2 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जली:उमरिया में टूटी 11 केवी लाइन से भड़की आग, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

उमरिया जिले की चंदिया तहसील के मझगंवा गांव में गेहूं के खेत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया और कई किसानों की तैयार खड़ी 2 एकड़ की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, काफी नुकसान हो चुका था। इस हादसे में किसान सोनेलाल, दादुराम, कल्ली बाई, भीम्मा और धोरी लाल की गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बिजली विभाग की लापरवाही पर गुस्सा गांव के रहने वाले विजय ने बताया कि खेत के पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर पड़ा था। माना जा रहा है कि इसी तार से निकली चिंगारी की वजह से फसल में आग लगी। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, जब तक आग बुझती, तब तक बड़े इलाके की फसल जल चुकी थी। मुआवजे की मांग अपनी मेहनत की कमाई आंखों के सामने जलता देख किसानों में गहरा दुख और गुस्सा है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि बिजली कंपनी की लापरवाही की जांच की जाए और उन्हें हुए भारी नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
पिट्टू प्रतियोगिता में छाईं पौड़ी की लड़कियां, रुद्रप्रयाग के लड़के:रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ समापन; फाइनल मुकाबले में पौड़ी की बालिकाओं ने रुद्रप्रयाग को हराया

राजधानी के जीआरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज (प्रेमनगर) में चल रही ‘प्रथम राज्य स्तरीय जूनियर बालक-बालिका पिट्टू प्रतियोगिता’ का रविवार को समापन हुआ। देहरादून पिट्टू एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में पौड़ी की लड़कियों और रुद्रप्रयाग के लड़कों ने अपना दबदबा कायम करते हुए चैंपियन का ताज पहना। वहीं, बालिका वर्ग में उत्तरकाशी और बालक वर्ग में मेजबान देहरादून ने तीसरा स्थान हासिल किया। रविवार को खेले गए सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया और दर्शकों को कई रोमांचक मैच देखने को मिले। बालिका वर्ग के फाइनल में पौड़ी ने रुद्रप्रयाग को 99-63 से हराया बालिका वर्ग में पौड़ी का एकतरफा दबदबा रहा और खिताबी सफर में टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया। दिन के पहले सेमीफाइनल में रुद्रप्रयाग ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में उत्तरकाशी को 49-44 से हराया। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में पौड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देहरादून को 133-39 के बड़े अंतर से एकतरफा शिकस्त दी। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में उत्तरकाशी ने देहरादून को 56-40 से हराकर बाजी मारी। जबकि खिताबी मुकाबले में पौड़ी की बालिकाओं का दबदबा कायम रहा और उन्होंने रुद्रप्रयाग को 99-63 से हराकर राज्य स्तरीय ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। बालक वर्ग में भी टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली पहले सेमीफाइनल में रुद्रप्रयाग ने उत्तरकाशी को 80-67 से हराया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में पौड़ी ने देहरादून को 127-48 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। मेजबान देहरादून ने तीसरे मुकाबले में उत्तरकाशी को 58-42 से हराकर तीसरा स्थान सुनिश्चित किया। जबकि खिताबी मुकाबले में रुद्रप्रयाग के खिलाड़ियों ने रणनीति के तहत खेलते हुए पौड़ी को 75-67 से मात दी और चैंपियन बन गए। विजेताओं को किया गया सम्मानित प्रतियोगिता के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रतिनिधि राय सिंह नेगी, उत्तराखंड पिट्टू एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद पांडे और सचिव अश्वनी भट्ट ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार वितरित कर उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर जीआरडी कॉलेज के निदेशक सिद्धांत चमोली, प्राचार्या प्रियंका सिंह, सुशील चमोली, देहरादून पिट्टू एसोसिएशन के सचिव विनोद पंवार, शशांक उनियाल, ओम प्रकाश, जितेंद्र लिंगवाल, मुकेश और संध्या थापा समेत कई खेल प्रेमी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बहरी तहसील में भृत्य पर रिश्वतखोरी का आरोप:दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल; कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश दिए

सीधी जिले की बहरी तहसील में पदस्थ एक भृत्य पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। मझरेती खुर्द निवासी आशीष कुमार मिश्रा ने कलेक्टर विकास मिश्रा से शिकायत की है कि फाइल क्लियर करने के नाम पर उनसे 7000 रुपए की मांग की गई। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया है कि लोकेश श्रीवास, जो वर्ष 2016 में भृत्य (चतुर्थ श्रेणी) पद पर नियुक्त हुए थे, वर्तमान में लिपिक का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बहरी तहसील में वर्ष 2018 से बाबू और लिपिक के पद रिक्त पड़े हैं, जिसका फायदा उठाकर श्रीवास काश्तकारों से मनमाने तरीके से पैसे वसूल रहे हैं। आशीष मिश्रा के अनुसार, उनके पिता और उनके नाम से संबंधित एक फाइल तहसील में लंबित थी। इसे क्लियर करने के लिए उनसे 7000 रुपए की मांग की गई। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो उनकी फाइल को जानबूझकर लंबे समय तक रोका गया और उन्हें परेशान किया गया। दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल मिश्रा ने बताया कि अंततः उन्होंने मजबूरी में फोन के माध्यम से 5000 रुपए दिए, लेकिन इसके बावजूद उनका काम नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शेष 2000 रुपए न देने पर लोकेश श्रीवास ने बार-बार कहा कि 5000 रुपए तहसीलदार को देने पड़ते हैं और 2000 रुपए वह स्वयं लेते हैं। पैसे न देने की स्थिति में काम न करने की धमकी दी गई और उनकी फाइल को आगे बढ़ाने के बजाय रोक दिया गया, जबकि उसी दिन उसका निराकरण संभव था। रविवार को शिकायत सामने आने के बाद यह मामला गरमा गया है। आरोपों पर सफाई देते हुए लोकेश श्रीवास ने कहा कि वह भृत्य पद पर हैं, लेकिन कंप्यूटर ज्ञान होने के कारण उनसे लिपिकीय कार्य लिया जाता है। उन्होंने किसी भी प्रकार की अवैध वसूली से इनकार करते हुए कहा कि वे शासन के नियमों के अनुसार ही कार्य करते हैं। दोषी पर सख्त कार्रवाई करेंगे कलेक्टर विकास मिश्रा ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जल्द ही मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से पैसे मांगता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं दो माह के लिए प्रभार में था तहसीलदार बहरी इंद्रभान सिंह ने बताया कि ऐसी कोई भी जानकारी मुझे नहीं है। पूर्व नायब तहसीलदार जे पी पांडे का ट्रांसफर सिहावल हो गया है इसलिए मैं 2 महीने के लिए प्रभार में था। मैं इस पूरे मामले की जांच करवाता हूं।
उमा भारती के लिए चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकी: झांसी में 5 मिनट खड़ी रही; रेलवे बोला- ट्रेन समय पर थी, पूर्व CM ने कहा- पहले छूटी – Jhansi News

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के लिए रविवार को झांसी में चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकनी पड़ी। उमा भारती प्लेटफॉर्म पर पहुंचीं तो नई दिल्ली जाने वाली पंजाब मेल रवाना हो चुकी थी। . ट्रेन आधा प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी थी। उमा के समर्थकों ने तत्काल ट्रेन को रुकवाया। उन्हें ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच A-1 में सवार होना था। लेकिन जब तक ट्रेन रुकी, कोच A-1 यार्ड में पहुंच चुका था। इस कारण वह B-1 कोच में सवार हुईं। उन्होंने ट्रेन के गेट पर ही खड़ी होकर मीडिया से बात भी की। चेन पुलिंग के चलते ट्रेन के ब्रेक की एयर रिलीज हो चुकी थी। ट्रेन 5 मिनट तक आधी प्लेटफॉर्म और आधी यार्ड में खड़ी रही। उमा भारती के ट्रेन में सवार होने के बाद गाड़ी को आगे रवाना किया गया। उमा भारती ने कहा- ट्रेन समय से पहले रवाना हो गई थी। यह पूरी घटना रेलवे की अव्यवस्था का नतीजा है। आज जो मेरे साथ हुआ है, वो आए दिन यात्रियों के साथ हो रहा है। मथुरा, झांसी और ललितपुर जैसे स्टेशनों पर अक्सर ऐसी दिक्कतें आती हैं। महिलाएं सामान और बच्चों के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ती भागती हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। उमा भारती को थर्ड एसी में चढ़ना पड़ा। अब जानिए पूरा मामला… उमा भारती का दावा- 2 बजकर 18 मिनट पर स्टेशन पर पहुंच गई थी पूर्व सीएम उमा भारती ने दावा किया कि वे रविवार दोपहर 2:18 बजे झांसी रेलवे स्टेशन आ गई थीं। ट्रेन 2:23 बजे की थी। उमा भारती ने कहा- मैं एस्केलेटर से जा रही थी, लेकिन अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। कुछ दूरी चलने पर ई-कार्ट के सामने से एक ट्रेन निकली, इसलिए पांच मिनट तक वहीं खड़े रहना पड़ा। फिर हाथ ठेला निकला। इसके चलते ट्रेन छूट गई। रेल मंत्री को X पर लेटर लिखा- स्टेशन पर संवेदनशीलता का अभाव उमा भारती ने घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया X पर एक लेटर लिखा है। उमा भारती ने कहा, मैंने पूर्व में मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है। मेरे साथ आज फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई जिसमें कोई अपराधी नहीं है, बल्कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का अभाव कारण बना है। अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। इसके बाद उमा भारती प्लेटफॉर्म तक ई-कार्ट से गईं। सीसीटीवी निकलवाए जाएं उमा भारती ने लिखा- झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी निकलवाए जाएं। मैं झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने के पहले आ गई थी और यह ट्रेन निर्धारित समय से पूर्व टाइम पर आ गई और निर्धारित समय से पूर्व प्रस्थान हो गई। मुझे बैटरी गाड़ी में बैठाकर प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 नंबर की तरफ ले जाया जा रहा था। इतने में उसी ट्रैक से एक गाड़ी लंबे समय तक गुजरी और हम खड़े रहे। फिर जब थोड़ा आगे बढ़े तो एक हाथ ठेला ट्रैक में फंसा हुआ था। उसको निकालने में मेरे सुरक्षाकर्मियों ने सहयोग किया फिर जब मैं 4 नंबर प्लेटफार्म पर पहुंची तथा जिस ट्रेन पंजाब मेल में मुझे बैठना था, वह चलती जा रही थी। किसने चेन खींची, जिसका मुझे अंदाज नहीं है और मुझे ट्रेन में बैठा दिया गया। मिलकर मथुरा और झांसी की घटनाएं बताऊंगी उमा ने आगे लिखा- सब कुछ समय के अनुसार था, किसी से कोई भूल नहीं थी। ट्रेन के तीन-चार मिनट मेरे लिए खराब हुए। इसमें पहला कारण था ट्रेन का समय से पहले पहुंचना तथा समय से 2 मिनट पहले निकल जाना। रेल के अंदर संचालित करने वाले अधिकारियों की गलती उमा भारती ने कहा, मेरा तो छोड़ दीजिए लेकिन आमजन, दिव्यांगजन, वृद्ध, स्त्री पुरुष बहुत सारा सामान एवं गोद में बच्चे लिए महिलाएं अव्यवस्था का शिकार होते हैं। मैं झांसी रेलवे के अधिकारियों की बिल्कुल गलती नहीं मानती और अपनी भी नहीं मानती यह पूरी की पूरी व्यवस्था रेल के अंदर रेल को संचालित करने वाले अधिकारियों के द्वारा हुई। मैं आपसे फिर कहूंगी कि आप इन अव्यवस्थाओं पर ध्यान दीजिए। रेलवे का दावा- अपने समय पर छूटी थी ट्रेन नेशनल ट्रेन इन्क्वारी सिस्टम के मुताबिक, ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर 2.15 की जगह 6 मिनट पहले 2.09 बजे प्लेटफॉर्म 4 पर आ गई थी। इसके बाद उसे 8 मिनट के स्टॉप के बाद 2.23 पर रवाना होना था और ट्रेन अपने निर्धारित टाइम पर ही छूटी थी। बाद में उसे चेन पुलिंग कर रोका गया तो फिर 2.28 बजे रवाना हुई। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया- मुंबई-फिरोजपुर पंजाब मेल की चेन पुलिंग उमा भारती ने नहीं कराई थी। कुछ यात्री, जो खाना और पानी लेने के लिए झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर उतरे थे, उन्होंने जब देखा कि ट्रेन चलने लगी है तो उन्हीं यात्रियों के साथियों ने चेन पुलिंग कर दी थी। रेलवे के सिस्टम में ऐसा नहीं होता कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले प्लेटफॉर्म छोड़ दे। हां, ये बात जरूर है कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले स्टेशन पर पहुंच जाती है। फिर भी हम मामले की जांच करा रहे हैं कि समय से पहले ट्रेन चलाई गई थी या नहीं। ———————- ये खबर भी पढ़िए- मिर्जापुर में वकील की हत्या करने वाले का एनकाउंटर:दोनों पैर में गोली लगी, पुलिसवाले टांगकर ले गए; मॉर्निंग वॉक पर मारी थी गोली मिर्जापुर में सीनियर वकील राजीव सिंह की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर को पुलिस ने शनिवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिसकर्मी उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक ले गए, फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…
युंगाडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइनंस पर भी रोक लगा देंगे

युगांडा के आर्मी चीफ मुहूजी काइनरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर और ‘सबसे खूबसूरत महिला’ को अपनी पत्नी बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो तुर्किये के साथ कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए जाएंगे और तुर्किश एयरलाइन पर भी रोक लगाई जा सकती है। काइनरुगाबा ने X पर लिखा कि अगर तुर्किये ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 30 दिन के भीतर संबंध तोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि या तो वे हमें भुगतान करें या हम उनका दूतावास बंद कर देंगे। उन्होंने युगांडावासियों को तुर्किये यात्रा से बचने की सलाह दी और साथ ही इजराइल के समर्थन में 1 लाख सैनिक भेजने की पेशकश भी की। हालांकि, इस पर तुर्किये या सोमालिया की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह बयान सरकारी नीति है या उनकी निजी राय। सोमालिया मिशन का हवाला देकर 1 अरब डॉलर मांगे कैनेरुगाबा ने पोस्ट में तुर्किये पर आरोप लगाया कि उसने सोमालिया में इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स से फायदा उठाया, जबकि युगांडा ने अल-शबाब जैसे आतंकी संगठनों से लड़ने का बोझ उठाया। इसी आधार पर उन्होंने 1 अरब डॉलर की मांग की। हाल ही में भी काइनरुगाबा ने सोशल मीडिया पर कई विवादित पोस्ट किए हैं। उन्होंने विपक्षी नेता बॉबी वाइन को लेकर सिर काटने जैसी धमकी दी, जिस पर काफी विवाद हुआ। हालांकि बाद में उन्होंने इसे मजाक बताया और माफी मांग ली। इसी बीच, काइनरुगाबा ने कुछ दिन पहले X से हटने के बाद फिर वापसी की है। उन्होंने ‘आई एम बैक’ लिखकर वापसी की घोषणा की और कहा कि वे दुनिया को हिला देंगे। उन्होंने 7 दिन पहले कहा था कि वे X छोड़ रहे हैं ताकि अपनी सैन्य जिम्मेदारियों पर ज्यादा ध्यान दे सकें। वापसी के बाद उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया कि जो भी व्यक्ति सेना जैसी वर्दी में दिखे, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने एक अमेरिकी राजनयिक को भी गिरफ्तार करने की धमकी दी, अगर वह उन्हें सलाम नहीं करता। काइनरुगाबा, जो 50 साल के हैं, युगांडा की सेना में अहम भूमिका निभाते हैं और उन्हें अपने पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है। हालांकि राष्ट्रपति मुसेवेनी ने इससे इनकार किया है। हालांकि कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे धीरे-धीरे खुद को राजनीति में स्थापित कर रहे हैं और भविष्य में राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक युगांडा में मुसेवेनी 1986 से सत्ता में हैं, ऐसे में अगर बेटे को उत्तराधिकारी माना जाए तो यह संदेश जाता है कि सत्ता एक ही परिवार में ट्रांसफर हो रही है। मेलोनी से शादी के बदले 100 गाय देने की पेशकश की थी यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने इस तरह की मांग की हो। 2022 में उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से शादी के बदले 100 गाय देने की पेशकश की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि अगर इटली ने प्रस्ताव ठुकराया, तो रोम पर कब्जा करना पड़ेगा। इस बयान के बाद उनके पिता और युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को माफी मांगनी पड़ी थी। 2022 में उन्होंने केन्या पर हमला करने की धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि नैरोबी पर कब्जा करने में दो हफ्ते भी नहीं लगेंगे। इसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से पद से हटा दिया गया था और सरकार को माफी मांगनी करनी पड़ी थी। रूस-येक्रेन युद्ध में रूस का किया समर्थन इससे पहले उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में व्लादिमीर पुतिन का समर्थन किया था और केन्या के तुर्काना समुदाय को लेकर भी विवादित बयान दिए थे। फरवरी 2022 में उन्होंने ट्वीट कर कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सही हैं और दुनिया के कई अश्वेत लोग रूस के साथ हैं। इसके बाद मार्च 2023 में उन्होंने यह भी कहा कि अगर मॉस्को पर कोई खतरा आया, तो युगांडा अपनी सेना भेजेगा। वहीं अक्टूबर 2022 में उनके एक और बयान से केन्या के साथ रिश्ते बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि उनकी सेना दो हफ्ते से भी कम समय में नैरोबी पर कब्जा कर सकती है। इस बयान के बाद उनके पिता और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को केन्या से माफी मांगनी पड़ी। —————————–
बेटे ने बल्ले से पीटकर पिता की जान ली:छिंदवाड़ा में बाइक को लेकर हुआ झगड़ा; वारदात के बाद आरोपी फरार

छिंदवाड़ा जिले के हर्रई थाना क्षेत्र के ग्राम कचनरा में एक युवक ने अपने पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी अपने पिता से मोटरसाइकिल लेकर कहीं जाने की जिद कर रहा था। पिता द्वारा मना करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने बल्ले से अपने पिता पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल पिता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही हर्रई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की है। एसडीओपी कल्याणी बरकड़े ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पिता-पुत्र के बीच विवाद की बात सामने आई है। आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डायबिटीज के मरीज भी 100 साल जिएंगे ! डॉक्टर आशीष सहगल ने बताया ABCD फॉर्मूला, देखें वीडियो

Diabetes Longevity Secrets: अक्सर माना जाता है कि डायबिटीज की वजह से लोगों की उम्र कम हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉक्टर आशीष सहगल ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो में बताया है कि सही लाइफस्टाइल अपनाकर डायबिटीज के मरीज भी लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं. इसके लिए आपको ABCD फॉर्मूला अपनाना होगा. इसमें डाइट, ब्लड शुगर कंट्रोल, व्यायाम और डिसिप्लिन जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं. नियमित देखभाल और सही आदतों से डायबिटीज के साथ भी लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य संभव है.
बूढ़े फिर से हो जाएंगे जवान ! वैज्ञानिकों ने शुरू किया अनोखा ट्रायल, क्या बदल जाएगा प्रकृति का नियम?

New Clinical Trials for Anti Aging: हर किसी की उम्र धीरे-धीरे बढ़ती जाती है और इसका असर शरीर के सभी अंगों पर पड़ने लगता है. उम्र के साथ इंसानों के सभी ऑर्गन्स की क्षमता कम होने लगती है. बुढ़ापे में अधिकतर लोगों को किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है. एजिंग को रोकने के लिए अब तक तमाम कोशिशें होती रही हैं, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली है. माना जाता है कि एजिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे रोका नहीं जा सकता है. हालांकि अब एक फिर फिर दुनिया में एंटी-एजिंग रिसर्च को लेकर एक बड़ी चर्चा शुरू हो गई है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक पर काम तेज कर दिया है, जिसमें पुरानी और कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को फिर से युवा जैसी अवस्था में लाने की कोशिश की जा रही है. यह न केवल उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, बल्कि इससे आंखों की रोशनी वापस लाने, अंगों की मरम्मत करने और कई उम्र संबंधी बीमारियों के इलाज की संभावना भी जुड़ी हुई है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी यह तकनीक उम्मीद जगाती है, उतने ही इसके जोखिम भी गंभीर हैं. नेचर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही एक नया क्लीनिकल ट्रायल शुरू होने जा रहा है, जिसमें पहली बार इंसानों पर पार्शियल सेलुलर रीप्रोग्रामिंग तकनीक का परीक्षण किया जाएगा. इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि क्या उम्रदराज कोशिकाओं को सुरक्षित तरीके से फिर से रीफ्रेश किया जा सकता है. इसमें सेल्स की असली पहचान को नुकसान पहुंचाए बिना रिज्यूवेनेट किया जाएगा. इस तकनीक की नींव जापानी वैज्ञानिक शिन्या यामानाका की खोज पर आधारित है. उन्होंने यह साबित किया था कि वयस्क कोशिकाओं को कुछ विशेष प्रोटीन की मदद से स्टेम सेल जैसी शुरुआती अवस्था में बदला जा सकता है. इन प्रोटीन को यामानाका फैक्टर कहा जाता है. अब वैज्ञानिक इसी खोज का सुरक्षित रूप विकसित कर रहे हैं, जिसमें कोशिकाओं को पूरी तरह रीसेट करने की बजाय उन्हें थोड़ी देर के लिए आंशिक रूप से रीप्रोग्राम किया जाता है, ताकि वे फिर से युवा जैसी कार्यक्षमता हासिल कर सकें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. शोधकर्ताओं के अनुसार इस प्रक्रिया को मोबाइल फोन को रीसेट करने की बजाय रिफ्रेश करने जैसा समझा जा सकता है, जिसमें जरूरी डाटा सुरक्षित रहता है, लेकिन सिस्टम बेहतर तरीके से काम करने लगता है. जानवरों पर किए गए शुरुआती प्रयोगों में इसके काफी सकारात्मक परिणाम मिले हैं. चूहों पर किए गए परीक्षणों में मांसपेशियों और त्वचा की मरम्मत बेहतर हुई, दिल की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं में सुधार देखा गया और यहां तक कि उम्र से जुड़ी आंखों की समस्याओं में भी सुधार पाया गया. कुछ मामलों में याददाश्त और मस्तिष्क की कार्यक्षमता में भी बेहतर प्रदर्शन देखा गया. इन नतीजों के बाद वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में यह तकनीक मनुष्यों में भी उम्र से जुड़ी बीमारियों जैसे विजन लॉस, अंगों की कमजोरी और अन्य डीजेनरेटिव डिजीज के इलाज में मददगार हो सकती है. इसी दिशा में अगला कदम मानव परीक्षण है, जिसकी शुरुआत ग्लूकोमा के मरीजों पर की जाएगी. यह एक ऐसी बीमारी है जो आंखों की नसों को नुकसान पहुंचाकर धीरे-धीरे दृष्टि खोने का कारण बनती है. इस ट्रायल में वैज्ञानिक तीन यामानाका फैक्टर को एक विशेष वायरस के जरिए आंखों में पहुंचाएंगे. इस प्रक्रिया को बहुत कंट्रोल्ड तरीके से डिजाइन किया गया है, जिसमें दवा के माध्यम से ही इन फैक्टर्स को एक्टिव किया जाएगा ताकि जोखिम को कम किया जा सके. यह परीक्षण छोटे स्तर पर किया जाएगा और कई वर्षों तक मरीजों की सेहत और असर पर नजर रखी जाएगी, क्योंकि सुरक्षा इस पूरे प्रयोग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि यह तकनीक जितनी शक्तिशाली है, उतनी ही संवेदनशील भी है. अगर कोशिकाओं को जरूरत से ज्यादा रीप्रोग्राम किया गया, तो वे अपनी मूल पहचान खो सकती हैं, सही तरीके से काम करना बंद कर सकती हैं या यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर स्थिति का कारण भी बन सकती हैं. इसलिए वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे इस रीसेट और स्टेबिलिटी के बीच सही संतुलन कैसे बनाए रखें. फिलहाल यह शोध शुरुआती चरण में है, लेकिन यह निश्चित रूप से चिकित्सा विज्ञान में एक नई क्रांति की ओर इशारा करता है.
मोहरा गांव में भंडारा खाने से ग्रामीण बीमार:स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सर्वे, पानी के सैंपल लिए

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के मोहरा गांव में भंडारा खाने के बाद दर्जनों ग्रामीण बीमार हो गए। शुक्रवार रात को 25 से अधिक लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार से गांव में सर्वे शुरू कर दिया है। टीम ग्रामीणों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटा रही है। तेंदूखेड़ा के सीबीएमओ डॉ. अशोक बरौनियां ने गांव में एक सप्ताह तक सर्वे जारी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि केवल भंडारा खाने वाले लोग ही बीमार हुए हैं, जबकि अन्य ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। इस बीच, पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग की टीम ने भी गांव के पानी का सैंपल लिया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पानी साफ है और यदि पानी खराब होता तो गांव के अन्य लोग भी प्रभावित होते। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शनिवार को तेंदूखेड़ा सीबीएमओ के स्वास्थ्य अमले के साथ गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। सातों दिन काम कर रही टीम तेंदूखेड़ा सीबीएमओ डॉक्टर अशोक बरौनिया का कहना है कर्मचारियों के पास कई गांव हैं। अलग-अलग दिन अलग-अलग गांव में ड्यूटी रहती है। जो कमियां है उनमें सुधार होगा, अभी तो सात दिन पूरी टीम घर घर सर्वे कर रही है। पीएचई स्टोरकीपर यूएस कुशवाहा ने बताया सैंपल भेजा है सोमवार को रिपोर्ट आएगी।
वरिष्ठ वकील और बेटे पर धोखाधड़ी का केस दर्ज:शाजापुर में हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने की कार्रवाई

शाजापुर कोतवाली पुलिस ने हाईकोर्ट के निर्देश पर वरिष्ठ अभिभाषक नारायण प्रसाद पांडे और उनके बेटे अखिलेश पांडे के खिलाफ कूट रचना,अमानत में खनायत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। शिकायत कर्ता महेश पांडे अभिभाषक नारायण प्रसाद पांडे के छोटे भाई है। शिकायत कर्ता के नाम पर दो बैंकों से चार करोड़ का लोन ले लिया। माता-पिता की वसीयत के अनुसार संपत्ति में दोनों भाईयों का बराबरी का हिस्सा था लेकिन अभिभाषक पांडे और उनके बेटे अखिलेश ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार महेश पांडे के फर्जी हस्ताक्षरों और शपथ पत्र के माध्यम से बंधन और आईसीआईसीआई बैंक में संपत्ति बंधक रखकर चार करोड़ का लोन ले लिया। महेश पांडे नौकरी में थे और उनकी संपत्ति की देखभाल बड़े भाई करते थे।रिटायर्ड होने के बाद जब शाजापुर आएं और सिविल चेक की तो पता चला बैंकों से लोन है। उन्होंने कोई लोन नहीं लिया और बैंक से जानकारी निकाली तो पता चला बड़े भाई और भतीजे ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी कर ली। धोखाधड़ी की जानकारी लगने के बाद शिकायत कर्ता ने दस्तावेज इकट्ठा करने शुरू किए। बैंकों में दस्तावेज के लिए गए तो उन्हें देने से इंकार कर दिया। राजस्व विभाग और पंजीयन विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर कोतवाली पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने अभिभाषक पांडे के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायत कर्ता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। अभिभाषक पांडे ने निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराते हुए पुलिस को तत्काल प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार कों कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष सिंह वाघेला ने रविवार दोपहर 1 बजे करीब बताया की पुलिस ने उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में आवेदक महेश कुमार पाण्डे निवासी नई सड़क शाजापुर की शिकायत पर वरिष्ठ अभिभाषक नारायण प्रसाद पाण्डे और अखिलेश पाण्डे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आवेदक ने आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा उनके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न स्थानों पर उपयोग किए गए। साथ ही बिना अनुमति उनके नाम पर बैंकों से करोड़ों रुपये का ऋण भी लिया गया। आवेदक के अनुसार, उन्हें अप्रैल 2023 में इस मामले की जानकारी मिली, जब उन्होंने अपने नाम पर बंधन बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में लिए गए ऋण की जानकारी प्राप्त की, जबकि उन्होंने स्वयं कोई ऋण नहीं लिया था। आवेदक ने बताया कि आरोपियों ने संयुक्त पारिवारिक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किए और फर्जी हस्ताक्षर कर बंटवारे के आवेदन लगाएं। बाद में आपत्ति के बाद ये आवेदन वापस ले लिए गए। हस्तलिपि विशेषज्ञ की जांच में भी दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। इस मामले में आवेदक ने पहले पुलिस और प्रशासन को शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 156(3) के तहत जांच के आदेश दिए गए, जिसे बाद में सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय ने भी यथावत रखा। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत पाया गया है। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।









