‘उन्होंने एक कलाबाज़ी की’: रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस, एसपी पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 10:27 IST यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने के विपक्ष के सुझाव पर विचार करने को तैयार है, रिजिजू ने इसे एक राजनीतिक स्टंट बताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू लोकसभा में बोलते हैं (छवि: संसद टीवी/पीटीआई) संवैधानिक संशोधन विधेयक की हार के साथ बजट सत्र की विशेष बैठक समाप्त होने के दो दिन बाद, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने शुरू में सरकार को समर्थन का आश्वासन देने के बाद “कलाबाज़ी” की थी। से विशेष रूप से बात कर रहा हूँ सीएनएन-न्यूज18रिजिजू ने कहा, “किसी ने (सरकार में) सपने में भी नहीं सोचा था कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक को हरा देगा। उन सभी ने 2023 में विधेयक का समर्थन किया था। उन्होंने 2026 में कलाबाज़ी की। विपक्ष के साथ हमारे परामर्श के दौरान (विशेष बैठक से पहले), किसी भी पार्टी ने (बिलों का) विरोध नहीं किया।” यह पूछे जाने पर कि क्या समाजवादी पार्टी (एसपी) जैसे दलों ने परामर्श के दौरान समर्थन का आश्वासन दिया था, रिजिजू ने कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रयास किया। सभी से बात की। अचानक एसपी मुस्लिम महिलाओं के लिए कोटा के इस विचार के साथ आई। यह भारतीय संविधान के तहत संभव नहीं है। वे सिर्फ बहाने ढूंढ रहे थे,” उन्होंने कहा। मंत्री ने कहा कि जाति जनगणना के कारण विधेयक लाना जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि 2023 विधेयक आरक्षण के कार्यान्वयन के लिए जनगणना और परिसीमन को अनिवार्य बनाता है। उन्होंने कहा, “लेकिन जाति जनगणना में समय लग रहा है, इसलिए, हम यह सुनिश्चित करने के लिए विधेयक लाए हैं कि महिलाओं को 2029 तक आरक्षण मिले।” मंत्री ने विपक्ष की इस कहानी को भी चुनौती दी कि जब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के बीच विशेष सत्र बुलाया गया तो सरकार के दिमाग में चुनावी लाभ था। उन्होंने कहा, “चुनाव एक सतत प्रक्रिया है। अक्टूबर में मतदान का एक और दौर शुरू होगा, फिर मार्च में। तो क्या हमें चुनाव के कारण राष्ट्र निर्माण से संबंधित सभी काम रोक देना चाहिए? नरेंद्र मोदी सरकार जल्दबाजी में है। इस देश की महिलाओं ने आरक्षण के लिए 40 साल तक इंतजार किया है। हम इसे पहले अवसर पर लागू करना चाहते थे।” मंत्री ने महिला आरक्षण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन यह पूछे जाने पर कि क्या संवैधानिक संशोधन विधेयक अगले सत्र में वापस लाया जाएगा, उन्होंने कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आरक्षण लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इस स्तर पर अगले कदम की बारीकियों का खुलासा नहीं किया जा सकता है। विपक्षी लोकसभा सांसदों ने सवाल किया था कि विधेयक में राज्यों में 50 प्रतिशत सीट वृद्धि के प्रस्ताव का उल्लेख क्यों नहीं किया गया। रिजिजू ने कहा, “अंतिम प्रस्ताव परिसीमन आयोग से आएगा। सरकार केवल एक विस्तृत रूपरेखा दे सकती है, जो हमने किया।” उन्होंने कहा, “लेकिन अगर विपक्ष सहमत था तो गृह मंत्री अमित शाह ने एक संशोधित विधेयक का प्रस्ताव भी रखा। हमने संशोधित विधेयक को वापस लाने के लिए सिर्फ एक घंटे का समय मांगा, लेकिन विपक्ष ने उसे भी खारिज कर दिया क्योंकि वे महिला आरक्षण को हराने के लिए कोई बहाना चाहते थे।” यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार 543 सांसदों वाली मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने के विपक्ष के सुझाव पर विचार करने को तैयार है, रिजिजू ने इसे एक राजनीतिक स्टंट बताया। मंत्री ने कहा, “प्रियंका गांधी वाड्रा को एक महिला होने के नाते अपने भाई के भ्रामक रुख के खिलाफ स्टैंड लेना चाहिए था। अब विकल्प सुझाने का क्या मतलब है? कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियां जैसे टीएमसी, डीएमके, एसपी कभी भी महिला विरोधी होने का दाग नहीं धो पाएंगी। महिला मतदाता उन्हें बंगाल से शुरुआत करके सबक सिखाएंगी।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 21 अप्रैल, 2026, 10:27 IST समाचार राजनीति ‘उन्होंने कलाबाज़ी खेली’: रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस, एसपी पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण बिल(टी)महिला आरक्षण(टी)संवैधानिक संशोधन बिल(टी)किरेन रिजिजू साक्षात्कार(टी)विपक्ष सोमरस(टी)जाति जनगणना भारत(टी)परिसीमन आयोग(टी)भारतीय संसद बहस
ABV-IIITM सहायक रजिस्ट्रार मामले में बड़ा फैसला:हाईकोर्ट ने कहा- चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म, जॉब जॉइन के बाद जांच पर रोक

ग्वालियर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार की नियुक्ति विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति को बार-बार जांच के दायरे में लाना उचित नहीं है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह बार-बार जांच करना कर्मचारी के अधिकारों के साथ अन्याय होगा। अदालत ने यह भी माना कि एक बार वैधानिक प्रक्रिया पूरी हो जाए तो उसे अनावश्यक रूप से विवादित नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि चयन प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी नहीं थी। लिखित परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी, जबकि अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर किया गया, जो नियमों के अनुरूप था। अदालत ने कहा कि चयन प्रक्रिया को पहले ही बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से मंजूरी मिल चुकी थी, ऐसे में तकनीकी त्रुटियों के आधार पर इसे चुनौती देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि न तो किसी असफल अभ्यर्थी ने चयन को चुनौती दी और न ही पक्षपात का कोई ठोस आरोप सामने आया। SBI छोड़कर जॉइन किया था पद मामला संदीप उपाध्याय की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नौकरी छोड़कर साल 2019 में संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार पद पर जॉइन किया था। नियुक्ति के बाद कुछ शिकायतों के आधार पर संस्थान ने कई जांच समितियां गठित कीं। इन समितियों ने चयन प्रक्रिया, पे प्रोटेक्शन और प्रोबेशन अवधि पर सवाल उठाए। यहां तक कि नियुक्ति रद्द करने की सिफारिश भी कर दी गई थी।
लेंसकार्ट शोरूम घेराव, तिलक-कलावा पर बवाल:भोपाल में हिंदू संगठनों ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, बोले- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने यहां कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कहा- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कॉरपोरेट कंपनियों को कहा- सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान हुआ, तो आगे भी इसी तरह सख्त विरोध किया जाएगा। भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अगर हमने कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, तो जरूरत पड़ने पर उसे नीचे लाने का काम भी करेंगे। लेंसकार्ट शोरूम में ड्रेस कोड विवाद से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग गुजर जाइए…
सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार, 21 अप्रैल को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 100 अंक की बढ़त है, ये 24,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त और 5 में गिरावट है। रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार 20 अप्रैल को गिरकर बंद हुए शेयर बाजार में सोमवार को मामूली बढ़त रही थी शेयर बाजार में सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही।
सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार, 21 अप्रैल को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 100 अंक की बढ़त है, ये 24,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त और 5 में गिरावट है। रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार 20 अप्रैल को गिरकर बंद हुए शेयर बाजार में सोमवार को मामूली बढ़त रही थी शेयर बाजार में सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही।
लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री पर विवाद:पंजाब कांग्रेस प्रधान ने कंपनी को नोटिस भेजा; कहा-निर्दोष लोगों को मारा जो भुलाए नहीं जा सकते

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के कथित साजिशकर्ता गैंगस्टर लॉरेंस के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ “लॉरेंस ऑफ पंजाब” को लेकर विवाद तेज हो गया है। इस मामले में अब पंजाब कांग्रेस भी सामने आई है। कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस फिल्म के खिलाफ प्रोडक्शन कंपनी को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि यह न तो सुर्खियों के लिए है और न ही राजनीति के लिए। यह उन हर माताओं के लिए है जो आज भी अपने बेटे का इंतज़ार कर रही हैं, जो कभी वापस नहीं लौटेंगे। पंजाब अभी भी अपने जख्मों से उबर रहा है, और इन जख्मों को मनोरंजन या कंटेंट में बदलना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए कहा कि उन सभी निर्दोष लोगों को भी नहीं भुलाया जा सकता जिन्होंने लॉरेंस बिश्नोई जैसे नेटवर्क से जुड़ी हिंसा में अपनी जान गंवाई। उन्होंने आगे कहा कि कुछ कहानियां महिमामंडन के लिए नहीं होतीं और कुछ दर्द बेचने के लिए नहीं होता। राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने कानूनी रास्ता इसलिए चुना क्योंकि चुप रहना एक तरह का विश्वासघात होता। उनके मुताबिक, पंजाब को गरिमा चाहिए, यह सब नहीं। अब राजा वड़िंग की पोस्ट को तीन प्वाइंटों में जानें – 1. सिद्धू मूसेवाला की मौत हर एक पंजाबी और दुनिया भर में उनके लाखों फैंस के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान थी। आज ZEE5 उसी गैंगस्टर पर “लॉरेंस ऑफ पंजाब” नाम की डॉक्यूमेंट्री सीरीज बनाने जा रहा है? 2. यह सिर्फ सिद्धू की बात नहीं है। इस अपराध नेटवर्क के कारण सैकड़ों पंजाबी अपनी जान गंवा चुके हैं। अनगिनत परिवार आज भी दर्द और शोक में जी रहे हैं। यह कोई कंटेंट नहीं है, बल्कि हम सबके लिए एक थप्पड़ है। 3. भगत सिंह पंजाब की पहचान हैं। हमारे सैनिक पंजाब की पहचान हैं। हमारे किसान पंजाब की पहचान हैं। कोई गैंगस्टर नहीं, कभी भी नहीं। मैं इसके खिलाफ PIL दायर कर रहा हूं। इस सीरीज पर रोक लगनी चाहिए। अब बहुत हो गया। 27 अप्रैल को रिलीज होनी है ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और पंजाब में अपराध की संस्कृति पर आधारित है। इस सीरीज का निर्देशन राघव डार ने किया है और इसमें लॉरेंस बिश्नोई की छात्र राजनीति से लेकर एक बड़े अपराधी बनने तक की यात्रा को दिखाया गया है। यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज की जाएगी और इसकी रिलीज तारीख 27 अप्रैल 2026 तय की गई है। ट्रेलर रिलीज के बाद पंजाब में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पंजाब कांग्रेस ने इस सीरीज को बैन करने की मांग की है, उनका कहना है कि इससे अपराधी का महिमामंडन हो सकता है। 2.16 मिनट की ट्रेलर को तीन प्वाइंटों जाने – 1. डॉक्यूमेंट्री का जो ट्रेलर रिलीज हुआ है, उसमें बताया गया है कि 1989- 1980 के दौर में पंजाब ने मिलिटेंसी का काला समय देखा। उस समय हालात ऐसे थे कि हर किसी को यह चिंता नहीं थी कि घर में खाने को रोटी है या नहीं, बल्कि हथियार होना ज्यादा जरूरी समझा जाता था। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत दिखाई गई है, जिसमें पत्रकार बताते हैं कि पंजाब के गैंगस्टरों का कोई ठोस मकसद नहीं होता। शो-ऑफ, नाम और फेम ही उन्हें आकर्षित करते हैं। एक सीनियर पत्रकार बताते हैं कि पहले पंजाब का कल्चर ऐसा था जहां भगत सिंह जैसे लोग हीरो माने जाते थे। अब लारेंस बिश्नोई हीरो है। 2. ट्रेलर में दिखाया गया है कि लॉरेंस के शूटर ने सलमान खान के घर पर गोलियां चलाईं। कपिल शर्मा, गिप्पी गरेवाल और रोहित शेट्टी के यहां भी फायरिंग करवाई गई। इसके बाद जेल में बंद लॉरेंस को दिखाया गया है। सिद्धू मूसेवाला की हवेली के दृश्य भी नजर आते हैं, जिसके बाद हत्या से जुड़ी कहानी को दिखाया जाता है। इसमें गोल्डी बराड़ से जुड़ी स्क्रीन शॉट जैसी चीजें भी दिखाई गई हैं। 3. चंडीगढ़ के एक पुलिस अधिकारी का बयान भी इसमें शामिल हैं, जो कहते हैं कि इस तरह की राह में सिर्फ नुकसान होता है। ऐसे लोग या तो पूरी जिंदगी जेल में रहते हैं या मारे जाते हैं। सूफी सिंगर हंसराज का भी इंटरव्यू है, जिसमें वे कहते हैं कि अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरा ही मिलता है, लेकिन हम किसी की जिंदगी का किस्सा खत्म कर देते हैं। लॉरेंस का पंजाब और चंडीगढ़ से लिंक जानिए 1. चंडीगढ़ से पढ़ाई और छात्र राजनीति लॉरेंस बिश्नोई ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई चंडीगढ़ में की। कॉलेज के समय से ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। 2012 में सेक्टर-10 के DAV कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान दो छात्र संगठनों में झगड़ा हुआ, जिसमें उस पर गेट तोड़ने और फायरिंग करने के आरोप लगे। चंडीगढ़ में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और चोरी जैसे कई मामले दर्ज हुए। इसके बाद वह पीछे नहीं मुड़ा। वह कॉलेज टाइम में छात्र राजनीति में सक्रिय था। उसके साथ राजनीति करने वाले उस समय के कई लोग आज पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। 2. सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड 2022 में पंजाब के मानसा में सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसे मुख्य साजिशकर्ता माना गया। इसके अलावा 2025 में चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में ‘पैरी’ नाम के युवक की हत्या और बुड़ैल में प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की हत्या में भी उसके गैंग का नाम सामने आया। पैरी कभी लॉरेंस का दोस्त था और ये सभी साथ पढ़ते थे। 3. जेल से टीवी इंटरव्यू 2023 में लॉरेंस ने पंजाब की जेल में रहते हुए एक नेशनल टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया। यह इंटरव्यू दो चरणों में प्रसारित हुआ। मामला सामने आने के बाद पुलिस पर सवाल उठे और केस हाईकोर्ट तक पहुंच गया। जांच के लिए स्पेशल SIT गठित की गई। हाईकोर्ट ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना। यह इंटरव्यू खरड़ CIA स्टाफ में हुआ था। 4. धमकी और रंगदारी लॉरेंस इस समय साबरमती जेल में बंद है, लेकिन दावा है कि उसका गैंग चंडीगढ़ और पंजाब में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने में सक्रिय है। कई बार धमकी देने और फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। कई लोगों को रंगदारी के लिए कॉल्स भी आ रही हैं।
टीकमगढ़ में यात्री बस पलटी, यात्रियों के सिर पर चोट:घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया; इंदौर से टीकमगढ़ आ रही बस

टीकमगढ़ में आज मंगलवार सुबह बड़ागांव रोड पर एक यात्री बस पलट गई, जिसमें 10 से 15 लोग घायल हो गए। हादसा जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर हनुमान मंदिर के पास क्रॉसिंग के दौरान हुआ। बस सर्विस कंपनी की थी और इंदौर से टीकमगढ़ आ रही थी। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने मौके पर पहुंचकर बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ यात्रियों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अधिकांश को मामूली चोटें लगी हैं। पुलिस फिलहाल घटना के कारणों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता घायलों को उचित इलाज कराना है।
भागीरथपुरा चौकी में युवक की मौत,पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप:मां से कहा था- अंगूठा तोड़ दिया, बहुत मारा है’; सादी वर्दी में घर ले गए थे पुलिसकर्मी

इंदौर के भागीरथपुरा चौकी में श्रीराम पुत्र रमेशचंद झा की मौत के मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने चौकी प्रभारी संजय धुर्वे और सिपाही योगेंद्र कोरव को हटा दिया है। साथ ही, दोनों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। श्रीराम को गाड़ी चोरी के मामले में चौकी लाया गया था, जहां दो दिन तक उसके साथ प्रताड़ना होने की बात सामने आई है। यह जानकारी उसने अपने परिजनों को दी थी। भागीरथपुरा चौकी में श्रीराम ने एसिड पी लिया था, उसकी मौत हो गई। परिवार में उसकी मां, दो भाई, पत्नी और एक बच्चा हैं। सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कराया गया, इस दौरान मौके पर पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। मां का आरोप है कि रविवार को सादी वर्दी में दो पुलिसकर्मी श्रीराम को घर लेकर आए थे। उन्होंने आधार कार्ड मांगा और बातचीत की। इसी दौरान श्रीराम ने बताया कि उसके साथ मारपीट की गई है और उसका अंगूठा काम नहीं कर रहा, उसे तोड़ दिया गया है। परिवार का कहना है कि इसी प्रताड़ना से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। परिवार के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने कहा था कि सोमवार को उसके खिलाफ वाहन चोरी की एफआईआर दर्ज की जाएगी या प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उसे जेल भेजा जाएगा। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि एसिड पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी। फिलहाल, पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। नौकरी, पढ़ाई और 25 लाख की पेशकश पुलिस सूत्रों के मुताबिक, श्रीराम झा के परिवार में उसके बच्चे की पढ़ाई, पत्नी को नौकरी और 25 लाख रुपए की पेशकश अधिकारियों द्वारा इस मामले में आगे कार्रवाई न करने के लिए की गई। बताया जाता है कि 15 अप्रैल 2026 को भी पत्नी ने श्रीराम को लेकर बाणगंगा में शिकायत की थी, जिस पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज की थी। सट्टा कांड में नपे थे एसआई संजय धुर्वे एसआई संजय धुर्वे पहले हीरानगर थाने में पदस्थ थे। विवेचनाओं में गलती के चलते उन्हें हटाकर ग्वालटोली थाने भेजा गया। वहां से बाद में उनका ट्रांसफर विजयनगर हो गया। नाबालिग को सट्टा कांड में फंसाने के मामले में यहां भी उनके खिलाफ कार्रवाई हुई और उन्हें हटा दिया गया। संजय के दोस्तों ने बताया कि उनकी पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने अपने भाई-बहनों की शादी के लिए अब तक खुद शादी नहीं की और लगातार नौकरी करते रहे हैं। जीजा के कारण चल रही थी नौकरी योगेंद्र कोरव ने सबसे पहले श्रीराम को पकड़ा था। बताया जाता है कि दो दिन तक एक ढाबे से योगेंद्र के लिए खाने का इंतजाम किया जा रहा था। बाणगंगा थाने के हेड कॉन्स्टेबल संजय बामने, योगेंद्र के साले हैं, जो तीन बार थाने से हटने के बाद फिर वापस आ चुके हैं। संजय का कुछ समय पहले एक बार वाले से विवाद हुआ था, जिसके चलते उन्हें हटाया गया था। योगेंद्र के साथ वे पहले बाणगंगा में वारंट तामिली का काम देख रहे थे, बाद में उन्हें चौकी पर भेज दिया गया।
जर्मनी के गुरुद्वारे में सिख भिड़े, 11 घायल:गोलक के हिसाब को लेकर बहस के बाद हाथापाई; दावा- संगत पर फायरिंग, आंखों में स्प्रे मारा

जर्मनी के डुइसबर्ग गुरुद्वारे में दो गुटों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान कई सिखों की पगड़ियां जमीन पर गिर गईं। एक सिख ने कृपाण निकालकर हमला कर दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें गुरुद्वारे के अंदर दो गुट एक-दूसरे को पीटते नजर आ रहे हैं। घटना 20 अप्रैल की है। 11 लोग घायल हुए हैं। वहीं, दावा किया जा रहा है कि कुछ लोगों ने बाहर खड़ी संगत पर फायरिंग भी की और आंखों में स्प्रे मारा। बलविंदर सिंह नाम के व्यक्ति ने इस वीडियो को शूट करने के बाद पोस्ट किया है। 15 मिनट 31 सेकेंड के वीडियो में 2 गुटों में विवाद होता दिख रहा है। पुलिस ने झगड़े की सूचना पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। यह झगड़ा तब हुआ, जब गुरुद्वारे की मैनेजमेंट बदलने के बाद गुरुद्वारे की गोलक का हिसाब-किताब किया जा रहा था। फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से गुरुद्वारे के बाहर जर्मन पुलिस तैनात कर दी गई है। झड़प से जुड़ी 4 PHOTOS…. विस्तार से पढ़िए पूरा मामला सत्ता की लड़ाई ने लिया हिंसक रूप प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की जड़ हाल ही में हुए प्रबंधन समिति के चुनाव हैं। बताया जा रहा है कि जो गुट चुनाव हार गया था, वह सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं था। 20 अप्रैल की सुबह जब गुरुद्वारे में संगत मौजूद थी, तब पूर्व कमेटी के लोग जबरन प्रशासन पर कब्जा करने के इरादे से अंदर घुस आए। जर्मन पुलिस ने गुरुद्वारे के बाहर सुरक्षा लगाई घटना की सूचना मिलते ही जर्मन पुलिस गुरुद्वारे पहुंची। पुलिस के अनुसार, इस झड़प में कुल 11 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है और गुरुद्वारे के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कनाडा में पंजाबी के घर सवा करोड़ की चोरी:रोते हुए महिला बोली- 5 माह पहले मकान लिया था, 2 मिनट में सब चला गया कनाडा के मालटन शहर में पंजाबी फैमिली के घर से 2 मिनट के अंदर 1 करोड़ 39 लाख 53 हजार रुपए के गहने और सामान चोरी हो गया। घर की मालकिन ने बताया कि चोरी की घटना के वक्त हम बैसाखी के कार्यक्रम में गुरुद्वारा गए थे। पढ़ें पूरी खबर…
हिमाचल में अगले 4 दिन गर्मी का प्रकोप:तापमान 4°C तक बढ़ेगा, रातें भी गर्म होंगी; 12 शहरों में पारा 30°C के पार

हिमाचल प्रदेश में अगले चार दिनों के दौरान गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 21 से 24 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। इस दौरान तेज धूप खिलेगी। इससे तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होगी। खासकर मैदानी इलाकों में दिन के समय प्रचंड गर्मी लोगों को परेशान करेगी और धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। राज्य के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, जिससे वहां भी गर्मी का असर बढ़ेगा। इसी तरह, अधिक ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम सुहावना होगा और सुबह-शाम ठंड से राहत मिलेगी। ऊंचे क्षेत्रों में बीते सप्ताह बारिश-बर्फबारी के कारण लाहौल स्पीति के कई भागों का न्यूनतम तापमान अभी भी जमाव बिंदू के आसपास है। मगर अब रात के तापमान में भी उछाल आएगा। इससे ऊंचे क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी इलाकों में भी राते गर्म होगी। 12 शहरों में 30 डिग्री पार पहुंचा तापमान बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में उछाल दर्ज किया गया। राज्य के 12 शहरों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया है। ऊना का पारा सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा के साथ 38.4 डिग्री पहुंच गया है। 25-26 अप्रैल को बारिश के आसार हालांकि, यह गर्मी ज्यादा दिन नहीं रहेगी। IMD के मुताबिक 24 अप्रैल की रात को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे 25 और 26 अप्रैल को बारिश के आसार बन रहे हैं। खासकर 26 अप्रैल को पूरे प्रदेश में बारिश हो सकती है। पर्यटन स्थलों पर सुहावना मौसम बेशक, मैदानी इलाकों में ठंड में इजाफा हुआ है, लेकिन राज्य के पर्यटन स्थलों पर मौसम सुहावना बना हुआ है। शिमला का तापमान 25.6 डिग्री, मनाली का 25.4 डिग्री, नारकंडा 19 और कुफरी 20 डिग्री सेल्सियस है। इन इन पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे टूरिस्ट सुहावने मौसम का आनंद उठा रहे हैं।







