Saturday, 10 Oct 2026 | 11:38 PM

Trending :

EXCLUSIVE

कनाडा में परमानेंट-रेजिडेंस के फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा:नया नियम 15 जुलाई से लागू, हजारों भारतीयों को राहत; एजेंटों पर 9 करोड़ जुर्माना

कनाडा में परमानेंट-रेजिडेंस के फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा:नया नियम 15 जुलाई से लागू, हजारों भारतीयों को राहत; एजेंटों पर 9 करोड़ जुर्माना

कनाडा सरकार ने परमानेंट रेजिडेंस (PR) और स्टूडेंट वीजा के नाम पर होने वाली ठगी रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब अगर कोई लाइसेंसधारी इमिग्रेशन कंसलटेंट किसी छात्र या वर्कर के साथ धोखाधड़ी करता है, तो पीड़ित को सरकारी मुआवजा मिल सकेगा। यह नया नियम 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। नए नियमों के तहत फर्जीवाड़ा करने वाले एजेंटों पर 9 करोड़ रुपए तक जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पंजाब और गुजरात के उन हजारों भारतीय परिवारों पर पड़ेगा, जो कनाडा जाने के लिए लाखों रुपए खर्च करते हैं। साल 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने लगभग 10 हजार फर्जी एडमिशन लेटर पकड़े थे। इनमें से करीब 80 फीसद मामले अकेले पंजाब और गुजरात से जुड़े थे। वहीं पंजाबी-गुजराती स्टूडेंट्स को कनाडाई सरकार ने एक झटका भी दिया है। कनाडा के कई स्टेट ऐसे हैं जिन्होंने फूड सेक्टर व सर्विस सेक्टर को अपनी प्रायोरिटी लिस्ट से हटा दिया। इससे कनाडा में फूड सेक्टर के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स व स्टूडेंट्स को PR स्टेटस (स्थायी नागरिकता जैसा दर्जा) मिलने पर संकट गहराता जा रहा है। पहले पढ़ें इमिग्रेशन कंसलटेंट्स पर क्या फैसला… PR नियम बदलने से किन वर्कर्स-स्टूडेंट्स की बढ़ी परेशानी, जानिए.. कौन-कौन प्रभावित होंगे? सबसे ज्यादा पंजाबी स्टूडेंट्स को नुकसान
कनाडा सरकार की इस पॉलिसी का सबसे ज्यादा नुकसान पंजाबी स्टूडेंट्स व वर्कर्स को झेलना पड़ेगा क्योंकि कनाडा में फूड व सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा पंजाबी काम करते हैं। कनाडा के अलग-अलग राज्यों ने स्टूडेंट्स व वर्कर्स की PR फाइल्स रिजेक्ट करना शुरू कर दिया। कनाडा के नोवा स्कोटिया के हैलिफैक्स स्थित गुरुद्वारा साहिब में कुछ स्टूडेंट्स व वर्कर्स पीआर फाइल्स रिजेक्ट होने के कारण धरने पर बैठे हैं। दरअसल उनका वीजा समाप्त होने वाला है और उन्होंने सरकार के पास पीआर की फाइल लगाई थी जिन्हें सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। स्टूडेंट्स की डिमांड है कि उन्होंने पीआर की फाइल्स तब लगाई थी जब सरकार ने फूड व सर्विस सेक्टर को प्रायोरिटी लिस्ट से बाहर नहीं किया था। उनकी कनाडा व स्टेट सरकार से डिमांड है कि उनकी पीआर फाइल को पुराने नियमों के हिसाब से अप्रूव करें। कनाडा जाने वालों में 70 फीसदी पंजाबी
कनाडा जाने वाले भारतीयों में पंजाबियों की संख्या सबसे अधिक है। हालिया आंकड़ों के अनुसार फर्जी ऑफर लेटर और जाली दस्तावेजों के कारण जिन हजारों छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है, उनमें से करीब 60 से 70 प्रतिशत युवा अकेले पंजाब के जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरों से हैं। ये परिवार अक्सर अपनी जमीन बेचकर या भारी कर्ज लेकर 15 से 25 लाख रुपए तक इन कंसलटेंट्स को दे देते हैं, जिनका कोई कानूनी रिकॉर्ड नहीं होता। यही कारण है कि 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाले नए नियम और मुआवजा फंड पंजाब के परिवारों के लिए संजीवनी साबित होंगे। पीड़ित को शिकायत और जांच के बाद फंड से भुगतान किया जाएगा। भारत और कनाडा में फर्क क्या? भारत में भी इमीग्रेशन को लेकर नियम सख्त है अगर कोई विजा कंसलटेंट या एजेंट फेक लेटर देता है या फेक वीजा लगवाता है तो उसका लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। भारत में हर राज्य के जिले में डीसी के पास किसी भी कंसलटेंट एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने की पावर है। डिप्टी कमिश्नर की किसी भी कंसलटेंट को लाइसेंस प्रदान करता है और वही उसे रद्द कर सकता है। हालांकि, अगर कोई कंसलटेंट किसी के साथ ठगी करता है तो भारत सरकार की ओर से मुआवजा दिलाने का कोई प्रावधान नहीं है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भोपाल के बड़ा तालाब से 50 मीटर में निर्माण अवैध:153 झुग्गियां-निर्माण लिस्टेट; खानूगांव में 15 सरकारी जमीनों पर कब्जे मिले

February 28, 2026/
12:05 am

भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में जितने भी निर्माण...

राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; ई-सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है

April 29, 2026/
8:16 am

PL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ मंगलवार...

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: | पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 चुनाव आयोग ने बरनोल-बोरोलीन बयान के साथ दंगाइयों को कड़ी चेतावनी जारी की

April 15, 2026/
2:38 pm

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने एक अलग ही तरीका बताया है। दक्षिण कोलकाता के जिला अधिकारी...

New Zealand Vs South Africa Live Cricket Score, 3rd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Auckland.

March 20, 2026/
2:32 pm

आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 14:32 IST तेलंगाना के डॉ. बंदी पार्थ सारधी 5300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के...

Ganga Aarti Held at London Thames River

September 14, 2026/
12:49 pm

लंदन35 मिनट पहले कॉपी लिंक गंगा आरती के दौरान दिए जलाए गए, लेकिन नदी में कोई दीया नहीं बहाया गया।...

फेसबुक पर प्रेमिका संग फोटो पोस्ट, फिर लगाई फांसी:राजगढ़ में पेड़ पर गमछे से लटका मिला शव; युवक 6 महीने के बेटे का पिता

April 17, 2026/
2:06 pm

राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह युवक का शव पेड़ पर लटका मिला। जानकारी के अनुसार खेड़खेड़ा...

Rajesh Mehta SEBI Ban | Rajesh Exports Revenue Fraud Allegations

June 4, 2026/
5:06 pm

मुंबई3 मिनट पहले कॉपी लिंक सेबी ने गोल्ड रिफाइनिंग कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स के फाउंडर राजेश मेहता पर शेयर बाजार में...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

कनाडा में परमानेंट-रेजिडेंस के फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा:नया नियम 15 जुलाई से लागू, हजारों भारतीयों को राहत; एजेंटों पर 9 करोड़ जुर्माना

कनाडा में परमानेंट-रेजिडेंस के फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा:नया नियम 15 जुलाई से लागू, हजारों भारतीयों को राहत; एजेंटों पर 9 करोड़ जुर्माना

कनाडा सरकार ने परमानेंट रेजिडेंस (PR) और स्टूडेंट वीजा के नाम पर होने वाली ठगी रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब अगर कोई लाइसेंसधारी इमिग्रेशन कंसलटेंट किसी छात्र या वर्कर के साथ धोखाधड़ी करता है, तो पीड़ित को सरकारी मुआवजा मिल सकेगा। यह नया नियम 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। नए नियमों के तहत फर्जीवाड़ा करने वाले एजेंटों पर 9 करोड़ रुपए तक जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पंजाब और गुजरात के उन हजारों भारतीय परिवारों पर पड़ेगा, जो कनाडा जाने के लिए लाखों रुपए खर्च करते हैं। साल 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने लगभग 10 हजार फर्जी एडमिशन लेटर पकड़े थे। इनमें से करीब 80 फीसद मामले अकेले पंजाब और गुजरात से जुड़े थे। वहीं पंजाबी-गुजराती स्टूडेंट्स को कनाडाई सरकार ने एक झटका भी दिया है। कनाडा के कई स्टेट ऐसे हैं जिन्होंने फूड सेक्टर व सर्विस सेक्टर को अपनी प्रायोरिटी लिस्ट से हटा दिया। इससे कनाडा में फूड सेक्टर के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स व स्टूडेंट्स को PR स्टेटस (स्थायी नागरिकता जैसा दर्जा) मिलने पर संकट गहराता जा रहा है। पहले पढ़ें इमिग्रेशन कंसलटेंट्स पर क्या फैसला… PR नियम बदलने से किन वर्कर्स-स्टूडेंट्स की बढ़ी परेशानी, जानिए.. कौन-कौन प्रभावित होंगे? सबसे ज्यादा पंजाबी स्टूडेंट्स को नुकसान
कनाडा सरकार की इस पॉलिसी का सबसे ज्यादा नुकसान पंजाबी स्टूडेंट्स व वर्कर्स को झेलना पड़ेगा क्योंकि कनाडा में फूड व सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा पंजाबी काम करते हैं। कनाडा के अलग-अलग राज्यों ने स्टूडेंट्स व वर्कर्स की PR फाइल्स रिजेक्ट करना शुरू कर दिया। कनाडा के नोवा स्कोटिया के हैलिफैक्स स्थित गुरुद्वारा साहिब में कुछ स्टूडेंट्स व वर्कर्स पीआर फाइल्स रिजेक्ट होने के कारण धरने पर बैठे हैं। दरअसल उनका वीजा समाप्त होने वाला है और उन्होंने सरकार के पास पीआर की फाइल लगाई थी जिन्हें सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। स्टूडेंट्स की डिमांड है कि उन्होंने पीआर की फाइल्स तब लगाई थी जब सरकार ने फूड व सर्विस सेक्टर को प्रायोरिटी लिस्ट से बाहर नहीं किया था। उनकी कनाडा व स्टेट सरकार से डिमांड है कि उनकी पीआर फाइल को पुराने नियमों के हिसाब से अप्रूव करें। कनाडा जाने वालों में 70 फीसदी पंजाबी
कनाडा जाने वाले भारतीयों में पंजाबियों की संख्या सबसे अधिक है। हालिया आंकड़ों के अनुसार फर्जी ऑफर लेटर और जाली दस्तावेजों के कारण जिन हजारों छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है, उनमें से करीब 60 से 70 प्रतिशत युवा अकेले पंजाब के जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरों से हैं। ये परिवार अक्सर अपनी जमीन बेचकर या भारी कर्ज लेकर 15 से 25 लाख रुपए तक इन कंसलटेंट्स को दे देते हैं, जिनका कोई कानूनी रिकॉर्ड नहीं होता। यही कारण है कि 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाले नए नियम और मुआवजा फंड पंजाब के परिवारों के लिए संजीवनी साबित होंगे। पीड़ित को शिकायत और जांच के बाद फंड से भुगतान किया जाएगा। भारत और कनाडा में फर्क क्या? भारत में भी इमीग्रेशन को लेकर नियम सख्त है अगर कोई विजा कंसलटेंट या एजेंट फेक लेटर देता है या फेक वीजा लगवाता है तो उसका लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। भारत में हर राज्य के जिले में डीसी के पास किसी भी कंसलटेंट एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने की पावर है। डिप्टी कमिश्नर की किसी भी कंसलटेंट को लाइसेंस प्रदान करता है और वही उसे रद्द कर सकता है। हालांकि, अगर कोई कंसलटेंट किसी के साथ ठगी करता है तो भारत सरकार की ओर से मुआवजा दिलाने का कोई प्रावधान नहीं है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.