ईरान का 5 साल परमाणु प्रोग्राम रोकने का प्रस्ताव था:अमेरिका 20 साल पर अड़ा रहा; होर्मुज स्ट्रेट पर सैन्य नाकाबंदी शुरू

ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई वार्ता में ईरान ने 5 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन अमेरिका 20 साल की शर्त पर अड़ा रहा। इस असहमति के कारण दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी बंदरगाहों की सैन्य नाकाबंदी शुरू कर दी। अमेरिकी सेना ने साफ किया कि ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा, हालांकि अन्य देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी। नाकाबंदी लागू होने के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने नए तरीके से युद्ध करने की चेतावनी दी, जबकि सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोलफघारी ने कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। नाकाबंदी पर अमेरिका को यूरोपीय देशों का समर्थन नहीं नाकाबंदी पर अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिला। कई यूरोपीय देशों ने नाकाबंदी में शामिल होने से इनकार कर दिया, वहीं एक ईरानी टैंकर ने नाकाबंदी को चुनौती देते हुए रास्ता पार किया। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से करीब 20% तेल सप्लाई होती है। इससे पहले ईरान ने भी यहां पश्चिमी जहाजों की आवाजाही रोक दी थी। लगातार बढ़ते तनाव का असर तेल बाजार पर भी दिख रहा है। फरवरी के अंत से शुरू हुए संघर्ष के बाद कीमतों में 50% तक उछाल आया है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा और बाद में करीब 99 डॉलर पर आ गया। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स ईरान जंग जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
राज्यसभा सीट पर कांग्रेस में कास्ट प्रेशर बढ़ा:दलित और ब्राह्मणों के बाद अब सिंधी समाज ने ठोकी दावेदारी

मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली हुई सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर खींचतान तेज हो गई है। पार्टी में जातीय समीकरणों को लेकर दबाव(कास्ट प्रेशर) लगातार बढ़ रहा है। जहां पहले दलित और फिर विंध्य के ब्राह्मणों की ओर से दावेदारी पेश की गई थी, वहीं अब इस रेस में सिंधी समाज की भी एंट्री हो गई है। सिंधी प्रतिनिधित्व की मांग उठी रीवा शहर कांग्रेस कमेटी के महामंत्री दिलीप ठारवानी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर सिंधी समाज से राज्यसभा प्रतिनिधि भेजने की मांग उठाई है। ठारवानी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संबोधित पत्र में लिखा है कि वे लंबे समय से कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं और उनका परिवार पीढ़ियों से पार्टी की विचारधारा से जुड़ा है। सिंधी समाज देशभर में कांग्रेस के प्रति अपनी आस्था और योगदान के लिए जाना जाता है। आगामी राज्यसभा चयन में सिंधी समाज से एक योग्य और समर्पित प्रतिनिधि के रूप में उनके नाम पर विचार किया जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी भेजी गई है। त्रिकोणीय हुआ जातीय समीकरण दलित वर्ग: दिग्विजय सिंह के राज्यसभा जाने से इनकार करने के बाद कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दलित वर्ग के नेता को राज्यसभा भेजे जाने की मांग की थी। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा भी इसका समर्थन कर चुके हैं। ब्राह्मण समाज: विंध्य क्षेत्र के ब्राह्मण नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में उमंग सिंघार और जीतू पटवारी से मुलाकात की थी। उनका तर्क है कि विंध्य में ब्राह्मण समाज का बड़ा प्रभाव है, जिसे राज्यसभा के जरिए प्रतिनिधित्व देना जरूरी है। सिंधी समाज: अब दिलीप ठारवानी की दावेदारी ने इस रेस को और दिलचस्प बना दिया है। ठारवानी का मानना है कि यदि उन्हें अवसर मिलता है, तो वे संसद में पार्टी की नीतियों और जनहित के मुद्दों को पूरी निष्ठा से उठाएंगे। प्रदेश भर में सिंधी समाज कांग्रेस से जुडे़गा।
चंडीगढ़ में लेडी डॉक्टर ने पहले दिन ही जॉब छोड़ी:बोली- अस्पताल मालिक तय करती मरीज ICU में कब तक रहेगा, मेरे नाम पर गलत काम होता

चंडीगढ़ के प्राइवेट अस्पताल में महिला डॉक्टर डॉ. प्रभलीन कौर ने नौकरी के पहले ही दिन इस्तीफा दे दिया। डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल की ओनर ही तय करती थी कि मरीज को कितने दिन भर्ती रखना है और कितने दिन ICU में रखना है। उन्होंने कहा कि नाम मेरा और गलत काम उनका। इललिए मैंने रिजाइन कर दिया। महिला डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह ये सारी बातें कह रही है। उसी वीडियो को पंजाब ह्यूमन राइट्स कमीशन के मेंबर पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि इस बहादुर डॉक्टर बेटी ने बेधड़क होकर चंडीगढ़ में प्राइवेट अस्पताल माफिया का काला चिट्ठा खोलकर रख दिया है। पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन इस बहादुर बेटी के साहस की सराहना करता है और डटकर इस बेटी के साथ खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि हम ह्यूमन राइट्स की आवाज उठाते हैं। हमारे देश में बड़े-बड़े लोग सोचते हैं कि आवाज को कैसे उठाया जाए, लेकिन इस बेटी ने इसे उठाया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आप भी अस्पतालों पर नजर रखें। महिला डॉक्टर की वीडियो में अहम बातें… डॉक्टर का वीडियो शेयर कर जतिंदर सिंह ने ये 2 बातें कहीं चंडीगढ़ की रहने वाली डॉक्टर, जीरकपुर में क्लिनिक जानकारी के मुताबिक, डॉ. प्रभलीन कौर चंडीगढ़ में रहती हैं और जीरकपुर के लोहगढ़ एरिया में अपना क्लिनिक भी चलाती हैं। वह एक इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ हैं। उन्होंने 30 मार्च को सोशल मीडिया पर अपना वीडियो अपलोड किया था। हालांकि, उन्होंने उस अस्पताल का नाम उजागर नहीं किया। वहीं, अस्पताल की ओर से भी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। साथ ही कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं की गई है।
आशा-लता से कहा जाता- शमशाद जैसे गाओ:पिता की शर्त पर ताउम्र बुर्खा पहनकर गाया, फोटो खिंचवाने की मनाही थी, किशोर कुमार उठाते थे इनकी कुर्सी

1931 की बात थी भारत-पाकिस्तान उन दिनों एक था और कोई सीमाएं-सरहद नहीं थी। लाहौर-बॉम्बे और कोलकाता में फिल्में बनना शुरू हो चुकी थीं, रेडियो का दौर भी आ चुका था और कुछ म्यूजिक कंपनियां गाने रिकॉर्ड कर बेचा करती थीं। लाहौर की जेनोफोन म्यूजिक कंपनी उन दिनों काफी मशहूर हुआ करती थी। एक दोपहर एक नौजवान शख्स 12 साल की बच्ची का हाथ थामे स्टूडियो में पहुंचा। बच्ची का पहनावा एक दम आम था, जैसे किसी गरीब परिवार से हो। देखकर मालूम पड़ता था कि उसे अचानक ही वहां ऑडिशन में लाया गया हो। साथ पहुंचे शख्स ने साफ किया कि वो बच्ची को उसके परिवार से छिपाकर यहां लाया था। लीजेंड्री म्यूजिक कंपोजर गुलाम हैदर सामने बैठे थे। वही गुलाम हैदर, जिन्होंन लता मंगेशकर को ब्रेक दिया था। अब गाने की बारी थी, बच्ची ने झिझकते हुए पॉजिशन ली, स्टूडियो में सन्नाटा पसरा और बच्ची ने बहादुर शाह जफर की गजल मेरा यार मुझे मिले अगर गाना शुरू किया। उस बच्ची ने दो लाइन गाई ही थीं कि गुलाम हैदर ने गाना रुकवा दिया। बच्ची डर गई। मन में बस यही ख्याल था कि कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं हो गई। गुलाम हैदर ने पास खड़े असिस्टेंट को देखा और कहा- बच्ची के साथ 12 गानों का कॉन्ट्रैक्ट बनवा लो। साथ ही कहा गया कि बच्ची को हर वो लग्जरी सुविधा दो, जो टॉप सिंगर्स को दी जाती है। उस बच्ची ने हुनर और गूंजती आवाज से वो कमाल दिखाया कि भारत की पहली प्लेबैक सिंगर बनीं और ‘सैंया दिल में आना रे…’, ‘कजरा मोहब्बत वाला….’ और ‘मुगल-ए-आजम’ का मशहूर गाना ‘तेरी महफिल में किस्मत आजमां कर हम भी देखेंगे…’, जैसे 6 हजार गाने गाए। करीब 100 साल बाद भी उनके गाने सुने और रीमिक्स किए जाते हैं। उस बच्ची का नाम था शमशाद बेगम, जिनकी लेजेंड्री सिंगर लता मंगेशकर भी फैन थीं। जब लता नई-नई गायिकी में आईं तो उन्हें शमशाद की तरह गाने की सलाह दी जाती थी। एक दौर वो भी आया जब किशोर कुमार जैसे लीजेंड्री सिंगर भी शमशाद की खिदमद में कुर्सी उठाए पीछे-पीछे चलते थे। जब सिंगर्स को एक गाने के लिए 100 रुपए फीस दी जाती थी, तब फिल्ममेकर्स शमशाद को 2000 रुपए फीस देने के लिए भी राजी हो जाया करते थे। पिता की शर्त में ताउम्र बुर्का पहनकर गाया। पाबंदी ऐसी कि जवानी के दिनों में कोई तस्वीर तक क्लिक नहीं करवाई। फिल्मों में हीरोइन बनने के बड़े मौके भी पिता के गुस्से के भेंट चढ़े। आज शमशाद बेगम की 107वीं बर्थ एनिवर्सरी है। इस खास मौके पर जानिए, हिंदी सिनेमा के इतिहास में गायिकी की मिसाल शमशाद बेगम की समाजिक बेड़ियों से निकलकर इतिहास रचने की कहानी- बचपन में स्कूल और शादियों में गाने से हुनर को मिली पहचान जलियावाला हत्याकांड के ठीक एक दिन बाद 14 अप्रैल 1919 को शमशाद बेगम का जन्म ब्रिटिश इंडिया के लाहौर में हुआ। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि शमशाद का जन्म लाहौर नहीं बल्कि अमृतसर में हुआ। उनके पिता मियां हुसैन बख्श के मिस्त्री थे। उन्होंने तंगहाली में 8 बच्चों की परवरिश की। शमशाद महज 10 साल की थीं, जब उन्होंने शादियों में गाना शुरू कर दिया। नन्ही सी बच्ची की आवाज इतनी बुलंद थी कि हर बार उन्हें ही गाने के लिए बुलाया जाने लगा। कुछ रिश्तेदार खुद होकर एक आना दे दिया करते थे। एक दिन शमशाद ने स्कूल के प्रोग्राम में कोरस में गाना गाया। प्रिंसिपल आवाज सुनकर दंग रह गईं। उन्होंने पास बुलाकर कहा- देखना, एक दिन तुम परिवार का नाम रौशन करोगी। इसके बाद उन्हें स्कूल प्रेयर की हेड सिंगर बना दिया गया। 12 की उम्र में 2 लाइनें सुनकर बडे़ म्यूजिक डायरेक्टर ने दिए 12 गाने शमशाद की आवाज आस-पड़ोस में पहचान बना रही थी, लेकिन पिता मियां हुसैन इससे काफी चिढ़ते। उन्हें बेटी का गाना पसंद न था। रूढ़िवादी परिवार में गाना सुनना भी हराम था। घर में रेडियो तक नहीं था। लेकिन 1931 में उनके चाचा आमिर गजल, कव्वाली के बड़े फैन थे। एक रोज उन्होंने शमशाद को गाते सुना और उन्हें हुनर परखने में देर न लगी। जैसे ही उन्हें पता चला कि लाहौर में जेनोफोन म्यूजिक कंपनी के ऑडिशन हो रहे हैं, वो परिवार से छिपकर शमशाद को अपने साथ ले गए। ऑडिशन में मशहूर सिगंर गुलाम हैदर, जो कंपनी के म्यूजिक डायरेक्टर थे ने 12 गानों का कॉन्ट्रैक्ट दिया। तय हुआ कि हर गाने के 12 रुपए मिलेंगे। घर लौटकर जब चाचा ने ये खबर पिता को दी, तो वो खूब नाराज हुए। नाराजगी चरम पर थी। लंबी बहस के बाद चाचा ने भाई मियां हुसैन को समझाया कि ये हुनर हर किसी में नहीं होता, अगर पूरी दुनिया गाना गा रही है तो तुम्हें क्यों ऐतराज है। आखिरकार वो मान गए, लेकिन शर्तों पर। शर्त कि शमशाद का चेहरा कोई न देखे, उन्हें हमेशा बुर्का पहनकर गाना होगा। वो कभी तस्वीर क्लिक न करवाएं और न ही उनकी पहचान दुनिया के सामने आए। गायिकी के लिए उतावलीं शमशाद बेगम ने हर एक शर्त मानी और जेनोफोन म्यूजिक कंपनी केे साथ जुड़ गईं। शमशाद बेगम के शुरुआती कुछ गाने बिना उनके नाम के रिलीज किए गए। आरती गाने पर उनकी जगह सिंगर का नाम उमा देवी लिखा जाता और पंजाबी गानों में सुरंदिर कौर। उस समय रिकॉर्डिंग कंपनियों का मानना था कि लोग अपने धर्म के लोगों के ही गाने सुनना पसंद करते थे। जेनोफोन का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद उन्हें कंपनी की तरफ से 5000 रुपए दिए गए थे। जेनोफोन म्यूजिक कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने के बाद उन्हें पेशावर रेडियो और फिर दिल्ली के एयर इंडिया रेडियो में काम मिल गया। उनके गाने और प्रोग्राम काफी हिट हुआ करते थे। परिवार के खिलाफ जाकर की हिंदू लड़के से शादी साल 1932, शमशाद 13 साल की थीं, जब उनकी मुलाकात पड़ोस में रहने वाले वकालत के स्टूडेंट गणपत लाल बट्टो से हुई। दोनों की उम्र में बड़ा फासला था, लेकिन विचार जल्द ही एक होने लगे। शमशाद अक्सर चोरी-छिपे उनसे मिला करती थीं। ये वो दौर था, जब कम उम्र में ही शादी करवाने की कवायद थी, ऊपर से शमशाद का रूढ़िवादी परिवार। 13 की उम्र
प्रफुल IPL डेब्यू ओवर में 3 विकेट वाले पहले बॉलर:वैभव शून्य पर आउट; संदीप-जुरेल टकराए, फ्लडलाइट्स बंद हुईं; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL के 21वें मैच में राजस्थान रॉयल्स को 57 रन से हराया। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में रोचक मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। IPL डेब्यू में प्रफुल्ल हिंगे ने पहले ओवर में 3 विकेट लिए। वे ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज बने। वैभव सूर्यवंशी बिना खाता खोले आउट हुए। ईशान किशन के कैच के दौरान संदीप शर्मा और ध्रुव जुरेल टकरा गए। SRH Vs RR मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. अभिषेक एक साल में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट अभिषेक शर्मा एक साल में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाज बने। वे इस साल 18 पारियों में 7 बार बिना खाता खोले लौटे। उन्होंने रोहित शर्मा (2018) और संजू सैमसन (2024) को पीछे छोड़ा, जो 32-32 पारियों में 6-6 बार शून्य पर आउट हुए थे। 2. साकिब का IPL डेब्यू में बेस्ट बॉलिंग फिगर साकिब हुसैन IPL डेब्यू में बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस वाले प्लेयर बने। उन्होंने 24 रन देकर 4 विकेट लिए। साकिब ने अश्विनी कुमार का रिकॉर्ड तोड़ा। अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ 26 रन देकर 4 विकेट लिए थे। तीसरे नंबर पर प्रफुल हिंगे हैं। उन्होंने आज 34 रन देकर 4 विकेट लिए। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स… 1. आर्चर को लगातार दूसरे मैच की पहली गेंद पर विकेट जोफ्रा आर्चर ने मैच की पहली गेंद पर विकेट लिया। उन्होंने अभिषेक शर्मा को आउट किया। अभिषेक बिना खाता खोले लौटे। इससे पहले 10 अप्रैल को RCB के खिलाफ भी आर्चर ने पहली गेंद पर फिल सॉल्ट को आउट किया था। लगातार दूसरे मैच में उन्होंने यह कारनामा किया। IPL में पहली गेंद पर सबसे ज्यादा विकेट के मामले में मोहम्मद शमी 5 विकेट के साथ टॉप पर हैं। आर्चर 4 विकेट के साथ दूसरे नंबर पर हैं। राजस्थान के लिए यह 24वीं बार रहा जब टीम ने बिना कोई रन दिए पहला विकेट लिया। यह IPL में किसी भी टीम के लिए सबसे ज्यादा है। वहीं, 12वीं बार ऐसा हुआ जब राजस्थान ने पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लिया। 2. ईशान किशन की सिक्स से फिफ्टी 10वें ओवर में ईशान किशन ने फिफ्टी पूरी की। उन्होंने रवि बिश्नोई के खिलाफ घुटने के बल बैठकर डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर 30 गेंद में अर्धशतक बनाया। 3. संदीप-ध्रुव टकराए, ईशान कैच आउट 14वें ओवर में ईशान किशन का विकेट गिरा। संदीप शर्मा की वाइड लेंथ गेंद पर ईशान ने पुल शॉट खेला, लेकिन टाइमिंग सही नहीं रही और गेंद ऊपर चली गई। कैच के दौरान संदीप शर्मा और ध्रुव जुरेल टकराए, लेकिन संदीप ने गेंद पकड़ ली। 4. फ्लडलाइट बंद हुई, दर्शकों ने फ्लैश जलाए 13वें ओवर में फ्लडलाइट बंद होने से खेल रुका। मैदान पर अंधेरा छा गया और दर्शकों ने मोबाइल फ्लैश जलाई। ब्रेक में ईशान किशन टॉवेल से खुद को सुखाते नजर आए, जबकि रियान पराग और संदीप शर्मा बात करते दिखे। 5. वैभव शून्य पर आउट, हिंगे ने पहले ओवर में 3 विकेट लिए IPL डेब्यू में प्रफुल्ल हिंगे ने इतिहास रचा। वे पहले ओवर में 3 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। इससे पहले IPL इतिहास में 32 बार पहले ओवर में 2 विकेट लिए गए थे। दूसरी गेंद पर वैभव सूर्यवंशी को आउट किया। चौथी पर ध्रुव जुरेल को बोल्ड किया। आखिरी गेंद पर लुहान-ड्रे प्रिटोरियस को कैच कराकर तीसरा विकेट लिया। तीनों बल्लेबाज शून्य पर आउट हुए। 6. फरेरा ने 102 मीटर लंबा सिक्स लगाया 11वें ओवर में डोनोवन फरेरा ने 102 मीटर का सिक्स लगाया। हर्ष दुबे की फुल लेंथ गेंद पर उन्होंने आगे बढ़कर शॉट खेला और गेंद को डीप मिडविकेट के ऊपर 102 मीटर दूर भेजा। फरेरा को 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर डेब्यू कर रहे साकिब हुसैन ने बोल्ड कर दिया।
प्रफुल IPL डेब्यू ओवर में 3 विकेट वाले पहले बॉलर:वैभव शून्य पर आउट; संदीप-जुरेल टकराए, फ्लडलाइट्स बंद हुईं; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL के 21वें मैच में राजस्थान रॉयल्स को 57 रन से हराया। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में रोचक मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। IPL डेब्यू में प्रफुल्ल हिंगे ने पहले ओवर में 3 विकेट लिए। वे ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज बने। वैभव सूर्यवंशी बिना खाता खोले आउट हुए। ईशान किशन के कैच के दौरान संदीप शर्मा और ध्रुव जुरेल टकरा गए। SRH Vs RR मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. अभिषेक एक साल में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट अभिषेक शर्मा एक साल में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाज बने। वे इस साल 18 पारियों में 7 बार बिना खाता खोले लौटे। उन्होंने रोहित शर्मा (2018) और संजू सैमसन (2024) को पीछे छोड़ा, जो 32-32 पारियों में 6-6 बार शून्य पर आउट हुए थे। 2. साकिब का IPL डेब्यू में बेस्ट बॉलिंग फिगर साकिब हुसैन IPL डेब्यू में बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस वाले प्लेयर बने। उन्होंने 24 रन देकर 4 विकेट लिए। साकिब ने अश्विनी कुमार का रिकॉर्ड तोड़ा। अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ 26 रन देकर 4 विकेट लिए थे। तीसरे नंबर पर प्रफुल हिंगे हैं। उन्होंने आज 34 रन देकर 4 विकेट लिए। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स… 1. आर्चर को लगातार दूसरे मैच की पहली गेंद पर विकेट जोफ्रा आर्चर ने मैच की पहली गेंद पर विकेट लिया। उन्होंने अभिषेक शर्मा को आउट किया। अभिषेक बिना खाता खोले लौटे। इससे पहले 10 अप्रैल को RCB के खिलाफ भी आर्चर ने पहली गेंद पर फिल सॉल्ट को आउट किया था। लगातार दूसरे मैच में उन्होंने यह कारनामा किया। IPL में पहली गेंद पर सबसे ज्यादा विकेट के मामले में मोहम्मद शमी 5 विकेट के साथ टॉप पर हैं। आर्चर 4 विकेट के साथ दूसरे नंबर पर हैं। राजस्थान के लिए यह 24वीं बार रहा जब टीम ने बिना कोई रन दिए पहला विकेट लिया। यह IPL में किसी भी टीम के लिए सबसे ज्यादा है। वहीं, 12वीं बार ऐसा हुआ जब राजस्थान ने पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लिया। 2. ईशान किशन की सिक्स से फिफ्टी 10वें ओवर में ईशान किशन ने फिफ्टी पूरी की। उन्होंने रवि बिश्नोई के खिलाफ घुटने के बल बैठकर डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर 30 गेंद में अर्धशतक बनाया। 3. संदीप-ध्रुव टकराए, ईशान कैच आउट 14वें ओवर में ईशान किशन का विकेट गिरा। संदीप शर्मा की वाइड लेंथ गेंद पर ईशान ने पुल शॉट खेला, लेकिन टाइमिंग सही नहीं रही और गेंद ऊपर चली गई। कैच के दौरान संदीप शर्मा और ध्रुव जुरेल टकराए, लेकिन संदीप ने गेंद पकड़ ली। 4. फ्लडलाइट बंद हुई, दर्शकों ने फ्लैश जलाए 13वें ओवर में फ्लडलाइट बंद होने से खेल रुका। मैदान पर अंधेरा छा गया और दर्शकों ने मोबाइल फ्लैश जलाई। ब्रेक में ईशान किशन टॉवेल से खुद को सुखाते नजर आए, जबकि रियान पराग और संदीप शर्मा बात करते दिखे। 5. वैभव शून्य पर आउट, हिंगे ने पहले ओवर में 3 विकेट लिए IPL डेब्यू में प्रफुल्ल हिंगे ने इतिहास रचा। वे पहले ओवर में 3 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। इससे पहले IPL इतिहास में 32 बार पहले ओवर में 2 विकेट लिए गए थे। दूसरी गेंद पर वैभव सूर्यवंशी को आउट किया। चौथी पर ध्रुव जुरेल को बोल्ड किया। आखिरी गेंद पर लुहान-ड्रे प्रिटोरियस को कैच कराकर तीसरा विकेट लिया। तीनों बल्लेबाज शून्य पर आउट हुए। 6. फरेरा ने 102 मीटर लंबा सिक्स लगाया 11वें ओवर में डोनोवन फरेरा ने 102 मीटर का सिक्स लगाया। हर्ष दुबे की फुल लेंथ गेंद पर उन्होंने आगे बढ़कर शॉट खेला और गेंद को डीप मिडविकेट के ऊपर 102 मीटर दूर भेजा। फरेरा को 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर डेब्यू कर रहे साकिब हुसैन ने बोल्ड कर दिया।
इंदौर में राशन दुकान में भारी अनियमितता:स्टॉक में अंतर और कम वितरण की शिकायत पर दुकान निलंबित; कलेक्टर बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

इंदौर के स्कीम 78 स्थित प्रियदर्शनी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान (नं. 809305) पर गंभीर अनियमितताओं के चलते जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में उक्त दुकान को आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। लगातार राशन वितरण में गड़बड़ी और पात्रता से कम राशन देने की शिकायतों के आधार पर खाद्य विभाग की जिला स्तरीय टीम ने औचक निरीक्षण किया। फूड कंट्रोलर एमएल मारू ने बताया कि जांच के दौरान गेहूं और चावल के स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। साथ ही दुकान पर अनिवार्य रूप से लगाए जाने वाले पीला बोर्ड एवं स्टॉक बोर्ड भी अनुपस्थित मिले। जांच में यह भी सामने आया कि मार्च माह में हितग्राहियों को दो माह का राशन पात्रता अनुसार वितरित नहीं किया गया, बल्कि केवल एक माह का ही राशन दिया गया। इसके अतिरिक्त दुकान का संचालन अधिकृत विक्रेता के स्थान पर किसी अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। इन सभी गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए दुकान को आवंटित प्राधिकार पत्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। हितग्राहियों को असुविधा से बचाने के लिए उक्त दुकान को समीप की अन्य उचित मूल्य दुकान से संलग्न कर राशन वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंबेडकर जयंती पर भोपाल में ट्रैफिक डायवर्जन:बोर्ड ऑफिस चौराहा समेत कई रूट बदले; इन रास्तों से करें आवागमन

डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल (मंगलवार) को बोर्ड ऑफिस चौराहा क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों के चलते यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया है। नर्मदापुरम रोड से आने वालों के लिए रूट नर्मदापुरम रोड से आईएसबीटी और पिपलानी की ओर जाने वाले वाहन आरआरएल तिराहा, बीएसएनएल तिराहा, शक्ति नगर चौराहा, डीआरएम ऑफिस और कस्तूरबा हॉस्पिटल होते हुए गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वहीं डीबी मॉल और जिला कोर्ट जाने वाले वाहन आरआरएल तिराहा, गणेश मंदिर और अंबेडकर फ्लाईओवर से एमपी नगर थाना चौराहा होते हुए आ-जा सकेंगे। मानसरोवर कॉम्पलेक्स से कोर्ट चौराहा रूट डायवर्ट मानसरोवर कॉम्पलेक्स से कोर्ट चौराहा जाने वाले वाहन 6 नंबर स्टॉप, व्यापम चौराहा और शौर्य स्मारक होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। न्यू मार्केट से ज्योति टॉकीज-आईएसबीटी के लिए बदला रूट न्यू मार्केट से ज्योति टॉकीज और आईएसबीटी जाने वाले वाहन व्यापम चौराहा, शौर्य स्मारक, वल्लभ भवन रोटरी, डीबी मॉल रोटरी और होटल रेसिडेंसी होकर ज्योति टॉकीज पहुंचेंगे। आईएसबीटी से न्यू मार्केट आने का रास्ता बदला आईएसबीटी से न्यू मार्केट की ओर आने वाले वाहन चेतक ब्रिज, ज्योति टॉकीज से राइट टर्न लेकर होटल रेसिडेंसी, डीबी मॉल रोटरी, वल्लभ भवन रोटरी और शौर्य स्मारक होते हुए जा सकेंगे।
सुबह उठते ही करते हैं ये गलती? सेहत और पैसे दोनों पर पड़ सकता है असर, जानें उपाय

Last Updated:April 13, 2026, 23:44 IST सुबह उठते ही हम जो आदतें अपनाते हैं, वही पूरे दिन की दिशा तय करती हैं. कई बार हम अनजाने में ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका असर सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि हमारी सोच, काम करने की क्षमता और आर्थिक फैसलों पर भी पड़ता है. अगर समय रहते इन आदतों को सुधार लिया जाए, तो जीवन में पॉजिटिव बदलाव आसानी से लाया जा सकता है. ख़बरें फटाफट सुबह उठने के बाद न करें ये गलती. सुबह का समय सिर्फ दिन की शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे जीवन की दिशा तय करने वाला माना जाता है. धार्मिक दृष्टि से ब्रह्म मुहूर्त का समय सबसे पवित्र और ऊर्जावान होता है, वहीं विज्ञान भी मानता है कि सुबह उठते ही हमारा दिमाग सबसे ज्यादा फ्रेश और ग्रहणशील होता है. लेकिन आजकल लोग अनजाने में ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जो इस पॉजिटिव समय को बर्बाद कर देती हैं. इन छोटी-छोटी गलतियों का असर धीरे-धीरे सेहत, मानसिक स्थिति और यहां तक कि आर्थिक फैसलों पर भी पड़ने लगता है. कई रिसर्च बताती हैं कि सुबह का पहला एक घंटा हमारे मूड, प्रोडक्टिविटी और डिसीजन मेकिंग को प्रभावित करता है. अगर इस समय हम गलत आदतों में उलझ जाते हैं, तो दिनभर तनाव, आलस और नेगेटिविटी बनी रहती है. यही वजह है कि धार्मिक ग्रंथों में सुबह के समय को साधना, शांति और सही दिनचर्या के लिए सबसे उपयुक्त बताया गया है. अगर इस समय को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो व्यक्ति न सिर्फ स्वस्थ रह सकता है, बल्कि जीवन में तरक्की के रास्ते भी खुलते हैं. सुबह उठते ही पानी न पीना और शरीर को नजरअंदाज करनाबहुत से लोग उठते ही चाय या कॉफी पीने की आदत रखते हैं, जबकि आयुर्वेद के अनुसार खाली पेट पानी पीना बेहद जरूरी होता है. इसे ‘उषापान’ कहा जाता है, जो शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय करता है. अगर आप सुबह पानी नहीं पीते, तो शरीर डिहाइड्रेटेड रहता है, जिससे थकान, सिरदर्द और सुस्ती महसूस हो सकती है. इसका असर आपके काम और फोकस पर पड़ता है, जिससे आप सही फैसले नहीं ले पाते और धीरे-धीरे इसका प्रभाव आपकी प्रगति पर भी दिखने लगता है. बिखरा हुआ वातावरण और नेगेटिव सोचनाधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुबह उठते ही अपने आसपास का माहौल साफ और व्यवस्थित रखना बहुत जरूरी होता है. अगर आप गंदे या बिखरे हुए कमरे में दिन की शुरुआत करते हैं, तो यह मन पर नकारात्मक असर डालता है. वास्तु शास्त्र में भी कहा गया है कि घर की अव्यवस्था आर्थिक रुकावटों का कारण बन सकती है. वहीं मनोविज्ञान के अनुसार, साफ-सुथरा वातावरण दिमाग को शांत रखता है और फोकस बढ़ाता है. इसलिए सुबह उठते ही हल्की सफाई, खिड़कियां खोलकर ताजी हवा आने देना और सकारात्मक सोच के साथ दिन की शुरुआत करना आपके मूड, सेहत और कामयाबी- तीनों को बेहतर बना सकता है. (Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है.) About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 13, 2026, 23:44 IST
ऑपरेशन के बाद युवक की मौत पर सतना में हंगामा:परिजनों ने शव रखकर जाम किया; 20 करोड़ मुआवजा और डॉक्टरों पर केस की मांग

सतना में कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण सोमवार को एक युवक की रीवा में मौत हो गई। किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद युवक को रीवा रेफर किया गया था। इस घटना से नाराज परिजनों ने सतना पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। परिजनों ने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम किया। पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद, उन्होंने पाठक हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर धरना प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग है कि अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिवार को 20 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया था परिजनों का आरोप है कि युवक को किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें धागा बांधकर उसे रीवा रेफर कर दिया गया। रीवा में मरीज की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। 4 अप्रैल को पाठक नर्सिंग होम में मरीज का करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। रीवा पहुंचने पर जांच और इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके बाद मरीज की मौत हो गई। दूसरी किडनी में बंधा था धागा बताया गया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांध दिया गया था। इससे खून का रिसाव हुआ और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। रीवा के डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और आंतरिक क्षति अधिक होने के कारण दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा। इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उसकी मौत हो गई। पिता ने लगाए डॉक्टरों पर गंभीर आरोप मृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन पाठक अस्पताल के डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ राजीव पाठक और डॉ राजीव सिंह लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने बताया कि पहले सोनोग्राफी में पथरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी विशेषज्ञ के पास भेजा गया। डॉक्टरों के कहने पर बेटे को पाठक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया और ऑपरेशन कर दिया गया, लेकिन इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की गई। सीएसपी से भिडीं महिलाएं घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार देर रात उन्होंने कोलगवां थाना के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद पाठक हॉस्पिटल के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएसपी देवेन्द्र सिंह और महिलाओं के बीच झड़प भी देखने को मिली। दरअसल महिलाओं को अस्पताल की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था, ऐसे में वह आक्रोशित हो गईं। वायरल वीडियो में गिड़गिड़ाते नजर आए डॉक्टर पाठक हॉस्पिटल में किडनी का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह का एक वीडियो भी सामने आया। इसमें डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत हो रही है। इस बातचीत में डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकारी। साथ ही इस मामले में तूल न देने की गुजारिश कर रहे हैं। यही नहीं वे अपनी जिम्मेदारी रीवा के अस्पताल पर थोपते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीएमएचओ को पहले दे चुके थे शिकायत परिजनों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बताया जाता है कि डॉक्टरों की लापरवाही के संबंध में परिजनों ने चार दिन पहले सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सतना सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित पाए गए तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








