Monday, 07 Sep 2026 | 04:13 AM

Trending :

मेक्सिको में आतिशबाजी का सामान फटा, 10 की मौत:धमाकों से मेले में दीवार गिरी; 64 घायल मियामी में रनवे से बाहर निकला कार्गो प्लेन, आग लगी:पार्किंग में खड़ी गाड़ियों से टकराया, कई मौतों की आशंका ट्रम्प के दामाद ने यूक्रेनी राष्ट्रपति से मुलाकात की:पुतिन से चर्चा के एक दिन बाद कीव पहुंचे; रूस से युद्ध खत्म कराने पर चर्चा आज का एक्सप्लेनर:ट्रम्प के दामाद, दोस्त से लेकर CIA डायरेक्टर तक, मॉस्को क्यों जा रहे; क्या रूस-यूक्रेन जंग खत्म होने वाली है 8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा खाली कराने को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, कहा- इससे शांति को खतरा 8 मुस्लिम देशों ने इजराइली मंत्रियों की निंदा की:गाजा को खाली कराने की योजना पर बोले- यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन, शांति प्रयासों को खतरा
EXCLUSIVE

खिलाड़ियों के कमरे तक पहुंचे बाहरी लोग:IPL के एंटी-करप्शन नियमों में चूक; टीमों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई

खिलाड़ियों के कमरे तक पहुंचे बाहरी लोग:IPL के एंटी-करप्शन नियमों में चूक; टीमों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन में सुरक्षा और एंटी करप्शन प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला सामने आया है। BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की रिपोर्ट के मुताबिक, कई मैचों के दौरान टीम के डगआउट, होटल और टीम बस में ऐसे लोग देखे गए, जिन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं थी। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए BCCI सभी 10 फ्रेंचाइजी के लिए सख्त एडवाइजरी जारी करेगा। बोर्ड ने साफ किया है कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। ACSU ने रिपोर्ट में जताई चिंता IPL के चेयरमैन अरुण धूमल ने पुष्टि की कि ACSU ने इस मामले पर बोर्ड को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। धूमल ने बताया, ‘एंटी-करप्शन यूनिट ने कुछ अनियमितताओं की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाहरी व्यक्ति डगआउट, टीम बस और होटल के उन एरिया में पाए गए जहां सिर्फ खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों को जाने की अनुमति है। ‘प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया’ (PMOA) के अपने प्रोटोकॉल होते हैं। हम फ्रेंचाइजी से कहेंगे कि वे SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का सख्ती से पालन करें ताकि टूर्नामेंट की निष्पक्षता बनी रहे।’ खिलाड़ियों के कमरों तक पहुंच रहे थे बाहरी लोग BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस बार कुछ फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों के व्यवहार में खामियां देखी गई हैं। सैकिया के मुताबिक,’हमने देखा है कि बहुत से बाहरी लोग टीम के सदस्यों के साथ घूम रहे हैं। कुछ लोग बिना परमिशन के होटल के उन कमरों तक पहुंच रहे हैं जहां खिलाड़ी या टीम अधिकारी ठहरे हुए हैं। यह हमारे एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है।’ टीम मालिकों पर भी गिरेगी गाज! बोर्ड की नजर सिर्फ बाहरी लोगों पर नहीं, बल्कि टीम मालिकों और अधिकारियों पर भी है। सैकिया ने कहा,’यह भी देखा गया है कि कुछ टीम मालिक और बड़े अधिकारी उन जगहों पर खिलाड़ियों के साथ घुल-मिल रहे हैं जहां उनका जाना वर्जित है। हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। हम एक एडवाइजरी जारी कर रहे हैं जिसे सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके बाद अगर कोई भी उल्लंघन होता है, तो BCCI और IPL मैनेजमेंट कड़ी कार्रवाई करेगा।’ क्या होता है PMOA प्रोटोकॉल? सुरक्षा को लेकर पहले भी रहे हैं सख्त नियम BCCI IPL की साख को लेकर हमेशा संवेदनशील रहा है। 2013 के स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद एंटी-करप्शन यूनिट की भूमिका बढ़ गई है। हर टीम के साथ एक डेडिकेटेड ACSU अधिकारी तैनात रहता है, जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखता है। मौजूदा रिपोर्ट बताती है कि इस बार निगरानी तंत्र में सेंध लगाने की कोशिश हुई, जिसे बोर्ड शुरुआती स्तर पर रोकना चाहता है।

खिलाड़ियों के कमरे तक पहुंचे बाहरी लोग:IPL के एंटी-करप्शन नियमों में चूक; टीमों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई

खिलाड़ियों के कमरे तक पहुंचे बाहरी लोग:IPL के एंटी-करप्शन नियमों में चूक; टीमों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन में सुरक्षा और एंटी करप्शन प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला सामने आया है। BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की रिपोर्ट के मुताबिक, कई मैचों के दौरान टीम के डगआउट, होटल और टीम बस में ऐसे लोग देखे गए, जिन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं थी। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए BCCI सभी 10 फ्रेंचाइजी के लिए सख्त एडवाइजरी जारी करेगा। बोर्ड ने साफ किया है कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। ACSU ने रिपोर्ट में जताई चिंता IPL के चेयरमैन अरुण धूमल ने पुष्टि की कि ACSU ने इस मामले पर बोर्ड को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। धूमल ने बताया, ‘एंटी-करप्शन यूनिट ने कुछ अनियमितताओं की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाहरी व्यक्ति डगआउट, टीम बस और होटल के उन एरिया में पाए गए जहां सिर्फ खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों को जाने की अनुमति है। ‘प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया’ (PMOA) के अपने प्रोटोकॉल होते हैं। हम फ्रेंचाइजी से कहेंगे कि वे SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का सख्ती से पालन करें ताकि टूर्नामेंट की निष्पक्षता बनी रहे।’ खिलाड़ियों के कमरों तक पहुंच रहे थे बाहरी लोग BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस बार कुछ फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों के व्यवहार में खामियां देखी गई हैं। सैकिया के मुताबिक,’हमने देखा है कि बहुत से बाहरी लोग टीम के सदस्यों के साथ घूम रहे हैं। कुछ लोग बिना परमिशन के होटल के उन कमरों तक पहुंच रहे हैं जहां खिलाड़ी या टीम अधिकारी ठहरे हुए हैं। यह हमारे एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है।’ टीम मालिकों पर भी गिरेगी गाज! बोर्ड की नजर सिर्फ बाहरी लोगों पर नहीं, बल्कि टीम मालिकों और अधिकारियों पर भी है। सैकिया ने कहा,’यह भी देखा गया है कि कुछ टीम मालिक और बड़े अधिकारी उन जगहों पर खिलाड़ियों के साथ घुल-मिल रहे हैं जहां उनका जाना वर्जित है। हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। हम एक एडवाइजरी जारी कर रहे हैं जिसे सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके बाद अगर कोई भी उल्लंघन होता है, तो BCCI और IPL मैनेजमेंट कड़ी कार्रवाई करेगा।’ क्या होता है PMOA प्रोटोकॉल? सुरक्षा को लेकर पहले भी रहे हैं सख्त नियम BCCI IPL की साख को लेकर हमेशा संवेदनशील रहा है। 2013 के स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद एंटी-करप्शन यूनिट की भूमिका बढ़ गई है। हर टीम के साथ एक डेडिकेटेड ACSU अधिकारी तैनात रहता है, जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखता है। मौजूदा रिपोर्ट बताती है कि इस बार निगरानी तंत्र में सेंध लगाने की कोशिश हुई, जिसे बोर्ड शुरुआती स्तर पर रोकना चाहता है।

सुवेंदु के पीए को जब गोली लगी,वे कॉल पर थे:भाजपा विधायक बोले- मैंने करहाने की आवाज सुनी, दोबारा कॉल किया तो नहीं उठा

सुवेंदु के पीए को जब गोली लगी,वे कॉल पर थे:भाजपा विधायक बोले- मैंने करहाने की आवाज सुनी, दोबारा कॉल किया तो नहीं उठा

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। भाजपा विधायक शंकर घोष ने दावा किया कि जब चंद्रनाथ को गोली मारी गई उस वक्त वे उनके साथ फोन पर बात कर रहे थे। शंकर घोष बोले कि हम लोग आगामी शपथ ग्रहण की बात कर रहे थे। तभी फोन पर गोलियों की आवाज सुनाई दी। फिर किसी के करहाने की आवाज आई। इस बीच मेरा फोन कट गया। दोबारा कॉल किया तो नहीं उठा। चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। 42 साल के चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम जा रहे थे, जहां वे किराए के घर में अकेले रहते थे। हमलावर ने उन्हें सीने में दो और एक पेट में गोली मारी। शंकर घोष बोले- अनजान ने फोन उठाकर बताया कि चंद्रनाथ को गोली लगी बुधवार रात करीब 10 बजे जब वह उल्टाडांगा से लौट रहे थे, तब वह फोन पर रथ से बात कर रहे थे। हम गृह मंत्री अमित शाह के दौरे और शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के बारे में चर्चा कर रहे थे। अचानक गोलियों की आवाज आई, फिर करहाने की। मैंने रथ को बार-बार फोन किया, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। फिर एक मैसेज भेजा और पूछा, ‘क्या तुम ठीक हो?’ कोई जवाब नहीं आया। थोड़ी देर बाद मैंने फिर फोन किया, तो किसी अनजान व्यक्ति ने कॉल उठाया और मुझे बताया कि चंद्रनाथ को गोली मार दी गई है। पूरी वारदात को 90 मिनट की टाइमलाइन से समझिए… चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने किराए के घर स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक कार और दो बाइक पर सवार तीन आरोपी पीछे जाते दिखे। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास कार स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंड फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त की, लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस तरह के मॉडर्न हथियार का इस्तेमाल कोई आम अपराधी नहीं करते। जिस तरह से हमला हुआ, उसे कोई प्रोफेशनल शूटर ही अंजाम दे सकता है। सुवेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। सुवेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था। चंद्रनाथ 2019 में सुवेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, जब सुवेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है। चंद्रनाथ शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। कई सालों तक सुवेंदु के करीबी होने के बावजूद वह सुर्खियों से दूर ही रहते थे। ——————————– सुवेंदु के PA की हत्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सुवेंदु अधिकारी के PA की गोली मारकर हत्या:10 राउंड फायरिंग, 2 गोलियां सीने के आर-पार, एक पेट में लगी पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना स्थित मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर ने स्कॉर्पियो की बाईं तरफ से 6 से 10 राउंड फायरिंग की। चंद्रनाथ को 4 गोलियां लगीं। इनमें दो गोलियां सीने से आर-पार हो गईं। एक गोली पेट में लगी। ड्राइवर बुद्धदेब बेरा को भी गोली लगी। पूरी खबर पढ़ें…

कनाडा में परमानेंट-रेजिडेंस के फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा:नया नियम 15 जुलाई से लागू, हजारों भारतीयों को राहत; एजेंटों पर 9 करोड़ जुर्माना

कनाडा में परमानेंट-रेजिडेंस के फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा:नया नियम 15 जुलाई से लागू, हजारों भारतीयों को राहत; एजेंटों पर 9 करोड़ जुर्माना

कनाडा सरकार ने परमानेंट रेजिडेंस (PR) और स्टूडेंट वीजा के नाम पर होने वाली ठगी रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब अगर कोई लाइसेंसधारी इमिग्रेशन कंसलटेंट किसी छात्र या वर्कर के साथ धोखाधड़ी करता है, तो पीड़ित को सरकारी मुआवजा मिल सकेगा। यह नया नियम 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। नए नियमों के तहत फर्जीवाड़ा करने वाले एजेंटों पर 9 करोड़ रुपए तक जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पंजाब और गुजरात के उन हजारों भारतीय परिवारों पर पड़ेगा, जो कनाडा जाने के लिए लाखों रुपए खर्च करते हैं। साल 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने लगभग 10 हजार फर्जी एडमिशन लेटर पकड़े थे। इनमें से करीब 80 फीसद मामले अकेले पंजाब और गुजरात से जुड़े थे। वहीं पंजाबी-गुजराती स्टूडेंट्स को कनाडाई सरकार ने एक झटका भी दिया है। कनाडा के कई स्टेट ऐसे हैं जिन्होंने फूड सेक्टर व सर्विस सेक्टर को अपनी प्रायोरिटी लिस्ट से हटा दिया। इससे कनाडा में फूड सेक्टर के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स व स्टूडेंट्स को PR स्टेटस (स्थायी नागरिकता जैसा दर्जा) मिलने पर संकट गहराता जा रहा है। पहले पढ़ें इमिग्रेशन कंसलटेंट्स पर क्या फैसला… PR नियम बदलने से किन वर्कर्स-स्टूडेंट्स की बढ़ी परेशानी, जानिए.. कौन-कौन प्रभावित होंगे? सबसे ज्यादा पंजाबी स्टूडेंट्स को नुकसान कनाडा सरकार की इस पॉलिसी का सबसे ज्यादा नुकसान पंजाबी स्टूडेंट्स व वर्कर्स को झेलना पड़ेगा क्योंकि कनाडा में फूड व सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा पंजाबी काम करते हैं। कनाडा के अलग-अलग राज्यों ने स्टूडेंट्स व वर्कर्स की PR फाइल्स रिजेक्ट करना शुरू कर दिया। कनाडा के नोवा स्कोटिया के हैलिफैक्स स्थित गुरुद्वारा साहिब में कुछ स्टूडेंट्स व वर्कर्स पीआर फाइल्स रिजेक्ट होने के कारण धरने पर बैठे हैं। दरअसल उनका वीजा समाप्त होने वाला है और उन्होंने सरकार के पास पीआर की फाइल लगाई थी जिन्हें सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। स्टूडेंट्स की डिमांड है कि उन्होंने पीआर की फाइल्स तब लगाई थी जब सरकार ने फूड व सर्विस सेक्टर को प्रायोरिटी लिस्ट से बाहर नहीं किया था। उनकी कनाडा व स्टेट सरकार से डिमांड है कि उनकी पीआर फाइल को पुराने नियमों के हिसाब से अप्रूव करें। कनाडा जाने वालों में 70 फीसदी पंजाबी कनाडा जाने वाले भारतीयों में पंजाबियों की संख्या सबसे अधिक है। हालिया आंकड़ों के अनुसार फर्जी ऑफर लेटर और जाली दस्तावेजों के कारण जिन हजारों छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है, उनमें से करीब 60 से 70 प्रतिशत युवा अकेले पंजाब के जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरों से हैं। ये परिवार अक्सर अपनी जमीन बेचकर या भारी कर्ज लेकर 15 से 25 लाख रुपए तक इन कंसलटेंट्स को दे देते हैं, जिनका कोई कानूनी रिकॉर्ड नहीं होता। यही कारण है कि 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाले नए नियम और मुआवजा फंड पंजाब के परिवारों के लिए संजीवनी साबित होंगे। पीड़ित को शिकायत और जांच के बाद फंड से भुगतान किया जाएगा। भारत और कनाडा में फर्क क्या? भारत में भी इमीग्रेशन को लेकर नियम सख्त है अगर कोई विजा कंसलटेंट या एजेंट फेक लेटर देता है या फेक वीजा लगवाता है तो उसका लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। भारत में हर राज्य के जिले में डीसी के पास किसी भी कंसलटेंट एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने की पावर है। डिप्टी कमिश्नर की किसी भी कंसलटेंट को लाइसेंस प्रदान करता है और वही उसे रद्द कर सकता है। हालांकि, अगर कोई कंसलटेंट किसी के साथ ठगी करता है तो भारत सरकार की ओर से मुआवजा दिलाने का कोई प्रावधान नहीं है।

प्रिंस ने कोहली को जीरो पर बोल्ड किया:पंत के हाथ से बल्ला छूटा, मार्श ने लखनऊ के लिए सबसे तेज शतक जड़ा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

प्रिंस ने कोहली को जीरो पर बोल्ड किया:पंत के हाथ से बल्ला छूटा, मार्श ने लखनऊ के लिए सबसे तेज शतक जड़ा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

IPL में गुरुवार को खेले गए मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 9 रन से हरा दिया। इकाना स्टेडियम में मिचेल मार्श ने लखनऊ के लिए सबसे तेज शतक जड़कर इतिहास रचा। वहीं, युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने विराट कोहली को शून्य पर बोल्ड कर बड़ा झटका दिया। मैच के दौरान ऋषभ पंत के हाथ से बल्ला छूटने वाला मजेदार पल भी देखने को मिला। आइए जानते हैं मैच के खास मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स। लखनऊ-बेंगलुरु मैच के टॉप मोमेंट्स 1. मार्श के छक्के से कैमरामैन के सिर पर लगी बॉल लखनऊ की पारी के दूसरे ओवर में मिचेल मार्श ने जोश हेजलवुड की बॉल पर दो छक्के लगाए। उनका दूसरा छक्का बाउंड्री पर मौजूद कैमरामैन के सिर पर जा लगा। हालांकि, चोट ज्यादा नहीं लगी। 2. बारिश के कारण मैच तीन बार रुका 3. पंत के हाथ से बल्ला छूटा, चौका भी मिला 17वें ओवर की तीसरी बॉल पर ऋषभ पंत के हाथ से बल्ला छूट गया। हालांकि, इस बॉल पर उन्हें चौका मिल गया। हेजलवुड की यॉर्कर ऑफ स्टंप के बाहर थी, जिस पर पंत ने जोरदार शॉट खेला। गेंद पॉइंट की ओर चौके के लिए गई, लेकिन शॉट के दौरान उनका बल्ला हाथ से छूटकर लेग साइड में जा गिरा। 4. पंत को जीवनदान, कैच छूटा, बेथेल की उंगली में चोट लगी 17वें ओवर की 5वीं बॉल पर ऋषभ पंत को जीवनदान मिला। जोश हेजलवुड की लो फुल टॉस गेंद पर पंत ने शॉट खेला और गेंद डीप मिडविकेट की ओर गई। बाउंड्री से दौड़ते हुए बेथेल ने कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन कैच छूट गया। इस दौरान उनकी उंगली चोटिल हो गई और खून निकलने लगा। चोट के बाद उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। 5. कोहली को प्रिंस यादव ने बोल्ड किया दूसरी पारी के दौरान बेंगलुरु ने दूसरे ओवर में दूसरा विकेट गंवाया। विराट कोहली जीरो पर आउट हुए। उन्हें प्रिंस यादव ने बोल्ड किया। करीब 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की गेंद गुड लेंथ पर ऑफ स्टंप के बाहर पिच हुई। कोहली आगे बढ़कर खेलने गए, लेकिन गेंद अंदर आई और सीधे ऑफ स्टंप से टकराकर स्टंप उखाड़ गई। 6. पाटीदार की छक्के से फिफ्टी 10वें ओवर में कप्तान रजत पाटीदार ने छक्के से फिफ्टी पूरी की। उन्होंने मयंक यादव की दूसरी बॉल पर डीप बैकवर्ड स्क्वैयर लेग के ऊपर छक्का लगाया। अगली बॉल पर उन्होंने 101 मीटर का छक्का जड़ा। यहां से टॉप रिकॉर्ड्स पढ़िए 1. मार्श ने लखनऊ के लिए सबसे तेज शतक लगाया लखनऊ के बल्लेबाज मिचेल मार्श ने बेंगलुरु के खिलाफ मैच में टीम के लिए सबसे तेज शतक लगाया। उन्होंने गुरुवार को इकाना स्टेडियम में सिर्फ 49 गेंदों में सेंचुरी पूरी की। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम था। उन्होंने पिछले साल 54 गेंदों में शतक लगाया था। 2. भुवनेश्वर 200 IPL मैच खेलने वाले पहले पेसर बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार 200 IPL मैच खेलने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। भुवनेश्वर 200 मैच खेलने वाले कुल 12वें खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले 5 अप्रैल को वे युजवेंद्र चहल के बाद IPL में 200 विकेट लेने वाले दूसरे और पहले तेज गेंदबाज बने थे।

लौकी का पुलाव रेसिपी: गर्मी में पेट का मजा चाहता है लौकी का पुलाव, स्वाद और सेहत दोनों पर पड़ता है असर; बच्चों को भी आती है पसंद

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप बासमती चावल, 1 छोटी लौकी (कद्दूकस हुई), 1 प्याज स्ट्रॉबेरी कटा, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा सा जीरा, 1 तेजपत्ता, 2 लौंग छवि: फ्रीपिक 1 छोटी इलायची, आधा छोटा हल्दी, स्वाद नमक, 2 बड़ा चम्मच घी या तेल, 2 कप पानी, थोड़ा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले चावल को धोकर करीब 20 मिनट के लिए विलंबित करें। अब कुकर या पैन में घी गरम करें. इसमें जीरा, तेजपत्ता, लौंग और इलायची के टुकड़े टुकड़े भून लें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च स्टोमनॉल होने तक। अब लोकी इसमें शामिल हो गए और 2-3 मिनट तक महानुभाव से भूल गए। फिर हल्दी और नमक मिश्रण करें। छवि: एआई अब भीगे हुए चावल और बने हुए हाथ से बने मसाले। इसके बाद पानी के उपकरण कुकर का समुद्र तट बंद कर दिया गया। 1-2 शहर आने तक। छवि: एआई जब कुकर का खिलौना निकल जाए, तो पुलाव को पतले हाथों से फुलाएं और ऊपर से हरा धनिया बांधें। छवि: एआई लॉकी बॉडी को ठंडक क्लिनिक में मदद मिलती है। यह पेट को चित्रित करता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है। गर्मी में डायहाइड्रेशन की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। छवि: सोशल मीडिया कम क्वालिटी में बनने की वजह से यह माना जाता है। लोकी का पुलाव आप दही, रायता, पुदीने की चटनी या पापड़ के साथ सर्व कर सकते हैं। फ़्लोरिडा तो ऊपर से छोटी-छोटी घी-मसाले का स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)लौकी का पुलाव रेसिपी(टी)लौकी का पुलाव(टी)पुलाव रेसिपी(टी)लौकी रेसिपी(टी)लौकी रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)लौकी पुलाव कैसे बनाएं(टी)घर का बना लौकी पुलाव

क्या पोहा अनहेल्दी फूड है? शेफ संजीव कपूर के बयान पर छिड़ी बहस, डाइटिशियन से जानें हकीकत

authorimg

Last Updated:May 07, 2026, 23:02 IST Poha Healthy or Unhealthy Breakfast: पोहा को आमतौर पर हेल्दी ब्रेकफास्ट माना जाता है, लेकिन मशहूर शेफ संजीव कपूर ने एक हालिया पॉडकास्ट में पोहा को अनहेल्दी बताया है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह के अनुसार पोहा आसानी से पचने वाला फूड है, जो चावल से बनाया जाता है. पोहा को अनहेल्दी नहीं मान सकते. अधिकतर लोगों के लिए पोहा फायदेमंद है. डायबिटीज के मरीजों को पोहा खाने में सावधानी बरतनी चाहिए. शेफ संजीव कपूर ने पोहा को अनहेल्दी बताया है, जिसके बाद इसे लेकर बहस छिड़ गई है. Is Poha Healthy Breakfast or Overrated: देश भर में पोहा को सबसे पसंदीदा ब्रेकफास्ट माना जाता है. इंदौर का पोहा पूरी दुनिया में मशहूर है. पोहा चावल से बनाया जाता है और यह झटपट तैयार होने वाला नाश्ता है. इसे एक हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन भी समझा जाता है. हाल ही में एक पॉडकास्ट में मशहूर शेफ संजीव कपूर ने कहा “पोहा ओवररेटेड है और यह हेल्दी नहीं है. लोगों को लगता है कि पोहा हेल्दी है, लेकिन यह हेल्दी नहीं है. राइस अगर खराब था, तो पोहा उससे भी ज्यादा खराब हो गया. अगर आपको शुगर स्पाइक्स देखना है, तो नाश्ते में पोहा खा लीजिए. इससे आपका शुगर लेवल सीधे ऊपर जाएगा.” संजीव कपूर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या वाकई पोहा अनहेल्दी है? यूपी के गाजियाबाद स्थित रंजना न्यूट्रीग्लो क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया पोहा चावल से बनाया जाता है. सबसे पहले चावल को भिगोया जाता है, फिर उसे भाप देकर दबाया और सुखाया जाता है. इसके बाद चपटे फ्लेक्स के रूप में पोहा तैयार होता है. पोहा एक तरह का प्रोसेस्ड राइस है. इसमें चावल का उपयोग होता है, इसलिए इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है. पोहा में थोड़ी मात्रा में फाइबर, आयरन और कुछ बी-विटामिन्स भी पाए जाते हैं. अगर इसे मूंगफली, मटर, प्याज, करी पत्ता और सब्जियों के साथ बनाया जाए, तो इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू बढ़ जाती है. मूंगफली से प्रोटीन और हेल्दी फैट मिलते हैं, जबकि सब्जियां फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स बढ़ाती हैं. क्या शुगर के मरीज पोहा खा सकते हैं? डाइटिशियन ने बताया कि ग्लाइसेमिक इंडेक्स यह बताता है कि कोई खाना ब्लड शुगर को कितनी तेजी से बढ़ाता है. पोहा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 65 से 75 के बीच हो सकता है. इसका मतलब है कि पोहा को ज्यादा मात्रा में खाया जाए, तो यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है. हालांकि यह असर इस बात पर भी निर्भर करता है कि पोहा के साथ क्या खाया जा रहा है और व्यक्ति की शारीरिक गतिविधि कैसी है. डायबिटीज के मरीज भी कम मात्रा में पोहा खा सकते हैं. हालांकि वे पोहा बनाते समय उसमें ज्यादा से ज्यादा सब्जियां, मूंगफली या स्प्राउट्स डालें, ताकि प्रोटीन और फाइबर बढ़े. इसके अलावा पोहा के साथ दही या उबला अंडा जैसे प्रोटीन भी लें. ऐसा करने से ब्लड शुगर का असर धीमा हो सकता है. अगर डायबिटीज के किसी मरीज का शुगर लेवल अनकंट्रोल है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही पोहा खाना चाहिए. क्या पोहा वाकई अनहेल्दी है? एक्सपर्ट के मुताबिक पोहा को अनहेल्दी कहना ठीक नहीं है. पोहा एक हल्का और आसानी से पचने वाला फूड है. इसमें सिर्फ कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होते हैं. अगर इसे कम तेल में सब्जियों और मूंगफली के साथ बनाया जाए, तो यह हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शन है. पोहा को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर खाना चाहिए. सिर्फ किसी एक बयान के आधार पर उसे पूरी तरह खराब या बेकार मान लेना सही नहीं होगा. सही मात्रा, सही कॉम्बिनेशन और एक्टिव लाइफस्टाइल के साथ पोहा खाया जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

घर पर इन 3 चीजों से बनाएं ORS, डिहाइड्रेशन से मिलेगी राहत, इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस भी रहेगा ठीक

authorimg

Last Updated:May 07, 2026, 22:20 IST Homemade ORS Recipe: डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए डॉक्टर्स हमेशा WHO रिकमेंडेड फॉर्मूला वाला ORS पीने की सलाह देते हैं. अगर आपके पास बाजार का ओआरएस नहीं है, तो पानी, चीनी और नमक की मदद से घर पर आसानी से ORS बनाया जा सकता है. यह शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करके डिहाइड्रेशन से राहत दिला सकता है. चीनी, नमक और पानी के सही मिश्रण से घर पर ORS बना सकते हैं. Homemade ORS for Dehydration: गर्मियों में तेज धूप, ज्यादा पसीना और शरीर में पानी की कमी के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या तेजी से बढ़ जाती है. डायरिया और फूड पॉइजनिंग के कारण भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाता है. ऐसे में शरीर को सिर्फ पानी नहीं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स की भी जरूरत होती है. डॉक्टर्स के अनुसार ORS यानी ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी को पूरा करने में मदद करता है. आमतौर पर एक्सपर्ट WHO रिकमेंडेड फॉर्मूला वाले ORS को पीने की सलाह देते हैं. आपके पास बाजार वाला ORS नहीं है, तो घर पर होममेड ओआरएस बना सकते हैं. घर पर कैसे बनाएं ORS | How To Make ORS at Home घर पर ORS बनाने के लिए आपको सिर्फ 3 चीजों की जरूरत होती है. साफ पानी, चीनी और नमक. सबसे पहले एक लीटर साफ और उबला हुआ ठंडा पानी लें. अब इसमें लगभग 6 चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक मिलाएं. इसे अच्छी तरह घोल लें, ताकि सभी चीजें पूरी तरह पानी में मिल जाएं. यही आसान घरेलू ORS शरीर को तुरंत एनर्जी और हाइड्रेशन देने में मदद करता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि चीनी शरीर को एनर्जी देने का काम करती है, जबकि नमक में मौजूद सोडियम शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है. जब शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है या दस्त और उल्टी जैसी समस्या होती है, तब इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होने लगते हैं. ऐसे में ORS काफी फायदेमंद माना जाता है. हालांकि ORS बनाते समय सही मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. ज्यादा नमक या ज्यादा चीनी शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकती है. इसलिए WHO द्वारा बताई गई मात्रा के अनुसार ही इसे तैयार करना चाहिए. अगर ORS का स्वाद बहुत ज्यादा नमकीन या मीठा लगे, तो उसकी मात्रा दोबारा जांच लें. एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों और गर्मियों में ज्यादा बाहर काम करने वाले लोगों को डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है. ऐसे लोगों को समय-समय पर पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स लेते रहना चाहिए. अगर कमजोरी, चक्कर, सूखा मुंह या पेशाब कम आने जैसी समस्याएं दिखें, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है. घर पर बना ORS एक आसान, सस्ता और असरदार उपाय है, जो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. हालांकि अगर डिहाइड्रेशन की स्थिति गंभीर हो या लगातार उल्टी-दस्त हो रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. इसमें लापरवाही बिल्कुल नहीं बरतनी चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

द्रमुक के ‘संकल्प 3’ पर छिड़ी चर्चा: क्या वह तमिलनाडु में पुनर्मतदान से बचने के लिए विजय की टीवीके या अन्नाद्रमुक को बाहर से समर्थन देगी? | भारत समाचार

Lucknow Super Giants vs Royal Challengers Bengaluru IPL 2026 Live Score

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 20:33 IST यह ‘निष्क्रिय’ समर्थन राजभवन में शक्ति परीक्षण पास करने का प्रयास करने वाले किसी भी दावेदार के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा के रूप में काम करेगा। इस बात पर जोर देकर कि राज्य ‘एक और चुनाव के लिए तैयार नहीं है’, डीएमके ने प्रभावी रूप से बाहरी व्यवस्थाओं के लिए दरवाजा खुला छोड़ दिया है जो चेन्नई में संवैधानिक शून्य को रोक देगा। (फ़ाइल छवि: पीटीआई) एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पैंतरेबाज़ी में, जो तमिलनाडु के प्रशासनिक भविष्य को नया आकार दे सकता है, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने 7 मई को अपनी विधायक दल की बैठक के बाद एक रणनीतिक मोड़ का संकेत दिया है। खंडित जनादेश का सामना करते हुए, जहां किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, डीएमके ने उच्च-स्तरीय प्रस्तावों की एक श्रृंखला पारित की जो पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन को संवैधानिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए “तत्काल निर्णय” लेने के लिए सशक्त बनाती है। जबकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई, द्रमुक की बयानबाजी एक सक्रिय दावेदार से एक रणनीतिक सुविधाकर्ता में बदलाव का सुझाव देती है। इस बात पर जोर देकर कि राज्य “एक और चुनाव के लिए तैयार नहीं है”, डीएमके ने प्रभावी रूप से बाहरी व्यवस्थाओं के लिए दरवाजा खुला छोड़ दिया है जो चेन्नई में संवैधानिक शून्य को रोक देगा। क्या ‘संकल्प 3’ का तात्पर्य नई सरकार के लिए बाहरी समर्थन से है? संकल्प 3 की भाषा विशेष रूप से बता रही है, क्योंकि यह एमके स्टालिन को “गंभीर और जटिल” राजनीतिक माहौल से निपटने के लिए एकतरफा अधिकार प्रदान करती है। यह कहकर कि पार्टी का प्राथमिक उद्देश्य द्रविड़ कल्याण योजनाओं की “निरंतर” निरंतरता सुनिश्चित करते हुए “एक स्थिर सरकार स्थापित करना” है, डीएमके ने संकेत दिया है कि जरूरी नहीं कि वह अगली सरकार का नेतृत्व करे। தி.மு.க. मोबाइल फोन नंबर (07-05-2026) ऋण: 1 தமிழ்நாட்டு மக்களுக்கும் தோழமை கங்களுக்கும் நன்றி நடந்து முடிந்த தமிழ்நாடு சட்டமன்றப் பொதுத் தேர்தலில் திராவிட முன்னேற்றக் கழகம் தலைமையிலான மதச்சார்பற்ற முற்போக்குக் கூட்டணிக் கட்சிகளின்… pic.twitter.com/jN5r8HuX1a – डीएमके (@arivalayam) 7 मई 2026 संसदीय व्यवहार में, ऐसा रुख अक्सर बाहरी समर्थन की औपचारिक पेशकश से पहले होता है। इससे एक अल्पमत सरकार को कैबिनेट में शामिल हुए बिना द्रमुक के साथ काम करने की अनुमति मिलेगी, जिससे द्रमुक के वैचारिक ब्रांड की रक्षा होगी और साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि इसकी ऐतिहासिक योजनाएं – जैसे मुफ्त स्कूल नाश्ता और महिलाओं की मासिक सहायता – अछूती रहेंगी। यह “निष्क्रिय” समर्थन राजभवन में शक्ति परीक्षण पास करने का प्रयास करने वाले किसी भी दावेदार के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा के रूप में काम करेगा। क्या डीएमके विजय की टीवीके को समर्थन दे सकती है? इस तरह की रणनीतिक वापसी का सबसे संभावित लाभार्थी विजय और उनका तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रतीत होता है। टीवीके के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद, वर्तमान में कांग्रेस के नए समर्थन के बावजूद, उसके पास बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटें नहीं हैं। “सांप्रदायिक ताकतों को जगह न देने” का संकल्प लेकर द्रमुक ने संभावित साझेदारों का दायरा सीमित कर दिया है। टीवीके को बाहरी समर्थन प्रदान करने से डीएमके खुद को एक “जिम्मेदार विपक्ष” के रूप में स्थापित कर सकेगी जो सत्ता की भूखी राजनीति पर राज्य की स्थिरता को प्राथमिकता देती है। स्टालिन के लिए, यह कदम भाजपा को त्रिशंकु विधानसभा में पिछले दरवाजे से प्रभाव हासिल करने से रोकेगा, जबकि टीवीके को द्रमुक की विधायी उदारता पर निर्भर रखेगा। यह व्यवस्था नई टीवीके सरकार को प्रदर्शन करने का मौका देगी, जबकि डीएमके के पास “द्रविड़ मॉडल” से समझौता किए जाने पर प्लग खींचने की शक्ति बरकरार रहेगी। क्या एआईएडीएमके के साथ गठबंधन की संभावना है? ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद, एआईएडीएमके के साथ “भव्य द्रविड़ मोर्चे” की अफवाहें टीवीके को किनारे करने के साधन के रूप में प्रसारित की गई हैं। हालाँकि, DMK के नवीनतम संकल्पों से यह अत्यधिक असंभावित हो गया है। कांग्रेस के टीवीके खेमे में चले जाने के बाद पार्टी ने अपना गुस्सा कांग्रेस पार्टी पर केंद्रित किया है और उस पर “पीठ में छुरा घोंपने” और “विश्वासघात” का आरोप लगाया है। कांग्रेस को “ईमानदारी से व्यवहार नहीं करने वाली” पार्टी करार देकर द्रमुक ने प्रभावी रूप से अपने पूर्व सहयोगी के साथ संबंधों को तोड़ दिया है। जबकि अन्नाद्रमुक प्रतिस्पर्धी बनी हुई है, द्रमुक का वर्तमान ध्यान पिछले पांच वर्षों की अपनी विरासत की रक्षा करने पर है। एआईएडीएमके के साथ गठबंधन जमीनी स्तर पर वैचारिक रूप से परेशान करने वाला होगा; इस प्रकार, द्रमुक अपने पारंपरिक दुश्मन के साथ एक गड़बड़ सत्ता-साझाकरण समझौते में प्रवेश करने के बजाय विपक्ष में बैठने और गैर-सांप्रदायिक अल्पसंख्यक सरकार को सामरिक, मुद्दा-आधारित समर्थन प्रदान करने के लिए अधिक इच्छुक लगती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया द्रमुक के ‘संकल्प 3’ पर छिड़ी चर्चा: क्या वह तमिलनाडु में पुनर्मतदान से बचने के लिए विजय की टीवीके या अन्नाद्रमुक को बाहर से समर्थन देगी? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव(टी)एआईएडीएमके(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)बीजेपी(टी)डीएमके(टी)एमके स्टालिन(टी)विजय(टी)टीवीके(टी)विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस(टी)इंडिया ब्लॉक

क्या कांग्रेस को कोई सलाह नहीं दी गई है? प्रश्न पर भड़के स्पाइ प्रमुख ने दिया ये जवाब, भारत गठबंधन को मिर्ची

क्या कांग्रेस को कोई सलाह नहीं दी गई है? प्रश्न पर भड़के स्पाइ प्रमुख ने दिया ये जवाब, भारत गठबंधन को मिर्ची

पश्चिम बंगाल क्षेत्र में प्रशांत महासागर में कांग्रेस की हार के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने 7 मई को कोलकाता में पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात कर अपनी प्रति एकजुटता से बातचीत की। इस दौरान कांग्रेस कांग्रेस को लेकर सवाल उठाया गया। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में अखिलेश यादव के हवाले से कहा गया, ‘विपक्ष एक साथ नहीं हो सका। कांग्रेस के साथ नहीं आ पाई. कांग्रेस को कोई सलाह देनी होगी?’ इस पर अखिलेश यादव ने कहा, ‘मुझे यहां कोई सलाह नहीं दी गई है. आदर्श मित्र को अपमान. उनके सिद्धांत को वोट नहीं दिया गया.’ भारत गठबंधन को मजबूत गठबंधन ममता बनर्जी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव महासभा ने ममता के काली घाट स्थित आवास पर नेपोलियन का स्वागत किया। इस मीटिंग में शामिल लोगों को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद पार्टी दल अपनी-अपनी सीटों पर फिर से विचार कर रहे हैं। ममता ने पश्चिम बंगाल में इलेक्ट्रोनिक कांग्रेस की हार के बाद संकल्प इंडिया एलायंस को मजबूत करने का निर्णय लिया है। #घड़ी | कोलकाता, पश्चिम बंगाल: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का कहना है, “…जिस तरह से उन्होंने लोकतंत्र और दीदी (ममता बनर्जी) का अपमान किया, जिसके कारण उनके मतदाताओं को वोट नहीं देने दिया गया। यह जिम्मेदारी केंद्रीय बलों की है। क्या आप ऐसे में चुनाव कराएंगे… pic.twitter.com/2Zb7qBwtQj – एएनआई (@ANI) 7 मई 2026 बंगाल में बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत हासिल किया पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना समर्थन जताया। बीजेपी ने 294 पश्चिम बंगाल विधानसभा की 207 सीटों पर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया, जिससे राज्य में 15 साल के लिए कैथोलिक कांग्रेस का शासन समाप्त हो गया। पारंपरिक कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में मोहम 80 सीट से संतोष करना पेज। हार के बाद ममता को इन नेताओं ने किया फोन बंगाल में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि अब वह नेशनल लेवल पर एसोसिएशन एलायंस को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘इंडिया अलायंस के नेताओं ने मुझे एकजुटता संवाद की तरह फोन किया।’ सोनिया जी और राहुल गांधी ने भी मेरी बात कही है।’ उन्हें बताया गया कि उन्हें अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के नेता, समाजवादी यादव और स्टालिन सोरेन ने भी फोन किया था। ममता बनर्जी की कांग्रेस और प्रमुख भूमिका थोड़ी विरोधाभासी है, क्योंकि उनकी पार्टी पहले कांग्रेस और उनके नेता, विशेष रूप से राहुल गांधी, की आलोचना पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा जैसे कई राज्यों में दोनों के बीच प्रमुखता भी रही है। उन्होंने कहा, ‘जब तक मैं कुर्सी पर था, मैंने बहुत कुछ सहा। अब मैं एक आजाद पंछी हूं, एक आम इंसान हूं। मैं संघर्ष करने वाली हूं। ‘मैं पोर्टफोलियों पर रहम की मिसालें और सभी विद्रोहियों के खिलाफ़ गोलियाँ।’ ये भी पढ़ें: बंगाल और असम में ऐतिहासिक जीत में अनोखा ट्रेंड, एससी-एसटी आरक्षण पार्टी का शानदार प्रदर्शन (टैग्सटूट्रांसलेट)अखिलेश यादव(टी)पश्चिम बंगाल(टी)कांग्रेस(टी)अखिलेश यादव बीजेपी पर(टी)अखिलेश यादव की ममता बनर्जी से मुलाकात(टी)खिलेश यादव की मुलाकात ममता बनर्जी से कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026(टी)पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत(टी)बंगाल विधानसभा में टीएमसी की हार(टी)अभिषेक बनर्जी अखिलेश यादव मीटिंग(टी)बीजेपी(टी)इंडिया ब्लॉक फ्यूचर के खिलाफ विपक्ष की एकता,ममता बनर्जी(टी)समाजवादी पार्टी टीएमसी गठबंधन समाचार(टी)ममता बनर्जी आवास बैठक विवरण(टी)ममता की हार पर अखिलेश यादव का बयान(टी)इंडिया न्यूज हिंदी में(टी)नवीनतम भारत समाचार अपडेट(टी)अखिलेश यादव मैटा की हार(टी)बंगाल चुनाव परिणाम जीत(टी)अखिलेश यादव कोलकाता टूर(टी)विपक्षी एकता इंडिया अलायंस(टी)अभिषेक बनर्जी अलोकतांत्रिक यादव(टी)ममता बनर्जी हार के बाद बयान(टी)समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक गठबंधन