। इसलिए इसे नॉर्मल जेट फ्यूल के साथ इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित माना गया है। उन्होंने दोहराया कि देश में एविएशन सेक्टर की ग्रोथ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है और सुरक्षा से जुड़ा कोई भी कदम वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर ही उठाया जाता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है SAF और यह एथेनॉल से कैसे अलग है? एथेनॉल : मुख्य रूप से गन्ने या अनाज से बनता है। इसे पेट्रोल में मिक्स किया जाता है जैसे कार/बाइक के लिए। इसका इस्तेमाल विमान के इंजन में सीधे नहीं किया जा सकता। SAF : यह बायो-वेस्ट, इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल और अन्य ऑर्गेनिक कचरे से बनता है। यह पारंपरिक एटीएफ जैसा ही केमिकल स्ट्रक्चर रखता है और कार्बन उत्सर्जन को 80% तक कम करता है। इसका उपयोग

सरकार का हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने का प्लान नहीं:केजरीवाल के दावे को गलत बताया, मंत्री बोले- अफवाह फैलाकर यात्रियों को न डराएं

सरकार का हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने का प्लान नहीं:केजरीवाल के दावे को गलत बताया, मंत्री बोले- अफवाह फैलाकर यात्रियों को न डराएं

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार का हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने कहा कि विमान सुरक्षा को लेकर इस तरह की गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने से हवाई यात्रियों में बेवजह डर और चिंता पैदा होती है। नायडू का यह बयान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर विमान के ईंधन में एथेनॉल मिलाने की योजना का आरोप लगाया था। उड्डयन मंत्री ने साफ किया कि हवाई यात्रियों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। केजरीवाल ने क्या दावा किया था? अरविंद केजरीवाल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि सूत्रों से संकेत मिला है कि मोदी सरकार जहाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। जानकारों का कहना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा से गंभीर समझौता हो सकता है। नायडू बोले- एथेनॉल और SAF में अंतर समझें अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने X पर लिखा कि एथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) दो पूरी तरह अलग चीजें हैं और इन्हें एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए। SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एविएशन फ्यूल है, जिसे इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन यानी ICAO द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसे वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है। ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स से गुजरता है SAF नायडू ने आगे बताया कि SAF को इस्तेमाल में लाने से पहले कड़े टेस्टिंग प्रोसेस से गुजारा जाता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों को पूरी तरह पूरा करता है। इसलिए इसे नॉर्मल जेट फ्यूल के साथ इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित माना गया है। उन्होंने दोहराया कि देश में एविएशन सेक्टर की ग्रोथ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है और सुरक्षा से जुड़ा कोई भी कदम वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर ही उठाया जाता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है SAF और यह एथेनॉल से कैसे अलग है? एथेनॉल : मुख्य रूप से गन्ने या अनाज से बनता है। इसे पेट्रोल में मिक्स किया जाता है जैसे कार/बाइक के लिए। इसका इस्तेमाल विमान के इंजन में सीधे नहीं किया जा सकता। SAF : यह बायो-वेस्ट, इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल और अन्य ऑर्गेनिक कचरे से बनता है। यह पारंपरिक एटीएफ जैसा ही केमिकल स्ट्रक्चर रखता है और कार्बन उत्सर्जन को 80% तक कम करता है। इसका उपयोग दुनिया के कौन से देश पहले से SAF का उपयोग कर रहे हैं? वर्तमान में 40 से अधिक देशों और क्षेत्रों ने SAF के समर्थन में नीतियां लागू की हैं या विकसित कर रहे हैं। इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन यानी ICAO के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर के 125 से अधिक हवाई अड्डों पर SAF उपलब्ध है और अब तक 3,60,000 से अधिक व्यावसायिक उड़ानें SAF का उपयोग कर चुकी हैं। अमेरिका और यूरोप इसके उपयोग में सबसे आगे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की सुरक्षा में चूक:हेलिकॉप्टर के पास से उड़ी कमर्शियल फ्लाइट, FAA ने जांच शुरू की

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की सुरक्षा में चूक:हेलिकॉप्टर के पास से उड़ी कमर्शियल फ्लाइट, FAA ने जांच शुरू की

वॉशिंगटन DC. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आधिकारिक हेलिकॉप्टर मरीन वन की उड़ान के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल में चूक का मामला सामने आया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक जिस वक्त ट्रम्प के हेलिकॉप्टर हवा में था, उसी दौरान व्हाइट हाउस के पास स्थित रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उसी समय एक कमर्शियल विमान ने भी उड़ान भर ली। नियमों के अनुसार इस दौरान रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकना जरूरी होता है। हालांकि एयर ट्रैफिक कंट्रोल समय पर ऐसा नहीं कर सका और एक कमर्शियल जेट ने भी लगभग उसी समय टेकऑफ कर लिया। इस वजह से दोनों विमानों के बीच तय न्यूनतम सुरक्षा दूरी (स्टैंडर्ड सेपरेशन) नहीं रह सकी। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोनों विमान टक्कर की स्थिति में नहीं थे। घटना के बाद अमेरिकी विमानन नियामक फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने जांच शुरू कर दी है। व्हाइट हाउस बोला- राष्ट्रपति पर कोई खतरा नहीं था व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि इस घटना से राष्ट्रपति की सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं था। उन्होंने कहा, “मरीन वन दुनिया के सबसे अनुभवी पायलट उड़ाते हैं और उड़ान के दौरान राष्ट्रपति कभी भी खतरे में नहीं थे।” FAA अब इस बात की जांच कर रहा है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल से यह प्रक्रियागत चूक कैसे हुई और कमर्शियल विमान को उड़ान की अनुमति क्यों दी गई। अमेरिकी विमानन नियमों के मुताबिक उड़ान के दौरान विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील (करीब 2.4 किमी) की क्षैतिज दूरी या 500 फीट की ऊर्ध्वाधर दूरी बनाए रखना अनिवार्य है।

एक्ट्रेस जिया शंकर ने की बॉयफ्रेंड से सगाई:करण के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर की; बोलीं- अचानक मिला मेरा सच्चा प्यार

एक्ट्रेस जिया शंकर ने की बॉयफ्रेंड से सगाई:करण के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर की; बोलीं- अचानक मिला मेरा सच्चा प्यार

एक्ट्रेस और ‘बिग बॉस OTT 2’ की पूर्व कंटेस्टेंट जिया शंकर ने अपने बॉयफ्रेंड करण के साथ सगाई कर ली है। जिया ने सोशल मीडिया पर सगाई की तस्वीरें शेयर करके अपने रिश्ते का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है। सनसेट के दौरान आउटडोर लोकेशन पर हुए इस प्रपोजल की झलकियों के साथ जिया ने अपने मंगेतर के लिए एक इमोशनल नोट भी लिखा है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैन्स और दोस्त कपल को बधाइयां दे रहे हैं। सनसेट के बीच मिला सरप्राइज प्रपोजल शेयर की गई तस्वीरों में जिया और करण एक-दूसरे के साथ बेहद खुश नजर आ रहे हैं। करण ने जिया को डूबते सूरज की रोशनी में एक आउटडोर लोकेशन पर अंगूठी पहनाकर प्रपोज किया। एक फोटो में जिया सरप्राइज होकर अपनी डायमंड एंगेजमेंट रिंग दिखाती नजर आ रही हैं। इस खास मौके पर जिया ने पेस्टल येलो कलर का सैटिन गाउन पहना था, जबकि करण बेज शर्ट और व्हाइट ट्राउजर में नजर आए। बोलीं- हजारों मील दूर रहकर भी घर जैसा अहसास हुआ जिया ने सोशल मीडिया पर करण के नाम एक भावुक नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “हो सकता है कि यह सच हो, आपको प्यार तब मिलता है जब आप इसकी सबसे कम उम्मीद करते हैं। भले ही तुम मुझसे हजारों मील दूर थे, लेकिन तुमसे हुई हर बातचीत ने घर जैसा अहसास कराया।” जिया ने आगे लिखा कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हर दिन एक-दूसरे को चुना। उन्होंने करण को अपना बेस्ट फ्रेंड बताते हुए उनके साथ अपनी आगे की जिंदगी बिताने की बात कही। बिजनेसमैन हैं करण धनक जिया शंकर एक जानी-मानी भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2013 में रीजनल फिल्मों से की थी और बाद में ‘मेरी हानिकारक बीवी’, ‘काटेलाल एंड संस’ और ‘पिशाचिनी’ जैसे लोकप्रिय टीवी सीरियल्स से घर-घर में अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने सुपरहिट मराठी फिल्म ‘वेड’ और रियलिटी शो ‘बिग बॉस OTT 2’ के जरिए काफी लोकप्रियता हासिल की। वहीं उनके मंगेतर करण धनक एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दूर हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अमेरिका (US) में स्थित एक बिजनेसमैन (एंट्रेप्रेन्योर) और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं।

ईरान ने गल्फ देशों को हमले की धमकी दी:कहा- अमेरिका ने अटैक किया तो पूरे इलाके के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाएंगे

ईरान ने गल्फ देशों को हमले की धमकी दी:कहा- अमेरिका ने अटैक किया तो पूरे इलाके के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाएंगे

ईरान ने गल्फ देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके ऊर्जा ढांचे पर फिर हमला किया, तो वह पूरे इलाके के तेल ठिकानों, रिफाइनरियों, बिजली ग्रिड और दूसरे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से बात कर अमेरिका पर दबाव बनाने की अपील की, ताकि नया हमला टाला जा सके। ईरान का कहना है कि वह अभी भी कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन अगर हमला हुआ तो जवाब पहले से ज्यादा बड़ा होगा। इसके बाद सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बात कर सैन्य कार्रवाई टालने और बातचीत जारी रखने की अपील की। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-ओमान में होर्मुज स्ट्रेट के नए समुद्री रास्ते पर सहमति: ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के लिए नए समुद्री मार्ग की रूपरेखा पर ओमान के साथ सहमति बन गई है। दोनों देश जल्द इसकी संयुक्त घोषणा की तैयारी कर रहे हैं। 2. ट्रम्प बोले- 48 घंटे में होर्मुज डील पर तस्वीर साफ होगी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है और अगले 48 घंटे में समझौते की स्थिति साफ हो जाएगी। 3. ईरान बोला- ओमान से समझौते के बाद भी होर्मुज पूरी तरह सुरक्षित नहीं: ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान के साथ सहमति बनने का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट का खतरा खत्म हो गया। अमेरिका का सैन्य दबाव जारी रहा तो सुरक्षा जोखिम भी बना रहेगा। 4. रिपोर्ट- ईरान जंग में अमेरिका के 80% THAAD इंटरसेप्टर खर्च: CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिका अपने THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के करीब 80% और पैट्रियट सिस्टम के लगभग आधे इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर चुका है। 5. UN: लेबनान में 8 लाख से ज्यादा विस्थापित लोग घर लौटे: संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इजराइली हमले कम होने के बाद लेबनान में युद्ध के कारण विस्थापित हुए 8.21 लाख से ज्यादा लोग अपने घर लौट चुके हैं। हालांकि, 3.6 लाख से ज्यादा लोग ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

स्पेसएक्स का 4000 किलो वजनी रॉकेट चांद से टकराया:8,690 kmph की रफ्तार से अंतरिक्ष में घूम रहा था; NASA ने कहा- धरती को खतरा नहीं

स्पेसएक्स का 4000 किलो वजनी रॉकेट चांद से टकराया:8,690 kmph की रफ्तार से अंतरिक्ष में घूम रहा था; NASA ने कहा- धरती को खतरा नहीं

इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का एक बेकाबू रॉकेट चांद की सतह से टकरा गया है। 4 हजार किलो वजनी और करीब 5 मंजिला इमारत जितना बड़ा यह रॉकेट करीब 8,690 किमी/घंटा की रफ्तार से टकराया। नासा ने कहा कि इस टक्कर से पृथ्वी को कोई खतरा नहीं है। हालांकि इस टक्कर की पुष्टि तस्वीरों के आने के बाद होगी। यह बेकाबू टुकड़ा स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा है। इसे जनवरी 2025 में फ्लोरिडा से अमेरिका और जापान के दो लूनर लैंडर को अंतरिक्ष में भेजने के लिए लॉन्च किया गया था। मिशन पूरा होने के बाद रॉकेट का यह हिस्सा अंतरिक्ष में तैरता रह गया। पिछले 18 महीनों के दौरान पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण की वजह से इसका रास्ता धीरे-धीरे बदल गया। खगोलविदों ने डेटा का अध्ययन करके पहले ही अनुमान लगा लिया था कि यह रॉकेट भटककर सीधे चांद की ओर जा रहा है और उससे टकराएगा। आइंस्टीन क्रेटर के पास टक्कर हुई, दूरबीन से भी देखना मुश्किल यह टक्कर चांद के ‘आइंस्टीन क्रेटर’ के पास हुई। यह क्षेत्र चांद के उस हिस्से में है जहां दिन का उजाला रहता है और जो पृथ्वी से दिखाई देता है। हालांकि, वैज्ञानिकों के मुताबिक इसे आम टेलिस्कोप से देखना नामुमकिन था, क्योंकि टक्कर के वक्त बनी रोशनी बेहद हल्की थी। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के खगोलविद डॉ. मैट बोथवेल का कहना है कि टक्कर के कारण चांद की धूल का एक बड़ा गुबार उठा होगा, जो 100 किलोमीटर तक ऊपर गया होगा और कई मिनटों तक रहा होगा। तस्वीरों के लिए इंतजार करना होगा, ऑर्बिटर जारी करेंगे डेटा फिलहाल जब यह हादसा हुआ, तब चांद का चक्कर लगा रहा कोई भी स्पेसक्राफ्ट सही पोजिशन में नहीं था, इसलिए लाइव तस्वीरें नहीं मिल पाई हैं। दक्षिण कोरिया का ‘दानुरी’ ऑर्बिटर और नासा का ‘लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर’ (LRO) आने वाले दिनों में टक्कर वाली जगह के ऊपर से गुजरेंगे और तस्वीरें लेंगे। वैज्ञानिक पुरानी और नई तस्वीरों की तुलना करके चांद की सतह पर बने नए निशान की पहचान करेंगे। चांद पर पहले से मौजूद है 190 टन कचरा इस टक्कर के बाद चांद पर इंसानों की छोड़ी गई या दुर्घटनाग्रस्त हुई चीजों की संख्या बढ़कर लगभग 3,000 हो गई है। इनका कुल वजन करीब 190 टन हो चुका है। सितंबर 1959 में सोवियत संघ का ‘लूना 2’ चांद की सतह पर पहुंचने वाला पहला मानव निर्मित ऑब्जेक्ट था। इसके अलावा नासा के अकेले अपोलो प्रोग्राम से जुड़ी 796 चीजें चांद पर मौजूद हैं। चांद पर कोई वायुमंडल या पर्यावरण नहीं है, इसलिए इस कचरे से वहां किसी ईकोसिस्टम को नुकसान नहीं पहुंचता। हालांकि, वैज्ञानिक चिंतित हैं कि भविष्य में बढ़ते लूनर ट्रैफिक के कारण ऐतिहासिक अपोलो लैंडिंग साइट्स को नुकसान न पहुंचे और नए स्पेसक्राफ्ट्स के टकराने का जोखिम न बढ़े। NASA और वैज्ञानिकों को इस टक्कर से क्या फायदा होगा? साइंस म्यूजियम की स्पेस हेड लिब्बी जैक्सन के अनुसार, यह वैज्ञानिकों के लिए काफी रोमांचक प्रयोग है क्योंकि रॉकेट की स्पीड, वजन और आकार का डेटा पहले से मौजूद था। आमतौर पर जब कोई प्राकृतिक उल्कापिंड चांद से टकराता है, तो वैज्ञानिकों के पास उसका शुरुआती डेटा नहीं होता। इस टक्कर से बने नए गड्ढे और उड़ी हुई धूल की परत का अध्ययन करके वैज्ञानिक यह समझ सकेंगे कि अरबों साल पहले चांद और हमारे सौर मंडल का निर्माण कैसे हुआ था। इधर ऊपरी हिस्सा टकराया, उधर 18वीं बार उड़ने को तैयार बूस्टर स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का निचला हिस्सा रीयूजेबल होता है। इसे बूस्टर कहते हैं और लैंडिंग करके धरती पर वापस आ जाता है। जिस जनवरी 2025 वाले मिशन का ऊपरी हिस्सा भटककर चांद से टकराया, उसी रॉकेट के निचले बूस्टर को 10 अगस्त को 18वीं बार लॉन्च किया जाएगा। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है स्पेस डैब्रिस और आइंस्टीन क्रेटर… इंसान द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए रॉकेट्स के छूटे हुए टुकड़े, निष्क्रिय सैटेलाइट्स और मलबे को स्पेस डैब्रिस कहा जाता है। वहीं चंद्रमा के पश्चिमी किनारे पर स्थित एक बड़ा गड्ढा है, जिसका व्यास करीब 170 किलोमीटर है। इसे आइंस्टीन क्रेटर नाम दिया गया है। —————————————- ये खबर भी पढ़े… हजारों वॉट्सएप अकाउंट अचानक बंद, मैसेज आया- अंडर रीव्यू:बिना वार्निंग सभी फीचर्स ब्लॉक, कंपनी बोली- कभी-कभी गलती हो जाती है मैसेजिंग एप वॉट्सएप ने भारत समेत कुछ अन्य देशों में हजारों यूजर्स के अकाउंट 24 घंटे के लिए रीव्यू में डाल दिए हैं। इस दौरान एप के सभी मैसेजिंग और कॉलिंग फीचर्स को ब्लॉक कर दिया गया। पूरी खबर पढ़े…

ब्रेट ली ने प्रीति संग अफेयर की अफवाहें खारिज कीं:बोले- हम अच्छे दोस्त थे और हैं, कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया

ब्रेट ली ने प्रीति संग अफेयर की अफवाहें खारिज कीं:बोले- हम अच्छे दोस्त थे और हैं, कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने हाल ही में मुंबई दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा के साथ अपने अफेयर की अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया। अपने खेल के दिनों में ब्रेट ली का नाम कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों के साथ जोड़ा गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में जब इस बारे में उनसे पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “ये रही आपकी खबर… मैंने कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया।” उन्होंने आगे कहा, “प्रीति जिंटा और मैं पहले भी बहुत अच्छे दोस्त थे और आज भी हैं। उस समय वह पंजाब टीम की मालिक थीं। वह बेहद समझदार महिला हैं और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। ऐसी खबरों ने मुझे कभी परेशान नहीं किया, क्योंकि मुझे हमेशा सच पता था। लोग जितनी चाहें अटकलें लगा सकते हैं, लेकिन मैंने कभी उन्हें अपने ऊपर असर नहीं करने दिया।” मुंबई से पुराना नाता ब्रेट ली ने इंटरव्यू में बताया कि उनका भारत से कनेक्शन 1994 में शुरू हुआ था, जब वे पहली बार ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के साथ मुंबई आए थे। ली ने कहा कि मुंबई उनके दिल के बहुत करीब है और यह शहर उन्हें अपने दूसरे घर जैसा लगता है। उन्होंने मुंबई की बारिश और यहां की एनर्जी की तारीफ की। ली के अनुसार, मुंबई की बारिश शहर के मिजाज का एक अहम हिस्सा है, जो इसे और खास बनाती है। ऑटो रिक्शा और ‘मुकाबला’ गाना मुंबई में शूटिंग के दौरान ऑटो रिक्शा में बैठकर ली को अपने शुरुआती ट्रेनिंग के दिन याद आ गए। उन्होंने बताया कि 1994 में वे अपनी क्रिकेट किट लेकर ऑटो में ही ट्रेनिंग के लिए जाते थे। ली ने खुलासा किया कि भारत में सुना गया उनका पहला गाना ‘मुकाबला’ था, जो उन्होंने ऑटो रिक्शा में सुना था। तब उन्हें हिंदी समझ नहीं आती थी, लेकिन संगीत पसंद आया था। बाद में उन्होंने इस गाने का मतलब समझा और अब जब भी भारत आते हैं, तो यह गाना जरूर सुनते हैं। एआर रहमान का इंटरव्यू लेना उनके लिए एक शानदार अनुभव था। भारतीय फैंस का प्यार आज भी मिलता है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए एक दशक से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन ली आज भी भारतीय फैंस से मिलने वाले प्यार से अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि जब वे ऑस्ट्रेलिया या दुबई में होते हैं, तो अक्सर भूल जाते हैं कि उन्होंने क्रिकेट खेला है। लेकिन मुंबई आते ही लोग उन्हें अपने प्यार और गर्मजोशी से याद दिलाते हैं। ली ने कहा कि भारत में उन्हें एक राजा की तरह सम्मान मिलता है और यहां के लोगों की दयालुता और ऊर्जा उन्हें बहुत पसंद है।

ब्रेट ली ने प्रीति संग अफेयर की अफवाहें खारिज कीं:बोले- हम अच्छे दोस्त थे और हैं, कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया

ब्रेट ली ने प्रीति संग अफेयर की अफवाहें खारिज कीं:बोले- हम अच्छे दोस्त थे और हैं, कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने हाल ही में मुंबई दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा के साथ अपने अफेयर की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में जब ब्रेट ली से उनका नाम बॉलीवुड अभिनेत्रियों के साथ जुड़ने की अफवाहों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘ये रही आपकी खबर… मैंने कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया।’ उन्होंने आगे कहा, ‘प्रीति जिंटा और मैं पहले भी बहुत अच्छे दोस्त थे और आज भी हैं। उस समय वह पंजाब टीम की मालकिन थीं। वह बेहद समझदार महिला हैं और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। ऐसी खबरों ने मुझे कभी परेशान नहीं किया, क्योंकि मुझे हमेशा सच पता था। लोग जितनी चाहें अटकलें लगा सकते हैं, लेकिन मैंने कभी उन्हें अपने ऊपर असर नहीं करने दिया।’ मुंबई से पुराना नाता ब्रेट ली ने इंटरव्यू में बताया कि उनका भारत से कनेक्शन 1994 में शुरू हुआ था, जब वे पहली बार ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के साथ मुंबई आए थे। ली ने कहा कि मुंबई उनके दिल के बहुत करीब है और यह शहर उन्हें अपने दूसरे घर जैसा लगता है। उन्होंने मुंबई की बारिश और यहां की एनर्जी की तारीफ की। ली के अनुसार, मुंबई की बारिश शहर के मिजाज का एक अहम हिस्सा है, जो इसे और खास बनाती है। ऑटो रिक्शा और ‘मुकाबला’ गाना मुंबई में शूटिंग के दौरान ऑटो रिक्शा में बैठकर ली को अपने शुरुआती ट्रेनिंग के दिन याद आ गए। उन्होंने बताया कि 1994 में वे अपनी क्रिकेट किट लेकर ऑटो में ही ट्रेनिंग के लिए जाते थे। ली ने बताया कि भारत में सुना गया उनका पहला गाना ‘मुकाबला’ था, जो उन्होंने ऑटो रिक्शा में सुना था। तब उन्हें हिंदी समझ नहीं आती थी, लेकिन संगीत पसंद आया था। बाद में उन्होंने इस गाने का मतलब समझा और अब जब भी भारत आते हैं, तो यह गाना जरूर सुनते हैं। एआर रहमान का इंटरव्यू लेना उनके लिए एक शानदार अनुभव था। भारतीय फैंस का प्यार आज भी मिलता है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए एक दशक से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन ली आज भी भारतीय फैंस से मिलने वाले प्यार से अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि जब वे ऑस्ट्रेलिया या दुबई में होते हैं, तो अक्सर भूल जाते हैं कि उन्होंने क्रिकेट खेला है, लेकिन मुंबई आते ही लोग उन्हें अपने प्यार से याद दिलाते हैं। ली ने कहा कि भारत में उन्हें एक राजा की तरह सम्मान मिलता है।

गाड़ी का बीमा नहीं तो पेट्रोल-डीजल न मिले:सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- नई कारों का बीमा 4 और बाइक के लिए 6 साल का हो

गाड़ी का बीमा नहीं तो पेट्रोल-डीजल न मिले:सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- नई कारों का बीमा 4 और बाइक के लिए 6 साल का हो

जिस गाड़ी का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस नहीं है, तो उसे पेट्रोल-डीजल ना दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके तहत बीमा न होने पर पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों को फ्यूल देने से मना कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही नई गाड़ियों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की समय सीमा भी बढ़ा दी है। आइए सवाल-जवाब में समझते हैं कि कोर्ट का निर्देश क्या है, यह कैसे लागू होगा और इसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा । Q1. सुप्रीम कोर्ट ने पेट्रोल-डीजल और गाड़ियों के इंश्योरेंस को लेकर क्या निर्देश दिया? उत्तर: जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने केंद्र सरकार को एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत पेट्रोल पंपों को गाड़ियों के वैलिड थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस से जोड़ा जाएगा। अगर किसी गाड़ी का बीमा वैलिड नहीं पाया जाता है, तो पेट्रोल पंप पर उसे पेट्रोल या डीजल देने से मना कर दिया जाएगा। जब तक गाड़ी मालिक बीमा नहीं करा लेता, तब तक गाड़ी को ईंधन नहीं मिलेगा। Q2. सुप्रीम कोर्ट ने इतना सख्त कदम उठाने का फैसला क्यों किया? उत्तर: कोर्ट के सामने पेश आंकड़ों के मुताबिक, देश की सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों में से लगभग 56% गाड़ियों का कोई बीमा ही नहीं है। स्टैंडिंग कमेटी ऑन फाइनेंस (2024-25) की रिपोर्ट के अनुसार, जब इन वाहनों से सड़क हादसे होते हैं, तो पीड़ितों या उनके परिवारों को उचित और समय पर मुआवजा नहीं मिल पाता। Q3. पेट्रोल पंपों पर बीमा की जांच कैसे की जाएगी? उत्तर: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, पायलट प्रोजेक्ट पर इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मिलकर काम करेंगे। पेट्रोल पंपों और मुख्य सड़कों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे गाड़ी के नंबर प्लेट को इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (IIB) और केंद्र सरकार के वाहन (VAHAN) पोर्टल के डेटा से ऑटोमैटिक कनेक्ट करके बीमा स्टेटस चेक करेंगे। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने इस व्यवस्था पर सहमति दी है। Q4. नई गाड़ी खरीदने वालों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के नियमों में क्या बदलाव होगा? उत्तर: कोर्ट ने नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के समय खरीदे जाने वाले अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की जरूरी समयसीमा को 1 साल के लिए बढ़ा दिया है… 2018 में कारों के लिए 3 साल और बाइक्स के लिए 5 साल का नियम लागू किया गया था, लेकिन 8 साल बीतने के बाद भी करोड़ों गाड़ियां बिना बीमा के चल रही हैं। इसीलिए यह समयसीमा बढ़ाई गई है। Q5. सड़क पर चेकिंग के दौरान पुलिस कैसे पता लगाएगी कि इंश्योरेंस है या नहीं? उत्तर: वर्तमान में राज्यों की पुलिस के पास मौके पर तुरंत इंश्योरेंस चेक करने का कोई एक समान सिस्टम नहीं है। इसलिए कोर्ट ने निर्देश दिया है कि राज्य पुलिस को हैंडहेल्ड डिवाइसेज या मोबाइल एप्स दिए जाएं। ये डिवाइसेज VAHAN पोर्टल और इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (IIB) के डेटाबेस से सीधे जुड़े होंगे। इससे पुलिस तुरंत गाड़ियों का रियल-टाइम बीमा स्टेटस चेक कर सकेगी और चालान (E-challan) काट सकेगी। Q6. टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों और रुकने की समस्या से निपटने के लिए क्या निर्देश हैं? उत्तर: नेशनल हाईवे पर हादसों और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि चुनिंदा कॉरिडोर पर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाए। इसके तहत टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने की प्रक्रिया को खत्म कर ऑटोमैटिक डिटैक्शन सिस्टम (ANPR सिस्टम) से बदला जाएगा, ताकि गाड़ियां बिना रुके गुजर सकें। Q7. बिना बीमा वाली गाड़ियों से आम लोगों और सड़क दुर्घटना पीड़ितों को क्या नुकसान होता था? उत्तर: मोटर व्हीकल एक्ट (MVA) की धारा 146 के तहत थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस जरूरी है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क हादसे के शिकार लोगों को तुरंत आर्थिक मुआवजा दिलाना है। जब गाड़ी का बीमा नहीं होता, तो पीड़ितों या उनके परिजनों को मुआवजे और जिम्मेदारी तय कराने के लिए सालों तक अदालतों के चक्कर काटने पड़ते हैं। खासकर उन परिवारों के लिए स्थिति भयावह हो जाती है, जहां हादसे में कमाने वाले व्यक्ति की मौत हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है। Q8. क्या वाहन मालिकों को बीमा के लिए अतिरिक्त विकल्प या कस्टमाइजेशन की सुविधा मिलेगी? उत्तर: हां, सुप्रीम कोर्ट ने IRDA को निर्देश दिया है कि वह प्राइवेट वाहन मालिकों को अलग-अलग पॉलिसी ऑप्शन उपलब्ध कराए। इसमें बेस थर्ड-पार्टी कवर के साथ-साथ पर्सनल एक्सीडेंट कवर, एड-ऑन और ओन-डैमेज कवर चुनने के कई विकल्प मिलने चाहिए, ताकि लोग अपनी जरूरत के हिसाब से बीमा चुन सकें। Q9. थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस होता क्या है? जब आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति (तीसरे पक्ष), उसकी गाड़ी या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो बीमा कंपनी उस नुकसान की भरपाई करती है। मोटर व्हीकल्स एक्ट की धारा 146 के तहत भारत में हर वाहन का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसमें आपकी अपनी गाड़ी के नुकसान का कवर शामिल नहीं होता।