वर्ल्ड अपडेट्स:बांग्लादेश में ट्रम्प नाम के भैंसे की कुर्बानी पर रोक, नेशनल जू भेजा गया

बांग्लादेश में डोनाल्ड ट्रम्प नाम से मशहूर सफेद भैंसे की ईद पर कुर्बानी पर रोक लगा दी गई। इस भैंसे की सबसे खास बात उसके सिर पर मौजूद सुनहरे बालों का गुच्छा है, जो काफी हद तक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हेयरस्टाइल जैसा दिखता है। इसी वजह से लोगों ने मजाक-मजाक में उसका नाम डोनाल्ड ट्रम्प रख दिया था। करीब 700 किलो वजन वाला यह भैंसा सोशल मीडिया पर अचानक बहुत मशहूर हो गया। इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। लोग दूर-दूर से सिर्फ इस अनोखे भैंसे को देखने के लिए फार्म पर पहुंचने लगे। बच्चे, परिवार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उसके साथ फोटो और वीडियो बनाने लगे। ईद से पहले इस भैंसे को कुर्बानी के लिए बेच दिया था। लेकिन जैसे-जैसे इस सफेद भैंसे की लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे सरकार और प्रशासन का ध्यान भी उसकी तरफ गया। लोगों की भारी भीड़ फार्म पर जमा होने लगी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने आखिरी समय में फैसला लिया कि इस दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि भैंसे को बचाकर ढाका के नेशनल जू भेजा जाएगा। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने अधिकारियों को इस जानवर को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। सरकार ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए यह भैंसा खरीदा था, उसे उसके पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। ढाका के केरानीगंज पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद रूहुल कुद्दुस ने बताया कि पशुपालन विभाग ने पुलिस से संपर्क कर इस भैंसे को सुरक्षित रखने की मांग की थी। अधिकारियों का मानना है कि यह भैंसा अभी जवान है और कई साल तक जिंदा रह सकता है। अब इस भैंसे को बांग्लादेश नेशनल जू में रखा गया है। जू प्रशासन ने उसके लिए अलग बाड़ा तैयार किया है और उसकी देखभाल के लिए खास कर्मचारी भी लगाए गए हैं। जू के क्यूरेटर अतीकुर रहमान ने बताया कि भैंसे को फिलहाल दो हफ्ते तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद आम लोग उसे जू में देख सकेंगे। बांग्लादेश में सफेद या एल्बिनो भैंसे बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। वहां ज्यादातर काले रंग के जानवर ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में इस भैंसे का अलग रंग और उसके सिर के सुनहरे बाल लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण बन गए।
वर्ल्ड अपडेट्स:बांग्लादेश में ट्रम्प नाम के भैंसे की कुर्बानी पर रोक, नेशनल जू भेजा गया

बांग्लादेश में डोनाल्ड ट्रम्प नाम से मशहूर सफेद भैंसे की ईद पर कुर्बानी पर रोक लगा दी गई। इस भैंसे की सबसे खास बात उसके सिर पर मौजूद सुनहरे बालों का गुच्छा है, जो काफी हद तक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हेयरस्टाइल जैसा दिखता है। इसी वजह से लोगों ने मजाक-मजाक में उसका नाम डोनाल्ड ट्रम्प रख दिया था। करीब 700 किलो वजन वाला यह भैंसा सोशल मीडिया पर अचानक बहुत मशहूर हो गया। इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। लोग दूर-दूर से सिर्फ इस अनोखे भैंसे को देखने के लिए फार्म पर पहुंचने लगे। बच्चे, परिवार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उसके साथ फोटो और वीडियो बनाने लगे। ईद से पहले इस भैंसे को कुर्बानी के लिए बेच दिया था। लेकिन जैसे-जैसे इस सफेद भैंसे की लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे सरकार और प्रशासन का ध्यान भी उसकी तरफ गया। लोगों की भारी भीड़ फार्म पर जमा होने लगी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने आखिरी समय में फैसला लिया कि इस दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि भैंसे को बचाकर ढाका के नेशनल जू भेजा जाएगा। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने अधिकारियों को इस जानवर को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। सरकार ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए यह भैंसा खरीदा था, उसे उसके पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। ढाका के केरानीगंज पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद रूहुल कुद्दुस ने बताया कि पशुपालन विभाग ने पुलिस से संपर्क कर इस भैंसे को सुरक्षित रखने की मांग की थी। अधिकारियों का मानना है कि यह भैंसा अभी जवान है और कई साल तक जिंदा रह सकता है। अब इस भैंसे को बांग्लादेश नेशनल जू में रखा गया है। जू प्रशासन ने उसके लिए अलग बाड़ा तैयार किया है और उसकी देखभाल के लिए खास कर्मचारी भी लगाए गए हैं। जू के क्यूरेटर अतीकुर रहमान ने बताया कि भैंसे को फिलहाल दो हफ्ते तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद आम लोग उसे जू में देख सकेंगे। बांग्लादेश में सफेद या एल्बिनो भैंसे बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। वहां ज्यादातर काले रंग के जानवर ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में इस भैंसे का अलग रंग और उसके सिर के सुनहरे बाल लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण बन गए।
ट्रम्प बोले- ईरान सोच रहा था मैं थक जाऊंगा:अब उन्हें डील करनी ही पड़ेगी, यूरेनियम देने पर भी प्रतिबंधों में राहत नहीं मिलेगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को लगा था कि वह बातचीत से पीछे हट जाएंगे, लेकिन अब तेहरान के पास समझौता करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा, ईरान को लगा था कि वे मुझे इंतजार करवाकर थका देंगे। उन्हें लगा कि मेरे सामने मिडटर्म चुनाव हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब सिर्फ समझौता करना चाहता है। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अभी संभावित डील से संतुष्ट नहीं है, लेकिन उसकी शर्तें माने बिना समझौता नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो हमें काम पूरा करना होगा। PBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अगर ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सौंप भी देता है, तब भी उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका डील का दावा- ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए शुरुआती समझौता ड्राफ्ट तैयार हुआ है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग बहाल करने और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाने का प्रस्ताव शामिल है। 2. अमेरिका ने रिपोर्ट को बताया झूठ- व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की शांति समझौते वाली रिपोर्ट को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया। अमेरिका ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का आधिकारिक ड्राफ्ट तैयार नहीं हुआ है। 3. लेबनान में इजराइली हमले तेज- दक्षिणी लेबनान में इजराइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई और 40 घायल हुए। लगातार हमलों के बीच लोगों में दहशत है और बड़े पैमाने पर पलायन जारी है। 4. ईरान ने भारतीय नाविकों को छोड़ा- ईरान ने लंबे कूटनीतिक प्रयासों के बाद जुलाई 2025 से हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया। सभी नाविक जल्द भारत लौटेंगे और फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं। 5. हमास कमांडर को मारने का दावा- इजराइल ने गाजा में हवाई हमले में हमास सैन्य शाखा के नए कमांडर मोहम्मद ओदेह को मारने का दावा किया। हमला गाजा सिटी की रिहायशी इमारत पर कई महीनों की निगरानी के बाद किया गया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
ट्रम्प बोले- ईरान सोच रहा था मैं थक जाऊंगा:अब उन्हें डील करनी ही पड़ेगी, यूरेनियम देने पर भी प्रतिबंधों में राहत नहीं मिलेगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को लगा था कि वह बातचीत से पीछे हट जाएंगे, लेकिन अब तेहरान के पास समझौता करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा, ईरान को लगा था कि वे मुझे इंतजार करवाकर थका देंगे। उन्हें लगा कि मेरे सामने मिडटर्म चुनाव हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब सिर्फ समझौता करना चाहता है। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अभी संभावित डील से संतुष्ट नहीं है, लेकिन उसकी शर्तें माने बिना समझौता नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो हमें काम पूरा करना होगा। PBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अगर ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सौंप भी देता है, तब भी उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका डील का दावा- ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए शुरुआती समझौता ड्राफ्ट तैयार हुआ है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग बहाल करने और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाने का प्रस्ताव शामिल है। 2. अमेरिका ने रिपोर्ट को बताया झूठ- व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की शांति समझौते वाली रिपोर्ट को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया। अमेरिका ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का आधिकारिक ड्राफ्ट तैयार नहीं हुआ है। 3. लेबनान में इजराइली हमले तेज- दक्षिणी लेबनान में इजराइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई और 40 घायल हुए। लगातार हमलों के बीच लोगों में दहशत है और बड़े पैमाने पर पलायन जारी है। 4. ईरान ने भारतीय नाविकों को छोड़ा- ईरान ने लंबे कूटनीतिक प्रयासों के बाद जुलाई 2025 से हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया। सभी नाविक जल्द भारत लौटेंगे और फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं। 5. हमास कमांडर को मारने का दावा- इजराइल ने गाजा में हवाई हमले में हमास सैन्य शाखा के नए कमांडर मोहम्मद ओदेह को मारने का दावा किया। हमला गाजा सिटी की रिहायशी इमारत पर कई महीनों की निगरानी के बाद किया गया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
सुनंदा शर्मा के नए सॉन्ग पर कॉन्ट्रोवर्सी:1.8M व्यूज के बाद यूट्यूब से हटाया; सिंगर बोलीं- फेक डॉक्यूमेंट्स पर कॉपीराइट का दावा किया

पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया लुक या शो नहीं, बल्कि उनके नए गाने को लेकर खड़ा हुआ एक बड़ा विवाद है। अपने खुद के म्यूजिक लेबल पर काम कर रहीं सुनंदा शर्मा को तब बड़ा झटका लगा, जब उनका हाल ही में रिलीज हुआ नया गाना ‘जोगी’ (Jogi) अचानक यूट्यूब से गायब हो गया। कॉपीराइट और फर्जी दस्तावेजों के एक आपसी विवाद के चलते यूट्यूब ने इस गाने को 26 मई से फिलहाल के लिए अपने प्लेटफॉर्म से होल्ड (हटा) कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुनंदा शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर आकर अपने फैंस के साथ पूरा सच साझा किया है। सुनंदा शर्मा ने फैंस को आगाह किया है कि जब भी कोई बिजनेस डील करो तो कागजी कार्रवाई पूरी करो ताकि कोई आपके रास्ते न रोक सके। सुनंदा ने कहा कि उसका नया गीत जोगी फेक डॉक्यूमेंट के जरिए यू-ट्यूब से हटा दिया गया है। उन्होंने अपने फेंस को आश्वस्त किया है कि जल्दी ही जोगी यू-ट्यूब पर सुनने को मिलेगा। सुनंदा शर्मा के बयान की 4 अहम बातें जानिए… 5 दिन में 1.8M व्यूज आ चुके थे सुनंदा शर्मा ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 21 मई को अपना नया सिंगल ‘जोगी’ रिलीज किया और पांच दिन बाद यानि 26 मई को यूट्यूब से हटा दिया। इस गाने को ‘राजा’ ने लिखा था और इसका म्यूजिक ‘एडन’ ने तैयार किया था। गाना रिलीज होते ही तेजी से व्यूज बटोर रहा था। सुनंदा का दावा है कि गाना 1.8M व्यूज बटोर चुका था। लेखक राजा के पुराने प्रमोटर्स ने गाने पर अपना मालिकाना हक जताते हुए यूट्यूब के पास कुछ दस्तावेज सबमिट कर दिए। सुनंदा शर्मा की टीम का दावा है कि ये दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। हालांकि, यूट्यूब ने अपनी पॉलिसी के तहत किसी भी विवादित स्थिति से बचने के लिए गाने को अस्थायी रूप से प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। अब सुनंदा की लीगल टीम इस कॉपीराइट स्ट्राइक को हटवाने के प्रयास में जुटी है। सुनंदा बोलीं- सिर्फ यही सॉन्ग हटा, बाकी सब मौजूद सुनंदा शर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया पर यह अफवाह उड़ रही थी कि सुनंदा शर्मा के कई पुराने गाने भी यूट्यूब से हटा दिए गए हैं। सुनंदा शर्मा ने कहा कि इस विवाद के चलते फिलहाल उनका केवल एक ही नया गाना ‘जोगी’ यूट्यूब से प्रभावित हुआ है। इससे ठीक पहले रिलीज हुआ उनका सुपरहिट गाना ‘दिलबर’ उनके चैनल पर पूरी तरह सुरक्षित है और उसे इस विवाद से कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।्यरह गाना किसी बाहरी बड़ी म्यूजिक कंपनी के चैनल से नहीं, बल्कि खुद सुनंदा के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से हटाया गया है, क्योंकि अब वह किसी और कंपनी के बजाय अपने खुद के होम लेबल के तहत गाने रिलीज कर रही हैं। सुनंदा शर्मा के ऑल-टाइम हिट गाने यदि आप सुनंदा शर्मा के गानों के शौकीन हैं, तो उनके कई गानों ने यूट्यूब और रील्स पर करोड़ों व्यूज बटोरे हैं। उनका सबसे पहला सुपरहिट गाना ‘बिल्ली अख’ था, जिसने उन्हें पंजाब के घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उनका गाना ‘पटाके’ (जानी तेरा ना) रिलीज हुआ, जिसने लड़कियों के बीच सुनंदा को एक यूथ आइकॉन बना दिया और इसके बोल आज भी शादियों में गूंजते हैं। फैमिली ऑडियंस के बीच उनके गाने ‘सैंडल’ को बहुत ज्यादा पसंद किया गया, जो एक हल्के-फुल्के पारिवारिक मिजाज का गाना था। वहीं उनका एक और बड़ा ब्लॉकबस्टर गाना ‘मम्मी नू पसंद’ रहा, जो इतना पॉपुलर हुआ कि बाद में इसे बॉलीवुड फिल्म ‘जय मम्मी दी’ में भी रीमेक किया गया। सुनंदा ने केवल डांस नंबर ही नहीं गाए, बल्कि जानी और बी प्राक के साथ मिलकर बनाया गया उनका गाना ‘दूजी वार प्यार’ एक बेहद इमोशनल और सैड सॉन्ग था, जिसने सुनंदा की गायकी की वर्सटैलिटी को साबित किया। इसके बाद उनके खुद के नए ऑफिशियल लेबल का पहला गाना ‘दिलबर’ आया, जिसे भी दर्शकों ने खूब सराहा।
अचानक भोजपुरी क्यों गाने लगे अक्षय कुमार:‘रगड़के नहला देब साबुन से’ पर अक्षरा सिंह संग नाचे, भोजपुरिया अंदाज के 2 कारण

पवन सिंह के ‘आई नहीं’ ने जब बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश करवाई, तो बॉलीवुड को समझ आ गया कि सफलता का असली रास्ता यूपी-बिहार के सिंगल स्क्रीन और इंस्टाग्राम रील्स से होकर गुजरता है। यही वजह है कि अपनी हिट फिल्म के लिए तरस रहे खिलाड़ी अक्षय कुमार ने अब अक्षरा सिंह और भोजपुरी के सबसे लाउड फ्लेवर का सहारा लिया है। ‘वेलकम टू द जंगल’ का नया गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर बवाल काट रहा है, लेकिन इसके साथ ही एक बहस भी छिड़ गई है। क्या अक्षय कुमार का यह दांव उन्हें वापस बॉलीवुड का खिलाड़ी नंबर-1 बना पाएगा?जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः अक्षरा सिंह और अक्षय कुमार का कौन सा नया गाना रिलीज हुआ है? जवाबः 25 मई को फिल्म वेलकम टू द जंगल का गाना ‘घिस घिस घिस’ रिलीज हो गया। सिर्फ 48 घंटे में इसे यूट्यूब पर 14 मिलियन लोगों ने देखा है। यह एक भोजपुरी गाना है, जिसमें अक्षय कुमार भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह संग, वल्गर और डबल मीनिंग लिरिक्स पर थिरकते दिख रहे हैं। गाने की लिरिक्स में रगड़के नहला देब साबुन से, होंठवा पे काटे जैसे मधुमक्खी, रगड़े जवानी जैसे भर-भर के, जैसे बोल इस्तेमाल किए गए हैं। गाने को विक्रम मोन्तरोज, सुप्रिया पाठक ने आवाज दी है, जबकि इसकी लिरिक्स अभिनव शेखर ने लिखी है। सवाल-2: क्या लगातार फ्लॉप फिल्म देने के कारण अक्षय कुमार भोजपुरी स्टार का सहारा ले रहे हैं? जवाबः हां, काफी हद तक। अक्षय कुमार लंबे समय से एक सुपरहिट फिल्म की तलाश में हैं। उनकी इस साल रिलीज हुई फिल्म भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी है। इससे पहले 2025 में आईं उनकी फिल्में कनप्पा, स्काई फोर्स, हाउसफुल 5 और जॉली एलएल बी 3 भी कोई खास इम्पैक्ट नहीं छोड़ सकीं। इसलिए चर्चा है कि अक्षय कुमार अब हिट की तलाश में भोजपुरी स्टार्स और भोजपुरी गानों का सहारा ले रहे हैं। सवाल-3: क्या अक्षय कुमार पहले ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने हिट के लिए भोजपुरी स्टार और भोजपुरी गानों का सहारा लिया है? जवाबः नहीं, इससे पहले भी कई बड़े कलाकार रहे हैं, जिन्होंने समय-समय पर भोजपुरी गानों, स्टार्स या डॉयलाग/फ्लेवर का इस्तेमाल करके छप्परफाड़ कमाई की है। कुछ उदाहरण… सवाल-4ः क्या भोजपुरी अब बॉलीवुड के लिए जरूरी हो गया है? जवाबः निश्चित रूप से। पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड का शहरी/महानगरीय कंटेंट दर्शकों से कट गया था। साउथ सिनेमा (पुष्पा, कांतारा) और भोजपुरी-अवधी बेल्ट के गानों और कंटेंट ने बॉलीवुड को अहसास कराया है कि भारत का असली पैसा ‘देसी’ कंटेंट में है। बॉलीवुड अब रील्स पर राज करने के लिए रीजनल स्टार्स की सोशल मीडिया फॉलोइंग का ‘पैरासाइटिक इस्तेमाल’ कर रहा है। बॉलीवुड को भोजपुरी की जरूरत क्यों… भोजपुरी सिनेमा को अक्सर ‘कम बजट’ या ‘वल्गर’ कहकर मुख्यधारा की मीडिया में नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन इसकी वास्तविक ताकत इसकी जमीनी पकड़ है।
AI फोटो में घुटनों पर बैठे दिखाने पर भड़कीं उर्वशी:बोलीं- यह टॉक्सिसिटी बंद करें; फोटो में फीमेल एक्टर्स के आगे झुकते दिखाया गया

बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने सोशल मीडिया पर अभिनेत्रियों के बीच होने वाली तुलना और फैन वॉर पर नाराजगी जताई है। एक फैन ने एआई (AI) की मदद से एक फोटो बनाई थी, जिसमें उर्वशी सहित ऐश्वर्या राय, प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट के स्टारडम की तुलना की गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उर्वशी ने इसे टॉक्सिक बताया और कहा कि हर एक्ट्रेस का अपना सफर होता है। उर्वशी इन दिनों कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस में हैं, जहां वे लगातार पांचवीं बार भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। फोटो में फीमेल स्टार्स को नीचे झुकते दिखाया गया इंटरनेट पर एआई फोटो वायरल हो रही थी। इस फोटो में ऐश्वर्या राय को ग्लोबल स्टारडम के टॉप पर दिखाया गया था। वहीं प्रियंका चोपड़ा एक सिंहासन पर बैठी थीं और उनके पास दीपिका पादुकोण व माधुरी दीक्षित खड़ी थीं। फोटो में आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ, करीना कपूर और उर्वशी रौतेला को उनके नीचे घुटनों के बल बैठा दिखाया गया था। इस फोटो में सभी अभिनेत्रियों के नाम भी टैग किए गए थे। अभिनेत्रियों को इस तरह कमतर दिखाए जाने पर उर्वशी ने कड़ा रुख अपनाया है। कहा- महिलाओं की तुलना से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती है उर्वशी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा, ‘मेरा मानना है कि हर एक्ट्रेस का अपना एक अलग सफर, कड़ी मेहनत और किस्मत होती है। महिलाओं की आपस में तुलना करने या फैन वॉर कराने से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती है। इसकी जगह हमें टैलेंट, ग्रोथ और दयालुता का सम्मान करना चाहिए। कृपया इस तरह की टॉक्सिसिटी को बंद करें।’ एक्ट्रेस ने फैंस से इस तरह की पोस्ट न बनाने और सभी कलाकारों के काम की सराहना करने की अपील की है। कांस के रेड कारपेट पर उर्वशी का पांचवां साल उर्वशी रौतेला कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने इस बार रेड कारपेट पर योलांड ऑफिशियल लेबल का ब्लैक वेलवेट गाउन पहना था, जिसमें वी-नेकलाइन बनी हुई थी। इसके अलावा वे वियतनामी डिजाइनर लेबल जोलीपोली कूटूर के लैवेंडर शेड वाले गाउन में भी नजर आईं। रेड कारपेट पर मीडिया प्लेटफॉर्म ब्रूट से बात करते हुए उर्वशी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करती हूं, तो मैं सिर्फ उर्वशी नहीं रह जाती, बल्कि मैं इंडिया बन जाती हूं। यह लगातार मेरा पांचवां साल है और मुझे इस बात पर गर्व है।’ ऐश्वर्या, दीपिका और आलिया भी रही हैं कांस का हिस्सा कांस फिल्म फेस्टिवल में भारत की ओर से कई बड़ी अभिनेत्रियां शामिल होती रही हैं। ऐश्वर्या राय पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से इस फेस्टिवल का हिस्सा बन रही हैं। वे साल 2003 से लोरियल पेरिस की ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर के रूप में रेड कारपेट पर चल रही हैं और इस साल भी वे वहां नजर आईं। वहीं आलिया भट्ट दूसरी बार लोरियल की ब्रांड एंबेसडर के तौर पर कांस पहुंची हैं। दीपिका पादुकोण भी पहले कई बार कांस का हिस्सा रह चुकी हैं और वे साल 2022 में इस फेस्टिवल की मुख्य कॉम्पिटिशन जूरी में भी शामिल थीं।
पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:74.82 मीटर का भाला फेंका; दो बार पैरालंपिक में गोल्ड जीत चुके

पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को बेंगलुरु में उन्होंने 74.82 मीटर का भाला फेंका। सुमित ने यह कारनामा 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में किया।उन्होंने पांचवें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था सुमित ने अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले उन्होंने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था। इस बार उन्होंने अपने पिछले बेस्ट प्रदर्शन से 1.53 मीटर ज्यादा दूरी हासिल की। एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे- सुमित रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा, सोच रहा था कि वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पा रहा हूं। काफी समय हो गया था, लेकिन आज मैं यहां सिर्फ अपना पर्सनल बेस्ट करने आया था। उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि मैंने अपना रिकॉर्ड 1.5 मीटर बेहतर किया। उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम आने वाले पैरा एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। 7 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके सुमित अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने जून 2019 में इटली में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स में 60.45 मीटर का भाला फेंककर पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उस मुकाबले में उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता था। इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो किया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने 66.90 मीटर का थ्रो कर फिर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अगस्त 2021 में टोक्यो पैरालंपिक के फाइनल में सुमित ने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 66.95 मीटर, 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद जुलाई 2023 में पेरिस में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 70.83 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फिर 2023 में ही चीन के हांगझोउ में एशियन पैरा गेम्स में सुमित ने 73.29 मीटर का थ्रो किया। नीरज चोपड़ा से प्रेरणा मिली- सुमित सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सुमित हरियाणा के सोनीपत से हैं और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानते हैं। वहीं, जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। पैरा जैवलिन क्या है? पैरा जैवलिन दिव्यांग एथलीटों की भाला फेंक स्पर्धा है। इसमें खिलाड़ी दौड़कर भाले को ज्यादा से ज्यादा दूरी तक फेंकते हैं। F64 पैरा एथलेटिक्स में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। इस वर्ग के खिलाड़ी कार्बन-फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। इसी की मदद से वे दौड़ते और थ्रो करते हैं।
AI फोटो में घुटनों पर बैठे दिखाने पर भड़कीं उर्वशी:बोलीं- यह टॉक्सिसिटी बंद करें; फोटो में फीमेल एक्टर्स के आगे झुकते दिखाया गया

बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने सोशल मीडिया पर अभिनेत्रियों के बीच होने वाली तुलना और फैन वॉर पर नाराजगी जताई है। एक फैन ने एआई (AI) की मदद से एक फोटो बनाई थी, जिसमें उर्वशी सहित ऐश्वर्या राय, प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट के स्टारडम की तुलना की गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उर्वशी ने इसे टॉक्सिक बताया और कहा कि हर एक्ट्रेस का अपना सफर होता है। उर्वशी इन दिनों कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस में हैं, जहां वे लगातार पांचवीं बार भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। फोटो में फीमेल स्टार्स को नीचे झुकते दिखाया गया इंटरनेट पर एआई फोटो वायरल हो रही थी। इस फोटो में ऐश्वर्या राय को ग्लोबल स्टारडम के टॉप पर दिखाया गया था। वहीं प्रियंका चोपड़ा एक सिंहासन पर बैठी थीं और उनके पास दीपिका पादुकोण व माधुरी दीक्षित खड़ी थीं। फोटो में आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ, करीना कपूर और उर्वशी रौतेला को उनके नीचे घुटनों के बल बैठा दिखाया गया था। इस फोटो में सभी अभिनेत्रियों के नाम भी टैग किए गए थे। अभिनेत्रियों को इस तरह कमतर दिखाए जाने पर उर्वशी ने कड़ा रुख अपनाया है। कहा- महिलाओं की तुलना से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती है उर्वशी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा, ‘मेरा मानना है कि हर एक्ट्रेस का अपना एक अलग सफर, कड़ी मेहनत और किस्मत होती है। महिलाओं की आपस में तुलना करने या फैन वॉर कराने से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती है। इसकी जगह हमें टैलेंट, ग्रोथ और दयालुता का सम्मान करना चाहिए। कृपया इस तरह की टॉक्सिसिटी को बंद करें।’ एक्ट्रेस ने फैंस से इस तरह की पोस्ट न बनाने और सभी कलाकारों के काम की सराहना करने की अपील की है। कांस के रेड कारपेट पर उर्वशी का पांचवां साल उर्वशी रौतेला कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने इस बार रेड कारपेट पर योलांड ऑफिशियल लेबल का ब्लैक वेलवेट गाउन पहना था, जिसमें वी-नेकलाइन बनी हुई थी। इसके अलावा वे वियतनामी डिजाइनर लेबल जोलीपोली कूटूर के लैवेंडर शेड वाले गाउन में भी नजर आईं। रेड कारपेट पर मीडिया प्लेटफॉर्म ब्रूट से बात करते हुए उर्वशी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करती हूं, तो मैं सिर्फ उर्वशी नहीं रह जाती, बल्कि मैं इंडिया बन जाती हूं। यह लगातार मेरा पांचवां साल है और मुझे इस बात पर गर्व है।’ ऐश्वर्या, दीपिका और आलिया भी रही हैं कांस का हिस्सा कांस फिल्म फेस्टिवल में भारत की ओर से कई बड़ी अभिनेत्रियां शामिल होती रही हैं। ऐश्वर्या राय पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से इस फेस्टिवल का हिस्सा बन रही हैं। वे साल 2003 से लोरियल पेरिस की ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर के रूप में रेड कारपेट पर चल रही हैं और इस साल भी वे वहां नजर आईं। वहीं आलिया भट्ट दूसरी बार लोरियल की ब्रांड एंबेसडर के तौर पर कांस पहुंची हैं। दीपिका पादुकोण भी पहले कई बार कांस का हिस्सा रह चुकी हैं और वे साल 2022 में इस फेस्टिवल की मुख्य कॉम्पिटिशन जूरी में भी शामिल थीं।
पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:74.82 मीटर दूर भाला फेंका; दो बार पैरालंपिक में गोल्ड जीत चुके

पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को बेंगलुरु में उन्होंने 74.82 मीटर का भाला फेंका। सुमित ने यह कारनामा 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में किया।उन्होंने पांचवें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था सुमित ने अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले उन्होंने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था। इस बार उन्होंने अपने पिछले बेस्ट प्रदर्शन से 1.53 मीटर ज्यादा दूरी हासिल की। एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे- सुमित रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा, सोच रहा था कि वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पा रहा हूं। काफी समय हो गया था, लेकिन आज मैं यहां सिर्फ अपना पर्सनल बेस्ट करने आया था। उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि मैंने अपना रिकॉर्ड 1.5 मीटर बेहतर किया। उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम आने वाले पैरा एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। 7 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके सुमित अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने जून 2019 में इटली में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स में 60.45 मीटर का भाला फेंककर पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उस मुकाबले में उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता था। इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो किया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने 66.90 मीटर का थ्रो कर फिर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अगस्त 2021 में टोक्यो पैरालंपिक के फाइनल में सुमित ने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 66.95 मीटर, 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद जुलाई 2023 में पेरिस में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 70.83 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फिर 2023 में ही चीन के हांगझोउ में एशियन पैरा गेम्स में सुमित ने 73.29 मीटर का थ्रो किया। नीरज चोपड़ा से प्रेरणा मिली- सुमित सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सुमित हरियाणा के सोनीपत से हैं और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानते हैं। वहीं, जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। पैरा जैवलिन क्या है? पैरा जैवलिन दिव्यांग एथलीटों की भाला फेंक स्पर्धा है। इसमें खिलाड़ी दौड़कर भाले को ज्यादा से ज्यादा दूरी तक फेंकते हैं। F64 पैरा एथलेटिक्स में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। इस वर्ग के खिलाड़ी कार्बन-फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। इसी की मदद से वे दौड़ते और थ्रो करते हैं।








