केंद्रीय मंत्री बंदी के बेटे की गिरफ्तारी पर रोक नहीं:POCSO केस में कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर फैसला टाला; नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप

तेलंगाना हाईकोर्ट ने POCSO केस में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी बागीरथ की गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई। उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर अब अगली वेकेशन कोर्ट में आदेश आएगा। जस्टिस टी माधवी देवी ने शुक्रवार शाम याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई करीब आधी रात तक चली। बागीरथ के वकील ने आदेश आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इनकार कर दिया। 8 मई को 17 साल की लड़की की मां की शिकायत पर बागीरथ के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। शिकायत के मुताबिक, बागीरथ ने लड़की को सेक्सुअल हैरेसमेंट किया। पीड़िता का बयान के बाद POCSO एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। कोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या कहा… पीड़ित पक्ष- आरोपी का परिवार प्रभावशाली है, इससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है। आरोपी को कोई राहत न दी जाए। बचाव पक्ष: अदालत के पास अंतिम सुनवाई तक अंतरिम जमानत देने का अधिकार है। शिकायतकर्ता ने खुद माना है कि उनकी बेटी 2025 से आरोपी के साथ रिश्ते में थी। लड़की के परिवार ने शादी का दबाव बनाया था। 50 हजार रुपए लेने के बाद 5 करोड़ रुपए मांगे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। सुनवाई शुरू होने से पहले जज ने कहा- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया गया, इससे मुझे पीड़ा हुई है। नाबालिग से सात-आठ महीने से संपर्क में थे भागीरथ दरअसल, नाबालिग की मां का आरोप है कि भागीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और इस दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले सात-आठ महीनों से संपर्क में थे। हालांकि भागीरथ ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने तेलंगाना के करीमनगर में हनी ट्रैप और उगाही की शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री के PRO की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि एक महिला ने अपनी बेटी के जरिए भागीरथ को फंसाने की कोशिश की और बाद में बड़ी रकम मांगकर ब्लैकमेल किया। बयान में यह भी दावा किया गया कि महिला अपनी बेटी की उम्र गलत बता रही है। बंदी संजय ने कहा था- अगर बेटा दोषी है तो उसे सजा मिले केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने अपने बेटे भागीरथ पर दर्ज POCSO केस को लेकर कहा था कि अगर उनका बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं और वह बेटे का बचाव नहीं कर रहे। KTR ने बंदी संजय के इस्तीफे की मांग की इस मामले को लेकर BRS नेता केटी रामा राव (KTR) ने तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय हो रहा है और BJP की ‘बेटी बचाओ’ मुहिम पर सवाल उठाए। KTR ने मांग की कि केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार या तो इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए। KTR ने आरोप लगाया कि मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई और पूछा कि क्या कानून में उन्हें कोई विशेष छूट दी गई है। हैदराबाद में खैरताबाद बस स्टैंड पर केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में दावा किया गया है कि POCSO केस में आरोपी बंदी भागीरथ लापता है। ———– ये कॉपी भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के 25 साल के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की एक लड़की के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है। नाबालिग की मां ने 8 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में POCSO एक्ट के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। पूरी कॉपी पढ़ें…
केंद्रीय मंत्री बंदी के बेटे की गिरफ्तारी पर रोक नहीं:POCSO केस में कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर फैसला टाला; नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप

तेलंगाना हाईकोर्ट ने POCSO केस में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी बागीरथ की गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई। उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर अब अगली वेकेशन कोर्ट में आदेश आएगा। जस्टिस टी माधवी देवी ने शुक्रवार शाम याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई करीब आधी रात तक चली। बागीरथ के वकील ने आदेश आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इनकार कर दिया। 8 मई को 17 साल की लड़की की मां की शिकायत पर बागीरथ के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। शिकायत के मुताबिक, बागीरथ ने लड़की को सेक्सुअल हैरेसमेंट किया। पीड़िता का बयान के बाद POCSO एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। कोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या कहा… पीड़ित पक्ष- आरोपी का परिवार प्रभावशाली है, इससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है। आरोपी को कोई राहत न दी जाए। बचाव पक्ष: अदालत के पास अंतिम सुनवाई तक अंतरिम जमानत देने का अधिकार है। शिकायतकर्ता ने खुद माना है कि उनकी बेटी 2025 से आरोपी के साथ रिश्ते में थी। लड़की के परिवार ने शादी का दबाव बनाया था। 50 हजार रुपए लेने के बाद 5 करोड़ रुपए मांगे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। सुनवाई शुरू होने से पहले जज ने कहा- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया गया, इससे मुझे पीड़ा हुई है। नाबालिग से सात-आठ महीने से संपर्क में थे भागीरथ दरअसल, नाबालिग की मां का आरोप है कि भागीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और इस दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले सात-आठ महीनों से संपर्क में थे। हालांकि भागीरथ ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने तेलंगाना के करीमनगर में हनी ट्रैप और उगाही की शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री के PRO की ओर से जारी बयान में दावा किया गया कि एक महिला ने अपनी बेटी के जरिए भागीरथ को फंसाने की कोशिश की और बाद में बड़ी रकम मांगकर ब्लैकमेल किया। बयान में यह भी दावा किया गया कि महिला अपनी बेटी की उम्र गलत बता रही है। बंदी संजय ने कहा था- अगर बेटा दोषी है तो उसे सजा मिले केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने अपने बेटे भागीरथ पर दर्ज POCSO केस को लेकर कहा था कि अगर उनका बेटा दोषी पाया जाता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं और वह बेटे का बचाव नहीं कर रहे। KTR ने बंदी संजय के इस्तीफे की मांग की इस मामले को लेकर BRS नेता केटी रामा राव (KTR) ने तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय हो रहा है और BJP की ‘बेटी बचाओ’ मुहिम पर सवाल उठाए। KTR ने मांग की कि केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार या तो इस्तीफा दें या उन्हें पद से हटाया जाए। KTR ने आरोप लगाया कि मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई और पूछा कि क्या कानून में उन्हें कोई विशेष छूट दी गई है। हैदराबाद में खैरताबाद बस स्टैंड पर केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में दावा किया गया है कि POCSO केस में आरोपी बंदी भागीरथ लापता है। ———– ये कॉपी भी पढ़ें… केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर POCSO केस:नाबालिग से सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप; अग्रिम जमानत याचिका लगाई, कहा- हनी ट्रैप की कोशिश हुई भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के 25 साल के बेटे साई भागीरथ पर 17 साल की एक लड़की के सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है। नाबालिग की मां ने 8 मई को तेलंगाना के हैदराबाद में POCSO एक्ट के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। पूरी कॉपी पढ़ें…
भरवां तोरई रेसिपी: घर पर ऐसे तैयार करें एक्जीवी भरवां तोरई, बच्चे भी मांग-मांग कर खाएंगे; विधि नोट करें

15 मई 2026 को 22:10 IST पर अपडेट किया गया भरवां तोरई रेसिपी: अगर आप रोज-रोज एक हल्की सब्जी बोर हो गए हैं, तो इस बार घर पर स्वादिष्ट भरवां तोरई जरूर ट्राई करें. मसाले से भरी यह खट्टी डिश खाने में बेहद टेस्टी लगती है और इसे बनाना भी काफी आसान है। खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी एक्स्ट्रा सामान की जरूरत नहीं पड़ती और आपकी रसोई में मौजूदा सामान से ही यह शानदार रेसिपी तैयार हो जाती है। अनुसरण करना : सामग्री 10 तोराई लाल मिर्च पाउडर आधा आधा हल्दी पाउडर 2 धनिया पाउडर आधा सौंफ़ पाउडर आधा आधा अमचूर पाउडर 4 मिट्टी का तेल एक चुटकुला आधा भाग जीरा 2 बड़े पेज 4 लहसुनिया कलियां स्वाद नमक छवि: फ्रीपिक पहले तोराई को धो लें, छीनकर बीच से प्रभाव काट लें और अंदर का गुदा हटा दें। इस मसाला प्रमोशन में आसानी होगी और सब्जी का स्वाद भी शानदार आएगा। छवि: फ्रीपिक अब कड़ाही में तेल गर्म करें और इसमें हींग व जीरा डालें। इसके बाद कटा प्याज और लहसुन स्टैमिना भून लें। फिर इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर और सौंफ पाउडर मिलाएं। छवि: फ्रीपिक स्वाद मसाला समग्र को अच्छी तरह से पोर्टफोलियो। जब मसाला तेल निकलने लगे, तब समझ लें कि स्टफिंग तैयार है। अब तैयार को हर तोराई के अंदर अच्छे से भर दें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद तोराई को गेज से बांध देना ताकि पकाते समय मसाला बाहर न निकले। यह विधि सब्जी को सटीक स्वाद देने में मदद करती है। अब पकी हुई में थोड़ा सा तेल गर्म करें और आटे से भरी तोरी दाल लें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट नॉर्थ ईस्ट पर लागू हुआ। थोड़ी देर बाद तोरई को पलटने का मौका मिला और 5 मिनट बाद तोरी को पलटने का मौका मिला ताकि तोरई अच्छी तरह से गल जाएगी और समान मिल जाए। छवि: फ्रीपिक अब आपकी स्वादिष्ट भरवां तोरई तैयार है। इसे आप गर्मागर्म रोटी, परांठे या पूड़ी के साथ सर्व कर सकते हैं. सब्जी का स्वाद से भरपूर यह सब्जी सभी को बेहद पसंद आएगी। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 15 मई 2026 22:10 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)भरवां तोरई रेसिपी(टी)भरवां तुरई(टी)तोरई रेसिपी(टी)भारतीय सब्जी रेसिपी(टी)भरवां सब्जी रेसिपी(टी)आसान घर का बना रेसिपी(टी)मसाला तोरई(टी)स्वस्थ भारतीय भोजन(टी)दोपहर का भोजन रेसिपी(टी)रात का खाना पकाने की विधि
‘धुरंधर 2’ की OTT रिलीज डेट आउट:5 जून से जियो-हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी, भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दूसरी फिल्म

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग परफॉरमेंस के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज के लिए तैयार है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 5 जून से जियो-हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। फिल्म का डिजिटल प्रीमियर 4 जून को शाम 7 बजे रखा गया है। वर्ल्डवाइड 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन कर यह फ्रेंचाइजी भारत की सबसे सफल फिल्म सीरीज बन चुकी है। सोशल मीडिया पर हुई स्ट्रीमिंग की घोषणा फिल्म की ओटीटी रिलीज की जानकारी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर दी है। पोस्ट में लिखा गया, “आंधी बनके जो आ रहा है उसे धुरंधर कहते हैं। देखिए धुरंधर: द रिवेंज, रॉ और अनदेखा। ग्रैंड डिजिटल प्रीमियर 4 जून शाम 7 बजे, स्ट्रीमिंग शुरू 5 जून से सिर्फ जियो-हॉटस्टार पर।” भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड बना रही है। फिल्म ने अब तक भारत में करीब ₹1144 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1795 करोड़ ग्रॉस कमाई कर ली है। फिल्म ने पेड प्रीव्यू से ₹75 करोड़ कमाकर नया रिकॉर्ड बनाया था और बाद में वर्ल्डवाइड कलेक्शन में बाहुबली 2: द कंक्लूजन को भी पीछे छोड़ दिया। यह भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है। धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। जब किसी एक फिल्म की सफलता के बाद उसके एक से ज्यादा पार्ट बनाए जाते हैं तो वह एक फ्रेंचाइजी का रूप ले लेती है। फिल्म में लंबी स्टारकास्ट इस सीक्वल में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं। उनके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा, राकेश बेदी और ब्रजेंद्र काला जैसे कलाकार नजर आएंगे। बता दें कि इस फ्रेंचाइजी के पहले हिस्से में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। अर्जुन बोले- ऐसी फिल्म से इतिहास बनता है फिल्म में मेजर इकबाल का किरदार निभाने वाले एक्टर अर्जुन रामपाल ने इस सफलता पर खुशी जताई है। हाल ही में उन्होंने ANI से बातचीत में कहा, “इतनी बड़ी फिल्म का हिस्सा बनना हर किसी का सपना होता है। करियर में ऐसी फिल्म मिलना बहुत जरूरी है, क्योंकि आप एक तरह से इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं। जब आप ऐसी फिल्म से जुड़ते हैं, तो इसका फायदा पूरी टीम को मिलता है।” आदित्य धर ने अलग सोच के साथ किया कास्ट मेजर इकबाल के रोल में अपनी कास्टिंग को याद करते हुए अर्जुन ने बताया कि उन्होंने डायरेक्टर आदित्य धर से पूछा था कि वे उन्हें इस रोल में कैसे देखते हैं। इस पर आदित्य ने कहा था, “मैंने आपकी सभी फिल्में देखी हैं। मुझे पता है कि आप इस किरदार में जो भी नयापन लाएंगे, वो बिल्कुल अलग होगा।” अर्जुन के मुताबिक, यहीं से उनका सफर शुरू हुआ और फिल्म ने कामयाबी की नई दास्तान लिख दी।
ट्रोलिंग पर आलिया भट्ट के सपोर्ट में आए सोनू सूद:कान्स में इग्नोर होने के दावों पर बोले- अपनों की कमियां मत निकालो, मेहनत पर गर्व करो

एक्ट्रेस आलिया भट्ट कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक्स को लेकर चर्चा में रहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा। कुछ वीडियो वायरल होने के बाद दावा किया गया कि इंटरनेशनल पैपराजी ने उन्हें इग्नोर किया। अब एक्टर सोनू सूद आलिया के समर्थन में उतरे हैं। सोनू ने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेशनल स्टेज पर भारतीय कलाकारों का हौसला बढ़ाएं, न कि उनकी कमियां ढूंढें। सोनू सूद बोले- कांस में खड़ा होना ही बड़ी उपलब्धि सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया है। हालांकि उन्होंने पोस्ट में सीधे तौर पर आलिया का नाम नहीं लिया, लेकिन फैंस इसे आलिया के सपोर्ट में देख रहे हैं। सोनू ने लिखा, जब हमारा कोई इंटरनेशनल स्टेज पर जाता है, तो यह गर्व का पल होना चाहिए, कमियां निकालने का नहीं। हर उपलब्धि को कैमरों, हेडलाइंस या अजनबियों की वाहवाही की जरूरत नहीं होती। वहां खड़े होकर ग्रेस के साथ अपने क्राफ्ट का प्रतिनिधित्व करना ही बड़ी उपलब्धि है। दूसरों को नीचे गिराने वालों के पास सपने नहीं होते सोनू ने ट्रोलिंग कल्चर पर तंज कसते हुए आगे लिखा, “आज की दुनिया को ट्रोल करने की लत लग गई है, लेकिन आप दूसरों का हौसला बढ़ाना चुनें। जो लोग अपने सपने पूरे करने में बिजी होते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का वक्त नहीं होता। चमकते रहो मेरे दोस्त, जिन्हें तुम्हारी रोशनी देखनी थी उन्होंने देख ली।” आलिया ने भी ट्रोल को दिया मजेदार जवाब इससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- “कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया।” इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, “दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया “। अली गोनी और राहुल वैद्य ने भी उठाई आवाज आलिया के सपोर्ट में केवल सोनू सूद ही नहीं, बल्कि टीवी एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी सामने आए। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि यह देखना दुखद है कि जब कोई भारत को ग्लोबल लेवल पर रिप्रजेंट कर रहा है, तो हमारे अपने ही लोग उसका मजाक उड़ा रहे हैं। राहुल वैद्य ने भी लोगों से भारतीय कलाकारों के प्रति दयालु रहने की अपील की। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलिया आलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।
ट्रोलिंग पर आलिया भट्ट के सपोर्ट में आए सोनू सूद:कान्स में इग्नोर होने के दावों पर बोले- अपनों की कमियां मत निकालो, मेहनत पर गर्व करो

एक्ट्रेस आलिया भट्ट कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक्स को लेकर चर्चा में रहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा। कुछ वीडियो वायरल होने के बाद दावा किया गया कि इंटरनेशनल पैपराजी ने उन्हें इग्नोर किया। अब एक्टर सोनू सूद आलिया के समर्थन में उतरे हैं। सोनू ने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेशनल स्टेज पर भारतीय कलाकारों का हौसला बढ़ाएं, न कि उनकी कमियां ढूंढें। सोनू सूद बोले- कांस में खड़ा होना ही बड़ी उपलब्धि सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया है। हालांकि उन्होंने पोस्ट में सीधे तौर पर आलिया का नाम नहीं लिया, लेकिन फैंस इसे आलिया के सपोर्ट में देख रहे हैं। सोनू ने लिखा, जब हमारा कोई इंटरनेशनल स्टेज पर जाता है, तो यह गर्व का पल होना चाहिए, कमियां निकालने का नहीं। हर उपलब्धि को कैमरों, हेडलाइंस या अजनबियों की वाहवाही की जरूरत नहीं होती। वहां खड़े होकर ग्रेस के साथ अपने क्राफ्ट का प्रतिनिधित्व करना ही बड़ी उपलब्धि है। दूसरों को नीचे गिराने वालों के पास सपने नहीं होते सोनू ने ट्रोलिंग कल्चर पर तंज कसते हुए आगे लिखा, “आज की दुनिया को ट्रोल करने की लत लग गई है, लेकिन आप दूसरों का हौसला बढ़ाना चुनें। जो लोग अपने सपने पूरे करने में बिजी होते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का वक्त नहीं होता। चमकते रहो मेरे दोस्त, जिन्हें तुम्हारी रोशनी देखनी थी उन्होंने देख ली।” आलिया ने भी ट्रोल को दिया मजेदार जवाब इससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- “कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया।” इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, “दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया “। अली गोनी और राहुल वैद्य ने भी उठाई आवाज आलिया के सपोर्ट में केवल सोनू सूद ही नहीं, बल्कि टीवी एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी सामने आए। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि यह देखना दुखद है कि जब कोई भारत को ग्लोबल लेवल पर रिप्रजेंट कर रहा है, तो हमारे अपने ही लोग उसका मजाक उड़ा रहे हैं। राहुल वैद्य ने भी लोगों से भारतीय कलाकारों के प्रति दयालु रहने की अपील की। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलिया आलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।
सुप्रीम कोर्ट स्टाफ को 2 दिन का वर्क फ्रॉम होम:जज कार पूलिंग करके कोर्ट जाएंगे; मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर फैसला

PM मोदी की ईंधन बचत की अपील पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने वर्किंग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब कोर्ट के हर विभाग का स्टाफ दो दिन वर्क फ्रॉम होम पर रहेगा। सभी जज कार पूल करेंगे। रजिस्ट्री से जुड़ा 50 फीसदी स्टाफ भी घर से काम करेगा। सोमवार, शुक्रवार और मिसलेनियस डे ( जो दिन पहले से तय नहीं होते) पर लिस्ट मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इसके अलावा कोर्ट के अन्य वर्किंग डे में भी सुनवाई ऑनलाइन ही की जाएगी। कोर्ट ने रजिस्ट्री विभाग को निर्देश दिया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक समय पर भेजें और टेक्निकल सपोर्ट हर समय उपलब्ध रहे, जिससे अदालत की कार्यवाही प्रभावित न हो। सुप्रीम कोर्ट सचिव जनरल भारत पराशर ने इस संबंध नें सर्कुलर जारी किया है। पीएम की अपील का राज्यों पर भी असर पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर देश के राज्यों में भी दिखने लगा है। शुक्रवार को केरलम के सीएम बनने जा रहे वीडी सतीशन पद संभालने से पहले ही अपने काफिले में केवल तीन गाड़ियां रखने का फैसला किया है, जिसमें सिर्फ एक पायलट और एक एस्कॉर्ट वाहन चलेगा। एक दिन पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को MLC शपथ ग्रहण समारोह के लिए बाइक से विधान भवन पहुंचे थे। दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए नए आदेश जारी किए। अब दिल्ली में सरकारी कर्मचारी हफ्ते में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ करेंगे। 50% सरकारी बैठकें ऑनलाइन होंगी और कोई भी मंत्री 1 साल तक विदेशी दौरे पर नहीं जाएगा। त्रिपुरा में ग्रुप C और D के सिर्फ 50% सरकारी कर्मचारी ही रोज ऑफिस आएंगे, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। पंजाब में गवर्नर ऑफिस में हर बुधवार को अधिकारी चार-पहिया वाहन से नहीं आएंगे। हरियाणा में सीएम नायब सिंह सैनी हफ्ते में एक दिन बिना गाड़ी के चलेंगे। पीएम मोदी भी बुधवार को काफिला छोड़ सिर्फ 2 गाड़ियों के साथ निकले। वहीं गृह मंत्री अमित शाह के काफिले में 4 गाड़ियां नजर आई थीं। PM की अपील के बाद 13 राज्यों में सरकार-नेताओं के फैसले 1. ओडिशा: सीएम ने काफिले में गाड़ियां घटाईं ओडिशा के सीएम मोहन माझी ने अपने काफिले की गाड़ियां घटा दी हैं। उनके काफिले में सिर्फ चार गाड़ियां हैं। जिसमें दो पुलिस की गाड़ी शामिल हैं। 2. अरुणाचल प्रदेश: मंत्रियों-सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्रा पर रोक अरुणाचल प्रदेश सरकार ने खर्च कम करने के लिए अगले एक साल तक मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या 50% तक घटाने का आदेश दिया है। सरकार ने सरकारी बैठकों के लिए “वर्चुअल फर्स्ट” पॉलिसी भी लागू की है। अब जरूरी सरकारी यात्राओं के लिए कम से कम 15 दिन पहले टिकट बुक कराना जरूरी होगा, जबकि एलटीसी (भारत सरकार का अपने कर्मचारियों को दिया जाने वाला खर्च) यात्राओं की योजना 45 दिन पहले बनानी होगी। 3. त्रिपुरा: 50% कर्मचारी ही ऑफिस आएंगे, बाकी वर्क फ्रॉम होम त्रिपुरा सरकार ने खर्च और पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी दफ्तरों में ग्रुप C और D के सिर्फ 50% कर्मचारी ही रोज ऑफिस आएंगे, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। सरकार ने सभी विभागों को कर्मचारियों की साप्ताहिक ड्यूटी रोस्टर बनाने के निर्देश दिए हैं। जरूरी और इमरजेंसी सेवाओं वाले कर्मचारियों पर यह नियम लागू नहीं होगा। 4. हरियाणा: सीएम ने काफिला घटाया, हफ्ते में एक दिन बिना गाड़ी के चलेंगे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए अपने सरकारी काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब उनके काफिले में सिर्फ सुरक्षा के लिए जरूरी वाहन ही शामिल होंगे। सीएम ने यह भी तय किया है कि वे हफ्ते में एक दिन कोई भी गाड़ी इस्तेमाल नहीं करेंगे। 5. आंध्र प्रदेश: सीएम के साथ अब पहले से आधा काफिला आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अपने काफिले में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों की संख्या 50% कम करने का फैसला लिया है। अब जिला दौरों के दौरान उनके साथ पहले से आधी गाड़ियां ही चलेंगी। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, वीआईपी लोगों से भी सरकारी गाड़ियों का कम इस्तेमाल करने और जरूरत होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। 6. पंजाब: हर बुधवार अधिकारी चार पहिया से नहीं आएंगे पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा, हमने अपने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह फैसला किया है कि हर बुधवार को हमारा कोई भी अधिकारी चार-पहिया वाहन से नहीं आएगा। 7. राजस्थान: सीएम भजनलाल के काफिले में अब 5 गाड़ियां राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाने का आदेश दिया। पहले काफिले में 14-16 गाड़ियां रहती थीं, लेकिन बुधवार को दिल्ली दौरे के दौरान उनके साथ सिर्फ 5 गाड़ियां ही चलीं। पूरी खबर पढ़ें… 8. बिहार: CM सम्राट चौधरी इलेक्ट्रिक गाड़ी से सचिवालय पहुंचे बिहार के CM सम्राट चौधरी बुधवार को कैबिनेट बैठक के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ी से सचिवालय पहुंचे। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम की गाड़ी के पीछे पेट्रोल-डीजल वाली करीब 20 गाड़ियों का काफिला था। वहीं अब कई मंत्री सिर्फ एक या दो गाड़ियों में ही कार्यक्रमों और बैठकों में पहुंच रहे हैं। 9. मध्य प्रदेश: VIP काफिलों पर ब्रेक, CM ने गाड़ियां घटाईं मध्य प्रदेश में अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित की जाएगी। साथ ही सरकारी दौरों और भ्रमण के दौरान रैलियों पर भी रोक रहेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव को Z+ कैटेगरी की सिक्योरिटी मिली है। इस वजह से उनके काफिले में अब तक कुल 13 वाहन शामिल रहते थे। नए आदेश के बाद भोपाल में स्थानीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ 8 वाहन शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें… 10. यूपी: बैठकें वर्चुअल होंगी; 2 दिन वर्क फ्रॉम होम उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने मंगलवार को 7 बड़े फैसले लिए। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अफसरों का काफिला 50% घटेगा। हफ्ते में एक दिन इन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट या बस-मेट्रो से चलना होगा। पूरी खबर पढ़ें… 11. दिल्ली: सरकारी कर्मचारी 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम
‘अमरी’ के बाद चर्चा में आई अमृता प्रीतम की बायोपिक:भंसाली का सपना और साहिर का इश्क; क्या बड़े पर्दे पर दिखेगा अमृता-इमरोज का रिश्ता?

फिल्ममेकर मीरा नायर ने हाल ही में मशहूर चित्रकार अमृता शेरगिल के जीवन से प्रेरित अपनी नई फिल्म ‘अमरी’ का ऐलान किया। इसके बाद से इंडस्ट्री में एक बार फिर अमृता प्रीतम की भी बायोपिक को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। खबरें सामने आते ही बॉलीवुड में उस दूसरी ‘अमृता’ यानि अमृता प्रीतम की अधूरी कहानी फिर याद की जाने लगी, जिस पर सालों से फिल्म बनाने की कोशिशें होती रही हैं। भंसाली का ड्रीम प्रोजेक्ट बनकर रह गई ‘गुस्ताखियां’ अमृता प्रीतम की जिंदगी को बड़े परदे पर उतारने की सबसे बड़ी कोशिश संजय लीला भंसाली ने की थी। ‘गुस्ताखियां’ नाम के प्रोजेक्ट पर वह लंबे समय तक काम करते रहे हैं। शाहरुख- प्रियंका के नाम ने भी बटोरी थीं सुर्खियां भंसाली की फिल्म के लिए पहले ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम सामने आया था। बाद में करीना कपूर खान भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ीं। हालांकि, मेल लीड और डेट्स की समस्याओं के चलते फिल्म आगे नहीं बढ़ पाई। भंसाली के अलावा डायरेक्टर जसमीत के. रीन ने भी अमृता प्रीतम और साहिर की कहानी पर काम शुरू किया था। शाहरुख खान, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के जरिए इसे प्रोड्यूस कर करने वाले थे और संभवतः खुद साहिर का किरदार भी प्ले करते। वहीं, अमृता प्रीतम के रोल के लिए सबसे ज्यादा चर्चा प्रियंका चोपड़ा जोनास के नाम की थी। ‘अमरी’ का रिस्पॉन्स मेकर्स को देगा एक नई हिम्मत माना जा रहा है कि अगर ‘अमरी’ दर्शकों और क्रिटिक्स के बीच चर्चा का विषय बनती है, तो फिल्ममेकर्स फिर से अमृता प्रीतम की कहानी को बड़े परदे पर लाने का रिस्क ले सकते हैं। फिलहाल, हिंदी सिनेमा की यह सबसे चर्चित अधूरी बायोपिक्स में से एक बनी हुई है, जिसका इंतजार दर्शकों को सालों से है। जानकारों के मुताबिक, अमृता प्रीतम की कहानी में प्रेम, दर्द, विद्रोह और साहित्य का ऐसा मेल है, जो बड़े परदे के लिए परफेक्ट माना जाता है। साहिर लुधियानवी के लिए उनका प्रेम, उनकी कविताएं और बाद में इमरोज के साथ उनका रिश्ता हमेशा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। यही वजह है कि हर दौर के बड़े फिल्ममेकर्स उनकी जिंदगी को बेहद सिनेमैटिक मानते रहे हैं।
7 मिनट में कैंसर पर प्रहार, लंग्स कैंसर के लिए भारत में लॉन्च हुई क्रांतिकारी दवा, अस्पताल में घंटों रुकने का झंझट खत्म

Last Updated:May 15, 2026, 17:01 IST Lung Cancer Revolutionary Drug: लंग्स कैंसर के लिए भारत में क्रांतिकारी दवा को लॉन्च किया गया है. रॉश फार्मा कंपनी ने ऐसी दवा ईजाद की है जो 7 मिनट के अंदर इंजेक्शन के रूप में शरीर में पहुंचा दी जाती है और इतने समय में इसका असर शुरू होने लगता है. कंपनी का दावा है कि यह दवा शरीर के अंदर जाने में 80 प्रतिशत समय को घटा देगी. इससे लंग्स कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी परिवर्तन आने की संभावना है. लंग्स कैंसर की नई दवा लॉन्च. Lung Cancer Revolutionary Drug: कैंसर के इलाज की दुनिया में आज एक नया इतिहास रचा गया है. भारत में लंग्स कैंसर के इलाज के लिए रॉश फार्मा ने एक क्रांतिकारी दवा को लॉन्च किया है. देश ही नहीं दुनिया की यह पहली इम्यूनोथेरेपी है जिसे इंजेक्शन के माध्यम से 7 मिनट के अंदर शरीर में पहुंचा दिया जाता है. इसलिए इसे 7-मिनट वाली इंजेक्टेबल इम्यूनोथेरेपी कहा जा रहा है. यह दुनिया की पहली ऐसी थेरेपी है जिसे नसों के बजाय स्किन के नीचे इंजेक्शन के जरिए दिया जा सकता है. अब तक कैंसर के मरीजों को घंटों तक अस्पताल के बिस्तर पर लेटकर नसों के जरिए कीमोथेरेपी या इम्यूनोथेरेपी लेनी पड़ती थी. इसमें 5 से 6 घंटे का समय बर्बाद होता था. लेकिन Tecentriq SC (Atezolizumab) नाम की इस नई दवा ने इस पूरी प्रक्रिया को ही बदल दिया है. स्विट्जरलैंड की दिग्गज कंपनी रोश फार्मा द्वारा पेश की गई यह तकनीक न केवल मरीजों का समय बचाएगी बल्कि उनके दर्द और मानसिक तनाव को भी कम करेगी.यह दवा अब पूरे देश में उपलब्ध है. इलाज में 80 प्रतिशत समय की बचतकिसी भी कैंसर के इलाज में जब कीमोथेरेपी दी जाती है तो इसमें घंटों समय लगता है. साथ ही अस्पताल में एक दिन बिताना पड़ता है. लेकिन रॉश फार्मा वाली इस थेरेपी को इंजेक्शन की तरह दिया जाता है और इसमें 80 प्रतिशत कम समय लगता है. इससे अस्पताल में अब बहुत कम समय बिताना पड़ेगा. अस्पताल में पहले जितनी देर में 1 मरीज को थेरेपी दी जाती थी इस नई दवा के आने से अब उतने समय में 5 मरीजों को इलाज किया जा सकेगा. अब तक इस दवा को 85 देशों में लॉन्च किया जा चुका है और 10 हजार से ज्यादा मरीज इससे लाभान्वित हो चुके हैं. लंग्स कैंसर के इस नई दवा से मरीजों का खर्च भी कम हो जाएगा और इससे देश पर आर्थिक बोझ में भी कमी आएगी. जिन मरीजों में मेटास्टेटिक लंग्स कैंसर था यानी कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों में फैल चुकी थी, उन मरीजों पर भी इसका सफल प्रयोग किया गया है. अस्पताल और मरीज दोनों को फायदारॉश फार्मा ने अपने अध्ययन के आधार पर बताया है कि चूंकि यह दवा सीधे स्किन में इंजेक्ट की जाती है इसलिए दर्द भरे कीमोथेरेपी की तुलना में मरीज इसे ज्यादा पसंद करते हैं. यूरोपियन लीग कांग्रेस के मुताबिक 2024 में 5 में से 4 मरीजों ने इस इंजेक्शन को पसंद किया. इससे मरीजों को मानसिक संतुष्टि मिलती है और उसे आराम भी मिलता है. अस्पताल में ज्यादा देर नहीं बिताना पड़ता है. इस दवा के साइड इफेक्ट्स भी कम है. जहां कीमोथेरेपी या अन्य इलाज में मरीज में दर्द ज्यादा होता और इससे एंग्जाइटी और जलन होती है, उसके मुकाबले टिसेंट्रिक एससी Tecentriq SC दवा में कम साइड इफेक्ट्स देखे गए. मेदांता अस्पात में ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. सज्जन राजपुरोहित ने कहा कि इम्यूनोथेरेपी से कैंसर के मरीजों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि जो ट्रेडिशनल आईवी एडमिनिस्ट्रेशन दवा है उसमें लंबा समय लगता है और यह ज्यादा कष्टदायक होता था. इससे बड़े सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों जहां कैंसर का जटिल इलाज होता है, पर ज्यादा दबाव पड़ता था. वहीं बार-बार अस्पताल जाना और इलाज में लंबा समय लगने से मरीज में भावनात्मक एवं शारीरिक दबाव बढ़ जाता है. वहीं सबक्यूटेनियस एडमिनिस्ट्रेशन से मरीजों का इलाज बहुत जल्दी और आसानी से किया जा सकता है. इससे इलाज का उनका समग्र अनुभव बेहतर होता है. इसमें ज्यादा वेटिंग नहीं करनी पड़ती. कैंसर केयर डिलीवरी में क्रांतिकारी सुधाररॉश फार्मा इंडिया के एमडी एवं सीईओ राजविंदर मेहदवान ने बताया कि हमारी कंपनी इस तरह के उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयों पर रिसर्च करने और उसे विकसित करने के संकल्प के साथ काम कर रही है. हम न सिर्फ क्लिनिकल परिणामों को बेहतर बनाते हैं बल्कि इलाज में आने वाली चुनौतियों को भी दूर करते हैं. इसी कड़ी में टिसेंट्रिक एससी की लॉन्चिंग एडवांस्ड कैंसर केयर तक पहुंच को बेहतर बनाने के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दिखाती है. यह दवा मरीजों और डॉक्टरों के लिए ऐसा सॉल्यूशन है जो बेहद तेजी से काम करती है और जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों को सुलझाती है. यह इलाज को अधिक कुशल बनाने में कारगर साबित हुई है. रॉश फार्मा इंडिया के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. सिवाबालन सिवानेसन ने कहा, कैंसर का इलाज अब सिर्फ मरीज को जीवित रखने तक केंद्रित नहीं रहा बल्कि अब ऐसे तरीकों पर जोर दिया जा रहा है जो मरीज के अनुभव, सुविधा और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर कर सके. टिसेंट्रिक एससी के साथ हम एक ऐसा इनोवेशन ला रहे हैं जो इलाज के समय को काफी हद तक कम कर देता है. साथ ही इससे टिसेंट्रिक का पहले से प्रमाणित प्रभाव एवं सेफ्टी प्रोफाइल भी बना रहता है. हमारा मानना है कि इस तरह की तरक्की भारत में ज्यादा पेशेंट-सेंट्रिक एवं फ्यूचर-रेडी कैंसर केयर डिलीवरी में अहम भूमिका निभा सकती है. मणिपाल हॉस्पिटल बेंगलुरु में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के कंसल्टेंट एवं एचओडी डॉ. अमित रौथन ने बताया कि भारत में कैंसर के बढ़ते दबाव को देखते हुए जरूरी है कि हम मरीजों को इलाज देने के तरीके के बारे में फिर से सोचें. सबक्यूटेनियस इम्यूनोथेरेपी जैसे इनोवेशन से इलाज का तरीका बदल जाएगा. इसके लिए अब सिर्फ बड़े शहरों के अस्पतालों की ओर नहीं देखना होगा बल्कि छोटे शहरों के अस्पतालों में भी इसे आसानी से दिया जा सकेगा. इससे कैंसर मरीज और हेल्थकेयर सिस्टम दोनों पर दबाव कम होगा. यह दवा कैसे काम करती हैयह इंजेक्शन पेट या जांघ की त्वचा के नीचे दिया जाता
वर्कआउट के दौरान कार्डियक अरेस्ट आने पर तुरंत क्या करें? ये वीडियो नहीं देखा तो बड़ी गलती हो सकती है – News18 हिंदी

Heart Attack in Gym: आजकल जिम में वर्कआउट करते समय अचानक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, और ये सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं हैं. दिल्ली के 40 साल के मोहित, फरीदाबाद के 35 साल के पंकज और गाजियाबाद के 26 साल के कपिल तीनों ही जिम में एक्सरसाइज के दौरान अचानक गिर पड़े और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया, जहां कंवलजीत सिंह बग्गा की जिम में वर्कआउट करते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई. ये घटनाएं सिर्फ आम लोगों तक ही नहीं रहीं. टीवी एक्टर सिद्धांत वीर सूर्यवंशी की भी जिम में एक्सरसाइज के दौरान तबीयत बिगड़ी थी और बाद में उनकी मौत हो गई. वहीं कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को भी वर्कआउट के दौरान सीने में दर्द हुआ और इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी. अब सवाल ये उठता है कि आखिर जिम में एक्सरसाइज करते समय ऐसा क्यों हो रहा है? क्या इसके पीछे ज्यादा वर्कआउट, गलत डाइट या फिर स्टेरॉयड का इस्तेमाल वजह है? और सबसे जरूरी बात हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में फर्क क्या होता है, और अगर किसी के साथ ऐसा हो जाए तो उसकी जान कैसे बचाई जा सकती है? इन सभी सवालों के जवाब देंगे फिटनेस एक्सपर्ट सुमित दुबे और कार्डियोलॉजी के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. ऋषि वी. लोहीया, किम्स- किंग्सवे हॉस्पिटल्स से. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।








