बरगवां आरओबी निर्माण में देरी, कंपनी पर कार्रवाई तय:सिंगरौली में डेढ़ साल पहले शुरू होना था काम, पीडब्ल्यूडी ने नोटिस दिया

सिंगरौली जिले के बरगवां में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य में लगातार देरी हो रही है। परियोजना का काम जुलाई 2025 में शुरू होना था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, जिस कंपनी को आरओबी निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसने अभी तक साइट पर सक्रिय रूप से काम शुरू नहीं किया है। प्रारंभिक तैयारियों में भी सुस्ती देखी गई है, जिसके कारण परियोजना की समयसीमा प्रभावित हो रही है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों में इस देरी को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परियोजना में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य है। पीडब्ल्यूडी रीवा संभाग में ब्रिज का काम देखने वाले एसडीओ पीके सिंह बघेल ने बताया, “आरओबी निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। यदि जल्द काम शुरू नहीं किया गया, तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
5 महीने में एक्ट्रेस माईना नंदनि ने 13 किलो वजन कम किए, खाने में क्या खाया और कैसी रही दिनचर्या, खुद बताया

Last Updated:April 02, 2026, 17:53 IST Fat to Fit Transformation : साउथ की मशहूर एक्ट्रेस माईना नंदनि ने खुद इस बात को कबूल की है कि उसने सिर्फ 5 महीने के अंदर 13 किलो वजन घटा लिया है. उन्होंने जैसे ही सोशल मीडिया पर इस बात को रखी वैसे ही इस पर बहस छिड़ गई. लेकिन महज 5 महीनों के भीतर 13 किलो वजन कम कर उन्होंने साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही खान-पान से कुछ भी मुमकिन है. उनके इस ‘फैट टू फिट’ ट्रांसफॉर्मेशन को देखकर उनके फैंस हैरान हैं और हर कोई उनके इस जादुई बदलाव का राज जानना चाहता है. इस राज को नंदनि ने खुद बता भी दिया है. टीवी से लेकर फिल्मों तक मशहूर कॉमेडी एक्ट्रेस हैं माईना नंदिनी. नंदिनी ने अपने मीडिया करियर की शुरुआत वीजे के तौर पर की थी और सरवनन मीनाक्षी सीरियल में माईना नाम के किरदार से तमिलनाडु के लोगों के बीच पहचान बनाई. इसके बाद केडी पिल्ला किल्लाडी रंगा, नम्मा वीट्टु पिल्लै, अरनमणई 3, विक्रम जैसी फिल्मों में भी काम किया. विक्रम फिल्म में माईना नंदिनी ने विजय सेतुपति की पत्नी का रोल निभाया था. लेकिन आजकल नंदनि अपने पति के साथ वेट लॉस जर्नी के कारण काफी चर्चा में हैं. वेट लॉस जर्नी से पहले नंदनि के पति योगेश 90 किलो वजन के थे जबकि नंदनि 75 किलो की थीं. ज्यादा वजन के कारण वे अक्सर अपना मजाक खुद ही उड़ाती रहती थी. नंदनि ने पहले टीवी में कदम रखा और बिग बॉस सीजन 6 में हिस्सा लिया. अभी वो किलाड़ी जोड़ी नाम के रियलिटी शो में अपने पति और टीवी एक्टर योगेश के साथ भाग ले रही हैं. दोनों मिलकर वेट लॉस जर्नी को काफी सहज बना दिया है. इस बीच नंदिनी और योगेश ने मिलकर करीब 5 महीने में 13 और 20 किलो तक वजन कम किया है. योगेश ने 90 किलो से 70 किलो तक और नंदिनी ने 75 किलो से 62 किलो तक वजन घटाया है. इंस्टाग्राम पर अपने वजन कम करने का सीक्रेट शेयर करते हुए नंदिनी और योगेश ने बताया कि उन्होंने पूरी तरह से एक्सरसाइज के जरिए ही वजन कम किया है. Add News18 as Preferred Source on Google एक्ट्रेस मैना नंदिनी ने अपनी डाइट के सारे सीक्रेट्स शेयर किए हैं. उनके मुताबिक, सुबह उठते ही वो एक ग्लास पानी पीती हैं. इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म थोड़ी देर के लिए बढ़ जाता है और कैलोरी जल्दी बर्न होती है. इसके अलावा, रात भर शरीर में जमा हुए टॉक्सिन्स बाहर निकलने में और पेट साफ करने में भी ये मदद करता है. इसके बाद 15-20 मिनट बाद थोड़ा फ्रेश होकर नंदिनी जिम या योगा जैसी कोई एक्सरसाइज करती हैं जो उस दिन प्लान की होती है. सुबह पानी पीकर एक्सरसाइज करने से शरीर को ज्यादा एनर्जी मिलती है. खाली पेट एक्सरसाइज करने से शरीर में जमा फैट एनर्जी के लिए इस्तेमाल होता है, जिससे वजन जल्दी कम होता है. एक्सरसाइज के दौरान पसीना और पहले पीया गया पानी शरीर से गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है. नंदिनी ने बताया कि वो सुबह और रात के खाने से 30 मिनट पहले एप्पल साइडर विनेगर लेती हैं. एप्पल साइडर विनेगर से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे कम खाना खाने में मदद मिलती है. रिसर्च के मुताबिक, ये शरीर में फैट जमा होने को भी कम करता है. इसके अलावा, जब कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाते हैं, तो एप्पल साइडर विनेगर ब्लड शुगर अचानक बढ़ने से रोकता है. लेकिन बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसे नहीं लेना चाहिए. खासकर जिन लोगों को पहले से पेट की समस्या है, उन्हें खुद से ये नहीं लेना चाहिए. नंदिनी ने बताया कि वो सुबह के खाने में अच्छे से मैश किया हुआ केला, एक्सपर्ट द्वारा सुझाया गया प्रोटीन पाउडर और अंडे का सफेद हिस्सा मिलाकर डोसा की तरह बनाकर खाती थीं. इससे पूरा दिन उन्हें एनर्जी की कमी नहीं होती है क्योकि इसमें प्रोटीन भरा रहता है. दोपहर के खाने में बिना तेल के, एयर फ्रायर में मछली फ्राई (अगर जरूरत हो तो ऑलिव ऑयल), 3 अंडों का सफेद हिस्सा, 1 अंडे का पीला हिस्सा, 200 ग्राम चावल, 100 ग्राम सेब जैसे कोई भी फल खाती हैं. नंदिनी ने बताया कि वह रात का खाना 7 से 8 बजे के बीच खत्म कर लेती हैं. डिनर में वह शकरकंद, 200 ग्राम मछली और 2 अंडे का सफेद हिस्सा खाती हैं. शकरकंद में पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी6 विटामिन होते हैं, जो मांसपेशियों को रिलैक्स करते हैं और अच्छी नींद के लिए मेलाटोनिन हार्मोन बनने में मदद करते हैं. इसके अलावा यह धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है, जिससे रात में भूख नहीं लगती. शकरकंद धीरे-धीरे पचता है, इसलिए इसे खाने के बाद 2-3 घंटे बाद ही सोना सही रहता है. डायबिटीज के मरीज इस कंद को खाने से बच सकते हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि रोज़ाना खाने में मछली और अंडा शामिल करने से शरीर को प्रोटीन समेत कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, स्पष्टीकरण: ये जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए दी गई है. अपनी खाने की आदत या रोजमर्रा की जिंदगी में कोई बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. News18 इन जानकारियों के लिए जिम्मेदार नहीं है. First Published : April 02, 2026, 17:53 IST
यात्री बस ने बाइक सवार दो को टक्कर मारी:भोपाल में हादसे के बाद एक की मौत, एक जख्मी

भोपाल के बिलखिरिया इलाके में बुधवार रात तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार दो लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि एक की हालत नाजुक है। पुलिस ने इस मामले में बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की अभी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। गुरुवार को पीएम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। परिजन बॉडी लेकर बेगमगंज रवाना हो गए हैं। वहीं शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। थाना प्रभारी उमेश चौहान के मुताबिक 30 वर्षीय सुरेंद्र लोधी पुत्र सुंदर लोधी ग्राम बेगमगंज रायेसन में रहता था। वह पोकलेन मशीन ऑपरेट करता था। बुधवार दोपहर पोकलेन का सामान लेने भोपाल आए थे। रात करीब आठ बजे वह भोपाल से रायसेन अपने साथी के साथ बाइक पर सवार होकर जा रहा था। तभी रास्ते में पीछे से आई यात्री बस क्रमांक एमपी 10 पी 0990 ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में महेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई और उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के समय बस में सवार थे यात्री घटना के समय बस में यात्री सवार थे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को इलाज के लिए भर्ती कराया और शव को पीएम के लिए भेज दिया। साथ ही पुलिस ने यात्रियों को दूसरी बस से रवाना करने के साथ ही बस को जब्त कर लिया। अब पुलिस ड्राइवर की तलाश में जुटी है।
प्रेग्नेंसी में पनीर खाना चाहिए या नहीं? डॉक्टर ने बताई हकीकत, गलती करने से सेहत को होगा नुकसान

Last Updated:April 02, 2026, 16:01 IST Pregnancy me Paneer: प्रेग्नेंसी में पनीर खाना पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है, क्योंकि यह प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा सोर्स है. डॉक्टर सोनाली गुप्ता के अनुसार प्रेग्नेंट महिलाओं को कच्चे पनीर के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें लिस्टेरिया बैक्टीरिया का खतरा होता है. हमेशा ताजा पनीर को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं. डॉक्टर की मानें तो प्रेग्नेंसी में कच्चा पनीर अवॉइड करना चाहिए और इसे हमेशा पकाकर खाना चाहिए. Pregnancy Health Tips: प्रेग्नेंसी में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है. प्रेग्नेंट महिलाओं के मन में खान-पान को लेकर कई सवाल होते हैं, जिनमें एक पनीर को लेकर है. दूध से बना हुआ पनीर कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा सोर्स माना जाता है, लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या प्रेग्नेंसी में पनीर खा सकते हैं? हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि प्रेग्नेंसी में पनीर का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे सही तरीके से और सही मात्रा में खाना चाहिए. पनीर खाते वक्त कुछ गलतियों से बचना भी जरूरी है. क्या प्रेग्नेंसी में पनीर खा सकते हैं | Can We Eat Paneer During Pregnancy ग्रेटर नोएडा के ब्लिस आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि गर्भावस्था में पनीर खाना फायदेमंद होता है और सभी महिलाओं को इसका सेवन करना चाहिए. पनीर में प्रोटीन और कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है. बढ़ते भ्रूण की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए कैल्शियम जरूरी है और पनीर इसका एक बेहतरीन सोर्स है. पनीर में विटामिन B12 और फास्फोरस भी पाया जाता है, जो महिलाओं के एनर्जी लेवल बेहतर रखने और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करते हैं. यह शाकाहारी महिलाओं के लिए प्रोटीन की कमी को पूरा करने का सबसे आसान विकल्प है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. पनीर खाते वक्त क्या सावधानी बरतें | Precautions to Take While Eating Paneer डॉक्टर सोनाली ने साफ कहा है कि पनीर प्रेग्नेंसी में फायदेमंद होता है, लेकिन इसे हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए. कच्चा पनीर खाना प्रेग्नेंसी में जोखिम भरा हो सकता है. कच्चे या बिना पाश्चरीकृत दूध से बने पनीर में लिस्टेरिया नामक बैक्टीरिया होने का खतरा रहता है. लिस्टेरिया संक्रमण गर्भवती महिला के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है, जिससे गर्भपात या समय से पहले डिलीवरी जैसी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं. इसलिए हमेशा सलाह दी जाती है कि पनीर को कच्चा खाने के बजाय उसे अच्छी तरह पकाकर खाएं. अगर इसे खाने से कोई परेशानी महसूस हो, तो इसका सेवन तुरंत बंद कर दें. मिलावटी पनीर के सेवन से बचें | Must Avoid Adulterated Paneer एक्सपर्ट की मानें तो पनीर का सेवन करते समय उसकी ताजगी और क्वालिटी का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. बाजार में मिलने वाला खुला पनीर अक्सर मिलावटी हो सकता है या उसमें हाइजीन की कमी हो सकती है. हमेशा भरोसेमंद डेयरी या पैकेट बंद पाश्चरीकृत पनीर ही खरीदें और उसकी एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें. अगर पनीर का स्वाद थोड़ा भी खट्टा लगे या उसकी महक बदली हुई हो, तो उसे बिल्कुल न खाएं. घर पर बना ताजा पनीर प्रेग्नेंसी के दौरान सबसे सुरक्षित और सेहतमंद विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसमें किसी भी तरह के प्रिजर्वेटिव्स नहीं होते. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 02, 2026, 16:01 IST
जन्मदिन पर फैंस से मिले अजय देवगन:घर के बाहर एक्टर के हमशक्ल भी पहुंचे; रोहित शेट्टी ने शेयर किया 90 के दशक का वीडियो

बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन आज यानी 2 अप्रैल को अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उन्होंने अपने घर से बाहर निकलकर फैंस से मुलाकात की। बर्थडे के दिन सुबह से ही कई फैंस अजय देवगन के घर के बाहर इकट्ठा हो गए थे। इन लोगों में कुछ अजय देवगन के हमशक्ल भी शामिल थे। फैंस ने अजय देवगन के हमशक्ल के साथ भी खूब तस्वीरें लीं। वहीं अजय के जन्मदिन पर उनके करीबी दोस्त और डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर कर उन्हें विश किया है। इस वीडियो में रोहित और अजय के तीन दशक पुराने प्रोफेशनल और पर्सनल रिश्ते की झलक दिखाई गई है। 90 के दशक के संघर्ष से ब्लॉकबस्टर तक का सफर रोहित शेट्टी ने जो वीडियो शेयर किया है, वह दो हिस्सों में है। वीडियो के पहले हिस्से में साल 2000 में आई फिल्म ‘राजू चाचा’ के सेट की क्लिप है। इसमें एक युवा रोहित शेट्टी, फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर लीड एक्टर अजय देवगन को सीन समझाते नजर आ रहे हैं। वीडियो के दूसरे हिस्से में उनकी हालिया सुपरहिट फिल्मों जैसे ‘सिंघम’ और ‘गोलमाल’ की मेकिंग के दौरान की बॉन्डिंग दिखाई गई है। रोहित ने कैप्शन में लिखा- “90 के दशक के संघर्ष से लेकर आज तक। कम बातें, ज्यादा एक्शन। जन्मदिन मुबारक हो बड़े भाई।” करीना कपूर और जैकी श्रॉफ ने भी दी बधाई रोहित के अलावा बॉलीवुड के कई अन्य सितारों ने भी अजय को सोशल मीडिया पर विश किया है। ‘सिंघम अगेन’ में अजय की पत्नी का किरदार निभाने वाली करीना कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर ‘आता माझी सटकली’ गाने की एक क्लिप शेयर की। उन्होंने लिखा- “हैप्पी बर्थडे सिंघम! हमेशा बहुत सारा प्यार और हग।” वहीं, जैकी श्रॉफ ने अजय की एक स्टाइलिश फोटो शेयर करते हुए उन्हें बधाई दी। बता दें कि अजय और करीना ने ‘ओमकारा’, ‘सत्याग्रह’ और ‘गोलमाल’ जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया है।
गर्मी में सेहत के लिए बेस्ट हैं ये ड्राई फ्रूट्स, शरीर में भर देंगे एनर्जी, एक्सपर्ट ने बताया खाने का सही तरीका

Last Updated:April 02, 2026, 14:53 IST Best Dry Fruits for Summer: गर्मियों में खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. अक्सर लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडी चीजें खाना पसंद करते हैं. गर्मी में अधिकतर लोग ड्राई फ्रूट्स खाने से बचते हैं, लेकिन इनमें पोषक तत्वों का भंडार होता है. गर्मी में भी रातभर पानी में भिगोकर बादाम, किशमिश और अखरोट का सेवन किया जाए, तो शरीर को अनगिनत फायदे मिल सकते हैं. डाइटिशियन की मानें तो सूखे मेवों को भिगोकर खाने से उनकी तासीर संतुलित रहती है और पाचन बेहतर होता है. गर्मियों का मौसम आते ही शरीर में थकान, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर की एनर्जी तेजी से कम होती है, जिससे दिनभर सुस्ती महसूस हो सकती है. ऐसे में सही खान-पान बेहद जरूरी हो जाता है. ड्राई फ्रूट्स पोषण से भरपूर होते हैं और सही तरीके से सेवन करने पर गर्मियों में भी शरीर को जरूरी एनर्जी और ताकत प्रदान कर सकते हैं. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि अक्सर लोगों को लगता है कि ड्राई फ्रूट्स की तासीर गर्म होती है, इसलिए इन्हें गर्मियों में नहीं खाना चाहिए. हालांकि यह पूरी तरह सही नहीं है. अगर गर्मी में ड्राई फ्रूट्स को सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए, तो ये शरीर को ठंडक, ताकत और जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं. इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. बादाम गर्मियों में सबसे फायदेमंद ड्राई फ्रूट्स में से एक है. इसमें विटामिन E, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दिमाग और त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं. डाइटिशियन ने बताया कि बादाम को रातभर पानी में भिगोकर सुबह छीलकर खाएं. इससे इसकी तासीर हल्की हो जाती है और पाचन भी बेहतर रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google किशमिश भी गर्मियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है. यह शरीर को तुरंत एनर्जी देने का काम करती है और इसमें आयरन व फाइबर अच्छी मात्रा में होता है. भीगी हुई किशमिश खाने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है और पाचन तंत्र भी मजबूत होता है. यह कमजोरी और थकान को दूर करने में मदद करती है. अखरोट दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो ब्रेन हेल्थ को बेहतर बनाता है. गर्मियों में इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए और बेहतर होगा कि इसे भी रातभर भिगोकर खाया जाए, ताकि यह आसानी से पच सके और शरीर पर अतिरिक्त गर्मी न डाले. काजू और पिस्ता भी एनर्जी के अच्छे सोर्स हैं, लेकिन इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. इनमें हेल्दी फैट्स और प्रोटीन होते हैं, जो शरीर को ताकत देते हैं. हालांकि ज्यादा मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ सकता है या शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, इसलिए संतुलन जरूरी है. खजूर को अक्सर सर्दियों का फल माना जाता है, लेकिन गर्मियों में भी इसे सीमित मात्रा में खाया जा सकता है. यह शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देता है और कमजोरी को दूर करता है. अगर आप ज्यादा थकान महसूस करते हैं, तो 1-2 खजूर का सेवन फायदेमंद हो सकता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए. डाइटिशियन के अनुसार सबसे जरूरी बात यह है कि ड्राई फ्रूट्स का सेवन सही तरीके और मात्रा में किया जाए. गर्मियों में सूखे मेवों को भिगोकर खाना बेहतर होता है, इससे उनकी तासीर संतुलित रहती है और पोषक तत्व भी अच्छी तरह अवशोषित होते हैं. साथ ही पर्याप्त पानी पीना और संतुलित आहार लेना भी जरूरी है. First Published : April 02, 2026, 14:53 IST
सीएम हिमंत बिस्वा ने भविष्यवाणी की कि असम चुनाव में एनडीए 90-100 सीटें जीतेगा: ‘कांग्रेस को मिलेगी…’ | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 14:46 IST असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और सहयोगियों को खारिज करते हुए भविष्यवाणी की है कि आगामी चुनावों में एनडीए 90 से 100 सीटें जीतेगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (X/@himantabiswa) असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आगामी असम विधानसभा चुनाव से पहले विश्वास जताते हुए कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 90-100 सीटें जीतेगा। उन्होंने शिवसागर में कांटे की टक्कर की भविष्यवाणी करते हुए दावा किया कि नतीजे एनडीए की जीत के साथ समाप्त होंगे। “आगामी चुनावों में हम 90-100 सीटें जीतेंगे। कांग्रेस को 16-17 सीटें मिलेंगी, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (5-6) सीटें, रायजोर दल (1) और असम जातीय परिषद कोई भी सीट नहीं जीतेंगे। हम आराम से टिहू और नलबाड़ी सीटें अच्छे अंतर से जीत लेंगे; अखिल गोगोई की पार्टी रायजोर दल दिहिंग में केवल एक सीट जीतेगी। शिवसागर में कांटे की टक्कर होगी लेकिन अंत में एनडीए का उम्मीदवार जीतेगा। सीट, “एनडीटीवी ने सरमा के हवाले से कहा। असम में चुनाव 9 अप्रैल को होने हैं और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। असम के सीएम ने आगे कहा कि उनकी पार्टी धुबरी और गोलकगंज सीटें जीतेगी, उन्होंने कहा कि गुवाहाटी में कोई मुकाबला नहीं है क्योंकि एनडीए वहां सभी सीटों को अच्छे अंतर से सुरक्षित करेगा। यह भी पढ़ें: असम का बेरोजगारी संकट: नौकरियां, एपीएससी घोटाला, और क्यों युवा सबसे अस्थिर वोट बैंक हैं उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सभी क्षेत्रों में जीत दर्ज करेगा और लखीमपुर और काजीरंगा सीटें जीतेगा, उन्होंने कहा कि एनडीए उम्मीदवार सभी निर्वाचन क्षेत्रों में आराम से विजयी होंगे। राजनीतिक अभियान जोरों पर जैसे-जैसे पार्टियां अपना प्रचार अभियान तेज कर रही हैं, राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि असम के सीएम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर जनता से जमीन छीनकर बड़े कॉरपोरेट्स को सौंपने के लिए राज्य में “भूमि एटीएम” चला रहे हैं। असम में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, “भारत के सबसे भ्रष्ट सीएम हिमंत बिस्वा सरमा हैं, और उनका परिवार भी भ्रष्टाचार में नंबर 1 है। कांग्रेस सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। हालांकि वह अभी खुद पर घमंड कर रहे हैं, लेकिन उसके बाद वह पूरी तरह से चुप हो जाएंगे।” असम विधानसभा चुनाव 2021 में क्या हुआ? पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 126 में से 75 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी, बहुमत का आंकड़ा 64 को आसानी से पार कर लिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 60 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, उसके बाद उसके सहयोगी दल, असम गण परिषद (एजीपी) 9 सीटों के साथ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) 6 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। इस बीच, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने 50 सीटें हासिल कीं, जिसमें कांग्रेस के लिए 29 सीटें और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के लिए 16 सीटें शामिल हैं। जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 14:39 IST समाचार चुनाव सीएम हिमंत बिस्वा ने भविष्यवाणी की कि असम चुनाव में एनडीए 90-100 सीटें जीतेगा: ‘कांग्रेस को मिलेगी…’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2024(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम चुनाव की भविष्यवाणी(टी)एनडीए सीटें असम(टी)कांग्रेस का प्रदर्शन असम(टी)राहुल गांधी असम रैली(टी)असम राजनीतिक अभियान(टी)असम में भाजपा
‘गहरा दुख: हेमा मालिनी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, बंगाल में ‘सांस्कृतिक फासीवाद’ का झंडा उठाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 13:49 IST हेमा मालिनी ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक फासीवाद का आरोप लगाया, रद्द किए गए कार्यक्रमों, कलाकारों के लिए सुरक्षा भय और अवरुद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पैटर्न का हवाला दिया। हेमा मालिनी (फोटो साभार: इंस्टाग्राम) अभिनेत्री-राजनेता हेमा मालिनी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में “सांस्कृतिक फासीवाद” पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य की स्थिति “सुरक्षा जोखिम” पैदा करती है और आजीविका पर “नकारात्मक प्रभाव” डालती है। अनुभवी अभिनेत्री और उत्तर प्रदेश के मथुरा से लोकसभा सांसद हेमा मालिनी ने कहा, “यह देखना बेहद दुखद है जिसे केवल पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक फासीवाद के बढ़ते माहौल के रूप में वर्णित किया जा सकता है। यह सबसे विडंबनापूर्ण है क्योंकि पश्चिम बंगाल एक ऐसा राज्य है जो ऐतिहासिक रूप से कला, साहित्य और परिष्कृत सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के प्रतीक के रूप में खड़ा है।” एक उदाहरण पर प्रकाश डालते हुए, भाजपा नेता ने याद किया कि कैसे कोलकाता के प्रतिष्ठित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में एक नृत्य नाटक को अंतिम समय में “अचानक रद्द” कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कार्यक्रम रद्द करने के लिए “स्थानांतरण और असंगत कारणों” का हवाला दिया। हेमा ने कहा, “सबसे दुखद बात यह है कि ये अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों में, पश्चिम बंगाल में एक लगातार पैटर्न रहा है – सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति या तो देरी से दी जाती है या अक्सर अंतिम समय में अनुमति नहीं दी जाती है, जिससे कलाकारों और आयोजकों के लिए अनिश्चितता और व्यवधान पैदा होता है।” लोकसभा सांसद ने पश्चिम बंगाल में कलाकारों की सुरक्षा को लेकर भी आशंकाएं जाहिर कीं। “पिछले आठ से नौ वर्षों में, सुरक्षा संरक्षण के अपर्याप्त आश्वासन के साथ, पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन करना तेजी से आशंका का विषय बन गया है”। फिल्म निर्माताओं ने जताई चिंता पिछले साल, ‘द बंगाल फाइल्स’ फिल्म निर्माताओं ने आरोप लगाया था कि फिल्म को अपनी निर्धारित रिलीज से पहले राज्य में अनौपचारिक प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने भी सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि इसने ‘द बंगाल फाइल्स’ की रिलीज को रोका, जबकि आदित्य धर द्वारा निर्देशित ‘धुरंधर’ का प्रचार किया गया। पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 13:49 IST समाचार राजनीति ‘गहराई से परेशान करने वाला’: हेमा मालिनी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, बंगाल में ‘सांस्कृतिक फासीवाद’ का झंडा उठाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)हेमा मालिनी सांस्कृतिक फासीवाद पश्चिम बंगाल(टी)हेमा मालिनी पत्र(टी)सांस्कृतिक फासीवाद पश्चिम बंगाल(टी)ओम बिड़ला लोकसभा अध्यक्ष(टी)पश्चिम बंगाल सांस्कृतिक कार्यक्रम(टी)धोनो धान्यो ऑडिटोरियम कोलकाता(टी)कलाकारों की सुरक्षा पश्चिम बंगाल(टी)द बंगाल फाइल्स विवाद
नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के पास ना गाड़ी ना गहना, जानिए कितनी है संपत्ति

सुवेंदु अधिकारी के पास कितनी संपत्ति: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी 26वें विधानसभा चुनाव में दो प्राथमिक नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनावी मैदान में हैं। उन्होंने नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया है। सुवेंदु अधिकारी ने अपने नामांकन पत्र में अपनी चल और अचल संपत्ति के बारे में क्या बताया? और विधानसभा के सुपरमार्केट नेताओं के नाम पर कोई कार नहीं है? यहां हमने आपको बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने फिडेविट में बताया है कितने आइटम की घोषणा की है. सुवेंदु अधिकारी ने 30 मार्च को अपना फिडेविट जमा किया था नंदीग्राम के उम्मीदवार के तौर पर सुवेंदु अधिकारी ने 30 मार्च को अपना फिडेविट दौरा किया था। उन्होंने इस फिडेविट में पिछले 5 वित्तीय वर्ष में हुई अपनी आय के बारे में बताया है। नंदीग्राम से उम्मीदवार सुवेंदु ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में उनकी आय 8 लाख 13 हजार 170 रुपये थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2021-22 में उनकी आय 8 लाख 8 हजार 461 रुपये थी। कितनी संपत्ति के मालिक हैं सुवेंदु अधिकारी? साल 2022-23 के वित्तीय वर्ष में सुवेंदु अधिकारी की आय 8 लाख 78 हजार 400 रुपये थी, तो वित्तीय वर्ष 2023-24 में उनकी आय कम रही। उस वित्तीय वर्ष में उनकी आय 10 लाख 37 हजार 160 रुपये थी। हालाँकि, वित्तीय वर्ष 2024-25 में पश्चिम बंगाल क्षेत्र के स्थिर कर्मचारी नेताओं की आय में काफी वृद्धि हुई और उनकी आय 17 लाख 38 हजार 590 रुपये हो गई। सुवेंदु अधिकारी ने अपनी चल और अचल संपत्ति की संपत्ति की भी जानकारी दी। उन्होंने शेल्फ़ डॉक्यूमेंट्री और फ़्रांसीसी फ़ंड के साथ कई फ़ील्ड में जांच का भी ज़िक्र किया, जिसमें कुल मिलाकर, सुवेंदु की चल संपत्ति 2457600.01 रुपये है, यानी उनके पास 24 लाख 57 हज़ार 600 रुपये की चल संपत्ति है। व्यापारिक नेताओं के पास ना गाड़ी है और ना गहना सुवेंदु अधिकारी ने अपने एफिडेविट में बताया कि उनके पास कोई कार नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी कोई नजदीकी या कीमती संपत्ति नहीं है। उन्होंने अचल संपत्ति का दस्तावेजीकरण करते हुए बताया कि आगरा में खेती की जमीन में उनका हिस्सा है और उनके पास नंदीग्राम में 1.98 एकड़ जमीन भी है। कुल मिलाकर, उनका नाम 2.46 पर है। आगरा में खेती की जमीन परिवार से विरासत में मिली थी और नंदीग्राम में खेती की जमीन उन्हें दान में मिली थी। उन्होंने बताया कि आगरा में खेती की जमीन की अधिकतम कीमत 1 लाख 5 हजार रुपये है और नंदीग्राम में उनके नाम पर खेती की जमीन की कीमत 8 लाख रुपये है। (टैग्सटूट्रांसलेट)राजनीतिक समाचार(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख जिलेवार 2026(टी)कोलकाता चुनाव की तारीख 2026(टी)2026 पश्चिम बंगाल में वोट तारीख और समय(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 भाजपा उम्मीदवार(टी)पश्चिम बंगाल सीएम चुनाव अगली तारीख(टी) समाचार(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख (जिलावार) 2026(टी)कोलकाता चुनाव की तारीख 2026(टी)पश्चिम बंगाल में मतदान की तारीख और समय 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 बीजेपी उम्मीदवार(टी)पश्चिम बंगाल सीएम चुनाव की अगली तारीख
मुंबई के मेयर ने ‘चमत्कारी’ इलाज के लिए जैन गुरुदेव को श्रेय दिया, संजय राउत की प्रतिक्रिया ने बड़ा तूफान खड़ा कर दिया | मुंबई-न्यूज़ न्यूज़

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 13:08 IST तावड़े का ‘चमत्कार’ सबसे बुरे समय में आया – महाराष्ट्र पहले से ही अशोक खराट घोटाले से जूझ रहा है, जहां एक बाबा ने कथित तौर पर चमत्कार के नाम पर महिलाओं का शोषण किया था। तावड़े ने राउत पर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग क्षुद्र लाभ के लिए आलोचना करते हैं, उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए – और केंद्रीय एजेंसियों के साथ अपने स्वयं के टकराव को याद करना चाहिए। मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने गले की पुरानी बीमारी को ठीक करने का श्रेय एक जैन गुरुदेव के आशीर्वाद को दिया, जिससे दो साल तक डॉक्टर परेशान रहे। एक शब्द – ‘चमत्कार’ (चमत्कार) – विश्वास के एक क्षण को पूर्ण राजनीतिक तूफान में बदलने के लिए संजय राउत को बस इतना ही करना पड़ा। मुंबई के मेयर ने असल में क्या कहा? मंगलवार शाम को बोरीवली में ‘भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव’ में बोलते हुए, मुंबई की मेयर रितु तावड़े – 2026 की शुरुआत में लंबे समय से विलंबित बीएमसी नागरिक चुनावों के बाद चुनी गई पहली मेयर और 44 वर्षों में इस पद को संभालने वाली केवल दूसरी भाजपा पार्षद – ने एक व्यक्तिगत खुलासा किया जिसकी कमरे में किसी को भी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि वह करीब दो साल से गले की पुरानी बीमारी से जूझ रही थीं। दवाइयाँ काम नहीं कर रही थीं। फिर वह राष्ट्रसंत परम गुरुदेव श्री नम्रमुनि महाराज, एक श्रद्धेय जैन भिक्षु, के पास पहुंचीं। “उसने मेरे लिए प्रार्थना की और मैं सचमुच उससे आश्चर्यचकित हूँ आशीर्वादमैं आप सभी के सामने इस तरह बोलने में सक्षम हूं,” उन्होंने सभा में कहा, अपने ठीक होने को एक ”बड़ा चमत्कार” बताया। विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा, जो वहां मौजूद थे, एक कदम आगे बढ़ गए – उन्होंने सुझाव दिया कि तावड़े का संपूर्ण राजनीतिक उत्थान, पार्षद से लेकर महापौर तक, नम्रमुनि के आशीर्वाद और “देवेंद्र जी और अमीत भाई” के समर्थन से जुड़ा हुआ था। के अनुसार द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया.मेयर केवल प्रमुख नेताओं की उपस्थिति वाले एक धार्मिक कार्यक्रम में व्यक्तिगत आस्था व्यक्त कर रहे थे। तो यह क्यों फटा? समय इससे अधिक ज्वलनशील नहीं हो सकता था। महाराष्ट्र इस समय अशोक खरात विवाद की चपेट में है – यह एक स्वयंभू बाबा से जुड़ा मामला है जिस पर चमत्कार और तांत्रिक प्रथाओं की आड़ में महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप है। राज्य में “चमत्कार” शब्द पहले से ही राजनीतिक रूप से प्रचलित था। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मौके का फायदा उठाया। सीधे तौर पर खरात का नाम लिए बिना, उन्होंने संकेतात्मक टिप्पणियां कीं, जो तावड़े की “चमत्कारी” रिकवरी और आरोपी धर्मगुरु से जुड़े विवादित दावों के बीच समानता दर्शाती हैं। निहितार्थ स्पष्ट था – और गहरा उत्तेजक। मराठी समाचार आउटलेट TV9 मराठी उल्लेखनीय है कि अशोक खरात मामले ने पहले ही पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया था, आरोपी ने कथित तौर पर महिलाओं पर हमला करने से पहले उन्हें चमत्कार और तांत्रिक शक्तियों के वादे के साथ लुभाया था। उस संदर्भ में, राउत की टिप्पणी जलती हुई माचिस की तरह सामने आई। तावड़े ने कैसे किया पलटवार? तीव्र रूप से, और व्यक्तिगत रूप से. अगले दिन अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए तावड़े ने कहा कि मंगलवार रात उनके घर पहुंचने से पहले ही खबर को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। “यह गंदा और घृणित है। आप किसको किसके साथ जोड़ रहे हैं?” उन्होंने कवरेज को आपत्तिजनक और एकतरफा बताया। उन्होंने विश्वास और अंधविश्वास के बीच एक स्पष्ट रेखा खींची: “मैंने केवल अपना विश्वास व्यक्त किया – मैंने अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं दिया।” फिर उन्होंने सीधे तौर पर राउत पर निशाना साधा: “राउत समेत जो लोग छोटे फायदे के लिए इस तरह की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। कुछ राजनीतिक आवाजें कोई संयम नहीं दिखाती हैं, लेकिन जब केंद्रीय एजेंसियां उनके खिलाफ कार्रवाई करती हैं, तो वे अचानक गरिमा और सम्मान की बात करते हैं।” TV9 मराठी बताया गया कि इस प्रकरण के बाद से काफी ट्रोल हो रहे तावड़े ने भी स्पष्ट रूप से पूछा, “क्या उनके घर पर मां और बहनें नहीं हैं?” – उन लोगों के लिए एक तीखी फटकार, जिनके बारे में उन्हें लगता था कि उन्होंने बुनियादी शालीनता की सीमा पार कर ली है। क्या अन्य राजनेता ढेर हो गए? हाँ। मुंबई की पूर्व मेयर और शिवसेना (यूबीटी) नेता किशोरी पेडनेकर ने भी चमत्कारिक टिप्पणी पर तावड़े की आलोचना की और इसे व्यापक अशोक खरात विवाद से जोड़ा। पेडनेकर, जो नए मेयर के कार्यभार संभालने के बाद से तावड़े के लगातार आलोचक रहे हैं, पहले भी मेयर के आधिकारिक वाहन और बीएमसी स्थानांतरण विवाद से जुड़े फ्लैशिंग-लाइट विवाद पर तावड़े की आलोचना कर चुके हैं। यह विवाद राजनीति से परे क्यों मायने रखता है? अपने मूल में, यह व्यक्तिगत आस्था और सार्वजनिक जिम्मेदारी के बीच की पतली, विवादित रेखा के बारे में एक कहानी है। एक मेयर द्वारा किसी धार्मिक आयोजन में किसी आध्यात्मिक शख्सियत के प्रति समर्पण व्यक्त करना, अपने आप में असामान्य नहीं है – भारत का राजनीतिक जीवन आस्था के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। लेकिन मौजूदा माहौल में, जब एक धर्मगुरु घोटाला सुर्खियों में छाया हुआ है, एक सार्वजनिक पदधारक के लिए “चमत्कार” शब्द का एक पूरी तरह से अलग महत्व है। यह प्रकरण यह भी दर्शाता है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी कितनी तेजी से किसी भी क्षण को हथियार बनाने के लिए आगे बढ़ते हैं – और वे क्षण कितनी तेजी से किसी के नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं। हो सकता है कि तावड़े बस कुछ निजी बात साझा कर रहे हों। लेकिन मुंबई के राजनीतिक क्षेत्र में, व्यक्तिगत बयान शायद ही लंबे समय तक व्यक्तिगत रहते हैं। पहले प्रकाशित: 02 अप्रैल, 2026, 13:08 IST समाचार शहर मुंबई-समाचार मुंबई के मेयर ने ‘चमत्कारी’ इलाज के लिए जैन गुरुदेव को श्रेय दिया, संजय राउत के जवाब ने बड़ा तूफान खड़ा कर दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी








