कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’
कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।’ कौन हैं सौरव दास
सेंसेक्स में 600 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,400 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 200 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 200 अंक की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में आज सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 28 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 28 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 69 अंक की गिरावट के साथ 76,765 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 10 अंक गिरा, ये 23,985 के स्तर पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स में 800 अंक से ज्यादा की बढ़त:77,600 पर कारोबार कर रहा, निफ्टी भी 250 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 29 जुलाई को गिरावट है। सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 77,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 250 अंक की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और बैंकिंग शेयर्स में आज सबसे ज्यादा खरीदारी है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार 28 जुलाई को अमेरिकी बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 28 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 69 अंक की गिरावट के साथ 76,765 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 10 अंक गिरा, ये 23,985 के स्तर पर बंद हुआ था।
यूक्रेन में जहाज पर हमलें में 13 भारतीय फंसे:भारत ने सुरक्षित वापसी की अपील की, 15 क्रू मेंबर सवार थे

यूक्रेन में जहाज पर हमले में 13 भारतीय फंस गए हैं। ‘एमवी अमीर 1’ नाम का जहाज ड्रोन और मिसाइल हमलों की चपेट में आ गया। इसके बाद इंडियन सीमेन यूनियन ने इस मामले में तुरंत मदद की अपील की है। यूनियन के मुताबिक, जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश हो रही है। ऐसे में चालक दल के सदस्य हर समय इस डर में जी रहे हैं कि किसी भी वक्त जहाज सीधे हमले की चपेट में आ सकता है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम-पेमेंट्स-बैंक को बंद करने का आदेश दिया:आरबीआई ने दी जानकारी, नियमों के उल्लंघन पर रद्द हुआ था बैंकिंग लाइसेंस

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को बंद करने का आदेश दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कोर्ट ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनीज एक्ट, 2013 के प्रावधानों के तहत यह फैसला सुनाया है। 8 जुलाई से प्रभावी हुआ आदेश आरबीआई के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2026 के आदेश और 22 जुलाई 2026 के आदेश के साथ यह निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व सीजीएम गिरीकुमार एम नायर को पीपीबीएल का आधिकारिक लिक्विडेटर नियुक्त किया है। नायर 8 जुलाई 2026 से बैंक के बोर्ड की सभी शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे। उन्हें बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट और कंपनीज एक्ट के तहत निर्धारित सभी अधिकार दिए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर रद्द हुआ था लाइसेंस आरबीआई ने इस साल अप्रैल में पीपीबीएल का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक का कामकाज जमाकर्ताओं के हितों के खिलाफ था। इससे पहले मार्च 2022 में भी बैंक पर नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई गई थी। उस समय बैंक में गंभीर पर्यवेक्षी चिंताएं देखी गई थीं और उसे आईटी सिस्टम का ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया था। पहले भी लगाई गई थीं पाबंदियां पेटीएम पेमेंट्स बैंक विजय शेखर शर्मा की फिनटेक कंपनी पेटीएम की सहयोगी फर्म है। लाइसेंस रद्द करने से पहले 31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 को बैंक पर कई व्यावसायिक प्रतिबंध लगाए गए थे। इसमें ग्राहकों के खातों, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स और वॉलेट में किसी भी तरह की नई जमा, क्रेडिट या टॉप-अप की सुविधा पर रोक शामिल थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम-पेमेंट्स-बैंक को बंद करने का आदेश दिया:RBI ने जानकारी दी, नियमों के उल्लंघन पर बैंकिंग लाइसेंस रद्द हुआ था

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के लाइसेंस रद्द किए जाने के कुछ महीनों बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है। RBI ने मंगलवार को इस कानूनी फैसले की जानकारी दी। हाईकोर्ट ने SBI के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर गिरिकुमार एम नायर को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का ऑफिशियल लिक्विडेटर नियुक्त किया है। नायर 8 जुलाई 2026 से बैंक के बोर्ड की सभी पावर का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में क्या कहा गया? RBI ने बयान में बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2026 के आदेश और 22 जुलाई 2026 के आदेश के साथ यह निर्देश जारी किया है। यह कार्रवाई बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनीज एक्ट, 2013 के प्रावधानों के तहत की गई है। कोर्ट ने लिक्विडेटर को बैंकिंग और कंपनीज एक्ट के तहत तय सभी अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए कहा है। अप्रैल 2026 में रद्द हुआ था बैंक का लाइसेंस RBI ने लगातार नियमों का पालन न करने की वजह से अप्रैल 2026 में पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। उस समय RBI ने कहा था कि बैंक का कामकाज डिपॉजिटर्स के हितों के खिलाफ चलाया जा रहा। लाइसेंस रद्द करने के साथ ही RBI ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वह बैंक को बंद कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करेगा। पेटीएम बैंक पर कब-कब हुई कार्रवाई? विजय शेखर शर्मा की लीडरशिप वाली फिनटेक कंपनी पेटीएम की सहयोगी कंपनी पेटीएम पेमेंट्स बैंक को पिछले कुछ सालों में कई बार कड़े नियमों का सामना करना पड़ा… ये खबर भी पढ़ें… फ्रांस में इन्फोसिस पर 2 करोड़ का जुर्माना: वर्किंग आवर्स का सही रिकॉर्ड न रखने का आरोप, वहां हफ्ते में 35 घंटे काम का नियम फ्रांस के श्रम अधिकारियों ने इन्फोसिस पर 1.75 लाख यूरो यानी करीब 2 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी की कर्मचारियों के काम के घंटे रिकॉर्ड करने वाली प्रणाली कानूनी जरूरतों के मुताबिक नहीं पाई गई। यह जुर्माना फ्रांस की रिजनल लेबर अथॉरिटी DRIEETS इले-डी-फ्रांस ने लगाया है। इन्फोसिस ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस मामले की जानकारी दी है। पूरी खबर पढ़ें…
विजय के बाद शिल्पा शेट्टी के नाम से फर्जी पोस्ट:एक्ट्रेस ने भड़ककर कहा- मेरे नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे; दावा था- आरक्षण पर बयान दिया

एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के नाम से आरक्षण पर फर्जी पोस्ट वायरल हो गई। जानकारी मिलने पर एक्ट्रेस भड़क गईं और उन्होंने साफ किया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल हो रहा है। शिल्पा शेट्टी ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, आरक्षण को लेकर मेरे नाम से जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं। मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। कुछ लोग जानबूझकर मेरे नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और फर्जी खबर फैला रहे हैं। ऐसी फर्जी न्यूज पर बिल्कुल भरोसा मत कीजिए।” विजय वर्मा ने भी फर्जी पोस्ट वायरल होने पर दी सफाई हाल ही में एक्टर विजय वर्मा के नाम से भी रिजर्वेशन पर एक पोस्ट वायरल हो गई। पोस्ट में विजय के नाम से लिखा गया था, “मेरे पिता ने मारुति 800 खरीदी थी, जब मैं पैदा हुआ था। जब मैं 12वीं कक्षा में पहुंचा, तब उन्होंने होंडा सिटी खरीदी। मैं उसी कार से कॉलेज जाता था, जबकि मेरा सबसे अच्छा दोस्त, जो एक मारवाड़ी परिवार से था, अब भी 12 साल पुरानी हीरो होंडा बाइक चलाता था। हमने एक सरकारी नौकरी की परीक्षा दी। उसने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उसे सीट नहीं मिली। नतीजे वाले दिन वह रोते हुए घर लौटा, जबकि मैं मुस्कुराते हुए घर गया। मैं उस आरक्षण का हकदार नहीं था, लेकिन मुझे वह मिला। अगर मेरा नहीं, तो कम से कम उसके लिए तो निष्पक्ष मौका उसका अधिकार था।” पोस्ट वायरल होने के बाद विजय ने सफाई देते हुए कहा, “मैंने यह कभी पोस्ट नहीं किया। यह पूरी तरह झूठ है।” रिजर्वेशन पर क्यों वायरल हो रही हैं सेलेब्स की पोस्ट नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन के बाद शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफा दे दिया है। इस मुद्दे पर जीत के बाद कई लोग जनरल कैटेगरी के लोगों को सामान्य अधिकार न मिलने पर सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसके लिए भी विरोध करने की बात कही, जिसके बाद से ही रिजर्वेशन का मुद्दा गरम हो गया। इसी बीच सेलेब्स को इससे जोड़ा जा रहा है।
फ्रांस में इन्फोसिस पर लगा करीब 2 करोड़ का जुर्माना:काम के घंटे रिकॉर्ड करने वाली प्रणाली नियमों के मुताबिक नहीं पाई गई

फ्रांस के श्रम अधिकारियों ने इन्फोसिस पर 1.75 लाख यूरो यानी करीब 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी की कर्मचारियों के काम के घंटे रिकॉर्ड करने वाली प्रणाली कानूनी जरूरतों के मुताबिक नहीं पाई गई। यह जुर्माना फ्रांस के क्षेत्रीय श्रम प्राधिकरण DRIEETS इले-डी-फ्रांस ने लगाया है। इन्फोसिस ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस घटनाक्रम की जानकारी दी है। कंपनी ने बताया कि उसे जुर्माना वसूली के संबंध में प्राधिकरण से सूचना मिली है। काम के घंटों को लेकर चिंताएं जांच में सामने आया कि कंपनी की वर्किंग-टाइम रिकॉर्डिंग प्रणाली फ्रांस के श्रम नियमों का पूरी तरह पालन नहीं करती थी। प्राधिकरण ने सिस्टम की विश्वसनीयता, ऑडिट योग्य रिकॉर्ड बनाए रखने की क्षमता और कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए निगरानी क्षमताओं पर चिंता जताई है। फ्रांसीसी श्रम कानून के तहत, नियोक्ताओं को कर्मचारियों के काम के घंटों का सटीक रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। इसमें देश के 35 घंटे के कार्य सप्ताह, ओवरटाइम की सीमा और अनिवार्य आराम के समय का पालन शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिकॉर्ड विश्वसनीय और जरूरत पड़ने पर ऑडिट के योग्य होने चाहिए। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में यह स्पष्ट नहीं है कि ये निष्कर्ष इन्फोसिस के किन कर्मचारियों से संबंधित हैं। साथ ही, इसमें यह भी नहीं बताया गया है कि क्या कंपनी को टाइम-रिकॉर्डिंग सिस्टम में बदलाव करने का निर्देश दिया गया है। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा कि फ्रांस में पूर्णकालिक स्थायी काम आमतौर पर 35 घंटे का होता है और अनुबंध अधिकतम 48 घंटे तक जा सकते हैं। ऑफिस के समय के बाद, सप्ताहांत और छुट्टियों पर कर्मचारियों से संपर्क करना वहां अवैध है। एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की कि अब फ्रांसीसी कर्मचारी अपना सामान्य काम करेंगे और काम का बोझ भारत शिफ्ट हो जाएगा, क्योंकि यहां कॉर्पोरेट गुलामी सामान्य है। एक तीसरे यूजर ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि कई युवा विदेशी कार्य संस्कृति पसंद करते हैं। भारत में कई नियोक्ता वर्क-लाइफ बैलेंस की अनदेखी करते हैं, जबकि सरकार छह दिन के कार्य सप्ताह के खिलाफ मजबूत कानून बनाने या 40 घंटे से अधिक के लिए सख्त ओवरटाइम भुगतान अनिवार्य करने में विफल रही है। नारायण मूर्ति का 9-9-6 वर्क कल्चर विवाद यह जुर्माना कंपनी में काम के घंटों को लेकर चल रही बहस के बीच लगा है। इन्फोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति पहले भारतीय कर्मचारियों के लिए लंबे काम के घंटों की वकालत कर चुके हैं। उनका तर्क है कि देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए अधिक प्रयास की जरूरत है। चीन की 9-9-6 कार्य संस्कृति का जिक्र करते हुए मूर्ति ने कहा था कि बिना कड़ी मेहनत के कोई भी व्यक्ति, समुदाय या देश आगे नहीं बढ़ा है। उन्होंने इस शेड्यूल को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, सप्ताह में छह दिन काम करने के रूप में वर्णित किया था।
चांदी ₹6,543 गिरकर ₹2.18 लाख पर आई:इस साल ₹12 हजार सस्ती हो चुकी, सोने के दाम में आज ₹1,907 की गिरावट

सोने-चांदी की कीमतों में 28 जुलाई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 6,543 रुपए सस्ती होकर 2.18 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,907 रुपए गिरकर 1.43 लाख रुपए पर आ गया है। इस साल सोने में अब तक तेजी रही इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 10 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 12 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.18 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोना इस साल 1.60 लाख तक जा सकता है कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है।







