बैतूल के वैष्णवी नगर क्षेत्र में 14 अप्रैल को गैस सिलेंडर में आग लगने से झुलसे 38 वर्षीय योगेश डांगे की मौत हो गई है। पाइप लगाते समय गैस रिसाव के बीच लाइटर जलाने से अचानक आग भड़क गई थी, जिससे युवक करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गया था। भोपाल में 10 दिन तक चले इलाज के बाद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो परिजन उन्हें बैतूल वापस ले आए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, योगेश घर पर गैस सिलेंडर में पाइप लगा रहे थे। इसी दौरान पानी गर्म करने की तैयारी करते समय अचानक सिलेंडर से पाइप निकल गया। गैस का रिसाव होने लगा और जैसे ही उन्होंने लाइटर जलाया, आग भड़क गई। आग की चपेट में आने से योगेश बुरी तरह झुलस गए थे। पड़ोसी महिला ने पानी डालकर बुझाई आग हादसे के वक्त योगेश को आग की लपटों से घिरा देख एक पड़ोसी महिला ने तुरंत पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। महिला ने ही अन्य लोगों को मदद के लिए बुलाया, जिसके बाद घटना की सूचना परिजनों को दी गई। 90% झुलस गए थे, भोपाल में चला 10 दिन इलाज घटना के बाद योगेश को पहले बैतूल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, वे लगभग 90 प्रतिशत तक झुलस चुके थे। हालत गंभीर होने पर उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया। भोपाल में 10 दिन तक उनका इलाज चला, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उन्हें भोपाल से बैतूल वापस ले आए थे, जहां उनकी मौत हो गई। मृतक योगेश डांगे मूल रूप से टिमरनी के निवासी थे। वे बैतूल में अकेले रहकर ऑनलाइन काम करते थे। योगेश अपने परिवार के बड़े बेटे थे। उनकी मां साईखेड़ा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, जबकि पिता किसान हैं।















































