राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश:उन पर ब्रिटिश नागरिकता का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- CBI जांच करे

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। जज ने कहा, FIR दर्ज करके मामले को CBI को ट्रांसफर किया जाए। कोर्ट ने यह आदेश कर्नाटक भाजपा के कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता लेने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट को लगाए गए आरोपों की सत्यता पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं थी। कोर्ट ने CBI से मामले की जांच के आदेश भी दिए। 28 जनवरी, 2026 को MP-MLA कोर्ट ने विग्नेश शिशिर की याचिका को खारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा था- ‘मामले में हाईकोर्ट- सुप्रीम कोर्ट से अब तक कोई आदेश पारित नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता की ओर से नागरिकता (सिटीजनशिप) के संबंध में कोई नया या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।’ कोर्ट ने मंत्रालय से ‘टॉप सीक्रेट’ फाइलें ली सुनवाई के दौरान जज सुभाष विद्यार्थी ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन को निर्देश दिए थे कि मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज पेश करें। मंत्रालय ने केस से जुड़ी सभी फाइलें हाईकोर्ट में पेश कीं। विग्नेश शिशिर का दावा है कि उन्होंने कोर्ट के समक्ष ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं। वहां चुनावों में भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की मांग याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, पासपोर्ट एक्ट 1967 और फॉरेनर्स एक्ट 1946 के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता से जुड़ा गंभीर विषय है। शुक्रवार को सुनवाई में यूपी सरकार की तरफ से वकील डॉ. बीके सिंह पेश हुए थे। जबकि केंद्र सरकार का पक्ष वकील एसबी पांडेय ने रखा। याचिकाकर्ता विग्नेश पांडेय की तरफ से बिंदेश्वरी पांडेय कोर्ट में पहुंचे थे। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए। सीजेआई गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था- ‘हम यह याचिका खारिज करते हैं। इसमें कोई आधार नहीं है। ‘याचिका में कहा गया था, ‘कोर्ट राहुल की नागरिकता के बारे में मिली शिकायत पर जल्द फैसला करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश दे।’ याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता जय भगवान गोयल ने ब्रिटेन की कंपनी के 2005-06 के सालाना ब्योरे का जिक्र किया था। इसमें कथित तौर पर राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 बड़े मामले मोदी सरनेम केस में गई थी संसद की सदस्यता मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद 24 मार्च 2023 को राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त 2023 को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। …………………………… यह खबर भी पढ़ें जदयू के ललन सिंह बोले- अखिलेश मेरे मित्र हैं, कांग्रेस के चक्कर में मत पड़िए, सपा प्रमुख मुस्कुराते रहे लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने और सीटों के परिसीमन के लिए तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। इसी बीच, जदयू से मोदी सरकार में मंत्री ललन सिंह ने कहा- अखिलेश जी हमारे मित्र हैं। उनके (कांग्रेस) चक्कर में मत पड़िए, उनको झटका मारिए। बिहार में उनका क्या हुआ, जानते हैं न। लगातार कांग्रेस की सीटें घटती गईं। यह सुनकर अखिलेश यादव मुस्कुराने लगे। पढ़ें पूरी खबर…
गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने:मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ा; ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स लिस्ट में 19वें नंबर पर पहुंचे

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार, उनकी नेटवर्थ 92.6 अरब डॉलर (यानी करीब 8.59 लाख करोड़ रुपए) हो गई है। अभी तक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर शख्स थे। उनकी नेटवर्थ 90.8 अरब डॉलर (यानी करीब 8.42 लाख करोड़ रुपए) है। इलॉन मस्क ब्लूमबर्ग की लिस्ट में टॉप पर हैं। गौतम अडाणी 19वें और मुकेश अंबानी 20वें नंबर पर हैं। एशिया के 5 सबसे अमीर व्यक्ति इस साल अडाणी की संपत्ति 8.1 अरब डॉलर बढ़ी साल 2026 की शुरुआत से अब तक दोनों कारोबारियों की संपत्ति में विपरीत रुझान देखने को मिला है: एक दिन में अडाणी की संपत्ति 3.56 अरब डॉलर बढ़ी शेयर बाजार के पिछले कारोबारी सत्र में जहां सेंसेक्स में 123 अंकों की गिरावट रही, वहीं अडाणी ग्रुप के शेयर बढ़े। महज एक दिन में गौतम अडाणी की वेल्थ में 3.56 अरब डॉलर यानी 33.01 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। इसी उछाल ने उन्हें मुकेश अंबानी से आगे निकलने में मदद की। हालांकि, अंबानी की संपत्ति में भी 7.67 करोड़ डॉलर यानी 71.14 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह अडाणी की रफ्तार के सामने कम रही। इलॉन मस्क दुनिया में सबसे अमीर व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में इलॉन मस्क 656 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पहले नंबर पर बने हुए हैं। उनके बाद लैरी पेज (286 अरब डॉलर) दूसरे और जेफ बेजोस तीसरे नंबर पर हैं। इस साल दुनिया के कई बड़े अमीर व्यक्तियों की संपत्ति घटी है, जिनमें बर्नार्ड अर्नाल्ट (44 अरब डॉलर का नुकसान), बिल गेट्स और वॉरेन बफेट जैसे नाम शामिल हैं। ग्लोबल अमीरों की लिस्ट में टॉप-20 में भारत के दो उद्योगपतियों का होना देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। अडाणी और अंबानी के बीच यह ‘नंबर वन’ की जंग काफी समय से चल रही है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ बदलती रहती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और पोर्ट सेक्टर में अडाणी ग्रुप के विस्तार ने उनकी रैंकिंग सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई है। ————- ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,100 पर कारोबार कर रहा: निफ्टी में भी 50 अंकों की तेजी, 24,250 पर पहुंचा; FMCG शेयरों में खरीदारी आज यानी गुरुवार, 17 अप्रैल को सेंसेक्स 150 अंक (0.21%) की तेजी के साथ 78,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.13%) की तेजी है, ये 24,250 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में FMCG में सबसे ज्यादा खरीदारी है, जबकि मेटल के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। पूरी खबर पढ़ें…
भोजशाला मामले की आज हाईकोर्ट में सुनवाई:हिंदू पक्ष रख चुका अपना पक्ष; अब अंतरसिंह की याचिका पर होगी बहस

धार की ऐतिहासिक भोजशाला मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। आज शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे से मामले की सुनवाई फिर शुरू होगी, जिसमें विभिन्न पक्षों की अहम बहस होने की संभावना है। यह जानकारी याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने दी। आशीष गोयल के अनुसार, अब तक हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और अधिवक्ता विनय जोशी ने न्यायालय में अपना पक्ष विस्तार से रखा है। गोयल ने बताया कि मुख्य याचिकाकर्ता के तौर पर उन्होंने भी कोर्ट के समक्ष अपने तर्क प्रस्तुत किए हैं। आगामी सुनवाई में अंतरसिंह व अन्य की याचिका पर बहस शुरू होने की संभावना है। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ए. के. चितले अपनी दलीलें प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, हिंदू पक्ष की अन्य याचिकाओं में हस्तक्षेपकर्ताओं (इंटरविनर) की ओर से भी बहस होने की उम्मीद है। गोयल ने बताया कि मामले की सुनवाई निरंतर जारी रहेगी। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के महत्वपूर्ण तर्क न्यायालय के समक्ष रखे जाएंगे, जिससे इस प्रकरण में आगे की दिशा तय होगी। उल्लेखनीय है कि भोजशाला विवाद लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का विषय रहा है, जिस पर क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
पंजाब- AAP मंत्री-2 पार्टनरों पर ED रेड:लुधियाना-जालंधर, गुरुग्राम-चंडीगढ़ में 13 ठिकाने खंगाल रही टीमें; CM बोले- लोकतंत्र की हत्या

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के दिग्गज मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED की रेड हुई है। जांच एजेंसी की टीमें शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे ही लुधियाना के गुरदेव नगर स्थित उनके घर (कोठी नंबर- 3311) में पहुंच गईं। इसके बाद बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर अंदर-बाहर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई। जिस वक्त रेड हुई, मंत्री घर पर नहीं थे। लुधियाना के अलावा जालंधर में भी रियल एस्टेट कारोबारी हेमंद सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के ठिकानों पर ED ने रेड की है। सूद हैम्पटन होम्स के डायरेक्टर हैं और संजीव अरोड़ा के करीबी माने जाते हैं। हेमंत सूद के लुधियाना में सराभा नगर स्थित कोठी नंबर 175-I पर भी रेड चल रही है। अग्रवाल की भी अरोड़ा के रियल एस्टेट कारोबार में पार्टनरशिप है। मंत्री और उनके पार्टनर्स के लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ स्थित कुल 13 ठिकानों पर ED की टीमें जांच कर रही हैं। ED से जुड़े सोर्सेज के अनुसार मंत्री पर यह रेड जमीन सौदे को लेकर हुई है। सोर्सेज के मुताबिक ED को शक है कि मंत्री अरोड़ा ने सूद के साथ मिलकर हैम्पटन होम्स वाली जमीन का चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) गलत तरीके से किया। जिसके बाद इंडस्ट्रियल जमीन को रेजिडेंशियल में बदल दिया गया। इसमें नियमों को अनदेखा किया गया। ED की रेड होते ही केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया पर मंत्री संजीव अरोड़ा की फोटो लगाकर लिखा- सब फड़े जाणगे (सब पकड़े जाएंगे)। रेड के बाद CM भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर कहा- पिछले कुछ समय से लोकतंत्र का गला धीरे-धीरे काटा जा रहा है। नॉन बीजेपी सरकारों को तंग किया जा रहा है। डराने-धमकाने की राजनीति जारी है। BJP लोगों से नहीं बल्कि सीबीआई, ED, चुनाव आयोग या डराने वाले दफ्तरों के जरिए चुनाव जीतती है। मैं कहना चाहता हूं कि 2027 की तैयारी करनी है तो लोगों के बीच जाकर करो, ED या CD से नहीं। वहीं, मंत्री संजीव अरोड़ा ने अपने X हैंडल पर लिखा- मैं देश का जिम्मेदार नागरिक हूं और एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगा। मुझे विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी। नीदरलैंड के दौरे पर मंत्री अरोड़ा सूत्रों के मुताबिक संजीव अरोड़ा गुरुवार रात को इन्वेस्ट पंजाब के तहत निवेशकों से मुलाकात करने के लिए नीदरलैंड के दौरे पर रवाना हुए। वह एम्स्टर्डम में वहां के उद्यमियों से मुलाकात करेंगे और पंजाब में निवेश करने को लेकर चर्चा करेंगे। ED रेड से जुड़े बड़े अपडेट्स… मंत्री पर ED रेड से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
जबलपुर में एक घर से मिले 50 चाइनीज चाकू:पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया; अवैध चाकू कारोबार पर रोक लगाने एसपी के निर्देश

जबलपुर में अवैध चाकू सप्लाई के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार रात कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच और माढ़ोताल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मदर टेरेसा क्षेत्र में दबिश देकर पारस जैन को पकड़ा और उसके पास से करीब 50 चाइनीज चाकू बरामद किए। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि माढ़ोताल के एक घर में बड़ी संख्या में चाकू रखकर सप्लाई की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने मौके पर घेराबंदी कर कार्रवाई की। घर की तलाशी में 50 चाइनीज चाकू मिले दबिश के दौरान घर में मौजूद पारस जैन को हिरासत में लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से करीब 50 चाइनीज चाकू बरामद हुए, जिन्हें बेचने की तैयारी थी। आरोपी को गिरफ्तार कर माढ़ोताल थाना पुलिस के हवाले किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि चाकू कहां से लाए गए और किन लोगों को सप्लाई किए जाने थे। एसपी के निर्देश पर चल रही सख्त कार्रवाई जिले में अवैध चाकू कारोबार पर रोक लगाने के लिए एसपी संपत उपाध्याय ने सख्ती के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। गढ़ा थाना में पहले भी हुआ था चाकू बरामदगी मामला करीब तीन महीने पहले गढ़ा थाना पुलिस ने एक जनरल स्टोर से 50 चाइनीज चाकू बरामद किए थे। मामले में ब्रजेश यादव को गिरफ्तार किया गया था, जिसने ओमती के एक व्यक्ति से थोक में चाकू खरीदने की जानकारी दी थी। वर्तमान मामले को उसी नेटवर्क से जोड़कर जांच की जा रही है।
तेलंगाना में SC-ST सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े:राज्य की 242 में से 135 बहुत पिछड़ी; 3.55 लाख लोगों पर सर्वे

तेलंगाना में पिछले साल हुए जातिगत सर्वे की रिपोर्ट में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोग सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े हैं। वहीं, ओबीसी वर्ग 2.7 गुना पिछड़ा है। एससी का पिछड़ापन सूचकांक स्कोर 96, एसटी का 95 और ओबीसी का 86 है। नियम कहता है कि स्कोर जितना ज्यादा होगा, पिछड़ापन उतना ही अधिक होगा। यानी तेलंगाना में इन जाति वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक स्थिति बहुत पिछड़ी है। सामान्य वर्ग का स्कोर 31 है, जो बेहतर स्थिति है। राज्य में 242 जातियां हैं। इनमें से 67% आबादी यानी 135 जातियां बहुत पिछड़ी हैं। यह रिपोर्ट पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाले पैनल ने सर्वे के बाद तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी है। सर्वे पिछले साल राज्य के 3.55 करोड़ लोगों के बीच कराया गया था। सर्व की 7 बड़ी बातें सबसे पिछड़ा, सबसे संपन्न समुदाय कौन सा? सबसे पिछड़ा है एससी वर्ग का दक्कल समुदाय (स्कोर 116)। सामान्य वर्ग का कापु समुदाय सबसे संपन्न (12) है। जैन का स्कोर 13 और ब्राह्मण का 22 है। 1 लाख से कम कमाने वाले एससी परिवार का पिछड़ापन स्कोर 49 है, जबकि उतनी ही आय वाले सामान्य परिवार का स्कोर केवल 16 है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत ने 17 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला:10 साल में गरीबी दर 14% घटी; वर्ल्ड बैंक ने हालिया रिपोर्ट में बताया वर्ल्ड बैंक ने अपनी ‘पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ’ रिपोर्ट में बताया कि भारत बीते एक दशक में गरीबी को कम करने में सफल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक- भारत ने 2011-12 से 2022-23 के बीच बेहद गरीबी में रह रहे 17.1 करोड़ लोगों को बाहर निकाला। पूरी खबर पढ़ें…
शादी पर बोले विजय वर्मा – ‘उम्मीद पर दुनिया टिकी:मटका किंग की स्टारकास्ट बोली- भावनाओं को दबाकर नहीं रख सकते, यही हमें जिंदा रखती है

मटका किंग अपनी दमदार कहानी और 60-70 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इस सीरीज में जुए की दुनिया के जरिए पहचान, इज्जत और सत्ता के खेल को दिखाने की कोशिश की गई है। इसी बीच दैनिक भास्कर ने फिल्म के डायरेक्टर नागराज मंजुले और स्टारकास्ट विजय वर्मा, कृतिका कामरा और साईं तम्हंकर से खास बातचीत की। इस दौरान सभी ने न सिर्फ अपने किरदारों के बारे में खुलकर बात की, बल्कि सीरीज की कहानी, उसके दौर और उसके सामाजिक पहलुओं पर भी दिलचस्प बातें साझा कीं। यह सीरीज सिर्फ एक खेल की नहीं, बल्कि उस दौर और उससे जुड़े लोगों की कहानी को सामने लाने का प्रयास है। नागराज मंजुले- आप हमेशा समाज को रॉ और अनफिल्टर्ड तरीके से दिखाते हैं। मटका किंग में आपने क्या एक्सप्लोर किया है? यह कहानी सिर्फ जुए के खेल की नहीं है, बल्कि उस दुनिया की है जो इसके इर्द-गिर्द बनती है। हम जानते हैं कि मटका खेला जाता था, लेकिन जो लोग इसे खेलते थे, उनकी जिंदगी कैसी थी, यह कम लोग जानते हैं। यह खेल कैसे इतना बड़ा और आकर्षक बना हमने उसी समाज, उस दौर और उन लोगों की कहानी बताने की कोशिश की है। 60-70 के दशक को पर्दे पर जीवंत बनाना कितना चुनौतीपूर्ण रहा और इतनी दमदार स्टारकास्ट के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा? नागराज मंजुले- यह ज्यादा मुश्किल से पहले सोचने का काम होता है। जब आप उस दौर को लिख लेते हैं, तो पूरी टीम उसे साकार करने में जुट जाती है। हमारे पास कॉस्ट्यूम, प्रोडक्शन डिजाइन, म्यूजिक और डीओपी जैसे विभागों में बेहद टैलेंटेड लोग थे, जिन्होंने मिलकर उस समय को जीवंत बनाने की कोशिश की। वहीं स्टारकास्ट के साथ काम करने का अनुभव शानदार रहा, पहली बार इतने बड़े और नामी कलाकारों के साथ काम किया। हर किरदार मजबूत है, ऐसा लगता है जैसे हर खिलाड़ी अपने आप में मैच जिताने वाला है। स्क्रिप्ट में ऐसा क्या खास था और आपके किरदार में ऐसी कौन-सी बात थी, जिसकी वजह से आपने तुरंत इस प्रोजेक्ट के लिए हां कह दी और आप उससे कितना रिलेट कर पाए? विजय वर्मा- सबसे बड़ी वजह थी नागराज मंजुले के साथ काम करने का मौका। मैं उनके काम का हमेशा से फैन रहा हूं, और उनके साथ काम करना अपने आप में खास अनुभव है। स्क्रिप्ट में जो किरदार था, उसमें एक शांत लेकिन गहरी इंटेंसिटी है वह अपने काम को पूरी ईमानदारी से करता है, लेकिन जिस दुनिया का वह हिस्सा है, उसे समाज खुलकर स्वीकार नहीं करता, यही उसका सबसे बड़ा संघर्ष है। जहां तक रिलेट करने की बात है, यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया रही कभी मैं किरदार के बहुत करीब महसूस करता था, तो कभी उससे दूर। कई बार ऐसा भी हुआ कि हम दोनों कहीं बीच में आकर मिले, और वहीं से उस किरदार को समझने का रास्ता बना। ट्रेलर में आपके किरदार के रिश्तों में एक जटिलता और कई परतें नजर आती हैं, इसके बारे में आप क्या कहना चाहेंगी? कृतिका कामरा- इस कहानी में सभी किरदार और उनके रिश्ते जटिल हैं। मेरा किरदार गुलरुख दुबाश एक अलग दुनिया से आता है, लेकिन उसे इस खेल और विजय के किरदार की दुनिया आकर्षित करती है। उसकी अपनी कमियां और इच्छाएं हैं, जो उसे इस सफर का हिस्सा बनाती हैं। आपके किरदार में कितनी लेयर्स देखने को मिलेंगी? साईं तम्हंकर- बहुत सारी लेयर्स हैं। मेरा किरदार ‘बरखा’ ऐसा है जो अपनी भावनाओं को दबाकर नहीं रख सकती। अगर वह कुछ महसूस करती है, तो उसे व्यक्त करना जरूरी है। यह उसकी सबसे बड़ी खासियत है। आजकल ओटीटी और सिनेमा में महिला किरदारों को ज्यादा गहराई मिल रही है। इस पर आपकी राय? साईं तम्हंकर- यह बहुत अच्छा बदलाव है। अब महिला किरदार सिर्फ सजावट नहीं हैं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा हैं। हालांकि अभी भी सुधार की गुंजाइश है। ट्रेलर में एक लाइन है ‘जिंदगी उम्मीद पर टिकी है’। आपकी जिंदगी में उम्मीद का क्या मतलब है? नागराज मंजुले- बस चलते रहना चाहिए। उम्मीद यही है कि आगे अच्छा होगा। विजय वर्मा- मुश्किल वक्त में सिर्फ उम्मीद ही साथ देती है। समय हमेशा बदलता है, और यही भरोसा हमें आगे बढ़ाता है। कृतिका कामरा- उम्मीद ही वह भावना है जो हमें जिंदा रखती है। अगर उम्मीद नहीं, तो कुछ भी नहीं। साईं तम्हंकर- उम्मीद जीवन की ड्राइविंग फोर्स है। इसके बिना जीना मुश्किल है। आखिरी सवाल दर्शक जानना चाहते हैं कि विजय वर्मा कब तक सिंगल रहने वाले हैं? विजय वर्मा- दुनिया उम्मीद पर टिकी है… फिलहाल उम्मीद ही पेट्रोल है!
शादी पर बोले विजय वर्मा – ‘उम्मीद पर दुनिया टिकी:मटका किंग की स्टारकास्ट बोली- भावनाओं को दबाकर नहीं रख सकते, यही हमें जिंदा रखती है

मटका किंग अपनी दमदार कहानी और 60-70 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इस सीरीज में जुए की दुनिया के जरिए पहचान, इज्जत और सत्ता के खेल को दिखाने की कोशिश की गई है। इसी बीच दैनिक भास्कर ने फिल्म के डायरेक्टर नागराज मंजुले और स्टारकास्ट विजय वर्मा, कृतिका कामरा और साईं तम्हंकर से खास बातचीत की। इस दौरान सभी ने न सिर्फ अपने किरदारों के बारे में खुलकर बात की, बल्कि सीरीज की कहानी, उसके दौर और उसके सामाजिक पहलुओं पर भी दिलचस्प बातें साझा कीं। यह सीरीज सिर्फ एक खेल की नहीं, बल्कि उस दौर और उससे जुड़े लोगों की कहानी को सामने लाने का प्रयास है। नागराज मंजुले- आप हमेशा समाज को रॉ और अनफिल्टर्ड तरीके से दिखाते हैं। मटका किंग में आपने क्या एक्सप्लोर किया है? यह कहानी सिर्फ जुए के खेल की नहीं है, बल्कि उस दुनिया की है जो इसके इर्द-गिर्द बनती है। हम जानते हैं कि मटका खेला जाता था, लेकिन जो लोग इसे खेलते थे, उनकी जिंदगी कैसी थी, यह कम लोग जानते हैं। यह खेल कैसे इतना बड़ा और आकर्षक बना हमने उसी समाज, उस दौर और उन लोगों की कहानी बताने की कोशिश की है। 60-70 के दशक को पर्दे पर जीवंत बनाना कितना चुनौतीपूर्ण रहा और इतनी दमदार स्टारकास्ट के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा? नागराज मंजुले- यह ज्यादा मुश्किल से पहले सोचने का काम होता है। जब आप उस दौर को लिख लेते हैं, तो पूरी टीम उसे साकार करने में जुट जाती है। हमारे पास कॉस्ट्यूम, प्रोडक्शन डिजाइन, म्यूजिक और डीओपी जैसे विभागों में बेहद टैलेंटेड लोग थे, जिन्होंने मिलकर उस समय को जीवंत बनाने की कोशिश की। वहीं स्टारकास्ट के साथ काम करने का अनुभव शानदार रहा, पहली बार इतने बड़े और नामी कलाकारों के साथ काम किया। हर किरदार मजबूत है, ऐसा लगता है जैसे हर खिलाड़ी अपने आप में मैच जिताने वाला है। स्क्रिप्ट में ऐसा क्या खास था और आपके किरदार में ऐसी कौन-सी बात थी, जिसकी वजह से आपने तुरंत इस प्रोजेक्ट के लिए हां कह दी और आप उससे कितना रिलेट कर पाए? विजय वर्मा- सबसे बड़ी वजह थी नागराज मंजुले के साथ काम करने का मौका। मैं उनके काम का हमेशा से फैन रहा हूं, और उनके साथ काम करना अपने आप में खास अनुभव है। स्क्रिप्ट में जो किरदार था, उसमें एक शांत लेकिन गहरी इंटेंसिटी है वह अपने काम को पूरी ईमानदारी से करता है, लेकिन जिस दुनिया का वह हिस्सा है, उसे समाज खुलकर स्वीकार नहीं करता, यही उसका सबसे बड़ा संघर्ष है। जहां तक रिलेट करने की बात है, यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया रही कभी मैं किरदार के बहुत करीब महसूस करता था, तो कभी उससे दूर। कई बार ऐसा भी हुआ कि हम दोनों कहीं बीच में आकर मिले, और वहीं से उस किरदार को समझने का रास्ता बना। ट्रेलर में आपके किरदार के रिश्तों में एक जटिलता और कई परतें नजर आती हैं, इसके बारे में आप क्या कहना चाहेंगी? कृतिका कामरा- इस कहानी में सभी किरदार और उनके रिश्ते जटिल हैं। मेरा किरदार गुलरुख दुबाश एक अलग दुनिया से आता है, लेकिन उसे इस खेल और विजय के किरदार की दुनिया आकर्षित करती है। उसकी अपनी कमियां और इच्छाएं हैं, जो उसे इस सफर का हिस्सा बनाती हैं। आपके किरदार में कितनी लेयर्स देखने को मिलेंगी? साईं तम्हंकर- बहुत सारी लेयर्स हैं। मेरा किरदार ‘बरखा’ ऐसा है जो अपनी भावनाओं को दबाकर नहीं रख सकती। अगर वह कुछ महसूस करती है, तो उसे व्यक्त करना जरूरी है। यह उसकी सबसे बड़ी खासियत है। आजकल ओटीटी और सिनेमा में महिला किरदारों को ज्यादा गहराई मिल रही है। इस पर आपकी राय? साईं तम्हंकर- यह बहुत अच्छा बदलाव है। अब महिला किरदार सिर्फ सजावट नहीं हैं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा हैं। हालांकि अभी भी सुधार की गुंजाइश है। ट्रेलर में एक लाइन है ‘जिंदगी उम्मीद पर टिकी है’। आपकी जिंदगी में उम्मीद का क्या मतलब है? नागराज मंजुले- बस चलते रहना चाहिए। उम्मीद यही है कि आगे अच्छा होगा। विजय वर्मा- मुश्किल वक्त में सिर्फ उम्मीद ही साथ देती है। समय हमेशा बदलता है, और यही भरोसा हमें आगे बढ़ाता है। कृतिका कामरा- उम्मीद ही वह भावना है जो हमें जिंदा रखती है। अगर उम्मीद नहीं, तो कुछ भी नहीं। साईं तम्हंकर- उम्मीद जीवन की ड्राइविंग फोर्स है। इसके बिना जीना मुश्किल है। आखिरी सवाल दर्शक जानना चाहते हैं कि विजय वर्मा कब तक सिंगल रहने वाले हैं? विजय वर्मा- दुनिया उम्मीद पर टिकी है… फिलहाल उम्मीद ही पेट्रोल है!
ट्रम्प बोले- ईरान एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने को तैयार:अब सीजफायर डील दोनों देशों को मंजूर; इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने एनरिच्ड (संवर्धित) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। अमेरिका का मानना है कि इसी का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से यह भी कहा कि दोनों देश शांति समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत बहुत सफल चल रही है और समझौते की संभावना काफी ज्यादा है। ट्रम्प ने कहा कि अगर यह डील हो जाती है, तो तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी, होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा और हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है, तो वे पाकिस्तान की यात्रा भी कर सकते हैं। वहीं, इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। यह युद्धविराम भारतीय समयानुसार गुरुवार देर रात 2:30 बजे से लागू हो गया है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद यह सहमति बनी। परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब ईरान यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु बम भी। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि उसे कितना एनरिच यानि कि शुद्ध किया गया है। प्राकृतिक यूरेनियम में काम का हिस्सा बहुत कम होता है, इसलिए उसे मशीनों (सेंट्रीफ्यूज) के जरिए धीरे-धीरे शुद्ध किया जाता है। इसी प्रक्रिया को ‘यूरेनियम एनरिचमेंट’ कहते हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी IAEA की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास कुल मिलाकर करीब 5 से 6 टन के बीच एनरिच्ड यूरेनियम मौजूद है। इसमें एक अहम हिस्सा 60% तक एनरिच्ड यूरेनियम का है, जो करीब 120 से 130 किलोग्राम के आसपास माना जाता है। यह स्तर हथियार बनाने के लिए जरूरी 90% एनरिचमेंट के काफी करीब होता है। इसलिए अमेरिका और इजराइल, ईरान पर परमाणु कार्यक्रम सीमित करने और एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने का दबाव बनाते रहे हैं। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… इजराइल-लेबनान सीजफायर डील: अमेरिका की पहल पर इजराइल और लेबनान शुक्रवार से 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। इसका मकसद स्थायी सुरक्षा और शांति समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाना है। सीजफायर की शर्तें: अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार रहेगा, लेकिन वह लेबनान के खिलाफ जमीन, हवा या समुद्र से कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं करेगा। वहीं लेबनान सरकार पर दबाव है कि वह हिजबुल्लाह को इजराइल पर हमले करने से रोके, हालांकि हिजबुल्लाह पर उसका सीधा नियंत्रण नहीं है। ईरान-अमेरिका बातचीत: ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर समझौता बहुत करीब है। उनके साथ पाकिस्तान में बातचीत जल्द ही फिर शुरू हो सकती है। अमेरिकी मिलिट्री एक्टिविटी: अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में तैनात सैनिक फिर से हथियारों से लैस हो रहे हैं और अगर ईरान के साथ बातचीत फेल होती है, तो वे दोबारा लड़ाई के लिए तैयार हैं। ट्रम्प को राहत: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकने वाला प्रस्ताव 213-214 वोट से खारिज कर दिया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
मीटिंग पर मीटिंग, सड़कें फिर भी अधूरी:23 सड़कों के लिए 15 करोड़ मंजूर, वर्क ऑर्डर भी जारी, फिर भी शुरू नहीं हो सका काम

जनप्रतिनिधियों और आईएएस अफसरों की मीटिंग पर मीटिंग। तब भी ग्वालियर की मुख्य और आंतरिक सड़कों को बनाने का शुरू नहीं हो पाया है। 15 करोड़ रुपए की लागत की 23 सड़कों को मंजूरी, वर्क आर्डर होने के बाद भी ठेकेदार काम शुरू नहीं कर रहे हैं। इस कारण गड्ढों के बीच से वाहनों के निकले की जंग जारी है। कहीं सीवर लाइन डालने की बात कर पीएचई अफसरों ने सड़क को रोका है, तो कहीं पर सकरा मार्ग और पहाड़ी के कारण रोलर-पेवर मशीन नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में डामर की सड़क के स्थान पर सीमेंट कांक्रीट की रोड बनाने के लिए मामला अटका हुआ है। निगम ने ऐसी 77 सड़कों की पहचान की है। उनमें से 23 सड़कें ऐसी सामने आई है। जहां पर ठेकेदार काम लेने के बाद भी सड़कें नहीं बना रहे हैं। ये स्थिति डेढ़ साल से बनी हुई है। इन्हीं में 15 सड़कें टेंडर खुलने के बाद सवा महीने तक मेयर इन काउंसिल (एमआईसी)के फैसले के इंतजार में लटकी रही है। हालांकि एमआईसी की स्वीकृति मिल गई है। फिर भी 15 दिन में ठेकेदारों से अनुबंध होगा। ओहदपुर में एमएएल निवास से रजिस्ट्रार आफिस मुख्य रोड को जोड़ने वाली आंतरिक रोड 285 मीटर की आरसीसी बनेगी। इस पर 34 लाख रुपए खर्च होना है। टेंडर खुल चुका है। इसके लिए बनी समिति के फैसले के बाद अनुबंध की तैयारी होगी। फिर ठेकेदार काम शुरू करते हैं या नहीं। ये तस्वीर अनुबंध के बाद मिले वर्क आर्डर के वक्त ठीक से पता चल सकेगी। जनता पर सीधी मार ग्वालियर के आमखाे की मुख्य रोड, इसकी हालात सबसे ज्यादा खराब है। इस रोड पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन निकलते हैं। आए दिन सड़क हादसे होते हैं। इसी रोड पर आयुर्वेद कालेज भी है। फोटो: भास्कर चेतकपुरी राेड: इस सड़क पर जगह-जगह गड्डे होने से गाड़ी का बैलेंस बिगडने से वाहन चालक होते हैं घायल माधव सत्संग सड़क: इस रोड स्कूल और कॉलोनी हैं। लोगों को मजबूरी में खराब रोड से गुजरना पड़ रहा है। MIC की स्वीकृति: अब अनुबंध फिर बनगी सड़कें गुप्तेश्वर कॉलोनी: 480 मीटर की रोड / लागत ₹55 लाख रुपए चंद्रनगर श्मशान रोड-सूरज गार्डन 575 मीटर रोड / लागत ₹43 लाख यादव कॉलोनी-शिवशक्ति नगर: 450 मीटर/ ₹23 लाख मोहर सिंह-किशन मकान रोड: 320 मीटर / ₹24 लाख प्रसाद नगर: 405 मीटर/ ₹26 लाख मां विहार कॉलोनी: 140 मीटर/ ₹11 लाख नूरगंज: 285 मीटर / ₹22 लाख महावीर कॉलोनी: 390 मीटर / ₹29 लाख डोंगरपुर: 230 मीटर / ₹24 लाख बजरंग कॉलोनी: 565 मीटर / ₹57 लाख राम कुई-भैंस मंडी: 850 मीटर / ₹93 लाख नागदेवता मंदिर-ढोलीबुआ पुल 375 मीटर/₹16.77 लाख तारागंज पुल-कमानी पुल: 1000 मीटर / ₹65.44 लाख रामद्वारा गेट-कमानी पुल: 890 मीटर/ ₹78 लाख एमएसए निवास-रजिस्ट्रार ऑफिस रोड: 285 मीटर / ₹34 लाख ऐसी 19 सड़कें, जिनका काम 80 फीसदी करने का दावा निगम ने जिन 77 सड़कों की सूची तैयार की है। उनमें 19 सड़कों पर काम चल रहा है। इनमें 10 से 80 प्रतिशत तक सड़कों को बनाने का दावा निगम का जनकार्य विभाग के अफसर कर रहे हैं। कार्य में देर के कारण अफसरों ने आला अफसरों को गिनाए हैं। इनमें प्रमुख चार कारण बताए हैं। एनओसी के लिए पीएचई विभाग को पत्र भेजा। जवाब नहीं मिला। {सीवर लाइन डालने का काम जब पूरा होगा उसके बाद ही सड़क बन सकेगी। {सड़क सकरी एवं पहाड़ी ढाल होने से रोलर और पेवर मशीन नहीं पहुंच पा रही है। इसलिए सीसी रोड बनेगी। {जहां नाली का काम चल रहा है वहां बाद में रोड बनेगी।








