देवास में पेड़ पर लटका मिला युवक का शव:दो दिन पहले निर्माणाधीन मकान के काम के सिलसिले में आया था

देवास के कंचनपुर क्षेत्र में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पास एक पेड़ पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान बिलासा निवासी सुमेर सिंह चौहान के रूप में हुई है। वह दो दिन पहले ही कंचनपुर में अपने निर्माणाधीन मकान के काम के सिलसिले में आए थे और वहीं रह रहे थे। गुरुवार सुबह आसपास के लोगों ने उन्हें पेड़ पर लटका देखा। इसी दौरान मृतक का भतीजा आदित्य यादव नवादा से उनके लिए खाना लेकर पहुंचा, जिसने घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को पेड़ से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बीच सड़क पर नीतू कपूर और रणबीर ने किया डांस:साथ में पोज भी दिए, मां ने बेटे को गले लगाकर किया किस

एक्ट्रेस नीतू कपूर और उनके बेटे रणबीर कपूर बुधवार को पैपराजी के सामने साथ डांस स्टेप्स करते नजर आए। यह वीडियो तब का है जब मुंबई में दोनों एक साथ स्पॉट हुए और पैपराजी को पोज दिए और डांस स्टेप्स भी करते दिखे। नीतू ने बेटे को गले लगाया और उनके गाल पर प्यार से किस किया। इस दौरान रणबीर कपूर ब्लू डेनिम जींस और लेमन कलर की शर्ट में दिखे, जबकि नीतू कपूर डेनिम जींस, व्हाइट-ब्लू शर्ट और ब्लेजर में नजर आईं। दोनों के इस अंदाज पर यूजर्स ने प्रतिक्रिया देते हुए उनकी जोड़ी और बॉन्डिंग की तारीफ की है। नीतू कपूर फिल्म ‘दादी की शादी’ में आएंगी नजर गौरतलब, नीतू कपूर (नीतू सिंह) 70 और 80 के दशक की चर्चित अभिनेत्री रही हैं और उन्होंने ‘अमर अकबर एंथोनी’, ‘दीवार’ और ‘धर्मवीर’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया है। 67 की उम्र में भी वे फिल्मों में एक्टिव हैं। जल्द ही वो फिल्म ‘दादी की शादी’ में नजर आएंगी, जो 8 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में वह कपिल शर्मा के साथ मुख्य भूमिका में हैं। खास बात यह है कि इस फिल्म से नीतू सिंह की बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी भी अपना एक्टिंग डेब्यू कर रही हैं। वहीं रणबीर कपूर के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाते दिखेंगे और यह फिल्म दिवाली पर रिलीज होने वाली है। इसके अलावा वे संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में आलिया भट्ट और विक्की कौशल के साथ नजर आएंगे। फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
सहायक कृषि अधिकारी भर्ती-5 मई से भर सकते आवेदन-फॉर्म:एग्जाम में 166 अयोग्य घोषित; जानिए-कितने पदों पर भर्ती और कितने कैंडिडेट्स सिलेक्ट

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सहायक कृषि अधिकारी (कृषि विभाग) भर्ती-2024 के तहत पात्रता जांच के लिए 400 कैंडिडेट्स की सूची जारी कर दी है। ये भर्ती 125 पदों के लिए थी। ऑनलाइन डिटेल आवेदन फॉर्म भरने के लिए 5 से 11 मई 2026 (रात्रि 11.59) तक लिंक खोला जाएगा। परीक्षा में 10% से ज्यादा प्रश्नों में पांच विकल्पों में से कोई भी विकल्प नहीं भरने के कारण 166 अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया है। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि सहायक कृषि अधिकारी के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा 12 अक्टूबर एवं द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा का आयोजन 13 अक्टूबर 2025 को किया गया था। अंतिम रूप से सफल अभ्यर्थियों की सूची कृषि विभाग की ओर से दस्तावेज सत्यापन कराए जाने के बाद आयोग द्वारा जारी की जाएगी। कृषि विभाग करेगा डॉक्यूमेंट्स वैरीफिकेशन कैंडिडेट्स अपने एसएसओ आईडी के माध्यम से रिक्रूटमेंट पोर्टल पर माय रिक्रूटमेंट-डीटेल्ड फॉर्म कम स्क्रूटनी- अप्लाई नाउ का चयन कर अपना विस्तृत आवेदन पत्र ऑनलाइन भरें। विस्तृत आवेदन-पत्र व दस्तावेजों की जांच संबंधित विभाग (कृषि विभाग) की ओर से ही की जाएगी। इसलिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने और सबमिट करने के बाद प्रिंट ऑप्शन पर जाकर सम्पूर्ण विस्तृत आवेदन-पत्र को 2 प्रतियों में प्रिंट कर अपने पास संभाल कर रखें। कृषि विभाग की सूचना के अनुसार निर्धारित दिनांक, समय व स्थान पर कैंडिडेट्स को उपस्थित होना होगा। संबंधित विभाग की ओर से ही उचित माध्यम से अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए सूचित किया जाएगा। विभाग की ओर से दस्तावेज सत्यापन के लिए निर्धारित तिथि को उपस्थित नहीं होने पर अभ्यर्थी को अपात्र मानते हुए परिणाम में शामिल नहीं किया जायेगा। अभ्यर्थियों की पात्रता जांच विज्ञापन की शर्तों व नियमों के अनुसार की जाएगी। पात्रता की समस्त शर्तें नियमानुसार पूर्ण नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता आयोग द्वारा रद्द कर दी जाएगी।
रुपया रिकॉर्ड ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.20 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

भारतीय रुपया आज यानी 30 अप्रैल को डॉलर के मुकाबले 95.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। मिडिल ईस्ट युद्ध और एनर्जी सप्लाई रुकावटों से यह गिरावट आई। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के मुताबिक, ईरान युद्ध जारी रहा तो रुपया 98 तक जा सकता है। विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते व्यापारिक तनाव की वजह से रुपए में यह गिरावट देखी जा रही है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।
रुपया रिकॉर्ड ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.20 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

भारतीय रुपया आज यानी 30 अप्रैल को डॉलर के मुकाबले 95.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। मिडिल ईस्ट युद्ध और एनर्जी सप्लाई रुकावटों से यह गिरावट आई। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के मुताबिक, ईरान युद्ध जारी रहा तो रुपया 98 तक जा सकता है। विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते व्यापारिक तनाव की वजह से रुपए में यह गिरावट देखी जा रही है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।
सतना में आंधी-बूंदाबांदी से गर्मी से राहत:सुबह से बादलों का डेरा, रात का तापमान 3 डिग्री गिरकर 28.2 पर पहुंचा

सतना में भीषण गर्मी के बीच बुधवार रात से मौसम में अचानक बदलाव देखा गया। गुरुवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिली है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ यह 28.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। हालांकि, बुधवार को दिन भर तेज धूप और बादलों की आवाजाही के बावजूद गर्मी से खास राहत नहीं मिली थी। उमस और तपिश ने जनजीवन को प्रभावित किया था, लेकिन गुरुवार सुबह हुई बूंदाबांदी से स्थिति में सुधार हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में बने पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश-हरियाणा में बने ऊपरी चक्रवात के कारण एक ट्रफ लाइन मणिपुर से मध्य प्रदेश तक बनी हुई है। इन्हीं मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से सतना समेत रीवा संभाग में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश तेज हवाओं के साथ होने की संभावना है।
'बुलेट बाबा' पर फिल्म, अंधविश्वास या आस्था की कहानी?:डायरेक्टर बोले-सोच कैसे हकीकत बनती है, यही दिखाया; बताया-क्यों नहीं ली ओम बन्ना के परिवार से परमिशन?

हिंदी फिल्म ‘डुग डुग’ का ट्रेलर राजस्थान में चर्चा में बना हुआ है। ट्रेलर में दिखाई गई बाइक (लूना), आस्था और चमत्कार वाली कहानी सीधे ओम बन्ना धाम (बुलेट बाबा) से मेल खाती नजर आ रही है। राजस्थान की लोक आस्था के बड़े प्रतीक पर बनी इस फिल्म को लेकर लोगों में कई सवाल हैं। कोई इसे अंधविश्वास पर तंज कह रहा है तो कोई हास्य व्यंग्य की कहानी मान रहा है। फिल्म के लेखक-निर्देशक ऋत्विक पारीक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इन्हीं सवालों के खुलकर जवाब दिए… सवाल : ट्रेलर रिलीज के बाद राजस्थान के दर्शकों से क्या रिएक्शन मिला है? जवाब : ट्रेलर से हमें अच्छा ही रेस्पॉन्स मिला है। हालांकि लोगों के मन में थोड़े सवाल भी हैं कि क्या आप सही चीज तो दिखा रहे हो न? अब ये तो आप जब फिल्म देखोगे तो अपने आप समझ में आ जाएगा कि सब कुछ सही है। इसमें हमने ऐसा कुछ दिखाया नहीं है जो सही नहीं हो। सवाल : डुग डुग फिल्म से बतौर लेखक और डायरेक्टर आप क्या कहना चाहते हैं? जवाब : लोगों को ट्रेलर देखकर लग रहा है कि ये अंधविश्वास पर है या धर्म पर सवाल कर रही है। पर यह फिल्म पूरी तरह से इस बात पर आधारित है कि आपके विचार ही आपकी वास्तविकता को आकार देते हैं। ये ठीक उसी तरह है कि जब आप किसी चीज में बहुत ज्यादा विश्वास करते हैं तो वो मैनिफेस्ट हो जाती है। ऐसे में इस बिलीफ और मैनिफेस्टेशन का जरिया कुछ भी हो सकता है- ये एक बाइक भी हो सकती है, एक मूर्ति भी हो सकती है और बिना किसी माध्यम के भी हो सकता है। आपकी सोच ही आपका यूनिवर्स बनाती है, हम इस फिल्म में यही एक्सप्लेन करना चाहते हैं। सवाल : इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखते समय आपने ओम बन्ना धाम की घटना को कितना फॉलो किया और कितना फिक्शन बनाया? जवाब : ये मिक्स है। हमने डायरेक्ट उन पर नहीं रखा है। हमें सरकार ने भी कहा था कि आप ये बताओ कि आपने नाम, कास्ट और कुछ भी ऐसा मेंशन नहीं किया है। इसीलिए हमने बाइक बदल दी और बाकी सब चीजें भी बदली हैं। हालांकि ये थोड़ा उनसे सिमिलर ही है, जितना हम कर सकते थे। बाकी कुछ फिक्शन भी हैं, जैसे नाट्य रूपांतरण। हमने ये भी सुनिश्चित किया है कि किसी को कुछ बुरा न लगे। ऐसा कुछ इस फिल्म में रखा ही नहीं है तो सेंसर भी ये देखकर हैरान था कि अब इसमें कट कहां लगाएं। हमने फिल्म में रंग भी लिए तो इसका भी पूरा ध्यान रखा कि ये ऐसे हों कि अलग दिखें। क्योंकि हमारे यहां लाल रंग दुर्गा माता का हो गया, शिव जी के लिए कुछ लोग काला रंग मानते हैं और हरा रंग इस्लाम का हो गया। ऐसे में हमारे सामने ये भी चैलेंज था कि इनके लिए रंग क्या काम में लें। तो बाद में ये आइडिया आया कि इनकी गाड़ी का ही रंग काम में लेंगे। सीट का रंग गुलाबी और बॉडी नीली है तो मुख्य किरदार ठाकुर साहब के जाने के बाद लोगों ने यही कलर उठा लिए और वो कलर ही उनकी आइडेंटिटी बन जाते हैं। सवाल : ओम बन्ना (बुलेट बाबा) की सच्ची घटना आपको पहली बार कब और कैसे पता चली? जवाब : मेरी दादी मां ने इसके बारे में मुझे बताया था। मैं खुद जयपुर से हूं तो पूरा बचपन यहीं मालवीय नगर के आस-पास ही बीता है। दादी मां मुझे खाटू श्याम जी, सालासर और कई मंदिरों में ले जाती थीं तो ये सब देखा हुआ ही है। अब ये याद नहीं है कि वहां पहली बार कब गया था। आप जयपुर में हैं तो गोविंददेव जी कैसे पता हैं? बस यही मामला है। शायद मैं नौवीं क्लास में था जब हम जोधपुर गए थे, तब की बात होगी। तब लगा था कि कमाल है भाई, ये क्या चीज है! बाद में इसी इंस्पिरेशन को लेकर फिल्म बनाई है। सवाल : फिल्म में मुख्य किरदार की मौत के बाद बाइक (लूना) का ‘चमत्कार’ दिखाया गया है? क्या आपने असली ओम बन्ना घटना के गवाहों या स्थानीय लोगों से बात की थी? जवाब : हां, उनकी कहानी तो हमने सुनी हुई है। मैं सीधा जोधपुर और पाली के अपने रिश्तेदारों को फोन लगाता था और वो बताते थे। इसके अलावा न्यूज पर भी काफी मटेरियल था। फिल्म में एक सीन है कि जब रिपोर्टर आता है तो वो भी एंड तक बुलेट पर ही दिखता है। ये आइडिया हमें एक न्यूज से ही मिला था। स्टोरी की रिसर्च तो ऐसी है कि सब देखा हुआ है, पर जो मेन रिसर्च थी वो आर्ट और डिजाइनिंग में थी। इसके लिए हमने पेंटिंग्स का सहारा लिया था। हमने पिक्चर में काफी चीजें लोगों को पेंटिंग्स के जरिए भी समझाने का प्रयास किया है। ये लोकल हैंड पेंटर ने किया और इसमें काफी मेहनत लगी है। सवाल: फिल्म में कॉमेडी-सटायर के रूप में क्यों चुना गया? जवाब : मैं इस फिल्म से दोनों पॉइंट ऑफ व्यू बताना चाह रहा था। लोग देखें तो उन्हें लगे कि ये क्या है? इसीलिए हमने जब इसे ग्लोबली दिखाया तो फिल्म के बीच में इंटरवल के समय डिस्क्लेमर डाला कि ये रियल घटना पर बनाई गई फिल्म है। अगर हम ये स्टार्टिंग में डाल देते तो उन्हें लगता कि ऐसे ही लिख रखा है। अब ज्यादा मैं आपको बता नहीं सकता, लेकिन फिल्म के अंत में आप मानेंगे कि सटायर तो है, पर इसके साथ ही वो पहलू भी समझेंगे कि कुछ ऊपरी ताकतें हैं, जिन्हें डिस्क्राइब नहीं किया जा सकता, पर वो हैं। इंसान का काम ही यही है कि ऐसी चीजों के लिए सवाल करो। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म रिलीज के बाद कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस मान सकते हैं? आप ऐसे विवाद को कैसे हैंडल करते हैं? जवाब : अब जब कोई फिल्म देखेगा तो उसे पता चल जाएगा कि कुछ पावर तो है। बाकी जिसने नहीं देखी है, उसे तो क्या ही कह पाऊंगा। आप फिल्म देखेंगे तो समझ ही जाएंगे कि मैंने अपना काम
मैहर में दादी करा रही थी बाल विवाह:कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रोकी; कानून के बारे में बताया

मैहर जिले के ग्राम रामगढ़ में प्रशासन ने बुधवार रात करीब 8 बजे एक नाबालिग का बाल विवाह रुकवाया। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी को बाल विवाह की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अमरपाटन एसडीएम डॉ. आरती सिंह के मार्गदर्शन में महिला और बाल विकास विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और विवाह रुकवाया। यहां करीब 13 साल की लड़की का विवाह कराया जा रहा था। बच्ची की दादी ही करा रही थी शादी बालिका के माता-पिता का निधन हो चुका है और वह अपनी दादी के साथ रह रही है। दादी ही उसका बाल विवाह करा रही थी। थाना प्रभारी ताला महेंद्र मिश्रा और नायब तहसीलदार अनिल सिंह को सूचना मिलते ही वे रात करीब 8 बजे ग्राम रामगढ़ पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बालिका की दादी और अन्य परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। समझाइश के बाद परिजनों ने विवाह तुरंत रोकने पर सहमति जताई और यह आश्वासन दिया कि बच्ची का विवाह 18 साल की आयु पूरी होने से पहले नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की गई। साथ ही परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके कानूनी पहलुओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
छतरपुर में चाट दुकानदार को अगवा करने की कोशिश, VIDEO:बस स्टैंड पर दबंगों ने मारपीट कर गाड़ी में बैठाने का किया प्रयास

छतरपुर : जिले के भगवां थाना क्षेत्र के रामटौरिया बस स्टैंड पर दिनदहाड़े एक चाट दुकानदार के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दबंगों ने सरेआम दुकानदार के साथ मारपीट की और उसे जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों की सतर्कता से वारदात नाकाम हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुरानी रंजिश में हमला, बीच बाजार मचा हड़कंप जानकारी के अनुसार पीड़ित जग्गी पटेल रामटौरिया बस स्टैंड पर चाट का ठेला लगाता है। बुधवार को वह रोज की तरह दुकान चला रहा था, तभी पुरानी रंजिश के चलते गौरीशंकर यादव हलावनी अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा। दोनों ने अचानक दुकानदार पर हमला बोल दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मारपीट कर जबरन गाड़ी में डालने की कोशिश प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपियों ने पहले जग्गी के साथ जमकर मारपीट की और फिर उसे घसीटते हुए अपनी गाड़ी की ओर ले जाने लगे। वे उसे जबरदस्ती वाहन में डालकर अगवा करना चाहते थे। इस दौरान दुकानदार की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और बीच-बचाव किया। भीड़ की हिम्मत से नाकाम हुई वारदात स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर आरोपियों को घेरने की कोशिश की, जिससे घबराकर दोनों मौके से फरार हो गए। लोगों की तत्परता से दुकानदार की जान बच गई। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। बस स्टैंड पर सुरक्षा पर उठे सवाल दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चलती कार में आग, 5 जिंदा जले:गाड़ी में से सिर्फ जली हड्डियां मिलीं, MP के रहने वाले थे

अलवर के मौजपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर चलती कार में आग लग गई। हादसे में 5 लोग जिंदा जल गए। रेस्क्यू टीम को आग बुझाने के बाद अर्टिगा कार में से केवल हड्डियां मिलीं हैं। कार ड्राइवर आग लगते ही बाहर कूद गया था। उसे गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया है। जानकारी के अनुसार कार सवार मध्य प्रदेश के श्योपुर के रहने वाले थे। वैष्णो देवी से दर्शन कर वापस श्योपुर लौट रहे थे। पुलिस को आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। एक्सीडेंट बुधवार रात 11 बजे हुआ। CNG के कारण भड़की आग अलवर ASP प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि रात करीब 11.15 बजे लक्ष्मणगढ़ पुलिस को कार में आग की जानकारी मिली थी। रात करीब 11.30 बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई थी। आग बुझाने में करीब 15 मिनट का समय लगा। आशंका है कि सीएनजी के कारण आग तेजी से भड़की थी। इसलिए कार सवारों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। ड्राइवर की हालत गंभीर है। पोटलियों में रखी हड्डियां, मृतकों में एक नाबालिग पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में 3 महिलाएं, एक नाबालिग बच्ची और एक पुरुष है। ये सब श्योपुर के चैनपुर के रहने वाले थे। सभी की केवल हड्डियां मिलीं हैं, इन्हें अलग-अलग पोटलियों में रखा गया है। शवों की पहचान के लिए डीएनएल सैम्पल लिए जाएंगे। …. एक्सप्रेसवे पर गाड़ी में आग से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पिकअप में 4 लोग जिंदा जले:3 की मौत, सीट पर चिपक गए शव, एक गंभीर घायल जयपुर रेफर अलवर के रैणी एरिया में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चार महीने पहले एक पिकअप में आग लग गई थी। हादसे में 3 लोगों की बुरी तरह जलने से मौके पर ही मौत हो गई। पूरी खबर पढ़िए…







